एक नई सोच, एक नई धारा

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जमशेदपुर: शूटिंग का कहकर घर से निकली छात्रा लापता, 28 फरवरी से परिजनों का बुरा हाल

जमशेदपुर (सोनारी): शहर के सोनारी थाना क्षेत्र से एक 18 वर्षीय युवती के रहस्यमय परिस्थितियों में लापता होने का मामला सामने आया है। लापता युवती को-ऑपरेटिव कॉलेज में 12वीं (साइंस) की छात्रा है और पढ़ाई के साथ-साथ वीडियो शूटिंग प्रोजेक्ट्स में भी सक्रिय थी। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।

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क्या है पूरी घटना?

​परिजनों के अनुसार, युवती 28 फरवरी की दोपहर करीब 2 बजे घर से यह कहकर निकली थी कि वह एक शूटिंग प्रोजेक्ट के सिलसिले में जा रही है। युवती अक्सर सोनारी के कागलनगर टेम्पो स्टैंड स्थित जमशेदपुर म्यूजिक फैक्ट्री (JMF) के माध्यम से शहर के विभिन्न हिस्सों में होने वाली शूटिंग में शामिल होती थी।

  • अंतिम संपर्क: परिजनों ने बताया कि युवती की उसकी मां से 1 या 2 मार्च को फोन पर संक्षिप्त बातचीत हुई थी। उस दौरान उसने कहा था कि वह होली से पहले घर लौट आएगी। हालांकि, उस बातचीत के बाद से उसका मोबाइल बंद आ रहा है और उससे कोई संपर्क नहीं हो पाया है।

तीन मोबाइल नंबर, पर कोई सुराग नहीं

​लापता छात्रा के पास कुल तीन मोबाइल नंबर हैं। परिजनों के मुताबिक:

  • ​दो नंबर लगातार स्विच ऑफ आ रहे हैं।
  • ​एक नंबर पर घंटी (Ring) जा रही है, लेकिन कोई कॉल रिसीव नहीं कर रहा है।

शूटिंग ऑफिस और साथियों से नहीं मिली मदद

​परेशान परिजनों ने संबंधित शूटिंग ऑफिस (JMF) जाकर भी पूछताछ की, लेकिन वहां मौजूद कर्मियों ने बताया कि फिलहाल कोई शूटिंग शेड्यूल तय नहीं था। युवती के साथ काम करने वाले अन्य सहयोगियों से भी संपर्क किया गया, लेकिन किसी के पास उसके ठिकाने की कोई पुख्ता जानकारी नहीं है।

पुलिस की कार्रवाई

​बेटी का सुराग न मिलने पर परिजनों ने स्थानीय सोनारी थाना और पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी सेल (Technical Cell) की मदद से मोबाइल लोकेशन ट्रैक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही युवती का पता लगा लिया जाएगा।

तीसरी धारा न्यूज के लिए जमशेदपुर से ब्यूरो रिपोर्ट।

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जमशेदपुर: घरेलू विवाद के बाद युवक ने पुलिस के सामने ही रेती अपनी गर्दन, हालत गंभीर

जमशेदपुर (बागबेड़ा): लौहनगरी के बागबेड़ा थाना अंतर्गत कीताडीह ग्वालापट्टी में शुक्रवार की रात एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। आपसी विवाद और नशे की हालत में एक 24 वर्षीय युवक ने पुलिस की मौजूदगी में ही धारदार हथियार से अपने गले की नस काटकर आत्महत्या का प्रयास किया। गंभीर रूप से घायल युवक को आनन-फानन में एमजीएम (MGM) अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है।

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क्या है पूरा मामला?

​मिली जानकारी के अनुसार, कीताडीह ग्वालापट्टी निवासी अमित सिंह (24), जो डीवीसी के एक ठेकेदार के तहत मीटर लगाने का काम करता है, शुक्रवार सुबह से ही नशे की हालत में था। इसी बात को लेकर घर के सदस्यों के साथ उसका विवाद चल रहा था। परिजनों ने उसे समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन विवाद बढ़ता ही गया।

पुलिस की मौजूदगी में उठाया खौफनाक कदम

​अमित के भाई बिल्लू सिंह ने बताया कि दिनभर चले हंगामे के बाद, रात करीब 9:30 बजे स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बागबेड़ा थाना पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और घर के बाहर परिजनों से बातचीत कर मामले को शांत कराने का प्रयास कर रही थी। इसी बीच, पुलिस बुलाए जाने से आक्रोशित होकर अमित ने अचानक किसी धारदार वस्तु से अपनी गर्दन पर वार कर लिया।

अस्पताल में जीवन-मौत के बीच संघर्ष

​गले की नस कटते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और परिजनों ने तुरंत अमित को लहूलुहान हालत में एमजीएम अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार, अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण युवक की हालत गंभीर है और उसे गहन चिकित्सा निगरानी (Observation) में रखा गया है।

जांच में जुटी पुलिस

​घटना के बाद बागबेड़ा थाना पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि विवाद की मुख्य जड़ क्या थी और युवक ने इतना आत्मघाती कदम क्यों उठाया।

तीसरी धारा न्यूज के लिए जमशेदपुर से ब्यूरो रिपोर्ट।

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NSU के 18 छात्रों ने मारी बाजी: ऑटोमोबाइल दिग्गज ‘सैंडन विकास’ में मिला 2.2 LPA का पैकेज

जमशेदपुर/फरीदाबाद: औद्योगिक नगरी जमशेदपुर स्थित नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी (NSU) ने एक बार फिर प्लेसमेंट के क्षेत्र में अपनी श्रेष्ठता साबित की है। यूनिवर्सिटी के 18 होनहार छात्रों का चयन ऑटोमोबाइल क्षेत्र की अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कंपनी ‘सैंडन विकास प्राइवेट लिमिटेड’ में हुआ है।

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​चयनित छात्रों ने 1 मार्च, 2026 को हरियाणा के फरीदाबाद स्थित कंपनी के प्लांट में अपनी आधिकारिक ज्वाइनिंग दे दी है। इन सभी छात्रों को 2.2 लाख रुपये प्रति वर्ष (2.2 LPA) के वार्षिक पैकेज (CTC) पर नियुक्त किया गया है।

मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल विभाग का दबदबा

​यूनिवर्सिटी के प्लेसमेंट सेल द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, चयनित 18 छात्र डिप्लोमा इंजीनियरिंग के दो प्रमुख विभागों से हैं:

  • डिप्लोमा मैकेनिकल इंजीनियरिंग: 10 छात्र
  • डिप्लोमा इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग: 08 छात्र

​इन छात्रों को उनके तकनीकी कौशल और व्यावहारिक ज्ञान के कड़े परीक्षण के बाद इंडस्ट्रियल ऑपरेशंस और असेंबली लाइन जैसे महत्वपूर्ण विभागों के लिए चुना गया है।

कुलाधिपति और कुलपति ने दी शुभकामनाएं

​इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति श्री मदन मोहन सिंह ने खुशी जाहिर करते हुए कहा:

​”हमारे 18 बच्चों का सैंडन विकास जैसी कंपनी में चयन होना इस बात का प्रमाण है कि हम केवल डिग्री नहीं, बल्कि ‘उद्योग-तैयार’ (Industry-Ready) कौशल प्रदान कर रहे हैं। फरीदाबाद जैसे औद्योगिक केंद्र में करियर की शुरुआत करना इन युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर है। मुझे विश्वास है कि ये छात्र यूनिवर्सिटी का नाम रोशन करेंगे।”

​वहीं, कुलपति डॉ. प्रभात कुमार पाणी ने इसे संस्थान की शिक्षण पद्धति की जीत बताया। उन्होंने कहा कि हमारा पाठ्यक्रम आधुनिक इंडस्ट्री की जरूरतों के साथ तालमेल बिठाकर तैयार किया गया है, जिसका फल आज इन छात्रों को प्लेसमेंट के रूप में मिला है।

कैंपस ट्रेनिंग से करियर की उड़ान तक

​फरीदाबाद में ज्वाइनिंग के बाद छात्रों ने अपनी सफलता का श्रेय यूनिवर्सिटी की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और मॉक इंटरव्यू सत्रों को दिया। वर्तमान में सभी 18 छात्र कंपनी के प्रोडक्शन और मेंटेनेंस विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

​NSU के प्लेसमेंट सेल के लिए यह वर्ष काफी सफल रहा है और यह उपलब्धि आने वाले बैच के छात्रों के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनेगी।

तीसरी धारा न्यूज के लिए जमशेदपुर से विशेष रिपोर्ट।

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डिजिटल लत पर प्रहार: कर्नाटक में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन की तैयारी

बेंगलुरु/अमरावती: बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और उनकी सीखने की क्षमता को सुरक्षित रखने की दिशा में दक्षिण भारत के दो प्रमुख राज्यों ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने हालिया बजट भाषण में एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि राज्य सरकार 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने जा रही है।

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कर्नाटक सरकार का बड़ा फैसला

​मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के अनुसार, अनियंत्रित स्क्रीन टाइम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स बच्चों के व्यवहार, ध्यान केंद्रित करने की क्षमता (Attention Span) और उनकी सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गए हैं।

  • बैन का आधार: सीएम ने स्पष्ट किया कि बच्चों को डिजिटल लत से बचाना और उन्हें जोखिमपूर्ण सामग्री से दूर रखना अब अनिवार्य हो गया है।
  • विशेषज्ञों की राय: इस फैसले से पहले मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों के कुलपतियों (Vice Chancellors) के साथ बैठक कर उनकी राय ली थी। स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव और आईटी मंत्री प्रियांक खरगे भी लगातार इस तरह के कड़े कानून की वकालत कर रहे थे।

आंध्र प्रदेश भी नक्श-ए-कदम पर

​सिर्फ कर्नाटक ही नहीं, बल्कि आंध्र प्रदेश सरकार भी नाबालिगों के सोशल मीडिया उपयोग पर नकेल कसने की तैयारी में है। राज्य के मंत्री नारा लोकेश ने सोशल मीडिया के प्रति गिरते भरोसे और बच्चों में बढ़ती लत पर चिंता जताई है।

  • ग्लोबल दिग्गजों से चर्चा: आंध्र प्रदेश सरकार ने इस मुद्दे पर Meta (Facebook/Instagram), Google, X (Twitter) और ShareChat जैसी प्रमुख कंपनियों को आमंत्रित किया है।
  • कानूनी अध्ययन: सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाए जा रहे सर्वोत्तम मॉडल्स का अध्ययन कर रही है ताकि एक प्रभावी कानूनी ढांचा तैयार किया जा सके।

क्यों जरूरी हुआ यह कदम?

​दोनों ही राज्यों का मानना है कि सोशल मीडिया की लत नाबालिगों के मानसिक विकास को बाधित कर रही है। इस प्रतिबंध का मुख्य उद्देश्य है:

  1. व्यवहार में सुधार: बच्चों के चिड़चिड़ेपन और एकाग्रता की कमी को दूर करना।
  2. सुरक्षा सुनिश्चित करना: ऑनलाइन दुर्व्यवहार और साइबर अपराधों से नाबालिगों को बचाना।
  3. सीखने की क्षमता: मोबाइल स्क्रीन के बजाय बच्चों का ध्यान रचनात्मक कार्यों और शिक्षा पर केंद्रित करना।

निष्कर्ष:

अगर यह कानून लागू होता है, तो भारत में बच्चों के लिए डिजिटल स्पेस के नियम पूरी तरह बदल जाएंगे। अब देखना यह है कि सरकारें इन नियमों को तकनीकी रूप से कैसे लागू करती हैं और टेक कंपनियां इस पर क्या प्रतिक्रिया देती हैं।

तीसरी धारा न्यूज के लिए ब्यूरो रिपोर्ट।

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ऊर्जा कूटनीति: अमेरिका ने भारत को दी बड़ी राहत, 30 दिनों तक खरीद सकेगा समुद्र में फंसा रूसी तेल

नई दिल्ली/वाशिंगटन: मध्य पूर्व (Middle East) में जारी भीषण युद्ध और वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर आई है। अमेरिका ने भारतीय रिफाइनरी कंपनियों को एक विशेष 30-दिवसीय ‘वेवर’ (छूट) प्रदान की है। इसके तहत भारतीय कंपनियां वर्तमान में समुद्र में फंसे रूसी कच्चे तेल की खेप खरीद सकेंगी।

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क्यों दी गई यह छूट? स्कॉट बेसेंट का बयान

​अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने स्पष्ट किया कि यह एक ‘स्टॉपगैप’ (कामचलाऊ) उपाय है। उन्होंने कहा:

  • तेल का प्रवाह: वैश्विक बाजार में तेल की सप्लाई को सुचारू बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
  • रूस को लाभ नहीं: यह छूट केवल उन लेनदेन के लिए है जिनमें तेल पहले से समुद्र में फंसा हुआ है, जिससे रूस को कोई नया बड़ा वित्तीय लाभ नहीं होगा।
  • ईरान पर दबाव: यह कदम ईरान द्वारा वैश्विक ऊर्जा बाजार को ‘बंधक’ बनाने की कोशिशों के खिलाफ एक सोची-समझी रणनीति है।

मिडिल ईस्ट वॉर: भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर संकट

​मध्य पूर्व में युद्ध सातवें दिन में प्रवेश कर चुका है, जिससे भारत की तेल आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है:

  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य का संकट: भारत अपनी जरूरत का 40% तेल इसी रास्ते से मंगाता है, जो वर्तमान में युद्ध क्षेत्र बना हुआ है।
  • सीमित स्टॉक: भारत के पास वर्तमान में केवल 25 दिनों की जरूरत का कच्चा तेल स्टॉक में है।
  • तनाव का विस्तार: श्रीलंका तट के पास अमेरिकी सेना द्वारा ईरानी युद्धपोत डुबोए जाने के बाद तनाव अब एशिया तक फैल गया है।

भारतीय रिफाइनरियों में हलचल

​रॉयटर्स के अनुसार, भारत की प्रमुख सरकारी कंपनियां—IOC, BPCL, HPCL और MRPL—रूसी तेल की तत्काल डिलीवरी के लिए ट्रेडर्स से बातचीत कर रही हैं।

  • ​अब तक लगभग 20 मिलियन बैरल रूसी तेल खरीदने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
  • ​HPCL और MRPL जैसी कंपनियों को नवंबर के बाद अब रूसी तेल की खेप मिलने की उम्मीद है।

बड़ी कूटनीतिक घटनाएँ: कुवैत में अमेरिकी दूतावास बंद

​युद्ध की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिका ने कुवैत में अपना दूतावास अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है। क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता और सुरक्षा कारणों से यह बड़ा कदम उठाया गया है।

घटनाक्रममुख्य अपडेट
इजरायल की कार्रवाईबेरूत में हिजबुल्लाह कमांडर ज़ैद अली जुमा ढेर।
ईरान का पलटवारखाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमला।
बड़ी क्षतिसंघर्ष के दौरान 86 वर्षीय अली खामेनेई की मृत्यु की खबर।
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IAF प्लेन क्रैश: सुखोई-30 हादसे में देश ने खोए दो जांबाज, स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश शहीद

नई दिल्ली/गुवाहाटी: भारतीय वायु सेना (IAF) का एक सुखोई-30MKI लड़ाकू विमान असम के कार्बी आंगलोंग जिले के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। इस दुखद हादसे में भारतीय वायु सेना के दो जांबाज अधिकारियों, स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर का निधन हो गया है। भारतीय वायु सेना ने दोनों अधिकारियों की शहादत पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

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शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ी है वायु सेना

​भारतीय वायु सेना ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “भारतीय वायु सेना के सभी कर्मी शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हैं और इस दुख की घड़ी में उनके साथ मजबूती से खड़े हैं।”

रूटीन मिशन के दौरान टूटा संपर्क

​रक्षा जनसंपर्क अधिकारी (PRO) के अनुसार, यह सुखोई-30MKI लड़ाकू विमान गुरुवार को एक रूटीन ट्रेनिंग मिशन पर था। उड़ान के दौरान अचानक ग्राउंड कंट्रोल से विमान का कम्युनिकेशन (संचार) टूट गया और विमान रडार से गायब हो गया।

  • घटनास्थल: असम का कार्बी आंगलोंग जिला (घने जंगल और पहाड़ी इलाका)।
  • चुनौती: रडार संपर्क टूटने वाला इलाका काफी दुर्गम है, जिससे सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी कठिनाइयां आईं।
  • रेस्क्यू ऑपरेशन: वायु सेना की टीमों के साथ स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत विमान की तलाश और जांच के लिए लगाया गया था।

सुखोई-30MKI: वायु सेना की रीढ़ और पुराने हादसे

​सुखोई-30MKI भारतीय वायु सेना का सबसे शक्तिशाली फ्रंटलाइन मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट है। भारत की हवाई सुरक्षा के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ पहले भी कुछ हादसे हो चुके हैं:

वर्षस्थानपरिणाम
मई 2015तेजपुर एयर फोर्स बेस के पासटेक-ऑफ के बाद क्रैश, दोनों पायलट सुरक्षित।
अगस्त 2019तेजपुर (असम)ट्रेनिंग मिशन के दौरान खेत में क्रैश, दोनों पायलट सुरक्षित।
मार्च 2026कार्बी आंगलोंग (असम)दुर्घटनाग्रस्त, दोनों जांबाज अधिकारी शहीद।

जांच के आदेश

​वायु सेना ने इस दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए जांच के आदेश दे दिए हैं। घने जंगलों और खराब मौसम की संभावनाओं को भी इस हादसे के पीछे का कारण माना जा रहा है।

तीसरी धारा न्यूज की श्रद्धांजलि: देश के इन वीरों की शहादत को नमन। भारतीय वायु सेना के इन जांबाजों का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।

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रांची: नामकुम थाना हाजत में हत्या के आरोपी ने की आत्महत्या, SSP ने 5 पुलिसकर्मियों को किया सस्पेंड

रांची: झारखंड की राजधानी रांची के नामकुम थाना हाजत से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ हत्या के एक आरोपी ने संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या कर ली। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए रांची के सीनियर एसपी (SSP) राकेश रंजन ने बड़ी कार्रवाई की है। एसएसपी ने ड्यूटी पर तैनात 5 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

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क्या है पूरा मामला?

​मृतक आरोपी की पहचान जगाई मुंडा के रूप में हुई है। उस पर अपनी एक महिला मित्र से रंजिश के चलते उसके 12 वर्षीय नाबालिग बेटे का अपहरण करने का आरोप था। आरोपी ने बच्चे की हत्या कर उसके शव को रामगढ़ में दफना दिया था। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए 4 मार्च को उसे गिरफ्तार किया था और नामकुम थाना की हाजत में रखा था, जहाँ उसने सुसाइड कर लिया।

लापरवाही पर एसएसपी का ‘हंटर’

​थाना हाजत में बंदी की सुरक्षा में हुई इस बड़ी चूक ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एसएसपी राकेश रंजन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निम्नलिखित पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है:

  1. प्रभुवन कुमार (एएसआई)
  2. सुधीर शर्मा (हवलदार)
  3. गयानंद (हवलदार)
  4. मुकेश ठाकुर (आरक्षी)
  5. राहुल प्रताप सिंह (आरक्षी)

थाना प्रभारी पर भी गिरेगी गाज

​निलंबन के अलावा, एसएसपी ने थाना प्रभारी मनोज कुमार के खिलाफ भी निलंबन की अग्रतर कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, ड्यूटी पर तैनात चौकीदार रेहान अंसारी और महानंद टोप्पो के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए रांची डीसी (DC) से अनुरोध किया गया है। साथ ही थाने के ड्राइवर पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

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जमशेदपुर: पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, SSP पीयूष पांडेय ने 17 थाना प्रभारियों का किया तबादला

जमशेदपुर: शहर की कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के उद्देश्य से जमशेदपुर के एसएसपी पीयूष पांडेय ने एक साथ 17 थाना प्रभारियों का तबादला कर दिया है। गुरुवार देर शाम जारी की गई इस सूचना के बाद महकमे में हड़कंप मच गया है। आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

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प्रमुख थानों के प्रभारियों में बदलाव

​तबादले की सूची के अनुसार, कई महत्वपूर्ण थानों के प्रभारियों की जिम्मेदारी बदली गई है:

  • साकची थाना: आनंद कुमार मिश्रा को हटाकर सीतारामडेरा का जिम्मा दिया गया है। वहीं, बागबेड़ा से आए गोपाल कृष्ण यादव साकची के नए थाना प्रभारी होंगे।
  • सीतारामडेरा: निरंजन कुमार को यहाँ से हटाकर बर्मामाइंस भेजा गया है।
  • टेल्को थाना: यहाँ से प्रशांत कुमार को हटाकर साकची सीसीआर भेजा गया है, जबकि जादूगोड़ा के सर्किल इंस्पेक्टर सुरेश प्रसाद अब टेल्को की कमान संभालेंगे।
  • सिदगोड़ा: वीरेंद्र कुमार को जमशेदपुर कोर्ट का सुरक्षा प्रभारी बनाया गया है, जबकि फ़ैज़ अहमद (सीसीआर साकची) सिदगोड़ा के नए थाना प्रभारी होंगे।

ग्रामीण और सर्किल इंस्पेक्टर स्तर पर फेरबदल

  • घाटशिला: वंश नारायण सिंह को मुसाबनी का सर्किल इंस्पेक्टर बनाया गया है। उनकी जगह कोर्ट सुरक्षा प्रभारी राजेंद्र मुंडा घाटशिला के नए थाना प्रभारी होंगे।
  • जादूगोड़ा: दिलीप कुमार यादव को पदोन्नत करते हुए जादूगोड़ा का सर्किल इंस्पेक्टर बनाया गया है, जबकि ईश्वर दयाल मुंडा जादूगोड़ा के नए थाना प्रभारी होंगे।
  • बागबेड़ा: मुसाबनी के सर्किल इंस्पेक्टर उमेष कुमार ठाकुर को बागबेड़ा का नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है।
  • पटमदा: अजय कुमार ठाकुर को पटमदा का सर्किल इंस्पेक्टर बनाया गया है।

पुलिस लाइन भेजे गए प्रभारी

​प्रशासनिक कारणों से मनोरंजन कुमार (बोड़ाम थाना प्रभारी) और राजेश कुमार मंडल (जादूगोड़ा थाना प्रभारी) को उनके पदों से हटाकर गोलमुरी पुलिस लाइन क्लोज कर दिया गया है। नीरज कुमार को बोड़ाम का नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है।

कदमा में आक्रोश: महिला के घर में घुसकर मारपीट के विरोध में बस्तीवासियों ने किया थाने का घेराव

जमशेदपुर: लौहनगरी के कदमा थाना क्षेत्र अंतर्गत रामजनमनगर बस्ती में असामाजिक तत्वों के बढ़ते दुस्साहस के खिलाफ गुरुवार रात स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। एक महिला के घर में घुसकर की गई मारपीट की घटना से आक्रोशित लगभग 50 की संख्या में बस्तीवासियों ने कदमा थाने का घेराव किया और परिसर में ही धरने पर बैठ गए।

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असामाजिक तत्वों के आतंक से खौफ में बस्ती

​बस्तीवासियों ने सीधे तौर पर रामजनमनगर निवासी अजय रजक और पंकज पर गंभीर आरोप लगाए हैं。

  • निरंतर प्रताड़ना: लोगों का आरोप है कि ये दोनों आए दिन इलाके में लोगों को परेशान करते हैं, जिससे पूरी बस्ती भय के साये में जीने को मजबूर है।
  • पुलिसिया कार्रवाई का अभाव: स्थानीय लोगों ने बताया कि इस संबंध में पहले भी कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।

क्या है ताजा मामला?

​मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम आरोपी अजय रजक अपने कुछ साथियों के साथ जबरन एक महिला के घर में घुस गया और वहां मारपीट करने लगा।

  • महिलाओं से बदसलूकी: आरोप है कि उसने घर में मौजूद महिलाओं के साथ भी मारपीट की।
  • जनाक्रोश: इस घटना की खबर जैसे ही बस्ती में फैली, लोग आक्रोशित हो गए और बड़ी संख्या में एकजुट होकर कदमा थाने पहुँच गए।
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थाना प्रभारी का आश्वासन और धरना समाप्त

​हंगामे की सूचना मिलते ही कदमा थाना प्रभारी प्रवेशचंद्र सिन्हा मौके पर पहुँचे और प्रदर्शनकारियों से वार्ता की।

  • कार्रवाई का भरोसा: उन्होंने बस्तीवासियों को शांत कराया और भरोसा दिलाया कि आरोपियों के खिलाफ उचित और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
  • जांच जारी: पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

​थाना प्रभारी के आश्वासन के बाद करीब एक घंटे से जारी धरना समाप्त हुआ और लोग अपने घरों को लौटे।

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जमशेदपुर: 18 दिनों से लापता है बागबेड़ा का विशाल, न्याय की गुहार लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे बस्तीवासी

जमशेदपुर: शहर के बागबेड़ा थाना अंतर्गत गांधीनगर निवासी 24 वर्षीय विशाल कुमार सिंह पिछले 18 दिनों से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता है। पुलिसिया कार्रवाई से असंतुष्ट परिजनों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय बस्तीवासियों ने गुरुवार को एसएसपी कार्यालय का घेराव किया और आरक्षी अधीक्षक (सिटी) कुमार शिवाशीष को ज्ञापन सौंपकर युवक की सकुशल बरामदगी की मांग की।

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मां की छटपटाहट: “काम पर गई थी, लौटी तो बेटा गायब था”

​लापता विशाल की मां सुकू देवी, जो घरों में दाई का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती हैं, ने अत्यंत भावुक होकर अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने बताया कि विशाल 18 दिनों पहले घर से निकला था और वापस नहीं लौटा। बागबेड़ा थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं, जिससे पूरा परिवार गहरे सदमे और चिंता में है।

प्रतिनिधियों का आरोप: “गरीब के बेटे के लिए सुस्त क्यों है प्रशासन?”

​मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय मुखिया नीनू कुदादा, मायावती टुडू और पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता ने पुलिस कार्यशैली पर सवाल उठाए। प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से कहा:

​”जब किसी पूंजीपति या रसूखदार का बेटा लापता होता है, तो पूरा महकमा सक्रिय हो जाता है। लेकिन एक गरीब मां के बेटे के लिए 18 दिनों तक कोई ठोस प्रगति न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। न्याय सबके लिए बराबर होना चाहिए।”

एसपी ने दिए कड़े निर्देश

​बस्तीवासियों के आक्रोश और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आरक्षी अधीक्षक कुमार शिवाशीष ने तत्काल एक्शन लिया। उन्होंने मौके से ही बागबेड़ा थाना प्रभारी और संबंधित डीएसपी को फोन कर फटकार लगाई और निम्नलिखित निर्देश दिए:

  • ​युवक की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
  • ​केस की प्रगति रिपोर्ट प्रतिदिन वरीय अधिकारियों को सौंपी जाए।
  • ​परिजनों को जांच की स्थिति से लगातार अवगत कराया जाए।

बस्तीवासियों में आक्रोश

​एसएसपी कार्यालय पहुंचे बड़ी संख्या में महिला-पुरुषों ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही विशाल का पता नहीं चला, तो वे आंदोलन को और उग्र करेंगे। प्रशासन की ओर से मिले आश्वासन के बाद फिलहाल लोग शांत हुए हैं, लेकिन बागबेड़ा इलाके में तनाव और चिंता का माहौल बना हुआ है।

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