जमशेदपुर: लौहनगरी में गुरुवार देर रात उस वक्त सनसनी फैल गई, जब सोनारी थाना क्षेत्र के साईं मंदिर के पास पुलिस और कुख्यात अपराधियों के बीच सीधी मुठभेड़ हो गई। उद्योगपति कैरव गांधी अपहरणकांड से जुड़े तीन अपराधी— गुड्डू सिंह, मोहम्मद इमरान और रमीज राजा—पुलिस की जवाबी फायरिंग में गोली लगने से घायल हो गए हैं। तीनों अपराधी मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं और इनका पुराना आपराधिक इतिहास रहा है।






हथियार बरामदगी के दौरान भड़का एनकाउंटर
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए इन अपराधियों ने पूछताछ में स्वीकार किया था कि उन्होंने अपहरण में प्रयुक्त हथियार सोनारी साईं मंदिर के पास झाड़ियों में छिपाए हैं। गुरुवार देर रात जब बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे और उनकी टीम आरोपियों को लेकर मौके पर पहुंची, तो अपराधियों ने एक दुस्साहसिक चाल चली।






- पुलिस पर हमला: कुख्यात अपराधी गुड्डू सिंह ने अचानक थाना प्रभारी के बॉडीगार्ड से उसकी कारबाइन छीन ली और पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
- बाल-बाल बचे अधिकारी: इस अचानक हुए जानलेवा हमले में बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे बाल-बाल बच गए।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई और घेराबंदी
स्थिति हाथ से निकलते देख पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला। आत्मरक्षा में पुलिस की ओर से करीब पांच राउंड जवाबी फायरिंग की गई। इस मुठभेड़ में तीनों अपराधियों को गोली लगी और वे मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़े।
पुलिस ने तुरंत पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने घटनास्थल को सील कर दिया है और आगे की जांच के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।






अपराधियों का प्रोफाइल
पुलिस के अनुसार, गुड्डू, इमरान और रमीज राजा अपहरण और फिरौती के संगठित गिरोह का हिस्सा हैं। कैरव गांधी अपहरणकांड में इनकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही थी, लेकिन एनकाउंटर की इस घटना ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
प्रशासनिक रुख: इस एनकाउंटर के बाद शहर के सभी थानों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति जारी रहेगी।


















