जमशेदपुर/कोलकाता: ट्रेनों में यात्रियों की बढ़ती संख्या और स्टेशनों पर हो रही भारी भीड़ को देखते हुए दक्षिण पूर्व रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है। रेलवे प्रशासन ने इतवारी (NITR) – शालिमार – इतवारी स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए मददगार साबित होगी जो नागपुर और कोलकाता रूट पर यात्रा करते हैं।
ट्रेन का पूरा शेड्यूल और संचालन अवधि
रेलवे द्वारा जारी समय-सारणी के अनुसार, यह ट्रेन सीमित समय के लिए चलाई जा रही है:
इतवारी से शालिमार: यह स्पेशल ट्रेन 26 जनवरी से 9 फरवरी तक हर सोमवार को इतवारी से रवाना होगी।
शालिमार से इतवारी: वापसी की दिशा में, यह ट्रेन 27 जनवरी से 10 फरवरी तक हर मंगलवार को शालिमार से इतवारी के लिए चलेगी।
टाटानगर के यात्रियों को मिलेगी बड़ी सुविधा
इस स्पेशल ट्रेन की सबसे खास बात यह है कि यह टाटानगर स्टेशन पर भी रुकेगी। इससे जमशेदपुर और आसपास के यात्रियों को न केवल हावड़ा/शालिमार जाने के लिए एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा, बल्कि नागपुर की ओर जाने वाले यात्रियों को भी टिकटों की लंबी वेटिंग लिस्ट से राहत मिलेगी।
यात्री ध्यान दें: रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे इस स्पेशल ट्रेन के समय और ठहराव की विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट या स्टेशन पूछताछ काउंटर से संपर्क करें ताकि उन्हें यात्रा में कोई असुविधा न हो।
हजारीबाग: जिले के दारू थाना क्षेत्र के हरली कॉलेज के पास गुरुवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे में एक युवक की जान चली गई, जबकि उसकी पत्नी जीवन और मौत के बीच जूझ रही है। मृतक की पहचान टाटीझरिया के टटगांवा निवासी अरुण कुमार (पिता- रामचंद्र महतो) के रूप में हुई है।
परीक्षा केंद्र पहुंचने से पहले ही टूटा खुशियों का संसार
जानकारी के अनुसार, अरुण कुमार गुरुवार दोपहर अपनी मोटरसाइकिल (JH-02PH-8060) से अपनी पत्नी को सेमेस्टर-4 की परीक्षा दिलाने हजारीबाग ले जा रहे थे। दोपहर करीब 2 बजे झुमरा हरली कॉलेज मोड़ के पास एक अनियंत्रित सवारी गाड़ी (JH 02S 6919) ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पति-पत्नी दोनों सड़क पर गिरकर अचेत हो गए।
समय पर नहीं मिली एम्बुलेंस, निजी वाहन से पहुंचाया अस्पताल
हादसे के बाद स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। एम्बुलेंस को फोन किया गया, लेकिन आने में देरी होने पर राहगीरों ने सक्रियता दिखाई और एक निजी वाहन की मदद से दोनों घायलों को शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुँचाया। इलाज के दौरान अरुण कुमार ने दम तोड़ दिया, वहीं उनकी पत्नी की नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची के रिम्स (RIMS) रेफर कर दिया है।
चार बहनों का इकलौता भाई था अरुण
इस घटना ने पूरे टटगांवा गांव को झकझोर कर रख दिया है। बताया जा रहा है कि अरुण अपनी चार बहनों के बीच इकलौता भाई था। उसकी शादी अभी पिछले साल जुलाई 2025 में ही हजारीबाग के सरोनी में हुई थी। इस हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दी हैं।
ड्राइवर गाड़ी छोड़कर हुआ फरार
हादसे के तुरंत बाद सवारी गाड़ी का चालक मौके का फायदा उठाकर वाहन को वहीं छोड़कर फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही दारू थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों वाहनों को कब्जे में ले लिया है और आरोपी चालक की तलाश शुरू कर दी है।
शोक की लहर: मृतक के घर में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीण एम्बुलेंस के देरी से पहुंचने को लेकर आक्रोशित दिखे।
नई दिल्ली: क्रिकेट जगत से एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने भारत और श्रीलंका की मेजबानी में होने वाले T20 वर्ल्ड कप 2026 के बहिष्कार का आधिकारिक फैसला ले लिया है। आईसीसी (ICC) द्वारा दिए गए अल्टीमेटम के बावजूद बांग्लादेश अपने रुख पर अड़ा रहा, जिसके बाद अब इस मेगा इवेंट में उनके खेलने पर पूर्ण विराम लग गया है।
क्या है पूरा विवाद?
विवाद की शुरुआत तब हुई जब बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपने मैच भारत से हटाकर श्रीलंका शिफ्ट करने की मांग की। हालांकि, आईसीसी ने स्पष्ट कर दिया था कि न तो वेन्यू बदला जाएगा और न ही ग्रुप में कोई बदलाव होगा। दिलचस्प बात यह है कि बहिष्कार का यह फैसला तब आया जब आईपीएल टीम केकेआर (KKR) ने बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्ताफिज़ुर रहमान को रिलीज किया।
दिग्गजों की प्रतिक्रिया: किसने क्या कहा?
बांग्लादेश के इस कड़े फैसले के बाद क्रिकेट गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं:
1. आकाश चोपड़ा: “वर्ल्ड कप को नहीं, बांग्लादेश को होगा नुकसान”
पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने बांग्लादेश की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, “मुस्ताफिज़ुर के रिलीज होते ही अगले दिन बीसीबी को सुरक्षा की याद कैसे आ गई? अगर बांग्लादेश नहीं खेलता है, तो उनकी जगह स्कॉटलैंड को मौका मिलेगा। बांग्लादेश को सोचना चाहिए कि उनके न होने से वर्ल्ड कप को फर्क पड़ेगा या उनके खुद के क्रिकेट के अस्तित्व को।”
2. अतुल वासन: “जुर्माना और प्रतिबंध झेलने के लिए तैयार रहें”
अतुल वासन ने इसे बांग्लादेश की बचकानी हरकत करार दिया। उन्होंने कहा, “उन्हें अंदाजा नहीं है कि वे अपना कितना बड़ा वित्तीय नुकसान कर रहे हैं। मैच फीस तो जाएगी ही, साथ ही आईसीसी उन पर भारी जुर्माना और कड़े प्रतिबंध भी लगा सकता है।”
3. मदन लाल: “पाकिस्तान के उकसावे में आया बांग्लादेश”
पूर्व दिग्गज मदन लाल ने संकेत दिया कि इस फैसले के पीछे पाकिस्तान का हाथ हो सकता है। उन्होंने कहा, “वोटिंग के दौरान सिर्फ पाकिस्तान ही बांग्लादेश के साथ था। सुरक्षा तो महज एक बहाना है, स्टेडियमों में अभेद्य सुरक्षा होती है। अगर बांग्लादेश नहीं खेलता है, तो स्कॉटलैंड की एंट्री पक्की है।”
4. राशिद लतीफ: “पाकिस्तान को भी साथ छोड़ देना चाहिए”
वहीं, पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर राशिद लतीफ ने एक विवादित बयान देते हुए कहा, “पाकिस्तान को बांग्लादेश के साथ खड़े होकर वर्ल्ड कप का बहिष्कार करना चाहिए। स्टैंड लेने के लिए बड़े दिल की जरूरत होती है।” हालांकि, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) पहले ही साफ कर चुका है कि वह टूर्नामेंट में हिस्सा लेगा क्योंकि उनके सभी मैच श्रीलंका में होने हैं।
अब आगे क्या?
स्कॉटलैंड की लॉटरी: बांग्लादेश के हटने की स्थिति में स्कॉटलैंड को मुख्य ड्रा में शामिल किया जा सकता है।
ICC की कार्रवाई: आईसीसी जल्द ही बीसीबी पर भारी वित्तीय दंड या भविष्य के टूर्नामेंट्स से निलंबन की घोषणा कर सकता है।
नई दिल्ली: देश में बहुप्रतीक्षित जनगणना (Census) की प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है। इस बार की जनगणना पिछले दशकों के मुकाबले काफी अलग और विस्तृत होगी। गृह मंत्रालय द्वारा जारी हालिया अधिसूचना के अनुसार, जनगणना अधिकारी जब आपके दरवाजे पर दस्तक देंगे, तो वे केवल परिवार के सदस्यों की संख्या नहीं पूछेंगे, बल्कि आपकी जीवनशैली से जुड़े 33 महत्वपूर्ण सवालों की एक सूची लेकर आएंगे।
डिजिटल और लाइफस्टाइल पर विशेष जोर
इस बार सरकार का ध्यान इस बात पर है कि भारतीय परिवारों के पास सुविधाओं का स्तर क्या है। अब यह भी रिकॉर्ड किया जाएगा कि आप इंटरनेट का उपयोग करते हैं या नहीं, और आपके पास स्मार्टफोन, लैपटॉप या कंप्यूटर जैसी डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं।
33 सवालों की सूची में क्या-क्या शामिल है?
प्रश्नावली को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में बांटा जा सकता है:
1. मकान की स्थिति और बनावट:
मकान का नंबर और उसकी मौजूदा हालत।
घर की छत, दीवार और फर्श बनाने में किस सामग्री (सीमेंट, ईंट, पत्थर आदि) का उपयोग हुआ है।
मकान के स्वामित्व की स्थिति (अपना है या किराए का)।
2. बुनियादी सुविधाएं:
पीने के पानी का मुख्य स्रोत और उसकी उपलब्धता।
बिजली (प्रकाश) का मुख्य स्रोत।
शौचालय का प्रकार और गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था।
रसोईघर की स्थिति और एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन की जानकारी।
खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाला मुख्य ईंधन और परिवार द्वारा खाया जाने वाला मुख्य अनाज।
3. संपत्ति और गैजेट्स:
रेडियो, टेलीविजन और टेलीफोन/स्मार्टफोन की उपलब्धता।
वाहनों का विवरण: साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल से लेकर कार, जीप या वैन तक की जानकारी।
जमशेदपुर (परसुडीह): परसुडीह थाना क्षेत्र के सरजमदा में शुक्रवार को एक घर में शॉर्ट सर्किट की वजह से भीषण आग लग गई। इस हादसे में सुशीला पूर्ति नामक महिला का घर पूरी तरह जलकर खाक हो गया। गनीमत रही कि जिस वक्त आग लगी, घर के अंदर कोई सदस्य मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा जानी नुकसान टल गया।
देखते ही देखते राख हुआ गृहस्थी का सामान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के समय घर के अंदर से अचानक चिंगारी और काला धुआं उठता देखा गया। जब तक लोग कुछ समझ पाते, आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। घर के अंदर रखे कपड़े, अनाज, फर्नीचर और महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर राख हो गए।
दमकल विभाग की लापरवाही पर भड़के ग्रामीण
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत परसुडीह थाना और दमकल विभाग को सूचना दी। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग को कई बार फोन किया गया, लेकिन समय पर कोई दमकल गाड़ी मौके पर नहीं पहुँची।
दमकल के इंतजार में बैठने के बजाय स्थानीय लोगों ने अपनी सूझबूझ और अदम्य साहस का परिचय दिया। ग्रामीणों ने निजी पाइप और बाल्टियों की मदद से पानी डालकर घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अगर ग्रामीण तत्परता नहीं दिखाते, तो आग आसपास के घरों को भी अपनी चपेट में ले सकती थी।
कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस घटना के बाद सरजमदा क्षेत्र के निवासियों में दमकल विभाग और प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि शहर के नजदीकी इलाकों में भी अगर दमकल सेवा इतनी देरी से पहुँचेगी, तो गरीब परिवारों की मेहनत की कमाई को जलने से कौन बचाएगा?
स्थानीय निवासी का बयान: “हमने कई बार कॉल किया लेकिन कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला। अगर हम लोग खुद आगे नहीं आते, तो आज सुशीला पूर्ति का सिर छुपाने का ठिकाना भी नहीं बचता।”
नई दिल्ली/रांची: गणतंत्र दिवस 2026 के पावन अवसर पर देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले में आयोजित होने वाले ‘भारत पर्व 2026’ में झारखंड की झांकी अपनी विशिष्ट पहचान बनाने को तैयार है। इस वर्ष झारखंड की झांकी राज्य की अदम्य प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पण को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेगी।
थीम: स्वतंत्रता का मंत्र और विकसित भारत
झारखंड की झांकी इस बार “स्वतंत्रता का मंत्र : वंदे मातरम्” की थीम पर आधारित होगी। यह झांकी न केवल राष्ट्रभक्ति के जज्बे को दिखाएगी, बल्कि विकसित भारत के संकल्प में प्रकृति और राष्ट्र के गहरे संबंध को भी उजागर करेगी।
झांकी के मुख्य आकर्षण: जल, जंगल और वन्यजीव
झांकी में झारखंड की पहचान बन चुके दसम जलप्रपात को जीवंत रूप में दिखाया जाएगा। साथ ही, राज्य की जैव विविधता को दर्शाने के लिए एशियाई हाथी और नीलगाय के मॉडल प्रमुखता से लगाए गए हैं। यह झांकी दर्शाती है कि कैसे झारखंड का आदिवासी समाज सदियों से प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाकर ‘सतत विकास’ (Sustainable Development) का उदाहरण पेश कर रहा है।
26 से 31 जनवरी तक सजेगा ‘भारत पर्व’
केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा आयोजित यह ‘भारत पर्व’ 26 जनवरी से 31 जनवरी तक लाल किले के प्रांगण में चलेगा। झारखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों की झांकियाँ यहाँ अपनी सांस्कृतिक विविधता और विकास यात्रा का प्रदर्शन करेंगी।
दर्शकों के लिए मुख्य जानकारी:
समय: प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे से रात 9:00 बजे तक।
प्रवेश: आम जनता के लिए प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा।
खासियत: झांकियों के दीदार के साथ-साथ लोग ‘फूड वेंडर्स’ के माध्यम से झारखंड के पारंपरिक व्यंजनों (जैसे ढुस्का-पीठा) और हस्तशिल्प का भी आनंद ले सकेंगे।
इको-टूरिज्म को मिलेगा वैश्विक मंच
झारखंड सरकार का लक्ष्य इस झांकी के माध्यम से राज्य को इको-टूरिज्म के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है। हरियाली, जलप्रपातों की प्रचुरता और वन्यजीवों के संरक्षण के प्रयासों को देखकर देश-विदेश के पर्यटकों को झारखंड आने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
मुख्य बिंदु एक नज़र में:
विषय: प्रकृति, जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण।
प्रमुख प्रतीक: दसम जलप्रपात, एशियाई हाथी और नीलगाय।
टाटानगर/चक्रधरपुर: रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के चक्रधरपुर मंडल द्वारा नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन नार्कोस’ को एक बार फिर बड़ी सफलता मिली है। आरपीएफ की विशेष गश्ती टीम ने टाटा-एर्नाकुलम एक्सप्रेस (18189) से तीन अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो भारी मात्रा में गांजा लेकर केरल जा रहे थे।
कोच बी-2 में आरपीएफ की कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, आरपीएफ की टीम टाटानगर से राजगांगपुर के बीच ट्रेन में सघन गश्ती कर रही थी। इसी दौरान कोच संख्या बी-2 (B-2) में तीन यात्री संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिए। संदेह होने पर जब उनके बैग की तलाशी ली गई, तो उसमें से 4.5 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ।
ओडिशा से केरल तक फैला था तस्करी का जाल
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनवर शेख, फैजुल शेख और मिनारूल शेख के रूप में हुई है। ये तीनों पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के रहने वाले हैं। पूछताछ में तस्करों ने चौंकाने वाले खुलासे किए:
सप्लाई चेन: आरोपी इस खेप को भुवनेश्वर (ओडिशा) से लेकर चले थे।
गंतव्य: वे टाटानगर के रास्ते इसे एर्नाकुलम (केरल) पहुँचाने की फिराक में थे।
बाजार कीमत: जब्त किए गए गांजा की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 2.25 लाख रुपये बताई जा रही है।
एक्साइज विभाग को सौंपे गए आरोपी
आरपीएफ ने बरामद मादक पदार्थ को जब्त कर लिया है और कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद तीनों आरोपियों को एक्साइज डिपार्टमेंट (राजगांगपुर/सुंदरगढ़) के सुपुर्द कर दिया गया है।
आरपीएफ का कड़ा संदेश
आरपीएफ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ‘ऑपरेशन नार्कोस’ के तहत ट्रेनों और स्टेशनों पर पैनी नजर रखी जा रही है। मंडल के सभी प्रमुख स्टेशनों पर संदिग्धों की जांच तेज कर दी गई है। रेलवे का उपयोग नशा तस्करी के लिए करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।
जमशेदपुर: कदमा थाना क्षेत्र के एडीएलएस (ADLS) स्कूल के पास शुक्रवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसा हुआ। तेज़ रफ्तार मोटरसाइकिल सवार दो युवकों ने सड़क पार कर रही एक महिला को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि महिला सड़क पर दूर जा गिरी और उसे गंभीर चोटें आई हैं। इस दुर्घटना में दोनों मोटरसाइकिल सवार युवक भी घायल हुए हैं।
लापरवाही ने ली मासूमियत की जगह
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब स्कूल के पास राहगीरों की काफी आवाजाही थी। चश्मदीदों का कहना है कि मोटरसाइकिल की रफ्तार इतनी अधिक थी कि सड़क पार कर रही महिला को संभलने या बचने का कोई मौका ही नहीं मिला। टक्कर के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की जानकारी मिलते ही कदमा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायल महिला और दोनों युवकों को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भिजवाया।
महिला की हालत फिलहाल चिंताजनक बनी हुई है।
पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बाइक को ज़ब्त कर लिया है।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आसपास के सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि सटीक गति और लापरवाही का दस्तावेजीकरण किया जा सके।
स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश
स्कूल क्षेत्र में इस तरह के हादसों को लेकर स्थानीय निवासियों और अभिभावकों ने गहरा गुस्सा ज़ाहिर किया है। लोगों का आरोप है कि:
स्कूल की छुट्टी के समय यह सड़क काफी व्यस्त रहती है, लेकिन इसके बावजूद युवा यहाँ तेज़ रफ्तार में स्टंट और ड्राइविंग करते हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से माँग की है कि स्कूल के पास गति अवरोधक (Speed Breakers) और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएँ।
साथ ही, छुट्टी के घंटों के दौरान नियमित पुलिस गश्त (Patrolling) सुनिश्चित की जाए ताकि तेज़ रफ्तार वाहनों पर नकेल कसी जा सके।
रांची/जमशेदपुर: दक्षिण पूर्व रेलवे के रांची एवं चक्रधरपुर रेल मंडल के सांसदों की समिति की महत्वपूर्ण बैठक आज रांची के रेडिसन ब्लू होटल में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता जमशेदपुर के सांसद बिद्युत बरण महतो ने की। इस दौरान उन्होंने रेलवे के उच्चाधिकारियों के समक्ष टाटानगर स्टेशन और आसपास के रेल नेटवर्क से जुड़ी समस्याओं और मांगों को प्रमुखता से रखा।
ट्रेनों को आदित्यपुर शिफ्ट करने के प्रस्ताव पर भड़के सांसद
सांसद बिद्युत महतो ने रेलवे के उस आंतरिक प्रस्ताव का पुरजोर विरोध किया, जिसमें टाटानगर से चलने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को आदित्यपुर स्टेशन से संचालित करने की योजना है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि:
साउथ बिहार, टाटा-बक्सर, टाटा-थावे, जलियांवाला बाग, टाटा-यशवंतपुर, टाटा-एर्नाकुलम, टाटा-जम्मूतवी और टाटा-विशाखापट्टनम जैसी ट्रेनों को किसी भी कीमत पर टाटानगर से शिफ्ट नहीं होने दिया जाएगा। इससे शहरवासियों और यात्रियों में भारी आक्रोश है।
चांडिल-झाड़ग्राम नई रेल लाइन: ‘बाईपास’ का विकल्प
ट्रेनों के अत्यधिक विलंब (लेट-लतीफी) पर चिंता व्यक्त करते हुए सांसद ने एक दूरगामी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि चांडिल-बोड़ाम-पटमदा-काटिन-बांदवान होते हुए झाड़ग्राम तक नई रेल लाइन का निर्माण एक ‘बाईपास’ के रूप में काम करेगा।
वर्तमान में हावड़ा-मुंबई मुख्य मार्ग पर भारी ट्रैफिक के कारण चक्रधरपुर और चांडिल से टाटानगर आने वाली ट्रेनें काफी विलंब से पहुँचती हैं।
नई लाइन (130.5 किमी) बनने से इस व्यस्त रूट का बोझ कम होगा और आदिवासी बहुल सुदूर क्षेत्रों को आजादी के बाद पहली बार रेल सुविधा मिलेगी।
विस्थापित दुकानदारों का हो उचित पुनर्वास
टाटानगर स्टेशन के रीडेवलपमेंट प्रोग्राम (कायाकल्प) की समीक्षा करते हुए सांसद ने विस्थापन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि स्टेशन विकास के नाम पर रेलवे लीज की जमीन पर बसे सैकड़ों दुकानदारों और संस्थानों को हटाया जा रहा है।
”विकास आवश्यक है, लेकिन नियमानुसार प्रभावित दुकानदारों का पुनर्वास (Rehabilitation) भी अनिवार्य है ताकि उनकी आजीविका प्रभावित न हो।”
प्रमुख मांगें और नए रूट के प्रस्ताव:
सांसद महतो ने रेलवे को 16 सूत्री मांग पत्र सौंपा, जिसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
नई ट्रेनें: टाटानगर से दिघा के लिए नई ट्रेन और टाटा-काटपाडी होते हुए बेंगलुरु तक नई सेवा शुरू करना।
ट्रेनों का विस्तार: साउथ बिहार एक्सप्रेस को आरा से बढ़ाकर बक्सर तक ले जाना और टाटा-रांची इंटरसिटी को डालटनगंज तक विस्तार देना।
बुनियादी ढांचा: सालगाझुरी अंडरपास (RUB) को तुरंत शुरू करना, परसुडीह, सुंदरनगर में रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) का निर्माण।
स्टेशन सुविधाएं: टाटानगर के सेकेंड एंट्री गेट पर ‘फ्री ड्रॉपिंग लेन’ की सुविधा और सिदिरसाई हॉल्ट पर शौचालय, पानी व बिजली का विस्तार।
अधिकारियों का आश्वासन
बैठक में उपस्थित रेलवे के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने सांसद द्वारा उठाए गए विषयों को गंभीरता से लिया और आश्वस्त किया कि तकनीकी पहलुओं की जांच कर इन मांगों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अन्य सांसदों के प्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं को रखा।
जमशेदपुर: कांग्रेस पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और आगामी नगर निकाय चुनावों में जीत सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गुरुवार को कदमा में कदमा-सोनारी प्रखंड की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री श्री बन्ना गुप्ता उपस्थित रहे, जबकि अध्यक्षता जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह ने की।
बूथ स्तर पर BLA-2 की तैनाती से बढ़ेगी ताकत
बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर ‘संगठन सृजन अभियान’ चला रही है। उन्होंने बताया कि पार्टी अब ‘ग्रासरूट’ पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए बूथ स्तर पर BLA-2 (बूथ लेवल एजेंट) की नियुक्ति कर रही है। इससे न केवल नए लोग पार्टी से जुड़ेंगे, बल्कि मतदाताओं के साथ सीधा संपर्क भी स्थापित होगा।
नगर निकाय चुनाव: कार्यकर्ताओं को ‘अनुशासन और समर्पण’ की नसीहत
आगामी नगर निकाय चुनावों (मानगो, जुगसलाई, चाकुलिया और कपाली) का जिक्र करते हुए बन्ना गुप्ता ने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा:
प्रत्येक कार्यकर्ता को प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करना होगा।
हमारा लक्ष्य कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े समर्पित कार्यकर्ताओं को चुनाव में जिताकर लाना है।
आपसी गुटबाजी छोड़कर सभी को एकजुट होकर संगठन की मजबूती के लिए कार्य करना चाहिए।
इन प्रमुख नेताओं की रही मौजूदगी
संगठनात्मक मजबूती पर केंद्रित इस बैठक में रामाश्रय प्रसाद, आनन्द बिहारी दुबे, विजय खान, रियाजुद्दीन खान, सफी अहमद खान, राज किशोर यादव, शिवजी यादव, बृजेंद्र तिवारी और चंद्रभान सिंह समेत दर्जनों वरिष्ठ नेता शामिल हुए। साथ ही ओम प्रकाश उपाध्याय, नंदलाल सिंह, मनोज कुमार सिंह, प्रिंस सिंह, केके शुक्ला और शाहनवाज अहमद ने भी संगठन विस्तार पर अपने विचार रखे।
बैठक का मुख्य सार
बैठक में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुँचाएंगे और आने वाले चुनावों में कांग्रेस का परचम लहराएंगे। इस दौरान गुरदीप सिंह, जसवंत सिंह जस्सी, आशुतोष सिंह और महेंद्र कुमार पांडे सहित काफी संख्या में सक्रिय सदस्य उपस्थित थे।