एक नई सोच, एक नई धारा

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ग्लोबल फ्यूल संकट: पश्चिम एशिया की जंग ने दुनिया में मचाया हाहाकार, पाकिस्तान में स्कूल बंद, भारत के कई शहरों में गैस किल्लत

नई दिल्ली/इस्लामाबाद: पश्चिम एशिया (ईरान-इजरायल) में जारी भीषण युद्ध का असर अब पूरी दुनिया की रसोई और रफ़्तार पर दिखने लगा है। कच्चे तेल और एलपीजी (LPG) की आपूर्ति बाधित होने से वैश्विक ईंधन संकट खड़ा हो गया है। पड़ोसी देश पाकिस्तान और बांग्लादेश में जहां हालात बेकाबू हैं, वहीं भारत के महानगरों में भी कमर्शियल गैस की किल्लत ने होटल इंडस्ट्री की कमर तोड़ दी है।

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पड़ोसी देशों में ‘इमरजेंसी’ जैसे हालात

  • पाकिस्तान: पंजाब प्रांत में सरकार ने ईंधन बचाने के लिए 31 मार्च तक सभी स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए हैं। सरकारी कर्मचारियों के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ लागू है और मंत्रियों के पेट्रोल भत्ते में 50% की कटौती कर दी गई है।
  • बांग्लादेश: कतर से एलएनजी सप्लाई रुकने के बाद बिजली और ईंधन का गंभीर संकट है। विश्वविद्यालयों को बंद कर ईद की अग्रिम छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं।
  • म्यांमार: ईंधन खत्म होने के कगार पर है। सरकार ने वाहनों के लिए ऑड-ईवन (Odd-Even) फॉर्मूला लागू कर दिया है।

दुनिया के अन्य देशों का रुख

​संकट को देखते हुए चीन ने पेट्रोल-डीजल के निर्यात पर पूरी तरह रोक लगा दी है। दक्षिण कोरिया ने 30 साल में पहली बार कीमतों पर ‘कैप’ (अधिकतम मूल्य सीमा) लगाया है, जबकि जापान ने अपने राष्ट्रीय तेल भंडार (Emergency Reserve) से तेल निकालना शुरू कर दिया है।

भारत पर असर: बेंगलुरु में होटल बंद, यूपी-महाराष्ट्र में हाहाकार

​भारत में भी इस वैश्विक संकट की तपिश महसूस की जा रही है:

  1. बेंगलुरु: होटल्स एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई न होने के कारण मंगलवार से शहर के होटल और रेस्टोरेंट बंद हो सकते हैं।
  2. उत्तर प्रदेश: गोरखपुर और वाराणसी में पेट्रोलियम कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की डिलीवरी रोक दी है। घरेलू सिलेंडरों के कोटे में भी 25% तक की कटौती के निर्देश दिए गए हैं।
  3. मुंबई और पुणे: मुंबई में सिलेंडर बुकिंग का बैकलॉग 8 दिन तक पहुंच गया है। वहीं, पुणे में गैस की कमी के कारण 18 शवदाह गृहों को अस्थाई रूप से बंद करना पड़ा है।

क्या कहती हैं कंपनियां?

​नेशनल रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने केंद्र सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। हालांकि सरकार का कहना है कि आपूर्ति पर्याप्त है, लेकिन जमीनी स्तर पर सप्लायरों ने डिलीवरी रोक दी है, जिससे कालाबाजारी का डर बढ़ गया है।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

सतना: बेवफाई की खूनी पटकथा; पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर उजाड़ा अपना ही सुहाग, 72 घंटे में खुलासा

सतना/जैतवारा: मध्य प्रदेश के सतना जिले से एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पत्नी ने अपने अवैध संबंधों की राह में रोड़ा बन रहे पति को रास्ते से हटा दिया। जैतवारा थाना पुलिस और साइबर सेल ने महज 72 घंटों के भीतर इस ‘अंधे कत्ल’ की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

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नदी किनारे मिला था लहूलुहान शव

​घटना की शुरुआत 4 मार्च की रात से हुई, जब 45 वर्षीय कौशलेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ डब्बू संदिग्ध परिस्थितियों में अपने घर से लापता हो गए। परिजनों की काफी तलाश के बाद 5 मार्च को गांव के बाहर नदी के पास उनका क्षत-विक्षत शव मिला। डब्बू के सिर पर भारी पत्थर से वार किए जाने के निशान थे और शरीर को घसीटा गया था, जिससे साफ था कि यह एक सोची-समझी हत्या है।

साइबर सेल ने पकड़ी ‘बेवफाई’ की लोकेशन

​थाना प्रभारी अभिषेक पांडेय के नेतृत्व में पुलिस ने जब तफ्तीश शुरू की, तो मृतक की पत्नी कुसुम सिंह के बयानों में विरोधाभास मिला। पुलिस ने जब साइबर सेल की मदद से कॉल डिटेल्स खंगाली, तो चौंकाने वाला सच सामने आया। वारदात वाली रात कुसुम की बातचीत उत्तर प्रदेश के बांदा निवासी संदीप पटेल (32) से लगातार हो रही थी। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर संदीप को बांदा से दबोच लिया।

गुजरात से शुरू हुआ था ‘मौत का खेल’

​पूछताछ में आरोपी संदीप ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वह और मृतक डब्बू गुजरात में साथ काम करते थे। इसी दौरान संदीप और कुसुम के बीच प्रेम संबंध बन गए। जब डब्बू को इस बात का पता चला, तो उसने विरोध किया। प्रेमी जोड़े ने डब्बू को रास्ते से हटाने की साजिश रची।

  • साजिश का क्रम: संदीप 3 मार्च को गुजरात से चला और 4 मार्च को सतना पहुंचा।
  • हत्या का तरीका: शाम को संदीप ने डब्बू को शराब पिलाने के बहाने नदी किनारे बुलाया। जब डब्बू नशे में धुत हो गया, तो संदीप ने भारी पत्थर से उसके सिर पर ताबड़तोड़ वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया।

पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी

​पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और खून से सना पत्थर बरामद कर लिया है। आरोपी पत्नी कुसुम सिंह उर्फ रीना और प्रेमी संदीप पटेल को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने में जैतवारा पुलिस और साइबर सेल की भूमिका की जिले भर में सराहना हो रही है।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

ईरान-इजरायल युद्ध: ‘पीएम मोदी का एक फोन और रुक जाएगी जंग’, UAE के पूर्व राजदूत का बड़ा दावा

नई दिल्ली/दुबई: पश्चिम एशिया में बीते 10 दिनों से जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। जहां एक तरफ इजरायल और अमेरिका मिलकर ईरान के ठिकानों को निशाना बना रहे हैं, वहीं ईरान भी पलटवार करते हुए इजरायल और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सहयोगियों पर मिसाइलों की बारिश कर रहा है। 28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध में अब तक सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और शांति की कोई किरण नजर नहीं आ रही है।

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​इस बीच, भारत में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के पहले राजदूत हुसैन हसन मिर्जा ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने वैश्विक कूटनीति में हलचल पैदा कर दी है। मिर्जा का मानना है कि इस महायुद्ध को रोकने की शक्ति भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास है।

‘बस एक फोन कॉल और युद्ध खत्म’

​एनडीटीवी को दिए एक विशेष इंटरव्यू में हुसैन हसन मिर्जा ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी का खाड़ी देशों, राजनीतिक नेतृत्व और आम जनता के बीच व्यापक सम्मान है। उनकी विश्वसनीयता ऐसी है कि ईरान और इजरायल दोनों उनकी बात टाल नहीं पाएंगे। मिस्टर मोदी का अपने समकक्षों को किया गया सिर्फ एक फोन कॉल इस पूरे मसले को सुलझा सकता है और युद्ध को एक झटके में खत्म कर सकता है।”

UAE नहीं बनेगा किसी का ‘लॉन्चिंग पैड’

​मिर्जा ने साफ कर दिया कि संयुक्त अरब अमीरात इस जंग का हिस्सा नहीं बनना चाहता। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा:

  • ​UAE अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी देश (चाहे वह ईरान हो या इजरायल-अमेरिका) के लिए ‘लॉन्चिंग पैड’ के तौर पर नहीं होने देगा।
  • ​उन्होंने सवाल उठाया कि यह लड़ाई हमारी जमीन पर क्यों लड़ी जा रही है? यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है।
  • ​UAE की भू-राजनीतिक स्थिति ऐसी है कि उसके दोनों पक्षों के साथ संबंध हैं, इसलिए वह एक ‘बातचीत का पुल’ (Bridge of Communication) बनने को तैयार है।

28 फरवरी से दहक रहा है पश्चिम एशिया

​बता दें कि 28 फरवरी से शुरू हुई इस जंग ने क्षेत्र की स्थिरता को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। इजरायल और अमेरिका के साझा हमलों के जवाब में ईरान के आक्रामक रुख ने खाड़ी देशों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में वैश्विक समुदाय अब भारत की ओर देख रहा है कि क्या ‘विश्वबंधु’ की भूमिका निभाने वाले पीएम मोदी इस संकट में मध्यस्थता करेंगे।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

टाटा स्टील जमशेदपुर का मेन गेट जाम: मजदूर की मौत पर बरपा हंगामा, 50 लाख मुआवजे और नौकरी की मांग

जमशेदपुर: टाटा स्टील जमशेदपुर के मेन गेट पर सोमवार को भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। जेएलकेएम (JLKM) के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो के नेतृत्व में आक्रोशित कार्यकर्ताओं और परिजनों ने कंपनी के मुख्य द्वार को करीब दो घंटे तक जाम रखा। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट नारा था— “मजदूर का शोषण बंद हो।”

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कार्य के दौरान हादसे में हुई मौत

​मिली जानकारी के अनुसार, सिल्ली मारदू के निवासी रोबिन महतो, जो पिछले 20 वर्षों से टाटा स्टील में कार्यरत थे, उनकी कार्य के दौरान एक दुर्घटना में दुखद मौत हो गई। इस घटना के बाद से ही साथी मजदूरों और परिजनों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।

परिजनों के लिए बड़ी मांगें

​मौके पर मौजूद देवेन्द्र नाथ महतो ने कंपनी प्रबंधन के समक्ष मृतक के परिवार के लिए कड़े तेवर दिखाते हुए निम्नलिखित मांगें रखीं:

  • मुआवजा: मृतक के परिवार को तत्काल 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।
  • स्थाई नौकरी: मृतक के तीनों बेटों को कंपनी में स्थाई नियोजन (Permanent Job) मिले।
  • आजीवन पेंशन: रोबिन महतो की पत्नी, अनीता महतो को सम्मानपूर्वक जीवन जीने के लिए आजीवन पेंशन की सुविधा दी जाए।

मौके पर डटे रहे जेएलकेएम नेता

​इस विरोध प्रदर्शन में देवेन्द्र नाथ महतो के साथ जेएलकेएम के राम प्रसाद महतो, मीनाक्षी देवी, भानुमति देवी, सुलोचना महतो, भानुप्रिया महतो, अभिषेक वर्मा, गणेश कुम्हार और तपन महतो सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। प्रदर्शन के कारण कंपनी के मुख्य द्वार पर आवाजाही पूरी तरह बाधित रही।

​प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे नहीं हटेंगे। समाचार लिखे जाने तक प्रबंधन और प्रदर्शनकारियों के बीच वार्ता की प्रक्रिया जारी थी।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

जमशेदपुर: दुकान में चोरी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, CCTV फुटेज ने खोला राज, पुलिस ने भेजा जेल

जमशेदपुर, 9 मार्च: शहर के सिदगोड़ा थाना क्षेत्र में चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले एक शातिर चोर को पुलिस ने धर दबोचा है। पकड़े गए आरोपी की पहचान सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के काली मंदिर के पास रहने वाले सुमित सांडिल उर्फ टुनु (21 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी का सामान भी बरामद कर लिया है।

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CCTV फुटेज से हुई पहचान

​घटना के संबंध में भुइयांडीह कान्हू भट्ठा निवासी पंचम भुइयाँ ने 7 मार्च को सिदगोड़ा थाने में अज्ञात चोर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनकी दुकान में घुसकर चोरी की गई थी। पुलिस ने जब मामले की तफ्तीश शुरू की और दुकान में लगे CCTV कैमरों की जांच की, तो आरोपी का चेहरा साफ नजर आ गया।

​इसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया और 8 मार्च को सिदगोड़ा ट्रांसपोर्ट मैदान के पास से सुमित सांडिल को संदिग्ध अवस्था में पकड़ लिया।

सामान और नकदी बरामद

​कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने चोरी की बात स्वीकार कर ली। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने निम्नलिखित सामान बरामद किया है:

  • ​चोरी किया गया पर्स
  • ​आधार कार्ड और पैन कार्ड
  • ​चोरी की रकम में से बचे हुए 500 रुपये

​आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने चोरी के बाकी पैसे खर्च कर दिए हैं।

न्यायिक हिरासत में भेजा गया

​सिदगोड़ा थाना पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद सोमवार, 9 मार्च को आरोपी सुमित सांडिल को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी जा रही है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

झारखंड बार काउंसिल चुनाव: “महिलाओं की तरह वंचितों को भी मिले आरक्षण”, अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने उठाई आवाज

जमशेदपुर: झारखंड राज्य बार काउंसिल के आगामी चुनाव (12 मार्च) को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी बीच जमशेदपुर बार एसोसिएशन के सदस्य और समाजवादी चिंतक अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने काउंसिल की संरचना और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए ‘वंचित समूहों’ की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की है।

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आरक्षण और प्रतिनिधित्व पर सवाल

​अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने तर्क दिया कि जब बार काउंसिल में महिला अधिवक्ताओं के लिए 5% हिस्सेदारी सुरक्षित की गई है, तो वंचित समूहों (SC/ST) की अनदेखी क्यों की जा रही है? उन्होंने कहा, “झारखंड की पहचान यहाँ की आदिवासी संस्कृति और विरासत से है। राज्य निर्माण के बाद से कितने आदिवासियों और भूमि पुत्रों को काउंसिल में सही प्रतिनिधित्व मिला, यह एक बड़ा सवाल है।”

​उन्होंने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा से भी आग्रह किया है कि काउंसिल द्वारा मनोनीत किए जाने वाले दो अधिवक्ता अनिवार्य रूप से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग से होने चाहिए।

“8 सालों में अधिवक्ताओं को क्या मिला?”

​पिछले 8 वर्षों के कार्यकाल का विश्लेषण करते हुए उन्होंने वर्तमान और पूर्व पदाधिकारियों को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि 25 सदस्यों और चेयरमैन वाली कमेटी के होने के बावजूद झारखंड के 30 हजार वकीलों की समस्याएं कम होने के बजाय बढ़ी हैं।

  • पुलिस और प्रशासन से टकराव: जिला और निचली अदालतों में वकीलों को अक्सर थाना-पुलिस और कर्मचारियों के साथ टकराव झेलना पड़ता है, लेकिन स्टेट बार काउंसिल उनकी मजबूत आवाज बनने में विफल रही है।
  • चुनावी वादे बनाम हकीकत: उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चुनाव आते ही ‘एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट’ और बड़े-बड़े पोस्टरों की बाढ़ आ जाती है, लेकिन चुनाव खत्म होते ही ये वादे हवा हो जाते हैं।

अधिवक्ताओं से खास अपील

​सुधीर कुमार पप्पू ने राज्य के तमाम अधिवक्ताओं से पूर्वाग्रह त्याग कर ‘भूमिपुत्र’ और स्पष्ट नीति वाले उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने की अपील की है। उन्होंने अपनी मांगों में प्रमुखता से रखा:

  1. एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट: लंबे समय से लंबित इस कानून को तत्काल लागू कराया जाए।
  2. कौशल प्रशिक्षण: प्रैक्टिस करने वाले वकीलों के लिए नियमित तकनीकी और कौशल विकास शिविर आयोजित हों।
  3. बार-बेंच सौहार्द: न्यायिक पदाधिकारियों और वकीलों के बीच बेहतर तालमेल ताकि पक्षकारों को समय पर न्याय मिल सके।

निर्णायक होगा 12 मार्च का चुनाव

​बता दें कि आगामी 12 मार्च को होने वाले इस चुनाव में लगभग 100 प्रत्याशी मैदान में हैं। सुधीर कुमार पप्पू ने वकीलों से आह्वान किया है कि वे केवल पोस्टर और नारों को न देखें, बल्कि प्रत्याशी की नीयत और उनके संघर्ष की पृष्ठभूमि को देखकर वोट करें।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

जमशेदपुर: विश्व हिंदू परिषद के नाम पर गुमराह करने की कोशिश, जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता ने जारी किया कड़ा बयान

जमशेदपुर, 9 मार्च: रामनवमी और हिंदू नववर्ष की तैयारियों के बीच जमशेदपुर में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नाम पर भ्रम फैलाने का मामला सामने आया है। विहिप जमशेदपुर महानगर के जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट किया है कि कुछ लोग संगठन के नाम का गलत इस्तेमाल कर हिंदू समाज और अखाड़ा समितियों को गुमराह कर रहे हैं।

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1 मार्च की बैठक का निर्णय ही अंतिम

​अजय गुप्ता ने जानकारी दी कि 1 मार्च को तुलसी भवन में जमशेदपुर केंद्रीय रामनवमी समिति और विश्व हिंदू परिषद की एक संयुक्त बैठक हुई थी। इस बैठक में शहर की सभी रामनवमी अखाड़ा समितियों के साथ सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था कि:

  • 18 मार्च: भव्य हिंदू नववर्ष यात्रा निकाली जाएगी।
  • 27 मार्च: रामनवमी की विशेष पूजा संपन्न होगी।
  • 28 मार्च: शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी।

भ्रामक बैठकों से सावधान रहने की अपील

​जिलाध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान में शहर में कुछ लोग विहिप का नाम लेकर अलग से केंद्रीय रामनवमी समिति की बैठकें आयोजित कर रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “विहिप ऐसी किसी भी बैठक को मान्यता नहीं देती और न ही इनमें हमारा कोई समर्थन है। यह हिंदू समाज को भ्रम में डालने की एक साजिश है।”

संगठन की आधिकारिक प्रक्रिया

​प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि विहिप जमशेदपुर महानगर से संबंधित कोई भी आधिकारिक निर्णय केवल निम्नलिखित पदाधिकारियों द्वारा ही लिया जाता है:

  1. अजय गुप्ता (जिलाध्यक्ष)
  2. चंद्रिका भगत (जिला मंत्री)
  3. ​विहिप की अधिकृत जिला समिति

​उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी सदस्य का निजी निर्णय संगठन का निर्णय नहीं माना जाएगा और यह अनुशासन के विरुद्ध है। अजय गुप्ता ने जमशेदपुर वासियों और हिंदू समाज से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

ब्रह्माकुमारीज़ कदमा ने मनाया अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: ‘खुशहाल महिला से ही बनेगा खुशहाल परिवार’

जमशेदपुर, 9 मार्च: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की कदमा शाखा द्वारा एक विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। “खुशहाल महिला – खुशहाल परिवार” विषय पर आधारित इस कार्यक्रम में शहर की प्रबुद्ध महिलाओं और गणमान्य नागरिकों ने शिरकत की।

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नारी परिवार की धुरी: बी.के. संजू बहन

​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कदमा सेवा केंद्र की प्रभारी बी.के. संजू बहन ने महिलाओं की आंतरिक शक्ति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “महिला केवल परिवार की सदस्य नहीं, बल्कि उसकी धुरी होती है। जब एक नारी मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त होती है, तो परिवार में सुख, शांति और प्रेम का वातावरण स्वतः ही स्थापित हो जाता है।” उन्होंने राजयोग और सकारात्मक सोच के माध्यम से स्वयं को संतुलित रखने पर जोर दिया, ताकि समाज और राष्ट्र के निर्माण में महिलाएं अपनी अहम भूमिका निभा सकें।

विशिष्ट अतिथियों का सम्मान

​इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले अतिथियों में मुख्य रूप से शामिल थे:

  • डॉ. रागिनी भूषण जी
  • डॉ. नगम्मा जी (एसोसिएट प्रोफेसर, बायोकेमेस्ट्री विभाग, मणिपाल कॉलेज)
  • सिम्मी सरकार जी

​संस्था की ओर से सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर उनका अभिनंदन किया गया। उपस्थित वक्ताओं ने ब्रह्माकुमारीज़ के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि आध्यात्मिक सशक्तिकरण ही भारत को पुनः स्वर्णिम युग की ओर ले जाने का मार्ग है।

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संकल्प और राजयोग का संदेश

​कार्यक्रम के दौरान उपस्थित माताओं-बहनों ने आध्यात्मिक गीतों और अपने अनुभवों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण के महत्व को साझा किया। सभी ने समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक राजयोग ध्यान और ईश्वरीय संदेश के साथ हुआ, जिससे पूरा वातावरण शांति और उमंग से भर गया।

​इस आयोजन को सफल बनाने में बी.के. पूनम बहन, शोमा बहन, ज्योति बहन, अनीता बहन और पुष्पा बहन का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

रजरप्पा मंदिर में श्रद्धालुओं से हाथापाई: रामगढ़ SP की बड़ी कार्रवाई, 4 पुलिसकर्मी निलंबित, एक होमगार्ड सेवामुक्त

रामगढ़/रजरप्पा: प्रसिद्ध सिद्धपीठ रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिके मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और पुलिसकर्मियों के बीच हुई हाथापाई के मामले में रामगढ़ पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल होने और प्राथमिक जांच के बाद, रामगढ़ पुलिस अधीक्षक (SP) अजय कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही, एक होमगार्ड (गृहरक्षक) को उसकी सेवाओं से मुक्त कर दिया गया है।

क्या है पूरा मामला?

​8 मार्च को रजरप्पा मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने मुख्य प्रवेश द्वार को खुला रखा था और बाकी द्वारों को बंद कर दिया था। सुरक्षा व्यवस्था के लिए जैप-04 के जवानों और रजरप्पा थाना के सहायक अवर निरीक्षक (ASI) प्रकाश चंद्र मुर्मू की तैनाती की गई थी।

​विवाद दोपहर लगभग 1:30 से 2:00 बजे के बीच तब शुरू हुआ जब निकास द्वार से एक बुजुर्ग को मानवीय आधार पर प्रवेश दिया गया। इसी दौरान जमशेदपुर से आए कुछ अन्य श्रद्धालु भी उसी रास्ते से जबरन अंदर घुसने की कोशिश करने लगे।

बहस और फिर हाथापाई

​ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने जब श्रद्धालुओं को मुख्य द्वार से आने को कहा, तो विवाद बढ़ गया। पुलिस के अनुसार, बहस के दौरान एक श्रद्धालु ने एएसआई प्रकाश चंद्र मुर्मू के साथ अभद्र व्यवहार किया और उनके कंधे का स्टार नोच दिया। इसके बाद मौके पर मौजूद जवानों और श्रद्धालुओं के बीच तीखी झड़प और हाथापाई शुरू हो गई, जिसका वीडियो इंटरनेट पर तेजी से फैल गया।

जांच के बाद गिरी गाज

​घटना की सूचना मिलते ही SP अजय कुमार ने मामले का संज्ञान लिया और डीएसपी (मुख्यालय) को जांच के आदेश दिए। जांच रिपोर्ट और वायरल वीडियो के आधार पर पुलिसकर्मियों के व्यवहार को अनुचित पाया गया।

इन पर हुई कार्रवाई:

  • निलंबित पुलिसकर्मी (JAP-04, बोकारो): आरक्षी श्याम लाल महतो, राधेश्याम कुजूर, बहादुर उरांव और जॉनसन सुरीन। (इन्हें फिलहाल सामान्य जीवन यापन भत्ता पर रखा गया है)।
  • सेवामुक्त: होमगार्ड सिकंदर यादव को कार्य से हटा दिया गया है।

प्रशासन की अपील

​रामगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं के साथ किसी भी तरह का अमानवीय या अभद्र व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंदिर परिसर में तैनात सभी पदाधिकारियों को संयम बरतने और श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

​🚦 सुंदरनगर: रेलवे फाटक बंद होने से लगा महाजाम, आरपीएफ जवान की बदसलूकी पर भड़के लोग

जमशेदपुर (सुंदरनगर): सोमवार की सुबह सुंदरनगर रेलवे फाटक पर उस वक्त भारी अव्यवस्था देखने को मिली, जब बिना किसी पूर्व सूचना के फाटक को बंद कर दिया गया। घंटों लगे इस जाम ने न केवल सैकड़ों वाहन चालकों की रफ्तार थाम दी, बल्कि भीषण गर्मी में लोगों के सब्र का बांध भी तोड़ दिया।

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​👮 आरपीएफ जवान के व्यवहार से बढ़ा तनाव

​मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जाम से निपटने में मदद करने के बजाय वहाँ तैनात एक आरपीएफ जवान वाहन चालकों के साथ उलझ गया। लोगों का गंभीर आरोप है कि जवान ने अपनी वर्दी का धौंस दिखाते हुए आम जनता से बदसलूकी की। इस व्यवहार से आक्रोशित लोगों ने अब इस मामले की शिकायत चक्रधरपुर जाकर आरपीएफ कमांडेंट और रेल डीआरएम से करने का निर्णय लिया है।

​🛠️ मरम्मत कार्य बना जाम का कारण

​रेलवे कर्मचारियों के अनुसार, फाटक का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। इसे ठीक करने के लिए फाटक बंद करना अनिवार्य था, लेकिन मरम्मत में उम्मीद से अधिक समय लगने के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

​🚩 प्रशासनिक उदासीनता और स्वास्थ्य संकट

​घटनास्थल से जुड़ी दो बड़ी बातें सामने आईं:

  • पुलिस की अनुपस्थिति: हैरानी की बात यह रही कि फाटक से महज 40 मीटर की दूरी पर सुंदरनगर थाना होने के बावजूद कोई भी पुलिसकर्मी स्थिति संभालने नहीं पहुँचा।
  • भीषण गर्मी का कहर: तेज धूप और उमस के कारण जाम में फंसे लोग बेहाल रहे। इस दौरान एक बाइक सवार गर्मी बर्दाश्त नहीं कर सका और बेहोश होकर गिर पड़ा, जिसे तुरंत खासमहल स्थित सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।

​📢 जनता में भारी रोष

​काफी मशक्कत के बाद जब मरम्मत पूरी हुई और फाटक खुला, तब जाकर यातायात सामान्य हो सका। हालांकि, रेलवे प्रबंधन और सुरक्षा कर्मियों के अड़ियल रवैये को लेकर स्थानीय लोगों और राहगीरों में अब भी भारी नाराजगी है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज, जमशेदपुर

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