एक नई सोच, एक नई धारा

april 2025 in holiday
झारखंड में शब-ए-बारात पर सरकारी छुट्टी का एलान, 4 फरवरी को बंद रहेंगे दफ्तर

रांची | मंगलवार, 3 फरवरी, 2026

​झारखंड सरकार ने शब-ए-बारात के पावन अवसर पर राज्य में सार्वजनिक अवकाश (Public Holiday) की घोषणा की है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।

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अधिसूचना की मुख्य बातें:

  • तारीख: बुधवार, 4 फरवरी 2026 को पूरे राज्य में अवकाश रहेगा।
  • आदेश संख्या: अधिसूचना संख्या-613, दिनांक 03.02.2026 के तहत यह छुट्टी कार्यपालक आदेश (Executive Order) के माध्यम से घोषित की गई है।
  • प्रभाव: इस घोषणा के साथ ही झारखंड के सभी सरकारी कार्यालय, निगम और संबंधित शैक्षणिक संस्थान बुधवार को बंद रहेंगे।

अधिकारियों का निर्देश

​सरकार के अवर सचिव दिलीप कुमार साह ने इस संबंध में विस्तृत पत्र जारी किया है। सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग (IPRD) को निर्देशित किया गया है कि इस फैसले का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और 4 फरवरी के प्रमुख दैनिक समाचार पत्रों में इस प्रेस विज्ञप्ति को प्रकाशित कराया जाए ताकि आम जनता को समय रहते इसकी जानकारी मिल सके।

महत्व: शब-ए-बारात मुस्लिम समुदाय के लिए इबादत और अपनों की याद का एक विशेष अवसर है। राज्य सरकार की इस घोषणा से समुदायों के बीच खुशी का माहौल है।

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‘फेस्टिवा’ में बच्चों की प्रतिभा ने भरी ‘उड़ान’, जमशेदपुर के राजेंद्र विद्यालय में बिखरे संस्कृति के रंग

जमशेदपुर | 3 फरवरी, 2026

​नेताजी सुभाष पब्लिक स्कूल और मदन मोहन पब्लिक स्कूल का संयुक्त वार्षिक महोत्सव “फेस्टिवा” अपने दूसरे दिन भी सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर गया। राजेंद्र विद्यालय के सभागार में आयोजित इस भव्य समारोह में करीब 2000 छात्र-छात्राओं ने अपनी कला और मेधा का प्रदर्शन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

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दीप प्रज्ज्वलन के साथ भव्य शुभारंभ

​कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि, नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री मदन मोहन सिंह, कुलसचिव श्री नागेंद्र सिंह एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इस अवसर पर कुलाधिपति ने संस्था के 30 गौरवशाली वर्ष पूरे होने पर सभी को बधाई दी।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

​बारीडीह, गोविंदपुर, कदमा और पोखारी शाखा के नन्हे कलाकारों ने मंच पर इंद्रधनुषी छटा बिखेरी:

  • विविध नृत्य: गणेश वंदना से लेकर ICC वर्ल्ड कप थीम, रेट्रो, क्षेत्रीय और देशभक्ति गीतों पर शानदार प्रस्तुतियां दी गईं।
  • प्रकृति का संदेश: छात्रों ने अग्नि, वायु, जल, आकाश और प्रकृति का रूप धरकर विज्ञान और पर्यावरण के संतुलन का बेहद खूबसूरत संदेश दिया।

एक अनूठी पहल: ‘उड़ान’ की शुरुआत

​इस वर्ष का मुख्य आकर्षण “उड़ान” पुरस्कार रहा, जिसका उद्देश्य बच्चों की छिपी हुई प्रतिभा को एक बड़ा मंच देना है।

  • सम्मान की नई परंपरा: स्कूल ने एक सराहनीय पहल करते हुए मेधावी छात्रों को पदक और प्रमाणपत्र उनके अभिभावकों के हाथों से दिलवाए।
  • भावुक पल: संस्था प्रमुख श्री मदन मोहन सिंह ने स्वयं छोटे बच्चों को गोद में उठाकर पुरस्कार प्रदान किए, जिसे देख पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।

विजेताओं की सूची

​”उड़ान” पहल के तहत पाठ्येतर गतिविधियों (Extracurricular activities) में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर:

  • ओवरऑल विजेता: पोखारी शाखा।
  • रनर-अप: मदन मोहन पब्लिक स्कूल, आदित्यपुर।
  • शाखा वार पदक: पोखारी (14 पदक), कदमा (5 पदक) और बारीडीह (1 पदक)।
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जमशेदपुर: रामकृष्ण मिशन स्कूल में खूनी संघर्ष की कोशिश, छात्र ने निकाला ‘चापड़’

जमशेदपुर | मंगलवार, 3 फरवरी, 2026

​लौहनगरी के सिदगोड़ा स्थित प्रतिष्ठित रामकृष्ण मिशन स्कूल में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सातवीं कक्षा के दो छात्रों के बीच का मामूली विवाद जानलेवा हमले की कोशिश में बदल गया। अनुशासन के लिए मशहूर इस संस्थान में एक छात्र ने क्लास के दौरान ही अपने बैग से ‘चापड़’ (तेज धारदार हथियार) निकाल लिया, जिससे पूरी कक्षा छावनी में तब्दील हो गई।

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घटना का विवरण

​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों छात्रों के बीच पिछले कुछ दिनों से अनबन चल रही थी। मंगलवार को कक्षा में बहस के दौरान विवाद इतना बढ़ा कि एक छात्र ने अचानक हथियार लहराना शुरू कर दिया। हथियार देख सहमे छात्र अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। शिक्षकों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत हस्तक्षेप किया और छात्र को काबू में किया, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

​घटना की सूचना मिलते ही सिदगोड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने निम्नलिखित कदम उठाए हैं:

  • ​दोनों नाबालिग छात्रों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
  • ​हथियार को जब्त कर लिया गया है।
  • ​पुलिस यह जांच कर रही है कि एक नाबालिग के पास इतना घातक हथियार कहाँ से आया और क्या इसमें किसी बाहरी व्यक्ति का हाथ है।

स्कूल प्रबंधन का पक्ष

​स्कूल प्रशासन ने इस घटना को ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की श्रेणी में रखते हुए दोनों छात्रों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। अभिभावकों को तत्काल प्रभाव से स्कूल तलब किया गया है।

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कपाली नगर परिषद के लिए ताजदार आलम बने भाजपा के अध्यक्ष प्रत्याशी, सरायकेला के तीनों निकायों के उम्मीदवारों की सूची जारी, गूंजे बगावत के सुर

सरायकेला, मंगलवार, 03 फरवरी 2026 : झारखंड निकाय चुनाव 2026 की सरगर्मी के बीच सरायकेला जिले के तीनों प्रमुख निकायों में भाजपा प्रत्याशियों के नामों को लेकर चल रहा सस्पेंस अब खत्म हो गया है। प्रदेश आलाकमान के दिशा-निर्देशों के बाद जिला मुख्यालय ने आदित्यपुर नगर निगम, सरायकेला नगर पंचायत और कपाली नगर परिषद के लिए अपने आधिकारिक उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है।
प्रमुख उम्मीदवारों की सूची
लंबे समय से चल रहे अंतर्विरोधों और कशमकश को किनारे करते हुए पार्टी ने निम्नलिखित चेहरों पर भरोसा जताया है:

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निकाय का नामपदप्रत्याशी का नाम
आदित्यपुर नगर निगमअध्यक्ष (मेयर)प्रभासिनी कालुंडिया
सरायकेला नगर पंचायतअध्यक्षसुमित कुमार चौधरी
कपाली नगर परिषदअध्यक्षताजदार आलम
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ताजदार आलम

कपाली नगर परिषद के लिए भाजपा ने ताजदार आलम को अध्यक्ष पद का प्रत्याशी घोषित किया है। ताजदार आलम को संगठन का अनुभवी और जमीनी नेता माना जाता है। पार्टी नेतृत्व को भरोसा है कि वे कपाली नगर परिषद में भाजपा की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने में सफल होंगे।

वहीं आदित्यपुर नगर निगम अध्यक्ष (मेयर) प्रभासिनी कालुंडिया, सरायकेला नगर पंचायत अध्यक्ष सुमित कुमार चौधरी का चयन भी संगठनात्मक अनुभव, क्षेत्रीय संतुलन और जनस्वीकार्यता को ध्यान में रखते हुए किया गया है।

बगावत के सुर: विधायक प्रतिनिधि ने खोला मोर्चा
आधिकारिक घोषणा के साथ ही जहां कुछ गुटों में शांति है, वहीं पार्टी के भीतर विरोध के स्वर भी तेज हो गए हैं। सरायकेला विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रतिनिधि सनद कुमार आचार्य ने पार्टी के फैसले के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं और बुधवार को स्वतंत्र प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
कई दिग्गजों की दावेदारी हुई समाप्त
इस सूची के जारी होने के साथ ही बोरजो राम हांसदा, बिनोती हांसदा और संजय सरदार जैसे कद्दावर नेताओं की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। टिकट न मिलने से इन नेताओं के समर्थकों में मायूसी देखी जा रही है। अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा इस बात की है कि क्या ये नेता पार्टी के प्रति वफादार रहकर घोषित उम्मीदवारों का समर्थन करेंगे या सनद कुमार आचार्य की तरह निर्दलीय मैदान में उतरकर समीकरण बिगाड़ेंगे।
आगे की चुनावी राह
घोषित प्रत्याशी अब नामांकन की तैयारियों और चुनावी बिसात बिछाने में जुट गए हैं।
मतदान की तिथि: 23 फरवरी 2026
नामांकन की अंतिम तिथि: 04 फरवरी 2026
सरायकेला की राजनीति के लिए आने वाले कुछ दिन काफी अहम होने वाले हैं, क्योंकि बागी उम्मीदवारों का रुख यह तय करेगा कि आधिकारिक प्रत्याशियों की राह कितनी आसान या मुश्किल होगी।

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झारखंड: 23 फरवरी को ‘महा-टकराव’, एक ही दिन निकाय चुनाव और बोर्ड परीक्षा; असमंजस में लाखों छात्र

रांची: झारखंड में आगामी 23 फरवरी 2026 की तारीख को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग और झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) के बीच ठन गई है। इस दिन राज्य के 48 नगर निकायों में मतदान होना है, जबकि इसी दिन मैट्रिक और इंटरमीडिएट की महत्वपूर्ण परीक्षाएं भी निर्धारित हैं। दोनों संस्थाओं के बीच छिड़े इस “लेटर वार” ने लाखों छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और शिक्षकों की नींद उड़ा दी है।

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संस्थाओं के बीच ‘लेटर वार’: कौन किस पर भारी?

​विवाद की जड़ चुनाव और परीक्षा की तारीखों का एक साथ होना है।

  • राज्य निर्वाचन आयोग का पक्ष: आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने स्पष्ट किया है कि चुनावी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अब तिथियों में बदलाव संभव नहीं है। आयोग का तर्क है कि चुनाव घोषणा से पहले जैक को कई बार पत्र लिखकर राय मांगी गई थी, लेकिन उनकी ओर से समय रहते कोई जवाब नहीं मिला।
  • जैक (JAC) का पक्ष: जैक सचिव जयंत कुमार मिश्र का कहना है कि छात्रों के भविष्य और व्यावहारिक कठिनाइयों को देखते हुए आयोग को मतदान की तारीख बदलनी चाहिए। जैक का मानना है कि परीक्षा केंद्रों पर ही मतदान केंद्र होने से कानून-व्यवस्था और परीक्षा की शुचिता बनाए रखना असंभव होगा।

23 फरवरी का गणित: क्यों बढ़ी है चिंता?

​23 फरवरी को जैक बोर्ड परीक्षा का अंतिम दिन है। इस दिन हिंदी (एक्स्ट्रा), उर्दू, बांग्ला और उड़िया जैसे विषयों की परीक्षा होनी है।

प्रमुख चुनौतियां:

  1. परीक्षा केंद्र बनाम मतदान केंद्र: राज्य के अधिकांश स्कूल ही परीक्षा केंद्र हैं और उन्हें ही मतदान केंद्र बनाया गया है। एक ही भवन में परीक्षा और वोटिंग एक साथ कराना व्यावहारिक नहीं है।
  2. कर्मियों की कमी: शिक्षक और कर्मचारी परीक्षा ड्यूटी में होंगे या चुनाव ड्यूटी में? यह एक बड़ा सवाल है।
  3. छात्रों की परेशानी: मतदान के कारण लगने वाली भीड़, ट्रैफिक जाम और सुरक्षा घेरे के बीच परीक्षार्थियों का समय पर केंद्र पहुंचना एक बड़ी चुनौती होगी।

अभिभावकों में आक्रोश: “छात्रों के भविष्य से खिलवाड़”

​अभिभावक मंच ने इस स्थिति को जैक की लापरवाही और आयोग की जिद का नतीजा बताया है। मंच के अध्यक्ष अजय राय ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने सरकार से हस्तक्षेप की मांग करते हुए पूछा है कि क्या एक ही कमरे में एक तरफ वोट डाले जाएंगे और दूसरी तरफ छात्र परीक्षा देंगे?

आगे क्या?

​फिलहाल गेंद राज्य सरकार के पाले में है। यदि दोनों संस्थाएं अपनी जिद पर अड़ी रहीं, तो मामला अदालत तक भी पहुंच सकता है। लाखों छात्र इस उम्मीद में हैं कि उनकी परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में हो और उन्हें इस प्रशासनिक खींचतान का खामियाजा न भुगतना पड़े।

मौजूदा स्थिति: > * चुनाव तिथि: 23 फरवरी 2026 (अटल)

  • बोर्ड परीक्षा: 23 फरवरी 2026 (अंतिम दिन)
  • असमंजस: परीक्षा केंद्रों के आवंटन और सुरक्षा को लेकर।
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जमशेदपुर: टाटा पावर गेट पर मजदूरों का हल्लाबोल, 12 फरवरी को राज्यव्यापी हड़ताल का एलान

जमशेदपुर: ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच, झारखंड के बैनर तले मंगलवार को टाटा पावर गेट के समक्ष मजदूरों ने अपनी आवाज बुलंद की। सैकड़ों की संख्या में जुटे श्रमिकों और विभिन्न यूनियन पदाधिकारियों ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर प्रबंधन और सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया।

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मजदूरों के शोषण का आरोप: “पेमेंट स्लिप मांगी तो नौकरी से निकाला”

​प्रदर्शन को संबोधित करते हुए ट्रेड यूनियन नेता अंबुज ठाकुर ने मजदूरों की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा:

  • मानदेय में देरी: श्रमिकों को समय पर उचित वेतन नहीं दिया जा रहा है।
  • दस्तावेजों का अभाव: कई संस्थानों में मजदूरों को ‘पेमेंट स्लिप’ तक उपलब्ध नहीं कराई जा रही।
  • दमनकारी नीति: यदि कोई मजदूर अपने हक की पेमेंट स्लिप मांगता है, तो उसे नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। ठाकुर ने इसे पूरी तरह गैरकानूनी और अन्यायपूर्ण करार दिया।

12 फरवरी को थमेगा झारखंड: राज्यव्यापी हड़ताल की घोषणा

​मजदूरों के हितों की रक्षा और लंबित समस्याओं के समाधान के लिए मंच ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।

​”हमारी मांगों को अनसुना किया जा रहा है। इसके विरोध में 12 फरवरी को झारखंड की सभी ट्रेड यूनियनें एकजुट होकर एक दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल करेंगी।” – अंबुज ठाकुर, ट्रेड यूनियन नेता

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

​धरना प्रदर्शन के दौरान अन्य वक्ताओं ने भी प्रबंधन को आड़े हाथों लिया। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह धरना तो महज एक शुरुआत है। यदि मजदूरों की समस्याओं का जल्द निस्तारण नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और भी उग्र रूप दिया जाएगा।

​हालाँकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन गेट पर उमड़ी भीड़ और मजदूरों के नारों ने प्रशासन और प्रबंधन की चिंताएँ बढ़ा दी हैं।

प्रमुख माँगें एक नजर में:

क्रममुख्य मांग
1समय पर उचित मानदेय का भुगतान
2अनिवार्य रूप से पेमेंट स्लिप मुहैया कराना
3छंटनी और गैरकानूनी निष्कासन पर रोक
4श्रमिक अधिकारों का पूर्ण अनुपालन
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जेल से विधानसभा: बाहुबली अनंत सिंह आज लेंगे विधायक पद की शपथ, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

पटना: मोकामा के बाहुबली नेता और नवनिर्वाचित विधायक अनंत सिंह आज मंगलवार को बिहार विधानसभा के सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। पटना सिविल कोर्ट से विशेष अनुमति मिलने के बाद उनका शपथ ग्रहण संभव हो पा रहा है। हालांकि, यह राहत केवल शपथ प्रक्रिया तक ही सीमित है; इसके तुरंत बाद उन्हें वापस बेऊर जेल भेज दिया जाएगा।

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भारी सुरक्षा घेरे में रहेंगे ‘छोटे सरकार’

​कोर्ट के आदेशानुसार, अनंत सिंह को जेल से सीधे विधानसभा लाया जाएगा। सुरक्षा में कोई चूक न हो, इसके लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं:

  • सुरक्षा दस्ता: क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) और विशेष सुरक्षा दस्ते के साथ भारी पुलिस बल तैनात रहेगा।
  • प्रतिबंध: शपथ के अलावा वे किसी भी अन्य गतिविधि में भाग नहीं ले सकेंगे। उन्हें न तो समर्थकों से मिलने की अनुमति है और न ही साथी विधायकों से संवाद की।
  • हाई अलर्ट: विधानसभा परिसर में सीसीटीवी और अतिरिक्त सुरक्षा बलों के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है।

शपथ क्यों है जरूरी?

​बिहार विधानसभा के कुल 243 सदस्यों में से 242 विधायक पहले ही शपथ ले चुके हैं। अनंत सिंह अकेले ऐसे विधायक थे जिनका शपथ ग्रहण बाकी था। संविधान के अनुच्छेद-188 के तहत, बिना शपथ लिए कोई भी निर्वाचित प्रतिनिधि न तो सदन की कार्यवाही में हिस्सा ले सकता है और न ही वेतन या भत्तों का हकदार होता है।

कानूनी पेंच: दुलारचंद हत्याकांड और जमानत

​अनंत सिंह की मुश्किलें 30 अक्टूबर 2025 को मोकामा के दुलारचंद यादव हत्याकांड के बाद शुरू हुईं।

  • गिरफ्तारी: इस मामले में 1 नवंबर को उनकी गिरफ्तारी हुई थी।
  • जमानत की स्थिति: फिलहाल उन्हें सिविल कोर्ट से राहत नहीं मिली है। पटना हाईकोर्ट में जमानत याचिका लंबित है, जहाँ हाल ही में एक जज ने सुनवाई से इनकार कर दिया था। अब मामला दूसरी बेंच में लिस्ट होने की प्रक्रिया में है।

मोकामा में जीत का ‘रिकॉर्ड’

​अनंत सिंह ने जेल में रहते हुए भी मोकामा सीट पर अपना दबदबा कायम रखा। उन्होंने राजद की वीणा देवी को 28,206 वोटों के बड़े अंतर से शिकस्त दी। यह लगातार दूसरी बार है जब वे जेल की सलाखों के पीछे से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुँच रहे हैं। इससे पहले 2020 में भी उन्होंने इसी तरह कोर्ट की अनुमति लेकर शपथ ली थी।

मुख्य बिंदु:

  • ​अनंत सिंह मोकामा से विधायक निर्वाचित हुए हैं।
  • ​दुलारचंद हत्याकांड में 1 नवंबर 2025 से जेल में बंद हैं।
  • ​कोर्ट के आदेश पर केवल शपथ के लिए बाहर आने की अनुमति मिली है।
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झारखंड को रेलवे बजट में मिली रिकॉर्ड 7,536 करोड़ की सौगात, बदल जाएगी 57 स्टेशनों की सूरत

रांची/नई दिल्ली: केंद्रीय बजट 2026-27 में झारखंड के रेल नेटवर्क के लिए ऐतिहासिक आवंटन किया गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि झारखंड को इस बार 7,536 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड राशि आवंटित की गई है। यह निवेश राज्य में रेलवे के आधुनिकीकरण, विस्तार और यात्री सुरक्षा को एक नई दिशा देगा।

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2009-2014 की तुलना में भारी बढ़ोतरी

​रेल मंत्री ने नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि केंद्र सरकार झारखंड जैसे खनिज संपन्न राज्यों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर दे रही है।

  • बड़ी तुलना: 2009-2014 के दौरान झारखंड के लिए औसत वार्षिक बजट केवल 457 करोड़ रुपये था। इस बार का आवंटन उस समय की तुलना में कई गुना अधिक है।

अमृत स्टेशन योजना: 57 स्टेशनों का होगा कायाकल्प

​सरकार की महत्वाकांक्षी ‘अमृत स्टेशन योजना’ के तहत झारखंड के 57 रेलवे स्टेशनों को चिह्नित किया गया है। इन स्टेशनों पर विश्वस्तरीय यात्री सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिनमें शामिल हैं:

  • ​स्टेशन भवनों का पुनर्विकास।
  • ​आधुनिक प्रतीक्षालय और बेहतर लाइटिंग।
  • ​उच्च गति वाली कनेक्टिविटी और सुरक्षा उपाय।

सुरक्षा और विस्तार पर फोकस

​बजट का मुख्य उद्देश्य केवल नई पटरियां बिछाना ही नहीं, बल्कि सुरक्षा को भी प्राथमिकता देना है। आवंटन का उपयोग इन कार्यों के लिए किया जाएगा:

  1. नई ट्रैक बिछाना: राज्य के दूर-दराज के इलाकों को रेल नेटवर्क से जोड़ना।
  2. क्षमता विस्तार: माल ढुलाई (Freight Operations) की गति बढ़ाना ताकि औद्योगिक विकास को बल मिले।
  3. सुरक्षा कवच: रेल हादसों को रोकने के लिए आधुनिक सुरक्षा तकनीकों का क्रियान्वयन।

दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) की भूमिका

​वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) के महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्रा भी मौजूद थे। उन्होंने बाद में मीडिया से बातचीत में कहा कि यह बजट झारखंड के रेल नेटवर्क के लिए क्रांतिकारी साबित होगा। इससे न केवल क्षेत्रीय संपर्क बढ़ेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

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जमशेदपुर: विधायक पूर्णिमा दास साहू ने मंडल अध्यक्षों संग SSP से की मुलाकात, कानून-व्यवस्था और जन समस्याओं पर हुई चर्चा

जमशेदपुर: जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र की लोकप्रिय विधायक श्रीमती पूर्णिमा दास साहू ने सोमवार को जिले के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) से मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के सभी मंडल अध्यक्ष और प्रमुख कार्यकर्ता भी मौजूद थे। विधायक ने क्षेत्र की सुरक्षा और आम जनता को हो रही विभिन्न समस्याओं को लेकर एसएसपी के समक्ष अपनी बातें रखीं।

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प्रमुख मुद्दों पर केंद्रित रही वार्ता

​विधायक पूर्णिमा दास साहू ने एसएसपी महोदय को क्षेत्र की वर्तमान स्थिति से अवगत कराते हुए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान आकर्षित कराया:

  • बढ़ता अपराध और नशा: विधायक ने क्षेत्र में बढ़ते नशे के कारोबार और चोरी-झपटमारी जैसी घटनाओं पर लगाम लगाने की मांग की।
  • कानून-व्यवस्था: मंडलों से आए अध्यक्षों ने अपने-अपने क्षेत्रों की विशिष्ट समस्याओं जैसे कि पुलिस गश्त बढ़ाने और असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई करने का आग्रह किया।
  • जन-संवाद: विधायक ने जोर दिया कि पुलिस और जनता के बीच बेहतर तालमेल होना चाहिए ताकि आम नागरिक सुरक्षित महसूस कर सकें।

पुलिस प्रशासन का आश्वासन

​एसएसपी जमशेदपुर ने विधायक और प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस प्रशासन सभी जन समस्याओं के समाधान के लिए तत्पर है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए गश्त तेज की जाएगी और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

विधायक का संकल्प

​मुलाकात के बाद विधायक पूर्णिमा दास साहू ने कहा, “जनता की सुरक्षा और उनकी समस्याओं का समाधान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम निरंतर प्रशासन के संपर्क में हैं ताकि पूर्वी विधानसभा का हर नागरिक भयमुक्त वातावरण में रह सके।”

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परसुडीह: 3 साल से फरार रंगदारी का आरोपी बलाई हेंब्रम गिरफ्तार, पुलिस ने भेजा जेल

जमशेदपुर: परसुडीह थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए रंगदारी के पुराने मामले में लंबे समय से फरार चल रहे एक कुख्यात आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान हलुदबनी तिरिल टोला निवासी बलाई हेंब्रम उर्फ बोलाई हेंब्रम उर्फ होपोन के रूप में हुई है।

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​2022 से पुलिस को दे रहा था चकमा

​पुलिस के अनुसार, बलाई हेंब्रम के खिलाफ वर्ष 2022 में रंगदारी मांगने का गंभीर मामला दर्ज किया गया था। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही वह अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। पुलिस के लिए उसकी गिरफ्तारी एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी।

​गुप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई

​परसुडीह पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी अपने पैतृक क्षेत्र तिरिल टोला में देखा गया है और वह वहां फिर से सक्रिय हो रहा है। सूचना मिलते ही थाना पुलिस ने एक टीम गठित कर त्वरित छापेमारी की और घेराबंदी कर आरोपी को धर दबोचा।

​न्यायिक हिरासत में भेजा गया जेल

​गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से थाने में गहन पूछताछ की। बताया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने मामले से जुड़ी कई अहम जानकारियां दी हैं, जिससे इस गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुँचने में पुलिस को मदद मिल सकती है।

  • न्यायालय की कार्यवाही: पूछताछ और कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद सोमवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया।
  • जेल: माननीय न्यायालय के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में जमशेदपुर केंद्रीय कारा (घाघीडीह जेल) भेज दिया गया है।

​पुलिस का पक्ष

​परसुडीह पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए यह अभियान जारी रहेगा। इस मामले में संलिप्त अन्य संदिग्धों की भी पहचान की जा रही है और जल्द ही उन पर भी कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।

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