एक नई सोच, एक नई धारा

टाटानगर स्टेशन पर खूनी वारदात: लोको पायलट की गोली मारकर हत्या, स्टेशन परिसर में मची सनसनी

जमशेदपुर/बागबेड़ा: टाटानगर स्टेशन परिसर रविवार देर रात गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा। बागबेड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत रनिंग रूम के ठीक सामने अज्ञात अपराधियों ने एक लोको पायलट की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद पूरे रेलवे महकमे और स्थानीय इलाके में दहशत का माहौल है।9bbd5af0e5a007b0f24b36a23471ce26ba1d46eb65676813f6cf0fb4caf47a00.0

ड्यूटी खत्म होते ही घात लगाकर किया हमला

​मृतक की पहचान ज्ञानेंदु कुमार गौतम (जी.के. गौतम) के रूप में हुई है, जो आदित्यपुर के रहने वाले थे। जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात करीब 12:30 बजे वे मालगाड़ी लेकर टाटानगर स्टेशन पहुंचे थे। अपनी ड्यूटी खत्म करने के बाद करीब 12:40 बजे वे संयुक्त चालक एवं परिचालक लॉबी की ओर जा रहे थे। इसी दौरान रनिंग रूम के गेट के पास बाइक सवार दो अपराधी पीछे से आए और उनके सिर में सटाकर गोली मार दी। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

जांच में जुटे आला अधिकारी, इलाके की घेराबंदी

​घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा। घटनास्थल से पुलिस ने एक खोखा बरामद किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिटी एसपी ललित मीना और डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर तौकीर आलम ने भी देर रात घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर अपराधियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।

ठेकेदारी और जमीन विवाद की आशंका

​सूत्रों के अनुसार, लोको पायलट जी.के. गौतम रेलवे में अपनी सेवा देने के साथ-साथ ठेकेदारी और जमीन की खरीद-बिक्री के कारोबार से भी जुड़े थे। पुलिस हत्या के पीछे पेशेवर रंजिश या व्यावसायिक विवाद के पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। स्टेशन जैसे सुरक्षित माने जाने वाले क्षेत्र में इस तरह की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

फर्जी पत्रकार का हाईवोल्टेज ड्रामा: सड़क हादसे के बाद रौब जमाना पड़ा भारी, पुलिस ने उतारी ‘प्रेस’ की धौंस

आदित्यपुर: टाटा-कांड्रा मुख्य सड़क पर रविवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक सड़क दुर्घटना के बाद खुद को पत्रकार बताने वाले एक युवक ने जमकर हंगामा किया। घटना आशियाना मोड़ स्थित पेट्रोल पंप के समीप की है।a4b5fc1152511606061b4de1cd435b63de9b5338eb0d47b1c1aa2991499cfc64.0

हादसे के बाद गुंडागर्दी और अभद्रता

​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक स्कूटी सवार युवक ने ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो को नुकसान पहुँचा। हादसे के बाद माफी मांगने के बजाय स्कूटी सवार युवक ने खुद को मीडिया कर्मी बताया और ऑटो चालक के साथ गाली-गलौज और अभद्रता शुरू कर दी। इतना ही नहीं, युवक ने आपा खोते हुए ऑटो का शीशा भी तोड़ दिया।bf61a429f936d6687b857bd6e5da6e439f8e27af1ec6e7f62202b58a312584c5.0

कवरेज कर रहे पत्रकारों से उलझा ‘कथित’ पत्रकार

​हंगामे की सूचना पाकर जब स्थानीय पत्रकार मौके पर कवरेज करने पहुंचे, तो युवक उनसे भी भिड़ गया। उसने खुद को “सोशल संवाद” का पत्रकार बताते हुए वहां मौजूद मीडियाकर्मियों के साथ तीखी बहस की और एक पत्रकार का कैमरा छीनने का प्रयास किया। जब उससे पहचान पत्र (ID Card) दिखाने को कहा गया, तो वह कोई भी वैध प्रमाण पेश नहीं कर सका।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

पुलिस की कार्रवाई और पहचान का खुलासा

​सूचना मिलते ही आदित्यपुर थाना की गश्ती टीम मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में लेकर थाने ले गई। पुलिस पूछताछ में युवक की पहचान चंद्रभानु सिंह (निवासी: भाटिया बस्ती) के रूप में हुई। जांच में यह स्पष्ट हो गया कि युवक पत्रकारिता से जुड़ा कोई ठोस दस्तावेज नहीं दिखा पाया, जिसके बाद पुलिस ने उसे कड़ी फटकार लगाई।

असली पत्रकारों में आक्रोश: कार्रवाई की मांग

​इस घटना ने एक बार फिर वाहनों पर “प्रेस” लिखकर घूमने वाले फर्जी पत्रकारों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय पत्रकारों का कहना है कि ऐसे असामाजिक तत्व न केवल कानून का उल्लंघन करते हैं, बल्कि समाज में वास्तविक पत्रकारों की छवि को भी धूमिल कर रहे हैं। पत्रकारों ने जिला प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि फर्जी आईडी कार्ड और प्रेस स्टिकर का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की जाए।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा

न्यूज

दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला: टेकऑफ के दौरान स्विस एयर के विमान के इंजन में लगी आग, 6 यात्री घायल

नई दिल्ली: राजधानी के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर रविवार सुबह एक बड़ा विमान हादसा होते-होते रह गया। दिल्ली से ज्यूरिख (स्विट्जरलैंड) जाने वाली स्विस एयर की फ्लाइट (SWR146) के इंजन में टेकऑफ के दौरान अचानक आग लग गई। गनीमत रही कि पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाए, जिससे एक बड़ी त्रासदी टल गई।swiss air flights

इंजन फेल होते ही उठने लगा धुआं

​जानकारी के अनुसार, विमान जब रनवे पर दौड़ रहा था (टेकऑफ रोल), तभी उसके बाएं हिस्से से गहरा धुआं उठता देखा गया। बताया जा रहा है कि विमान का एक इंजन फेल हो गया और दाईं ओर लैंडिंग गियर के पास आग की लपटें दिखाई दीं। खतरे को भांपते हुए क्रू ने तत्काल विमान को रोक दिया और आपातकालीन निकासी (Emergency Evacuation) की प्रक्रिया शुरू की।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

एयरपोर्ट पर ‘फुल इमरजेंसी’ घोषित

​हादसे की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट प्रशासन ने रनवे 28/10 पर ‘फुल इमरजेंसी’ घोषित कर दी। फायर टेंडर और एम्बुलेंस को तुरंत मौके पर तैनात किया गया। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस अफरा-तफरी और आपातकालीन निकास के दौरान छह यात्री घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

अधिकारियों का बयान

​दिल्ली एयरपोर्ट प्रबंधन ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा, “आज तड़के स्विस इंटरनेशनल एयरलाइंस की फ्लाइट LX 147 (DEL-ZRH) के संबंध में पूर्ण आपात स्थिति घोषित की गई थी। सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस घटना के बावजूद एयरपोर्ट का परिचालन सामान्य रहा और अन्य उड़ानों पर इसका प्रभाव नहीं पड़ा।”

​जांच एजेंसियां अब इस तकनीकी खराबी के कारणों का पता लगाने में जुट गई हैं कि आखिर रनवे पर दौड़ते समय इंजन में आग किन परिस्थितियों में लगी।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़

श्रीनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन में पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का समापन; शोध और नवाचार पर दिया गया जोर

जमशेदपुर / आदित्यपुर: आदित्यपुर स्थित श्रीनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन में ‘रिसर्च एंड डेवलपमेंट कमिटी’ के तत्वाधान में आयोजित पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का शनिवार, 25 अप्रैल 2026 को सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्राध्यापकों के भीतर शोध कौशल को विकसित करना और उन्हें आधुनिक शैक्षणिक तकनीकों से अवगत कराना था।IMG 20260426 WA0006

‘सिस्टमेटिक वे ऑफ रिसर्च पेपर राइटिंग’ पर केंद्रित रहा प्रशिक्षण

​पांच दिनों तक चले इस गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य विषय “सिस्टमेटिक वे ऑफ रिसर्च पेपर राइटिंग” रखा गया था। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सत्रों में शोध के महत्वपूर्ण आयामों पर विशेषज्ञों ने प्रकाश डाला:

  • प्रथम सत्र: “लिटरेचर रिव्यू: बियॉन्ड कॉपी-पेस्ट” के माध्यम से शोध पत्र तैयार करने की मौलिकता पर जोर दिया गया।
  • द्वितीय सत्र: शोध में आईसीटी (ICT) टूल्स के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी गई।
  • तृतीय सत्र: “रिसर्च एथिक्स एंड प्लेगरिज्म इन हायर एजुकेशन” विषय पर चर्चा करते हुए उच्च शिक्षा में नैतिकता और साहित्यिक चोरी से बचने के तरीके बताए गए।
  • चतुर्थ सत्र: एपीए (APA) स्टाइल और डेटा एनालिसिस की बारीकियों को समझाया गया।
  • अंतिम सत्र: “पब्लिशिंग विदाउट फियर: नेवीगेशन जर्नल एंड पीयर रिव्यू” के जरिए शोध पत्रों को प्रतिष्ठित जर्नल्स में प्रकाशित कराने की प्रक्रिया साझा की गई।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव

​इस एफडीपी में रिसोर्स पर्सन और एक्सपर्ट के रूप में डॉ. मृत्युंजय महतो, डॉ. प्रीति साहू, डॉ. शैलेश सारंगी, डॉ. रजनीश और डॉ. सूर्याप्रताप सिंह ने शिरकत की। सभी विशेषज्ञों ने शोध आधारित विभिन्न तकनीकी और व्यावहारिक पक्षों पर कॉलेज के प्राध्यापकों को प्रशिक्षित किया।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देश के विकास की शर्त: डॉ. मौसमी महतो

​समापन सत्र को संबोधित करते हुए कॉलेज की प्राचार्या डॉ. मौसमी महतो ने कहा कि वर्तमान समय में शोध आधारित पेशेवर विकास अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “शिक्षा के क्षेत्र में शोध का महत्व लगातार बढ़ रहा है। नवाचार से ही शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार संभव है, और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही देश के समग्र विकास की पहली और अनिवार्य शर्त है।”

​इस अवसर पर श्रीनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन के सभी सहायक प्राध्यापक और शिक्षाविद मुख्य रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम का सफल संचालन मीडिया प्रभारी रचना रश्मि के समन्वय में किया गया।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़

एनएसएमसीएच आदित्यपुर में ‘मेड-माइंड बैलेंस 2026’ का आयोजन; मेडिकल छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेषज्ञों ने दिया जोर

आदित्यपुर: नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (NSMCH), आदित्यपुर के शैक्षणिक सेल और मनोरोग विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को “मेड-माइंड बैलेंस 2026” सिंपोजियम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मेडिकल की पढ़ाई के दौरान छात्रों में बढ़ते मानसिक तनाव और चिंता (Anxiety) जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा करना और उनके समाधान खोजना था।IMG 20260425 WA0013

​शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ मानसिक स्वास्थ्य भी जरूरी: मदन मोहन सिंह

​संस्थान के अध्यक्ष श्री मदन मोहन सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस संगोष्ठी में उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल किताबी ज्ञान ही काफी नहीं है। उन्होंने कहा, “शैक्षणिक उत्कृष्टता प्राप्त करने की दौड़ में हमें छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। संस्थान एक ऐसा वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है जहाँ छात्र बिना किसी दबाव के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें।”WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

​विशेषज्ञ की सलाह: तनाव के शुरुआती लक्षणों को पहचानना जरूरी

​कार्यक्रम के मुख्य वक्ता टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) के मनोरोग विभाग प्रमुख प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार साहू ने मेडिकल छात्रों के सामने आने वाली चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा का पाठ्यक्रम बेहद कठिन होता है, जिससे छात्रों में तनाव बढ़ना स्वाभाविक है। डॉ. साहू ने छात्रों को सिखाया कि कैसे तनाव के शुरुआती लक्षणों की पहचान कर समय रहते पेशेवर मदद लेनी चाहिए।

​मुख्य बिंदु:

  • विषय: मेडिकल प्रशिक्षण में तनाव और चिंता से निपटना।
  • पहल: भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रेखांकित मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों के मद्देनजर यह आयोजन किया गया।
  • संदेश: निरंतर संवाद और जागरूकता के माध्यम से ही छात्रों को अवसाद और चिंता से बचाया जा सकता है।

​कार्यक्रम के अंत में संस्थान के संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों ने इस पहल की सराहना की। उपस्थित लोगों ने माना कि एक कुशल चिकित्सक बनने के लिए मानसिक रूप से सुदृढ़ होना अनिवार्य है। इस सिंपोजियम ने मेडिकल छात्रों के लिए एक सहायक प्रणाली (Support System) विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

झारखंड के मजदूरों की दर्दनाक दास्तां: तमिलनाडु में बंधक बने 60 मजदूर जान बचाकर भागे, चक्रधरपुर स्टेशन पर भी झेलनी पड़ी जिल्लत

चक्रधरपुर: तमिलनाडु के नमक्कल अन्नागुर स्थित ‘आलिया मिल्स प्राइवेट लिमिटेड’ में बंधक बनाकर रखे गए झारखंड के करीब 60 मजदूर शनिवार को किसी तरह अपनी जान बचाकर चक्रधरपुर स्टेशन पहुंचे। एर्नाकुलम-टाटा एक्सप्रेस से पहुंचे इन मजदूरों की आपबीती सुनकर हर कोई दंग रह गया। मजदूरों ने न केवल मिल मालिकों पर शोषण का आरोप लगाया, बल्कि झारखंड सरकार के दावों की भी पोल खोल दी।n70994324217771277247211453e5a71ad1d7125e6ae72a0900d7ffc3203b7534e87bb0e2a16ca171f0375a

एजेंटों ने दिखाया था ‘सब्जबाग’, मिली मारपीट और कैद

​मजदूरों ने बताया कि ओडिशा के एजेंट चंदन और सुशील ने उन्हें बेहतर वेतन और सुविधाओं का लालच देकर तमिलनाडु भेजा था। वहां पहुंचने पर स्थिति बिल्कुल उलट थी। जब मजदूरों ने खराब खाने और कम वेतन का विरोध किया, तो उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें मिल के अंदर बंधक बना लिया गया। बिना मजदूरी दिए ही उनसे जबरन काम कराया जा रहा था।

सरकार के दावों की निकली हवा: ‘मदद’ के नाम पर सिर्फ सोशल मीडिया पर आदेश

​हैरानी की बात यह है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया (X) पर पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त (DC) और माइग्रेशन सेल को इन मजदूरों की मदद करने का निर्देश दिया था। 23 अप्रैल को प्रशासन ने दावा किया था कि सभी को सुरक्षित और ससम्मान वापस लाया जा रहा है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

  • जमीनी हकीकत: मजदूरों का कहना है कि उन्हें सरकार की ओर से कोई सहायता नहीं मिली। वे खुद मिल से भाग निकले और बचे-कुचे पैसों से TTE को जुर्माना भरकर किसी तरह ट्रेन में सवार हुए।

सफर में भी शोषण: रेलवे कर्मियों और TTE पर दुर्व्यवहार का आरोप

​मजदूरों ने बताया कि रास्ते भर रेलवे के पेंट्रीकार मैनेजर और TTE ने उनके साथ बुरा बर्ताव किया। हद तो तब हो गई जब वे चक्रधरपुर स्टेशन पहुंचे। वहां भी TTE ने उन्हें घेर लिया और पैसों की मांग करने लगे, जबकि मजदूर पहले ही जुर्माना दे चुके थे। घंटों तक उन्हें रोककर रखा गया, जिसे बाद में स्थानीय पत्रकारों के हस्तक्षेप के बाद छोड़ा गया।

भूखे-प्यासे पहुंचे अपने वतन

​मजदूरों की जेब में एक रुपया भी नहीं बचा था कि वे कुछ खा सकें। भूखे-प्यासे और डरे हुए इन मजदूरों ने बताया कि एजेंटों ने उन्हें चक्रधरपुर पहुंचने पर ‘अंजाम भुगतने’ की धमकी भी दी है।

​इस घटना ने एक बार फिर झारखंड सरकार के उन वादों पर सवालिया निशान लगा दिया है, जिसमें प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और राज्य में ही रोजगार देने की बात कही जाती है। फिलहाल सभी मजदूर अपने घर जाने की कोशिश में जुटे हैं, लेकिन उनके चेहरे पर खौफ और सरकार के प्रति नाराजगी साफ झलक रही है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

​गौ सम्मान अभियान की देशव्यापी गूँज: 27 अप्रैल को जमशेदपुर के धालभूम अनुमंडल कार्यालय पर जुटेंगे गौ भक्त

जमशेदपुर: भारतीय संस्कृति में पूजनीय गौ माता के संरक्षण और सम्मान के लिए अब राष्ट्रव्यापी आंदोलन की नींव रखी जा रही है। इसी कड़ी में जमशेदपुर में “गौ सम्मान अभियान” का शंखनाद किया गया है। आगामी 27 अप्रैल को शहर के हजारों गौ भक्त धालभूम अनुमंडल कार्यालय पर एकत्रित होकर केंद्र सरकार के नाम अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे।IMG 20260425 WA0012

प्रमुख मांगें: राष्ट्र माता का दर्जा और सख्त कानून

​शनिवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में अभियान के पदाधिकारियों ने बताया कि इस आंदोलन के दो मुख्य उद्देश्य हैं:

  1. ​गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा दिलाना।
  2. ​देश में गौ रक्षा के लिए एक ठोस और सख्त कानून लागू करना ताकि गौ तस्करी और अत्याचार पर पूर्ण विराम लग सके।

देशभर के अनुमंडलों में एक साथ प्रदर्शन

​यह अभियान केवल जमशेदपुर तक सीमित नहीं है। आयोजकों के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में गौ भक्त अपने-अपने अनुमंडल कार्यालयों में एक साथ जुटेंगे। इसका उद्देश्य सरकार को यह संदेश देना है कि सनातन परंपरा और भारतीय जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा मानी जाने वाली गौ माता की सुरक्षा अब पूरे देश की प्राथमिकता है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

जमशेदपुर में तैयारी और अपील

​27 अप्रैल को धालभूम अनुमंडल कार्यालय में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय गौ भक्त शामिल होंगे। प्रेस वार्ता में कार्यकर्ताओं ने कहा कि वर्तमान में गौवंश के प्रति बढ़ते अत्याचार चिंता का विषय हैं, जिसका समाधान केवल सामाजिक एकजुटता और कड़े कानूनों से ही संभव है।

जनजागरण पर जोर:

अभियान का लक्ष्य केवल ज्ञापन सौंपना ही नहीं, बल्कि आम जनमानस में गौ सेवा और संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करना भी है। इसके लिए शहर में जनसंपर्क अभियान और सभाएं आयोजित की जाएंगी।

​आयोजकों ने शहरवासियों से अपील की है कि वे 27 अप्रैल को भारी संख्या में पहुंचकर इस अभियान को सफल बनाएं और गौ रक्षा के संकल्प को मजबूती दें।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

महिला आरक्षण बिल पर भाजपा का बड़ा ‘आक्रोश मार्च’: मोरहाबादी से अल्बर्ट एक्का चौक तक गूंजा कांग्रेस विरोधी नारा

रांची: लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पारित नहीं होने के विरोध में शनिवार को भारतीय जनता पार्टी ने राजधानी रांची की सड़कों पर जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। हाथों में कांग्रेस और झामुमो विरोधी तख्तियां लिए हजारों की संख्या में महिलाओं ने मोरहाबादी मैदान से अल्बर्ट एक्का चौक तक ‘आक्रोश मार्च’ निकाला।n709923419177712722871909ff600e79b4df823dd882d83bc0a9a735309dad6faeb60904a7675c50f49030

मंच पर नारी शक्ति, नीचे बैठे दिग्गज

​इस कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि जहां मंच पर केवल राज्य भर की महिला नेत्रियां ही आसीन थीं, वहीं राज्य के तमाम दिग्गज नेता मंच के नीचे कार्यकर्ताओं के साथ बैठे नजर आए। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, मधु कोड़ा, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ और पूर्व अध्यक्ष पीएम सिंह जैसे वरिष्ठ नेताओं ने नीचे बैठकर महिला वक्ताओं का संबोधन सुना।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

पद्मश्री हस्तियों ने भरी हुंकार

​मंच से पद्मश्री छुटकी महतो और जमुना टुडू ने भी महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखने के सवाल पर कांग्रेस गठबंधन को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों में कांग्रेस ने रोड़ा अटकाया है।

प्रमुख संबोधन और आरोप:

  • आदित्य साहू (प्रदेश अध्यक्ष): “मोदी सरकार महिलाओं को विधायिका में आरक्षण देने के लिए तैयार थी, लेकिन कांग्रेस को महिलाओं का मजबूत होना रास नहीं आया। अब जब कांग्रेस नेता गांवों में जाएंगे, तो महिलाएं उनसे इस धोखे का हिसाब मांगेंगी।”
  • बाबूलाल मरांडी: “यह कार्यक्रम पूरी तरह महिलाओं को समर्पित है। प्रधानमंत्री ने देश की आधी आबादी को सशक्त करने का जो अभियान चलाया है, भाजपा उसे रुकने नहीं देगी।”
  • साबो महतो (कार्यकर्ता): “कांग्रेस और झामुमो ‘मंइयां सम्मान’ का महज दिखावा करते हैं। असल में वे महिला विरोधी हैं।”n709923419177712725890669fadd3298158f9e940115027ecab8af61e49da67c6344a314f6055197e80887

धूप और उमस के बीच दिखा उत्साह

​कड़ी धूप के बावजूद रांची के अलावा अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता पहुंची थीं। कार्यक्रम के दौरान संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह और प्रदेश अध्यक्ष स्वयं घूम-घूमकर कार्यकर्ताओं का हालचाल लेते और उनके लिए सत्तू-शरबत की व्यवस्था देखते नजर आए। भाजपा ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन अब मंडल स्तर तक जाएगा ताकि कांग्रेस गठबंधन को बेनकाब किया जा सके।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

बंगाल चुनाव: पानीहाटी की सभा में भावुक हुए पीएम मोदी, आरजी कर पीड़िता की मां रतना देबनाथ के आंसू देख मंच पर पसरा सन्नाटा

पानीहाटी (पश्चिम बंगाल): पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के प्रचार के दौरान पानीहाटी की जनसभा में एक ऐसा भावुक दृश्य देखने को मिला जिसने न केवल वहां मौजूद भीड़, बल्कि सोशल मीडिया पर भी देश-दुनिया के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब मंच पर पहुंचे, तो उनके बगल की सीट पर बैठी एक महिला को देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।n709891663177712689821416cacc2ae8bd57012dbc8be16e066867eab1077f65e9b01395ce23e69f972718

कौन हैं रतना देबनाथ?

​मंच पर प्रधानमंत्री के बगल में बैठी यह महिला कोई और नहीं, बल्कि पूरे देश को झकझोर देने वाले आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप और मर्डर केस की पीड़िता की मां रतना देबनाथ थीं। भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें पानीहाटी विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी बनाया है। रतना देबनाथ राजनीति से दूर रही हैं, लेकिन अपनी बेटी के लिए न्याय की लड़ाई और बंगाल की अन्य बेटियों की सुरक्षा के संकल्प के साथ वह चुनावी मैदान में उतरी हैं।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

मंच पर वह भावुक पल

​जैसे ही पीएम मोदी मंच पर आए, उन्होंने रतना देबनाथ का हालचाल पूछा। इस दौरान जब प्रधानमंत्री ने उनके माथे पर हाथ फेरा, तो वह अपने आंसुओं को रोक नहीं पाईं और मंच पर ही फफक-फफक कर रोने लगीं। पीएम मोदी काफी देर तक हाथ जोड़कर उन्हें ढांढस बंधाते रहे। इस मार्मिक दृश्य ने यह स्पष्ट कर दिया कि बेटी को खोने का दर्द आज भी कितना गहरा है।n7098916631777126881715b7fe07a1c1febe03f26f09451175c70cd25e4ceb9e55b152858c9a85e0f9a571

प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन की 5 बड़ी बातें:

  1. न्याय का वादा: पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 4 मई को नतीजे आने के बाद भाजपा सरकार बनते ही महिलाओं पर हुए अत्याचारों की हर फाइल दोबारा खोली जाएगी और दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।
  2. ‘महा जंगलराज’ का अंत: पहले चरण में हुए भारी मतदान (लगभग 93%) का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि यह बंगाल में टीएमसी के ‘महा जंगलराज’ के अंत और परिवर्तन की लहर का प्रतीक है।
  3. पीड़ितों को प्रतिनिधित्व: प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा ने संदेशखालि और आरजी कर जैसी घटनाओं के पीड़ितों के परिवारों को टिकट देकर यह संदेश दिया है कि पार्टी अन्याय सहने वालों के साथ मजबूती से खड़ी है।
  4. सिंडिकेट राज पर प्रहार: मोदी ने आरोप लगाया कि टीएमसी के 15 साल के कुशासन और ‘सिंडिकेट राज’ ने बंगाल की औद्योगिक विरासत को तबाह कर दिया है, जिससे युवाओं को पलायन करना पड़ रहा है।
  5. महिला सुरक्षा ‘मोदी की गारंटी’: उन्होंने बंगाल की महिलाओं को आश्वासन दिया कि ‘Women-led development’ भाजपा की प्राथमिकता है और राज्य में भयमुक्त वातावरण बनाना उनकी गारंटी है।

​रतना देबनाथ का कहना है कि वह विधानसभा में बैठकर राज्य के लिए ऐसे सख्त कानून बनवाना चाहती हैं ताकि भविष्य में किसी और ‘लाडो’ के साथ ऐसा जघन्य अपराध न हो। चुनाव के इस दूसरे चरण में पानीहाटी सीट अब पूरे देश की नजरों का केंद्र बन गई है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

बागबेड़ा कॉलोनी में बिजली संकट: पंचायत समिति सदस्य ने कार्यपालक अभियंता को घेरा, जल्द सुधार का मिला भरोसा

जमशेदपुर: बागबेड़ा कॉलोनी में पिछले एक सप्ताह से जारी बिजली की भारी कटौती और अनियमित आपूर्ति को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने विद्युत कार्यपालक अभियंता आनंद कौशिक से मुलाकात कर उन्हें मांग पत्र सौंपा।IMG 20260425 WA0011

प्रमुख समस्याएँ और मांगें:

  • ओवरलोडिंग की समस्या: रोड नंबर 3 स्थित ट्रांसफार्मर पर क्षमता से अधिक लोड होने के कारण बिजली के तार बार-बार जल रहे हैं, जिससे घंटों आपूर्ति ठप रहती है।
  • नियमित भुगतान के बावजूद परेशानी: मांग पत्र में स्पष्ट किया गया कि बागबेड़ा के उपभोक्ता शत-प्रतिशत बिजली बिल का भुगतान करते हैं, फिर भी भीषण गर्मी में उन्हें बुनियादी बिजली सुविधा के लिए तरसना पड़ रहा है।
  • जनजीवन प्रभावित: बिजली की लुका-छिपी से बच्चों की पढ़ाई और पेयजल आपूर्ति पर भी बुरा असर पड़ रहा है।

अभियंता का आश्वासन:

​शिकायत सुनने के बाद कार्यपालक अभियंता आनंद कौशिक ने स्वीकार किया कि पिछले तीन दिनों से कुछ तकनीकी कारणों से आपूर्ति बाधित हुई थी। उन्होंने उपभोक्ताओं को राहत देते हुए घोषणा की कि:WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

  1. ​अगले एक सप्ताह के भीतर रोड नंबर 3 में ‘कमर तार’ (Armor Cable) लगाया जाएगा, जिससे तार जलने की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
  2. ​क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को धीरे-धीरे दुरुस्त कर नियमित आपूर्ति बहाल की जाएगी।

​इस दौरान सुनील गुप्ता ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर सुधार नहीं हुआ, तो स्थानीय निवासी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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