एक नई सोच, एक नई धारा

जमशेदपुर: टाटा स्टील एनएमएल गेट पर बवाल, ठेका मजदूर की मौत के बाद परिजनों ने रोका रास्ता, 25 लाख मुआवजे की मांग

जमशेदपुर। लौहनगरी के बर्मामाइंस स्थित टाटा स्टील एनएमएल (NML) गेट पर बुधवार को भारी हंगामा देखने को मिला। मंगलवार रात ड्यूटी के दौरान एक ठेका कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद, मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों और आक्रोशित मजदूरों ने कंपनी गेट को जाम कर दिया। मृतक की पहचान बर्मामाइंस निवासी 48 वर्षीय सत्यनारायण निषाद के रूप में हुई है।

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क्या है पूरी घटना?

​सत्यनारायण निषाद टाटा स्टील की अनुषंगी इकाई, ‘जमशेदपुर कंटीन्युअस एनीलिंग एंड प्रोसेस प्राइवेट लिमिटेड’ (JCAPPL) के अंतर्गत कार्यरत ठेका कंपनी मेसर्स एमवीएम टेक्नोलॉजी में मजदूर था।

  • मंगलवार रात: सत्यनारायण ‘बी’ शिफ्ट में ड्यूटी पर था।
  • हादसा: ड्यूटी खत्म कर जैसे ही वह कंपनी गेट के बाहर निकला, अचानक चक्कर खाकर गिर पड़ा।
  • अस्पताल में मौत: साथी कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों की मदद से उसे तत्काल एम्बुलेंस द्वारा टाटा मेन अस्पताल (TMH) ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मुआवजे पर अड़ा परिवार: 25 लाख की मांग

​बुधवार सुबह से ही मृतक के परिजन और स्थानीय लोग कंपनी गेट पर जमा हो गए और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रास्ता जाम कर दिया। परिजनों का कहना है कि जब तक उचित मुआवजा और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, वे पीछे नहीं हटेंगे।

  • बेटे का भविष्य दांव पर: परिजनों ने बताया कि सत्यनारायण के बेटे का चयन भुवनेश्वर के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में हुआ है। घर का एकमात्र कमाऊ सदस्य होने के नाते, पिता की मौत के बाद उसकी पढ़ाई और परिवार का भरण-पोषण संकट में है।
  • मुआवजा: आश्रितों ने कंपनी प्रबंधन से 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की मांग की है।

वार्ता विफल, तनाव बरकरार

​मौके पर पहुँचे ठेका कंपनी के अधिकारियों और परिजनों के बीच कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन मुआवजा राशि को लेकर अब तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई है। गेट जाम होने के कारण कंपनी के परिचालन और कर्मचारियों के आवागमन पर भी असर पड़ा है। फिलहाल स्थिति को देखते हुए सुरक्षा बल तैनात हैं।

रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज़

श्रीनाथ विश्वविद्यालय में “मैथमेटिकल साइंस फॉर सस्टेनेबल फ्यूचर” विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न

श्रीनाथ विश्वविद्यालय स्थित गणित विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला जिसका शीर्षक “मैथमेटिकल साइंस फॉर सस्टेनेबल फ्यूचर” का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला की शुरूआत उद्घाटन समारोह के साथ हुआ जिसमें पहले दिन मुख्य अतिथि और वक्ता के रूप में श्री विकास कुमार एवं श्री अंकुर शास्वत उपस्थित रहे।

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उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. शिवानंद सिंह, रजिस्ट्रार डॉ. याहा मजूमदार, असिस्टेंट डीन (रिसर्च) डॉ. शैलेश कुमार सारंगी, असिस्टेंट डीन (करिकुलम डेवलपमेंट) डॉ. सुदर्शना बनर्जी सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, सहायक प्रोफेसर एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों को पुष्प गुच्छ देकर एवं दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके पश्चात कुलपति महोदय ने छात्रों को संबोधित किया।

कार्यक्रम के पहले दिन मुख्य वक्ताओं ने अपने अपने अनुभव छात्रों के साथ साझा करते हुए वैज्ञानिक चेतना और सर्वांगीण विकास पर प्रेरणादायक संबोधन दिया। उन्होंने देश-विदेश के महान गणितज्ञों और वैज्ञानिकों के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्मों के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान छात्रों में उत्साह देख गया जिसमें सबने बढ़ चढ़कर भाग लिया।

इस कार्यशाला के दूसरे दिन मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. अमिताभ बोस एवं डॉ. नयन मखोपाध्याय शामिल हुए कार्यक्रम की शुरुआत भी पुष्प स्वागत एवं दीप प्रज्वलन से हुई। इस अवसर पर श्रीनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन की प्राचार्या डॉ. मौसुमी महतो ने मंच से सभी का स्वागत किया। इस दौरान श्रीनाथ कॉलेज ऑफ फार्मेसी के प्राचार्य डॉ. प्रशांता कुमार महापात्रा ने सभा में उपस्थित सभी को संबोधित किया।

मुख्य वक्ता डॉ. अमिताभ बोस ने गणित के इतिहास, वर्तमान और भविष्य पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डालते हुए कहा कि गणित सभी विषयों की जननी है। उन्होंने गणित के विभिन्न आयामों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। वहीं, डॉ. नयन मुखोपाध्याय ने अपनी आकर्षक शैली में अंधविश्वास, कुसंस्कार और पाखंड को समाप्त करने का संदेश दिया। उनके साथ आए पश्चिम बंगाल विज्ञान मंच, पुरुलिया के सदस्यों ने विभिन्न प्रयोगों के माध्यम से वैज्ञानिक दृष्टिकोण को समझाते हुए ठगी और अंधविश्वास से बचने के उपाय बताए।
दोनों दिनों के कार्यक्रम का संचालन छात्राएं नंदिनी सिंह और प्रीति कुमारी महतो ने किया। अंत में गणित विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. तरुण कुमार महतो ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति कार्यक्रम की अपार सफलता को देखते हुए आभार व्यक्त किया और धन्यवाद दिया।

ग्लोबल रिसाइकिल दिवस: बारीडीह स्वास्थ्य कार्यालय में सफाई मित्रों के बीच पुरानी किताबों और वस्त्रों का वितरण

जमशेदपुर। ‘ग्लोबल रिसाइकिल दिवस’ के अवसर पर जमशेदपुर में पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सरोकार का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिला। टाटा स्टील यूटिलिटी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज लिमिटेड (TSUISL) के तत्वावधान में बारीडीह स्वास्थ्य कार्यालय में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ सफाई मित्रों को पुरानी किताबें और वस्त्र वितरित किए गए।

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उपयोग की गई वस्तुओं को मिला नया जीवन

​इस पहल का मुख्य उद्देश्य रिसाइक्लिंग (पुनर्चक्रण) की भावना को बढ़ावा देना और उन वस्तुओं को जरूरतमंदों तक पहुँचाना था जो अब दूसरों के काम आ सकती हैं। कार्यक्रम के दौरान सफाई मित्रों ने अपनी स्वेच्छा और आवश्यकतानुसार पुरानी किताबों और वस्त्रों का चयन किया। इस कदम की सराहना करते हुए उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि वस्तुओं का पुन: उपयोग (Reuse) न केवल कचरा कम करता है, बल्कि समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी को भी दर्शाता है।

इनकी रही महत्वपूर्ण उपस्थिति

​कार्यक्रम को सफल बनाने में जुस्को (TSUISL) के अधिकारियों और जागरूकता संगठनों के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे:

  • प्रबंधन: मैनेजर उत्पल पोद्दार, वरिष्ठ सुपरवाइजर सुरेश कुमार, रतन मुखी।
  • सुपरवाइजर टीम: घाटम मार्डी, वेंडर सुपरवाइजर ओम प्रकाश, रणधीर, लखन और गोपाल दास।
  • जागरूकता संगठन: संस्था की ओर से नीलू नाग और गीता देवी ने सक्रिय भूमिका निभाई।

सफाई मित्रों ने जताया आभार

​दिन-रात शहर की सफाई में जुटे रहने वाले सफाई मित्रों ने इस पहल की सराहना की। किताबों के वितरण से जहाँ उनके बच्चों की शिक्षा में मदद मिलेगी, वहीं वस्त्र वितरण से उन्हें सीधा लाभ पहुँचा है।

रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज़

सावधान! बारीडीह गोलचक्कर पर जुस्को का डंडा: सड़क किनारे खड़ी गाड़ियाँ और ठेले हटाये गए, अधिकारियों ने दी कड़ी चेतावनी

जमशेदपुर। लौहनगरी की सड़कों को जाम मुक्त बनाने और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जुस्को (JUSCO/TSUISL) की टीम अब एक्शन मोड में आ गई है। बुधवार को बारीडीह गोलचक्कर और उसके आसपास के इलाकों में जुस्को अधिकारियों की टीम ने औचक निरीक्षण किया और सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े वाहनों व ठेलों के खिलाफ अभियान चलाया।

सड़क किनारे अतिक्रमण पर कार्रवाई

​बारीडीह गोलचक्कर शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक है। यहाँ सड़क किनारे बेतरतीब ढंग से खड़ी गाड़ियों और अवैध रूप से लगाए गए ठेलों के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। जुस्को की टीम ने आज घूम-घूम कर इन सभी अतिक्रमणकारियों को सड़क से हटने का निर्देश दिया। कई वाहनों को मौके से हटवाया गया और दुकानदारों को सख्त हिदायत दी गई।

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क्या कहना है जुस्को टीम का?

​अभियान के दौरान मौजूद अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सड़कों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जुस्को टीम के अनुसार:

  • यातायात में बाधा: सड़क किनारे खड़ी गाड़ियाँ राहगीरों और भारी वाहनों के लिए परेशानी का सबब बनती हैं।
  • निरंतर निगरानी: यह अभियान केवल आज के लिए नहीं है, बल्कि टीम अब नियमित रूप से बारीडीह और आसपास के क्षेत्रों में गश्त करेगी।
  • जुर्माने की चेतावनी: यदि दोबारा उन्हीं जगहों पर गाड़ियाँ या ठेले पाए गए, तो उन्हें जब्त करने के साथ-साथ भारी जुर्माना भी वसूला जाएगा।

आम जनता से अपील

​जुस्को अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों और दुकानदारों से अपील की है कि वे शहर की सुंदरता और सुगम यातायात बनाए रखने में सहयोग करें। अपनी गाड़ियाँ निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही खड़ी करें और फुटपाथ या सड़क को बाधित न करें।

रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज़

जमशेदपुर: भालूबासा के जम्बू अखाड़ा में सजेगा रामनवमी का महाकुम्भ, 19 मार्च से शुरू होगा भक्ति का संगम

जमशेदपुर। धर्म, आस्था और परंपरा की त्रिवेणी भालूबासा स्थित श्री श्री बजरंग विजय मंदिर, जम्बू अखाड़ा में इस वर्ष भी चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर भव्य रामनवमी महोत्सव-2026 का आयोजन होने जा रहा है। 19 मार्च से शुरू होने वाला यह धार्मिक-सांस्कृतिक महाकुम्भ 28 मार्च को विशाल विसर्जन शोभा यात्रा के साथ संपन्न होगा। अखाड़ा के संरक्षक बंटी सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर महोत्सव की विस्तृत रूपरेखा साझा की है।

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भक्ति और संगीत का 48 घंटे का अनवरत प्रवाह

​महोत्सव का शुभारंभ 19 मार्च (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा) को श्री हरि राम नाम संकीर्तन के साथ होगा।

  • अखंड कीर्तन: 19 से 21 मार्च तक बंगाल और झारखंड की प्रसिद्ध कीर्तन मंडलियां 48 घंटों तक निरंतर हरि नाम का जयघोष करेंगी।
  • रामायण पाठ: इसके पश्चात 22 और 23 मार्च को 36 घंटे का संपूर्ण रामायण पाठ आयोजित किया जाएगा, जिससे पूरा क्षेत्र राममय हो जाएगा।

24 मार्च को निकलेगी भव्य कलश यात्रा

​महोत्सव का एक मुख्य आकर्षण 24 मार्च (षष्ठी तिथि) को निकलने वाली कलश यात्रा होगी।

  • जलाहरण: शाम 5 बजे 15 व्रतधारी युवक कलश लेकर जम्बू अखाड़ा से मानगो गांधी घाट तक जाएंगे।
  • विशेष आकर्षण: यात्रा में डंका, ताशा, सिंह बाजा और हरियाणा के अमित अरोड़ा एंड ग्रुप का नृत्य प्रमुख होगा। साथ ही तिरुपति बालाजी, द्वारकाधीश और पंचमुखी हनुमान की जीवंत झांकियां श्रद्धालुओं का मन मोह लेंगी।
  • भजन संध्या: उसी शाम तराना ग्रुप द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी।

प्रतिदिन सुरम्य भजन संध्या और अखाड़ा प्रदर्शन

​25 से 27 मार्च तक प्रतिदिन विशेष पूजन और शस्त्र प्रदर्शन के साथ-साथ देश के नामचीन कलाकार अपनी सुरीली आवाज से भक्तों को मंत्रमुग्ध करेंगे:

  • 25 मार्च (सप्तमी): मानवी सिंह (धनबाद)
  • 26 मार्च (अष्टमी): दीपक राठौर (प्रयागराज)
  • 27 मार्च (रामनवमी): श्रद्धा दास (जमशेदपुर)

​पूरे प्रांगण को पश्चिम बंगाल के चंदन नगर की प्रसिद्ध विद्युत सज्जा से सजाया जाएगा, जो आकर्षण का केंद्र होगी।

28 मार्च: ऐतिहासिक विसर्जन शोभा यात्रा

​महोत्सव का समापन 28 मार्च (विजयादशमी) को होगा। इस भव्य विसर्जन यात्रा में:

  • झांकियां: भगवान बुद्ध का शांति संदेश, श्रवण कुमार की पितृभक्ति, महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित झांकियां प्रदर्शित की जाएंगी।
  • अघोरी नृत्य: हरियाणा के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत अघोरी नृत्य इस यात्रा का विशेष आकर्षण होगा।

सुरक्षा और सेवा के पुख्ता इंतजाम

​श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए अखाड़ा समिति के 150 सक्रिय सदस्य तैनात रहेंगे। पूरे मार्ग और मंदिर प्रांगण की निगरानी CCTV कैमरों से की जाएगी। साथ ही प्रतिदिन भोग-प्रसाद और शीतल जल की निर्बाध व्यवस्था रहेगी।

​जम्बू अखाड़ा समिति ने समस्त नगरवासियों और धर्मप्रेमियों से इस पावन उत्सव में सपरिवार शामिल होने की अपील की है।

रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज़

जमशेदपुर: एमजीएम अस्पताल में मैनपावर सप्लाई के नाम पर ‘महाघोटाला’? तड़पते मरीज और दावों की खुली पोल

जमशेदपुर। कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, एमजीएम (MGM) की बदहाली एक बार फिर चर्चा में है। मानगो शंकोसाई निवासी द्वारा साझा किए गए एक विचलित करने वाले वीडियो ने अस्पताल प्रबंधन और मैनपावर सप्लाई करने वाले संवेदक के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि अस्पताल में मैनपावर की भारी कमी के कारण मरीज इलाज के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

वीडियो में दिखा दर्द: एक्स-रे के लिए तड़प रहे मरीज

​विकास साव द्वारा बुधवार शाम करीब 4:30 बजे साझा किए गए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे बेबस मरीज एक्स-रे करवाने के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं और तड़प रहे हैं। वीडियो साझा करने वाले युवक का कहना है कि यह स्थिति केवल एक विभाग की नहीं, बल्कि पूरे अस्पताल की है।

क्या मैनपावर सप्लाई में हो रहा है खेल?

​सोशल मीडिया पर इस वीडियो के साथ ही जिला प्रशासन (DC) का ध्यान एक गंभीर मुद्दे की ओर खींचा गया है। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि एमजीएम अस्पताल में मैनपावर सप्लाई के नाम पर झारखंड का सबसे बड़ा ‘महाघोटाला’ चल रहा है।

  • मुख्य आरोप: संवेदक (ठेकेदार) और अस्पताल प्रशासन के बीच हुए इकरारनामे (Agreement) के अनुसार जितने कर्मचारियों की तैनाती होनी चाहिए, धरातल पर उसकी आधी संख्या भी नजर नहीं आती।
  • इकरारनामे का उल्लंघन: अगर संवेदक द्वारा 100% मैनपावर की सप्लाई ईमानदारी से की जाए, तो एमजीएम अस्पताल की व्यवस्था देश के बेहतरीन अस्पतालों जैसी हो सकती है। लेकिन फिलहाल, कागजों पर मैनपावर दिखाकर भुगतान उठाने का खेल जारी है।

अस्पताल की साख पर सवाल

​मरीजों का कहना है कि भारी-भरकम बजट और नई बिल्डिंग बनने के बावजूद अगर बुनियादी सुविधाएं और स्टॉफ की कमी बनी हुई है, तो इसके लिए सीधे तौर पर मैनपावर सप्लाई करने वाली एजेंसी जिम्मेदार है।

​युवक ने इस मामले में उपायुक्त (DC) से हस्तक्षेप की मांग करते हुए पूछा है कि क्या गरीब मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करने वाले इन संवेदकों पर कभी कड़ी कार्रवाई होगी?

रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज़

वाराणसी: गंगा में नाव पर इफ्तार और नॉन-वेज के अवशेष फेंकने का वीडियो वायरल, 14 युवक गिरफ्तार

वाराणसी। धर्मनगरी काशी में गंगा नदी के बीचों-बीच नाव पर इफ्तार पार्टी करने और मां गंगा की शुचिता भंग करने के आरोप में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद हिंदू संगठनों के विरोध को देखते हुए पुलिस ने मदनपुरा इलाके के 14 युवकों को गिरफ्तार कर लिया है।

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क्या है पूरा मामला?

​मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित हुआ, जिसमें 15-20 मुस्लिम युवक गंगा में एक चलती नाव पर बैठकर इफ्तार करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में नाव पर रखी खाद्य सामग्रियों के साथ भारी मात्रा में चिकन बिरयानी भी दिखाई दे रही है। आरोप है कि इन युवकों ने न केवल प्रतिबंधित क्षेत्र में मां गंगा के ऊपर मांसाहार का सेवन किया, बल्कि उसके अवशेष (हड्डियां आदि) भी पवित्र नदी में फेंक दिए।

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हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश

​वीडियो सामने आते ही भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) समेत कई हिंदू संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। संगठनों का कहना है कि गंगा करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र हैं और इस तरह की हरकत से धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर ठेस पहुंचाई गई है। भाजयुमो नेता रजत जायसवाल ने इस मामले में कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई।

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पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियां

​एसीपी कोतवाली, विजय प्रताप ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

  • गिरफ्तारी: अब तक मदनपुरा क्षेत्र के 14 युवकों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
  • मुख्य आरोपी: वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड करने वाले युवक तहसीम को भी हिरासत में लिया गया है।
  • धाराएं: आरोपियों पर BNS की धारा 298, 299, 296(1B), 270 और 279 के तहत कार्रवाई की गई है।

जांच जारी

​पुलिस प्रशासन का कहना है कि वीडियो 15 मार्च को अपलोड किया गया था। फिलहाल वीडियो में दिख रहे अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और नाव चलाने वाले नाविक की भूमिका की भी जांच की जा रही है। शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर संयम बरतने की अपील की है।

रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज

सरायकेला-खरसावां में फैक्ट्रियों के ‘काले धुएं’ से घुट रहा दम: मानवाधिकार सहायता संघ ने प्रदूषण बोर्ड से की सख्त कार्रवाई की मांग

सरायकेला/आदित्यपुर: सरायकेला-खरसावां जिला इन दिनों औद्योगिक विकास की चमक के पीछे ‘काले धुएं’ की चादर में लिपटा नजर आ रहा है। जिले के आदित्यपुर, गम्हरिया, कांड्रा, कोलाबिरा, मुड़िया और सीनी जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित फैक्ट्रियों से निकलने वाले जहरीले काले धुएं ने आम जनजीवन को नरक बना दिया है। इस गंभीर समस्या को लेकर मानवाधिकार सहायता संघ (अंतरराष्ट्रीय) की जिला महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष श्रीमती सुमन कारूवा ने आवाज उठाई है।

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घरों में कालिख और सेहत पर वार

​श्रीमती सुमन कारूवा ने झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निदेशक को पत्र लिखकर जिले के बिगड़ते हालात से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि फैक्ट्रियों से निकलने वाले बेतहाशा धुएं के कारण लोगों के घरों की दीवारें और छतें काली पड़ रही हैं। आलम यह है कि बाहर सूख रहे कपड़ों पर कालिख की परत जम रही है।

​प्रदूषण का असर केवल संपत्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों की सेहत के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। क्षेत्र के निवासियों में:

  • ​सांस फूलने की बीमारी
  • ​लगातार खांसी
  • ​आंखों में जलन और संक्रमण जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।

कानूनों की उड़ रही धज्जियां

​श्रीमती कारूवा ने स्पष्ट किया कि फैक्ट्रियों का यह रवैया एयर एक्ट 1981, वाटर एक्ट 1974 और पर्यावरण संरक्षण एक्ट 1986 का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने प्रदूषण बोर्ड और जिला प्रशासन से मांग की है कि इन क्षेत्रों का तत्काल ‘स्पॉट निरीक्षण’ (Spot Inspection) किया जाए और नियमों की अनदेखी करने वाली फैक्ट्रियों पर अति सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

स्वच्छ हवा का अधिकार

​मानवाधिकार सहायता संघ ने जिला प्रशासन से अपील की है कि इस ज्वलंत जनसमस्या को शीघ्र संज्ञान में लिया जाए। जिले के नागरिकों को संविधान के तहत स्वच्छ हवा और स्वस्थ पर्यावरण में रहने का अधिकार है। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या एक बड़े स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है।

तीसरी धारा न्यूज़ की अपील: विकास की दौड़ में पर्यावरण और इंसानी जान की कीमत नहीं चुकाई जानी चाहिए। प्रशासन को प्रदूषण मानकों की कड़ाई से जांच करनी चाहिए।

युद्ध की आग के बीच वतन लौट रहा है जमशेदपुर का लाल: शिवालिक जहाज पर तैनात इंजीनियर अंश त्रिपाठी की सुरक्षित वापसी का इंतज़ार

जमशेदपुर: ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच गहराते युद्ध के संकट ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है। इस संघर्ष के बीच ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Hormuz Strait) जैसे तनावपूर्ण क्षेत्र में फंसे जहाजों को लेकर भारी चिंता बनी हुई थी। लेकिन जमशेदपुर के लिए एक राहत भरी खबर है—भारत के दो एलपीजी टैंकर इसी रास्ते से वतन वापसी कर रहे हैं। इनमें से एक महत्वपूर्ण जहाज ‘शिवालिक’ पर जमशेदपुर के अंश त्रिपाठी सेकंड इंजीनियर के तौर पर तैनात हैं।

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मिसाइलों के साये में कर्तव्य की पुकार

​जमशेदपुर के पारडीह काली मंदिर के पास रहने वाले अंश त्रिपाठी जहाज के तकनीकी संचालन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। युद्ध की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अंश ने अपने परिवार को एक वीडियो भेजा था, जिसमें एक मिसाइल उनके जहाज के ठीक ऊपर से गुजरती दिखाई दी। इस मंजर ने परिवार को डरा दिया था, लेकिन भारत सरकार की सक्रियता और प्रधानमंत्री की पहल ने अब उनकी सुरक्षित वापसी का रास्ता साफ कर दिया है।

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जमशेदपुर से मरीन इंजीनियरिंग तक का सफर

​अंश त्रिपाठी का शैक्षणिक और पेशेवर सफर शहर के युवाओं के लिए मिसाल है:

  • स्कूली शिक्षा: जमशेदपुर से पूरी की।
  • इंजीनियरिंग: BIT से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री ली।
  • विशेषज्ञता: कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (केरल) से मरीन इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।
  • करियर: श्रीलंका से जहाज पर अपने करियर की शुरुआत की।
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एक समर्पित परिवार की कहानी

​अंश का परिवार सेवा और अनुशासन की पृष्ठभूमि से आता है। उनके पिता मिथिलेश त्रिपाठी भारतीय वायु सेना में देश की सेवा कर चुके हैं और UCIL से रिटायर हुए हैं। उनकी माता चंदा त्रिपाठी एक शिक्षिका हैं, जबकि पत्नी चंदा टाटा स्टील में चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) के पद पर कार्यरत हैं। घर में उनका डेढ़ साल का बेटा और पूरा परिवार बस टीवी पर नजरें गड़ाए बैठा है कि कब ‘शिवालिक’ भारतीय तट पर सुरक्षित पहुंचे।

“बेटे पर गर्व है”

​पूर्व वायु सेना कर्मी होने के नाते अंश के पिता युद्ध की परिस्थितियों को समझते हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “घबराहट तो होती है, लेकिन मुझे गर्व है कि मेरे बेटे ने वह कर दिखाया जो मैं खुद नहीं कर पाया। हमें भारत सरकार पर पूरा भरोसा है।” उन्होंने देशवासियों से भी अपील की है कि वे धैर्य रखें, जल्द ही स्थितियां सामान्य हो जाएंगी।

भारत की विरासत को सहेजने की बड़ी पहल: 1 करोड़ पांडुलिपियों के लिए शुरू हुआ देशव्यापी डिजिटल सर्वे

नई दिल्ली/जमशेदपुर: भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक चेतना को सुरक्षित करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। संस्कृति मंत्रालय ने सोमवार को भारत की विशाल पांडुलिपि विरासत की मैपिंग के लिए एक राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण (Nationwide Survey) का शंखनाद किया। ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के तहत शुरू हुआ यह अभियान अपनी तरह का पहला और सबसे बड़ा प्रयास है।

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तीन महीने में तैयार होगा ‘डिजिटल खजाना’

​यह अभियान जिला स्तर से शुरू होकर ऊपर की ओर बढ़ेगा। इसका मुख्य उद्देश्य देश के कोने-कोने में बिखरी पांडुलिपियों का पता लगाकर उनका एक एकीकृत डेटाबेस तैयार करना है।

  • जियोटैगिंग और सुरक्षा: सर्वे के दौरान मिलने वाली पांडुलिपियों को जियोटैग किया जाएगा, ताकि उनके संरक्षण और डिजिटलीकरण की सटीक योजना बनाई जा सके।
  • ज्ञान भारतम पोर्टल: सभी रिकॉर्ड ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के केंद्रीय पोर्टल पर बनी एक राष्ट्रीय डिजिटल रिपॉजिटरी में जमा किए जाएंगे।

निजी संरक्षकों का भी मिलेगा साथ

​अधिकारियों के अनुसार, यह सर्वे केवल सरकारी संस्थानों तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें विभिन्न मठों, मंदिरों और निजी संरक्षकों के पास सुरक्षित पांडुलिपियों को भी रिकॉर्ड और डॉक्यूमेंट किया जाएगा। संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल ने बताया कि ‘ज्ञान भारतम’ मोबाइल ऐप की मदद से टीमें मौके पर ही जानकारी अपलोड कर सकेंगी, जिससे शोधकर्ताओं और आम जनता के लिए ये ऐतिहासिक दस्तावेज आसानी से उपलब्ध हो पाएंगे।

‘बौद्धिक चोरी’ पर लगेगी लगाम

​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मिशन को “भारत की संस्कृति, साहित्य और चेतना की घोषणा” बताया है।

  • दुनिया का सबसे बड़ा संग्रह: अनुमान है कि भारत के पास लगभग 1 करोड़ पांडुलिपियां हैं, जो दुनिया में सबसे अधिक हैं।
  • बजट 2025-26: इस मिशन के लिए बजट 2025-26 में विशेष घोषणा की गई थी। पीएम मोदी के अनुसार, डिजिटलीकरण से भारतीय ज्ञान की “बौद्धिक चोरी” (Intellectual Theft) को रोकने में मदद मिलेगी।

प्रशासनिक स्तर पर तैयारी

​सर्वेक्षण को पारदर्शी और सफल बनाने के लिए राज्य स्तर पर मुख्य सचिवों और जिला स्तर पर जिलाधिकारियों (DC/DM) की अध्यक्षता में विशेष समितियां गठित की गई हैं। मंत्रालय पहले से डिजिटाइज़ हो चुकी लगभग 10 लाख पांडुलिपियों को भी इस नए पोर्टल के साथ एकीकृत करने पर काम कर रहा है।

तीसरी धारा न्यूज की बात: यह मिशन न केवल हमारी प्राचीन लिपियों को बचाएगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भारत के गौरवशाली वैज्ञानिक और साहित्यिक इतिहास से भी रूबरू कराएगा।

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