एक नई सोच, एक नई धारा

श्रीनाथ विश्वविद्यालय का जलवा: एक साथ 22 छात्रों का CEAT टायर्स में कैंपस सिलेक्शन, गुजरात प्लांट में मिली नौकरी

जमशेदपुर: शिक्षा के साथ रोजगार के क्षेत्र में श्रीनाथ विश्वविद्यालय ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। विश्वविद्यालय के डिप्लोमा इंजीनियरिंग के 22 छात्रों का चयन देश की प्रतिष्ठित कंपनी सीएट (CEAT) टायर्स में हुआ है। इन सभी छात्रों की नियुक्ति कंपनी के गुजरात स्थित प्लांट के लिए की गई है।IMG 20260327 WA0004

मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल संकाय के छात्रों ने मारी बाजी

​चयनित सभी छात्र सत्र 2023–2026 के हैं, जो डिप्लोमा इन मैकेनिकल इंजीनियरिंग और डिप्लोमा इन इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं।1002518072

चयनित छात्रों की सूची:

  • मैकेनिकल इंजीनियरिंग (18 छात्र): अंशु दास, अपर्णा महतो, अविनाश गोप, चम्पक मंडल, फिबेंदु महतो, हिमेश थापा, इमरान फरहत, जीत महतो, कौशिक मंडल, निलेश मंडल, पूजा कुमारी, राहुल दास, राजू कुमार, राजू साहू, रमेश कैबार्ता, रोहित गिरी, सार्थ दास और राजा प्रमाणिक।
  • इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स (4 छात्र): अक्षिता सहाय, करण कुमार यादव, नंदिता दास और सौभिक घोष।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और ट्रेनिंग का परिणाम

​विश्वविद्यालय के प्लेसमेंट डायरेक्टर श्री सुभोदीप भद्रा ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह सफलता छात्रों की कड़ी मेहनत और विश्वविद्यालय के मजबूत ‘इंडस्ट्री-एकेडमिक’ संबंधों का परिणाम है। उन्होंने बताया कि कैंपस में नियमित रूप से आयोजित होने वाले मॉक इंटरव्यू, तकनीकी कार्यशालाएं और सॉफ्ट स्किल्स ट्रेनिंग छात्रों को कॉर्पोरेट जगत की चुनौतियों के लिए तैयार करती हैं।

“श्रीनाथ विश्वविद्यालय न केवल डिग्री प्रदान कर रहा है, बल्कि रोजगार के नए अवसर सृजित कर शिक्षा जगत में एक नई मिसाल कायम कर रहा है।”रजिस्ट्रार, श्रीनाथ विश्वविद्यालय

 

कुलपति और कुलाधिपति ने दी बधाई

​इस बड़ी उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री सुखदेव महतो और कुलपति प्रोफेसर डॉ. एस एन सिंह ने चयनित सभी छात्रों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। साथ ही, उन्होंने प्लेसमेंट सेल और संकाय सदस्यों (Faculty) की टीम की भी सराहना की।

​इस सफलता से विश्वविद्यालय के अन्य छात्रों में भी भारी उत्साह देखा जा रहा है। छात्रों का कहना है कि ऐसे प्लेसमेंट उनके करियर को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रेरित करते हैं।

रिपोर्ट: डेस्क, तीसरी धारा न्यूज

बागबेड़ा में रामनवमी पर ‘सेवा की धार’: पूर्व जिप उपाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने टैंकरों से कराया नि:शुल्क जल वितरण

जमशेदपुर (बागबेड़ा): रामनवमी के पावन अवसर पर जहाँ पूरा शहर भक्ति के रंग में डूबा है, वहीं बागबेड़ा क्षेत्र में सेवा की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। पूर्वी सिंहभूम जिला परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने अपनी निजी पहल पर विभिन्न पूजा स्थलों और भंडारा कार्यक्रमों के लिए नि:शुल्क पेयजल वितरण अभियान चलाया।IMG 20260327 WA0002

भंडारा और श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत

​भीषण गर्मी और रामनवमी के बड़े आयोजनों को देखते हुए पेयजल की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती थी। राजकुमार सिंह ने अपने निजी टैंकरों के माध्यम से क्षेत्र के प्रमुख पूजा पंडालों में पानी पहुँचाकर श्रद्धालुओं और समितियों को बड़ी सहूलियत प्रदान की।IMG 20260327 WA0003

इन प्रमुख स्थानों पर पहुँचा जल:

पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता ने बताया कि सेवा कार्य की शुरुआत सबसे पहले इन क्षेत्रों से की गई:

  • ​बागबेड़ा बाबा कुटी
  • ​सीपी टोला
  • ​गांधीनगर
  • ​रामनगर स्थित हनुमान मंदिर

​इन सभी स्थानों पर बड़े ड्रमों में शुद्ध पेयजल संग्रहित किया गया, ताकि पूजा के साथ-साथ आयोजित होने वाले भंडारों में पानी की कोई कमी न रहे।

“सामाजिक दायित्व सर्वोपरि” – राजकुमार सिंह

​इस सेवा कार्य के दौरान पूर्व जिप उपाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि यह केवल एक दिन का कार्य नहीं है। उन्होंने घोषणा की कि आने वाले समय में भी पूरे बागबेड़ा क्षेत्र में जुस्को (JUSCO) का शुद्ध पेयजल उनके निजी टैंकरों के माध्यम से जनता को उपलब्ध कराया जाता रहेगा। उन्होंने इसे अपना सामाजिक उत्तरदायित्व बताते हुए स्थानीय लोगों से भी आपसी सहयोग की अपील की।1002518072

क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी

​जल वितरण के इस अभियान के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने भी उत्साह दिखाया। मौके पर मुख्य रूप से:

पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता, गीतिका प्रसाद, सुशील कुमार यादव, मुखिया नीनू कुदादा, उप मुखिया सुरेश निषाद और समाजसेवी अविनाश सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

तीसरी धारा न्यूज़ की टिप्पणी:

​धार्मिक आयोजनों के बीच जनसेवा की ऐसी पहल न केवल सराहनीय है, बल्कि समाज के अन्य सामर्थ्यवान लोगों के लिए एक प्रेरणा भी है।

रिपोर्ट: डेस्क, तीसरी धारा न्यूज

मानगो: डॉ. बदर नर्सिंग होम में युवक की मौत पर कोहराम, परिजनों का आरोप- ‘गलत इंजेक्शन ने ली जान’

जमशेदपुर (मानगो): शहर के मानगो थाना क्षेत्र स्थित रोड नंबर एक के ‘डॉ. बदर नर्सिंग होम’ में इलाज के दौरान एक युवक की मौत के बाद भारी हंगामा खड़ा हो गया। अपेंडिक्स का ऑपरेशन कराने आए युवक की अचानक मौत से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही और ‘मेडिकल मर्डर’ का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया।3b47f79b21667b42491c12f671fa639190197954d320860fa7c7ea62b863dfc5.0

क्या है पूरा मामला?

​परिजनों के अनुसार, युवक को पेट दर्द की शिकायत के बाद नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। जांच के बाद डॉक्टरों ने अपेंडिक्स का ऑपरेशन करने की सलाह दी। परिजनों का दावा है कि ऑपरेशन थिएटर में ले जाने तक युवक की स्थिति बिल्कुल सामान्य थी और वह बातचीत कर रहा था।1002518072

इंजेक्शन के बाद बिगड़ी तबीयत, ‘ओवरडोज’ का शक

​मृतक के परिजनों ने बेहद चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं:

    • संदिग्ध इंजेक्शन: आरोप है कि ऑपरेशन की तैयारी के दौरान ड्यूटी डॉक्टर ने युवक को एक इंजेक्शन दिया। इंजेक्शन पड़ते ही युवक के मुंह से पानी निकलने लगा और उसकी स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी।
    • नाजुक हालत में ऑपरेशन: परिजनों का कहना है कि जब युवक की जान खतरे में थी, तब भी डॉक्टरों ने लेजर तकनीक से ऑपरेशन शुरू कर दिया, जिससे स्थिति और ज्यादा बिगड़ गई।
    • रेफर करने में देरी: जब स्थिति पूरी तरह हाथ से निकल गई, तब आनन-फानन में उसे सदर अस्पताल रेफर किया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे ‘ब्रॉट डेड’ (मृत लाया गया) घोषित कर दिया।

“मेरे भाई को सिर्फ पेट दर्द था, वह अपने पैरों पर चलकर अस्पताल आया था। डॉक्टर के एक गलत इंजेक्शन ने उसकी जान ले ली। यह इलाज नहीं, हत्या है।”मृतक के बिलखते परिजन

 

नर्सिंग होम में हंगामा और पुलिस की दखल

​मौत की खबर मिलते ही स्थानीय लोग और परिजन नर्सिंग होम परिसर में जमा हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी। आक्रोश इतना था कि कुछ लोगों ने तोड़फोड़ की कोशिश भी की। सूचना मिलते ही मानगो थाना पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने आक्रोशित लोगों को निष्पक्ष जांच का आश्वासन देकर शांत कराया।

विवादों से पुराना नाता: पहले भी लग चुके हैं आरोप

​स्थानीय लोगों के अनुसार, उक्त डॉक्टर और नर्सिंग होम पहले भी विवादों में रहे हैं। पूर्व में भी ऑपरेशन के दौरान लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप इन पर लग चुके हैं। बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं ने नर्सिंग होम की कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों पर बड़े प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं।

प्रशासनिक कार्रवाई की मांग

​पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि:

      1. ​नर्सिंग होम के लाइसेंस की जांच हो।
      2. ​आरोपी डॉक्टर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाए।
      3. ​मौत के असली कारणों का पता लगाने के लिए उच्च स्तरीय मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जाए।

तीसरी धारा न्यूज डेस्क

जमशेदपुर: गैस की किल्लत और जमाखोरी पर प्रशासन का ‘हथौड़ा’, सिदगोड़ा में अवैध रिफिलिंग का भंडाफोड़

जमशेदपुर: शहर में रसोई गैस (LPG) की कृत्रिम किल्लत और कालाबाजारी की बढ़ती शिकायतों के बीच जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी के सख्त निर्देश पर गुरुवार को शहर की कई गैस एजेंसियों और गोदामों में ताबड़तोड़ औचक छापेमारी की गई। इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है।1774536768607

एसडीओ और एडीएम ने खुद संभाली कमान

​छापेमारी अभियान का नेतृत्व धालभूम एसडीओ श्री अर्णव मिश्रा और एडीएम (विधि-व्यवस्था) श्री राहुल जी आनंद ने संयुक्त रूप से किया। प्रशासनिक टीम ने मानगो, डिमना, टेल्को और सिदगोड़ा जैसे प्रमुख शहरी इलाकों में स्थित गैस कार्यालयों और गोदामों की सघन जांच की।1002518072

जांच के दौरान इन बिंदुओं पर रहा मुख्य फोकस:

  • ​सिलेंडरों का वर्तमान स्टॉक और आपूर्ति (Supply) की असल स्थिति।
  • ​गोदामों में सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा है या नहीं।
  • ​गैस बुकिंग और होम डिलीवरी के रियल-टाइम डेटा का भौतिक मिलान।
  • ​लाइसेंस और अनिवार्य कानूनी दस्तावेजों की वैधता।

सिदगोड़ा में अवैध रिफिलिंग का खेल खत्म, दुकान सील

​अभियान के दौरान सिदगोड़ा क्षेत्र में प्रशासन को एक बड़ी सफलता हाथ लगी। यहाँ एक गैस चूल्हा रिपेयरिंग की दुकान की आड़ में अवैध गैस रिफिलिंग का धंधा चल रहा था। बड़े सिलेंडरों से छोटे सिलेंडरों में गैस भरी जा रही थी, जो किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता था।

कार्रवाई: अधिकारियों ने मौके पर ही दुकान को सील कर दिया और दुकानदार के खिलाफ कड़ी कानूनी धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

 

“जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं” – एसडीओ

​कार्रवाई के बाद एसडीओ अर्णव मिश्रा ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि गैस की बनावटी किल्लत पैदा कर आम जनता को परेशान करने वाली एजेंसियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि यह निरीक्षण अभियान निरंतर जारी रहेगा और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

तीसरी धारा न्यूज की अपील: यदि आपके क्षेत्र में भी गैस एजेंसी द्वारा होम डिलीवरी में देरी की जा रही है या कोई अवैध रिफिलिंग कर रहा है, तो इसकी सूचना तुरंत जिला प्रशासन को दें। जागरूक बनें, सुरक्षित रहें।

रिपोर्ट: डेस्क, तीसरी धारा न्यूज

राजधानी की ‘लाइफलाइन’ खुद वेंटिलेटर पर: पीले निशान के भरोसे सिटी बस, यात्री बेहाल

रांची: स्मार्ट सिटी का दम भरने वाली राजधानी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की रीढ़ कही जाने वाली सिटी बस सेवा खुद अव्यवस्था के भंवर में फंसी है। शहर की सड़कों पर दौड़ती बसें यात्रियों को मंजिल तक तो पहुँचा रही हैं, लेकिन सफर की शुरुआत और इंतजार का अनुभव किसी सजा से कम नहीं है। आलम यह है कि करोड़ों के राजस्व के बावजूद यात्रियों के लिए एक ढंग का बस स्टॉपेज तक नसीब नहीं है।n7060549101774524467488fb5b1dc7d98ae8ee756633cc5f3e38c8037ca9af12aa67d246d2c20d1baa9a93

स्टॉपेज के नाम पर सिर्फ ‘पीला पेंट’, सुविधाओं के नाम पर शून्य

​शहर के मुख्य मार्गों पर बस स्टॉपेज की हकीकत बेहद डरावनी है। अधिकतर जगहों पर नगर निगम ने सड़क किनारे सिर्फ पीले रंग का निशान बनाकर अपनी जिम्मेदारी की इतिश्री कर ली है।

  • न शेड, न बेंच: चिलचिलाती धूप, मूसलाधार बारिश या उड़ती धूल के बीच यात्री खुले आसमान के नीचे बस का इंतजार करने को मजबूर हैं।
  • बुनियादी सुविधाओं का अभाव: पीने के पानी, रोशनी या बैठने की व्यवस्था तो दूर की बात है, कई जगहों पर तो यह पता लगाना भी मुश्किल है कि बस कहाँ रुकेगी।

जहाँ दिखी सवारी, वहीं लगा दिए ब्रेक: दुर्घटना को दावत

​सुनियोजित स्टॉपेज न होने का खामियाजा सड़क पर चल रहे अन्य वाहन चालकों को भुगतना पड़ता है। सिटी बस के चालक मेन रोड, लालपुर, डोरंडा, कांटाटोली और बिरसा चौक जैसे व्यस्त इलाकों में कहीं भी बस रोक देते हैं।

अराजकता का मंजर: पीछे से आ रहे वाहनों को अचानक ब्रेक मारना पड़ता है, जिससे न केवल ट्रैफिक जाम लगता है, बल्कि गंभीर दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। पीक ऑवर्स में यह समस्या नासूर बन जाती है।

 

रिस्क जोन में तब्दील हुए वेटिंग स्पॉट

​जो इक्का-दुक्का बस स्टॉपेज बने भी हैं, वे अब ‘सेफ्टी डेंजर जोन’ बन चुके हैं।

  • सुरक्षा का संकट: सीसीटीवी कैमरों और स्ट्रीट लाइट की कमी के कारण रात के समय महिलाएं और छात्राएं असुरक्षित महसूस करती हैं।
  • जर्जर हालत: कई स्टॉपेज टूट कर गिरने की कगार पर हैं, जहाँ असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है।
  • स्कूली बच्चों की आफत: स्कूल बस और सिटी बस का इंतजार कर रहे बच्चों को सड़क के बिल्कुल किनारे खड़ा होना पड़ता है, जो उनकी जान के लिए जोखिम भरा है।

निगम की तिजोरी भर रही, जनता की जेब और जान खतरे में

​हैरानी की बात यह है कि नगर निगम इन बस स्टॉपेज पर लगे विज्ञापनों से मोटा राजस्व वसूल रहा है। एजेंसियां विज्ञापन लगाकर कमाई कर रही हैं, लेकिन यात्रियों की सुविधाओं के लिए एक ईंट तक नहीं जोड़ी जा रही।

  • कागजी योजनाएं: परिवहन विभाग और नगर निगम के बीच समन्वय की कमी के कारण बस स्टॉपेज को आधुनिक बनाने की योजनाएं फाइलों में ही दफन हैं।

जनता की आवाज (Public Feedback)

  • “सिटी में बस स्टॉप और डिजिटल टाइमिंग बहुत जरूरी है, व्यवस्था सुधरनी चाहिए।”राकेश
  • “सड़क किनारे खड़े होकर इंतजार करना पड़ता है, सेफ्टी की भारी कमी है।”निधि रानी

तीसरी धारा न्यूज का सवाल:

​क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? क्या स्मार्ट सिटी का सपना सिर्फ विज्ञापनों तक सीमित रहेगा या यात्रियों को उनके मौलिक अधिकार (सुरक्षित सफर और सुविधा) मिलेंगे?

रिपोर्ट: डेस्क, तीसरी धारा न्यूज

देवघर बाबा मंदिर की दानपेटी में मिला पाकिस्तानी नोट: सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप, ISI कनेक्शन की भी जांच शुरू

देवघर: विश्व प्रसिद्ध द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक, बाबा बैद्यनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। बुधवार को मंदिर की दानपेटियों की गिनती के दौरान भारतीय मुद्रा और अन्य विदेशी मुद्राओं (अमेरिकी डॉलर, यूरो, नेपाली रुपया) के साथ पाकिस्तानी करेंसी बरामद की गई है। बाबा मंदिर के इतिहास में यह संभवतः पहला मामला है जब दानपात्र से पाकिस्तान का नोट निकला है।Deoghar News 4 1774520074464 m

सुरक्षा एजेंसियों के ‘कान खड़े’, जांच में जुटी टीमें

​दानपेटी से 100 रुपये का पाकिस्तानी नोट मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और खुफिया विभाग अलर्ट मोड पर हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही हैं कि यह नोट श्रद्धावश किसी पर्यटक द्वारा डाला गया है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है।1002518072

  • रिकॉर्ड की तलाश: पिछली बार 9 जनवरी को दानपेटियां खोली गई थीं। अब उस अवधि से लेकर अब तक के सीसीटीवी फुटेज और विदेशी पासपोर्ट धारकों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
  • संदिग्ध रूट की जांच: जांच का एक पहलू यह भी है कि क्या हाल के दिनों में कोई व्यक्ति पाकिस्तान के पासपोर्ट पर देवघर आया था।

ISI कनेक्शन और गाजियाबाद से जुड़े तार?

​इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता इसलिए भी बढ़ा दी है क्योंकि हाल ही में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से पकड़े गए संदिग्धों के पास से बाबा मंदिर के फोटो और वीडियो मिले थे।

​सूत्रों के अनुसार, पकड़े गए संदिग्धों का संबंध पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से होने की आशंका जताई गई थी। वे पैसों के बदले भारत के संवेदनशील और धार्मिक स्थलों की रेकी कर सीमा पार जानकारी भेज रहे थे। इसके अलावा, जासूसी के आरोप में पकड़ी गई यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के भी सुल्तानगंज से देवघर तक के रूट की वीडियोग्राफी करने की बात सामने आ चुकी है।

 

सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवाल

​हवाई सेवा शुरू होने के बाद देवघर में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी इजाफा हुआ है, लेकिन उस अनुपात में सुरक्षा इंतजाम नाकाफी दिख रहे हैं।

  1. स्कैनिंग का अभाव: देश के अन्य बड़े मंदिरों के विपरीत, बाबा मंदिर के प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर और स्कैनर की पुख्ता व्यवस्था नहीं है।
  2. प्रतिबंधित सामान: श्रद्धालु आसानी से मोबाइल, थैला और बैग लेकर गर्भगृह तक पहुंच रहे हैं।
  3. वीडियोग्राफी: आए दिन मंदिर के अंदर के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते हैं, जो सुरक्षा की दृष्टि से एक बड़ा खतरा (Security Breach) माना जा रहा है।

समय की मांग: कड़े हों सुरक्षा मानक

​विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का मानना है कि अब समय आ गया है जब बाबा मंदिर में भी तिरुपति या काशी विश्वनाथ की तर्ज पर सुरक्षा ऑडिट कर कड़े नियम लागू किए जाएं। मोबाइल और बैग ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध के साथ-साथ हर आने-जाने वाले की गहन तलाशी अनिवार्य होनी चाहिए।

तीसरी धारा न्यूज डेस्क

ईरान-इजराइल युद्ध की तपिश: भारत में पेट्रोल ₹5.30 और डीजल ₹3 महंगा, नायरा एनर्जी ने बढ़ाए दाम

नई दिल्ली/डेस्क: मध्य-पूर्व (मिडल ईस्ट) में बढ़ते तनाव और ईरान-इजराइल युद्ध के पदचापों का सीधा असर अब भारतीय आम आदमी की जेब पर पड़ने लगा है। देश की बड़ी प्राइवेट फ्यूल कंपनी नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी का एलान किया है। कंपनी ने पेट्रोल के दाम में ₹5.30 प्रति लीटर और डीजल में ₹3 प्रति लीटर तक का इजाफा कर दिया है।68875183aa9f1

क्यों बढ़ी कीमतें? ग्लोबल सप्लाई चेन पर संकट

​इस मूल्य वृद्धि के पीछे वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां मुख्य कारण हैं। रूस समर्थित नायरा एनर्जी, जो भारत में करीब 6,967 पेट्रोल पंप संचालित करती है, ने बढ़ती लागत का बोझ ग्राहकों पर डालने का फैसला किया है। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:1002518072

  • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में तनाव: ईरान और अमेरिका-इजराइल टकराव के कारण इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते से होने वाली कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होने की आशंका बढ़ गई है।
  • प्राइवेट कंपनियों पर दबाव: सरकारी तेल कंपनियों के उलट, प्राइवेट कंपनियों को सरकार से कोई सब्सिडी नहीं मिलती। लगातार बढ़ते घाटे के कारण नायरा को यह कड़ा कदम उठाना पड़ा।

शहरों का हाल: हैदराबाद सबसे महंगा, कई जगह पेट्रोल ₹100 के पार

​स्थानीय टैक्स और VAT के कारण अलग-अलग राज्यों में कीमतें अलग हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, हैदराबाद में पेट्रोल की कीमत ₹107.46 तक जा पहुँची है, जो देश के महानगरों में सर्वाधिक है।

देश के प्रमुख शहरों में आज के भाव (26 मार्च 2026)

शहर

पेट्रोल (₹/लीटर)

डीजल (₹/लीटर)

हैदराबाद

107.46

95.70

कोलकाता

105.41

92.76

पटना

105.20

92.10

मुंबई

103.54

90.10

बेंगलुरु

102.92

89.45

नई दिल्ली

94.77

87.67

लखनऊ

95.50

88.70

पैनिक बाइंग: पेट्रोल पंपों पर उमड़ी भीड़

​कीमतें बढ़ने और भविष्य में किल्लत की आशंका के चलते देश के कई हिस्सों में ‘पैनिक बाइंग’ (Panic Buying) की स्थिति देखी जा रही है। लोग डर के मारे गाड़ियों के टैंक फुल करवा रहे हैं, जिससे पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं।

सरकार की अपील: घबराएं नहीं, स्टॉक पर्याप्त है

​बढ़ती भीड़ और डर के बीच भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराकर ईंधन का स्टॉक न करें। सप्लाई चेन पर दबाव जरूर है, लेकिन फिलहाल देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है।

तीसरी धारा न्यूज की सलाह: अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितता के इस दौर में पैनिक होने के बजाय धैर्य रखें और केवल जरूरत के अनुसार ही ईंधन लें। सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

 

जमशेदपुर: दिल्ली में 7 लाख की साइबर ठगी का खुलासा, जादूगोड़ा से शातिर अपराधी गिरफ्तार

जमशेदपुर/जादूगोड़ा: देश की राजधानी नई दिल्ली में हुए एक बड़े साइबर फ्रॉड के तार लौहनगरी जमशेदपुर और इसके ग्रामीण इलाकों से जुड़े पाए गए हैं। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्वी सिंहभूम जिले के जादूगोड़ा थाना अंतर्गत इचड़ा गांव से मुख्य आरोपी को दबोच लिया है।Screenshot 2026 0326 140834

कैसे हुई गिरफ्तारी?

​गिरफ्तार आरोपी की पहचान जादूगोड़ा निवासी राज भकत के रूप में हुई है। वहीं, इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने जमशेदपुर के सीतारामडेरा निवासी आकाश कुमार कालिंदी को भी हिरासत में लिया है। दिल्ली पुलिस की विशेष टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से इचड़ा गांव में छापेमारी कर राज को गिरफ्तार किया।

16 मार्च को दर्ज हुई थी शिकायत

​मिली जानकारी के अनुसार, ठगी का यह मामला 16 मार्च को तब सामने आया जब पश्चिमी दिल्ली के साइबर थाने में एक पीड़ित ने 7 लाख रुपये की चपत लगने की शिकायत दर्ज कराई थी।1002518072

तकनीकी साक्ष्यों ने खोला राज

​दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने इस हाई-प्रोफाइल केस को सुलझाने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन किया:

  • डिजिटल ट्रेल: पैसों के लेन-देन के डिजिटल रास्तों की जांच की गई।
  • मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग: आरोपियों के मोबाइल टावर लोकेशन से उनकी मौजूदगी झारखंड में पाई गई।
  • IP एड्रेस ट्रेसिंग: ठगी के दौरान इस्तेमाल किए गए इंटरनेट कनेक्शन के आधार पर आरोपियों तक पहुँचा गया।
  • ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ले गई पुलिस

    ​गिरफ्तारी के बाद आरोपी राज भकत को घाटशिला अनुमंडल न्यायालय में पेश किया गया। दिल्ली पुलिस ने अदालत से ट्रांजिट रिमांड की मांग की, जिसे मंजूर कर लिया गया। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस टीम आरोपी को पूछताछ के लिए दिल्ली ले गई है।

    बड़े गिरोह के शामिल होने की आशंका

    ​पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह केवल एक छोटी ठगी का मामला नहीं है। आशंका जताई जा रही है कि राज भकत और आकाश कालिंदी किसी बड़े अंतरराज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं। दिल्ली पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह ने और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और जमशेदपुर में इनके और कौन-कौन से साथी सक्रिय हैं।

    तीसरी धारा न्यूज की अपील: साइबर ठगों से सावधान रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना ओटीपी (OTP), बैंक विवरण या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहे ।

सरायकेला बैंक घोटाला: चाईबासा कोर्ट ने तत्कालीन मैनेजर समेत 3 को दोषी ठहराया, 30 मार्च को होगा सजा का एलान

चाईबासा/रांची: झारखंड के बहुचर्चित 32 करोड़ रुपये के सरायकेला को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले में न्याय की प्रक्रिया अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। चाईबासा स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की विशेष अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन शाखा प्रबंधक समेत तीन मुख्य आरोपियों को दोषी करार दिया है। कोर्ट के इस फैसले के तुरंत बाद तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।b0f9c5af3239becd7c99fc4ced38cb9bd81f712fb16e6d8263bc8681234dbdfb.0

दोषियों की सूची में बड़े नाम शामिल

​अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर जिन तीन लोगों को इस गबन का मुख्य सूत्रधार माना है, वे हैं:

  1. सुनील कुमार सत्पति: तत्कालीन शाखा प्रबंधक (मुख्य आरोपी)
  2. मनीष देवगम: बैंक कर्मचारी
  3. संजय डालमिया: व्यवसायी

2019 से सुर्खियों में था मामला

​यह पूरा मामला वर्ष 2019 का है, जब सरायकेला को-ऑपरेटिव बैंक में 32 करोड़ रुपये की भारी वित्तीय अनियमितता और गबन का खुलासा हुआ था। इस घोटाले ने राज्य के बैंकिंग सेक्टर और सहकारिता विभाग में हड़कंप मचा दिया था। मामले की गहराई को देखते हुए इसकी जांच CID (Criminal Investigation Department) को सौंपी गई थी।1002518072

CID की तफ्तीश ने खोला राज

​जांच के दौरान CID ने अदालत में पुख्ता दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य पेश किए, जिससे यह साबित हुआ कि आरोपियों ने मिलीभगत कर बैंक के करोड़ों रुपये का निजी हितों के लिए गबन किया था। इन साक्ष्यों को आधार मानते हुए विशेष अदालत ने आरोपियों को धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का दोषी पाया।

अब सबकी नजरें 30 मार्च पर

​दोषी करार दिए जाने के बाद अब सजा की अवधि पर बहस होगी। अदालत ने स्पष्ट किया है कि 30 मार्च को होने वाली अगली सुनवाई में दोषियों को दी जाने वाली जेल की अवधि और जुर्माने की राशि का निर्धारण किया जाएगा। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अपराध की प्रकृति और राशि को देखते हुए कोर्ट कड़ी सजा सुना सकता है।

तीसरी धारा न्यूज की टिप्पणी: आर्थिक अपराधों के खिलाफ यह फैसला एक नजीर साबित होगा, जिससे सरकारी और सहकारी संस्थानों में भ्रष्टाचार करने वालों के मन में कानून का खौफ पैदा होगा।

 

बड़ी खबर: क्या दुनिया ‘Energy Lockdown’ की ओर बढ़ रही है? फिलीपींस में नेशनल इमरजेंसी घोषित

मनीला/नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट (मध्य-पूर्व) में गहराते तनाव ने अब वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर प्रहार करना शुरू कर दिया है। दक्षिण-पूर्व एशियाई देश फिलीपींस ने मौजूदा संकट को देखते हुए देश में ‘राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल’ (National Energy Emergency) की घोषणा कर दी है। 2020 के कोविड संकट के बाद यह देश का पहला राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन जैसा कदम है।n70596139517745002974408d5d764c7635b78573657ee3a6f39057a19a05c796b75154137a5ddef12163a4

क्यों लगा फिलीपींस में एनर्जी लॉकडाउन?

​ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, फिलीपींस अपनी तेल जरूरतों के लिए पूरी तरह से मध्य-पूर्व के देशों पर निर्भर है। युद्ध के कारण सप्लाई चेन टूटने के डर से सरकार ने यह कड़ा फैसला लिया है ताकि ईंधन की जमाखोरी रोकी जा सके और आवश्यक सेवाओं के लिए भंडार सुरक्षित रहे।1002518072

क्या होता है Energy Lockdown?

​जब किसी देश की ऊर्जा सप्लाई (पेट्रोल, डीजल, गैस और बिजली) में अचानक बड़ी बाधा आती है, तो सरकारें संसाधनों को नियंत्रित करने के लिए ‘एनर्जी लॉकडाउन’ लगाती हैं। इसमें:

  • ​ईंधन की राशनिंग (सीमित बिक्री) की जा सकती है।
  • ​गैर-जरूरी उद्योगों में बिजली कटौती की जाती है।
  • ​परिवहन सेवाओं पर प्रतिबंध लग सकते हैं।

भारत के लिए कितनी गंभीर है चुनौती?

​भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% से 90% कच्चा तेल आयात करता है। मिडिल ईस्ट संकट भारत के लिए दोहरे खतरे की घंटी है:

    1. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz): दुनिया का 20% कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है। अगर यह मार्ग बाधित होता है, तो भारत की सप्लाई लाइन कट सकती है।
    2. रणनीतिक भंडार (Strategic Reserves): भारत के पास फिलहाल केवल 9.5 दिनों का ही आपातकालीन तेल भंडार सुरक्षित है। यदि युद्ध लंबा खिंचता है, तो कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी और सप्लाई की कमी का संकट पैदा हो सकता है।

प्रधानमंत्री का संदेश: हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोकसभा में इस स्थिति को गंभीर बताया है। उन्होंने देशवासियों को आगाह करते हुए कहा कि हमें कोरोना जैसी अनिश्चित चुनौतियों के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना होगा।

 

आम आदमी पर क्या होगा असर?

​अगर स्थिति ‘एनर्जी लॉकडाउन’ तक पहुँचती है, तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिसका सीधा असर माल ढुलाई और खाद्य पदार्थों की महंगाई पर पड़ेगा। बिजली उत्पादन प्रभावित होने से उद्योगों की रफ्तार थम सकती है।

तीसरी धारा न्यूज इस वैश्विक संकट पर पल-पल की नजर बनाए हुए है।

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