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आकाशवाणी के 90 वर्ष: नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय में ‘गौरव स्मृति’ कार्यक्रम और आशु भाषण प्रतियोगिता का आयोजन

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जमशेदपुर: देश के सार्वजनिक प्रसारण के गौरवशाली इतिहास के 90 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आकाशवाणी, जमशेदपुर की ओर से एक विशेष आशु भाषण (एक्सटेम्पोर स्पीच) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह गौरव स्मृति कार्यक्रम नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय (NSU), जमशेदपुर के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के सहयोग से विश्वविद्यालय के सेमिनार हॉल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारतीय समाज, संस्कृति, शिक्षा तथा राष्ट्र निर्माण में आकाशवाणी के नौ दशकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करना था।IMG 20260603 WA0013

​’भारत के विकास में आकाशवाणी की भूमिका’ पर मंथन

​इस विशेष प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों से कुल 20 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और “भारत के विकास में आकाशवाणी की भूमिका” विषय पर अपने प्रभावशाली विचार प्रस्तुत किए। छात्रों ने सूचना प्रसार, ग्रामीण विकास, शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य जागरूकता, सांस्कृतिक संरक्षण तथा राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में आकाशवाणी के योगदान पर विस्तार से चर्चा की।

​दिग्गज अधिकारियों ने साझा किए विचार

​कार्यक्रम में आकाशवाणी जमशेदपुर से कार्यक्रम प्रमुख श्री राजेश कुमार राय, कार्यक्रम अधिशासी श्री राकेश रमन तथा कार्यक्रम अधिशासी श्री विवेक आदित्य विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर भव्य स्वागत किया गया।b 1

  • श्री राकेश रमन (कार्यक्रम अधिशासी): “आकाशवाणी केवल एक रेडियो प्रसारण संस्था नहीं है, बल्कि यह भारत की सामूहिक स्मृतियों, संस्कृति और लोकतांत्रिक मूल्यों की सशक्त आवाज रही है। डिजिटल युग में भी इसकी विश्वसनीयता और सामाजिक प्रतिबद्धता इसे विशेष बनाती है।”
  • श्री राजेश कुमार राय (कार्यक्रम प्रमुख): “आकाशवाणी ने देश के दूरस्थ क्षेत्रों तक सूचना और शिक्षा पहुँचाने में अभूतपूर्व योगदान दिया है। आज जब हम सभी इस प्रेक्षागृह में एकत्रित होकर इसकी विकास यात्रा का स्मरण कर रहे हैं, तो मैं भावुक हूँ। यह देखकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि वर्तमान समय में भी देश का युवा वर्ग संचार के इस सशक्त माध्यम के साथ दृढ़ता से जुड़ा हुआ है।”
  • श्री विवेक आदित्य (कार्यक्रम अधिशासी): “आकाशवाणी ने भारतीय भाषाओं, लोक कलाओं और सांस्कृतिक विविधताओं को संरक्षित करने में ऐतिहासिक कार्य किया है। यह संस्था केवल समाचारों का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का एक मंच रही है।”

​विश्वविद्यालय प्रबंधन ने सराहा ऐतिहासिक सफर

​इस ऐतिहासिक अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मदन मोहन सिंह ने आकाशवाणी को 90 वर्ष पूरे होने पर बधाई देते हुए कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आधुनिक भारत के निर्माण तक इस संस्था ने जनजागरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हमें गर्व है कि हमारा विश्वविद्यालय इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना।

​विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रभात कुमार पानी ने अपने संबोधन में कहा कि मीडिया के विद्यार्थियों के लिए आकाशवाणी की कार्यशैली, निष्पक्षता और सामाजिक उत्तरदायित्व एक आदर्श उदाहरण है। कुलपति ने उपस्थित अतिथियों को सम्मानित भी किया तथा भविष्य में विश्वविद्यालय और आकाशवाणी के बीच शैक्षणिक व व्यावसायिक सहयोग की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।a 2

​कार्यक्रम में गणमान्य लोगों की गरिमामयी उपस्थिति

​इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव नागेंद्र सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो. मोइज़ अशरफ, आईक्यूएसी निदेशक डॉ. श्रद्धा वर्मा, डीन एकेडमिक्स अभिनव कुमार, डीन एडमिनिस्ट्रेशन डॉ. राकेश कुमार सहित कई विभागों के शिक्षक, अधिकारी और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

​पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के संकाय सदस्यों के अनुसार, ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को सार्वजनिक संचार माध्यमों की ऐतिहासिक विरासत और समकालीन महत्व को समझने का बेहतरीन अवसर प्रदान करते हैं।

​प्रतियोगिता के परिणाम और समापन

​कार्यक्रम का समापन एक गरिमापूर्ण पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ। पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की विभागाध्यक्ष दीपिका कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत कर सभी अतिथियों, शिक्षकों और छात्रों का आभार जताया।

विजेता प्रतिभागियों की सूची:

स्थान

विजेता का नाम

संबंधित विभाग

प्रथम स्थान

अदिना फ़ातिमा

अंग्रेजी विभाग

द्वितीय स्थान

प्रतीक झा

विधि (Law) विभाग

तृतीय स्थान

लक्ष्मी सतपति

पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग

यह आयोजन न केवल आकाशवाणी की शानदार उपलब्धियों का उत्सव रहा, बल्कि इसने युवा पीढ़ी को जिम्मेदार और सकारात्मक मीडिया की भूमिका से रूबरू कराने का एक सार्थक प्रयास भी सिद्ध किया।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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