एक नई सोच, एक नई धारा

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तीसरी धारा विशेष: कोल्हान को मिलेगी बड़ी सौगात; जमशेदपुर के डिमना में बनेगा ‘एलीफेंट रेस्क्यू सेंटर’, अब घायल हाथियों को मिलेगा नया जीवन

जमशेदपुर | 15 फरवरी, 2026

​झारखंड के कोल्हान क्षेत्र में बढ़ते मानव-हाथी संघर्ष और घायल हाथियों के उपचार की गंभीर चुनौतियों के बीच राज्य सरकार ने एक बड़ा ऐतिहासिक कदम उठाया है। जमशेदपुर के डिमना में हाथियों के लिए एक अत्याधुनिक रेस्क्यू सेंटर (Rescue Center) बनाया जाएगा। वन विभाग ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिससे कोल्हान के वन्यजीव संरक्षण को नई मजबूती मिलेगी।

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₹1 करोड़ की लागत और हाई-टेक सुविधाएं

​लगभग एक करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह कोल्हान का पहला हाथी रेस्क्यू सेंटर होगा। इसका निर्माण अप्रैल 2026 से शुरू होने की संभावना है। डिमना लेक के पास 7 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस केंद्र में निम्नलिखित सुविधाएं होंगी:

  • अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर (OT): घायल हाथियों के तत्काल ऑपरेशन के लिए।
  • फीडिंग सेंटर और किचन: हाथियों के लिए पौष्टिक आहार की व्यवस्था।
  • क्वारेंटाइन और सुरक्षित बाड़े: बीमार हाथियों को अलग रखकर निगरानी करने के लिए।
  • प्राकृतिक जलस्रोत: हाथियों के लिए पानी की पर्याप्त उपलब्धता।

क्यों जरूरी था यह रेस्क्यू सेंटर?

​वर्तमान में पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में घायल हाथियों के इलाज के लिए उन्हें टाटा स्टील जू भेजना पड़ता है। दूरी और परिवहन के कारण इलाज में देरी होती है, जिससे हाथियों की मृत्यु दर बढ़ जाती है।

​”रेस्क्यू सेंटर वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे हाथियों को सही समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी और उनकी जान बचाई जा सकेगी।”

सबा आलम अंसारी, DFO, दलमा वन्यजीव अभयारण्य

हाथियों के हमले से 27 मौतें: सीएम हेमंत सोरेन का कड़ा निर्देश

​राज्य में बढ़ते हाथी हमलों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। पिछले कुछ महीनों में हजारीबाग, चाईबासा, जमशेदपुर और अन्य जिलों को मिलाकर लगभग 27 लोगों की मृत्यु हुई है। इस पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए हैं:

  1. एलीफेंट रेस्क्यू टीम: प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों को तकनीकी प्रशिक्षण देकर रेस्क्यू टीम तैयार की जाए।
  2. सुरक्षा किट का वितरण: ग्रामीणों को हाथी भगाने के लिए डीजल, टॉर्च, सोलर सायरन और टायर जैसे जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।
  3. जागरूकता अभियान: वन विभाग ग्रामीणों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर सुरक्षा के उपाय सुनिश्चित करे।

तीसरी धारा का नज़रिया: डिमना में रेस्क्यू सेंटर का निर्माण न केवल वन्यजीवों के लिए वरदान साबित होगा, बल्कि यह मानव और हाथियों के बीच बढ़ती रंजिश को कम करने में भी एक सेतु का काम करेगा। यह विकास और पर्यावरण संतुलन की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।

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झारखंड भाजपा में बड़ी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: नगर निकाय चुनाव में बागियों पर गिरी गाज; पूर्व विधायक संजीव सिंह समेत 18 दिग्गजों को कारण बताओ नोटिस

रांची/जमशेदपुर | 15 फरवरी, 2026

​झारखंड नगर निकाय चुनाव के शोर के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अनुशासन का डंडा चला दिया है। पार्टी समर्थित प्रत्याशियों के खिलाफ मोर्चा खोलने और खुद चुनावी मैदान में ताल ठोकने वाले 18 प्रदेश स्तरीय नेताओं को भाजपा ने ‘शोकॉज’ (Show-cause) नोटिस जारी किया है। पार्टी ने दो टूक शब्दों में कहा है कि सात दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो निष्कासन की कार्रवाई तय है।

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इन दिग्गजों की कुर्सी पर मंडराया खतरा

​प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री सह राज्यसभा सदस्य प्रदीप वर्मा ने यह नोटिस जारी किए हैं। जिन प्रमुख नामों को नोटिस थमाया गया है, उनमें शामिल हैं:

  • धनबाद: पूर्व विधायक संजीव सिंह, भृगुनाथ भगत, और पूर्व महानगर अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह।
  • जमशेदपुर: पूर्व जिलाध्यक्ष राजकुमार श्रीवास्तव।
  • गढ़वा/पलामू: पूर्व जिलाध्यक्ष अलखनाथ पांडेय और परशुराम ओझा।
  • चास: मेयर प्रत्याशी परिंदा सिंह।
  • देवघर/जामताड़ा: बाबा बलियासे और तरुण गुप्ता।

​इसके अलावा गिरिडीह से कामेश्वर पासवान और सिमडेगा से फुलसुंदरी देवी समेत कई अन्य नेताओं से भी जवाब तलब किया गया है।

केंद्रीय आलाकमान की कोशिशें रहीं नाकाम

​सूत्रों के अनुसार, भाजपा ने बागियों को मनाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह, उपाध्यक्ष रेखा वर्मा और राष्ट्रीय मंत्री रितुराज सिन्हा जैसे भारी-भरकम नेताओं को बागियों को समझाने की जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि, रांची में तो तीन बागी मान गए, लेकिन धनबाद और जमशेदपुर जैसे इलाकों में ‘ऑपरेशन डैमेज कंट्रोल’ पूरी तरह फेल साबित हुआ।

धनबाद में ‘अपनों’ के बीच जंग: संजीव बनाम संजीव

​सबसे दिलचस्प मुकाबला धनबाद नगर निगम में दिख रहा है। यहाँ भाजपा ने प्रदेश कार्यसमिति सदस्य संजीव कुमार को अपना आधिकारिक समर्थन दिया है। लेकिन पूर्व विधायक संजीव सिंह (जिनकी पत्नी रागिनी सिंह झरिया से भाजपा विधायक हैं) ने पार्टी के फैसले को दरकिनार कर मैदान में डटे रहने का फैसला किया है। 12 फरवरी को जारी नोटिस का जवाब उन्हें 23 फरवरी (मतदान की तारीख) से पहले देना होगा।

​”पार्टी के संज्ञान में आया है कि आप पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त हैं। यह अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। एक सप्ताह में जवाब न मिलने पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।”

भाजपा प्रदेश कार्यालय द्वारा जारी पत्र का अंश

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तीसरी धारा पड़ताल: पटरी से उतरी आगरा-उदयपुर वंदे भारत; 68% बुकिंग के बावजूद रेलवे ने थामे पहिए, क्या वाकई ‘यात्रियों की कमी’ है असली वजह?

आगरा | 15 फरवरी, 2026

​भारतीय रेलवे की प्रीमियम सेवा ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ को लेकर ताजनगरी से एक निराश करने वाली खबर आई है। रेलवे बोर्ड ने आगरा कैंट-उदयपुर सिटी-आगरा कैंट वंदे भारत ट्रेन को आज यानी 15 फरवरी से बंद करने का निर्णय लिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि रेलवे इस फैसले के पीछे ‘कम यात्री ट्रैफिक’ का तर्क दे रहा है, जबकि जमीनी आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं।

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आंकड़ों का खेल: क्या घाटे में थी ट्रेन?

​’तीसरी धारा’ की पड़ताल और बीते छह महीनों के बुकिंग आंकड़ों पर नजर डालें, तो कम आय का कोई ठोस कारण नजर नहीं आता:

रूट (दिशा)सीट बुकिंग प्रतिशतकुल आय (लगभग)
आगरा से उदयपुर68.37%₹2.94 करोड़
उदयपुर से आगरा61.97%₹2.53 करोड़
कुल औसतकरीब 68%₹5.47 करोड़ (6 माह)

68 प्रतिशत की ऑक्युपेंसी किसी भी प्रीमियम ट्रेन के लिए ‘खराब’ नहीं मानी जाती। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या रेलवे ने किसी अन्य रणनीतिक कारण या कोच की कमी की वजह से इस लोकप्रिय ट्रेन पर ताला जड़ा है?

कोटा के छात्रों और पर्यटकों को बड़ा झटका

​ट्रेन के बंद होने से सबसे ज्यादा प्रभावित आगरा के विद्यार्थी और पर्यटन उद्योग से जुड़े लोग होंगे।

  • शिक्षा का सेतु: यह ट्रेन आगरा के हजारों छात्रों के लिए कोटा (कोचिंग हब) पहुंचने का सबसे सुगम जरिया थी। अब उन्हें फिर से बस या पुरानी पैसेंजर ट्रेनों के कठिन सफर पर निर्भर होना होगा।
  • पर्यटन पर असर: ताजनगरी (आगरा) और झीलों की नगरी (उदयपुर) को जोड़ने वाली इस ट्रेन से विदेशी पर्यटकों की आवाजाही आसान थी। डीआरयूसीसी मेंबर निधि अग्रवाल के अनुसार, इस फैसले से आगरा के पर्यटन व्यवसाय को भारी नुकसान होगा।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

​पूर्व डीआरयूसीसी मेंबर मुरारीलाल गोयल ने इस फैसले पर हैरानी जताते हुए कहा कि यह ट्रेन बेहद कम समय में लोकप्रिय हो गई थी। अभिभावक और व्यवसायी इस सेवा के जारी रहने की उम्मीद कर रहे थे।

​”सितंबर 2024 में शुरू हुई इस ‘सौगात’ को अचानक वापस लेना समझ से परे है। जब बुकिंग 68% तक पहुंच रही थी, तो इसे कम ट्रैफिक का नाम देना तर्कसंगत नहीं लगता।”

अगला कदम क्या?

​रेलवे प्रशासन ने अभी तक कोई आधिकारिक विस्तृत कारण साझा नहीं किया है। स्थानीय जन प्रतिनिधियों और व्यापारिक संगठनों ने रेल मंत्रालय से मांग की है कि इस फैसले पर पुनर्विचार किया जाए और आगरा के विकास व कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए वंदे भारत को दोबारा शुरू किया जाए।

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तीसरी धारा ग्राउंड रिपोर्ट: रांची में ‘हिट एंड रन’ के बाद भी नहीं सुधरे हालात; कचहरी चौक पर सख्ती तो स्टेशन रोड बनी ‘अड्डेबाजी’ की नई पनाहगाह

रांची | 15 फरवरी, 2026

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​झारखंड की राजधानी रांची का कचहरी चौक हाल ही में एक ऐसी सनसनीखेज वारदात का गवाह बना, जिसने पूरे शहर को सिहरा दिया। किन्नरों के साथ शराब पीने के विवाद के बाद हिट एंड रन, अपहरण और पुलिसकर्मी को कुचलने के प्रयास ने सुरक्षा दावों की पोल खोल दी थी। लेकिन ‘तीसरी धारा’ और ‘प्रभात खबर’ की टीम की पड़ताल बताती है कि प्रशासन की सख्ती महज एक ‘अस्थायी मरहम’ साबित हुई है।

कचहरी में सन्नाटा, स्टेशन रोड पर ‘सौदा’ जारी

​पुलिसिया कार्रवाई के डर से कचहरी चौक के आसपास तो फिलहाल अड्डेबाजी बंद है, लेकिन चुटिया थाना क्षेत्र के स्टेशन रोड पर अपराधी और संदिग्ध तत्व अब भी बेखौफ हैं। यहाँ दो चाय की दुकानों के बीच स्थित एक गुमनाम ‘झोपड़ी’ अब संदिग्ध गतिविधियों का नया केंद्र बन गई है।

तीन रातों की निगरानी: अंधेरे में होता ‘डील’ का खेल

​लगातार तीन रातों (रात 9:30 से 1:30 बजे तक) की गई निगरानी में चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आईं:

  • पैटर्न: मुँह ढके हुए महिलाएं सड़क किनारे खड़ी होकर राहगीरों और कार सवारों को इशारे करती हैं।
  • डील: पैदल गुजरने वाले युवकों और लग्जरी कारों में सवार ग्राहकों से खुलेआम बातचीत और मोलभाव होता है।
  • अड्डेबाजी: चाय की दुकानों को ‘कवर’ की तरह इस्तेमाल किया जाता है, जहाँ से संदिग्धों को झोपड़ी की ओर जाते देखा गया है।

आम नागरिक और राहगीर परेशान

​स्टेशन रोड से गुजरने वाले रेल यात्री, नाइट ड्यूटी से लौटने वाले कर्मचारी और स्थानीय निवासी इस माहौल से बेहद असहज हैं।

  • अशोभनीय हरकतें: स्थानीय लोगों का आरोप है कि रात चढ़ते ही सड़क पर अश्लीलता और बदतमीजी आम हो जाती है।
  • युवाओं पर खतरा: अभिभावकों को डर है कि इस इलाके से गुजरने वाले छात्र और युवा इस दलदल में फंस रहे हैं।

पुलिस की गश्ती पर उठते सवाल

​कचहरी चौक की घटना के बाद उम्मीद थी कि पुलिस पूरे शहर में ‘क्लीन स्वीप’ अभियान चलाएगी, लेकिन चुटिया इलाके की यह तस्वीर पुलिसिया गश्ती की पोल खोल रही है।

​”पुलिस तभी जागती है जब कोई बड़ा हादसा हो जाता है। कुछ दिन सख्ती होती है और फिर वही ढर्रा शुरू हो जाता है। नियमित गश्ती न होना ही इन अड्डों को पाल रहा है।”

एक स्थानीय निवासी

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तीसरी धारा विशेष: विधायक सविता महतो की पहल रंग लाई; 8 दिन बाद ‘वनराज स्टील’ के कामगारों का वेतन भुगतान शुरू

चांडिल | 15 फरवरी, 2026

​चांडिल के हुमिद स्थित वनराज स्टील कंपनी के कामगारों के लिए राहत की खबर है। पिछले 8 दिनों से कंपनी में तालाबंदी के कारण अधर में लटके 202 कामगारों के जनवरी माह के वेतन का भुगतान शनिवार से शुरू हो गया है। ईचागढ़ विधायक सविता महतो के हस्तक्षेप के बाद प्रबंधन ने ऑनलाइन खातों में राशि ट्रांसफर करना शुरू कर दिया है।

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विधायक के प्रयास से सुलझा वेतन का संकट

​विधायक के आप्त सचिव और झामुमो नेता काबलु महतो ने बताया कि कंपनी बंद होने के बाद कामगार आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। विधायक सविता महतो ने कामगारों के हितों को देखते हुए प्रबंधन से वार्ता की, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विधायक केवल वेतन ही नहीं, बल्कि कंपनी को दोबारा खुलवाने के लिए भी लगातार प्रयासरत हैं।

एक सप्ताह में पूरा होगा सभी का भुगतान

​वनराज स्टील कंपनी प्रबंधन ने आधिकारिक बयान में कहा कि:

  • ​वर्तमान में 202 कामगारों के खातों में वेतन भेजा जा रहा है।
  • ​अगले एक सप्ताह के भीतर सभी कर्मचारियों का बकाया भुगतान पूरा कर दिया जाएगा।

​इधर, पंचाग्राम विस्थापित एवं प्रभावित समिति के सचिव आशुतोष बेसरा ने कहा कि समिति महाशिवरात्रि से पहले भुगतान के लिए प्रबंधन पर दबाव बनाए हुए थी। उन्होंने कंपनी के पुनर्संचालन में हर संभव सहयोग का वादा किया है।

दिल्ली में ‘पुनरुद्धार’ की तैयारी: टॉप लेवल मीटिंग

​बता दें कि 6 फरवरी को बकाया विवाद के कारण कंपनी में ताला लटक गया था। इसे सुलझाने के लिए दो दिन पूर्व दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई:

  1. मुख्य मुद्दा: बिहार स्पंज आयरन कंपनी का बकाया भुगतान।
  2. प्रतिभागी: वनराज स्टील और बिहार स्पंज आयरन कंपनी के टॉप लेवल प्रबंधन।
  3. लक्ष्य: विवाद खत्म कर जल्द से जल्द उत्पादन दोबारा शुरू करना।

उपस्थिति: इस पूरे घटनाक्रम में स्थानीय झामुमो नेताओं और विस्थापित समिति के सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही।

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तीसरी धारा क्राइम डायरी: भाई ही निकला ‘कातिल’! विक्रम शर्मा मर्डर केस में सगा भाई अरविंद शर्मा गिरफ्तार, जमशेदपुर में रची गई थी मौत की पटकथा

देहरादून/जमशेदपुर | 15 फरवरी, 2026

​उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में हुए हाई-प्रोफाइल गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड में एक ऐसा मोड़ आया है जिसने पूरे अपराध जगत को स्तब्ध कर दिया है। सगे भाई ने ही अपने भाई के कत्ल की पटकथा लिखी और करोड़ों की संपत्ति व वर्चस्व के लिए सुपारी किलर्स का सहारा लिया।

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भाई का सरेंडर और साजिश का पर्दाफाश

​मामले में तब सनसनी फैल गई जब मृतक के भाई अरविंद शर्मा ने देहरादून पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस पूछताछ में जो तथ्य सामने आए हैं, वे किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं हैं:

  • षड्यंत्र का केंद्र: हत्या की साजिश की जड़ें जमशेदपुर के मानगो इलाके में थीं।
  • महीनों की प्लानिंग: यह हत्या कोई तात्कालिक गुस्सा नहीं, बल्कि जुलाई 2025 से रची जा रही एक गहरी साजिश का नतीजा थी।
  • साझेदार: अरविंद के साथ उसका सहयोगी प्रभात भी इस साजिश में मुख्य भूमिका में था।

क्यों हुई हत्या? ‘पैसा और पावर’ की जंग

​शुरुआती तफ्तीश के अनुसार, विक्रम और अरविंद के बीच करोड़ों की संपत्ति और व्यापारिक वर्चस्व को लेकर पुरानी रंजिश थी।

  1. वित्तीय नुकसान: प्रभात नामक सहयोगी को विक्रम के कारण हर महीने करीब ₹2 लाख का नुकसान हो रहा था क्योंकि उसके ठेके और बैचिंग प्लांट के काम छीन लिए गए थे।
  2. वर्चस्व की लड़ाई: जमशेदपुर के अपराध जगत में विक्रम के बढ़ते कद और उसकी संपत्ति पर कब्ज़ा करने की नीयत ने इस हत्याकांड को अंजाम दिलवाया।

शूटरों की पहचान और ‘ऑपरेशन देहरादून’

​पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अरविंद के बयान के आधार पर तीन मुख्य शूटरों की पहचान कर ली है:

  • आकाश प्रसाद
  • आशुतोष कुमार
  • विशाल

टाइमलाइन: शूटरों ने हरिद्वार के होटल में रुककर रेकी की, रेंटल स्कूटी ली और शुक्रवार सुबह 10:40 बजे जिम से निकल रहे विक्रम पर पॉइंट ब्लैंक रेंज से गोलियां बरसा दीं।

जमशेदपुर पुलिस का अलर्ट

​चूंकि विक्रम शर्मा का नाता जमशेदपुर के अंडरवर्ल्ड (अखिलेश सिंह गैंग) से रहा है, इसलिए इस हत्या के बाद जमशेदपुर पुलिस भी हाई अलर्ट पर है। आशंका जताई जा रही है कि इस हत्या का प्रतिशोध लेने के लिए गैंगवार छिड़ सकता है।

​”हत्या पूरी तरह से प्रोफेशनल तरीके से की गई थी। अरविंद ने ही शूटरों के लिए हथियारों का इंतजाम किया था। हम फरार आरोपियों की तलाश में झारखंड पुलिस के साथ समन्वय कर रहे हैं।”

देहरादून पुलिस मुख्यालय

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कॉर्पोरेट पिच पर ‘स्टील स्ट्राइकर्स’ का धमाका: ट्यूब मेकर्स क्लब में टाटा स्टील के अधिकारियों ने दिखाया दम, वॉरियर्स यूनाइटेड को दी मात

जमशेदपुर | 15 फरवरी, 2026

​लौहनगरी के मशहूर ट्यूब मेकर्स क्लब का ग्राउंड कल (रविवार) क्रिकेट के रोमांच से सराबोर रहा। मौका था टाटा स्टील के अधिकारियों के बीच आयोजित एक भव्य क्रिकेट टूर्नामेंट का। दिन भर चले इस मुकाबले में फाइलों और बैठकों में व्यस्त रहने वाले अधिकारियों ने बल्ले और गेंद से अपने शानदार खेल कौशल का प्रदर्शन कर सबका दिल जीत लिया।

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चार टीमों के बीच ‘कांटे की टक्कर’

​टूर्नामेंट में कुल चार टीमों ने हिस्सा लिया। शुरुआती लीग मुकाबलों के बाद मैदान पर दो ऐसी टीमें उभरीं जिन्होंने अपने खेल से फाइनल का टिकट पक्का किया। पहले दो मैचों में शानदार जीत दर्ज करने के बाद स्टील स्ट्राइकर और वॉरियर्स यूनाइटेड के बीच फाइनल की जंग छिड़ी।

फाइनल का रोमांच: अंतिम ओवर तक खिंचा मुकाबला

​फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जहाँ दोनों ही टीमों ने एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी। हालांकि, दबाव के क्षणों में बेहतर प्रदर्शन करते हुए स्टील स्ट्राइकर की टीम ने बाजी मार ली और टूर्नामेंट की ट्रॉफी अपने नाम की।

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टीमों के मुख्य सितारे:

  • स्टील स्ट्राइकर (विजेता): टीम की जीत में चैतन्य भानु, हितेश शाह और अंशुमान सिंह सहित अन्य अधिकारियों का योगदान सराहनीय रहा। इनके सधे हुए खेल ने टीम को चैंपियन बनाया।
  • वॉरियर्स यूनाइटेड (उपविजेता): हार के बावजूद इस टीम ने अंत तक हार नहीं मानी। टीम की ओर से रंजय सिंह, स्वरूप सिंहा, विकास, चंद्रभूषण, आशीष, बक्शी, वेदांत और रवि ने बेहतरीन फील्डिंग और बल्लेबाजी का मुजाहिरा पेश किया।

महिला अधिकारियों ने भी दिखाया उत्साह

​इस टूर्नामेंट की एक खास बात यह रही कि इसमें महिला अधिकारियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वॉरियर्स यूनाइटेड की टीम के साथ-साथ अन्य टीमों में भी महिला अधिकारियों के सहयोग और सक्रिय भागीदारी ने खेल भावना को और मजबूत किया।

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रक्तदान से दी वीर सपूतों को सलामी: टाटानगर स्टेशन पर ‘युवा शक्ति क्लब’ की अनूठी पहल, शहीदों की याद में बहाया पसीना और खून

जमशेदपुर | 14 फरवरी, 2026

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​पुलवामा के अमर शहीदों की शहादत को नमन करने के लिए आज जमशेदपुर के टाटानगर स्टेशन क्षेत्र में एक प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। ‘युवा शक्ति क्लब’ के सदस्यों और स्थानीय नागरिकों ने मिलकर न केवल उन जांबाजों को याद किया, बल्कि उनके सम्मान में रक्तदान शिविर का आयोजन कर समाज सेवा की नई इबारत लिख दी।

“शहीदों के खून का कर्ज, रक्तदान से फर्ज”

​टाटानगर स्टेशन के समीप आयोजित इस कार्यक्रम में सुबह से ही युवाओं और आम जनता का उत्साह चरम पर था। क्लब के सदस्यों का मानना है कि जिस तरह देश की सरहदों पर जवानों ने अपना लहू बहाकर हमारी रक्षा की, उसी तरह हम भी रक्तदान कर किसी जरूरतमंद का जीवन बचाकर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं।

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शिविर की मुख्य झलकियां:

  • भव्य श्रद्धांजलि: शिविर की शुरुआत शहीदों के चित्र पर माल्यार्पण और ‘भारत माता की जय’ के नारों के साथ हुई।
  • बड़ी भागीदारी: क्लब के सदस्यों के साथ-साथ स्टेशन रोड के दुकानदारों, ऑटो चालकों और यहाँ तक कि ट्रेन पकड़ने आए कुछ यात्रियों ने भी स्वेच्छा से रक्तदान किया।
  • जागरूकता: मौके पर मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों ने युवाओं को नियमित रक्तदान के फायदों के बारे में बताया।

क्षेत्र की जनता ने पेश की मिसाल

​स्टेशन के समीप निवास करने वाली आम जनता ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। स्थानीय निवासियों ने कहा कि अक्सर लोग 14 फरवरी को अन्य आयोजनों में व्यस्त रहते हैं, लेकिन युवा शक्ति क्लब ने रक्तदान जैसा पवित्र कार्य चुनकर यह साबित कर दिया कि आज की पीढ़ी अपने संस्कारों और शहीदों के बलिदान को भूली नहीं है।

प्रमुख उपस्थिति

​इस कार्यक्रम में युवा शक्ति क्लब के अध्यक्ष, सचिव और दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे। साथ ही क्षेत्र के कई वरिष्ठ नागरिकों ने भी पहुँचकर रक्तदान करने वाले युवाओं का उत्साहवर्धन किया और उन्हें ‘सर्टिफिकेट’ प्रदान किए।

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तीसरी धारा राजनीतिक विशेष: आदित्यपुर निकाय चुनाव में बड़ा उलटफेर; तीसरा मोर्चा ने दिया भगलू सोरेन को समर्थन, समीकरणों में आया भूचाल

आदित्यपुर | 14 फरवरी, 2026

​आदित्यपुर नगर निकाय चुनाव की रणभेरी बजते ही राजनीतिक बिसात पर शह और मात का खेल तेज हो गया है। आज शहर की राजनीति में उस वक्त एक बड़ा मोड़ आया जब सर्वदलीय आदित्यपुर विकास मंच (तीसरा मोर्चा) ने आधिकारिक तौर पर झामुमो समर्थित महापौर प्रत्याशी भगलू सोरेन को अपना समर्थन देने का एलान कर दिया।

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गणेश चौधरी की प्रेस वार्ता: “अब जीत सुनिश्चित”

​झामुमो के केंद्रीय सदस्य गणेश चौधरी ने आज आयोजित प्रेस वार्ता में इस गठबंधन की घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि तीसरा मोर्चा के साथ आने से भगलू सोरेन की स्थिति अब अभेद्य हो गई है। चौधरी ने संकेत दिए कि आने वाले दिनों में कुछ और ‘अहम राजनीतिक धमाके’ हो सकते हैं, जो विरोधियों की नींद उड़ा देंगे।

विकास के लिए राज्य सरकार के साथ समन्वय: गणेश महाली

​झामुमो के वरिष्ठ नेता और सरायकेला के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी गणेश महाली ने चुनावी सभा को संबोधित करते हुए भरोसा दिलाया कि यह केवल एक चुनावी गठबंधन नहीं, बल्कि आदित्यपुर के कायाकल्प का संकल्प है। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के बाद राज्य सरकार के साथ सीधा समन्वय स्थापित कर यहाँ के विकास को एक नई और तेज दिशा दी जाएगी।

बुनियादी समस्याओं पर प्रहार: संजीव आचार्य

​तीसरा मोर्चा के संयोजक संजीव आचार्य ने गठबंधन की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए औद्योगिक क्षेत्र की उपेक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा:

​”आदित्यपुर एशिया के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में से एक है, लेकिन विडंबना देखिए कि यहाँ की जनता आज भी बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी समस्याओं के लिए तरस रही है। इस गठबंधन की पहली प्राथमिकता इन समस्याओं को जड़ से खत्म करना होगा।”

प्रेस वार्ता में ये रहे मौजूद

​इस महत्वपूर्ण घोषणा के दौरान मंच पर एकता की तस्वीर दिखी, जिसमें मुख्य रूप से उपस्थित थे:

  • भगलू सोरेन (महापौर प्रत्याशी)
  • बुलेट नारायण सिंह (अध्यक्ष, तीसरा मोर्चा)
  • बिरेन्द्र प्रधान (नगर अध्यक्ष, झामुमो)
  • अजीत प्रधान, बीरेंद्र तिवारी एवं अन्य कार्यकर्ता।

तीसरी धारा का नज़रिया: तीसरा मोर्चा और झामुमो का यह गठबंधन चुनावी मैदान में अन्य प्रत्याशियों के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर सकता है। अब देखना यह होगा कि औद्योगिक क्षेत्र की जनता इस ‘महागठबंधन’ पर कितना भरोसा जताती है।

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तीसरी धारा विशेष: अमर ज्योति पर गूँजा ‘भारत माता की जय’; पुलवामा के बलिदानियों को सेवा ही लक्ष्य (युवा शक्ति) ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

जमशेदपुर | 14 फरवरी, 2026

​आज से ठीक सात साल पहले, 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में हुआ कायराना हमला देश की सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती था। लेकिन भारत ने न केवल उस चुनौती को स्वीकार किया, बल्कि उसका डटकर जवाब भी दिया। आज उस हमले में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों की याद में पूरा लौहनगरी नतमस्तक दिखा।

गोलमुरी अमर ज्योति स्मारक पर उमड़ा जनसैलाब

​जमशेदपुर के गोलमुरी स्थित अमर ज्योति स्मारक पर आज ‘सेवा ही लक्ष्य (युवा शक्ति)’ संस्था के तत्वावधान में एक गरिमामय श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत वीर शहीदों की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर और मोमबत्तियाँ जलाकर की गई।

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नारों से गुंजायमान हुआ वातावरण

​संस्था के संस्थापक पीयूष ठाकुर ने ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष के साथ युवाओं में जोश भरा। उन्होंने कहा कि पुलवामा का दिन हमें उन बहादुर जवानों की याद दिलाता है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना ‘आज’ हमारे ‘कल’ के लिए न्यौछावर कर दिया।

पूर्व सैनिकों और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति

​इस कार्यक्रम को सफल बनाने में पूर्व सैनिकों की टीम का विशेष मार्गदर्शन रहा। इसके साथ ही शहर के विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई:

  • श्री शंकर कर्मकार (मंडल अध्यक्ष, जेडीयू बिरसानगर)
  • बिकास कुमार डे (अध्यक्ष, युवा शक्ति)
  • सुनील कुमार प्रसाद जी (संरक्षक)
  • श्रीमती रेणुका कालिंदी (अध्यक्ष, महिला इकाई)
  • नारायण साहु एवं संस्था के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी।

एकजुटता का संदेश

​कार्यक्रम में भारी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने मौन धारण कर शहीदों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। संस्था के पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि वे समाज सेवा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देते रहेंगे, यही उन वीरों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

निवेदक: सेवा ही लक्ष्य संस्था (युवा शक्ति), जमशेदपुर महानगर, झारखंड।

तीसरी धारा का नज़रिया: ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और सेना के प्रति सम्मान करना सिखाते हैं। ‘सेवा ही लक्ष्य’ की यह पहल सराहनीय है।

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