एक नई सोच, एक नई धारा

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हजारीबाग: सड़क हादसे में JAP-7 के सब इंस्पेक्टर अनिल पासवान का निधन, बस का इंतजार करते वक्त बाइक ने मारी टक्कर

हजारीबाग: जिले के पदमा गेट के पास शुक्रवार को हुई एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना में JAP-7 के सब इंस्पेक्टर अनिल पासवान की मौत हो गई। एक तेज रफ्तार बाइक की चपेट में आने से उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है।

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​ड्यूटी से लौटते समय हुआ हादसा

​जानकारी के अनुसार, अनिल पासवान JAP-7 मुख्यालय हजारीबाग में आयोजित ‘पुलिस सभा’ में शामिल होने आए थे। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद वे वापस अपने गंतव्य चोरदाहा (चौपारण) जाने के लिए निकले थे।

  • स्थान: पदमा गेट के पास।
  • स्थिति: वे सड़क किनारे खड़े होकर बस का इंतजार कर रहे थे।
  • दुर्घटना: इसी दौरान बरही की ओर से आ रही एक अनियंत्रित बाइक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।

​विभाग ने खोया एक कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी

​अनिल पासवान JAP-7 बटालियन में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे। उन्हें उनके सहकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच एक बेहद कर्तव्यनिष्ठ और मिलनसार अधिकारी के रूप में जाना जाता था। उनकी असामयिक मृत्यु की खबर मिलते ही पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और दुख व्यक्त किया।

​पुलिस की कार्रवाई

  • जांच: स्थानीय पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
  • तलाश: दुर्घटना को अंजाम देने वाली बाइक और उसके चालक की पहचान के लिए पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ और सुराग जुटा रही है।
  • परिजनों को सूचना: मृतक के परिवार को इस दुखद घटना की जानकारी दे दी गई है, जिसके बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

​सड़क सुरक्षा पर सवाल

​इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों के कहर और सड़क सुरक्षा के इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभाग ने दिवंगत अधिकारी की आत्मा की शांति के लिए संवेदना व्यक्त की है और पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी सहायता दिलाने का भरोसा दिया है।

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सावधान! झारखंड में बिजली चोरी पर शिकंजा: 9 महीनों में 23 हजार से अधिक FIR, अब सूचना देने वालों को मिलेगा ‘गोपनीय’ कवच

रांची: झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने राज्य में बिजली चोरी के खिलाफ अपने अभियान को और तेज कर दिया है। निगम ने न केवल पिछले नौ महीनों के चौंकाने वाले आंकड़े जारी किए हैं, बल्कि आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे बिजली चोरों की सूचना देकर राज्य के ऊर्जा संसाधनों को बचाने में मदद करें।

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​2025-26 के चौंकाने वाले आंकड़े

​वित्तीय वर्ष 2025-26 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2025 से दिसंबर 2025 के बीच राज्यभर में 23,494 परिसरों पर बिजली चोरी के मामले दर्ज किए गए हैं। जांच के दौरान चोरी के मुख्य तरीके निम्नलिखित पाए गए:

  • हुकिंग: सीधे तारों पर हुक लगाकर बिजली का अवैध उपयोग।
  • मीटर बाइपास: मीटर को दरकिनार कर सीधे बिजली खींचना।
  • मीटर टेम्परिंग: मीटर की रीडिंग रोकने या कम करने के लिए उससे छेड़छाड़।

​कड़ी सजा और जुर्माने का प्रावधान

​निगम ने स्पष्ट किया है कि मुख्यालय स्तर पर हर महीने 5 दिनों का विशेष सघन अभियान चलाया जाता है। बिजली चोरी पकड़े जाने पर परिणाम गंभीर हो सकते हैं:

  1. प्राथमिकी (FIR): संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज।
  2. जुर्माना: बिजली के नुकसान की भरपाई के लिए भारी आर्थिक दंड।
  3. जेल की सजा: दोषी पाए जाने पर अधिकतम 5 साल तक की कैद
  4. कनेक्शन विच्छेद: मौके पर ही बिजली आपूर्ति काट दी जाती है।

​इस नंबर पर दें सूचना, नाम रहेगा गुप्त

​JBVNL ने बिजली चोरी रोकने के लिए जनता की भागीदारी मांगी है। यदि आप अपने आसपास, किसी फैक्ट्री, दुकान या ग्रामीण क्षेत्र में बिजली चोरी होते देखते हैं, तो इसकी जानकारी यहाँ दे सकते हैं:

  • मोबाइल नंबर: 9431135515 (जीएम, एटी-पावर शेड)
  • माध्यम: संपूर्ण पते के साथ व्हाट्सएप (WhatsApp) या सामान्य मैसेज।
  • गोपनीयता: निगम ने वादा किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और मोबाइल नंबर पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।

​जेबीवीएनएल की अपील

​निगम के अनुसार, बिजली चोरी से न केवल राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि इससे ट्रांसफार्मर जलने और लो-वोल्टेज जैसी समस्याएं भी पैदा होती हैं जिससे ईमानदार उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ती है। राज्य के सभी 24 जिलों में यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।

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गोईलकेरा: CRPF ने ‘सिविक एक्शन प्रोग्राम’ के जरिए जीती ग्रामीणों की सद्भावना, बांटे जरूरत के सामान

गोईलकेरा (पश्चिमी सिंहभूम): विकास और सुरक्षा के तालमेल को मजबूत करते हुए सीआरपीएफ (CRPF) 193 बटालियन ने बोरोई गांव में ‘सिविक एक्शन प्रोग्राम 2025-26’ के तहत शांति, प्रगति और जन-सहभागिता कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया। इस कार्यक्रम ने न केवल सुरक्षा बलों और ग्रामीणों के बीच के रिश्तों को प्रगाढ़ किया, बल्कि स्थानीय युवाओं को शिक्षा और खेल की ओर प्रेरित करने का एक बड़ा मंच भी प्रदान किया।

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​कमांडेंट के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन

​यह पूरा कार्यक्रम 193 बटालियन के कमांडेंट ओम जी शुक्ला के दिशा-निर्देशों पर आयोजित किया गया, जिसका सफल नेतृत्व जीडी बिभूतोश दास (ए/193 वाहिनी) ने किया। इस मौके पर आसपास के कई गांवों जैसे बोरोई, बाईहातु, सांगाजटा, पाटुंग, सोंगा, किमसुआ और रुटागुटू के सैकड़ों ग्रामीण और स्थानीय मुंडा उपस्थित रहे।

​जरूरत के सामानों का हुआ वितरण

​सीआरपीएफ की ओर से ग्रामीणों की दैनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बड़ी मात्रा में सहायता सामग्री वितरित की गई:

  • ग्रामीणों के लिए: कंबल, मच्छरदानी, प्रेशर कुकर, छाता, बाल्टी, सिलाई मशीन, खाद्य पदार्थ और कपड़े।
  • बच्चों के लिए: कॉपी, किताब, पेन, पेंसिल, खेल सामग्री और स्कूल यूनिफॉर्म।

​युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की पहल

​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिभूतोश दास ने सीआरपीएफ के दृष्टिकोण को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा:

​”हमारा मुख्य उद्देश्य युवाओं को शिक्षा और खेल के प्रति जागरूक करना है। सीआरपीएफ की प्राथमिकता युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और क्षेत्र में आपसी प्रेम, सहयोग और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देना है।”

​पारंपरिक स्वागत और सांस्कृतिक झलक

​कार्यक्रम की शुरुआत बेहद खास रही। ग्रामीणों ने सीआरपीएफ के जवानों का स्वागत अपने पारंपरिक नृत्य और संगीत के साथ किया, जो सुरक्षा बलों के प्रति उनके विश्वास और प्रेम को दर्शाता है। जवानों और ग्रामीणों की इस सहभागिता ने ‘जन-सहभागिता’ के उद्देश्य को पूरी तरह सार्थक कर दिया।

1002282834
कैरव गांधी गुमशुदगी मामला: रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ पहुंचे आवास, झारखंड की कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

जमशेदपुर: आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के प्रमुख उद्यमी और एसिया (ASIA) उपाध्यक्ष देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी के रहस्यमय ढंग से लापता होने के मामले ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है। तीन दिनों से चल रहे इस हाई-प्रोफाइल मामले की गंभीरता को देखते हुए रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ शुक्रवार को पीड़ित परिवार से मिलने उनके आवास पहुंचे।

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​परिजनों से मुलाकात और ढांढस

​संजय सेठ ने कैरव के पिता देवांग गांधी और अन्य परिजनों से विस्तार से बात की और घटना के घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार और वे व्यक्तिगत रूप से इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं।

​सरकार और कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला

​मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए रक्षा राज्य मंत्री ने झारखंड सरकार को आड़े हाथों लिया। उनके संबोधन के मुख्य बिंदु रहे:

  • लॉ एंड ऑर्डर फेल: संजय सेठ ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है, अपराधी बेलगाम हैं।
  • निवेश पर सवाल: उन्होंने मुख्यमंत्री के विदेश दौरों पर तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ सीएम बाहर जाकर निवेश मांग रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राज्य के वर्तमान कारोबारी और उनके परिवार असुरक्षित हैं।
  • असुरक्षा का माहौल: उन्होंने दावा किया कि इस घटना से पूरे औद्योगिक जगत में डर का माहौल है।

​पुलिस को सख्त निर्देश

​संजय सेठ ने जिला पुलिस और प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया है कि:

  1. सकुशल बरामदगी: कैरव गांधी को बिना किसी देरी के जल्द से जल्द खोज निकाला जाए।
  2. शून्य सहनशीलता: जांच में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​व्यापारिक संगठनों में उबाल

​कैरव गांधी की गुमशुदगी के बाद एसिया (Adityapur Small Industries Association) समेत शहर के अन्य व्यापारिक और सामाजिक संगठनों ने भी अपनी चिंता जाहिर की है। पुलिस की विशेष टीमें (SIT) विभिन्न बिंदुओं पर छानबीन कर रही हैं, लेकिन तीन दिन बीत जाने के बाद भी कोई ठोस सुराग हाथ न लगने से असंतोष बढ़ रहा है।

वर्तमान स्थिति: पुलिस सीसीटीवी फुटेज और कॉल डंप डेटा खंगाल रही है। शहर की सीमाओं पर चेकिंग बढ़ा दी गई है।

1002282783
जमशेदपुर: गोलमुरी में भीषण सड़क हादसा टला, ट्रक चालक की सूझबूझ से बची कार सवारों की जान

जमशेदपुर: गोलमुरी थाना क्षेत्र के कालीमाटी-टूइलाडुंगरी रोड पर शुक्रवार को एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते बच गया। यह दुर्घटना तब टली जब एक ट्रक चालक ने अपनी जान जोखिम में डालकर अनियंत्रित स्थिति को संभाला और सामने चल रही कार को टक्कर मारने के बजाय ट्रक को डिवाइडर से टकरा दिया।

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​अचानक ब्रेक और अनियंत्रित ट्रक

​प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सड़क पर एक ट्रक के ठीक आगे एक कार चल रही थी। अचानक कार चालक ने बिना किसी संकेत के तेज ब्रेक (Sudden Braking) लगा दी। ट्रक की रफ्तार सामान्य थी, लेकिन अचानक लगी ब्रेक के कारण ट्रक चालक के पास संभलने का समय बहुत कम था। यदि ट्रक सीधा रहता, तो कार के परखच्चे उड़ सकते थे।

​चालक रंजीत सिंह की जांबाजी

​ट्रक चालक रंजीत सिंह ने साहसिक फैसला लेते हुए स्टीयरिंग को सड़क के डिवाइडर की ओर मोड़ दिया।

  • नतीजा: ट्रक कार से टकराने के बजाय डिवाइडर पर चढ़ गया।
  • बचाव: ट्रक चालक पूरी तरह सुरक्षित है और कार में सवार यात्रियों की जान भी बच गई।

​कार चालक मौके से फरार

​हैरानी की बात यह रही कि जिस कार चालक की गलती की वजह से यह स्थिति पैदा हुई, वह हादसे के बाद अपनी जिम्मेदारी समझने के बजाय मौके से वाहन समेत फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार में कई यात्री सवार थे।

​पुलिस की कार्रवाई और यातायात

​घटना की सूचना मिलते ही गोलमुरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची।

  1. यातायात बहाली: पुलिस ने क्रेन की मदद से ट्रक को डिवाइडर से हटाया और बाधित यातायात को सुचारू कराया।
  2. जांच: पुलिस अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों के बयान दर्ज किए हैं।
  3. पहचान: फरार कार चालक की पहचान के लिए क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
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पटना हॉस्टल डेथ केस: जहानाबाद पहुंची जन सुराज की टीम, प्रशांत किशोर ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल

पटना/जहानाबाद: पटना के एक गर्ल्स हॉस्टल में मेडिकल छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब गरमाता जा रहा है। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर शुक्रवार को जहानाबाद स्थित पीड़िता के पैतृक गांव पहुंचे, जहां उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की और इस पूरे घटनाक्रम में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।

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​पुलिस की भूमिका पर संगीन आरोप

​छात्रा की मौत के बाद पुलिस की शुरुआती कार्रवाई संदेह के घेरे में है। परिजनों ने मीडिया के सामने कई गंभीर आरोप लगाए हैं:

  • दुष्कर्म की आशंका: परिजनों का दावा है कि छात्रा के साथ अनहोनी हुई है। हालांकि, पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कह रही है।
  • जांच अधिकारी पर दबाव का आरोप: परिवार का आरोप है कि वर्तमान जांच अधिकारी उन पर मामला वापस लेने और सुलह करने का दबाव बना रहे हैं।
  • प्रशासनिक चूक: स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि रिपोर्ट आने से पहले ही पुलिस कुछ संभावनाओं को खारिज क्यों कर रही है।

​”न्याय नहीं मिला तो होगा आंदोलन” – प्रशांत किशोर

​पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के बाद प्रशांत किशोर ने कड़े शब्दों में प्रशासन को चेतावनी दी। उन्होंने कहा:

​”अगर शुरुआती जांच में पुलिस से कोई चूक हुई है, तो उसे तुरंत सुधारा जाए। जन सुराज इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ा है। हम वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिलकर निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे। यदि न्याय नहीं मिला, तो हम लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से बड़ा कदम उठाएंगे।”

​सुरक्षा और व्यवस्था पर सवाल

​इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर बिहार की राजधानी में छात्राओं की सुरक्षा, निजी हॉस्टल के नियमों और पुलिस की संवेदनशीलता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। मेडिकल की तैयारी कर रही एक होनहार छात्रा की इस तरह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने अन्य अभिभावकों में भी डर पैदा कर दिया है।

वर्तमान स्थिति: पुलिस मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। वहीं, जन सुराज ने साफ कर दिया है कि वे इस मामले को ठंडे बस्ते में नहीं जाने देंगे।

1002282765
टाटानगर स्टेशन पर रेलवे का ‘बुलडोजर’ एक्शन: पुनर्विकास के लिए 17 दुकानें ध्वस्त, व्यापारियों में मची चीख-पुकार

जमशेदपुर: टाटानगर रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में मंगलवार को रेलवे प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई की। स्टेशन पुनर्विकास परियोजना (Redevelopment Project) और आधुनिक पार्किंग निर्माण में बाधा बन रहे अतिक्रमण पर रेलवे ने बुलडोजर चला दिया। भारी सुरक्षा बल की मौजूदगी में स्टेशन के समीप स्थित 27 में से 17 अवैध दुकानों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।

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​भारी सुरक्षा के बीच चली कार्रवाई

​मंगलवार सुबह से ही टाटानगर स्टेशन क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील हो गया था।

  • तैनाती: आरपीएफ (RPF), जिला पुलिस और मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में यह अभियान चलाया गया।
  • तैयारी: किसी भी विरोध या अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त बल तैनात था।
  • नोटिस: रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इन दुकानदारों को पहले ही कई बार लिखित नोटिस और माइकिंग के जरिए जगह खाली करने की चेतावनी दी गई थी।

​क्यों जरूरी था यह अभियान?

​टाटानगर स्टेशन दक्षिण पूर्व रेलवे का एक प्रमुख जंक्शन है। केंद्र सरकार की पुनर्विकास योजना के तहत यहाँ कई बड़े बदलाव होने हैं:

  1. आधुनिक पार्किंग: यात्रियों के वाहनों के लिए व्यवस्थित पार्किंग का निर्माण।
  2. सर्कुलेटिंग एरिया: स्टेशन के बाहर भीड़भाड़ कम करने के लिए क्षेत्र का विस्तार।
  3. यात्री सुविधाएं: नए प्रतीक्षालय और आधुनिक भवन का निर्माण।

​”विकास तो ठीक, पर हमारी रोजी-रोटी का क्या?”

​जहाँ एक ओर प्रशासन इसे विकास के लिए जरूरी बता रहा है, वहीं प्रभावित दुकानदारों के घरों में मातम का माहौल है।

  • बरसों का बसेरा: कई दुकानदार पिछले 15-20 वर्षों से यहाँ अपनी दुकान चला रहे थे।
  • रोजगार का संकट: दुकानदारों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन उन्हें उजाड़ने से पहले वैकल्पिक स्थान दिया जाना चाहिए था।
  • भावुक क्षण: अपनी रोजी-रोटी को मिट्टी में मिलता देख कई व्यापारियों की आँखों में आँसू थे।

​जाम से मिलेगी मुक्ति

​प्रशासन का तर्क है कि स्टेशन के बाहर अव्यवस्थित दुकानों और अवैध अतिक्रमण के कारण यात्रियों को आवागमन में भारी परेशानी होती थी और अक्सर जाम लगा रहता था। इस कार्रवाई के बाद स्टेशन परिसर अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित नजर आएगा।

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जमशेदपुर: कोवाली में आपसी रंजिश के चलते आम के बगीचे में लगाई आग, तीन नामजद आरोपियों पर FIR दर्ज

कोवाली: पूर्वी सिंहभूम जिले के कोवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत मजगांव में एक किसान की मेहनत पर पानी फेरने का मामला प्रकाश में आया है। यहाँ आपसी विवाद के चलते एक फलदार आम के बगीचे को आग के हवाले कर दिया गया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है।

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​देर रात दिया गया वारदात को अंजाम

​पीड़ित किसान पोल्टू मंडल के अनुसार, यह घटना 10 जनवरी की देर रात करीब 1:30 बजे हुई। उन्हें सूचना मिली कि उनके बगीचे से आग की लपटें उठ रही हैं। जब तक वे मौके पर पहुँचे और आग पर काबू पाने की कोशिश की गई, तब तक कई पेड़ और पौधे पूरी तरह झुलस चुके थे।

​इन्हें बनाया गया है आरोपी

​पोल्टू मंडल ने कोवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए गांव के ही तीन लोगों को नामजद आरोपी बनाया है:

  1. अनुप मंडल
  2. महितोष मंडल
  3. जयंत मंडल

​पुराने विवाद का है मामला

​पीड़ित ने पुलिस को बताया कि आरोपियों के साथ उनका लंबे समय से विवाद चल रहा है। आरोप है कि इसी रंजिश का बदला लेने के लिए साजिश के तहत बगीचे में आग लगाई गई, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

​पुलिस की कार्रवाई और जांच

​शिकायत मिलने के बाद कोवाली थाना पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।

  • घटनास्थल का निरीक्षण: पुलिस टीम ने जले हुए बगीचे का मुआयना किया है।
  • पूछताछ: आसपास के ग्रामीणों से घटना के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
  • थाना प्रभारी का बयान: पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जल्द ही उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में लिया जाएगा।

​किसानों में चिंता का माहौल

​इस घटना के बाद ग्रामीण इलाकों के किसानों में असुरक्षा और दहशत का माहौल है। किसानों का कहना है कि अगर आपसी रंजिश में फसलों और पेड़ों को निशाना बनाया जाएगा, तो खेती करना मुश्किल हो जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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दुमका: मेला देखकर लौट रहे किशोरों पर चाकू से हमला, एक की मौत, दो गंभीर रूप से घायल

दुमका: झारखंड के दुमका जिले से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। रामगढ़ थाना क्षेत्र के पथरिया गांव में गुरुवार रात करीब 10 बजे बाइक सवार अपराधियों ने तीन किशोरों पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में 16 वर्षीय लखींद्र सोरेन की मौत हो गई, जबकि एक किशोरी समेत दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

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​कैसे हुई घटना?

​पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जामा थाना क्षेत्र के रहने वाले लखींद्र सोरेन, डेविड हांसदा और एक किशोरी गुरुवार शाम तातलोई मेला देखने गए थे। रात को जब तीनों एक ही बाइक पर सवार होकर घर लौट रहे थे, तभी पथरिया के पास तीन अज्ञात बाइक सवार युवकों ने उनका रास्ता रोक लिया।

​विरोध करने पर चाकूबाजी

​बताया जा रहा है कि हमलावरों ने पहले किशोरी को जबरन बाइक से उतारने का प्रयास किया। जब लखींद्र और डेविड ने इसका कड़ा विरोध किया, तो हमलावरों के साथ उनकी कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ते ही हमलावरों ने चाकू निकालकर तीनों पर ताबड़तोड़ वार कर दिए और मौके से फरार हो गए।

​अस्पताल में एक को मृत घोषित किया गया

​स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को देर रात दुमका के फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुँचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद लखींद्र सोरेन को मृत घोषित कर दिया। वहीं, डेविड हांसदा और किशोरी की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है और उनका उपचार चल रहा है।

​पुलिस की कार्रवाई

​घटना की सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ विजय कुमार महतो अस्पताल पहुँचे और घायलों व उनके परिजनों से मामले की जानकारी ली।

  • जांच: पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
  • छापेमारी: हमलावरों की पहचान के लिए संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
  • संभावित कारण: पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में मामला आपसी विवाद का लग रहा है, लेकिन छेड़खानी और लूटपाट के पहलुओं पर भी गौर किया जा रहा है।
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पश्चिम बंगाल में अराजकता: फरक्का से चाकुलिया तक रेल और सड़क जाम, सुवेंदु अधिकारी ने लगाया ‘जंगलराज’ का आरोप

कोलकाता/मुर्शिदाबाद: पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में पिछले दो दिनों से भारी तनाव और अराजकता का माहौल बना हुआ है। फरक्का से लेकर चाकुलिया तक उपद्रवियों द्वारा सड़कों और रेल यातायात को निशाना बनाया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था संभालने में विफल रहने और दंगाइयों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया है।

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​बेलडांगा में नेशनल हाईवे जाम, भारी पत्थरबाजी

​विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में असामाजिक तत्वों ने नेशनल हाईवे को पिछले कई घंटों से पूरी तरह ठप कर रखा है।

  • हिंसा: इलाके में लगातार पत्थरबाजी की खबरें आ रही हैं।
  • यात्री परेशान: ट्रेनों को जबरन रोकने के कारण हजारों यात्री फंसे हुए हैं। सुवेंदु अधिकारी के अनुसार, यात्रियों के पास भोजन और पानी की सुविधा नहीं है और वे गहरे खौफ में हैं।
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​सुवेंदु अधिकारी का तीखा हमला

​सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर वीडियो साझा करते हुए प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा:

​“पूरा इलाका बदमाशों और गुंडों के कब्जे में है। अब तक पुलिस की कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिख रही है। संदेश साफ है कि बंगाल प्रशासन की पकड़ से बाहर जा रहा है।”

​उन्होंने राज्य के डीजीपी (DGP) से तत्काल अतिरिक्त बल भेजने और स्थिति को नियंत्रण में लेने का अनुरोध किया है।

​भाजपा का आरोप: “TMC के संरक्षण में पल रहे दंगाई”

​भाजपा की राज्य इकाई ने इस स्थिति को ‘टीएमसी का जंगलराज’ करार दिया है। पार्टी का आरोप है कि:

  • ​सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के समर्थन के कारण ही उपद्रवी बेखौफ होकर हिंसा कर रहे हैं।
  • ​प्रशासन जानबूझकर मूकदर्शक बना हुआ है ताकि सामान्य जनजीवन को बाधित किया जा सके।
  • ​फरक्का से चाकुलिया तक यह अराजकता “जंगल की आग” की तरह फैल रही है।

​वर्तमान स्थिति

​फिलहाल कई रूटों पर ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित है और नेशनल हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। स्थानीय पुलिस स्थिति को नियंत्रित करने का दावा कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर तनाव बरकरार है।

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