एक नई सोच, एक नई धारा

खालसा सृजना दिवस पर भाजपा नेता चंचल भाटिया ने 28वीं बार किया रक्तदान, समाज सेवा की अनूठी मिसाल पेश की

जमशेदपुर: खालसा सृजना दिवस और बैसाखी के पावन अवसर पर लौहनगरी में भक्ति के साथ-साथ सेवा की लहर भी देखने को मिली। इस शुभ अवसर पर भाजपा नेता सह सिख समाजसेवी सरदार चंचल भाटिया ने रक्तदान कर सामाजिक जिम्मेदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। चंचल भाटिया द्वारा किया गया यह 28वां रक्तदान था, जो उनकी मानवता के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।IMG 20260414 WA0019

​जमशेदपुर ब्लड सेंटर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधान सुरिंदर सिंह ने चंचल भाटिया के इस जज्बे को सलाम करते हुए उन्हें शॉल और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। रक्तदान के पश्चात उन्हें स्मृति चिन्ह और सरकारी प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

एमजीएम अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी ने जताया आभार

​मौके पर उपस्थित MGM मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार ने चंचल भाटिया के कार्य की सराहना करते हुए उन्हें अस्पताल आने का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा:

​”रक्तदाताओं के सहयोग से ही हम मरीजों को बेहतर इलाज और मुफ्त रक्त मुहैया करा पाते हैं। चंचल भाटिया जैसे समाजसेवियों का यह योगदान सीधे तौर पर जीवन बचाने के काम आता है।”

 

बैसाखी: उत्सव और संकल्प का संगम

​बैसाखी का त्योहार न केवल फसल कटाई का उत्सव है, बल्कि सिख धर्म में इसका ऐतिहासिक महत्व है क्योंकि इसी दिन (1699) खालसा पंथ की स्थापना हुई थी। सौर नव वर्ष के आगमन और सूर्य के मेष राशि में प्रवेश के इस शुभ दिन पर चंचल भाटिया द्वारा किया गया यह सेवा कार्य चर्चा का विषय बना रहा।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

​चंचल भाटिया का उत्साहवर्धन करने के लिए जमशेदपुर के कई प्रमुख व्यक्ति मौके पर उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से:

  • पूर्व विधायक कुणाल सारंगी
  • ​शैलेष गुप्ता
  • ​जगजीत सिंह
  • ​इंद्रजीत सिंह
  • ​सन्नी सिंह
  • ​तरुण कुमार
  • ​लवली गिल

​रक्तदान शिविर के अंत में “रक्तदान महादान” के नारे के साथ युवाओं को समाज सेवा के इस मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया गया।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

कांग्रेस संगठन का विस्तार: युवा नेता संजीव रंजन बने पूर्वी सिंहभूम जिला महामंत्री, कार्यकर्ताओं में उत्साह

जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी ने अपनी नई कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। संगठन को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से शीर्ष नेतृत्व ने युवा और अनुभवी चेहरों पर भरोसा जताया है। इसी कड़ी में युवा कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष संजीव रंजन को जिला कांग्रेस कमेटी का महामंत्री नियुक्त किया गया है।IMG 20260413 WA0018

युवा कांग्रेस से जिला संगठन तक का सफर

​संजीव रंजन का राजनीतिक सफर काफी लंबा और सक्रिय रहा है। उन्होंने प्रखंड स्तर से अपनी राजनीति की शुरुआत की और अपनी कार्यकुशलता के बल पर प्रदेश महासचिव तक का पद संभाला। युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष के रूप में उनके कार्यकाल और संगठनात्मक पकड़ को देखते हुए ही उन्हें अब जिला कांग्रेस की मुख्यधारा में महामंत्री जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

अनुभव और ऊर्जा का संगम

​इस बार की जिला कमेटी में खास बात यह रही कि शीर्ष नेतृत्व ने पुराने अनुभवी नेताओं के साथ-साथ युवाओं को भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि युवाओं को बढ़-चढ़कर मौका देने से जिले में कांग्रेस संगठन के भीतर नई ऊर्जा का संचार होगा और आगामी चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी।

संगठन की मजबूती के लिए प्रतिबद्ध: संजीव रंजन

​अपनी नई नियुक्ति पर हर्ष व्यक्त करते हुए संजीव रंजन ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार जताया है। उन्होंने कहा:

​”संगठन ने मुझ पर जो भरोसा जताया है, मैं उसके प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध रहूँ। मेरी पूरी ताकत और ऊर्जा कांग्रेस पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने और संगठन को धरातल पर मजबूत करने में लगेगी। हम एकजुट होकर जिले में पार्टी के जनाधार को और बढ़ाएंगे।”

 

​संजीव रंजन को नई जिम्मेदारी मिलने पर उनके समर्थकों और जिला कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उन्हें बधाई दी है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

तीसरी धारा न्यूज़: बागबेड़ा को कचरा मुक्त बनाने की बड़ी पहल, विधायक संजीव सरदार ने दिया स्थायी समाधान का भरोसा

जमशेदपुर: बागबेड़ा कॉलोनी में लंबे समय से चली आ रही कचरा निष्पादन की समस्या के समाधान की दिशा में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने ठोस कदम उठाए हैं। जमशेदपुर प्रखंड विकास कार्यालय के सभागार में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में विधायक संजीव सरदार ने स्पष्ट किया कि बागबेड़ा में अब डोर-टू-डोर कचरा उठाव की योजना को धरातल पर उतारा जाएगा।IMG 20260414 WA0009

डोर-टू-डोर कचरा उठाव का खाका तैयार

​प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) सुमित प्रकाश ने बैठक में सर्वे रिपोर्ट पेश की। योजना के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • सर्वे रिपोर्ट: बागबेड़ा कॉलोनी में कुल 1160 घरों को इस योजना से जोड़ा जाएगा।
  • यूजर चार्ज: योजना के संचालन के लिए प्रत्येक घर से ₹100 मासिक शुल्क लेने का प्रस्ताव है।
  • रोजगार और संसाधन: इसी राशि से मजदूरों, सुपरवाइजरों और ड्राइवरों का भुगतान होगा। गीले और सूखे कचरे के उठाव के लिए विशेष वाहनों की व्यवस्था की जाएगी।

विधायक ने दी बड़ी सौगात

​पोटका विधायक संजीव सरदार ने घोषणा की कि वे इस नेक कार्य के लिए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त वाहन उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को विधानसभा में भी दो बार उठाया है और अब वे उपायुक्त (DC) स्तर पर पहल कर कार्य में तेजी लाएंगे।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

​”पंचायत का राजस्व बढ़ाने के लिए मार्केट कॉम्प्लेक्स और मैरिज हॉल जैसे निर्माण जरूरी हैं। साथ ही, विभागीय अधिकारी और पंचायत प्रतिनिधि हर महीने बैठक कर प्रगति की समीक्षा करें।” — संजीव सरदार, विधायक

 

जलापूर्ति समस्या पर सख्त तेवर

​बैठक के दौरान पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता ने बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी (रोड नंबर 3) के 50 घरों में पानी की आपूर्ति न होने का मुद्दा उठाया। इस पर विधायक ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को एक महीने के भीतर कार्रवाई कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।IMG 20260414 WA0010

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

​बैठक की अध्यक्षता प्रमुख पानी सोरेन ने की। इस अवसर पर उप प्रमुख शिवकुमार हांसदा, CO मनोज कुमार, पूर्व जिला पार्षद किशोर यादव, और पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता, सतवीर सिंह बग्गा, सुशील कुमार, किशोर सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग और विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़।

तीसरी धारा न्यूज़: राकेश साहू बने कांग्रेस जिला महासचिव, जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह का जताया आभार

जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी के विस्तार के बाद सांगठनिक गतिविधियों में तेजी आने लगी है। जिला महासचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने के बाद राकेश साहू ने जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह के प्रति अपना आभार प्रकट किया है।IMG 20260414 WA0008

संघर्ष और समर्पण का मिला फल

​राकेश साहू ने जिलाध्यक्ष के कार्यालय पहुंचकर उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट किया और पार्टी द्वारा उन पर जताए गए भरोसे के लिए धन्यवाद दिया। इस अवसर पर उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि एक साधारण कार्यकर्ता को इतनी बड़ी जिम्मेदारी देना कांग्रेस की समावेशी कार्यशैली को दर्शाता है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

​उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा का जिक्र करते हुए बताया कि छात्र संगठन NSUI से शुरू हुआ उनका सफर युवा कांग्रेस से होते हुए अब जिला कांग्रेस की कोर कमेटी तक पहुँचा है। यह उनके वर्षों के संघर्ष और पार्टी के प्रति अटूट निष्ठा का ही परिणाम है।

संगठन को मजबूत करने का संकल्प

​राकेश साहू ने इस जिम्मेदारी को स्वीकार करते हुए अपनी भविष्य की प्राथमिकताओं को साझा किया:

    • विचारधारा का प्रसार: कांग्रेस की नीतियों और विचारधारा को घर-घर तक पहुँचाना।
    • जनता की आवाज़: आम जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाना और उनके समाधान के लिए संघर्ष करना।
    • युवा और अनुभव का संगम: उन्होंने कहा कि नई कमेटी में युवाओं के जोश और वरिष्ठों के अनुभव का सही तालमेल है, जो पार्टी को नई दिशा देगा।

​”मैं जिलाध्यक्ष द्वारा जताए गए विश्वास पर पूरी निष्ठा, ईमानदारी और कर्मठता के साथ खरा उतरूँगा। मेरा एकमात्र लक्ष्य संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाना है।” — राकेश साहू, जिला महासचिव

 

​राकेश साहू ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन और अपने साथी कार्यकर्ताओं के निरंतर सहयोग को दिया है। उनके महासचिव बनने पर समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में हर्ष का माहौल है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़।

जमशेदपुर: 18 अप्रैल को निकलेगी भगवान परशुराम की भव्य शोभा यात्रा, ब्राह्मण युवा शक्ति संघ ने कसी कमर

जमशेदपुर: ब्राह्मण युवा शक्ति संघ द्वारा इस वर्ष भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव को ऐतिहासिक बनाने की पूरी तैयारी कर ली गई है। संघ ने घोषणा की है कि 18 अप्रैल को शहर की सड़कों पर ब्राह्मण समाज की एकजुटता और भक्ति का भव्य संगम दिखेगा।IMG 20260414 WA0007

कल परशुराम भवन में विराजेगी भव्य प्रतिमा

​उत्सव की शुरुआत कल यानी 15 अप्रैल से होने जा रही है। बागबेड़ा स्थित परशुराम भवन में भगवान श्री परशुराम जी की एक विशाल और आकर्षक प्रतिमा स्थापित की जाएगी। संघ के सदस्यों के अनुसार, यह प्रतिमा पूरे क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए आस्था और गौरव का केंद्र बनेगी।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

18 अप्रैल: वीर कुंवर सिंह चौक से निकलेगा आस्था का सैलाब

​शोभा यात्रा के मुख्य कार्यक्रम की जानकारी देते हुए पदाधिकारियों ने बताया कि 18 अप्रैल को ‘वीर कुंवर सिंह चौक’ से विशाल शोभा यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा शहर के विभिन्न हिस्सों से होते हुए बागबेड़ा स्थित ब्राह्मण भवन में संपन्न होगी।

“यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि हमारे समाज की शक्ति और एकता का सशक्त प्रदर्शन है।”ब्राह्मण युवा शक्ति संघ

 

रणनीति तैयार, जुटे सैकड़ों परिवार

​हाल ही में संपन्न हुई बैठक में शोभा यात्रा को अनुशासित और भव्य बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। इस बैठक में कमल किशोर जी, रामनाथ दुबे, हरेंद्र मिश्रा, डी.के. मिश्रा और मुन्ना मिश्रा सहित समाज के सैकड़ों गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में इस आयोजन को अब तक का सबसे भव्य जन्मोत्सव बनाने का संकल्प लिया।

आमंत्रण और अपील

​तीसरी धारा न्यूज़ के माध्यम से संघ ने सभी श्रद्धालुओं और शहरवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस शोभा यात्रा में शामिल हों और इस धार्मिक उत्सव को यादगार बनाएं।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़।

जमशेदपुर: जुगसलाई से 17 वर्षीय युवक लापता, दवा लेने घर से निकला था शुभम

जमशेदपुर: लौहनगरी के जुगसलाई थाना क्षेत्र से एक किशोर के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने की खबर सामने आई है। लापता युवक की पहचान शुभम कैवर्तो (17 वर्ष) के रूप में हुई है, जो फिरंगी चौक, राम टेकरी रोड का निवासी है। इस घटना के बाद से ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

घटना का विवरण

​परिजनों के अनुसार, शुभम बीते दिन सुबह करीब 11:30 बजे घर से दवा लेने के लिए निकला था। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वह घर नहीं लौटा, तो परिवार वालों ने उसकी खोजबीन शुरू की। दोस्तों और रिश्तेदारों के यहाँ काफी तलाश करने के बावजूद शुभम का कोई सुराग नहीं मिल सका है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

​थक-हारकर परिजनों ने जुगसलाई थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

पहचान के लिए विवरण

​लापता युवक की पहचान के लिए निम्नलिखित जानकारी साझा की गई है:

  • नाम: शुभम कैवर्तो (पिता: पालु कैवर्तो)
  • शारीरिक बनावट: सांवला रंग, काले बाल और काली आँखें।
  • अंतिम बार देखा गया पहनावा: सफेद टी-शर्ट, काला पजामा और सफेद चप्पल।

मदद की अपील

​शुभम के परिवार ने आम जनता से भावुक अपील की है। यदि किसी भी व्यक्ति को इस युवक के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो कृपया तुरंत निम्नलिखित नंबरों पर सूचित करें:

👉 7070256541

👉 7631256541

​आपकी एक छोटी सी जानकारी एक परिवार की खुशियाँ वापस ला सकती है। कृपया इस संदेश को अधिक से अधिक साझा करें।

अलविदा ‘सुरों की मलिका’: आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में निधन, राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

मुंबई: भारतीय संगीत जगत के एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया है। अपनी जादुई आवाज से सात दशकों तक दुनिया को मंत्रमुग्ध करने वाली महान गायिका आशा भोसले आज हमारे बीच नहीं रहीं। 92 वर्षीय आशा ताई के निधन की खबर ने न केवल उनके करोड़ों प्रशंसकों, बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री को गहरे शोक में डुबो दिया है।n7083014021776082981245397422cf9c5509d7ec870e2bb9e28c55274a1c4b98ed1cc6e66f10b1179b3175

निधन का कारण और अंतिम सफर

​सूत्रों के अनुसार, आशा भोसले पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं और मल्टीपल ऑर्गन फेलियर (शरीर के कई अंगों का काम बंद करना) की वजह से उनका निधन हो गया।

  • अंतिम दर्शन: आज सुबह उनका पार्थिव शरीर उनके मुंबई स्थित आवास ‘कासा ग्रांडे’ में अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया, जहाँ फिल्मी हस्तियों और राजनेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
  • राजकीय सम्मान: भारत सरकार ने उनके अद्वितीय योगदान को देखते हुए राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया है। उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर सलामी दी गई।
  • अंतिम संस्कार: ताजा जानकारी के अनुसार, आशा ताई का पार्थिव शरीर श्मशान घाट पहुंच चुका है, जहाँ कुछ ही देर में उनका अंतिम संस्कार संपन्न होगा।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

एक अद्वितीय करियर: 12,000 गानों का सफर

​आशा भोसले ने अपने करियर में 12,000 से ज्यादा गाने गाकर एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया जिसे तोड़ पाना नामुमकिन लगता है।

  • सबसे महंगी गायिका: वह अपने दौर की सबसे महंगी और व्यस्त सिंगर थीं। देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में उनके म्यूजिक टूर हमेशा ‘हाउसफुल’ रहते थे।
  • सफल बिजनेसवुमन: गायकी के अलावा, आशा जी एक कुशल बिजनेसवुमन भी थीं। उनके कई सफल रेस्टोरेंट बिजनेस (Asha’s) दुनिया के विभिन्न शहरों में फैले हुए हैं, जिससे उनकी एक अलग पहचान बनी।

संगीत जगत की अपूरणीय क्षति

​उनकी आवाज में वो खनक थी जो शास्त्रीय संगीत से लेकर आधुनिक पॉप और कैबरे गानों तक, हर विधा में फिट बैठती थी। आज भले ही वह भौतिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके गाए कालजयी गीत आने वाली कई पीढ़ियों के कानों में रस घोलते रहेंगे।

अयोध्या: राम मंदिर के गर्भगृह में ‘कृत्रिम ज्योति’ पर छिड़ा विवाद, परंपरा बनाम आधुनिकता की बहस तेज

अयोध्या: भव्य राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। हालांकि, इस बार कारण कोई उत्सव नहीं, बल्कि गर्भगृह में स्थापित एक “प्रतीकात्मक ज्योति स्वरूप” को लेकर उठा विवाद है। सोशल मीडिया पर इस ज्योति की प्रमाणिकता और पारंपरिकता को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है।n70826291417760820539341111a4daaf052f38b7fa0e2241a0083a900f1f183b99bf63221f1b5dd8ade3f5

विवाद की जड़: क्या है यह ‘ज्योति स्वरूप’?

​राम मंदिर परिसर में जिस स्थान पर रामलला की मूर्ति अस्थायी रूप से (टेंट और फिर अस्थायी मंदिर में) स्थापित थी, मंदिर ट्रस्ट ने उस स्थान की स्मृति को जीवंत रखने के लिए वहां एक ‘ज्योति स्वरूप’ की स्थापना की है। ट्रस्ट का दावा है कि यह स्थापना पूरी तरह से वैदिक अनुष्ठानों और धार्मिक विधि-विधान के साथ की गई है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

सोशल मीडिया पर नाराजगी: “आस्था या तकनीक?”

​जैसे ही इस ज्योति की तस्वीरें इंटरनेट पर वायरल हुईं, लोगों की प्रतिक्रियाएं दो धड़ों में बंट गईं:

  • आलोचकों का तर्क: कई यूजर्स ने इसे “LED आधारित टॉय लाइट” या “प्लास्टिक की कृत्रिम रोशनी” करार देते हुए इसकी आलोचना की है। उनका कहना है कि हिंदू धर्म में ‘अग्नि’ और ‘दीपक’ का विशेष आध्यात्मिक महत्व है, जिसकी जगह कृत्रिम रोशनी नहीं ले सकती।
  • समर्थकों का पक्ष: वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि मंदिर के आधुनिक प्रबंधन, सुरक्षा कारणों और धुएं से संगमरमर को बचाने के लिए यह एक व्यावहारिक और सुरक्षित प्रतीकात्मक विकल्प है।

मंदिर ट्रस्ट की सफाई: “यह केवल प्रतीकात्मक है”

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि:

  1. ​यह स्थापना किसी परंपरा को तोड़ने के लिए नहीं, बल्कि उस पवित्र स्थान की स्मृति को सम्मान देने के लिए है जहाँ प्रभु श्रीराम पहले विराजमान थे।
  2. ​ज्योति की स्थापना से पहले वैदिक आचार्यों द्वारा विधिवत पूजन और अनुष्ठान संपन्न कराया गया है।
  3. ​ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि इसमें किसी भी प्रकार की धार्मिक अवहेलना नहीं की गई है और यह केवल एक प्रतीकात्मक व्यवस्था है।

परंपरा और आधुनिकता की टकराहट

​यह विवाद एक बड़े सवाल को जन्म देता है—धार्मिक स्थलों में आधुनिक तकनीक का प्रवेश किस सीमा तक जायज है? एक पक्ष इसे समय के साथ होने वाला बदलाव मानता है, तो दूसरा पक्ष इसे मूल धार्मिक मान्यताओं से समझौता समझता है। फिलहाल, मंदिर प्रशासन इस मामले पर शांति बनाए हुए है, लेकिन डिजिटल दुनिया में यह बहस थमने का नाम नहीं ले रही है।

अजब-गजब: एक सीट, एक चेहरा और तीन ‘दुश्मन’ पार्टियां! दाहोद के सियासी ड्रामे ने सबको चौंकाया

दाहोद (गुजरात): भारतीय राजनीति में दलबदल की खबरें तो आम हैं, लेकिन गुजरात के दाहोद जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर राजनीतिक पंडित भी सिर पकड़ कर बैठ गए हैं। यहां जिला पंचायत की पीपेरो (Pipero) सीट पर एक स्थानीय नेता ने ऐसा ‘पॉलिटिकल थ्रिलर’ रच दिया है, जिसकी मिसाल मिलना मुश्किल है।n70819338717760818197424fca1e755d9eddb7bed1bffab5ed66cccede511ee7e7180e92f9d9af3395acf8

​स्थानीय दिग्गज नेता भरत सिंह वाखला ने एक ही सीट के लिए भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP)—इन तीनों कट्टर विरोधी दलों के उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन पर्चा भरकर सबको हैरत में डाल दिया है।

नामांकन का ‘नंबर गेम’ और वाखला का जाल

​जब चुनाव अधिकारियों ने पीपेरो सीट के 11 नामांकन फॉर्मों की जांच (Scrutiny) शुरू की, तो आंकड़ों ने सबको चौंका दिया:

  • भाजपा: कुल 5 फॉर्म (भरत सिंह वाखला का नाम शामिल)
  • कांग्रेस: 2 फॉर्म (यहाँ भी वाखला मौजूद)
  • आम आदमी पार्टी: 1 फॉर्म (यह भी वाखला के ही नाम)
  • अन्य: 2 निर्दलीय और 1 बीआरपी।

कौन हैं भरत सिंह वाखला?

​भरत सिंह वाखला का पाला बदलने का इतिहास काफी पुराना रहा है। वह पहले कांग्रेस में थे, फिर ‘आप’ में गए और पिछला विधानसभा चुनाव ‘आप’ के टिकट पर लड़कर भाजपा को कड़ी टक्कर दी थी। हाल ही में उनके भाजपा में शामिल होने की चर्चाएं थीं, लेकिन एक साथ तीनों पार्टियों से फॉर्म भरकर उन्होंने सबको उलझा दिया है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

क्या कहता है चुनाव नियम? फैसला 15 को!

​तकनीकी रूप से कोई भी व्यक्ति कितनी भी पार्टियों से फॉर्म भर दे, लेकिन उसकी उम्मीदवारी तभी वैध मानी जाती है जब वह पार्टी का आधिकारिक ‘मैंडेट’ (फॉर्म-बी) जमा करता है।

चुनाव अधिकारी का बयान: “पूरी तस्वीर 15 तारीख को साफ होगी। नाम वापसी और मैंडेट जमा करने के आखिरी दिन ही पता चलेगा कि वाखला किस पार्टी का ‘फॉर्म-बी’ पेश करते हैं। बाकी पार्टियों के नामांकन या तो वापस लिए जाएंगे या नियमों के तहत खारिज हो जाएंगे।”

 

​यह सीट पारंपरिक रूप से वरिष्ठ नेता बच्चूभाई खाबड़ का गढ़ मानी जाती है, लेकिन वाखला की इस ‘ट्रिपल चाल’ ने इस चुनाव को पूरे गुजरात में चर्चा का विषय बना दिया है। अब सबकी नजरें 15 तारीख पर टिकी हैं कि वाखला आखिर किस ‘हाथ’ का साथ देंगे, ‘झाड़ू’ थामेंगे या ‘कमल’ खिलाएंगे।

21वीं सदी का सबसे बड़ा फैसला: पीएम मोदी ने ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में भरी हुंकार

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राजधानी के विज्ञान भवन में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए एक ऐतिहासिक घोषणा की। उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक को भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का निर्णायक मोड़ बताते हुए इसे “21वीं सदी के सबसे बड़े फैसलों में से एक” करार दिया।n708266641177608101760490c354395033da96d79a66233bac84daecedf665cc2326c6eaa65c195663c2f8

​प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कदम केवल एक कानून नहीं, बल्कि नारी शक्ति के प्रति देश का वंदन है जो भविष्य की राजनीति और सामाजिक न्याय की दिशा तय करेगा।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

संबोधन की 10 मुख्य बातें:

  1. ऐतिहासिक निर्णय: पीएम मोदी ने कहा कि भारत एक ऐसे पड़ाव पर है जहां वह अपनी नियति बदलने वाला फैसला लेने जा रहा है, जो पूरी तरह से देश की महिलाओं को समर्पित है।
  2. बैसाखी और नववर्ष की शुभकामनाएं: अपने संबोधन की शुरुआत में उन्होंने देशवासियों को बैसाखी और नववर्ष की बधाई दी, साथ ही जलियांवाला बाग के शहीदों को नमन किया।
  3. अतीत के संकल्प, भविष्य के लक्ष्य: उन्होंने कहा कि संसद एक ऐसा इतिहास रचने जा रही है जो दशकों पुराने संकल्पों को हकीकत में बदलेगा।
  4. सामाजिक न्याय का नया स्वरूप: पीएम मोदी के अनुसार, महिला आरक्षण से सामाजिक न्याय केवल एक नारा न रहकर शासन और कार्यसंस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनेगा।
  5. प्रतीक्षा का अंत: उन्होंने 16, 17 और 18 अप्रैल के दिनों को महिला आरक्षण की दशकों लंबी प्रतीक्षा के सुखद अंत के रूप में रेखांकित किया।
  6. विशेष बैठक का आयोजन: लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी को समयबद्ध तरीके से मजबूत करने के लिए 16 अप्रैल से संसद के बजट सत्र की विशेष बैठक बुलाई गई है।
  7. आशीर्वाद की कामना: प्रधानमंत्री ने विनम्रतापूर्वक कहा, “मैं यहां उपदेश देने नहीं, बल्कि देश की माताओं-बहनों का आशीर्वाद लेने आया हूं।”
  8. चार दशक का संघर्ष: उन्होंने याद दिलाया कि इस कानून के लिए लगभग 40 वर्षों से संघर्ष और चर्चा चल रही थी, जिसमें कई पीढ़ियों का योगदान रहा है।
  9. सर्वसम्मति का समर्थन: पीएम ने बताया कि 2023 में जब यह अधिनियम लाया गया, तब विपक्ष सहित सभी दलों ने इसे 2029 तक लागू करने के लक्ष्य का समर्थन किया था।
  10. वैश्विक मंच पर बढ़ता गौरव: उन्होंने कहा कि भारत की राजनीति में महिलाओं की सक्रियता देखकर दुनिया के बड़े नेता हैरान हैं। अध्ययनों से साबित हुआ है कि महिलाओं की भागीदारी से व्यवस्थाओं में संवेदनशीलता आती है।
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