जमशेदपुर : गोलमुरी स्थित दुसाध भवन के पास स्कूटी सवार नाबालिग लड़के ने 45 वर्षीय महिला को टक्कर मार कर घायल कर दिया। महिला अपने बेटे के साथ डॉक्टर के पास जा रही थी जब यह दुर्घटना घटित हुई। घायल महिला को इलाज के लिए टीनप्लेट अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए टाटा मेन अस्पताल रेफर कर दिया गया। सूचना मिलने के बाद मौके पर गोलमुरी थाना की गश्ति टीम टीनप्लेट अस्पताल पहुंची और घायल महिला के परिवार पक्ष का बयान लिया और नाबालिग लड़के के घर वाले को बुलाया गया और स्कूटी को जब्त कर थाने भेज दिया गया। घायल महिला भालूबासा मुस्लिम बस्ती की रहने वाली है और नाबालिग लड़का भुईयाडीह ग्वाला बस्ती का रहने वाला है।
नववर्ष 2026 की शुरुआत जहां लोग परिवार और रिश्तेदारों के साथ धार्मिक स्थलों और पिकनिक स्पॉट पर खुशियां मना रहे थे, वहीं झारखंड के गुमला जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है.
बिशनपुर के गुरदरी थाना क्षेत्र में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे युवक ने मामूली विवाद में अपनी ही प्रेमिका की बेरहमी से हत्या कर डाली. आरोपी प्रेमी का नाम बुद्धेश्वर असुर है, जबकि मृतका की पहचान असिखा कुमारी के रूप में हुई है. दोनों आदिम जनजाति समुदाय से आते थे और पति-पत्नी की तरह लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे.
मिली जानकारी के अनुसार, बुद्धेश्वर असुर और असिखा कुमारी गुरदरी थाना क्षेत्र के आमतीपानी इलाके के जंगल में लकड़ी लाने गए थे. इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया. विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों में हाथापाई शुरू हो गई. गुस्से में आकर बुद्धेश्वर असुर ने धारदार हथियार टांगी उठाई और असिखा कुमारी पर ताबड़तोड़ वार कर दिए. आरोपी ने बेरहमी से प्रेमिका के शरीर के दो टुकड़े कर उसकी हत्या कर दी और शव को जंगल में फेंककर फरार हो गया.
घटना का खुलासा तब हुआ जब गांव के कुछ लोग जंगल के रास्ते गुजर रहे थे. जंगल में युवती की क्षत-विक्षत हालत में कटी हुई लाश देख गांव में सनसनी फैल गई. ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना गुरदरी थाना पुलिस को दी.
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आमतीपानी जंगल से मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के आरोपी बुद्धेश्वर असुर को हिरासत में ले लिया है. गुरदरी थाना पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच में जुट गई है.
एक हफ्ते पहले भी सामने आई थी ऐसी ही सनसनीखेज घटना
गुमला की इस घटना से महज एक सप्ताह पहले, 26 दिसंबर को रांची जिले के खलारी थाना क्षेत्र में भी प्रेम प्रसंग से जुड़ी एक खौफनाक घटना सामने आई थी. खलारी निवासी सुनील केवट ने प्रेमिका की शादी कहीं और तय होने से आहत होकर पहले प्रेमिका को गोली मार दी और फिर घर जाकर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली.
सुसाइड से पहले बनाया था वीडियो, सोशल मीडिया पर वायरल
आत्महत्या से पहले सुनील केवट ने एक वीडियो भी बनाया था, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था. इस घटना में सुनील केवट की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गोली लगने से घायल युवती को गंभीर हालत में रांची के रिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है. लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं प्रेम संबंधों में बढ़ती हिंसा और असहिष्णुता को उजागर कर रही हैं, जिसने समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है.
आज विद्यापति नगर ट्रांसपोर्ट कुआं मैदान में श्री श्री 31 फीट सार्वजानिक सरस्वती पूजा का भूमि पूजन पूरे विधि विधान के साथ कमेटी द्वारा किया गया जिसमें सभी छोटे-बड़े, बुजुर्ग, माता-बहनें और सभी श्रद्धालु उपस्थित थे और मां सरस्वती की पूजा-अर्चना कर पूरे जमशेदपुर और झारखंड वासियों के लिए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की गई…
इस शुभ कार्य में भूमि पूजा में शामिल पूजा कमेटी के मुख्य संरक्षक प्रहलाद लोहरा अध्यक्ष अभिलाष गौर उपाध्यक्ष पवन लोहरा महासचिव सुशील श्रीवास्तव सचिव जॉनी मसीह संगठन सचिव अमीन तांडी सलाहकार सुबोध कुमार जॉन्सन भाई भारतीय सेवा समिति के अध्यक्ष राहुल बदरा इंदरजीत लोहरा अजीत लोहारा राजू लोहरा राहुल लोह(RU) प्रकाश लोहरा आशीष लोहरा सुजीत लोहारा मनोज लोहार के किशोर स्वासी पोल शिवचरण लोहरा लालटू गोस्वामी जॉनी मसीह संदीप मुखी फूलचंद बावरी विशु लोहरा बिकास बावरी नारायण लोहरा भीकू पात्रों सूरज लोहरा संजय लोहरा (डूमडूम) गोविंद लोहरा सतीश शर्मा गंगा प्रसाद सुखदेव गोरी राजू लोहरा राजीव कर्मकार गोविंद लोहरा फिलिप टांडी आमेन टांडी राहुल सिंह उर्फ (डोन) बिरजू लोहरा विकास गोराई टी नवीन राव विक्की सिंह (अंकित) आशीष सिंह अंकित गिरी पवन प्रधान रितिक सिंह सुखदेव अजीत लोहरा विष्णु नाग कुश कर्मकार सुखदेव परिचित लोहारा संतोष दास आकाश गिराई सूरज लोहरा रवि दास संतोष मुखी कमलेश मुखी त्रिनाथ मुखी अखिलेश मुखी छोटू फ्रांसिस पिंटू सिंह पंचू लोहरा बलराम साहू शिबू दास रोहित नाग गंगोली लोहरा (लुलु) लोहरा जल्लाद रूई संजय लोहरा सुशील श्रीवास्तव टिंकू सिंह नकुल मौर्य दीपक कुमार सुबोध कुमार जय नारायण तिवारी अनूप सिंह कन्हैया चौबे मुकेश कुमार दीपक कुमार विजय भगत राकेश कुमार अजीत लोहार रोहित लोहरा राहुल लोहरा सिद्धार्थ कुमार अर्जुन कुमार सेवाक लोहरा सुजीत लोहार सूरज रविदास राहुल नाग महावीर कुमार संजय लोहार रूप सिंह विष्णु नाग नवीन सिंह रवि रंजन सिंह प्रदीप लोहार गोलू लोहार विनोद सिंह रवि लोहार पवन गोप षासटी लोहार भोला लोहरा सागर मुंडा धन्नू कुमार पवन गिरी डब्लू कुमार कुमार राव आशुतोष कुमार सिंह आकाश कर्मकार अर्जुन गोराई सोहन लोहार गांगुली लोहार छोटुधन लोहार लोहार रोशन कुमार सोनू लोहार जितेंद्र ठाकुर विनोद सिंह पिंटू सिंह राकेश बाबू सामू लोहार प्रकाश लोहार बड़कू लोहार रोहित लोहार राहुल सामू लोहार संजय लोहार प्रमोद सिंह मनोज लोहार अनिल गोराई एवं सैकड़ो मेंबर्स शामिल हुए।।
टाटा स्टील ने अपने संयुक्त उपक्रम टाटा ब्लूस्कोप स्टील प्राइवेट लिमिटेड (टीबीएसपीएल) का पूर्ण अधिग्रहण कर लिया है। बुधवार को वर्ष के अंतिम कारोबारी दिन 1100 करोड़ रुपये के भुगतान के साथ यह सौदा औपचारिक रूप से पूरा हो गया।
इसके साथ ही टीबीएसपीएल अब टाटा स्टील की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी बन गई है। इस अधिग्रहण के तहत टाटा स्टील ने ब्लूस्कोप स्टील एशिया होल्डिंग्स से 10 रुपये अंकित मूल्य वाले लगभग 43.29 करोड़ इक्विटी शेयर खरीदे हैं।
इससे पहले टीबीएसपीएल टाटा स्टील और ब्लूस्कोप स्टील लिमिटेड के बीच 50:50 हिस्सेदारी वाला संयुक्त उपक्रम था। यह लेनदेन 12 नवंबर 2025 को किए गए शेयर खरीद समझौते (शेयर परचेज एग्रीमेंट) के नियमों और शर्तों के अनुरूप पूरा किया गया।
अधिग्रहण के बाद टीबीएसपीएल में टाटा स्टील की प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष हिस्सेदारी बढ़कर 99.99 प्रतिशत हो गई है। कंपनी प्रबंधन के अनुसार, इस रणनीतिक कदम से निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी आएगी और परिचालन दक्षता में सुधार होगा।
साथ ही, बाजार की बदलती मांगों के अनुरूप उत्पाद विकास और विस्तार योजनाओं को भी नई गति मिलेगी। नए साल की शुरुआत के साथ ही टाटा स्टील का फोकस टीबीएसपीएल के सुचारू संचालन, क्षमता विस्तार और दीर्घकालिक विकास रणनीतियों पर रहेगा।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह अधिग्रहण टाटा स्टील की कोटेड स्टील और बिल्डिंग सॉल्यूशंस सेगमेंट में स्थिति को और मजबूत करेगा।इसके साथ ही टीबीएसपीएल अब टाटा स्टील की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी बन गई है। इस अधिग्रहण के तहत टाटा स्टील ने ब्लूस्कोप स्टील एशिया होल्डिंग्स से 10 रुपये अंकित मूल्य वाले लगभग 43.29 करोड़ इक्विटी शेयर खरीदे हैं।
इससे पहले टीबीएसपीएल टाटा स्टील और ब्लूस्कोप स्टील लिमिटेड के बीच 50:50 हिस्सेदारी वाला संयुक्त उपक्रम था। यह लेनदेन 12 नवंबर 2025 को किए गए शेयर खरीद समझौते (शेयर परचेज एग्रीमेंट) के नियमों और शर्तों के अनुरूप पूरा किया गया।
अधिग्रहण के बाद टीबीएसपीएल में टाटा स्टील की प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष हिस्सेदारी बढ़कर 99.99 प्रतिशत हो गई है। कंपनी प्रबंधन के अनुसार, इस रणनीतिक कदम से निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी आएगी और परिचालन दक्षता में सुधार होगा।
साथ ही, बाजार की बदलती मांगों के अनुरूप उत्पाद विकास और विस्तार योजनाओं को भी नई गति मिलेगी। नए साल की शुरुआत के साथ ही टाटा स्टील का फोकस टीबीएसपीएल के सुचारू संचालन, क्षमता विस्तार और दीर्घकालिक विकास रणनीतियों पर रहेगा।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह अधिग्रहण टाटा स्टील की कोटेड स्टील और बिल्डिंग सॉल्यूशंस सेगमेंट में स्थिति को और मजबूत करेगा।
झारखंड में साइबर अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अब ठगों ने सिर्फ बैंक खातों या ओटीपी तक सीमित न रहते हुए लोगों की पहचान ही चोरी करनी शुरू कर दी है।
ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें धनबाद जिले के राजगंज निवासी व्यवसायी चंद्रप्रकाश शर्मा के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर करीब 26 लाख रुपये का फर्जी लोन ले लिया गया।
साइबर ठगों ने व्यवसायी के आधार कार्ड और पैन कार्ड को क्लोन कर उसमें अपनी तस्वीर लगा दी। इसके बाद जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित सिद्धार्थ अपार्टमेंट को अपना पता दर्शाते हुए शहर की नामी-गिरामी फाइनेंस कंपनियों से वाहन और पर्सनल लोन मंजूर करा लिए गए।
हैरानी की बात यह है कि किसी भी वित्तीय संस्था ने भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया को गंभीरता से नहीं अपनाया। जांच में सामने आया है कि जालसाजों ने चोला इन्वेस्टमेंट से 14.66 लाख रुपये का वाहन लोन, इंडोस्टार से 5.50 लाख रुपये का कमर्शियल वाहन लोन, पूनावालाफिनकार्प से 4.89 लाख रुपये का कार लोन और एलएंडटी फाइनेंस से 84 हजार रुपये का बाइक लोन लिया।
इसके अलावा सात अन्य वित्तीय संस्थानों से भी लोन लेने का प्रयास किया गया था। मामले का खुलासा तब हुआ, जब लोन की ईएमआई नहीं चुकाए जाने पर रिकवरी एजेंटों ने असली व्यवसायी चंद्रप्रकाश शर्मा को फोन करना शुरू किया।
लगातार कॉल आने पर पीड़ित ने अपना सिबिल स्कोर चेक कराया, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उनके नाम पर जमशेदपुर से कई वाहन और लोन दर्ज थे, जिनकी उन्हें कोई जानकारी नहीं थी।
इस घटना ने वित्तीय संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था और वेरिफिकेशन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह भी है कि फेस मैचिंग सॉफ्टवेयर, केवाईसी प्रक्रिया और पते के सत्यापन के दौरान इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई।
क्या सिद्धार्थ अपार्टमेंट के गार्ड, पड़ोसियों या स्थानीय स्तर पर किसी से भी पुष्टि नहीं की गई?पीड़ित का कहना है कि फाइनेंस कंपनियों के टारगेट और कमीशन के दबाव में उनकी वर्षों की साख एक झटके में खराब हो गई।
फिलहाल पुलिस वाहन नंबरों, लोन दस्तावेजों और जमशेदपुर में दिए गए पते के आधार पर साइबर ठगों की तलाश में जुटी है।
कोल्हान क्षेत्र के प्रसिद्ध जादूगोड़ा स्थित माँ रंकिणी मंदिर में नववर्ष के पहले दिन बुधवार (1 जनवरी) को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। अहले सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लग गईं।
श्रद्धालुओं ने माँ रंकिणी के दर्शन कर नववर्ष में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
मां रंकिणी मंदिर मां काली/दुर्गा के एक स्वरूप को समर्पित है और झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका क्षेत्र में स्थित है। यह मंदिर न सिर्फ स्थानीय आदिवासी समुदायों की गहरी आस्था का केंद्र है, बल्कि जमशेदपुर सहित आसपास के ग्रामीण व शहरी इलाकों से भी बड़ी संख्या में भक्त यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। नववर्ष के अवसर पर हजारों श्रद्धालु परिवार समेत मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की।
स्थानीय प्रशासन द्वारा विशेष सुरक्षा और व्यवस्था
नए साल के मौके पर श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा विशेष सुरक्षा और व्यवस्था की गई थी। मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती की गई, वहीं दर्शन को सुचारू बनाने के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई थी। साफ-सफाई, पेयजल और प्राथमिक सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया।
मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी नववर्ष पर मां रंकिणी मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या में खासा इजाफा देखा गया है। दूर-दराज से आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए प्रशासन एवं समिति के सहयोग से सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
उत्साह और भक्ति का माहौल
श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला। ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच भक्तों ने माँ रंकिणी के दर्शन कर नववर्ष की शुभ शुरुआत की। पूजा के दौरान शांति व्यवस्था का नेतृत्व मुसाबनी डीएसपी संदीप भगत दलबल के साथ कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि विधि व्यवस्था एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन पूरी तरह से चौकस हैँ और शांतिपूर्ण ढंग से लोग नव वर्ष बना रहे हैं।
नववर्ष के अवसर पर बिष्टुपुर स्थित सेंटर फॉर एक्सीलेंस प्रांगण में टाटा स्टील के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सह प्रबंध निदेशक टीवी नरेंद्रन ने भारतीय और वैश्विक इस्पात उद्योग की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था लगभग सात प्रतिशत की जीडीपी दर से आगे बढ़ रही है, जिसके चलते देश में हर साल स्टील की खपत में 10 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि हो रही है।
टीवी नरेंद्रन ने कहा कि भारत की सभी स्टील कंपनियां मिलकर लगभग 150 मिलियन टन स्टील का उत्पादन करती हैं, जबकि अकेला चीन करीब 110 मिलियन टन स्टील का निर्यात करता है। उन्होंने बताया कि चीन से आयातित स्टील का भारत के घरेलू बाजार पर फिलहाल सीमित असर पड़ रहा है, लेकिन वैश्विक स्तर पर इसका असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
विशेष रूप से मध्य एशिया और यूरोप के बाजारों में चीनी स्टील के कारण प्रतिस्पर्धा काफी बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि बीते पांच वर्षों में स्टील की कीमतें निचले स्तर पर बनी हुई हैं।
ऐसे में भारतीय स्टील कंपनियां चाहे जितनी भी प्रतिस्पर्धी बन जाएं, वे पांच प्रतिशत से अधिक मुनाफा अर्जित नहीं कर पा रही हैं। जिस दर पर चीन स्टील का निर्यात कर रहा है, उससे यह स्पष्ट होता है कि वहां की कंपनियां भी अधिक लाभ में नहीं हैं, लेकिन उन्हें सरकारी स्तर पर समर्थन प्राप्त है, जिससे वे वैश्विक बाजार में टिके हुए हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की तुलना करते हुए टीवी नरेंद्रन ने कहा कि चीन में पहले सड़क, रेल और अन्य बुनियादी ढांचे का विकास किया जाता है, उसके बाद उद्योग स्थापित होते हैं, जबकि भारत में स्थिति इसके उलट है। यहां पहले उद्योग लगते हैं और बाद में आधारभूत सुविधाओं का विकास होता है।
इसी वजह से यूरोप की तुलना में भारत में मुंबई तक एक टन माल पहुंचाने में करीब 70 डॉलर तक का खर्च आता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में लगातार बेहतर कार्य कर रही है।
उन्होंने आयातित स्टील पर दो वर्षों के लिए सेफगार्ड ड्यूटी लगाए जाने को भारतीय स्टील उद्योग के लिए राहत भरा कदम बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि यूरोप में कार्बन उत्सर्जन पर टैक्स लगाया जाता है, जबकि भारत में भी इस दिशा में नीतियां बनाई गई हैं, लेकिन उन्हें पूरी तरह प्रभावी होने में अभी समय लगेगा।
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 की शुरुआत जिले में उत्साहपूर्वक की गई. समाहरणालय परिसर से उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने बुधवार को सड़क सुरक्षा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस दौरान निदेशक एनईपी, विशिष्ट अनुमंडल पदाधिकारी, डीटीओ, एमवीआई सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे.
उपायुक्त ने कहा कि जागरूकता रथ का उद्देश्य आम जनता को यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित करना है. सड़क सुरक्षा माह के दौरान जिलेभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. उन्होंने कहा कि सरकार लगातार सड़क सुरक्षा को लेकर प्रयासरत है, लेकिन इन प्रयासों का लाभ तभी मिलेगा जब नागरिक स्वयं नियमों का पालन करेंगे.
सड़क सुरक्षा माह के तहत रैली, नुक्कड़ नाटक, निबंध एवं क्विज प्रतियोगिता, सघन वाहन जांच समेत कई तरह की गतिविधियां आयोजित की जाएंगी. इस अभियान में शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस सहित विभिन्न विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है. ग्रामीण, शहरी एवं पंचायत स्तर पर विशेष रूप से स्कूली बच्चों के बीच भी जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि सड़क सुरक्षा अभियान को जन-जन तक पहुंचाया जा सके.
जागरूकता रथ के माध्यम से ऑडियो क्लिप के जरिए यातायात नियमों के पालन से संबंधित संदेश प्रसारित किए जाएंगे. यह रथ पूर्वी सिंहभूम जिले के विभिन्न इलाकों का भ्रमण कर लोगों को हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग, नशे में वाहन न चलाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने तथा अनावश्यक ओवरटेक से बचने की अपील करेगा.
इस अवसर पर उपायुक्त ने नागरिकों से आग्रह किया कि सड़क सुरक्षा को अपनी जिम्मेदारी समझें और यातायात नियमों का पालन कर स्वयं तथा दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गुरुवार, पहली जनवरी को खरसावां शहीद स्थल पहुंचे, जहां उन्होंने खरसावां गोलीकांड के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान मुख्यमंत्री ने हेलीपैड पर गार्ड ऑफ ऑनर लेने से इनकार कर सरलीकृत सादगी का परिचय दिया.
मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी समुदाय के वीरों ने अपने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया. खरसावां का शहीद स्थल हमारे इतिहास का ऐसा पन्ना है जिसे भुलाया नहीं जा सकता. उन्होंने कहा कि नए साल की शुरुआत शहीदों को नमन करके की जा रही है, जो समर्पण और प्रेरणा का प्रतीक है.
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि गुआ गोलीकांड के शहीदों की तर्ज पर खरसावां गोलीकांड के शहीदों और उनके आश्रितों को सम्मान देने के लिए सरकार जल्द एक कमेटी गठित करेगी. इस कमेटी का उद्देश्य शहीदों की पहचान और उनके परिजनों तक राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ पहुँचाना होगा.
कार्यक्रम के दौरान मंत्री दीपक बिरूआ, सांसद जोबा माझी, विधायक दशरथ गागराई, सविता महतो सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे. श्रद्धांजलि देने के बाद मुख्यमंत्री ने एक जनसभा को भी संबोधित किया.
एमजीएम थाना क्षेत्र के गोकुलनगर निवासी जीत महतो (22) की बुधवार को पुलिस हिरासत में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस की पिटाई के कारण युवक की मौत हुई है. वहीं पुलिस पिटाई के आरोपों को खारिज करती हुई प्राकृतिक कारणों से तबीयत बिगड़ने की बात कह रही है.
जानकारी के अनुसार, पुलिस ने जीत महतो को रविवार तड़के लगभग साढ़े तीन बजे उसके घर से हिरासत में लिया था. आरोप था कि उसने चोरी का मोबाइल 500 रुपये में खरीदा था. परिजनों का कहना है कि बिना किसी नोटिस या औपचारिक जानकारी दिए युवक को थाने ले जाया गया और करीब 48 घंटे तक हिरासत में रखा गया. इस दौरान उसकी तबीयत बिगड़ती गई.
पुलिस का कहना है कि मंगलवार दोपहर करीब सवा तीन बजे जीत की हालत नाजुक होने पर उसे एमजीएम अस्पताल ले जाया गया. वहीं अस्पताल प्रशासन के अनुसार, युवक को लाने के थोड़ी देर बाद ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. अस्पताल पहुंचने के बाद ही परिजनों को सूचना दी गई थी, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी.
युवक की मौत की खबर फैलते ही गोकुलनगर समेत आसपास के क्षेत्रों में आक्रोश फैल गया. देर शाम बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन अस्पताल पहुंचे और हंगामा किया. उनका आरोप है कि हिरासत में पूछताछ के दौरान जीत की पिटाई की गई, जिससे उसकी मौत हुई. भीड़ ने निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. थाना प्रभारी ने कहा कि “युवक को पूछताछ के लिए लाया गया था और वहीं उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई. किसी तरह की मारपीट नहीं की गई है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी.” फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. घटना से इलाके में तनाव का माहौल है. ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है.