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ऑपरेशन कन्हैया सफल: 61 दिनों बाद कोडरमा से मिला ओरमांझी का ‘लाडला’, मां की आंखों में लौटे खुशी के आंसू

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रांची/ओरमांझी: झारखंड पुलिस ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता साबित करते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। रांची के ओरमांझी से 61 दिनों पहले रहस्यमय तरीके से गायब हुए 12 वर्षीय कन्हैया कुमार को पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने सोमवार को कोडरमा जिले के चंदवारा से सकुशल बरामद कर लिया।

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​कन्हैया के मिलने की खबर मिलते ही ओरमांझी ब्लॉक चौक पर खुशियां छा गईं, जहां उसकी मां गोलगप्पे (फुचका) बेचकर अपने बीमार बेटे और परिवार का पेट पालती हैं।

22 नवंबर से शुरू हुआ था दुखों का सिलसिला

​कन्हैया कुमार 22 नवंबर 2025 की शाम से लापता था।

  • घटनाक्रम: उस दिन कन्हैया एसएस प्लस-टू हाई स्कूल के पास फुटबॉल खेलने गया था। खेल के बाद वह अपनी मां की दुकान पर लौटा, खुद चाट बनाकर मां को खिलाया और फिर ‘थोड़ी देर में आने’ की बात कहकर निकला, जिसके बाद वह कभी वापस नहीं आया।
  • पारिवारिक स्थिति: कन्हैया का बड़ा भाई कृष्णा (19 वर्ष) किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहा है, जबकि पिता शारीरिक रूप से काम करने में असमर्थ हैं। ऐसे में कन्हैया का गायब होना परिवार के लिए किसी वज्रपात से कम नहीं था।

झारखंड से लेकर दिल्ली तक 7 राज्यों में खाक छानी

​एसएसपी रांची राकेश रंजन की सीधी निगरानी में गठित SIT ने कन्हैया की तलाश में केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि 7 राज्यों (बिहार, बंगाल, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, महाराष्ट्र) के संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की। हाल ही में पकड़े गए ‘गुलगुलिया गैंग’ के नेटवर्क से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस कन्हैया तक पहुंचने में कामयाब रही।

कोडरमा के चंदवारा में मिली सफलता

​सोमवार सुबह पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि कन्हैया को कोडरमा के चंदवारा इलाके में रखा गया है। रांची पुलिस ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से तत्काल घेराबंदी की और मासूम को सुरक्षित रेस्क्यू किया।

‘गुलगुलिया गैंग’ से जुड़े हो सकते हैं तार

​पुलिस को अंदेशा है कि कन्हैया का अपहरण भी उसी संगठित अंतरराज्यीय गिरोह ने किया था, जिसने हाल ही में अंश और अंशिका का अपहरण किया था। यह गिरोह गरीब बच्चों को उठाकर उन्हें भीख मंगवाने या तस्करी के लिए दूसरे राज्यों में बेच देता था। पुलिस अब कन्हैया की काउंसलिंग कराएगी ताकि अपहरणकर्ताओं के चेहरे बेनकाब हो सकें।

एसएसपी का संदेश: “कन्हैया की बरामदगी हमारे ‘ऑपरेशन मासूम’ की बड़ी जीत है। हम इस नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जल्द ही कन्हैया को उसकी मां से मिलाया जाएगा।”

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