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एक नई सोच, एक नई धारा

राम मंदिर पर नहीं मिलेंगे वोट, गरीबी सबसे बड़ी जाति’, PM मोदी ने UP के NDA सांसदों को दिया जीत का मंत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सांसदों के साथ बैठक में क्रम में उत्तर प्रदेश और दक्षिणी राज्यों के सांसदों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए जीत का मंत्र दिया।

पीएम मोदी ने उनसे कहा, ”गरीबी सबसे बड़ी जाती है।” पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश के 45 से अधिक सांसदों की एक बैठक को संबोधित किया। इसके बाद सभी दक्षिणी राज्यों के सांसदों के एक समूह को भी संबोधित किया।

बुधवार को पहली बैठक उत्तर प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र के एनडीए सांसदों के साथ हुई। दूसरी बैठक में दक्षिणी राज्यों के सांसद मौजूद थे, जिनमें आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं।

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पहली बैठक की मेजबानी मोदी सरकार के वरिष्ठ मंत्री महेंद्र नाथ पांडे ने केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के साथ की। दिलचस्प बात यह है कि प्रधानमंत्री मोदी भी पूर्वी यूपी से सांसद हैं। इस बैठक को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी संबोधित किया। राजनाथ सिंह भी इसी क्षेत्र से सांसद चुने जाते हैं।

पीएम ने यूपी के सांसदों से क्या कहा?
प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के सांसदों से कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं को जनता तक ले जाना और विपक्ष द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों को दूर करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “विपक्ष के झूठे आरोपों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए पेशेवर सोशल मीडिया टीमों के साथ अपने निर्वाचन क्षेत्रों को सशक्त बनाएं।” पीएम मोदी ने सांसदों को सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने और डिजिटल दुनिया में अपना प्रदर्शन बढ़ाने के लिए पेशेवर सोशल मीडिया विशेषज्ञों की सेवाएं लेने की सलाह दी।

प्रधानमंत्री ने एनडीए सरकार द्वारा किए गए कार्यों के बारे में स्थानीय लोगों के साथ सांसदों को संवाद करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “इसे हासिल करने का एक कॉल सेंटर खोलने पर विचार कर सकते हैं।”

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गरीबी उन्मूलन की दिशा में काम पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “गरीबी सबसे बड़ी जाति है”। उन्होंने कहा, “राम मंदिर का वादा बीजेपी की विचारधारा से पैदा हुआ था, लेकिन सांसद यह मानकर संतुष्ट नहीं हो सकते कि इससे वोट मिलेंगे।”

पीएम मोदी ने सांसदों को निर्वाचन क्षेत्रों में नई परियोजनाएं शुरू नहीं करने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा, “इसके बजाय चल रहे कार्यों को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित करें और सरकार की उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से प्रचारित करें।”

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि यह सच है कि अनुच्छेद 370 और राम मंदिर भाजपा की प्रतिबद्धता का हिस्सा रहे हैं, लेकिन वोट सुरक्षित करने के लिए लोगों के लिए लगन से काम करना चाहिए।

पीएम मोदी की नजर दक्षिण भारत पर
दूसरी बैठक की मेजबानी केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी और विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने की। इस बैठक को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी संबोधित किया। दक्षिण भारत के सांसदों के साथ बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने पिछले नौ वर्षों में अपनी सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला, जिसमें दक्षिण भारत पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने विपक्ष शासित राज्यों, विशेषकर दक्षिण में भ्रष्टाचार के स्तर पर भी चिंता व्यक्त की।

पीएम मोदी ने एनडीए सदस्यों से विपक्ष के नेतृत्व वाले राज्यों में प्रचलित मुफ्त चीजें बांटने की संस्कृति का विरोध करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “ऐसी प्रथाओं से लंबे समय में देश को महत्वपूर्ण नुकसान हो सकता है।”

पीएम मोदी ने विपक्ष के गुट पर फिर तीखा हमला बोला और कहा कि यह गठबंधन बिना सोचे-समझे स्वार्थी एजेंडे के बनाया गया है। उन्होंने कहा, ”मैं विपक्षी सांसदों को चुनौती दे सकता हूं। उनमें से किसी से भी पूछने का प्रयास करें कि I.N.D.I.A. का फुल फॉर्म क्या है, उनमें से एक को भी पता नहीं होगा।”

जमशेदपुर में बाढ़ के हालात,डीसी ने की आम लोगो को सतर्क रहने की अपील, जाने क्या करना है
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जमशेदपुर : जमशेदपुर ज़िलें मे हो रही लगातार बारिश से आम जनजीवन पर असर पड़ा है. इस बीच जमशेदपुर के डीसी मंजूनाथ भजन्त्री ने अपने अधीनस्थ अधिकारियो को सतर्क कर दिया है. डीसी के निर्देश के बाद पूरा अमला रेस हो गया है. लोगो को निचले इलाके से हटाकर ऊपरी इलाके शिफ्ट होने की हिदायत दी जा रही हैं. वही कई इलाका को खाली भी कराया जा रहा है. दूसरी ओर, बरसात के मौसम को देखते हुए जिलेवासियों को बिजली के कारण जानमाल का नुकसान नहीं हो इसके लिए उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा अपील जारी की गई है. उन्होने कहा कि बरसात के दिनों में तेज हवा के कारण किसी खेत में पोल गिरे हों या पेड़ की टहनी बिजली के तार को छू रहे हों तो तत्काल पूर्वी सिंहभूम जिला अंतर्गत जमशेदपुर, मानगो, घाटशिला विद्युत आपूर्ति प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को सूचना दें. बारिश के दौरान बिजली लाइन, ट्रासंफॉर्मर व पोल आदि से दूर रहें. उक्त के संपर्क में आने से करंट इंसान के शरीर में प्रवाहित हो सकता है, क्योंकि बारिश में अर्थिंग मिलता है. बिजली लाइन या ट्रांसफॉर्मर से छेड़छाड़ नहीं करें. विद्युत लाइन के नीचे न बैठें न खड़े रहें. कहीं पर भी चिंगारी उठ रही हो या कोई तार टूट जाए या किसी पोल या अर्थिंग सेट में करंट आ रहा हो तो तुरंत संबंधित अभियंता या विद्युत उपकेन्द्र पर सूचना दें.

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कार्यपालक अभियंता का फोन नंबर : 

कार्यपालक अभियंता, विद्युत प्रमंडल, जमशेदपुर- 9431135915
कार्यपालक अभियंता, विद्युत प्रमंडल, मानगो- 9431135905
कार्यपालक अभियंता, विद्युत प्रमंडल, घाटशिला- 9431135917

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वज्रपात से बचाव के लिए क्या करें –

जब आप घर के भीतर हों

बिजली से संचालित उपकरणों से दूर रहें, तार वाले टेलीफोन का उपयोग न करें.
ऐसी वस्तुएं जो बिजली के सुचालक हैं, उनसे दूर रहे, धातु से बने पाइप, नल, फव्वारा, वॉशबेसिन आदि से दूर रहें.
कपड़े सुखाने के लिए तार का प्रयोग न कर जूट या सुत की रस्सी का प्रयोग करें.
जब आप खेल, खलिहान में काम कर रहे हैं
गीले खेतों में हल चलाते, रोपनी या अन्य कार्य कर रहे किसान तथा मजदूर या तालाब में कोई कार्य कर रहे व्यक्ति तुरंत सूखे या सुरक्षित स्थान पर जायें.
धातु से बने कृषि यंत्र या डंडा से अपने आप को दूर कर लें.
जब आप जंगल में हों
छोटे या घने पेड़ों की शरण में चले जायें.
जब आप घर के बाहर हों
ऊंचे वृक्ष बिजली को आकर्षित करते हैं, कृप्या उनके नीचे न खड़े रहें. समूह में न रहें बल्कि अलग-अलग हो जायें.
किसी पक्के मकान में आश्रय लेना बेहतर है. सफर के दौरान अपने वाहन में ही बने रहें. खुली छत वाले वाहन की सवारी न करें.
बाहर रहने पर धातु से बनी वस्तुओं का उपयोग न करें. बाईक, बिजली या टेलीफोन का खंभा, तार की बाड़, मशीन आदि से दूर रहें.
तालाब और जलाशयों से दूर रहें. यदि आप पानी के भीतर हैं अथवा किसी नाव में हैं तो तुरंत बाहर आ जाएं.
अगर किसी सुरक्षित स्थान पर शरण ले पाने में असमर्थ हों
जहां हैं वहीं रहें हो सके तो पैरों के नीचे सूखी चीजें जैसे लकड़ी, प्लास्टिक, बोरा या सूखे पत्ते रख लें.
जमीन पर बिल्कुल नहीं लेटें.
दोनों पैरों को आपस में सटा लें एवं दोनों हाथों को घुटनों पर रखकर अपने सिर को जमीन की तरफ यथोसंभव झुका लें तथा सिर को जमीन से न छूने दें.
वज्रपात का झटका लगने पर ये करें
वज्रपात के झटका लगने पर जरूरत के अनुसार व्यक्ति को सीपीआर यानी कृत्रिम श्वास देनी चाहिए. तत्काल प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करने की व्यवस्था करें. वज्रपात से प्रभावित व्यक्ति की सूचना अपने अंचलाधिकारी या जिले के जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी अथवा उपायुक्त को तत्काल दें.

बीमार रिश्तेदार से फोन पर हिन्दी में की बात, तो नौकरी से हुआ बर्खास्त, अदालत पहुंचा भारतीय इंजीनियर

अमेरिका में रह रहे भारतीय मूल के 78 वर्षीय इंजीनियर को नौकरी से सिर्फ इसलिए निकाल दिया गया, क्योंकि वह भारत में मरणासन्न अपने एक रिश्तेदार से वीडियो कॉल पर हिंदी में बात कर रहा था.

अमेरिकी मीडिया ने यह खबर देते हुए बताया कि अलाबामा में मिसाइल डिफेंस कॉन्ट्रैक्टर के साथ लंबे समय से अनिल वार्ष्णेय काम कर रहे थे और नौकरी से निकाले जाने के फैसले को उन्होंने अदालत में चुनौती दी है.

वार्ष्णेय हंट्सविली मिसाइल डिफेंस कांट्रैक्टर पार्सन्स कॉरपोरेशन में बतौर वरिष्ठ सिस्टम इंजीनियर काम करते थे. उन्होंने संघीय अदालत में दाखिल वाद में आरोप लगाया है कि उनके साथ व्यवस्थागत भेदभाव किया गया, जिसकी वजह से पिछले साल अक्टूबर में उन्हें बेरोजगार होना पड़ा.

‘मरने से पहले आखिरी बार बात करना चाहते थे रिश्तेदार’

एएल डॉट कॉम ने सोमवार को खबर दी कि श्वेत सहकर्मी ने वार्ष्णेय को भारत में मरणासन्न अपने रिश्तेदार से फोन पर हिंदी में बात करते हुए सुना. वार्ष्णेय को 26 सितंबर 2023 को ‘उनके मरणासन्न रिश्तेदार केसी गुप्ता का भारत से फोन आया जो अंतिम बार वार्ष्णेय से बात करना चाहते थे.

धनबाद में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का सपना टूटा, यहां की अत्याधुनिक मशीनें भेजी जायेंगी एम्स कल्याण व जबलपुर

शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) परिसर में बने सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के शुरू होने का सपना टूटता दिख रहा है. इस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए मंगायी गयीं मशीनें दूसरी जगह ले जाने की तैयारी है. अस्पताल के अब तक शुरू नहीं होने और इसके लिए चिकित्सक नहीं मिलने के कारण ऐसा निर्णय किया गया है. यहां अत्याधुनिक मशीनें उपलब्ध कराने वाली एजेंसी हाइट्स ने इस संबंध में मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को जानकारी दी है.

एजेंसी ने कहा है कि इस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के शुरू होने की संभावना नहीं दिख रही है. ऐसे में यहां रखे-रखें इन अत्याधुनिक मशीनों के खराब होने की संभावना है. इस वजह से मशीनों को दूसरी जगह भेजना आवश्यक है. जब सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल शुरू होगा, तो दूसरी मशीनें धनबाद के लिए मुहैया करायी जायेगी. याद रहे कि एसएनएमएमसीएच कैंपस में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनकर तैयार है, पर चिकित्सक नहीं मिलने के कारण इसे शुरू नहीं किया जा सका है. हाल ही में रांची में इसके लिए साक्षात्कार का आयोजन किया गया था, पर एक भी चिकित्सक उसमें शामिल होने नहीं आया.

187 करोड़ खर्च के बाद भी सुविधाएं मयस्सर नहीं

चार बार निकली वैकेंसी, पर नहीं मिले चिकित्सक : सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए चिकित्सक नहीं मिल रहे हैं. सरकार ने यहां चिकित्सकों के 94 पद स्वीकृत किये हैं. अब तक चार बार चिकित्सकों की बहाली के लिए वैकेंसी भी निकाली गयी, लेकिन साक्षात्कार के लिए एक भी डॉक्टर नहीं पहुंचा. इसके लिए एमसीएच और इससे समतुल्य पद के डॉक्टरों की बहाली होनी हैं. इसके अलावा प्रशिक्षित कर्मचारियों की भी बहाली होनी है. इसके लिए 300 से ज्यादा कर्मचारियों के पद सृजित किये गये हैं. पर तमाम कोशिशों के बाद भी कुछ नहीं हुआ.

  • 2012 में बनी थी कार्ययोजना
  • 2015 में राज्य व केंद्र सरकार के बीच एमओयू
  • 2016 में शुरू हुआ निर्माण कार्य
  • 2017 दिसंबर की जगह इस साल पूरा हुआ कार्य
  • 80 करोड़ रुपए भवन निर्माण पर खर्च
  • 87 करोड़ रुपये मशीन व उपकरण की खरीदारी पर खर्च
  • 25 एकड़ जमीन पर बना है अस्पताल
  • जमीन विवाद के कारण काम पर असर पड़ा, तो 2020 में कोरोना महामारी ने डाला व्यवधान

यह भी जानें

  • पीएसएसवाइ के तहत मिली राशि का 85% केंद्र सरकार व 15% राज्य सरकार ने किया वहन
  • केंद्र सरकार ने सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए 167 करोड़ रुपये आवंटित किये
  • अस्पताल की क्षमता 200 बेड की है. इसमें 160 जनरल और 40 आइसीयू बेड हैं
  • आठ माड्यूलर ऑपरेशन थियेटर अस्पताल में स्थापित किये गये हैं
  • अस्पताल में अलग से रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी की भी तैयारी है

इस कारण नहीं आना चाहते हैं चिकित्सक

एयरपोर्ट नहीं होना : धनबाद में एयरपोर्ट नहीं होना सुपर स्पेशियलिटी के लिए ग्रहण साबित हो रहा है. एयरपोर्ट नहीं होने के कारण बाहर के चिकित्सक धनबाद आना नहीं चाहते हैं. धनबाद के चिकित्सक भी इस बात को मानते हैं.

सुरक्षा की गारंटी नहीं : सुरक्षा को लेकर भी चिकित्सक धनबाद आने से परहेज करते हैं. हाल के कुछ वर्षों में यहां चिकित्सकों पर हमले तेज हुए हैं. यहां के चिकित्सक गैंस्टरों की रडार पर हैं. चिकित्सकों से रंगदारी मांगने की बात भी सामने आ चुकी है. यही वजह है कि सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलने के कारण बाहर के चिकित्सक धनबाद आने से परहेज कर रहे हैं.

मंगवाई गयी हैं 87 करोड़ की मशीनें

बता दें कि सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए लगभग 87 करोड़ रुपये की लागत से मशीनें मंगवायी गयीं हैं. इनमें से कई मशीनों को एजेंसी ने इंस्टॉल भी कर दिया गया है. मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के अनुसार यहां लगने वाली सभी मशीनें अत्याधुनिक हैं.

एजेंसी हाइट्स ने कही मशीनें शिफ्ट करने की बात

मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के अनुसार सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए मशीनें उपलब्ध कराने वाली एजेंसी हाइट्स ने यहां की मशीनों को एम्स, कल्याणपुर व जबलपुर शिफ्ट करने की बात कही है.

पहले ही छीना जा चुका है एम्स

धनबाद में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बदहाल है. यहां एकमात्र सरकारी अस्पताल एसएनएमएमसीएच है. इस अस्पताल में अभी भी कॉर्डियोलॉजी, नेफरोलॉजी, न्यूरोलॉजी जैसी बीमारियों के उपचार की व्यवस्था नहीं है. यहां बीच में एम्स लाने की बात हुई थी. प्रस्ताव भी बना था. लेकिन, एम्स का निर्माण देवघर में हो गया. उसके विकल्प के रूप में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को पेश किया जा रहा था. लेकिन अब इस पर भी ग्रहण लग रहा है.डॉ ज्योति रंजन प्रसाद, प्राचार्य, एसएनएमएमसीएच, धनबादसुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए मशीन मुहैया कराने वाली एजेंसी हाइट्स ने मशीनों को दूसरी जगह शिफ्ट करने संबंधित जानकारी दी है. हालांकि, अबतक मशीनों को दूसरी जगह शिफ्ट करने संबंधित कोई लिखित निर्देश केंद्रीय स्वास्थ्य मुख्यालय से प्राप्त नहीं हुआ है. मुख्यालय से जैसा निर्देश मिलेगा, उसी मुताबिक कार्य किया जायेगा.

300 तरह की दवाओं पर बार कोड लगाना हुआ अनिवार्य, सार्वजनिक करनी होगी ये जानकारी

नकली दवाओं पर लगाम लगाने के लिए भारत के शीर्ष दवा नियामक ने मंगलवार से शीर्ष 300 दवा ब्रांडों जिनमें एलेग्रा, शेल्कल, कैलपोल, डोलो और मेफ्टल स्पा जैसी दवाएं शामिल हैं, उनपर बार कोड या क्यूआर कोड लगाने के नियम को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है।

भारतीय औषधि नियंत्रण जनरल (डीसीजीआई) ने फार्मा कंपनियों को नई व्यवस्था का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है और ऐसा नहीं करने पर उन पर कठोर जुर्माना लगाया जाएगा। भारत के शीर्ष दवा नियामक ने फार्मा निकाय संघों को सलाह दी है कि वे अपनी सदस्य कंपनियों को नए नियम का पालन करने की सलाह दें।

नियामक के अनुसार यूनिक प्रोडक्ट आइडेंटिफिकेशन कोड में उचित जेनरिक नाम के अलावे ब्रांड नेम, दवा बनाने वाली कंपनी का नाम और पता, बैच नंबर, विनिर्माण की तारीख, एक्सपायरी की तारीख और विनिर्माण का लाइसेंस नंबर जैसी सभी जानकारी उपलब्ध रहनी चाहिए।

300 ब्रांडों पर 1 अगस्त 2023 से क्यूआर कोड प्रिंट करना या चिपकाना अनिवार्य

अधिसूचना के अनुसार निर्दिष्ट दवा फॉर्मूलेशन के ब्रांडों के किसी भी बैच को जो 1 अगस्त 2023 को या उसके बाद बना होगा, चाहे वह किसी भी विनिर्माण स्थल पर बना हो उसके लेबल पर बारकोड या क्यूआर कोड होना जरूरी है। दवा फॉर्मूलेशन के 300 ब्रांडों पर क्यूआर कोड प्रिंट करना/चिपकाना अनिवार्य है।

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने दवा निर्माताओं को भेजे पत्र में कहा, ‘हालांकि, अगर कोई निर्माता स्वेच्छा से किसी अन्य ब्रांड के लिए बार कोड या क्यूआर कोड चिपकाना चाहता है या प्रिंट करना चाहता है, तो वह ऐसा करने के लिए स्वतंत्र है। बयान में कहा गया है, “यह नियम उन सभी स्वदेशी और विदेशी विनिर्माताओं पर लागू होगा जो देश में विपणन के लिए इन ब्रांडों के दवा फार्मूलेशन का विनिर्माण कर रहे हैं।”

झारखंड के इन जिलों में दो दिन तक होगी बहुत भारी बारिश, ऑरेंज अलर्ट जारी

झारखंड में मानसून सक्रिय है. पिछले 24 घंटे में राज्य में लगभग सभी स्थानों पर हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश हुई. कहीं-कहीं भारी और बहुत भारी बारिश हुई. जबकि एक-दो स्थानों पर अति भारी बारिश दर्ज की गई. राज्य में मानसून गतिविधि सक्रिय रही.

सबसे अधिक वर्षा 212.4 मीमी पाकरटंड सिमडेगा में दर्ज किया गया. सबसे अधिक उच्चतम तापमान 37 जिग्री सेसि गोड्डा में जबकि सबसे न्यूनतम तापमान 22.3 डिग्री रांची में दर्ज किया गया. आज भी राज्य के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है. वहीं, 1 अगस्त को पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और सिमडेगा में और 2 अगस्त को गुमला, सिमडेगा व लोहरदगा में बहुत भारी बारिश की संभावना है. इसे लेकर विभाग ने इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.

मौसम विभाग का पूर्नुमान:

  • 1 और 2 अगस्त राज्य के लगभग सभी जिलों में हल्क से मध्यम दर्जे की बारिश के आसार हैं.
  • 1 अगस्त को राज्य के पश्चिमी (गढ़वा, लातेहार, गुमला सिमडेगा) और निकटवर्ती मध्य भागों (पलामू, लातेहार, लोहरदगा व खूंटी) में कहीं कहीं भारी बारिश की संभावना है.
  • 2 अगस्त को राज्य के दक्षिणी भागों (पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और सिमडेगा) और पश्चिमी भागों (गढ़वा, लातेहार, गुमला सिमडेगा) में कहीं कहीं भारी बारिश की संभावना है.
  • 1 अगस्त को पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और सिमडेगा में बहुत भारी बारिश की संभावना है.
  • 2 अगस्त को गुमला, सिमडेगा और लोहरदगा में बहुत भारी बारिश की संभावना है
  • 3 अगस्त तक इस दौरान कहीं-कहीं गर्जन और वज्रपात की भी आशंका है.

3 अगस्त तक येलो अलर्ट जारी

वज्रपात की आशंका देखते हुए मौसम विभाग ने 3 अगस्त तक येलो अलर्ट जारी कर लोगों को सावधान किया है. विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे इस मौसम में वे सुरक्षित स्थान पर ही शरण लें. भूलकर भी बारिश से बचने के लिए पेड़ों के नीचे ना रहें और बिजली के पोल से दूर रहें. विभाग ने किसानों से भी खास अपील की है कि वे खेतों में तब तक ना जाएं जब तक मौसम सामान्य नहीं हो जाता.

अभी क्या है मानसून की स्थिति

अभी, बंगाल की उत्तरी खाड़ी के ऊपर बना दबाव 25 किमी प्रति घंटे की गति से उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ गया, गहरे दबाव में बदल गया और आज सुबह 08.30 बजे IST, 21.2 डिग्री उत्तर और देशांतर 91.2 डिग्री पूर्व, खेपुपारा (बांग्लादेश) से लगभग 160 किमी पूर्व दक्षिण-पूर्व और 420 पर केंद्रित है, दीघा (पश्चिम बंगाल) से किमी पूर्व, इसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और आज, 1 अगस्त की शाम तक खेपुपारा के पूर्व के करीब बांग्लादेश तट को पार करने की संभावना है. इसके बाद, अगले 24 घंटों के दौरान इसके गंगटिकपश्चिम बंगाल में पश्चिम उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है. मानसून का पश्चिमी छोर घास के मैदान के समुद्र तल से हिमालय की तलहटी के करीब चला है और पूर्वी छोर अब गोरखपुर, पटना, श्रीनिकेतन कैनिंग से होकर गुजरा है और वहां से पूर्व दक्षिणपूर्व की ओर बांग्लादेश तट से दूर बंगाल की पूर्वोत्तर खाड़ी पर गहरे दबाव के केंद्र तक पहुंचा है.

झारखंड में अब भी 49 प्रतिशत कम बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, झारखंड में अब भी 44 प्रतिशत कम बारिश हुई है. एक जून से एक अगस्त तक 291.3 मिमी ही बारिश हुई है. जबकि, इस समय सामान्य बारिश रिकॉर्ड 517 मिमी है. झारखंड के 24 जिलों में चतरा जिला में सबसे कम बारिश हुई है. यहां अब भी 70 प्रतिशत बारिश कम हुई है. जबकि, सबसे अधिक बारिश साहिबगंज में हुई है. हालांकि, वह भी सामान्य से कम ही है. साहिबगंज में सामान्य से 10 प्रतिशत कम बारिश हुई है. हालांकि, बीते एक-दो दिन से मानसून सक्रिय रहने के कारण बारिश की कमी थोड़ी कम हुई है, लेकिन इससे यह नहीं कहा जा सकता कि किसानों की समस्या दूर हो जाएगी. उम्मीद की जा रही है कि झारखंड में मानसून सक्रिय रहने से बारिश की कमी दूर हो जाएगी.

मौसम विभाग ने 1 जून 2023 से 1 अगस्त 2023 तक हुई बारिश के आंकड़े जारी किये हैं. नीचे दिए चार्ट में आप देख सकते हैं कि अब तक झारखंड के किस जिले में कितनी बारिश हुई है-

बैंकों में लौट आए 2,000 रुपये के 88 फीसदी नोट, चलन में थे 3.56 लाख करोड़ रुपये मूल्य के नोट

भारतीय रिजर्व बैंक ने मंगलवार को कहा कि 2,000 रुपये मूल्य के करीब 88 फीसदी नोट 31 जुलाई तक बैंकों में वापस आ चुके हैं. रिजर्व बैंक ने एक बयान में कहा कि बैंकों से मिली सूचनाओं से पता चलता है कि 31 जुलाई तक 2,000 रुपये के कुल 3.14 लाख करोड़ रुपये मूल्य के नोट चलन से वापस आ चुके हैं.

बता दें, RBI ने 19 मई को 2,000 रुपये मूल्य के नोट को चलन से बाहर करने की घोषणा की थी. इसके लिए उपभोक्ताओं को 30 सितंबर तक ये नोट बैंकों में जमा करने या वहां पर बदलने की सुविधा दी गई है. इसी क्रम में 31 जुलाई तक 3.14 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 2,000 रुपये के नोट बैंकों में वापस आ चुके हैं. अब 2,000 रुपये के सिर्फ 42,000 करोड़ रुपये मूल्य के नोट ही चलन में मौजूद हैं.

RBI ने जब इन नोटों को चलन से हटाने की घोषणा की थी, तब 3.56 लाख करोड़ रुपये मूल्य के नोट चलन में मौजूद थे. गत 31 मार्च को इन नोटों का मूल्य 3.62 लाख करोड़ रुपये था. RBI ने कहा कि बैंकिंग प्रणाली में लौटकर आने वाले 2,000 रुपये के नोट में से करीब 87 फीसदी नोट बैंकों में जमा के रूप में आए हैं जबकि 13 फीसदी नोट अन्य मूल्यों के नोट से बदले गए हैं.

केंद्रीय बैंक ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे किसी भी तरह की असुविधा से बचने के लिए अपने पास मौजूद 2,000 रुपये मूल्य के नोट सितंबर तक बैंकों में जाकर जमा कर दें या उन्हें दूसरे नोट से बदल लें.

8 जून तक 50 फीसदी नोट हुए थे वापसइससे पहले, आठ जून को मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद में दास ने कहा था कि 1.8 लाख करोड़ रुपये के 2,000 रुपये के नोट वापस आ गये हैं. यह चलन में मौजूदा 2,000 रुपये के कुल नोट का लगभग 50 फीसदी था. इसमें मोटे तौर पर 85 फीसदी बैंक शाखाओं में जमा हुए हैं जबकि अन्य को दूसरे मूल्य के नोट से बदला गया. गौरतलब है कि RBI ने 19 मई को 2,000 रुपये के नोट को चलन से बाहर करने फैसला लिया था. हालांकि, सेंट्रल बैंक ने कहा था कि ये नोट मार्केट में अभी चलन में बने रहेंगे, लेकिन बैंक अब 2,000 रुपये के नए नोट ग्राहकों को नहीं देंगे. 23 मई से बैंकों में इन नोटों के बदलने की प्रक्रिया शुरू हुई थी. 

इंग्लैंड ने बचाई लाज, पांचवें टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को दी मात,स्टुअर्ट ब्रॉड की विजयी विदाई

इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने द ओवल मैदान पर खेले गए एशेज सीरीज के पांचवें और आखिरी टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया को 49 रनों से हरा दिया. इसी के साथ पांच मैचों की सीरीज 2-2 से बराबरी पर खत्म हुई. ऑस्ट्रेलियाई टीम हालांकि एशेज की ट्रॉफी अपने पास रखने में सफल रही है क्योंकि वह पिछली एशेज सीरीज जीती थी.

इंग्लैंड ने इस मैच में ऑस्ट्रेलिया के सामने 384 रनों का टारगेट रखा था लेकिन मेहमान टीम पांचवें और आखिरी दिन सोमवार को अपनी दूसरी पारी में 49 रनों पर ढेर हो गई. इसी के साथ इंग्लैंड ने स्टुअर्ट ब्रॉड को विजयी विदाई दी है.ब्रॉड ने बता दिया था कि ये उनके इंटरनेशनल करियर का आखिरी मैच है.

ऑस्ट्रेलिया ने शुरुआती दो टेस्ट मैच जीत सीरीज में 2-0 की बढ़त ले थी. फिर लीड्स में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में इंग्लैंड ने जीत हासिल की थी.चौथा टेस्ट मैच ड्रॉ रहा था. पांचवें टेस्ट मैच में इंग्लैंड की कोशिश थी कि वह ये मैच जीत अपने घर में अपनी साख बचाए जिसमें वह सफल रही.

जल्दी लौटे वॉर्नर-ख्वाजा

ऑस्ट्रेलिया ने पांचवें दिन की शुरुआत आठ विकेट के नुकसान पर 135 रनों के साथ की. डेविड वॉर्नर ने 58 और उस्मान ख्वाजा ने 69 रनों से आगे अपनी पारियां बढ़ाईं. टीम के खाते में महज पांच रन ही जुड़े थे कि वॉर्नर आउट हो गए. उन्होंने 106 गेंदों पर नौ चौकों की मदद से 60 रनों की पारी खेली. 141 के कुल स्कोर पर ख्वाजा भी पवेलियन लौट लिए. इन दोनों बल्लेबाजों को क्रिस वोक्स ने अपना शिकार बनाया. मार्नस लाबुशेन एक बार फिर फेल हुए और 13 रन बनाकर मार्क वुड का शिकार बने.

स्मिथ और हेड ने संभाला

ऑस्ट्रेलियाई टीम ने तीन विकेट जल्दी खो दिए थे. फिर स्टीव स्मिथ और ट्रेविस ने साझेदारी करते हुए टीम को संभाला. इन दोनों ने चौथे विकेट के लिए 95 रनों की साझेदारी की. इस बीच इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने एक बड़ी गलती कर स्मिथ को जीवनदान दे दिया. मोईन अली की गेंद पर स्मिथ का कैच लेग स्लिप पर खड़े स्टोक्स के हाथों में गया जिन्होंने कैच तो पकड़ लिया लेकिन तुरंत गेंद को छोड़ भी दिया. चूंकि ये कैच पूरा नहीं हो पाया था इसलिए स्मिथ को आउट नहीं दिया गया.

अली ने हेड को अर्धशतक नहीं बनाने दिया. वह 70 गेंदों पर 43 रन बनाकर आउट हो गए. वोक्स ने फिर स्मिथ को पवेलियन की राह दिखाई. स्मिथ का विकेट 274 के कुल स्कोर पर गिरा. स्मिथ ने 94 गेंदों पर नौ चौकों की मदद से 54 रन बनाए.

ऑस्ट्रेलियाई ने लड़ी लड़ाई

यहां से ऑस्ट्रेलियाई टीम ने लड़ाई लड़ी लेकिन जीत हासिल नहीं कर सकी. मिचेल मार्श 274 के कुल स्कोर पर ही ऑस्ट्रेलिया के छठे विकेट के रूप में आउट हुए. एक रन बाद मिचेल स्टार्क भी पवेलियन लौट लिए. मार्श ने छह रन बनाए तो स्टार्क खाता तक नहीं खोल पाए.कप्तान पैट कमिंस 294 के कुल स्कोर पर अली का शिकार बने. इसके बाद इंग्लैंड को दो विकेट चाहिए थे और अपना आखिरी मैच खेल रहे ब्रॉड ने पहले टॉड मर्फी और फिर एलेक्स कैरी को पवेलियन भेज ऑस्ट्रेलियाई पारी का अंत कर दिया. ब्रॉड ने दूसरी पारी में दो और पहली पारी में भी दो विकेट लिए थे.

टेल्को ग्वाला बस्ती में 36 घरों को तोड़ने की धमकी, टाटा स्टील के खिलाफ प्रदर्शन

तार कंपनी के पास टेल्को ग्वाला बस्ती, गायत्री नगर में टाटा स्टील की ओर से एक घर को 4 अगस्त को कर्मचारियों द्वारा तोड़ने की चेतावनी के खिलाफ रविवार को बस्ती के लोगों ने जुलूस निकाला।

उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर घर को तोड़ने का प्रयास हुआ तो उग्र विरोध किया जाएगा। उनका आरोप है कि बिना किसी नोटिस के लीज मुक्त हो चुकी जमीन पर बने घर को तोड़ने की कोशिश की गई, जो असहनीय है।
बस्तीवासियों ने बताया कि चार दिन पूर्व करीब तीन बजे एक मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में टाटा स्टील के सिक्योरिटी गार्ड जेसीबी लेकर पहुंचे और सौरभ कुमार पांडेय, शैल पांडेय के घर को तोड़ने लगे। परंतु शिव चर्चा में पहुंची महिलाएं वहां पहुंच गईं और घर तोड़ने का जोरदार विरोध किया, जिसके कारण सीढ़ी तोड़कर ही कार्रवाई रुक गई। हालांकि, उन्होंने घर को खाली करवाकर उसे सील कर दिया। साथ ही, वहां पहुंचे लोगों ने धमकी दी कि वे 4 अगस्त को आएंगे तो और 36 घरों को तोड़ेंगे।

इसी धमकी के खिलाफ रविवार को बस्ती के सामुदायिक भवन में पहले बैठक की गई और फिर ग्वाला बस्ती चौक, नीलडीह गोलचक्कर, ट्यूब मेकर्स क्लब होते बस्ती के बड़ा हनुमान मंदिर पहुंचकर जुलूस संपन्न हो गया। जुलूस सामूहिक नेतृत्व में निकाला गया, जिसमें महिलाओं की भी अच्छी खासी भागीदारी थी।

43 साल पहले खरीदी थी जमीन : सौरभ

जिस घर को तोड़ने का प्रयास हुआ, उसमें रहने वाले सौरभ कुमार पांडेय का कहना है कि जिस जमीन पर उनका घर है उसे 1980 में उनकी नानी ने तफजुल हुसैन से खरीदी थी। 10 दिसंबर 2012 को नानी ने उन्हें तोहफे में पावर ऑफ अर्टानी दी थी। वे उस जमीन का रेंट, बिजली और पानी 43 वर्षों से चुकाते आ रहे हैं। इसकी रसीद उनके पास है। इसके बावजूद टाटा स्टील के लैंड विभाग के द्वारा उन्हें बेघर किया जा रहा है।

दूसरी ओर, बस्ती वासियों का कहना है कि यह जमीन लीज की शिड्यूल 6 की है, जिसे 2005 के लीज नवीकरण के समय लीज से बाहर कर दिया गया था। ऐसे में इस जमीन पर कोई केस कैसे चल सकता है। और केस की कोई जानकारी भी किसी को नहीं है।

सावन की चौथी सोमवारी पर पहाड़ी बाबा की 101 दीयों से भव्य महाआरती, श्रद्धालुओं के बीच खीर महाप्रसाद का वितरण

सावन मास की चौथी सोमवारी को रांची के सुप्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर के मुख्य द्वार पर रांची शहर के धार्मिक और सामाजिक संगठनों द्वारा पहाड़ी बाबा की 101 दीयों और फूलों से भव्य महाआरती की गयी.

बोल बम के जयघोष से पूरा इलाका गूंज रहा था. भगवान शिव के भक्ति गीतों पर श्रद्धालु झूम रहे थे. माहौल ऐसा था मानो भक्ति की बयार बह रही हो. भक्त हर-हर महादेव और पहाड़ी बाबा का जयघोष कर रहे थे. भव्य महाआरती के बाद खीर प्रसाद का वितरण किया गया. आज की महाआरती में मुख्य रूप से भारतेंदु कुमार, डॉ मुकेश सिंह, उज्जवल कुमार सिन्हा, सचिन कुमार, शेरू सिंह, शैलेश्वर दयाल सिंह, बंटी सिंह, जितेन्द्र सिंह उपस्थित थे. आपको बता दें कि सावन की पहली सोमवारी से बाबा की भव्य महाआरती की जा रही है. आठों सोमवारी को पहाड़ी बाबा की भव्य महाआरती की जाएगी.

भक्तों के बीच खीर महाप्रसाद का वितरण

पहाड़ी बाबा की भव्य महाआरती के बाद बोल बम के जयघोष से पूरा पहाड़ी परिसर गुंजायमान हो गया. उसके बाद सैकड़ों भक्तों के बीच खीर महाप्रसाद का वितरण किया गया. अब अगली सोमवारी को धुनों से संध्या महाआरती की जाएगी. फूलों से की गयी संध्या महाआरती में सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष उपस्थित थे. इसके साथ ही बाबा भोलेनाथ के गीतों पर सभी भक्तगण झूम रहे थे. श्रद्धालुओं ने पहाड़ी बाबा को नमन करते हुए बाबा से प्रार्थना की कि पूरे भारत में सुख, शांति और समृद्धि हो.

इनका रहा विशेष योगदान

संध्या महाआरती में विशेष रूप से इनका योगदान रहा. नन्द किशोर सिंह चंदेल, बबन सिंह राठौड़, अजय सिंह, अमन वर्मा, विनय सिंह, सुनील यादव, दीपक, बंटी यादव, शुभाशीष चटर्जी, अशोक यादव, शुभम चौधरी, सुधांशु सिंह राजपूत, बीरेंद्र प्रसाद, राखी कौर, गिरिजा शंकर पेड़ीवाल, शुभम चौधरी, विकास सिंह, अमित सिंह चंदेल, टीके मुखर्जी, रॉनित साहू, कैलाशी, अरविंद सिंह कौशल, हर्ष कुमार सिन्हा.

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