एक नई सोच, एक नई धारा

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जुगसलाई की जंग; इंदु सिंह ने झोंकी ताकत, ‘स्वच्छ और विकसित जुगसलाई’ का दिया नारा

जमशेदपुर: जुगसलाई नगर परिषद चुनाव की बिसात बिछ चुकी है और प्रत्याशी अब पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर गए हैं। अध्यक्ष पद की सशक्त प्रत्याशी इंदु सिंह ने आज गुरुद्वारा रोड, घोड़ा चौक और आसपास के विभिन्न क्षेत्रों में सघन जनसंपर्क अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने मतदाताओं से सीधे संवाद कर अपने विजन को साझा किया।

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प्रमुख वादे और प्राथमिकताएं

​जनसंपर्क के दौरान इंदु सिंह ने जनता को भरोसा दिलाया कि उनकी जीत के बाद जुगसलाई की तस्वीर बदलेगी। उनकी मुख्य प्राथमिकताओं में शामिल हैं:

  • गंदगी मुक्त नगर: जुगसलाई को कचरे और गंदगी से पूरी तरह निजात दिलाना।
  • बुनियादी ढांचा: सड़क, नाली और नागरिक सुविधाओं का विस्तार।
  • पेयजल की सुविधा: हर घर तक साफ पेयजल की पहुंच सुनिश्चित करना।
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जमशेदपुर: गोलमुरी थाने के पास गोलीबारी में घायल कन्हैया यादव की मौत; इलाके में तनाव

जमशेदपुर: शहर के गोलमुरी थाना क्षेत्र में बुधवार को हुई दुस्साहसिक गोलीबारी की घटना ने अब एक घातक मोड़ ले लिया है। थाने से महज 50 मीटर की दूरी पर अपराधियों की गोली का शिकार हुए कन्हैया यादव की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई है।

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अस्पताल में तोड़ा दम

​अस्पताल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कन्हैया यादव को जब अस्पताल लाया गया था, तब उनकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई थी। उन्हें बचाने के लिए डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने गहन उपचार (Intensive Treatment) शुरू किया और कई घंटों तक संघर्ष किया। हालांकि, तमाम चिकित्सा प्रयासों के बावजूद बुधवार शाम लगभग 7:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

घटना का घटनाक्रम

​यह वारदात गोलमुरी पुलिस स्टेशन के बिल्कुल करीब घटित हुई, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली और अपराधियों के बुलंद हौसलों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • हमला: अज्ञात अपराधियों ने सरेराह कन्हैया यादव पर गोलियां बरसाईं।
  • समय: दिनदहाड़े/शाम के समय हुई इस घटना से बाजार क्षेत्र में भगदड़ मच गई थी।
  • दूरी: पुलिस थाने से मात्र 50 मीटर की दूरी पर हत्या की इस वारदात से स्थानीय निवासियों में भारी डर और असुरक्षा का माहौल है।

पुलिस की कार्रवाई

​कन्हैया यादव की मौत के बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धाराएं जोड़ दी हैं। अपराधियों की पहचान के लिए घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि वे इस हत्याकांड के पीछे के कारणों (रंजिश या अन्य विवाद) की गहराई से जांच कर रहे हैं।

प्रमुख अपडेट:

  • मृतक: कन्हैया यादव
  • मौत का समय: बुधवार, शाम 7:30 बजे
  • स्थान: अस्पताल (इलाज के दौरान)
  • सुरक्षा: गोलमुरी क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह के विरोध या तनाव को नियंत्रित किया जा सके।
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ऐतिहासिक फैसला: ‘वंदे मातरम्’ के लिए नया प्रोटोकॉल जारी; अब 3 मिनट 10 सेकंड का संस्करण होगा अनिवार्य

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी 10 पन्नों के नए प्रोटोकॉल के अनुसार, अब आधिकारिक अवसरों पर राष्ट्रीय गीत का छह अंतरों वाला विस्तारित संस्करण (कुल समय: 3 मिनट 10 सेकंड) बजाया या गाया जाना अनिवार्य होगा।

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​अब तक केवल राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के लिए ही स्पष्ट प्रोटोकॉल मौजूद थे, लेकिन 28 जनवरी को जारी इस आदेश के बाद अब ‘वंदे मातरम्’ को भी वही औपचारिक गरिमा प्रदान की गई है।

📍 कब और कैसे होगा प्रस्तुतीकरण?

​मंत्रालय के आदेशानुसार, राष्ट्रीय गीत के गायन या वादन के नियम तय कर दिए गए हैं:

  1. क्रम: यदि किसी कार्यक्रम में राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत दोनों होने हैं, तो पहले ‘वंदे मातरम्’ होगा और उसके बाद ‘जन गण मन’
  2. उपस्थिति: राष्ट्रीय गीत बजते समय सभी उपस्थित लोगों को ‘सावधान’ (Attention) की मुद्रा में खड़े होकर सम्मान देना अनिवार्य होगा।
  3. अपवाद: यदि यह गीत किसी न्यूज़रील या डॉक्यूमेंट्री का हिस्सा है, तो दर्शकों को खड़े होने की आवश्यकता नहीं होगी ताकि अव्यवस्था न फैले।

📂 तीन श्रेणियों में बांटे गए कार्यक्रम

​सरकार ने कार्यक्रमों की प्रकृति के आधार पर नियमों को तीन वर्गों में विभाजित किया है:

  • श्रेणी 1 (केवल वादन): नागरिक अलंकरण समारोह, राष्ट्रपति/राज्यपाल का औपचारिक आगमन-प्रस्थान और परेड के दौरान।
  • श्रेणी 2 (वादन एवं सामूहिक गायन): ध्वजारोहण समारोह, सांस्कृतिक कार्यक्रम और राष्ट्रपति के सार्वजनिक कार्यक्रम। यहाँ कोयर और साउंड सिस्टम का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
  • श्रेणी 3 (स्वैच्छिक गायन): स्कूलों में दिन की शुरुआत सामूहिक रूप से इस गीत के साथ की जा सकती है ताकि नई पीढ़ी में राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान बढ़े।

📜 पृष्ठभूमि और महत्व

​बंगाली साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा 1870 के दशक में रचित इस गीत को 1950 में राष्ट्रीय गीत का दर्जा मिला था। अब तक इसके केवल पहले दो अंतरों का ही प्रचलन अधिक था, लेकिन नए आदेश के साथ इसके मूल और विस्तारित स्वरूप (6 अंतरों) को आधिकारिक पहचान दी गई है।

विशेष तथ्य: हाल ही में गणतंत्र दिवस परेड का विषय भी ‘स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्’ रखा गया था, जो इस गीत को जन-जन तक पहुँचाने की सरकार की मुहिम का हिस्सा है।

⚠️ मुख्य बदलाव एक नजर में:

  • अवधि: 3 मिनट 10 सेकंड (6 अंतरे)।
  • सम्मान: आधिकारिक प्रस्तुति पर खड़ा होना अनिवार्य।
  • प्रभावी तिथि: 28 जनवरी से आदेश लागू।
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बड़ा खुलासा: अमूल, मदर डेयरी और कंट्री डिलाइट के दूध में मिले खतरनाक बैक्टीरिया; सुरक्षा मानकों की उड़ी धज्जियां

नई दिल्ली: भारत के डेयरी सेक्टर के सबसे बड़े नामों— अमूल (Amul), मदर डेयरी (Mother Dairy) और कंट्री डिलाइट (Country Delight)—को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। स्वतंत्र लैब Trustified द्वारा किए गए परीक्षणों में इन ब्रांड्स के दूध के सैंपल क्वालिटी टेस्ट में फेल हो गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, दूध में बैक्टीरिया की मात्रा निर्धारित सीमा से कई गुना अधिक पाई गई है।

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📊 लैब टेस्ट के चौंकाने वाले आंकड़े

​परीक्षण में मुख्य रूप से Total Plate Count (TPC) और Coliform बैक्टीरिया की जांच की गई। नतीजे कुछ इस प्रकार रहे:

ब्रांडप्रोडक्टबैक्टीरिया लेवल (पाया गया)FSSAI मानक (सीमा)स्थिति
मदर डेयरीगाय का दूध2,40,000 CFU/ml30,000 CFU/ml8 गुना अधिक
कंट्री डिलाइटदूध60,000 CFU/ml30,000 CFU/ml2 गुना अधिक
अमूल (Taaza)दूध980 CFU/ml (Coliform)मानक से अधिक

अमूल दही में भी भारी गड़बड़ी

​रिपोर्ट में केवल दूध ही नहीं, बल्कि अमूल दही पर भी सवाल उठाए गए हैं। जनवरी 2026 की जांच में पाया गया कि अमूल दही में:

  • Coliform बैक्टीरिया: मानक से 2,100 गुना अधिक।
  • यीस्ट और मोल्ड: मानक से 60 गुना अधिक।

⚠️ सेहत पर क्या होगा असर?

​विशेषज्ञों का मानना है कि दूध में बैक्टीरिया का इतना उच्च स्तर स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।

  • ​यह बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों की इम्युनिटी पर सीधा प्रहार कर सकता है।
  • ​Coliform की मौजूदगी संक्रमण और पेट से जुड़ी बीमारियों का संकेत देती है।

ब्रांड्स और अथॉरिटी का पक्ष

​इस रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद अमूल ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। कंपनी का कहना है कि उनके सभी उत्पाद FSSAI के कड़े मानकों का पालन करते हैं। वहीं, सरकारी नियामक संस्था FSSAI की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे उपभोक्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है।

💡 उपभोक्ताओं के लिए सलाह: > जब तक इस मामले में आधिकारिक सफाई नहीं आ जाती, दूध को हमेशा अच्छी तरह उबालकर ही पिएं। पैकेट खरीदते समय उसकी तारीख (Expiry Date) और पैकेजिंग की बारीकी से जांच करें।

झारखंड: नगर निकाय चुनाव के कारण बदला 8वीं बोर्ड परीक्षा का शेड्यूल; अब 2 मार्च को होगी परीक्षा

रांची: झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने मैट्रिक और इंटरमीडिएट के बाद अब आठवीं की बोर्ड परीक्षा की तिथियों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया है। राज्य में होने वाले नगर निकाय चुनावों के मद्देनजर शिक्षा विभाग की सहमति से यह निर्णय लिया गया है।

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📌 परीक्षा का नया शेड्यूल

​अब यह परीक्षा 2 मार्च को दो पालियों (Shifts) में आयोजित की जाएगी:

  • पहली पाली (09:45 AM – 01:00 PM): हिंदी, अंग्रेजी और अतिरिक्त भाषा।
  • दूसरी पाली (02:00 PM – 05:15 PM): गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान।

🗓️ जरूरी तारीखें और निर्देश

  • एडमिट कार्ड: परीक्षार्थी 20 फरवरी से जैक की आधिकारिक वेबसाइट से अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे।
  • आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessment): स्कूलों को 5 मार्च से 15 मार्च के बीच अंकों की ऑनलाइन एंट्री करने का निर्देश दिया गया है।
  • सावधानी: जैक ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की अन्य सभी शर्तें और नियम पहले की तरह ही रहेंगे।
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जमशेदपुर में दुस्साहस: पुलिस स्टेशन के पास ताबड़तोड़ फायरिंग, फल कारोबारी को गोलियों से भूना

जमशेदपुर, 11 फरवरी 2026: लौहनगरी जमशेदपुर में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। बुधवार को शहर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले गोलमुरी थाना से महज 50 मीटर की दूरी पर दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग कर सनसनी फैला दी गई। बाइक सवार अपराधियों ने फल कारोबारी कन्हैया यादव पर हमला कर कई राउंड गोलियां बरसाईं और मौके से फरार हो गए।

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​पुलिस की नाक के नीचे हुई इस वारदात ने शहर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

​प्रत्यक्षदर्शियों की आपबीती: अचानक हुई फायरिंग से मची भगदड़

​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कन्हैया यादव अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त था, तभी तेज रफ्तार बाइक पर आए अपराधियों ने उसे निशाना बनाते हुए अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से आसपास अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

​हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद बड़ी आसानी से फरार होने में सफल रहे।

​घायल की स्थिति नाजुक, TMH में भर्ती

​स्थानीय लोगों की तत्परता से घायल कन्हैया यादव को तुरंत टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) ले जाया गया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, कन्हैया को तीन से अधिक गोलियां लगी हैं और उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। फिलहाल वे चिकित्सकों की कड़ी निगरानी में हैं।

​कौन है कन्हैया यादव?

  • निवास: नामदाबस्ती ए-ब्लॉक, रेल लाइन किनारे (हनुमान मंदिर के पास)।
  • पेशा: परसुडीह मंडी से फल का व्यवसाय संचालित करते हैं।
  • पारिवारिक पृष्ठभूमि: उनके पिता (स्व. पहलवान) टिनप्लेट चौक पर फल का ठेला लगाते थे और क्षेत्र में काफी चर्चित थे।

​पुलिसिया जांच और कार्रवाई

​घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी सिटी सुधीर चौधरी और गोलमुरी थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

  • CCTV फुटेज: पुलिस आसपास की दुकानों और सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके।
  • छापेमारी: अपराधियों की धरपकड़ के लिए शहर के बाहर निकलने वाले रास्तों पर नाकेबंदी कर छापेमारी शुरू कर दी गई है।
  • जांच का केंद्र: पुलिस पुरानी रंजिश या व्यावसायिक विवाद जैसे पहलुओं पर भी जांच कर रही है।
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WhatsApp का ‘हरा’ दौर खत्म! अब पिंक, ब्लू और नियॉन रंग में चमकेगा आपका चैटिंग ऐप

गैजेट डेस्क: क्या आप भी सालों से WhatsApp का वही पुराना सिग्नेचर ग्रीन इंटरफेस देखकर ऊब चुके हैं? यदि हाँ, तो तैयार हो जाइए, क्योंकि मेटा (Meta) आपके चैटिंग एक्सपीरियंस को एक नया और कलरफुल मेकओवर देने जा रहा है। अब WhatsApp का मतलब सिर्फ ‘हरा रंग’ नहीं रह जाएगा।

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​जल्द ही आपके पास यह आजादी होगी कि आप अपने मूड और पसंद के हिसाब से ऐप का रंग, बटन और यहाँ तक कि उसका आइकन भी बदल सकेंगे।

​14 नए अवतारों में दिखेगा WhatsApp आइकन

​WABetaInfo की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, WhatsApp के Android बीटा वर्जन 2.26.6.1 में कस्टमाइजेशन के कुछ धमाकेदार टूल्स देखे गए हैं। सबसे बड़ा बदलाव इसके आइकन में होने जा रहा है। अब आप होम स्क्रीन पर दिखने वाले हरे आइकन की जगह 14 नए विकल्प चुन सकेंगे:

  • सिंगल कलर्स: ब्लू, पिंक, ऑरेंज और पर्पल।
  • स्टाइलिश डिजाइन्स: Aurora, Galaxy और Neon जैसे ट्रेंडी लुक्स।
  • क्लासिक मोड: जो लोग पुराने WhatsApp को पसंद करते हैं, उनके लिए पुराने डिजाइन का विकल्प भी मौजूद रहेगा।

​19 रंगों की थीम और एक्सेंट कलर्स

​सिर्फ आइकन ही नहीं, ऐप के अंदर का नजारा भी बिल्कुल बदल जाएगा। WhatsApp यूजर्स को 19 अलग-अलग कलर शेड्स देने की तैयारी में है।

थीम कैटेगरीसंभावित शेड्स
रॉयल लुक्सरॉयल ब्लू, डार्क ऑलिव ग्रीन
वाइब्रेंट कलर्सकोरल, टील, पिंक
क्लासिकओरिजिनल ग्रीन

इन रंगों की मदद से आप ऐप के अंदर मौजूद बटन, टैब और नोटिफिकेशन बार का रंग बदल सकेंगे। इसके लिए आपको किसी असुरक्षित ‘थर्ड-पार्टी’ ऐप को डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होगी, यह फीचर खुद WhatsApp के सेटिंग्स में मौजूद होगा।

​कब तक मिलेगा यह फीचर?

​फिलहाल यह फीचर टेस्टिंग मोड में है और केवल कुछ बीटा टेस्टर्स के लिए उपलब्ध है। हालांकि, मेटा जिस तेजी से इस पर काम कर रहा है, उम्मीद है कि आगामी कुछ हफ्तों में इसे सभी आम यूजर्स (Global Rollout) के लिए जारी कर दिया जाएगा।

प्रो टिप: जैसे ही यह फीचर रोलआउट होगा, आप WhatsApp की Settings > Chats > Theme में जाकर अपना मनपसंद रंग चुन पाएंगे।

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जमशेदपुर: चक्का जाम से पहले खूनी संघर्ष, ट्रेलर ओनर यूनियन अध्यक्ष पर जानलेवा हमला

जमशेदपुर, 11 फरवरी 2026: शहर में ड्राइवरों के मानदेय को लेकर चल रहा आंदोलन हिंसक हो उठा है। 11 फरवरी को प्रस्तावित ‘चक्का जाम’ हड़ताल से ठीक एक रात पहले, जमशेदपुर लोकल ट्रेलर ओनर यूनियन के अध्यक्ष जयकिशोर सिंह पर जानलेवा हमला किया गया है। 20 से अधिक हमलावरों द्वारा किए गए इस हमले में अध्यक्ष गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

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​यह घटना शहर के औद्योगिक क्षेत्र में तनाव पैदा कर रही है, क्योंकि यह हमला सीधे तौर पर आंदोलन को कुचलने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

​घटना का विवरण: कार्यालय के बाहर घेराबंदी

​जानकारी के अनुसार, घटना मंगलवार रात की है जब जयकिशोर सिंह बर्मामाइंस स्थित यूनियन कार्यालय के पास मुख्य सड़क पर मौजूद थे। तभी अचानक करीब 20 लोगों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे। लहूलुहान हालत में उन्हें सहयोगियों द्वारा तत्काल एमजीएम (MGM) अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका उपचार चल रहा है।

​सीधे आरोप: “आंदोलन को दबाने की साजिश”

​अस्पताल में भर्ती जयकिशोर सिंह ने इस हमले के पीछे गहरी साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने सीधे तौर पर कुछ बड़े नाम लिए हैं:

  • अजित वर्मा पर आरोप: सिंह का दावा है कि कंपनी पदाधिकारी अजित वर्मा से जुड़े लोगों और टाटा कंपनी के कुछ वेंडरों ने मिलकर इस हमले की साजिश रची है।
  • मकसद: उन्होंने कहा कि ड्राइवरों के मानदेय (Salary/Stipend) बढ़ाने की मांग को लेकर जो आंदोलन 11 फरवरी (आज) होने वाला है, उसे कमजोर करने और डराने के लिए यह खून-खराबा किया गया है।

​स्थिति तनावपूर्ण, हड़ताल पर असर?

​यूनियन अध्यक्ष पर हमले के बाद ड्राइवरों और ट्रेलर मालिकों में भारी रोष व्याप्त है। यूनियन सदस्यों का कहना है कि वे इस कायरतापूर्ण हमले से डरने वाले नहीं हैं।

  • पुलिस जांच: बर्मामाइंस पुलिस मामले की छानबीन कर रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
  • सुरक्षा व्यवस्था: औद्योगिक क्षेत्रों में तनाव को देखते हुए पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।
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12 फरवरी को बैंक हड़ताल: SBI समेत बड़े बैंकों ने ग्राहकों को किया अलर्ट, चरमरा सकती हैं सेवाएं

नई दिल्ली/जमशेदपुर, 11 फरवरी 2026: यदि आपका कल यानी 12 फरवरी को बैंक से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण काम है, तो उसे आज ही निपटा लें। देश के सबसे बड़े ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (SBI) सहित कई प्रमुख बैंकों ने कल होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल को लेकर ग्राहकों को चेतावनी जारी की है।

​विभिन्न बैंक यूनियनों ने अपनी मांगों को लेकर 12 फरवरी को काम ठप रखने का फैसला किया है, जिससे देश भर में बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ने की पूरी आशंका है।

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​बैंकों ने जारी की एडवाइजरी: डिजिटल सेवाएं रहेंगी सहारा

​SBI ने शेयर बाजारों को दी गई सूचना में कहा है कि बैंक ने हड़ताल के दिन कामकाज सामान्य रखने के लिए आवश्यक प्रबंध किए हैं, लेकिन फिर भी बैंकिंग सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित हो सकती हैं।

  • Bank of Baroda और IDBI: इन बैंकों ने भी स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया है कि हड़ताल के कारण शाखाओं और कार्यालयों के संचालन पर असर पड़ सकता है।
  • डिजिटल बैंकिंग: बैंकों ने स्पष्ट किया है कि मोबाइल बैंकिंग, UPI और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहने की उम्मीद है। ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे नकद निकासी और चेक क्लियरिंग जैसे काम पहले ही पूरे कर लें।

​क्यों हो रही है हड़ताल? (मुख्य मांगें)

​यह हड़ताल केवल वेतन वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई गहरे नीतिगत मुद्दे हैं:

  1. नए श्रम कानूनों का विरोध: बैंक यूनियनें सरकार द्वारा लाए गए 4 नए श्रम कोड्स का विरोध कर रही हैं। उनका दावा है कि ये कानून कर्मचारियों के अधिकारों को कमजोर करते हैं और यूनियन बनाने की प्रक्रिया को कठिन बनाते हैं।
  2. 5-Day Work Week: लंबे समय से लंबित ‘5 दिन का कार्य सप्ताह’ (शनिवार की छुट्टी) लागू करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है।
  3. निजीकरण पर रोक: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण की कोशिशों के खिलाफ यूनियनें एकजुट हैं।
  4. ट्रेड यूनियन एकजुटता: इस हड़ताल को AIBEA, AIBOA और BEFI जैसे प्रमुख संगठनों का समर्थन प्राप्त है, जो 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रव्यापी आंदोलन के साथ तालमेल बिठा रहे हैं।

​आम जनता पर क्या होगा असर?

​12 फरवरी को आधिकारिक बैंक अवकाश नहीं है, इसलिए शाखाएं तकनीकी रूप से खुली रहेंगी। हालांकि, कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण निम्नलिखित सेवाएं बाधित हो सकती हैं:

  • नकद लेनदेन (कैश डिपॉजिट/विड्रॉल)
  • चेक क्लियरिंग और डिमांड ड्राफ्ट (DD) जारी करना
  • लोन प्रोसेसिंग और केवाईसी (KYC) अपडेट
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जमशेदपुर: नई श्रम संहिताओं के विरोध में 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल, ट्रेड यूनियनों ने भरी हुंकार

जमशेदपुर, 10 फरवरी 2026: कोल्हान क्षेत्र के ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को साकची में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यूनियनों ने घोषणा की कि 12 फरवरी को चार नए श्रम संहिताओं (Labour Codes) और ‘श्रम शक्ति नीति-2025’ के विरोध में संपूर्ण भारत में राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जाएगी।

​यूनियन नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई केवल श्रमिकों की नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे को बचाने की है।

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​मुख्य आपत्तियां और चिंताएं

​प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए एटक (AITUC), सीटू (CITU) और बीमा व बैंक क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने सरकार पर तीखे हमले किए:

  • श्रम कानूनों का ‘कॉर्पोरेटीकरण’: आरोप लगाया गया कि कोविड महामारी के दौरान बिना किसी चर्चा के पारित किए गए ये कोड 70% कारखानों को श्रम कानूनों के दायरे से बाहर कर देंगे। इससे न्यूनतम वेतन, कार्य के घंटे और सामाजिक सुरक्षा जैसे अधिकार समाप्त हो जाएंगे।
  • श्रम शक्ति नीति-2025: यूनियनों का मानना है कि इस नीति के तहत सरकार ने अपनी भूमिका ‘नियामक’ से घटाकर केवल एक ‘सुविधा प्रदाता’ की कर दी है, जिससे श्रमिकों के कानूनी संघर्ष की शक्ति कमजोर होगी।
  • बजट 2026-27 और निजीकरण: सार्वजनिक उपक्रमों (जैसे HEC) के निजीकरण, बीमा क्षेत्र में 100% FDI और मनरेगा के स्वरूप को बदलने पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है।
  • व्यापार समझौते का विरोध: अमेरिका के साथ हालिया व्यापार समझौते को ‘जन-विरोधी’ बताया गया, जिसमें भारतीय सामानों पर 18% टैरिफ के मुकाबले अमेरिकी सामानों पर शून्य टैरिफ का प्रावधान है।

​मांग पत्र की मुख्य बातें

​ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने निम्नलिखित मांगों को लेकर हड़ताल का आह्वान किया है:

  1. ​चारों नए श्रम संहिताओं को तत्काल रद्द किया जाए।
  2. समान काम के लिए समान वेतन और स्थायी रोजगार सुनिश्चित हो।
  3. ​ठेकाकरण और आउटसोर्सिंग प्रथा को समाप्त किया जाए।
  4. ​कृषि क्षेत्र के लिए वैधानिक MSP और ऋण माफी की गारंटी दी जाए।
  5. ​परमाणु ऊर्जा विकास (SHANTI) अधिनियम जैसे कानूनों को वापस लिया जाए।

​आंदोलन की रूपरेखा: मशाल जुलूस से विशाल प्रदर्शन तक

​हड़ताल को सफल बनाने के लिए कोल्हान में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया गया है। आगामी कार्यक्रम इस प्रकार हैं:

तिथिसमयकार्यक्रमस्थान
11 फरवरीशाम 5:30 बजेविशाल मशाल जुलूसआमबगान मैदान से साकची चौक
12 फरवरीसुबह सेकार्यस्थल पर धरनासभी औद्योगिक एवं निजी क्षेत्र
12 फरवरीदोपहर 12:00 बजेमहा-प्रदर्शनजुबली

​”सरकार काम को ‘अधिकार’ के बजाय ‘धर्म’ की संज्ञा देकर श्रमिकों के संवैधानिक अधिकारों को छीनना चाहती है। यह हड़ताल कॉर्पोरेट लूट के खिलाफ एक निर्णायक संघर्ष है।”

बिश्वजीत देब, सीटू प्रतिनिधि

​आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंबुज ठाकुर, बिश्वजीत देब, सुभाष करण, हीरा अरकाने, वीरेंद्र कुमार, पीयूष गुप्ता और ओम प्रकाश सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। मंच ने समाज के सभी वर्गों से इस हड़ताल को सफल बनाने की अपील की है।

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