एक नई सोच, एक नई धारा

जमशेदपुर: गोलमुरी में टिनप्लेट मस्जिद के पास दो पक्षों में संघर्ष, दोनों ओर से FIR दर्ज; पुलिस के लिए उलझी गुत्थी

जमशेदपुर: लौहनगरी के गोलमुरी थाना अंतर्गत टिनप्लेट मस्जिद के समीप दो गुटों के बीच हुई मारपीट का मामला अब पूरी तरह कानूनी पेचीदगियों में फंस गया है। घटना को लेकर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है। दिलचस्प बात यह है कि दोनों पक्षों के बयानों में समय और परिस्थितियों का भारी अंतर है, जिससे मामला पुलिस के लिए एक पहेली बन गया है।IMG 20260323 155934

पहला पक्ष: शाम की घटना और लूट का आरोप

​टिनप्लेट नीम रोड निवासी मो. सोहेल खान ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि घटना 17 मार्च की शाम करीब 4:45 बजे की है। उनके अनुसार, जब वे मस्जिद के पास थे, तभी आफताब आलम और हदिसुल्लाह ने उन पर हमला कर दिया। सोहेल का आरोप है कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने उनसे उनकी घड़ी और पास में रखी नकदी भी छीन ली।

दूसरा पक्ष: आधी रात का विवाद और मोबाइल लूट की शिकायत

​वहीं, दूसरे पक्ष से आफताब आलम ने भी थाने में मामला दर्ज कराया है, लेकिन उनकी कहानी बिल्कुल अलग है। आफताब का कहना है कि घटना 17 मार्च की शाम नहीं बल्कि आधी रात को हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि सोहेल खान और जोहेब खान ने उनके साथ मारपीट की और उनका मोबाइल फोन व पर्स लूट लिया।

पुलिस के सामने चुनौतियों का पहाड़

​दोनों पक्षों के विरोधाभासी बयानों ने गोलमुरी पुलिस की मुश्किल बढ़ा दी है। एक पक्ष शाम की बात कर रहा है तो दूसरा आधी रात की। पुलिस अब निम्नलिखित बिंदुओं पर जांच केंद्रित कर रही है:

  • CCTV फुटेज: मस्जिद और आसपास लगे कैमरों की जांच की जा रही है ताकि सही समय और हमलावरों की पुष्टि हो सके।
  • मोबाइल लोकेशन: घटना के समय दोनों पक्षों की लोकेशन ट्रेस की जा रही है।
  • चश्मदीद गवाह: स्थानीय लोगों से पूछताछ कर वास्तविक घटनाक्रम का पता लगाया जा रहा है।

​गोलमुरी थाना प्रभारी का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

खाड़ी में छिड़ी जंग के बीच भारतीय नौसेना की बड़ी कामयाबी: ईरान से पहुंचा 30,000 मीट्रिक टन क्रूड ऑयल, अब दूर होगी गैस की किल्लत

मैनपुरी/नई दिल्ली: खाड़ी देशों के बीच जारी भीषण युद्ध ने दुनिया भर की सप्लाई चेन को प्रभावित किया है, जिसका सीधा असर भारत में तेल के आयात और रसोई गैस की आपूर्ति पर पड़ा है। इस संकट के बीच भारतीय नौसेना और मर्चेंट नेवी के जांबाज अधिकारियों ने विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए भारत के लिए राहत की राह खोल दी है।n705590814177426079276923d37b0fa95caa403bb08b21745eb91ca42a4b4c001fd94b3fce360920c93491

मौत के साये में सफर: बिना रडार और GPS के पहुँचा जहाज

​होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के खतरनाक रास्ते से होते हुए चीफ इंजीनियर हरिओम यादव की देखरेख में 30,000 मीट्रिक टन क्रूड ऑयल लेकर भारतीय जहाज सुरक्षित बंदरगाह पहुंच गया है। नवीगंज (बेवर) निवासी हरिओम यादव और कैप्टन अजीत यादव ने युद्ध के खौफनाक मंजर को साझा करते हुए बताया कि वहां स्थिति बेहद नाजुक है।

  • मिसाइल हमलों का खतरा: सुरक्षा कारणों से जहाज के रडार और जीपीएस ट्रैकर बंद रखने पड़े।
  • सिर्फ 30 सेकंड का सिग्नल: लोकेशन भेजने के लिए मात्र कुछ सेकंड के लिए सिग्नल ऑन किया जाता था, क्योंकि 30 सेकंड से ज्यादा सिग्नल रहने पर मिसाइल हमले का डर बना रहता था।
  • भारतीय तिरंगे का गौरव: खुले समुद्र में भारतीय झंडे के साथ सिर्फ नेविगेशन के सहारे रास्ता तलाश कर 26 क्रू मेंबर्स की टीम ने इस मिशन को पूरा किया।

ईरान ने दिया भारत को विशेष रास्ता

​जंग के कारण जहां अन्य देशों के जहाजों के लिए मार्ग बंद हैं, वहीं भारत के साथ बेहतर संबंधों के चलते ईरान ने भारतीय जहाजों को होर्मुज के रास्ते गुजरने की विशेष अनुमति दी है। अब तक ऐसे पांच जहाज भारत पहुंच चुके हैं, जिससे देश में ईंधन की किल्लत कम होने की उम्मीद है।n7055908141774260815760ec7570a1b9b6aa5d0f20bad13da9e4f63b5b598991d068706ea5fe5c12e1eb38

कमर्शियल सिलेंडर की किल्लत होगी दूर

​पिछले 10 दिनों से बाजार में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की भारी कमी देखी जा रही थी। जिला पूर्ति अधिकारी रमन मिश्रा के अनुसार, भारत सरकार ने राहत देते हुए सभी एजेंसियों को 20-20 प्रतिशत कमर्शियल सिलेंडर की खेप रिलीज करने का आदेश दे दिया है। सोमवार शाम या मंगलवार दोपहर तक यह खेप एजेंसियों तक पहुंच जाएगी, जिससे व्यापारियों और आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।

मुख्य बिंदु: एक नजर में

  • तेल की खेप: 30,000 मीट्रिक टन क्रूड ऑयल भारत पहुँचा।
  • मिशन की तारीख: 14 मार्च को जहाज बंदरगाह पहुँचा, 19 मार्च को खाली हुआ।
  • रणनीति: रडार/GPS बंद रखकर केवल सैटेलाइट और नेविगेशन का सहारा लिया गया।
  • राहत: कमर्शियल सिलेंडर की 20% आपूर्ति को सरकार ने दी हरी झंडी।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

सोना-चांदी में ऐतिहासिक महा-गिरावट: दोपहर तक लगा लोअर सर्किट, चांदी 25 हजार तो सोना 12 हजार रुपये टूटा

नई दिल्ली/जमशेदपुर: आज 23 मार्च की सुबह भारतीय सर्राफा बाजार के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं रही। सुबह से ही सोने और चांदी की कीमतों में शुरू हुई गिरावट दोपहर 12 बजे तक इतनी बढ़ गई कि दोनों ही कीमती धातुओं में लोअर सर्किट (Lower Circuit) लगाना पड़ा। निवेशकों और खरीदारों के बीच इस भारी गिरावट को लेकर हड़कंप मच गया है।IMG 20260323 154029

चांदी में ऐतिहासिक गिरावट: 25 हजार से ज्यादा लुढ़की

​दोपहर 12:11 बजे तक 1 किलो चांदी की कीमत में लगभग 25,000 रुपये की भारी गिरावट दर्ज की गई। खबर लिखे जाने तक (12:21 PM), चांदी 26,000 रुपये से अधिक टूट चुकी थी और इसका भाव 2,05,630 रुपये प्रति किलो पर चल रहा था। आज के कारोबार में चांदी ने 11.27% तक की गोताखोरी की है।

सोना भी हुआ धड़ाम: ₹1.31 लाख के करीब पहुंचा भाव

​चांदी की राह पर चलते हुए सोने ने भी निवेशकों को चौंका दिया। दोपहर 12:24 बजे तक 10 ग्राम सोने के भाव में 12,833 रुपये की भारी कमी देखी गई। फिलहाल एमसीएक्स (MCX) पर सोना 1,31,659 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

एक्सपर्ट्स की राय: अभी और गिर सकते हैं दाम?

​बाजार में आई इस सुनामी को लेकर केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया ने ‘तीसरी धारा न्यूज़’ से खास बातचीत में बताया कि मध्य पूर्व (Middle East) में जारी युद्ध की स्थिति जब तक बनी रहेगी, बाजार में ऐसी अस्थिरता देखने को मिल सकती है।

एक्सपर्ट्स द्वारा बताए गए नए सपोर्ट लेवल:

| धातु | नया सपोर्टिंग प्राइस (अनुमानित) | एक्सपर्ट |

| :— | :— | :— |

| सोना | ₹1,15,000 (प्रति 10 ग्राम) | अजय केडिया / अनुज गुप्ता |

| चांदी | ₹1,75,000 (प्रति किलो) | अजय केडिया / अनुज गुप्ता |

​कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी $50 और सोना $3450-3500 के स्तर तक गिर सकता है।

खरीदारों के लिए बड़ा मौका

​बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जो लोग लंबे समय से सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे थे, उनके लिए यह गिरावट एक बेहतरीन अवसर साबित हो सकती है। हालांकि, बाजार में अभी और उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है।

(सोर्स: एमसीएक्स और केडिया एडवाइजरी)

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

चिटाही धाम: जहाँ रामनवमी पर अखाड़ा नहीं, बल्कि बदलता है ‘विशाल राम ध्वज’; जानें 100 साल पुराने मंदिर की महिमा

धनबाद/बाघमारा: मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव ‘रामनवमी’ की गूंज पूरे देश में है, लेकिन कोयलांचल के धनबाद जिले में स्थित चिटाही धाम (रामराज मंदिर) अपनी अनूठी परंपराओं और भव्यता के लिए एक अलग पहचान रखता है। यहाँ की रामनवमी आस्था और भक्ति का ऐसा संगम पेश करती है, जिसे देखने दूर-दराज से श्रद्धालु खिंचे चले आते हैं।n7056114081774254400656357756102692847ae544348b313abcfc9d242cc92b55f2fd5c963c2a5c9c7dd2

एक पेड़ के नीचे से भव्य मंदिर तक का सफर

​चिटाही के रामराज मंदिर का इतिहास लगभग 100 वर्षों पुराना है। जानकारों के अनुसार, शुरुआत में यह मंदिर एक पेड़ के नीचे छोटे से स्वरूप में स्थापित था। स्थानीय लोगों की अटूट श्रद्धा ने धीरे-धीरे इसे एक बड़े धार्मिक केंद्र में बदल दिया। वर्ष 2019 में तत्कालीन विधायक और वर्तमान सांसद ढुल्लू महतो के प्रयासों से करोड़ों की लागत से बने इस भव्य मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा की गई, जिसके बाद इसकी ख्याति देशभर में फैल गई।

अनोखी परंपरा: कलंकी अखाड़ा नहीं, ध्वज परिवर्तन

​जहाँ रामनवमी पर हर जगह अखाड़े और जुलूस की धूम रहती है, वहीं चिटाही धाम की परंपरा थोड़ी अलग और खास है। यहाँ रामनवमी के दिन ‘कलंकी अखाड़ा’ नहीं निकाला जाता। इसके स्थान पर मंदिर के शिखर पर लगे विशाल राम ध्वज को विधि-विधान के साथ बदला जाता है। इस दृश्य को देखना श्रद्धालुओं के लिए परम सौभाग्य माना जाता है।

विशेष शृंगार और महाभंडारा

​रामनवमी के पावन अवसर पर प्रभु श्रीराम और माता सीता का दिव्य शृंगार किया जाता है। फूलों और रोशनी से नहाया मंदिर परिसर स्वर्ग सा प्रतीत होता है। पूजा-अर्चना के बाद यहाँ विशाल महाभंडारे का आयोजन होता है, जिसमें हजारों की संख्या में भक्त प्रसाद ग्रहण करते हैं।

मुख्य यजमान के रूप में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति

​आयोजन की भव्यता में चार चाँद लगाने के लिए क्षेत्र के जनप्रतिनिधि भी शामिल होते हैं। मुख्य यजमान के रूप में धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो और बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो विशेष रूप से उपस्थित रहते हैं। उनकी उपस्थिति में होने वाली महाआरती आकर्षण का मुख्य केंद्र होती है।

चिटाही धाम की खास बातें:

  • स्थापना: लगभग 100 साल पुराना इतिहास।
  • नया स्वरूप: 2019 में भव्य मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा।
  • विशेषता: अखाड़े की जगह ‘ध्वज परिवर्तन’ की परंपरा।
  • आकर्षण: वास्तुकला और धार्मिक पर्यटन का बड़ा केंद्र।

​हर साल बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ इस बात का प्रमाण है कि चिटाही धाम अब केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का अटूट स्तंभ बन चुका है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

असम चुनाव 2026: कांग्रेस से गठबंधन टूटा, अब ‘एकला चलो’ की राह पर JMM; 19 सीटों पर BJP को सीधी चुनौती

गुवाहाटी/रांची: असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। झारखंड की सत्ताधारी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने असम में एक बड़ा दांव खेलते हुए अकेले चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। सीट बंटवारे पर कांग्रेस के साथ सहमति न बन पाने के बाद, JMM ने अब 19 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया है।n7056261621774254198239167e14ecaed767ab639093bd9697d4b9f136708db07b162c8993742f3078547c

कांग्रेस के साथ नहीं बन पाई बात

​जानकारी के अनुसार, गठबंधन को लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद कमान संभाली थी। उन्होंने दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं और असम कांग्रेस के दिग्गज नेता गौरव गोगोई के साथ कई दौर की बैठकें कीं। JMM सम्मानजनक सीटों की मांग कर रही थी, लेकिन अंततः बातचीत विफल रही। इसके बाद JMM महासचिव विनोद पांडे ने स्पष्ट किया कि पार्टी अब राज्य में एक सशक्त ‘तीसरे विकल्प’ के रूप में चुनाव लड़ेगी।

चाय बागान मजदूर और आदिवासी बनेंगे आधार

​JMM की नजर असम के लगभग 70 लाख चाय बागान मजदूरों पर है, जिनका एक बड़ा हिस्सा मूल रूप से झारखंड, बिहार और ओडिशा से जुड़ा है। पार्टी का मानना है कि आदिवासी अधिकार, जल-जंगल-जमीन और मजदूरों की समस्याओं के मुद्दे पर उन्हें व्यापक जनसमर्थन मिलेगा। हेमंत सोरेन की पिछली रैलियों में उमड़ी भीड़ ने विरोधियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

मैदान में उतरेंगे ‘स्टार प्रचारक’

​पार्टी ने असम के लिए अपने स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है। चुनाव प्रचार की मुख्य कमान हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन के हाथों में होगी। उनके साथ राज्यसभा सांसद महुआ माजी और राज्य के मंत्री हफीजुल हसन भी प्रचार में जुटेंगे।

प्रमुख उम्मीदवार:

  • मजबात सीट: प्रीति रेखा बारला
  • सोनारी सीट: बलदेव तेली

चुनाव कार्यक्रम पर एक नज़र

  • मतदान: 9 अप्रैल 2026
  • परिणाम: 4 मई 2026
  • कुल विधानसभा सीटें: 126

​JMM के इस फैसले ने असम की चुनावी लड़ाई को और भी दिलचस्प बना दिया है। अब देखना यह होगा कि क्या JMM झारखंड की तरह असम के आदिवासियों और पिछड़ों के बीच अपनी पैठ बना पाती है या नहीं।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

MS धोनी का बड़ा खुलासा: क्या 60 साल की उम्र तक खेलेंगे IPL? फैंस में भारी उत्साह

चेन्नई: भारतीय क्रिकेट के सबसे चहेते खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के एक फैन इवेंट के दौरान धोनी ने अपने संन्यास की खबरों पर मजाकिया अंदाज में चुप्पी तोड़ी, जिससे उनके प्रशंसकों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई है।n705590486177425376620634eeb502d33d83f0ad2bacb658e91deefd145abc860098a9ccd963f7a9cb1316

शिवकार्तिकेयन के सवाल पर धोनी का मजेदार जवाब

​22 मार्च को चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में आयोजित एक कार्यक्रम में दक्षिण भारतीय अभिनेता शिवकार्तिकेयन ने धोनी से एक खास अनुरोध किया। उन्होंने धोनी से कहा कि वे संन्यास की बातों को नजरअंदाज करें और पीली जर्सी में खेलना जारी रखें।

​इस पर 44 वर्षीय धोनी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया:

​”60 साल की उम्र तक खेलना थोड़ा मुश्किल होगा, लेकिन मैं कोशिश कर सकता हूँ।”

 

​धोनी के इस मजाकिया बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने यह साफ कर दिया है कि ‘थाला’ का जलवा अभी कम नहीं हुआ है।

IPL 2026: क्या होगा धोनी का आखिरी सीजन?

​सीएसके के सीईओ ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि धोनी IPL 2026 के पूरे सीजन में उपलब्ध रहेंगे। हालांकि, अब धोनी की भूमिका टीम में एक मुख्य खिलाड़ी से ज्यादा एक मार्गदर्शक (Mentor) की है। मैदान पर वे अब निचले क्रम में आकर मैच फिनिश करने की जिम्मेदारी संभालते हैं, जबकि टीम की कमान अब युवा कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ के हाथों में है।

CSK के लिए नई शुरुआत की उम्मीद

​IPL 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। ऐसे में 2026 का सीजन टीम के लिए एक नई शुरुआत माना जा रहा है। चर्चा यह भी है कि संजू सैमसन जैसे बड़े खिलाड़ी टीम के साथ जुड़ सकते हैं, जिससे धोनी पर से दबाव कम होगा।

धोनी के आंकड़े एक नजर में:

  • कुल मैच: 278
  • कुल रन: 5439
  • IPL खिताब: 5 (बतौर कप्तान)

​चेन्नई के फैंस को उम्मीद है कि 2026 का सीजन न केवल सीएसके के लिए सफल रहेगा, बल्कि धोनी के लिए एक शानदार विदाई का मौका भी साबित हो सकता है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

ग्लोबल अलर्ट: होर्मुज की खाड़ी में ईरान की ‘किलेबंदी’, जहाजों पर ₹18.8 करोड़ का भारी शुल्क—क्या दुनिया में फिर आएगी महंगाई की सुनामी?

तेहरान/वॉशिंगटन: पश्चिम एशिया (Middle East) में युद्ध की चिंगारी अब वैश्विक आर्थिक संकट में बदलती दिख रही है। ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले विदेशी जहाजों पर 20 लाख डॉलर (करीब 18.8 करोड़ रुपये) का भारी ‘ट्रांजिट शुल्क’ लगाने का ऐलान किया है। ईरान का यह कदम सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते सैन्य टकराव का नतीजा माना जा रहा है।n7055873721774242290457449e5244af5ac7d752718559aa292e11d6463e461354de999bda2ff117bbc5bd

ईरान की दोटूक: “यह हमारी ताकत का परिचय है”

​ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के सदस्य अलाउद्दीन बोरूजेरदी ने सरकारी चैनल IRIB पर इस फैसले की पुष्टि की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह शुल्क लेना इस रणनीतिक रास्ते पर ईरान के मजबूत नियंत्रण को दर्शाता है। बोरूजेरदी के अनुसार, युद्ध की स्थिति में रक्षा खर्च बढ़ जाता है, जिसकी भरपाई के लिए यह कदम उठाना जरूरी है।1002518072

ट्रंप की चेतावनी बनाम ईरान का पलटवार

​इस फैसले के बाद अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है:

  • डोनाल्ड ट्रंप का अल्टीमेटम: अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे के भीतर यह समुद्री रास्ता पूरी तरह नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के सबसे बड़े पावर प्लांट्स पर हमला कर सकता है।
  • ईरान का जवाब: ईरान ने पलटवार करते हुए कहा है कि अगर अमेरिका ने हमला किया, तो इजरायल के ऊर्जा ठिकानों को 24 घंटे के भीतर मलबे में तब्दील कर दिया जाएगा। राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सोशल मीडिया पर साफ किया कि ईरान विरोधियों की धमकियों से झुकने वाला नहीं है।

क्यों अहम है ‘होर्मुज की खाड़ी’?

​दुनिया के लिए यह रास्ता किसी लाइफलाइन से कम नहीं है क्योंकि:

  1. ​वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है।
  2. ​अगर ईरान इस रास्ते को पूरी तरह बंद करता है, तो कच्चा तेल $150 प्रति बैरल के पार जा सकता है।
  3. ​वर्तमान में तनाव के कारण टैंकरों की आवाजाही लगभग रुक गई है, जिससे वैश्विक व्यापार ठप होने की कगार पर है।

संपादकीय: भारत पर क्यों बढ़ा महंगाई का खतरा?

​भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों (पेट्रोल-डीजल) के लिए मध्यपूर्व के देशों पर निर्भर है। इस संकट का सीधा असर भारतीय मध्यम वर्ग पर पड़ेगा:

  • महंगा पेट्रोल-डीजल: कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से घरेलू बाजार में ईंधन के दाम बढ़ सकते हैं।
  • सप्लाई चेन प्रभावित: समुद्री रास्ता असुरक्षित होने से आयात-निर्यात महंगा होगा, जिससे खाने-पीने की चीजों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक सामान तक की कीमतों में वृद्धि हो सकती है।
  • शेयर बाजार में अस्थिरता: युद्ध की आशंका से भारतीय शेयर बाजार पहले ही गोता लगा चुका है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क

बॉलीवुड: रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर 2’ रिलीज से पहले विवादों में, एआई-जनरेटेड पोस्टर पर सिख समुदाय ने जताई कड़ी आपत्ति

मुंबई/डेस्क: बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह की आगामी फिल्म ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ अपनी रिलीज से पहले ही एक बड़े विवाद के केंद्र में आ गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फिल्म के एक कथित पोस्टर को लेकर सिख समुदाय में भारी आक्रोश है, जिसके चलते मुंबई के मुलुंड पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई गई है।IMG 20260323 093044

क्या है पूरा विवाद?

​’सिख्स इन महाराष्ट्र’ संगठन के अध्यक्ष सरदार गुरज्योत सिंह द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, वायरल पोस्टर में एक किरदार को पारंपरिक सिख वेशभूषा और पगड़ी (दस्तार) में सिगरेट पीते हुए दिखाया गया है।

​संगठन का तर्क है कि:

  • ​सिख धर्म में तंबाकू का सेवन ‘बज्जर कुरैत’ (गंभीर उल्लंघन) माना जाता है।
  • ​इस तरह का चित्रण गुरु गोविंद सिंह जी के सिद्धांतों और पूरे समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करता है।
  • ​शिकायतकर्ता ने फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने और निर्माता-निर्देशक व अभिनेता पर कार्रवाई की मांग की है।

एआई (AI) का ‘मायाजाल’: फर्जी निकला पोस्टर

​जैसे-जैसे विवाद गहराया, तकनीकी विशेषज्ञों और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं ने इस पोस्टर की असलियत उजागर की। शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि:

  1. ​यह पोस्टर आधिकारिक (Official) नहीं है।
  2. ​इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से किसी प्रशंसक (Fan-made) द्वारा बनाया गया है।
  3. ​फिल्म में “प्रलय” नाम का कोई गाना भी शामिल नहीं है, जिसका जिक्र इस फर्जी पोस्टर के साथ किया जा रहा था।

​दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने भी शुरुआत में इस पर कड़ी आपत्ति जताई थी, हालांकि बाद में यह स्पष्ट हुआ कि वह इसके एआई-जनरेटेड होने से अनजान थे।

फर्जी खबरों और एआई का बढ़ता खतरा

​फिल्म उद्योग के जानकारों का कहना है कि एआई के इस दौर में मशहूर कलाकारों के नाम पर फर्जी कंटेंट बनाना आसान हो गया है, जो अक्सर प्रोडक्शन हाउस और अभिनेताओं के लिए मुसीबत का सबब बन रहा है। फिलहाल, रणवीर सिंह की टीम या फिल्म के निर्माताओं की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क

तीसरी धारा न्यूज़ की अपील: सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले पोस्टर्स या सूचनाओं की सत्यता की जांच किए बिना उन पर प्रतिक्रिया देने से बचें। एआई के दौर में सावधानी ही बचाव है।

 

जमशेदपुर: मारवाड़ी युवा मंच की आम सभा संपन्न, प्रकाश बजाज बने निर्विरोध अध्यक्ष

जमशेदपुर: मारवाड़ी युवा मंच, जमशेदपुर शाखा की वार्षिक आम सभा (AGM) हर्षोल्लास और उत्साहपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में संगठन की नई कार्यकारिणी का चयन किया गया, जिसमें युवा प्रकाश बजाज को सर्वसम्मति से निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया।IMG 20260322 WA0041

नई टीम की घोषणा

​अध्यक्ष पद के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी नियुक्तियां की गईं:

  • महासचिव: युवा हेमंत अग्रवाल गुप्ता
  • कोषाध्यक्ष: युवा अनूप शर्मा

निवर्तमान टीम ने साझा किए अनुभव

​सभा की शुरुआत निवर्तमान अध्यक्ष युवा विकास शर्मा के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान मंच द्वारा किए गए सामाजिक, सांस्कृतिक और जनसेवा के कार्यों का विवरण देते हुए सभी सदस्यों के सहयोग के लिए आभार प्रकट किया। इसके पश्चात सचिव युवा हेमंत हर्ष अग्रवाल ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसे सदन ने सराहा। कोषाध्यक्ष अनूप शर्मा ने वित्तीय वर्ष का लेखा-जोखा पेश किया, जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।

पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया

​चुनाव पदाधिकारी सह पूर्व अध्यक्ष युवा दिनकृत मंगोटिया ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और नियमों की जानकारी देते हुए औपचारिक रूप से प्रकाश बजाज के नाम की घोषणा की। इस दौरान पूर्व अध्यक्ष मंटू अग्रवाल और प्रमेन्द्र शर्मा ने मंच की सक्रियता और टीम वर्क की प्रशंसा की। निवर्तमान अध्यक्ष अश्विनी कुमार अग्रवाल ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए पिछली टीम के प्रयासों को सराहा।IMG 20260322 WA0040

लक्ष्य: मंच को ले जाना है नई ऊंचाइयों पर

​नवनिर्वाचित अध्यक्ष प्रकाश बजाज ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा:

​”मुझ पर जो भरोसा जताया गया है, मैं उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करूँगा। हमारा लक्ष्य मंच को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है। जल्द ही पूरी कार्यसमिति की घोषणा की जाएगी।”

 

उपस्थिति

​इस आम सभा में मुख्य रूप से मंटूलाल अग्रवाल, परमेंद्र शर्मा, दिनकृत अग्रवाल, अश्विनी अग्रवाल, विकास शर्मा, आशीष अग्रवाल, उत्तम शर्मा, नीरज शर्मा, जीतेश अग्रवाल, संजय अग्रवाल, उत्सव अग्रवाल, सहर्ष गोयल, संदीप अग्रवाल, अंकित सिंघानिया, लवनीस बजाज, शुभम गोयल, यश अग्रवाल और रवि शंकर सोनी सहित भारी संख्या में सदस्य उपस्थित थे।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क

जमशेदपुर: विश्व जल दिवस पर ‘जल महोत्सव’ का समापन, उपायुक्त ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुखिया और जलसहियाओं को किया सम्मानित

जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिला समाहरणालय सभागार में रविवार को विश्व जल दिवस-सह-जल महोत्सव पखवाड़ा का भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने की। इस अवसर पर जल संरक्षण और स्वच्छ पेयजल आपूर्ति की दिशा में जिले में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनप्रतिनिधियों और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को पुरस्कृत किया गया।IMG 20260322 WA0037

जल जीवन का आधार: सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर

​उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि जल ही जीवन का असली आधार है। उन्होंने भविष्य की पीढ़ियों के लिए पानी बचाने को हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी बताया। उपायुक्त ने विशेष रूप से तीन बिंदुओं पर बल दिया:

  1. वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) को बढ़ावा देना।
  2. ​जल के दुरुपयोग को रोकना।
  3. ​जनभागीदारी के माध्यम से संरक्षण अभियान को जन-आंदोलन बनाना।

जलसहियाओं और मुखियाओं का सम्मान

​ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करने और ‘जल जीवन मिशन’ को सफल बनाने में जलसहियाओं और मुखियाओं की भूमिका की सराहना की गई। बेहतर प्रदर्शन करने वाले मुखिया और जलसहियाओं को उपायुक्त द्वारा सम्मानित और पुरस्कृत किया गया। इस दौरान उन्होंने जलसहियाओं को निर्देश दिया कि वे ग्रामीणों को नियमित जल शुल्क जमा करने के लिए प्रेरित करें, ताकि जलापूर्ति योजनाओं का रखरखाव और संचालन सुचारू रूप से हो सके।IMG 20260322 WA0033

शपथ ग्रहण और समीक्षा

​कार्यक्रम में मौजूद सभी अधिकारियों, कर्मियों और प्रतिभागियों ने अपने दैनिक जीवन में पानी बचाने और दूसरों को जागरूक करने की शपथ ली। कार्यपालक अभियंता (पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल) द्वारा 8 मार्च से 22 मार्च तक चले पखवाड़े की गतिविधियों की समीक्षा की गई और जल जीवन मिशन के तहत चल रही योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की गई।

अनुभव साझा किए

​सम्मान समारोह के दौरान विभिन्न पंचायतों से आए मुखिया और जलसहियाओं ने अपने गाँवों में नल-जल योजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान आए अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे सामुदायिक सहयोग से पानी की बर्बादी को रोका जा रहा है।

उपस्थिति: इस अवसर पर पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल जमशेदपुर और आदित्यपुर के कार्यपालक अभियंता, सभी सहायक व कनीय अभियंता, जिला समन्वयक, प्रखंड वाश समन्वयक, मुखिया, जलसहिया और जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क

(स्रोत: जिला जनसंपर्क कार्यालय, पूर्वी सिंहभूम)

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