एक नई सोच, एक नई धारा

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बहरागोड़ा में ‘टाइम बम’ पर जिंदगी: एक और 500 पाउंड का बम बरामद; ग्रामीणों का दावा— जमीन के नीचे दबे हैं 8 और ‘मौत के सौदागर’

बहरागोड़ा/जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम का बहरागोड़ा इलाका इन दिनों किसी युद्ध क्षेत्र में तब्दील हो गया है। सुवर्णरेखा नदी के तट पर 17 मार्च को मिले पहले अमेरिकी शक्तिशाली बम के बाद, सोमवार को भारतीय सेना के ड्रोन सर्वे ने एक और विशालकाय बम का पता लगाकर पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया है। स्थानीय ग्रामीणों के इस दावे ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है कि इस रेतीले तट के नीचे अभी कम से कम 8 और घातक बम दबे हो सकते हैं।1774272017325

ड्रोन तकनीक से खुलासा: सेना ने संभाला मोर्चा

​सोमवार को भारतीय सेना की बम निरोधक दस्ता टीम (BDS) पनिपाड़ा-नागुडसाई मार्ग स्थित घटनास्थल पर पहुँची। आधुनिक उपकरणों और ड्रोन सर्वे के दौरान टीम को एक और बम होने के पुख्ता संकेत मिले। हालांकि इसे फिलहाल निष्क्रिय बताया जा रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि दशकों पुराना होने के बावजूद इसका बारूद अत्यंत विनाशकारी हो सकता है। अब सेना अत्याधुनिक मेटल डिटेक्टर्स के जरिए बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाने की तैयारी में है।

द्वितीय विश्व युद्ध का ‘डेथ जोन’: ग्रामीणों की चेतावनी

​प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती स्थानीय लोगों का वह दावा है, जिसमें कहा गया है कि यहाँ जमीन के नीचे बमों का पूरा जखीरा हो सकता है। यह क्षेत्र द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सामरिक रूप से काफी सक्रिय रहा था। जानकारों के अनुसार, बरामद बम ‘AN-M64 500 lb’ मार्क का अमेरिकी हवाई बम है। यदि ग्रामीणों का 8 और बमों वाला दावा सच साबित होता है, तो यह पूरा इलाका एक बड़े विस्फोटक भंडार (UXO Hotspot) के ऊपर बसा है।

वर्तमान स्थिति: 2 KM का दायरा ‘नो-गो जोन’

​सेना ने सुरक्षा के मद्देनजर कड़े कदम उठाए हैं:

  • घेराबंदी: घटनास्थल के चारों ओर 2 किलोमीटर के दायरे को ‘नो-गो जोन’ घोषित कर दिया गया है।
  • प्रतिबंध: पुलिस ने इलाके को पूरी तरह सील कर दिया है और आम लोगों के प्रवेश पर पूर्ण रोक लगा दी गई है।
  • लापरवाही पर सवाल: पहला बम मिलने के बाद 6 दिनों तक इसे असुरक्षित छोड़ना चर्चा का विषय बना हुआ है, लेकिन अब सेना की मौजूदगी में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन हो रहा है।

निष्क्रिय करने की जटिल प्रक्रिया

​सेना के वरिष्ठ अधिकारी अब उच्च मुख्यालय के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं। इन भीमकाय बमों को या तो किसी सुरक्षित निर्जन स्थान पर ले जाकर ‘डिफ्यूज’ किया जाएगा या वहीं नियंत्रित विस्फोट (Controlled Blast) के जरिए नष्ट किया जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि जरा सी रगड़ या गलत दबाव दशकों पुराने केमिकल रिएक्शन को सक्रिय कर सकता है, इसलिए यह ऑपरेशन बेहद संवेदनशील है।

​रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बहरागोड़ा का यह पूरा बेल्ट ‘अनएक्सप्लोडेड ऑर्डनेंस’ (UXO) का हॉटस्पॉट हो सकता है, जिसकी विस्तृत जांच अनिवार्य है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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प्रयागराज में बड़ा हादसा: सपा के पूर्व विधायक के कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया पाइप फटा; दीवार गिरने से 9 मजदूरों की मौत, रेस्क्यू जारी

प्रयागराज (फाफामऊ): उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के फाफामऊ क्षेत्र से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ सोमवार को एक जर्जर कोल्ड स्टोरेज में हुए भीषण धमाके और दीवार गिरने से अब तक 9 मजदूरों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य मलबे में दबे होने की आशंका है। घटना के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया है।n70565862317742717863928aa7f6ad5bc22d82f58b3c065e4323a83021fbf752e1d21dc758b1f50d1dc874

लंच के समय काल बनकर गिरा ‘जर्जर छज्जा’

​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा दोपहर के समय हुआ जब मजदूर लंच के लिए जाने की तैयारी कर रहे थे। चांदपुर गांव स्थित इस कोल्ड स्टोरेज का एक हिस्सा (छज्जा) बेहद जर्जर था, जो अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। छज्जा सीधे अमोनिया गैस की पाइपलाइन पर गिरा, जिससे पाइप फट गया और जोरदार धमाका हुआ। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कोल्ड स्टोरेज की एक पूरी दीवार ढह गई, जिसके नीचे करीब 20 मजदूर दब गए।

रेस्क्यू ऑपरेशन और ग्रामीणों का आक्रोश

​हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंची। मलबे से अब तक 9 शव निकाले जा चुके हैं, जबकि घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने अपना आपा खो दिया। प्रशासनिक देरी और एंबुलेंस के समय पर न पहुंचने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने एंबुलेंस पर पथराव किया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक के बाद कड़ी मशक्कत से मामले को शांत कराया गया।

सपा के पूर्व विधायक का है कोल्ड स्टोरेज

​बताया जा रहा है कि यह कोल्ड स्टोरेज समाजवादी पार्टी के एक पूर्व विधायक का है। ग्रामीणों का आरोप है कि इमारत काफी पुरानी और जर्जर थी, इसके बावजूद वहाँ काम कराया जा रहा था। सुरक्षा मानकों की अनदेखी इस बड़े हादसे की मुख्य वजह मानी जा रही है।

हादसे के मुख्य बिंदु:

  • स्थान: चांदपुर गांव, फाफामऊ (प्रयागराज)।
  • कारण: जर्जर छज्जा गिरने से अमोनिया गैस पाइप का फटना और दीवार गिरना।
  • हताहत: 9 मजदूरों की मौत की पुष्टि, कई घायल।
  • प्रशासनिक कार्रवाई: रेस्क्यू जारी, दोषियों पर कार्रवाई की जांच शुरू।

अपनों की तलाश में भटकते परिजन

​मलबे में अपनों के दबे होने की खबर मिलते ही मजदूरों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पीड़ित परिवार अब प्रशासन से मुआवजे और इस लापरवाही के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

सावधान! 1 अप्रैल 2026 से बदलने जा रहे हैं PAN कार्ड के 7 बड़े नियम; छोटी सी गलती पर लगेगा ₹10,000 का जुर्माना

नई दिल्ली/जमशेदपुर: अगर आपके पास पैन (PAN) कार्ड है, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारत सरकार 1 अप्रैल 2026 से देश के वित्तीय ढांचे में बड़े बदलाव करने जा रही है। इन नए नियमों का सीधा असर आपकी खरीदारी, बैंकिंग और निवेश पर पड़ेगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य टैक्स चोरी पर लगाम लगाना और हर बड़े लेन-देन को पारदर्शी बनाना है।dfa8c77faafe2bf2628699ce2392335aaa76470c10f13f34ef2ca8869178d06e.0

​आइए जानते हैं वे 7 बड़े बदलाव जो आपकी जेब पर असर डालेंगे:

1. प्रॉपर्टी और वाहन की खरीदारी अब बिना PAN नामुमकिन

  • प्रॉपर्टी: अब 20 लाख रुपये या उससे अधिक की संपत्ति के लेन-देन (खरीद-बिक्री) के लिए पैन कार्ड देना अनिवार्य होगा।
  • वाहन: 5 लाख रुपये या उससे अधिक कीमत की गाड़ी खरीदने पर पैन दिखाना जरूरी होगा। चौंकाने वाली बात यह है कि अब इस दायरे में महंगी बाइक और स्कूटर भी शामिल कर दिए गए हैं।

2. शादी और होटल के खर्चों पर ‘तीसरी नजर’

​शादियों या बड़े आयोजनों में होने वाले भारी खर्च अब सरकार की नजर से छिपे नहीं रहेंगे। यदि होटल, मैरिज हॉल या किसी इवेंट का बिल 1 लाख रुपये से ज्यादा है, तो भुगतान के समय पैन कार्ड की जानकारी देनी होगी।

3. कैश ट्रांजैक्शन और इंश्योरेंस के कड़े नियम

  • नकद लेन-देन: एक साल में 10 लाख रुपये से ज्यादा की नकद जमा या निकासी पर पैन देना अनिवार्य कर दिया गया है। पुराने 50,000 रुपये वाले नियम में भी अब बदलाव की तैयारी है।
  • इंश्योरेंस: अब हर तरह की इंश्योरेंस पॉलिसी (चाहे प्रीमियम कम हो या ज्यादा) लेने के लिए पैन कार्ड अनिवार्य होगा।

4. गलत जानकारी पर सीधा जुर्माना

​नियमों को लेकर सरकार बेहद सख्त है। अगर किसी ने जानबूझकर या गलती से गलत पैन नंबर दिया, तो उस पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

5. आधार से PAN बनवाना हुआ आसान

​प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए अब 1 अप्रैल 2026 से केवल आधार कार्ड के जरिए ही पैन बनवाया जा सकेगा। हालांकि, सुविधा बढ़ने के साथ-साथ ट्रैकिंग और जांच के नियम पहले से कहीं ज्यादा कड़े कर दिए गए हैं।

क्यों जरूरी हैं ये बदलाव?

​इन नए नियमों के लागू होने के बाद सरकार हर बड़े खर्च और ट्रांजैक्शन को ट्रैक कर सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ब्लैक मनी पर रोक लगेगी, लेकिन आम जनता को अब अपने हर बड़े वित्तीय फैसले से पहले पैन कार्ड अपडेट रखना अनिवार्य होगा।

तीसरी धारा न्यूज़ की सलाह: 1 अप्रैल से पहले अपने पैन कार्ड की जानकारियों को आधार से लिंक और अपडेट जरूर कर लें, ताकि किसी भी कानूनी कार्रवाई या जुर्माने से बचा जा सके।

 

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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मुसाबनी: भालूबासा टोला में ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर उपायुक्त ने सुनी समस्याएं; लापरवाही पर पंचायत सचिव का वेतन रोकने का निर्देश

मुसाबनी/जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त (DC) श्री कर्ण सत्यार्थी गुरुवार को मुसाबनी प्रखंड के सुदूरवर्ती फॉरेस्ट ब्लॉक पंचायत स्थित भालूबासा टोला पहुंचे। यहाँ उन्होंने किसी प्रोटोकॉल की परवाह न करते हुए ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर सीधा संवाद किया। पारंपरिक स्वागत के बाद उपायुक्त ने भालूबासा, बोकसीकली, कुंदाबेड़ा और आम्बाजुड़ी सहित कई गांवों की समस्याओं को गंभीरता से सुना।IMG 20260323 WA0059

स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी पर बड़ा फैसला

​ग्रामीणों ने शिकायत की कि आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस या ममता वाहन समय पर नहीं मिलता है। इस पर उपायुक्त ने भरोसा दिलाया कि HCL के CSR फंड से फॉरेस्ट ब्लॉक पंचायत को जल्द ही एक समर्पित एम्बुलेंस उपलब्ध कराई जाएगी।IMG 20260323 WA0056

​इसके अलावा, क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की भारी समस्या को देखते हुए अंचलाधिकारी (CO) को निर्देश दिया गया कि वे मोबाइल टावर के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित कर तुरंत प्रस्ताव तैयार करें।

लापरवाही पर कार्रवाई और शिक्षा पर जोर

​संवाद के दौरान जब ग्रामीणों ने जाति प्रमाण पत्र मिलने में देरी की शिकायत की, तो उपायुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित पंचायत सचिव का वेतन रोकने का निर्देश दिया।

​उपायुक्त ने टोला के दो अनाथ बच्चों से मुलाकात कर उनके भविष्य की चिंता की। उन्होंने अभिभावकों को प्रोत्साहित किया कि सरकार की ‘स्पॉन्सरशिप स्कीम’ के तहत बच्चों का नामांकन अगले सत्र में नेताजी सुभाष विद्यालय में कराएं और उन्हें छात्रावास भेजें ताकि उनकी शिक्षा बाधित न हो।

पर्यटन और बुनियादी ढांचे का विकास

​भ्रमण के दौरान उपायुक्त ने दोलमाबेड़ा झरना का अवलोकन किया। ग्रामीणों की मांग पर उन्होंने इस झरने को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने और दोलमाबेड़ा-बेकसिकली-गोंदीबेड़ा के बीच PCC सड़क निर्माण का आश्वासन दिया। इसके अतिरिक्त मिनी आंगनबाड़ी, आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान का भरोसा भी दिलाया गया।

प्रमुख बिंदु:

  • एम्बुलेंस: HCL के CSR फंड से मिलेगी सुविधा।
  • शिक्षा: अनाथ बच्चों को नेताजी सुभाष विद्यालय भेजने की पहल।
  • पर्यटन: दोलमाबेड़ा झरने का होगा विकास।
  • कड़ी कार्रवाई: कार्य में शिथिलता बरतने पर पंचायत सचिव पर गिरी गाज।

​इस अवसर पर पंचायत के मुखिया पोरमा बानरा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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जमशेदपुर रामनवमी 2026: 190 अखाड़ों के साथ मनेगा भव्य महोत्सव; केंद्रीय समिति ने उपायुक्त को सौंपा 5 सूत्री मांग पत्र

जमशेदपुर: लौहनगरी में आगामी रामनवमी महोत्सव 2026 को ऐतिहासिक और भव्य बनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। सोमवार को जमशेदपुर केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति के अध्यक्ष अरुण सिंह के नेतृत्व में शहर की प्रमुख अखाड़ा समितियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जमशेदपुर के उपायुक्त (DC) से मुलाकात की। इस बैठक में उत्सव के सफल संचालन और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।IMG 20260323 WA0040

190 स्थानों पर गूंजेगा जय श्रीराम, 28 मार्च को होगा विसर्जन

​केंद्रीय अध्यक्ष अरुण सिंह ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस वर्ष जमशेदपुर के लगभग 190 स्थानों पर रामनवमी महोत्सव का भव्य आयोजन होगा। इसके अलावा:

  • 16 स्थानों पर वासंती दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है।
  • दोमुहानी (सोनारी) और स्वर्णरेखा घाट (साकची) पर चैत्री छठ महापर्व संपन्न होगा।
  • ​शहर के 12 विसर्जन घाटों पर 28 मार्च को रामनवमी अखाड़ों का विसर्जन जुलूस निकाला जाएगा।

प्रशासन के सामने रखी गई प्रमुख चुनौतियां और मांगें

​समिति के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन त्रिवेदी और संरक्षक सुमन अग्रवाल ने उपायुक्त के समक्ष शहर की बुनियादी समस्याओं को मजबूती से रखा:

  1. अतिक्रमण मुक्ति: श्रमिक एकता बजरंग अखाड़ा (पाडी) के पूजन स्थल को जल्द अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की गई ताकि वहां विधिवत पूजा हो सके।
  2. बिजली के तारों का जाल: सड़क मार्ग के ऊपर बिजली के तारों के जाल से बड़े झंडे ले जाने में होने वाली परेशानी के निवारण का आग्रह किया गया।
  3. नदी का जल स्तर: छठ महापर्व के दिन नदी घाटों की सफाई और स्वर्णरेखा डैम से पानी छोड़कर जल स्तर बढ़ाने की मांग की गई।
  4. पार्किंग और सड़क जाम: मुख्य मार्गों पर अवैध पार्किंग और निर्माण सामग्री को हटाने का सुझाव दिया गया ताकि विसर्जन जुलूस में बाधा न आए।
  5. घाटों का सुदृढ़ीकरण: विसर्जन घाटों को पहले से बेहतर और सुरक्षित बनाने की अपील की गई।

बेहतर समन्वय की उम्मीद

​समिति के संरक्षक सुमन अग्रवाल ने कहा कि इस बार जिला प्रशासन और अखाड़ा समितियों के बीच बेहतर तालमेल दिख रहा है। सभी अखाड़ा समितियां सरकार द्वारा निर्धारित नियमों और गाइडलाइन्स का पूरी तरह पालन करेंगी।IMG 20260323 WA0043

बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित रहे:

महासचिव प्रवीण सेठी, सचिव विजय तिवारी, कोषाध्यक्ष दिलजय बोस, विहिप अध्यक्ष अजय गुप्ता, बंटी सिंह (जम्बो अखाड़ा), और अजीत सिंह (तरुण संघ अखाड़ा)।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

जमशेदपुर: MGM के जूनियर डॉक्टरों का हल्ला बोल; स्टाइपेंड बढ़ोतरी को लेकर काला बिल्ला लगाकर जताया विरोध, 6 अप्रैल का अल्टीमेटम

जमशेदपुर: लौहनगरी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम (MGM) में जूनियर डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार से डॉक्टरों ने बांह पर काला बिल्ला बांधकर काम करना शुरू किया है, जो सरकार की ‘अनदेखी’ के खिलाफ उनके आक्रोश का प्रतीक है।ec44ad654e5488946b2aeebb8a8cdb0abada29d04d9082c9ddc5098f59692e27.0

पड़ोसी राज्यों की तुलना में आधा मानदेय!

​आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जूनियर डॉक्टर राघवेंद्र ने बताया कि झारखंड में डॉक्टरों के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है। उन्होंने आंकड़ों के जरिए अपनी व्यथा साझा की:

  • झारखंड में स्टाइपेंड: मात्र ₹58,000
  • पड़ोसी राज्यों में स्टाइपेंड: ₹1,00,000 से अधिक

​डॉक्टरों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से स्वास्थ्य सचिव, स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिख रहे हैं, लेकिन आश्वासन के सिवा उन्हें कुछ हासिल नहीं हुआ।

6 अप्रैल तक का समय: अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

​जूनियर डॉक्टरों ने सरकार को स्पष्ट अल्टीमेटम दे दिया है। उन्होंने कहा कि 6 अप्रैल तक अगर स्टाइपेंड बढ़ाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो पूरे झारखंड के जूनियर डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

मरीजों की सेवा के साथ संघर्ष

​फिलहाल डॉक्टरों ने मरीजों के हितों का ध्यान रखते हुए काम बंद नहीं किया है, लेकिन काला बिल्ला लगाकर वे अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। डॉक्टरों ने दो टूक कहा है कि यदि 6 अप्रैल के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग की होगी।

प्रमुख मांगें:

  1. ​जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड को बढ़ाकर पड़ोसी राज्यों के बराबर किया जाए।
  2. ​मानदेय में बढ़ोतरी के लिए जल्द से जल्द अधिसूचना जारी हो।
  3. ​डॉक्टरों की सुरक्षा और सुविधाओं पर ध्यान दिया जाए।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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बजट सत्र: लोकसभा में बोले PM मोदी— ‘पश्चिम एशिया संकट से घबराने की ज़रूरत नहीं, भारत की अर्थव्यवस्था के फंडामेंटल्स मजबूत’

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी भीषण संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा को संबोधित किया। करीब 20 मिनट के अपने विशेष संबोधन में पीएम मोदी ने देश को भरोसा दिलाया कि सरकार हर स्थिति पर नजर रखे हुए है और सप्लाई चेन को टूटने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने इस संकट की तुलना COVID काल से करते हुए देशवासियों से एकजुट रहने की अपील की।IMG 20260323 175643

घरेलू LPG हमारी पहली प्राथमिकता

​प्रधानमंत्री ने ऊर्जा संकट पर बात करते हुए बताया कि भारत अपनी ज़रूरत का 60% LPG इम्पोर्ट करता है। होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में तनाव के कारण जहाजों के आवागमन में बाधा आई है।

​”सप्लाई में अनिश्चितता के बावजूद, सरकार ने घरेलू LPG उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी है। हमने पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई को सुचारू बनाए रखने के लिए घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया है।” — PM मोदी

 

ऊर्जा के लिए अब 27 नहीं, 41 देशों पर निर्भर है भारत

​पीएम ने पिछले 11 वर्षों की उपलब्धि गिनाते हुए कहा कि भारत ने अपनी ऊर्जा निर्भरता को डाइवर्सिफाई किया है। पहले हम 27 देशों से तेल आयात करते थे, लेकिन अब 41 देशों से कर रहे हैं। इसके अलावा, भारत के पास 53 लाख मीट्रिक टन का ‘स्ट्रेटेजिक पेट्रोल रिजर्व’ सुरक्षित है। उन्होंने कोयले के पर्याप्त स्टॉक का हवाला देते हुए बिजली सप्लाई में किसी भी कटौती से इनकार किया।

डिप्लोमेसी और सुरक्षा: ‘होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट मंजूर नहीं’

​पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत ने शांति के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं। उन्होंने खुद पश्चिम एशिया के नेताओं से दो बार बात की है।

  • कड़ा संदेश: कमर्शियल जहाजों पर हमले और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों (International Waters) को रोकना भारत को कतई मंजूर नहीं है।
  • अफवाहों पर लगाम: पीएम ने कालाबाजारी और झूठ फैलाने वालों के खिलाफ राज्य सरकारों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
  • सुरक्षा चक्र: कोस्टल, बॉर्डर और साइबर सिक्योरिटी को और अधिक मजबूत किया जा रहा है।

3.75 लाख भारतीयों की सुरक्षित घर वापसी

​प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि युद्ध क्षेत्र से अब तक 3,75,000 भारतीयों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। अकेले ईरान से 1 लाख भारतीय वापस आए हैं, जिनमें 700 मेडिकल छात्र शामिल हैं। खाड़ी देशों में पढ़ रहे छात्रों के हित में CBSE ने कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।

निष्कर्ष: ‘एकता ही सबसे बड़ी ताकत’

​प्रधानमंत्री ने अपने भाषण के अंत में कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के बुनियादी ढांचे बहुत मजबूत हैं। उन्होंने किसानों और व्यापारियों को आश्वस्त किया कि सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए हर मुमकिन कोशिश करेगी। उन्होंने देश से अपील की कि जैसे कोरोना काल में हम एक होकर लड़े थे, वैसे ही इस वैश्विक संकट का सामना भी एकजुट होकर करेंगे।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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PSL 2026 पर आतंकी साया: विदेशी खिलाड़ियों को मिली हमले की धमकी; कराची-लाहौर में बिना दर्शकों के होंगे मैच!

इस्लामाबाद/खेल डेस्क: पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) के आगामी 2026 सीजन से पहले एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है। प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात-उल-अहरार की ओर से मिली संभावित धमकी ने पूरे टूर्नामेंट की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। इस इनपुट के बाद विदेशी खिलाड़ियों के बीच डर का माहौल है और कई बड़े नामों के टूर्नामेंट से हटने की आशंका गहरा गई है।Official logo of Pakistan Super League

आतंकी संगठन की सीधी चेतावनी

​रिपोर्ट्स के मुताबिक, आतंकी संगठन ने विदेशी खिलाड़ियों को पाकिस्तान न आने की चेतावनी दी है। धमकी में साफ कहा गया है कि मौजूदा खराब हालातों में खिलाड़ियों की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। बता दें कि ‘जमात-उल-अहरार’ पहले भी पाकिस्तान में कई बड़े हमलों को अंजाम दे चुका है, जिससे यह खतरा और भी गंभीर माना जा रहा है।

खाली स्टेडियमों में होगा आयोजन: दर्शकों की एंट्री बैन

​सुरक्षा चुनौतियों और पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच बढ़ते संघर्ष को देखते हुए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने कुछ कड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए हैं:

  • दर्शकों पर पाबंदी: स्टेडियम में किसी भी आम इंसान को आने की इजाजत नहीं होगी। पूरे मैच खाली स्टेडियम में खेले जाएंगे।
  • सीमित वेन्यू: टूर्नामेंट को केवल दो शहरों— कराची और लाहौर तक सीमित कर दिया गया है। अन्य किसी भी शहर में मैच आयोजित नहीं होंगे।

विदेशी खिलाड़ियों की बढ़ी चिंता, PCB के लिए बड़ी चुनौती

​सुरक्षा के इस नए इनपुट के बाद कई विदेशी खिलाड़ी अपने पाकिस्तान दौरे के फैसले पर पुनर्विचार कर रहे हैं। यदि बड़े खिलाड़ी अपना नाम वापस लेते हैं, तो PSL 2026 की ब्रांड वैल्यू और टीमों के संतुलन पर बुरा असर पड़ना तय है। अब पीसीबी और आयोजकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह साबित करना है कि वे ‘बायो-बबल’ के साथ-साथ ‘सुरक्षा-बबल’ देने में भी सक्षम हैं।

क्या PSL पर पड़ेगा बुरा असर?

​विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सुरक्षा इनपुट और गंभीर होते हैं, तो टूर्नामेंट के आयोजन पर ही संकट आ सकता है। फिलहाल पीसीबी ने सुरक्षा व्यवस्था को ‘अभेद्य’ बनाने का दावा किया है, लेकिन खिलाड़ियों का भरोसा जीतना अभी भी एक टेढ़ी खीर बना हुआ है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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S.E. Railway: सीनी पहुंचे महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्रा; मेन्स यूनियन ने सौंपा 8 सूत्री मांग पत्र, संबलेश्वरी एक्सप्रेस के ठहराव की उठी मांग

सीनी/जमशेदपुर: दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक (GM) श्री अनिल कुमार मिश्रा अपने एकदिवसीय दौरे पर सीनी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सीनी क्षेत्रीय प्रशिक्षण संस्थान (ZRT) में नवनिर्मित ‘प्रतिरूप कक्ष’ (Model Room) का विधिवत उद्घाटन किया। उनके इस दौरे को लेकर रेल कर्मियों और स्थानीय निवासियों में काफी उत्साह देखा गया।

जोरदार स्वागत और ‘ज्वलंतIMG 20260323 WA0036‘ मुद्दों पर चर्चा

​सीनी आगमन पर दक्षिण पूर्व रेलवे मेन्स यूनियन की सीनी शाखा द्वारा महाप्रबंधक का भव्य स्वागत किया गया। यूनियन के सचिव श्री विश्वजीत बड़ाईक ने उन्हें पुष्प गुच्छ भेंट किया और रेल कॉलोनियों व यात्रियों से जुड़ी समस्याओं से अवगत कराया।

यूनियन ने उठाई ये प्रमुख मांगें:

​मेन्स यूनियन ने महाप्रबंधक को एक ज्ञापन सौंपकर निम्नलिखित आठ प्रमुख मांगों पर त्वरित कार्रवाई का आग्रह किया:

  1. संबलेश्वरी एक्सप्रेस: इस ट्रेन का सीनी स्टेशन पर पुनः ठहराव सुनिश्चित करना।
  2. बिजली आपूर्ति: रेलवे कॉलोनियों में बिजली की लचर व्यवस्था में तत्काल सुधार।
  3. स्वास्थ्य सुविधा: रेल कर्मियों के लिए एम्बुलेंस की सुविधा बहाल करना।
  4. इंफ्रास्ट्रक्चर: रेलवे कॉलोनियों की जर्जर सड़कों की मरम्मत और नए रेलवे क्वार्टरों का निर्माण।
  5. सुरक्षा: पंपू तालाब की चहारदीवारी (बाउंड्री वॉल) का निर्माण कराना।
  6. रिजर्वेशन काउंटर: टिकट बुकिंग काउंटर का समय सुबह 9 बजे के स्थान पर 8 बजे से करना।

अधिकारियों की रही मौजूदगी

​उद्घाटन और निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक के साथ चक्रधरपुर मंडल के रेल प्रबंधक (DRM) तरूण हुरिया सहित मंडल के तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। यूनियन की ओर से अध्यक्ष संकू सरदार, कोषाध्यक्ष देवाशीष दास, रवि कुमार गुप्ता, संजय गांगुली, मितेंद्र सिंह, अभय, सूरज कुमार साहू और अन्य सदस्य मुख्य रूप से शामिल हुए।IMG 20260323 WA0032

​महाप्रबंधक ने यूनियन की मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और उचित समाधान का आश्वासन दिया।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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एक्सक्लूसिव: बिष्टुपुर ट्रैफिक बना ‘वसूली’ का अड्डा! खाकी के साये में खुलेआम सौदेबाजी, ₹2000 का जुर्माना ₹200 में ‘सेट’

जमशेदपुर (बिष्टुपुर): लौहनगरी का सबसे व्यस्त इलाका बिष्टुपुर इन दिनों ट्रैफिक नियमों के पालन के लिए नहीं, बल्कि वर्दी की आड़ में चल रही ‘खुली मंडी’ के लिए चर्चा में है। यहाँ कानून की धज्जियाँ सड़क पर नहीं, बल्कि ट्रैफिक पोस्ट के भीतर उड़ाई जा रही हैं। वायरल वीडियो और स्थानीय शिकायतों ने बिष्टुपुर ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।IMG 20260323 WA0025

कानून या सब्जी मंडी? ₹2000 की ‘डील’ ₹200 में फिक्स

​बिष्टुपुर से सामने आ रहे दृश्यों ने सिस्टम की पोल खोल कर रख दी है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे भारी-भरकम जुर्माने का डर दिखाकर जनता से सौदेबाजी की जा रही है। ₹2000 से शुरू होने वाली ‘जुर्माने की बातचीत’ महज ₹200-300 की रिश्वत पर आकर खत्म हो जाती है। ऐसा लगता है जैसे बिष्टुपुर की सड़कों पर मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार का ‘सौदा पत्र’ चल रहा है।

चर्चा में दो नाम: अधिकारी सरोज सिंह और सिपाही विकास झा

​इस पूरे प्रकरण में दो नाम प्रमुखता से उभर कर सामने आ रहे हैं। आरोपों के घेरे में पुलिस अधिकारी सरोज सिंह और उनके कथित आदेश पर ‘पैसे की सेटिंग’ करते दिख रहे सिपाही विकास झा हैं। सवाल यह उठता है कि क्या इन निचले स्तर के कर्मियों को उच्च अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है? या फिर शहर की नाक के नीचे यह गोरखधंधा बिना किसी डर के फल-फूल रहा है?https://youtube.com/shorts/j0t6qXOdbTI?si=g3ris4hQul_jLeyB

वर्दी पर दाग: न्याय नहीं, अब सौदेबाजी का प्रतीक?

​जनता से उम्मीद की जाती है कि वे हेलमेट पहनें, कागजात दुरुस्त रखें और नियमों का पालन करें। लेकिन जब रक्षक ही भक्षक बन जाए, तो नियम किसके लिए?

  • ​क्या वर्दी अब न्याय दिलाने के बजाय जेब भरने का जरिया बन गई है?
  • ​क्या बिष्टुपुर ट्रैफिक पुलिस के लिए कानून महज एक ‘मंडी’ का सामान है जिसे कम-ज्यादा करके बेचा जा सकता है?

जनता में आक्रोश: क्या होगी कार्रवाई?

​सोशल मीडिया पर #BistupurPoliceCorruption और #KanoonBikGaya जैसे हैशटैग के साथ लोग अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। शहर के प्रबुद्ध नागरिक अब जिला प्रशासन और एसएसपी से मांग कर रहे हैं कि आरोपी कर्मियों पर त्वरित जांच बैठाकर उन्हें सस्पेंड किया जाए।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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