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एक नई सोच, एक नई धारा

डीएसपी अजीत कुमार सिन्हा का असमय निधन, सीने में उठा था दर्द, सदमे में झारखंड पुलिस

झारखंड रखंड पुलिस के एक कुशल ऑफिसर को महकमे ने असमय खो दिया. डीएसपी अजीत कुमार के असमय निधन से पुलिस महकमा शोक में है. शनिवार देर रात दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया.

रांचीः झारखंड पुलिस को एक बड़ा सदमा लगा है.

2013 बैच के डीएसपी अजीत कुमार सिन्हा की शनिवार देर रात आकस्मिक मृत्यु हो गई है. उनके असमय निधन से पुलिस महकमे में शोक की लहर है.

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लीवर की बीमारी से जूझ रहे थे डीएसपीः अजीत कुमार सिन्हा लीवर की समस्या से ग्रसित थे. उनका इलाज रांची और हैदराबाद में भी चला. लेकिन तबीयत खराब होने के कारण दो दिनों से ड्यूटी भी नहीं जा रहे थे. शनिवार की रात उनके सीने में दर्द उठा था. जानकारी मिलने पर उनके परिजन आनन फानन में सदर अस्पताल लेकर पहुंचे. लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. उनकी असमय मृत्यु से झारखंड पुलिस के लोग सदमे में है. जानकारी के मुताबिक खानपान के बाबत डीएसपी अजीत को किसी तरह की बुरी आदत नहीं थी. कार्डियक अरेस्ट की वजह से मृत्यु की संभावना जताई जा रही है.

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बता दें कि अजीत कुमार सिन्हा झारखंड पुलिस अकादमी हजारीबाग में सेवा दे रहे थे. इसके पहले वे पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास की सुरक्षा में भी शामिल रह चुके हैं. वह रांची में भी सेवा दे चुके हैं. उनके बारे में कहा जाता है कि अजीत कुमार सिन्हा बहुत ही नम्र और अच्छे व्यवहार के कारण आम लोगों के बीच बहुत चर्चित थे. अजीत कुमार सिन्हा तीन भाई हैं, बड़े भाई अंतु कुमार सिन्हा कॉमर्स के शिक्षक हैं. वहीं छोटे भाई अनंत कुमार धनबाद में नौकरी करते हैं. अजीत कुमार सिन्हा के पिता राजेंद्र प्रसाद अधिवक्ता हैं और मां गृहिणी, उनकी दो बहनों की शादी हो चुकी है. अजीत कुमार सिन्हा का 6 साल का बेटा है जिसका नाम आरंभ है.

नगर निगम की कबाड़ में पड़े हैं स्‍वतंत्रता सेनानियों के शिलापट्ट, दुर्गति देखकर आंखों से निकल आएंगे आंसू

देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है और रांची के स्वतंत्रता सेनानियों के नामों का शिलापट्ट कबाड़ में है। जी हां, यह हकीकत है। हमारे अधिकारी जिस ऊंची कुर्सी पर बैठे हैं, उन्हें यह कुर्सी इन्हीं स्वतंत्रता सेनानियों की बदौलत मिली है, लेकिन हमारे अंदर उनके प्रति थोड़ी भी सम्मान-आदर नहीं है।

स्वतंत्रता सेनानियों के नामों की दुर्गति देखकर आंसू आ जाएंगे। अपर बाजार के नगर निगम परिसर में ये शिलापट्ट कबाड़ में पड़े हैं। कोई भी शिलापट्ट अब पूर्ण नहीं है। कहीं न कहीं से खंडित हो चुका है और खोदे गए नाम भी अब बहुत मुश्किल से ही पढ़े जा रहे हैं।

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ज्ञात हो कि देश की आजादी के जब 25 साल हुए थे तो स्वतंत्रता सेनानियों को ताम्रपत्र दिया गया था। उसी समय हर शहर में स्वतंत्रता सेनानियों के नामों के शिलापट्ट बने थे और उन्हें यथा स्थान स्थापित किया गया था ताकि शहर अपने नायकों के बारे में जान सके। पर, अधिकारियों की उदासीनता के कारण इन्हें कबाड़ ही नसीब हुआ है।

दो शिलापट्ट पर संविधान की प्रस्तावना

यहां करीब चार फीट के दो शिलापट्ट है। ऊपर का शिखर टूट गया है। वह जमीन पर पड़ा है। सबसे ऊपर तीन पंक्तियों में लिखा गया है-भारत की आजादी के 25 वर्ष पूरे होने पर राष्ट्र की ओर से भारत सरकार द्वारा स्थापित। 15 अगस्त 1972 ई से 14 अगस्त 1973 ई। उसके नीचे मोटे अक्षरों में भारत के संविधान की प्रस्तावना। उसके बाद-हम भारत के लोग-फिर न्याय, स्वतंत्रता, समात, बंधुता की जानकारी दी गई।

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तीन शिलापट्ट पर स्वतंत्रता सेनानियों के नाम

यहां तीन शिलापट्ट हैं। ये भी खंडित हैं। एक शिलापट्ट पर तीन लोगों के नाम हैं-इनमें महादेव साहु, सोभा भगत और जोहन मिश्र का नाम है। ये सभी रांची जिले के प्रखंड चान्हों के हैं। ऊपर लिखा हुआ है। दूसरे शिलापट्ट पर सिर्फ एक नाम है-रामरक्षा ब्रह्मचारी का। एक तीसरा शिलापट्ट है, जिस पर पांच लोगों का नाम अंकित किया है।

इस पर भी किसी प्रखंड का नाम है, शायद बुंडू, पर स्पष्ट नहीं है। यहां स्वतंत्रता सेनानियों के तीन नाम भी पढ़ना मुश्किल है। दो नामों में हैं-शनिचरवा उरांव, नान्दी साहू।

बाकी तीन नाम भी भगत हैं। यानी ये टाना भगत हैं, जिन्होंने 1942 की क्रांति में बढ़-चढ़कर भाग लिया था। यह दसियों साल से यहीं पड़ा है। गर्मी-बरसात झेलता और मिटता हुआ। कुछ दिनों बाद ये बचे नाम भी मिट जाएंगे।

हमें इसकी जानकारी नहीं है। देखते हैं। उन्हें सही जगह स्थापित करने का प्रयास करते हैं। ये हमारे लिए गौरव की बात है।

झारखंड में गुरुओं का बड़ा फर्जीवाड़ा, सरकार के ऑनलाइन अटेंडेंस ऐप में लगा दिया सेंध

में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों का फर्जीवाड़ा सामने आया है. करीब एक हजार शिक्षकों ने एप में छेड़छाड़ कर फर्जी तरीके से अटेंडेंस बनाया है. शिक्षा विभाग ने जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं.

रांची: झारखंड के सरकारी स्कूलों के शिक्षक ऑनलाइन अटेंडेंस बनाने के सिस्टम में सेंध लगा रहे हैं. ऐसे करीब 1,000 शिक्षक हैं, जो बगैर स्कूल गए अटेंडेंस बना रहे हैं. इसके लिए वे कभी फर्जी जीपीएस लोकेशन क्रिएट कर लेते हैं तो कभी डेट और टाइम की सेटिंग चेंज कर बैक डेट की हाजिरी भी बना लेते हैं.

सरकार को महीनों बाद गुरुओं के इस फर्जीवाड़े का पता चला है. उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी चल रही है. विभाग की जांच में ऐसे 992 शिक्षक चिन्हित किए गए हैं, जो फर्जी लोकेशन से हाजिरी बनाकर ऑनलाइन अटेंडेंस ऐप की आंखों में धूल झोंक रहे हैं. शिक्षा विभाग को इनकी गतिविधियों पर शक हुआ है, इसके बाद अब मामले की जांच के निर्देश दिये गये हैं.

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दरअसल, ये शिक्षक लगभग दो महीने से अपने लोकेशन से इधर-उधर हुए बिना अपनी हाजिरी बना रहे हैं. ऐसे शिक्षकों को विभाग ने चिन्हित कर लिया है. शिक्षा सचिव ने इसे लेकर विभिन्न जिलों को निर्देश दिया है. जिलों को भेजे गये पत्र में कहा गया है कि विभिन्न स्रोतों से प्राप्त जानकारी और राज्य स्तर पर की गयी समीक्षा में पाया गया है कि जीपीएस और समय तथा तिथि में बदलाव कर उपस्थिति दर्ज करायी जा रही है.

यह दंडनीय अपराध है. सभी जिलों को ऐसे शिक्षकों की सूची दी गयी है. इनकी जांच करने का भी निर्देश दिया गया है. डीइओ और डीएसई को स्वयं या अपने अधीनस्थ पदाधिकारी से मामले की जांच कराने को कहा गया है. शिक्षक के दोषी पाये जाने पर कार्रवाई कर जानकारी देने का भी निर्देश दिया गया है.

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गौरतलब है कि सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को ई-विद्यावाहिनी ऐप के जरिये ऑनलाइन उपस्थिति बनाना अनिवार्य है. इसके लिए एक जीपीएस सिस्टम लगा है, जिसके तहत स्कूल के 100 मीटर के दायरे में रहकर हाजिरी बनानी है. लेकिन, शिक्षक दूसरी जगहों से भी उपस्थिति बना रहे हैं.

गलत ढंग से उपस्थिति बनाने वाले सबसे अधिक 214 शिक्षक पलामू जिले के हैं. शिक्षा विभाग के विश्लेषण में इसका खुलासा हुआ है कि शिक्षक लोकेशन चेंजर ऐप के सहयोग से लोकेशन बदलकर हाजिरी बना रहे हैं. इससे स्कूल से 100 मीटर से अधिक दूरी होने पर भी शिक्षकों की हाजिरी बन जा रही है.

झामुमो और बीजेपी में श्रेय लेने की होड़, विधायक ने आठ लेन सड़क का उद्घाटन किया; तिलका मांझी रखा नाम

धनबाद में आठ लेन सड़क के निर्माण का श्रेय लेने के लिए झामुमो और भाजपा में होड़ मची है। सड़क का निर्माण अभी पूरा भी नहीं हुआ है लेकिन उससे पहले ही टुंडी विधायक मथुरा महतो ने इसका नामकरण स्वतंत्रता सेनानी तिलका मांझी के नाम पर कर दिया।

दूसरी ओर भाजपा नेता और पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल ने कहा कि तिलका मांझी के नाम पर आठ लेन सड़क का नाम रखने से उन्हें कोई एतराज नहीं है, लेकिन झामुमो नेता अपनी सरकार में एक सड़क बनवा कर उसका नाम रखते तो अच्छा लगता।

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कतरास के काको मोड़ से धनबाद गोल बिल्डिंग तक झारखंड की पहली आठ लेन सड़क का नाम बाबा तिलका मांझी के नाम पर रखते हुए बोर्ड का उदघाटन शुक्रवार को टुंडी विधायक सह सत्तारूढ़ दल के सचेतक मथुरा प्रसाद महतो ने किया। मौके पर विधायक मथुरा ने आठ लेन सड़क के नामकरण की घोषणा करते हुए कहा कि अब बाबा तिलका मांझी के नाम से यह सड़क जानी जाएगी। इस सड़क में कोई भी काम होगा तो अब बाबा तिलका मांझी के नाम से होगा। इससे पूर्व विधायक ने बाबा तिलका मांझी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।

मौके पर झामुमो नेता अमितेश सहाय, झारखंड आवास बोर्ड के सदस्य पवन महतो, राजेन्द्र प्रसाद राजा, कंचन महतो, प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष विकास तिवारी, प्रेमा पांडे, नवल किशोर केवट, बसंत महतो, विनय तिवारी, प्रफुल्ल मंडल, परवेज इकबाल, नरेश मंडल, साधु मंडल, गोपाल महतो, धर्मेंद्र सिंह, दिलीप महतो, नंदलाल रवानी, सुरेश महतो, शिबू मांझी, सूरज चौहान, शंकर रजवार, प्रभु दयाल महतो, नुनूचंद्र महतो, भरत महतो, राजू तिवारी, राजेश महतो आदि थे।

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कैबिनेट ही बदल सकता है सड़क का नाम चंद्रशेखर

पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल ने कहा कि आठ लेन सड़क का नाम रघुवर दास की सरकार में कैबिनेट ने स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखने का निर्णय लिया था। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी तिलका मांझी के नाम पर सड़क का नाम रखने से उन्हें कोई एतराज नहीं है। वह भी झारखंड के एक वीर योद्धा थे, लेकिन कैबिनेट के निर्णय को कैबिनेट बदल सकता है। विधायक मथुरा महतो अभी सरकार में शामिल हैं, उन्हें चाहिए कि कैबिनेट से इसका नाम तिलका मांझी के नाम पर करा दें। पूर्व मेयर ने झामुमो नेताओं पर पलटवार करते हुए कहा कि रघुवर दास की सरकार द्वारा बनाई गई सड़क का नाम रखकर झामुमो नेता इसका श्रेय लेने का प्रयास कर रहे हैं।

‘कमजोर मंत्री समझते हैं हमको? 82 KG वजन है हमारा, भारी कार्रवाई होगी’, ‘मुर्दों’ के इलाज पर बोले हेल्थ मिनिस्टर

झारखंड में मुर्दों का इलाज हो जाता है, मुर्दे राशन खा जाते हैं और तो और गूंगे गाना गाते हैं और लंगड़े यानी दिव्यांग साइकिल चला लेते हैं. आप समझ सकते हैं कि कैसे यहां फर्जीवाड़ा और भ्रष्टचार का खुला खेल होता है.

ताजा मामला स्वास्थ्य विभाग से आया है, जहां सीएजी के रिपोर्ट के मुताबिक 2020-21में कुल 250 मुर्दों का इलाज आयुष्मान भारत स्कीम के तहत करके 30 लाख से ज्यादा रुपयों का भुगतान भी अस्पतालों को कर दिया गया.

मुर्दों का हुआ इलाज

यह फर्जीवाड़ा ऐसे समय में हुआ है जब अक्सर सुनने को मिलता है कि गरीब अस्पतालों के चक्कर काटते रहते हैं और कोई ना कोई बहाना बनाकर कई बार उनका इलाज आयुष्मान स्कीम के तहत करने से मना कर दिया जाता है. लेकिन सीएजी रिपोर्ट चौंकाने वाली है, अस्पतालो ने 323 क्लेम में 250 मरीजों की मौत दिखाई फिर उनका इलाज करके भुगतान भी ले लिया. मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची हुई है.

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स्वास्थ्य मंत्री का अजब बयान

स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता इस विषय पर करवाई करने की बात कह रहे हैं. जब उनसे कहा गया की आपके विभाग में कभी मर चुके डॉक्टर का ट्रांसफर कर दिया जाता है, तो कभी मुर्दों का इलाज हो जाता है और आप विषय की हल्के में ले रहे हैं? इस पर बन्ना गुप्ता ने जवाब दिया, ‘हमारा वजन 80 से 82किलो है और हम न तो हल्के हैं और न ही करवाई हल्की होगी और न ही मामले को हल्के में लिया गया है. कमज़ोर मंत्री समझते हैं क्या हमको?’ उन्होंने कहा कि दोषियों पर भारी करवाई होगी.

पहले भी आ चुके हैं हैरान करने वाले मामले

हालांकि अजब झारखंड की गजब दास्तान समय समय पर आती रही है तो वो सुर्खियां बन जाती है. इसके पहले भी राज्य के गढ़वा समेत कई जिलों से ऐसे मामले आ चुके हैं जहां व्यक्ति की मौत हो चुकी है उनके नाम को राशन कार्ड से कटवाया नहीं जाता हैं. उनके नाम से बेरोक टोक 2021में राशन उठाने का मामला सामने आया था. हालांकि उस पर खाद्य आपूर्ति मंत्री रामेश्वर ओरण ने करवाई की थी हजारों राशन कार्ड भी कैंसल किए थे.

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उसी तरह से धनबाद से एक मामला 2021-22में सामने आया था. यहां जो गाना गा सकते हैं उन्हें गूंगो का फर्जी सर्टिफिकेट बनाकर दे दिया गया और बोलने वालों ने इस सर्टिफिकेट के जरिए दिव्यांग योजनाओं का लाभ लिया. इसी तरह जो कार और साइकिल चला सकते थे उन्होंने चलने में असमर्थता का सर्टिफिकेट बनवाया हुआ था. ये सब इसलिए ताकि लाभ और मिलने वाले दिव्यांग पेंशन को डकारा जा सके.

जल्द ही झारखंड आएंगे बागेश्वर धाम वाले बाबा! धीरेन्द्र शास्त्री के दरबार पहुंचे विधायक ढुलू महतो, मुलाकात कर दिया न्योता

बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जल्द ही झारखंड दौरे पर आएंगे। आध्यात्मिक यात्रा पर निकले बाघमारा विधायक ढुलू महतो ने पंडित धीरेंद्र शास्त्री से मुलाकात कर उन्हें झारखंड आने का न्योता दिया है।

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झारखंड आने के लिए उन्होंने हामी भी भर दी है लेकिन झारखंड में उनका आगमन कब होगा, इसकी तारीख अभी तय नहीं है।

दरअसल, बाघमारा विधायक ढुलू महतो इन दिनों अपनी पत्नी और परिवार के लोगों के साथ यात्रा पर निकले हैं। इस दौरान उन्होंने बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री से मुलाकात की और झारखंड आने का न्योता दिया। ढुलू महतो ने कहा कि जल्द ही बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री को वे झारखंड लेकर आयेंगे और उनके विधानसभा क्षेत्र में कार्यक्रम का आयोजन होगा। कार्यक्रम एक महीने के भीतर हो इसकी कोशिश की जा रही है।

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बता दें कि हाल ही में पंडित धीरेंद्र शास्त्री पड़ोसी राज्य बिहार की धरती पर आए थे। पटना के नौबतपुर स्थित तरेत पाली गांव में आयोजित हनुमंत कथा के दौरान उन्हों ने दिव्य दरबार लगाया था और लोगों की पर्चियां निकाली थी। लाखों की संख्या में लोग हनुमंत कथा सुनने के लिए तरेत गांव में दिन रात मौजूद रहे थे। धीरेंद्र शास्त्री के पटना आगमन को लेकर सियासत भी खूब हुई थी। बीजेपी खुलकर बाबा के समर्थन में उतर गई थी जबकि सत्ताधारी दल धीरेंद्र शास्त्री का खुलकर विरोध कर रहे थे लेकिन लोगों की श्रद्धा के आगे विरोधी पस्त हो गए थे।

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आपकी एक गलती और ठगों के कंट्रोल में आपका मोबाइल, खाते से 4.21 लाख उड़ाने वाले 2 शातिर गिरफ्तार

झारखंड के रांची में CID के अधीन संचालित साइबर अपराध थाने की पुलिस ने रांची के धुर्वा निवासी सूरज बैठा के खाते से 4.21 लाख रुपये की निकासी मामले में दो आरोपितों को देवघर से गिरफ्तार किया है।

पकड़े गए आरोपितों में देवघर जिले के मधुपुर थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर एक लखना निवासी मोहम्मद शादाब अख्तर व देवघर के ही सत्संग चौक बेलाबगान निवासी राकेश कुमार शामिल हैं।

आरोपी राकेश कुमार मूल रूप से बिहार के जमुई जिले के सिमुलतल्ला थाना क्षेत्र के तेलवा बाजार का रहने वाला है। इनके पास से दो मोबाइल, दो सिमकार्ड, एक आधार कार्ड, एक पासबुक व एक एटीएम कार्ड की बरामदगी हुई है।

2 जून को करवाया था मामला दर्ज

शिकायतकर्ता सूरज बैठा ने सीआइडी के अधीन संचालित साइबर अपराध थाने में गत दो जून को अज्ञात अपराधियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

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उन्होंने दर्ज प्राथमिकी में बताया था कि अज्ञात साइबर अपराधियों ने एसबीआइ व ICICI बैंक क्रेडिट कार्ड के कस्टमर केयर का प्रतिनिधि बनकर उसे झांसे में लिया था।

इसके बाद मोबाइल पर एनी डेस्क एप डाउनलोड करवाकर उसके खाते से 4 लाख 21 हजार 495 रुपये विभिन्न खातों में अवैध तरीके से हस्तांतरित कर लिये।

ऐसे ठगी करते हैं साइबर अपराधी

साइबर अपराधी विभिन्न बैंकों के क्रेडिट कार्ड कस्टमर केयर नंबर के रूप में गूगल पर अपना नंबर डाल देते हैं। जब लोग आम सहायता के लिए गूगल पर उक्त नंबर को सर्च करते हैं तो ये अपराधी उन्हें रस्ट डेस्क, एनी डेस्क, एल्पेमिक्स स्क्रीन शेयरिंग एप डाउनलोड करवाकर पूरा डिटेल्स लेकर ट्रांजेक्शन करवाते हैं। इसके बाद इंटरनेट बैंकिंग तथा UPI डिटेल्स लेकर पैसों की अवैध रूप से निकासी करते हैं।

इस अपराध शैली से बचने का तरीका

किसी भी अज्ञात मोबाइल नंबर से काल आने पर अपनी कोई निजी जानकारी साझा न करें। इंटरनेट सर्च इंजन, गूगल एड्स व अन्य इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिए गए कस्टमर केयर, हेल्पलाइन नंबर पर भरोसा न करें।

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कस्टमर केयर नंबर के लिए हमेशा ऑफिशियल वेबसाइट पर संपर्क करें। किसी भी अज्ञात व्यक्ति के भेजे गए अज्ञात लिंक या यूआरएल पर न क्लिक करें और न हीं किसी अन्य नंबर पर फॉरवर्ड करें। बैंक के यूपीआइ एप्लिकेशन से संबंधित रजिस्ट्रेशन के लिए बैंक के अधिकृत नंबर से ही मैसेज आता है।

किसी भी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर एनी डेस्क, क्विक सपोर्ट, टीम व्यूवर, रस्ट डेस्क, एल्पेमिक्स आदि एप अपने मोबाइल में इंस्टाल न करें। इन एप के माध्यम से साइबर अपराधी आपके फोन का रिमोट एक्सेस प्राप्त कर लेते हैं और ठगी करते हैं।

साइबर अपराध का शिकार होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 तथा आनलाइन डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डाट साइबरक्राइम डाट जीओवी डाट इन पर रिपोर्ट करें।

झारखंड के लातेहार में बदमाशों ने भाजपा नेता पर गोलियां बरसाईं, हालत नाजुक
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रांची, 12 अगस्त . झारखंड के लातेहार जिले के बालूमाथ में कोयला व्यवसायी सह भाजपा के कद्दावर नेता राजेन्द्र प्रसाद साहू पर शनिवार की शाम गोलियां बरसाईं. वह बुरी तरह जख्मी हो गए हैं.

उन्हें बेहद गंभीर हालत में इलाज के लिए रांची लाया गया है.

उन्हें जेल में बंद गैंगस्टर अमन साव के गैंग ने धमकी दी थी. राजेंद्र प्रसाद साहू लातेहार के पूर्व जिला परिषद् उपाध्यक्ष रहे हैं. वह चतरा लोकसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़ चुके हैं. इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है.

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पुलिस अपराधियों की तलाश में जगह-जगह छापेमारी कर रही है. वारदात बालूमाथ थाना क्षेत्र के झरिवा टोला के पास हुई . बताया जा रहा है कि राजेंद्र साहू अपने दफ्तर से घर तेली टोला लौट रहे थे. उनका दफ्तर पुराना कस्तूरबा विद्यालय के पास है. रास्ते में कुछ लोगों ने उन्हें रोका और उन पर गोलियां चला दीं. गोली की आवाज सुनते ही लोग घटनास्थल की तरफ दौड़े तो उन्‍हें देखकर अपराधी भी फरार हो गए. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई.

राजेंद्र साहू की इलाके में बड़ी पहचान रही है. पहले भी उन्हें कई बार जान से मारने की धमकी मिल चुकी है. सुरक्षा के लिहाज से उन्हें एक बॉडीगार्ड भी दिया गया था. इस घटना के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है. इलाके के दूसरे व्यवसायी भी खौफ में है. लोगों ने अपराधियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की है.

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भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने वारदात पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है, 90 के दशक का लालू राज जैसे हालात हैं. हेमंत सरकार में पुलिस, पुलिस का काम छोड़कर जमीन कब्जा करने में और वसूली करने में लगी है. यहां ट्रांसफर-पोस्टिंग में पैसा लिया जा रहा है.

झारखंड के तीन बदमाशों को आरपीएफ ने दबोचा

आरपीएफ भागलपुर की टीम ने झारखंड के तीन बदमाशों को स्टेशन पर शनिवार की दोपहर दबोचा है। वे तीनों रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते हैं। आरपीएफ ने तीनों के विरुद्ध जीआरपी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।

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उनके पास से तीन मोबाइल बरामद किया गया है।
आरपीएफ इंस्पेक्टर रणधीर कुमार ने बताया कि गिरफ्तार बदमाशों की पहचान झारखंड के साहेबगंज जिला के रामपुर दियारा निवासी अभय कुमार, साहेबगंज जिला के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के सकरीगली, पीहर टोला निवासी मुकेश कुमार चौधरी और सकरीगली गोपालपुर निवासी राजेश कुमार चौधरी उर्फ लड्डू सिंह के रूप में हुई है। इंस्पेक्टर ने बताया कि दोपहर को एसआई पूर्णेंदू कुमार, एचसी उत्तम सरकार, राज कुमार गश्ती पर थे। स्टेशन के फुट ओवर ब्रिज पर आरपीएफ दबोचा। सख्ती से पूछताछ में कबूल किया कि वे ट्रेन और प्लेटफार्म पर यात्रियों की मोबाइल चोरी करते हैं। इस लेकर ही वे लोग साहेबगंज से हर दिन ट्रेन से अलग-अलग स्टेशनों पर घटनाओं को अंजाम देते हैं। जीआरपी थानेदार ने बताया कि तीनों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।

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मामूली सी गलती पर जल्लाद बना टीचर, छड़ी टूटने तक स्टूटेंट के प्राइवेट पार्ट पर मारा

में इंग्लिश स्पेलिंग में यू के स्थान पर छात्र की ओर से ब्लैकबोर्ड पर आई लिखे जाने के कारण शिक्षक ने छात्र के प्राइवेट पार्ट पर छड़ी से वार कर घायल कर दिया। इस पिटाई से उसे गहरी चोट लगी है।

घटना गुरुवार को पेटरवार स्थित पूज्य तपस्वी श्री जगजीवन जी महाराज ज्योति सरस्वती शिशु- विद्या मंदिर में घटी।

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इस घटना से आक्रोशित छात्र के पिता मोहन रजवार, कोह मुखिया प्रतिनिधि प्रदीप रजवार और भीखू मरांडी शुक्रवार को विद्यालय पहुंचे और प्रधानाध्यापक डॉ. अजय पाठक से मिलकर कार्रवाई की मांग की। प्रधानाध्यापक ने आश्वस्त करते हुए कहा कि उक्त शिक्षक पर कार्रवाई की जाएगी। कुछ ही देर बाद प्राधानाध्यापक डॉ. अजय पाठक ने कहा कि मामला सही है। आरोपी शिक्षक को विद्यालय से हटा दिया गया है। प्रधानाध्यापक की कार्रवाई के बाद लोगों का आक्रोश शांत हुआ।

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क्या है घटना

प्रखंड की कोह पंचायत के बुढ़न गोड़ा गांव निवासी मोहन रजवार का पुत्र हर्ष कुमार (15 वर्ष) गुरुवार को शिक्षा ग्रहण करने सरस्वती शिशु विद्या मंदिर पेटरवार आया था। तीसरी घंटी के दौरान शिक्षक की ओर से हर्ष को ब्लैकबोर्ड पर कंटिनिवस की स्पेलिंग लिखने के लिए बोला गया। स्पेलिंग लिखने के दौरान छात्र ने यू के स्थान पर आई लिख दिया। छात्र ने शुक्रवार को अपने गांव में आपबीती सुनाते हुए कहा कि इसी बात पर तीसरी घंटी के शिक्षक ने छड़ी से मेरे प्राइवेट पार्ट में तब तक मारते रहे जब तक छड़ी नहीं टूटी। छात्र के पिता ने बताया कि जब वह विद्यालय से लौट रहा था, तब रास्ते में गिरकर बेहोश हो गया।

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