एक नई सोच, एक नई धारा

नेचर संस्था के इंटर्नशिप कार्यक्रम में राजनीति शास्त्र की छात्राओं ने किया पंचायत प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद

जमशेदपुर: जमीनी स्तर पर पंचायती राज व्यवस्था की कार्यप्रणाली और ग्रामीण विकास की वास्तविकताओं को समझने के लिए आज राजनीति शास्त्र की छात्राओं को एक बेहतरीन व्यावहारिक अवसर मिला। ‘नेचर संस्था’ (NATURE NGO) द्वारा अनुग्रह नारायण सिंह शिक्षण एवं सेवा संस्थान, बागबेड़ा में संचालित स्नातक छात्राओं के विशेष इंटर्नशिप कार्यक्रम के तहत एक ‘लाइव टॉक’ और परिचर्चा सत्र का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस अनूठे संवाद का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को किताबी ज्ञान से परे ग्रामीण भारत के राजनीतिक ढांचे और जमीनी शासन से रूबरू कराना था।IMG 20260610 WA0052

प्रमुख जनप्रतिनिधियों ने साझा किए जमीनी अनुभव

​इस लाइव टॉक में बागबेड़ा कॉलोनी पंचायत और मध्य बागबेड़ा पंचायतों के प्रमुख प्रतिनिधियों, मुखिया, पंचायत समिति सदस्यों और वार्ड सदस्यों ने हिस्सा लिया। सत्र के दौरान जनप्रतिनिधियों ने छात्राओं को अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों के क्रियान्वयन, सरकारी योजनाओं के लाभ, महिला सशक्तिकरण और निर्णय लेने की प्रक्रिया में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों के बारे में विस्तार से बताया।b 1

छात्राओं ने पूछे तीखे और व्यावहारिक प्रश्न

​संवाद के दौरान राजनीति शास्त्र की छात्राओं ने अपनी प्रशासनिक और राजनीतिक समझ का परिचय देते हुए पंचायत प्रतिनिधियों से कई महत्वपूर्ण सवाल किए:

  • मुखिया राजकुमार गौड़ और उमा मुंडा से छात्राओं ने ग्राम सभा के संचालन, बजट आवंटन, स्थानीय स्वशासन की शक्तियों और महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी जैसे विषयों पर सवाल पूछे, जिनका मुखिया द्वय ने अपने दीर्घकालिक अनुभवों के आधार पर स्पष्ट उत्तर दिया।
  • पंचायत समिति सदस्य झरना मिश्रा और राजू सिंह से छात्राओं ने ग्रामीण विवादों के निपटारे और ब्लॉक स्तरीय समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को समझा।
  • वार्ड सदस्य अभिषेक उपाध्याय ने त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था की सबसे निचली और महत्वपूर्ण कड़ी, यानी वार्ड सदस्य के रोल और उनके कार्यों के संबंध में विस्तार से चर्चा की।a 2

नेतृत्व कौशल विकसित करने में मील का पत्थर: डॉ. कविता परमार

​इस अवसर पर नेचर संस्था की संरक्षक डॉ. कविता परमार ने संवाद की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा:

​”राजनीति विज्ञान की छात्राओं के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि वे सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ जमीनी स्तर की राजनीति और पंचायती राज व्यवस्था को गहराई से समझें। पंचायत प्रतिनिधियों के साथ यह सीधा संवाद छात्राओं के नेतृत्व कौशल और प्रशासनिक समझ को विकसित करने में मील का पत्थर साबित होगा।”

 

छात्राओं को मिला गहन अनुभव

​सत्र के समापन पर प्रतिभागी छात्राओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए माना कि इस लाइव टॉक से उन्हें ग्राम स्तर पर लोकतंत्र के वास्तविक स्वरूप, जन-कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और ग्रामीण नेतृत्व की चुनौतियों का एक व्यावहारिक व गहन अनुभव प्राप्त हुआ है, जो भविष्य में उनके बेहद काम आएगा।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

बंगाल में बड़ा राजनीतिक उलटफेर: ममता को झटका, यूसुफ पठान, शत्रुघ्न और सयोनी समेत TMC के 19 सांसदों ने की बगावत

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों के बाद राज्य की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। चुनावी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बिखराव की स्थिति पैदा हो गई है। 60 से ज्यादा विधायकों के बाद अब टीएमसी के सांसदों ने भी ममता बनर्जी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस बीच, बगावत करने वाले टीएमसी के 19 सांसदों की पहली आधिकारिक लिस्ट भी सामने आ चुकी है।455d7d6a d72e 4c3a 84ba 15ffbdf74c7e

​हालांकि, बागी गुट का दावा था कि उनके साथ 20 से ज्यादा सांसद हैं, लेकिन फिलहाल सामने आई सूची में 19 सांसदों के नाम दर्ज हैं।

​बागियों की नेता बनीं काकोली घोष, NDA को समर्थन का दावा

​इस पूरे राजनीतिक विद्रोह की कमान बारासात से सांसद काकोली घोष दस्तीदार संभाल रही हैं। बागी सांसदों ने उन्हें अपना नेता चुना है। खबरों के अनुसार, 10 से ज्यादा बागी सांसदों ने कुछ दिनों पहले बीजेपी के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र यादव और पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी।b 1

​इसके बाद, लगभग 20 बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर एनडीए (NDA) को समर्थन देने की बात कही है। बागियों ने संसद में एक अलग गुट बनाने का भी दावा पेश किया है।

​अपनी बगावत पर बोलते हुए काकोली घोष ने कहा:

​”मैं ममता बनर्जी के साथ तब भी खड़ी थी जब वह सत्ता में नहीं थीं। पहले की नीतियां बंगाल के गरीबों के भले के लिए थीं, लेकिन पिछले 3-4 सालों से उम्मीद के मुताबिक काम नहीं हो रहा था।”

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​इन 19 बागी सांसदों के नाम आए सामने:

​सामने आई लिस्ट में बंगाल के कई कद्दावर और चर्चित चेहरों के नाम शामिल हैं:

  1. काकोली घोष (बारासात) – बागी गुट की नेता
  2. जगदीश चंद्र बसुनिया (कूचबिहार)
  3. खली उर रहमान (जंगीपुर)
  4. यूसुफ पठान (बेहरामपुर)
  5. अबू ताहिर खान (मुर्शिदाबाद)
  6. पार्थ भौमिक (बैरकपुर)
  7. बापी हलधर (मथुरापुर)
  8. सयोनी घोष (जादवपुर)
  9. माला रॉय (कोलकाता दक्षिण)
  10. मिताली बाग (आरामबाग)
  11. दीपक अधिकारी – देव (घाटल)
  12. कालीपद सोरेन (झालग्राम)
  13. जून मालिया (मेदिनीपुर)
  14. अरूप चक्रवर्ती (बांकुड़ा)
  15. डॉ. शर्मिला सरकार (वर्धमान पूर्व)
  16. शत्रुघ्न सिन्हा (आसनसोल)
  17. असित कुमार मल (बोलपुर)
  18. शताब्दी रॉय (बीरभूम)
  19. रचना बनर्जी (हुगली)

​सयोनी घोष का नाम सबसे हैरान करने वाला

​इस पूरी लिस्ट में सबसे चौंकाने वाला नाम जादवपुर की सांसद सयोनी घोष का है। बंगाल चुनाव के दौरान सयोनी अपनी आक्रामक बयानबाजी और रैलियों के कारण पूरे राज्य में चर्चा का केंद्र बनी हुई थीं। राजनीतिक गलियारों में तो उन्हें ममता बनर्जी का भविष्य का विकल्प तक माना जाने लगा था।

​साल 2021 में टीएमसी जॉइन करने वाली सयोनी भले ही अपना पहला विधानसभा चुनाव हार गई थीं, लेकिन उनके तेवर देखते हुए अभिषेक बनर्जी ने उन्हें टीएमसी यूथ विंग का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया था। ऐसे में उनका बागी गुट में जाना ममता बनर्जी के लिए बहुत बड़ा निजी झटका माना जा रहा है।

​यूसुफ पठान और शत्रुघ्न सिन्हा भी खेमे से बाहर

​ममता बनर्जी को झटका देने वालों में पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान और ‘शॉटगन’ शत्रुघ्न सिन्हा भी शामिल हैं।

  • शत्रुघ्न सिन्हा (आसनसोल): बीजेपी और कांग्रेस का सफर तय करने के बाद मार्च 2022 में टीएमसी में आए थे। 2022 के उपचुनाव और फिर 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने आसनसोल से टीएमसी के टिकट पर जीत दर्ज की थी।
  • यूसुफ पठान (बेहरामपुर): यूसुफ ने अपने सियासी सफर की शुरुआत ही टीएमसी से की थी। 2024 के चुनाव में उन्होंने बहरामपुर सीट पर कांग्रेस के दिग्गज नेता अधीर रंजन चौधरी को 85 हजार से अधिक वोटों से हराकर सबको चौंका दिया था, लेकिन अब उन्होंने भी बगावत का रास्ता चुन लिया है।

​पश्चिम बंगाल की राजनीति में आए इस भूचाल ने अब दिल्ली तक की हलचल बढ़ा दी है। देखना होगा कि ममता बनर्जी इस सबसे बड़े संकट से अपनी पार्टी को कैसे बचा पाती हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

श्रीनाथ विश्वविद्यालय ने मलेशिया के सेगी यूनिवर्सिटी के साथ किया ऐतिहासिक एमओयू, विद्यार्थियों को मिलेंगे अंतरराष्ट्रीय अवसर

जमशेदपुर: शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करते हुए जमशेदपुर के श्रीनाथ विश्वविद्यालय ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय ने वैश्विक शैक्षणिक सहयोग को सशक्त बनाने और अपने छात्र-छात्राओं व शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करने के उद्देश्य से मलेशिया की प्रतिष्ठित सेगी (SEGi) यूनिवर्सिटी के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।IMG 20260610 WA0012

​इस महत्वपूर्ण समझौते पर श्रीनाथ विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय मामलों के निदेशक डॉ. जे. राजेश तथा सेगी यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर प्रो. डॉ. मारियानी एमडी नोर ने हस्ताक्षर किए। यह रणनीतिक साझेदारी श्रीनाथ विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीयकरण और शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर मानी जा रही है।b 1

​इन वैश्विक कार्यक्रमों का मिलेगा सीधा लाभ

​इस एमओयू के तहत दोनों देशों के उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच शैक्षणिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जाएगा, जिसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • ग्लोबल इमर्शन व एक्सचेंज प्रोग्राम: विश्वविद्यालय के छात्रों को ‘स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम’ और शिक्षकों को ‘फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम’ के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीखने-सिखाने का मौका मिलेगा।
  • एक सेमेस्टर विदेशों में पढ़ाई: छात्रों को अपने पाठ्यक्रम का एक सेमेस्टर मलेशिया की सेगी यूनिवर्सिटी में रहकर पूरा करने का विशेष अंतरराष्ट्रीय अवसर प्राप्त होगा।
  • संयुक्त शोध एवं अनुसंधान: दोनों विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ मिलकर वैश्विक स्तर की संयुक्त शोध परियोजनाओं (Joint Research Projects) और नवाचार (Innovation) पर काम करेंगे।a 2

​वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार होंगे छात्र

​एमओयू हस्ताक्षर समारोह के दौरान सेगी यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग, बिल्ट एनवायरनमेंट एंड आईटी के डीन डॉ. मोए लिप कीन सहित कई वरिष्ठ शिक्षाविद मौजूद रहे। वहीं श्रीनाथ विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व डॉ. जे. राजेश के साथ स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष श्री शशिकांत सिंह ने किया।

विश्वविद्यालय प्रशासन का विज़न: इस रणनीतिक साझेदारी से हमारे विद्यार्थियों को एक वैश्विक दृष्टिकोण (Global Perspective) मिलेगा। अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक अनुभवों से जुड़कर छात्र वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप खुद को तैयार कर सकेंगे। यह एमओयू श्रीनाथ विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई और मजबूत पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगा।

 

​इस समझौते के बाद श्रीनाथ विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट व अन्य विभागों के विद्यार्थियों में वैश्विक स्तर पर प्लेसमेंट और उच्च शिक्षा के अवसरों को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

जमशेदपुर के आमों का लंदन में बजेगा डंका: उपायुक्त ने डेढ़ टन आम की पहली खेप को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के कृषि इतिहास में 08 जून 2026 का दिन एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। जिला जनसंपर्क कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, जिले के किसानों द्वारा उपजाए गए रसीले आमों की पहली अंतरराष्ट्रीय खेप को लंदन (यूके) के लिए रवाना कर दिया गया है। जमशेदपुर समाहरणालय परिसर से उपायुक्त श्री राजीव रंजन ने आमों से लदे ट्रक को नजदीकी पोर्ट के लिए हरी झंडी दिखाई।IMG 20260610 WA0011

​केंद्र सरकार की संस्था एपीडा (APEDA – कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण) के सहयोग से लगभग डेढ़ टन (1.5 Ton) आमों का यह निर्यात किया गया है। यह कदम स्थानीय किसानों को वैश्विक मंच प्रदान करने की दिशा में एक बहुत बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।b 1

​FPO के जरिए जुटाए गए आम, मानकों का रखा गया खास ध्यान

​लंदन भेजे जा रहे इन आमों का संकलन और आपूर्ति जिले के ही एक किसान उत्पादक संगठन (FPO) के माध्यम से की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार की सख्त गाइडलाइंस को देखते हुए आमों की गुणवत्ता की कड़ाई से जांच की गई और उनकी पैकेजिंग पूरी तरह से निर्धारित वैश्विक मानकों के अनुरूप की गई है, ताकि विदेशों में भी यहां के आमों का स्वाद और फ्रेशनेस बरकरार रहे।a 2

​इस उपलब्धि के मुख्य मायने:

    • बिचौलियों से मुक्ति, सीधा मुनाफा: इस अंतरराष्ट्रीय बाजार के मिलने से आम उत्पादक किसानों को उनके उत्पादों का सीधा और बेहद बेहतर मूल्य मिलेगा।
    • वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा: इस सफलता से उत्साहित होकर अब अन्य किसान भी अंतरराष्ट्रीय मांग के अनुरूप वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने के लिए प्रेरित होंगे।
    • अन्य फसलों के लिए खुले रास्ते: आम के सफल निर्यात के बाद अब जिले के अन्य कृषि एवं बागवानी उत्पादों को भी वैश्विक बाजार में भेजने की तैयारी शुरू हो सकेगी।

उपायुक्त का बयान: जिले के किसानों के लिए यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। हमारी स्थानीय कृषि उपज अब सात समंदर पार अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रही है। यह किसानों की आय दोगुनी करने और हमारे कृषि क्षेत्र को एक नई पहचान देने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। प्रशासन भविष्य में भी निर्यात को बढ़ावा देने के लिए हर संभव तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग जारी रखेगा।

 

​इस गौरवशाली और ऐतिहासिक मौके पर समाहरणालय परिसर में उप विकास आयुक्त (DDC), एपीडा के प्रतिनिधि, जेएसएलपीएस (JSLPS) के डीपीएम, FPO के पदाधिकारी और कई प्रगतिशील किसान मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

जमशेदपुर में किसानों को मिले अंतरराष्ट्रीय बाजार के पंख: कृषि उत्पादों के निर्यात के लिए आयोजित हुआ विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम

जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के किसानों और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने उत्पादों को बेचने की राह आसान होगी। जिला जनसंपर्क कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, जमशेदपुर समाहरणालय सभागार में किसान उत्पादक संगठनों, किसान उत्पादक कंपनियों और प्रगतिशील किसानों के लिए एक विशेष ‘निर्यातोन्मुखी क्षमता विकास कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया।IMG 20260610 WA0010

​इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय किसानों को कृषि और बागवानी उत्पादों के निर्यात (Export) से जुड़े अवसरों, सरकारी प्रक्रियाओं और अंतरराष्ट्रीय बाजार की बारीकियों से रूबरू कराना था, ताकि उनकी आय में व्यापक बढ़ोतरी की जा सके।

​अंतरराष्ट्रीय मानकों और पैकेजिंग पर रहा जोर

​कार्यक्रम में भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन कार्यरत संस्था एपीडा (APEDA – कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण) के ईस्टर्न रीजन हेड श्री सीताकांत मंडल मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक बाजार में जगह बनाने के लिए उत्पादों की गुणवत्ता, आधुनिक पैकेजिंग और मूल्य संवर्धन (Value Addition) सबसे महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने किसानों को संगठित होकर ‘निर्यातोन्मुख खेती’ अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।b 1

​इन मुख्य बिंदुओं पर हुआ मंथन:

    • संभावित उत्पादों की पहचान: पूर्वी सिंहभूम जिले से निर्यात किए जा सकने वाले प्रमुख कृषि एवं बागवानी उत्पादों की लिस्टिंग की गई।
    • बाजार विस्तार: FPO के माध्यम से किसानों को सीधे बड़े और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों (Buyers) से जोड़ने की रणनीति पर चर्चा हुई।
    • तकनीकी मार्गदर्शन: विशेषज्ञों द्वारा किसानों को फसल की गुणवत्ता सुधारने और वैश्विक मानकों को पूरा करने के लिए जरूरी तकनीकी और व्यावसायिक टिप्स दिए गए।

उपायुक्त का संदेश: जिले के कृषि और बागवानी उत्पादों में अपार संभावनाएं हैं। यदि हमारे किसान संगठित होकर और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उत्पादन शुरू करें, तो पूर्वी सिंहभूम जिला निर्यात के क्षेत्र में देश पटल पर एक नई पहचान बना सकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को इस दिशा में मिलकर काम करने के निर्देश दिए हैं।

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​इस क्षमता विकास कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त (DDC), नाबार्ड (NABARD) के अधिकारी, जिला कृषि विभाग के पदाधिकारी, JSLPS के डीपीएम सहित विभिन्न प्रखंडों के बीपीओ, प्रगतिशील किसान और एफपीओ से जुड़ी ग्रामीण दीदियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

जमशेदपुर सदर अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर! इलाज के अभाव में महिला की मौत पर हंगामा; कंप्यूटर ऑपरेटर के भरोसे फेब्रिकेटेड वार्ड, आयुष डॉक्टरों के जिम्मे ICU

जमशेदपुर:

पूर्वी सिंहभूम जिला मुख्यालय स्थित जमशेदपुर सदर अस्पताल इन दिनों खुद ‘वेंटिलेटर’ पर नजर आ रहा है। अस्पताल में बदइंतजामी, डॉक्टरों की लापरवाही और प्रशासनिक स्तर पर मचे भारी गोलमाल के कारण गरीब मरीजों की जान आफत में है। ताजा मामला रविवार की रात का है, जहाँ फेब्रिकेटेड वार्ड में समय पर मुकम्मल इलाज न मिलने के कारण एक महिला मरीज आशिता नंदी की तड़प-तड़प कर मौत हो गई।9462fb058099800feec93fe47b431d5f4972e95edf139f82e5722e51c9b8cf86.0

​मरीज की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का सीधा सवाल था कि जब यहाँ इलाज की बुनियादी सुविधाएं ही नहीं थीं, तो मरीज को फेब्रिकेटेड वार्ड में क्यों शिफ्ट किया गया?

​गायब रहते हैं डॉक्टर, बीते एक हफ्ते में 3 की मौत!

​परिजनों के अनुसार, रविवार रात को वार्ड में आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजेश की ड्यूटी थी, लेकिन वे अपनी सेवा से गायब थे। इससे पहले 6 जून की रात को भी इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों के न होने पर मरीजों ने भारी हंगामा किया था, उस वक्त डॉ. अभिषेक ऑन-ड्यूटी होने के बावजूद नदारद थे।b 1

मीडिया सूत्रों का दावा है कि सदर अस्पताल में सही इलाज और संसाधनों के अभाव में बीते एक सप्ताह के भीतर 3 मरीजों की जान जा चुकी है, लेकिन हर बार मामलों को सामान्य बताकर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।

​योग्यता दरकिनार: कंप्यूटर ऑपरेटर संभाल रहा ‘हॉस्पिटल मैनेजर’ की कमान

​अस्पताल के भीतर चल रहे भाई-भतीजावाद का आलम यह है कि सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने नियमों को ताक पर रखकर अपने चहेते कंप्यूटर सहायक विमल कुमार मंडल को फेब्रिकेटेड वार्ड की पूरी ऑपरेशनल जिम्मेदारी (बतौर हॉस्पिटल मैनेजर) सौंप दी है। बिना किसी तकनीकी योग्यता और पर्याप्त अनुभव के एक कंप्यूटर ऑपरेटर को इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद अब पूरी व्यवस्था और सिविल सर्जन की कार्यशैली सवालों के घेरे में है।a 2

​बदहाली की मुख्य कड़ियां: कहाँ-कहाँ है लापरवाही?

  • आयुष डॉक्टरों के भरोसे ICU: अस्पताल का अति-संवेदनशील आईसीयू (ICU) और फेब्रिकेटेड वार्ड विशेषज्ञ डॉक्टरों के बजाय आयुष चिकित्सकों के भरोसे चल रहा है।
  • डायलिसिस वार्ड हुआ बंद: डॉक्टर और डायलिसिस टेक्नीशियन की कमी के कारण जीवनदायिनी डायलिसिस सेवा पूरी तरह ठप हो चुकी है।
  • दवा और उपकरणों का अकाल: ऑपरेशन थिएटर (OT) समेत कई विभागों में जीवन रक्षक दवाओं की भारी किल्लत है। डॉक्टरों को मास्क और हैंड ग्लव्स जैसे छोटे और सामान्य उपकरण तक नसीब नहीं हो रहे हैं।
  • केवल ‘आयुष्मान’ के पैसे पर फोकस: जानकारों का आरोप है कि डॉक्टरों और कर्मचारियों की पूरी टीम का मुख्य ध्यान मरीजों के इलाज से ज्यादा आयुष्मान भारत योजना के तहत आने वाले फंड को भुनाने पर टिका रहता है।
  • दिखावे का उद्घाटन: एक तरफ आईसीयू और वार्ड खाली पड़े हैं, वहीं दूसरी तरफ सिविल सर्जन ने हाल ही में नए एचडीयू (HDU) वार्ड का उद्घाटन कर दिया है, जिसके संचालन को लेकर अभी से संशय बरकरार है।

​दवा खरीद और DPC बहाली में बड़े घोटाले की बू, स्वास्थ्य मंत्री के संरक्षण का आरोप!

​सदर अस्पताल केवल चिकित्सा के मोर्चे पर ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक मोर्चे पर भी भ्रष्टाचार का केंद्र बनता जा रहा है। हाल ही में दवा खरीद में बड़े पैमाने पर वित्तीय हेराफेरी की शिकायत सामने आई थी। चौंकाने वाली बात यह है कि इस घोटाले की जांच के लिए जो कमेटी बनाई गई, उसमें खुद आरोपी सिविल सर्जन को ही शामिल कर लिया गया, जिससे जांच की मंशा पर साफ तौर पर पानी फिरता दिख रहा है। मीडिया में उठी आवाजों के बाद भी इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

15 सालों में सबसे खराब स्थिति

विभागीय जानकारों का कहना है कि वर्तमान सिविल सर्जन को सिर्फ स्वास्थ्य मंत्री की नजदीकी का फायदा मिल रहा है। राजनीतिक रसूख के कारण ही उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती, जबकि पिछले 15 वर्षों में सदर अस्पताल की इतनी बदतर स्थिति कभी नहीं हुई थी।

 

​फर्जी सर्टिफिकेट पर बहाली का अनोखा कारनामा

​भ्रष्टाचार का सबसे नायाब उदाहरण झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के अंतर्गत दिसंबर 2025 में हुई DPC (डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर) की बहाली में देखने को मिला। चयनित उम्मीदवार डॉ. अंकित कुमार के अनुभव प्रमाण पत्र (Experience Certificate) को संबंधित कंपनी ने 23 दिसंबर 2025 को ही ईमेल भेजकर ‘फेक’ (फर्जी) करार दे दिया था।

​इसके बावजूद, 8 जनवरी 2026 को सिविल सर्जन ने डॉ. अंकित को जॉइनिंग लेटर जारी कर दिया। मामला तब फंसा जब सिविल सर्जन ने राज्य सोसाइटी से वेतन की मांग की। सोसाइटी ने सर्टिफिकेट पर आपत्ति जताते हुए स्पष्टीकरण मांग लिया। हालांकि 24 अप्रैल 2026 को सिविल सर्जन ने तमाम फर्जी दस्तावेजों को सही बताते हुए वेतन जारी करने की पैरवी की, लेकिन सोसाइटी ने फंड रोक दिया। नतीजतन, फरवरी से बिना वेतन काम कर रहे DPC ने अब दफ्तर आना छोड़ दिया है। मीडिया सूत्रों के अनुसार, यहाँ हुई हेल्थ एडवाइजर की बहाली का भी यही हाल है, जो पूरी तरह विवादों में है।

​स्वास्थ्य मंत्री से हस्तक्षेप की मांग

​सदर अस्पताल की इस चौपट हो चुकी व्यवस्था को देखते हुए अब शहर के सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री से तुरंत इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जब तक सिविल सर्जन स्तर पर बड़ा प्रशासनिक बदलाव नहीं किया जाता, तब तक जमशेदपुर की गरीब जनता को मुकम्मल इलाज मिलना नामुमकिन है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

जमशेदपुर में भीषण गर्मी का कहर जारी: स्कूल खुलने की तारीख आगे बढ़ाने की उठने लगी मांग, जिला प्रशासन से संज्ञान लेने की अपील

जमशेदपुर:

जमशेदपुर सहित पूरे कोल्हान क्षेत्र में भीषण गर्मी और लू (Heatwave) का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। जून का महीना आधा बीतने को है, लेकिन तापमान में गिरावट के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। स्थिति यह है कि सुबह की धूप ही लोगों को झुलसा रही है। इस बीच, स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां खत्म होने की कगार पर हैं, जिससे अभिभावकों और बच्चों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।school closed news 0

​आम जनता और अभिभावकों का कहना है कि वर्तमान मौसम बच्चों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। इस चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी में मासूम बच्चों का स्कूल जाना उनके बीमार पड़ने का कारण बन सकता है।b 1

​जिला प्रशासन से संज्ञान लेने की अपील

​बढ़ती गर्मी और बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए अब यह मांग तेजी से उठने लगी है कि पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) जिला प्रशासन को इस गंभीर स्थिति पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। अभिभावकों और जागरूक नागरिकों का मानना है कि जब तक मौसम में कुछ सुधार नहीं होता या बारिश की शुरुआत नहीं होती, तब तक स्कूलों की छुट्टियों को कुछ और दिनों के लिए आगे बढ़ा दिया जाना चाहिए।a 2

क्या कहते हैं अभिभावक?

“अभी नौनिहालों को इस तपन में स्कूल भेजना खतरे से खाली नहीं है। हीट स्ट्रोक का खतरा लगातार बना हुआ है। जिला प्रशासन को बच्चों के हित में फैसला लेते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि का विस्तार करना चाहिए।”

 

​मौसम का हाल और स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी

​मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद कम है और तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। चिकित्सकों ने भी इस मौसम में बच्चों और बुजुर्गों को सीधी धूप से बचने की सलाह दी है।

​अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस जनभावना और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े बेहद संवेदनशील मामले पर कब तक और क्या फैसला लेता है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

जमशेदपुर: परसुडीह में अवैध संबंध के शक में कन्वाई चालक की बेरहमी से हत्या, स्टील की डेकची से पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट, आरोपी गिरफ्तार

जमशेदपुर:

शहर के परसुडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत करनडीह लाइन टोला में मंगलवार की देर रात एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ अवैध संबंध के शक में 35 वर्षीय कन्वाई चालक मोहन हसदा की स्टील की भारी डेकची से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस वीभत्स घटना से पूरे इलाके में दहशत और सनसनी का माहौल है।IMG 20260610 104904

​बुधवार की सुबह घटना की सूचना मिलते ही परसुडीह थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी पति राजू मुर्मू को गिरफ्तार कर लिया है और उससे सघन पूछताछ कर रही है।

​”मुंहबोली मामी” के घर आना-जाना बना काल

​मिली जानकारी के अनुसार, मृतक मोहन हसदा मूल रूप से ओडिशा का रहने वाला था, जबकि उसके भाई जमशेदपुर के सुंदरनगर नया बस्ती इलाके में रहते हैं। मोहन का आरोपी राजू मुर्मू के घर अक्सर आना-जाना था। वह राजू की पत्नी सविता मुर्मू को अपनी “मुंहबोली मामी” कहता था। हालांकि, राजू मुर्मू को अपनी पत्नी और मोहन के रिश्तों पर गहरा शक था। इस बात को लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर घर में विवाद और झगड़ा होता रहता था।b 1

​आधी रात को खूनी संघर्ष, डेकची से ताबड़तोड़ हमला

​मंगलवार देर रात जब मोहन हसदा करनडीह लाइन टोला स्थित राजू मुर्मू के घर पहुंचा, तो एक बार फिर अवैध संबंध के शक को लेकर विवाद भड़क उठा। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि गुस्से से आगबबूला होकर राजू मुर्मू ने घर में रखी भारी स्टील की डेकची उठा ली और मोहन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। सिर और शरीर के संवेदनशील हिस्सों में गंभीर चोट लगने के कारण अत्यधिक खून बह गया और मोहन की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

​पत्नी ने बयां की खौफनाक दास्तान

​घटना को लेकर आरोपी की पत्नी सविता मुर्मू ने बताया कि मंगलवार रात उसके पति ने पहले उस पर मोहन के साथ अवैध संबंध होने का आरोप लगाते हुए जमकर मारपीट की और उसे घर से बाहर खदेड़ दिया। लोक-लाज और डर के मारे वह आधी रात को ही अपने दोनों बच्चों को लेकर किसी दूसरे के घर शरण लेने चली गई। सविता के अनुसार, उसके जाने के बाद बंद कमरे के भीतर क्या हुआ, इसकी उसे जानकारी नहीं थी। बुधवार सुबह जब वह वापस घर लौटी, तब उसे मोहन की हत्या का पता चला।a 2

​पुलिस की कार्रवाई और हथियार बरामद

​परसुडीह थाना पुलिस ने घटनास्थल से हत्या में इस्तेमाल की गई खून से सनी स्टील की डेकची को बरामद कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी राजू मुर्मू को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

पोसतोनगर में मनाई गई भगवान बिरसा मुंडा की 126वीं पुण्यतिथि, जल-जंगल-जमीन के संघर्ष को किया गया याद

जमशेदपुर / पोसतोनगर:

धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के 126वें शहादत दिवस के अवसर पर पोसतोनगर मुखी समाज कार्यालय प्रांगण में एक विशेष श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संतोष बेहरा ने की। इस दौरान समाज के लोगों ने भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।IMG 20260610 WA0004

महापुरुषों के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प

​श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए कारूवा समाज के प्रदेश कोषाध्यक्ष गुरूचरण मुखी ने कहा कि धरती आबा ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए हमेशा अग्रिम पंक्ति में रहकर संघर्ष किया। आज के युवाओं और समाज को उनके बताए मार्ग पर चलने और उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लेने की आवश्यकता है।b 1

​”भगवान बिरसा मुंडा का जीवन हमें जल-जंगल-जमीन और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करना सिखाता है। उनके अधूरे सपनों को पूरा करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”

गुरूचरण मुखी, प्रदेश कोषाध्यक्ष (कारूवा समाज)

 

नारों से गूंजा पूरा परिसर

​श्रद्धांजलि सभा के दौरान पूरा परिसर “झारखंड के धरती आबा बिरसा मुंडा अमर रहें” और “वीर शहीद अमर रहें” जैसे गगनभेदी नारों से गूंज उठा। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने समाज की एकजुटता और अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की बात दोहराई।a 2

ये रहे उपस्थित

​इस विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मुख्य रूप से:

  • ​राजकुमार बेहरा
  • ​संतोष बेहरा
  • ​गोपाल बेहरा
  • ​शंकर रावत
  • ​बिष्णु बेहरा
  • ​प्रेम कारूवा
  • ​सुंदरकांडी
  • ​गुरु कारूवा
  • ​संजय, रतन, बबलू, और सूरज मुखी सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क

जमशेदपुर: गोविंदपुर में पड़ोसियों का विवाद गहराया; बुलेट में तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी का आरोप, CCTV में कैद हुई घटना

जमशेदपुर / डेस्क:

शहर के गोविंदपुर थाना क्षेत्र स्थित जनता फ्लैट में पड़ोसियों के बीच का विवाद अब थाने तक पहुंच गया है। यहाँ रहने वाले मृत्युञ्जय सिंह ने अपने पड़ोसी गणेश झा और उनके तीन बेटों के खिलाफ गाली-गलौज, अभद्र व्यवहार, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तथा जान से मारने की धमकी देने का एक लिखित मामला दर्ज कराया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि वे लंबे समय से इस प्रताड़ना को झेल रहे हैं और अब पूरा परिवार खौफ के साए में जीने को मजबूर है।IMG 20260609 WA0015

बुलेट मोटरसाइकिल में तोड़फोड़, सीसीटीवी में कैद हुई करतूत

​थाने में दिए गए आवेदन के अनुसार, घटना बीती 7 जून 2026 की शाम करीब 5:35 बजे की है। पीड़ित मृत्युञ्जय सिंह का आरोप है कि आरोपी गणेश झा ने उनके घर के बाहर खड़ी उनकी बुलेट मोटरसाइकिल के साथ बेरहमी से तोड़फोड़ की। इस दौरान बाइक के कई कीमती पार्ट्स को बूरी तरह नुकसान पहुंचाया गया। राहत की बात यह है कि तोड़फोड़ की यह पूरी वारदात वहां लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है, जिसे पुलिस को साक्ष्य के रूप में सौंपने की बात कही जा रही है।

महिलाओं से अभद्रता और मानसिक प्रताड़ना का आरोप

​शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि आरोपी और उनके बेटे अक्सर उनके परिवार की महिलाओं को देखते ही अभद्र और अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हैं। लगातार हो रही इस बदसलूकी के कारण पूरा परिवार गहरे मानसिक तनाव और अवसाद से गुजर रहा है।b 1

​मृत्युञ्जय सिंह ने बताया कि उनके माता-पिता वर्तमान में इलाज के सिलसिले में शहर से बाहर रहते हैं। घर में बुजुर्गों की अनुपस्थिति और आरोपियों के आक्रामक रवैये के कारण घर के सदस्य हर वक्त अनहोनी की आशंका से डरे हुए हैं। उनका यह भी कहना है कि इससे पूर्व भी स्थानीय स्तर पर पुलिस प्रशासन को इस संबंध में अवगत कराया गया था, लेकिन आरोपियों के हौसले पस्त नहीं हुए।

निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की गुहार

​पीड़ित ने गोविंदपुर थाना प्रभारी से इस पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच करने, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई करने और सभी नामजद आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने अपने परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी गुहार लगाई है।a 2

पुलिस की कार्रवाई:

लिखित शिकायत मिलने के बाद गोविंदपुर थाना पुलिस मामले की सत्यता की जांच में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों और सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद कानून के मुताबिक आगे की उचित कार्रवाई की जाएगी।

तीसरी धारा न्यूज की रिपोर्ट।

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