एक नई सोच, एक नई धारा

1002317386
ICC का बड़ा फैसला: बांग्लादेश टी20 विश्व कप 2026 से बाहर, स्कॉटलैंड को मिली जगह

दुबई/नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला लेते हुए बांग्लादेश को आगामी टी20 विश्व कप 2026 से बाहर कर दिया है। बांग्लादेश की जगह अब स्कॉटलैंड इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेगा। ICC ने शनिवार को नया शेड्यूल भी जारी कर दिया है, जिसमें बांग्लादेश के सभी मैचों के स्थान पर स्कॉटलैंड का नाम दर्ज किया गया है।

1002317386

विवाद की जड़: सुरक्षा चिंताएं और अड़ियल रुख

​यह विवाद तब शुरू हुआ जब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपनी टीम को भारत भेजने से इनकार कर दिया।

  • मांग: बीसीबी चाहता था कि उनके मैच श्रीलंका स्थानांतरित किए जाएं या उनका ग्रुप आयरलैंड के साथ बदल दिया जाए।
  • अस्वीकृति: आयरिश क्रिकेट बोर्ड ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
  • ICC का रुख: बोर्ड की बैठक में 14-2 के भारी बहुमत से फैसला हुआ कि बांग्लादेश को भारत में ही खेलना होगा। बीसीबी को अपना स्टैंड बदलने के लिए 24 घंटे का समय दिया गया था, जिसे उन्होंने नहीं माना।

स्कॉटलैंड का शेड्यूल (ग्रुप चरण)

​स्कॉटलैंड अब ग्रुप चरण में अपनी चुनौती पेश करेगा। उनके मैचों का विवरण इस प्रकार है:

तारीखप्रतिद्वंद्वीस्थान
7 फरवरीवेस्टइंडीजकोलकाता
9 फरवरीइटलीकोलकाता
14 फरवरीइंग्लैंडकोलकाता
17 फरवरीनेपालमुंबई

बांग्लादेश को करोड़ों का फटका

​खेल मंत्रालय के सलाहकार आसिफ नजरुल के कड़े रुख के कारण बांग्लादेश क्रिकेट को न केवल खेल के मैदान पर, बल्कि आर्थिक रूप से भी भारी क्षति होगी:

  1. भागीदारी शुल्क: $500,000 (लगभग 4.2 करोड़ रुपये) का तत्काल नुकसान।
  2. सालाना राजस्व: आईसीसी से मिलने वाले सालाना 330 करोड़ टका (करीब $27 मिलियन) पर संकट, जो उनके बजट का 60% हिस्सा है।
  3. प्रायोजक: टूर्नामेंट से बाहर होने के कारण स्पॉन्सरशिप की बड़ी राशि हाथ से निकल जाएगी।

पाकिस्तान ने भी दी ‘बॉयकॉट’ की धमकी

​बांग्लादेश के बाहर होने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने भी कड़े तेवर दिखाए हैं। पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने कहा:

​”हम टी20 विश्व कप खेलेंगे या नहीं, इसका अंतिम फैसला प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ करेंगे। सरकार का निर्णय ही अंतिम और बाध्यकारी होगा। यदि सरकार मना करती है, तो आईसीसी किसी अन्य टीम को बुलाने के लिए स्वतंत्र है।”

मुख्य अपडेट: आईसीसी चेयरमैन जय शाह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने दुबई में शुक्रवार को हुई बैठक के बाद बीसीबी अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम बुलबुल को ईमेल के जरिए इस फैसले की आधिकारिक जानकारी दे दी है।

1002315175
विशेष रिपोर्ट: पेसा कानून की ‘आत्मा’ पर प्रहार? झारखंड में आदिवासी अधिकारों को लेकर छिड़ा विवाद

रांची: झारखंड में पेसा अधिनियम (PESA Act) 1996 की नियमावली को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आदिवासी संगठनों और जानकारों का आरोप है कि राज्य सरकार द्वारा तैयार की गई नई नियमावली इस कानून की मूल अवधारणा को संरक्षित करने के बजाय उसे कमजोर करने की एक सोची-समझी साजिश है।

मूल भावना से छेड़छाड़ का आरोप

​पेसा कानून का मुख्य उद्देश्य आदिवासियों की रूढ़िजन्य विधि (Customary Laws), सामाजिक-धार्मिक प्रथाओं और पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था का संरक्षण करना था। लेकिन विशेषज्ञों का दावा है कि झारखंड की नियमावली में इन प्रमुख प्रावधानों को ही दरकिनार कर दिया गया है।

1002315175

विवाद के मुख्य बिंदु: क्यों उठ रहे हैं सवाल?

विषयनियमावली पर आपत्ति
ग्राम सभा की शक्ति‘अनुमति’ शब्द को ‘सहमति’ में बदलना और 30 दिनों में ‘स्वतः स्वीकृति’ का प्रावधान ग्राम सभा के अधिकारों का हनन है।
जमीन का अधिकारCNT और SPT एक्ट के उल्लंघन पर जमीन वापसी का अधिकार ग्राम सभा से छीन लिया गया है।
परंपरागत ढांचाग्राम प्रधानों के साथ अन्य श्रेणियों के लिए पिछला दरवाजा खोलकर पारंपरिक स्वशासन को कमजोर किया जा रहा है।
राज्यपाल की भूमिकाशेड्यूल एरिया में राज्यपाल के अधिकारों को सीमित कर सारी शक्तियां उपायुक्त (DC) को सौंपने का विरोध हो रहा है।

नियमगिरि का हवाला और धार्मिक आस्था

​आदिवासी समाज का तर्क है कि जब सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा के नियमगिरि मामले में आदिवासियों की धार्मिक आस्थाओं को सर्वोपरि मानते हुए खनन पर रोक लगा दी थी, तो राज्य सरकार उनकी मान्यताओं और परंपराओं को दरकिनार कैसे कर सकती है?

‘जल, जंगल, जमीन’ के हक पर संकट

​आरोप है कि पेसा कानून के तहत मिलने वाले जल, जंगल और जमीन के अधिकारों को नियमावली से हटा दिया गया है। पहले उपायुक्त के लिए जमीन हस्तांतरण से पूर्व ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य थी, जिसे अब शिथिल कर दिया गया है।

“जो कानून हमारी संस्कृति और अस्तित्व की रक्षा के लिए ढाल बनना चाहिए था, उसी कानून की नियमावली को हथियार बनाकर हमें हाशिये पर धकेलने की साजिश रची जा रही है।” > — स्थानीय आदिवासी संगठन के प्रतिनिधि

निष्कर्ष

​फिलहाल, यह मामला राज्य की राजनीति और आदिवासी अधिकारों की लड़ाई के केंद्र में आ गया है। सवाल यह उठता है कि क्या सरकार इन आपत्तियों पर पुनर्विचार करेगी या प्रशासन ‘मनमर्जी’ के इन आरोपों के बीच ही आगे बढ़ेगा?

प्रमुख सुर्खियां (Headlines) जो इस्तेमाल की जा सकती हैं:

  1. झारखंड पेसा नियमावली: आदिवासी स्वशासन के ‘संवैधानिक कवच’ में छेद की कोशिश?
  2. पेसा कानून 1996: अधिकारों की रक्षा या अस्तित्व पर प्रहार? रांची में उठा विरोध का स्वर।
  3. ग्राम सभा बनाम प्रशासन: झारखंड में पेसा नियमावली पर छिड़ी कानूनी और सामाजिक जंग।
1002314898
भगत सिंह स्पोर्ट्स एकेडमी ने प्रभात फेरी निकाल दी नेताजी को श्रद्धांजलि

सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने गगनभेदी नारों से किया नगर भ्रमण, ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ के नारों से गूंजा शहर

1002314898

जमशेदपुर, 23 जनवरी 2026: स्वतंत्रता संग्राम के महान नायक और गैरसमझौतावादी विचारधारा के प्रणेता नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जन्मजयंती के अवसर पर आज शहर में देशभक्ति का अनूठा उत्साह देखने को मिला। भगत सिंह स्पोर्ट्स एकेडमी द्वारा आयोजित ‘प्रभात फेरी एवं माल्यार्पण’ कार्यक्रम में युवाओं ने भारी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

प्रभात फेरी से गूंजा नगर

​कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 6:00 बजे हुई, जिसमें एकेडमी के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। हाथों में तिरंगा लिए युवाओं ने नगर भ्रमण के दौरान नेताजी के आदर्शों पर आधारित गगनभेदी नारे लगाए, जिससे पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग गया।

श्रद्धांजलि और माल्यार्पण

​नगर भ्रमण के पश्चात आयोजित मुख्य समारोह में महिला नेत्री व समाजसेवी लिली दास, मौसमी मित्रा और विष्णु देव गिरी ने संयुक्त रूप से नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

विचारों को आत्मसात करने की प्रेरणा

​मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित विष्णुदेव गिरी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा:

​”नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जीवन संघर्ष और अदम्य साहस की मिसाल है। आज की युवा पीढ़ी को उनके बलिदानों से सीख लेते हुए उनके विचारों को अपने जीवन में चरितार्थ करना चाहिए। देश के प्रति समर्पण ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”

उपस्थिति एवं योगदान

​इस गरिमामयी अवसर पर मुख्य रूप से निम्नलिखित गणमान्य उपस्थित रहे:

  • दीपक कुमार (संचालक, भगत सिंह स्पोर्ट्स एकेडमी)
  • मौसमी मित्रा (समाजसेवी व शिक्षिका)
  • राजन एवं विक्रम सर (फिजिकल एकेडमी ट्रेनर)

सफलता में सहयोग: कार्यक्रम को सफल बनाने में रिहान, रौनक, मुस्कान, जीतू कुमार, अंबिका, बंटी, गोली, शुभम, तपस्या, नंदिनी, संदीप और उज्ज्वल का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

1002314608 scaled
मानगो में दुस्साहस: गुरुद्वारा रोड पर दिनदहाड़े बंद घर में बड़ी चोरी, मजदूर बनकर आए थे नकाबपोश अपराधी

जमशेदपुर: मानगो थाना क्षेत्र के गुरुद्वारा रोड स्थित खान बिल्डिंग में शनिवार सुबह अपराधियों ने चोरी की एक बड़ी घटना को अंजाम दिया। अपराधी इतने बेखौफ थे कि सुबह 7:30 बजे जब शहर जाग रहा था, तब उन्होंने नकाब पहनकर और मजदूर का भेष धरकर घर का ताला तोड़ डाला और नकदी व जेवरात लेकर फरार हो गए।

1002314608

घटना का विवरण

​यह घटना विश्वनाथ मंदिर के सामने स्थित खान बिल्डिंग की है। यहाँ रहने वाले मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव अखिलेश्वर दुबे अपने बेटे की शादी की तैयारियों के सिलसिले में सपरिवार गाँव गए हुए थे। घर बंद पाकर अपराधियों ने पहले मुख्य द्वार का ताला तोड़ा। जब अंदर के कमरों का ताला तोड़ने में समय लगा, तो उन्होंने दरवाजा ही उखाड़ दिया और अलमारी व बक्से में रखे कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया।

स्थानीय लोगों को हुई गलतफहमी

​बिल्डिंग के मालिक उमाकांत सिंह ने बताया कि सुबह का समय होने और अपराधियों के हुलिए (मजदूर जैसा) के कारण किसी को शक नहीं हुआ। लोगों को लगा कि दुबे जी के घर में मरम्मत का काम चल रहा है। चोरी का खुलासा तब हुआ जब पड़ोसी ‘गेड़ीवाला’ ने दरवाजा टूटा हुआ देखा और शोर मचाया।

दो अपराधी धरे गए, नशे के बढ़ते प्रभाव पर फूटा गुस्सा

​घटना की सूचना मिलते ही भाजपा के पूर्व नेता विकास सिंह मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया। स्थानीय युवकों और पुलिस की तत्परता से दो अपराधियों को दबोच लिया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।

​मौके पर विकास सिंह ने आक्रोश जताते हुए कहा:

​”पूरा क्षेत्र नशेड़ियों की गिरफ्त में है। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वे दिनदहाड़े वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। अगर प्रशासन जल्द कड़े कदम नहीं उठाता, तो आम जनता को सड़कों पर उतरना होगा।”

नुकसान का आकलन शेष

​मकान मालिक अखिलेश्वर दुबे के शहर लौटने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि कुल कितने लाख के जेवरात और नकदी की चोरी हुई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और पकड़े गए आरोपियों से गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

IMG 20260124 WA0005
जमशेदपुर: उपकार संघ और सोनारी थाना समिति का रक्तदान शिविर संपन्न, 141 यूनिट रक्त संग्रह

जमशेदपुर: उपकार संघ एवं सोनारी थाना समिति के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को सोनारी स्थित उपकार संघ प्रांगण में एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में समाज सेवा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सड़क सुरक्षा का अनूठा संदेश दिया गया। दिनभर चले इस अभियान में कुल 141 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया।

1002314439

हेलमेट देकर सड़क सुरक्षा का संदेश

​रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाने के लिए आयोजकों द्वारा एक सराहनीय पहल की गई। प्रत्येक रक्तदाता को न केवल प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से उन्हें हेलमेट भी प्रदान किया गया।

अतिथियों ने पौधों को सींचकर किया उत्साहवर्धन

​शिविर का शुभारंभ सुबह 9 बजे वरिष्ठ नागरिकों (कनान कुटी, शंकर मास्टर, गुहाराम, श्याम लाल साहू, गोविंद जी), अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू और सामाजिक कार्यकर्ता अन्नी अमृता द्वारा किया गया।

1002314454

​कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल हुए अतिथियों ने दीप प्रज्वलन के स्थान पर पौधों में पानी डालकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। अतिथियों में प्रमुख रूप से शामिल थे:

  • धनंजय कुमार (DTO)
  • मनोज ठाकुर (CCR DSP)
  • आनंद मिश्रा (साकची थाना प्रभारी)
  • मंगल कालिंदी (विधायक)
  • दिनेश साहू (पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष)

जरूरतमंदों की सेवा ही मुख्य लक्ष्य

​सोनारी थाना समिति के सचिव व अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने बताया कि उपकार संघ सदैव सामाजिक कार्यों में अग्रणी रहता है। वहीं संघ के अध्यक्ष सतपाल साहू ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि संग्रहित रक्त कई जीवन बचाने में सहायक होगा।

1002314451

​”रक्तदान के साथ-साथ सड़क सुरक्षा और पर्यावरण को जोड़ना समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी को दर्शाता है।” — अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू

इनका रहा विशेष योगदान

​कार्यक्रम को सफल बनाने में सतपाल साहू, अशोक वर्मा, नरेंद्र कुमार साहू, प्रदीप लाल, हरिदास, अशोक सिंह, अभय कुमार, जय साहू (अध्यक्ष, महिला साहू समाज) और उपकार संघ व सोनारी थाना समिति के सभी सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

1002258035
जमशेदपुर: उलीडीह थाने के पास भीषण सड़क हादसा, अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत

जमशेदपुर: शहर के उलीडीह थाना क्षेत्र में गुरुवार देर रात एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में 35 वर्षीय युवक की जान चली गई। घटना थाने से महज 200 मीटर की दूरी पर पिंकी होटल के पास हुई। मृतक की पहचान उलीडीह रोड नंबर-5, हयातनगर (डिमना बस्ती) निवासी सिराजुद्दीन अंसारी के रूप में की गई है।

1002258035

ड्यूटी से घर लौटते समय हुआ हादसा

​जानकारी के अनुसार, सिराजुद्दीन अंसारी कांड्रा स्थित ‘स्पेक्ट्रा सुपर एलॉयज लिमिटेड’ कंपनी में वाहन चालक के रूप में कार्यरत थे। रोज की तरह वे अपनी ड्यूटी समाप्त कर बाइक से घर लौट रहे थे। रात करीब 12 बजे जैसे ही वे पिंकी होटल के पास पहुँचे, किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया।

थाने के करीब हुई घटना, मौके पर ही तोड़ा दम

​टक्कर इतनी भीषण थी कि सिराजुद्दीन उछलकर सड़क पर काफी दूर जा गिरे, जिससे उनके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। घटनास्थल थाने के बिल्कुल करीब होने के कारण पुलिस सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पहुँची। लहूलुहान हालत में उन्हें तत्काल एमजीएम (MGM) अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

परिवार में छाया मातम

​सिराजुद्दीन की मौत की खबर मिलते ही उनके परिजनों में कोहराम मच गया है। हयातनगर इलाके में भी इस घटना के बाद शोक की लहर है। पुलिस ने शुक्रवार को शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी पुलिस

​उलीडीह थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि टक्कर मारकर भागने वाले अज्ञात वाहन की पहचान की जा सके। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि रात के समय इस मार्ग पर वाहनों की तेज रफ्तार को नियंत्रित करने के लिए पुलिस गश्त और सख्त की जाए।

1002312477
जमशेदपुर: बारीडीह में बाइक चोरी की कोशिश नाकाम, पुलिस ने दो युवकों को रंगे हाथ दबोचा

जमशेदपुर: शहर के सिदगोड़ा थाना अंतर्गत बारीडीह इलाके में पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए वाहन चोरी की एक बड़ी वारदात को टाल दिया है। पुलिस ने मौके से दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जो एक दुपहिया वाहन का लॉक तोड़ने का प्रयास कर रहे थे। गिरफ्तार युवकों की पहचान रणधीर और आकाश के रूप में हुई है।

1002312477

गश्त के दौरान पुलिस की पैनी नजर

​जानकारी के अनुसार, सिदगोड़ा थाना की पुलिस टीम शुक्रवार को क्षेत्र में नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान बारीडीह इलाके में पुलिस की नजर दो संदिग्ध युवकों पर पड़ी, जो एक बाइक के इर्द-गिर्द घूम रहे थे। पुलिस वैन को देखते ही दोनों युवक घबराने लगे और वहां से भागने की कोशिश करने लगे। संदेह गहराने पर पुलिस ने उन्हें घेराबंदी कर पकड़ लिया।

पास से मिले लॉक तोड़ने के औजार

​पुलिस ने जब दोनों की तलाशी ली, तो उनके पास से मास्टर की (Master Key) और लॉक तोड़ने के अन्य उपकरण बरामद किए गए। गिरफ्तारी के समय वे वाहन का लॉक तोड़ने की प्रक्रिया में थे। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर सिदगोड़ा थाना पहुँचाया।

आपराधिक इतिहास खंगाल रही पुलिस

​थाना प्रभारी ने बताया कि पकड़े गए युवकों से गहन पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि शहर में पिछले कुछ दिनों में हुई अन्य वाहन चोरियों में भी इनका हाथ हो सकता है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या ये दोनों किसी बड़े अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य हैं या स्थानीय स्तर पर ही सक्रिय थे।

“इलाके में वाहन चोरी की शिकायतों को देखते हुए गश्त बढ़ा दी गई है। पकड़े गए आरोपियों से सुराग मिलने की उम्मीद है, जिससे चोरी के अन्य मामले भी सुलझ सकते हैं।”थाना प्रभारी, सिदगोड़ा

क्षेत्र में पुलिस की बढ़ी सतर्कता

​बारीडीह और सिदगोड़ा के रिहायशी इलाकों में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं को देखते हुए पुलिस अब और अधिक सतर्क हो गई है। पुलिस ने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि वे अपने वाहनों में डबल लॉक का उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

1002312449
झारखंड कांग्रेस में बगावत के सुर: दिल्ली से लौटे 5 विधायक, मंत्रियों को बदलने और ‘रोटेशन’ की मांग तेज

रांची/दिल्ली: झारखंड की महागठबंधन सरकार में शामिल कांग्रेस पार्टी के भीतर आंतरिक असंतोष अब सतह पर आ गया है। पार्टी के पांच वरिष्ठ विधायक, जो पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में आलाकमान के पास अपनी फरियाद लेकर डटे हुए थे, अब रांची लौट आए हैं। इन विधायकों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि राज्य सरकार में कांग्रेस कोटे के मंत्रियों की कार्यशैली से न केवल कार्यकर्ता, बल्कि आम जनता भी संतुष्ट नहीं है।

1002312449

“शासन मोदी जी जैसा चला, तो हमारा क्या फायदा?”

​दिल्ली से लौटते ही बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए विधायक दल के उपनेता राजेश कच्छप ने तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि अगर हमें 2029 में राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाना है, तो हमें अपने शासन के तरीके में बदलाव लाना होगा। उन्होंने सवाल उठाया, “अगर हम सत्ता में रहकर भी भाजपा जैसा ही आचरण करेंगे, तो जनता हमें क्यों चुनेगी?”

मंत्रिमंडल में फेरबदल की सुगबुगाहट

​नाराज विधायकों के समूह, जिसमें राजेश कच्छप, सुरेश बैठा, नमन विक्सल कोंगाड़ी, सोनेराम सिंकू और भूषण बाड़ा शामिल हैं, ने आलाकमान को स्पष्ट कर दिया है कि वर्तमान चार मंत्रियों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं है।

  • रोटेशन की मांग: विधायकों ने कहा कि पार्टी में अन्य भी योग्य विधायक हैं जिन्हें मौका मिलना चाहिए।
  • कार्यकर्ताओं की अनदेखी: विधायकों का आरोप है कि मंत्री अपने ही कार्यकर्ताओं और विधायकों को साथ लेकर नहीं चल रहे हैं।
  • खाली पद: विधायकों ने बोर्ड, निगम और आयोगों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को जल्द भरने की मांग की है।

दिल्ली में आलाकमान से महत्वपूर्ण मुलाकात

​इन पांच विधायकों ने दिल्ली प्रवास के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और के राजू से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, आलाकमान ने विधायकों की बातों को गंभीरता से सुना है और आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल में ‘परफॉर्मेंस ऑडिट’ के आधार पर बड़े फेरबदल के संकेत दिए हैं।

इन मंत्रियों पर गिर सकती है गाज?

​राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि स्वास्थ्य और कृषि जैसे महत्वपूर्ण विभागों के मंत्रियों को लेकर सबसे ज्यादा शिकायतें पहुंची हैं। विधायकों ने जोर देकर कहा कि संगठन को धारदार बनाने के लिए नेतृत्व में बदलाव अनिवार्य है।

“हम अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के लिए दिल्ली नहीं गए थे, बल्कि उन हजारों कार्यकर्ताओं की आवाज बनने गए थे जो सरकार में अपनी भागीदारी महसूस नहीं कर रहे हैं।”नमन विक्सल कोंगाड़ी, विधायक

1002312439
सारंडा का ‘ऑपरेशन क्लीन’: 2.35 करोड़ का इनामी अनल दा ढेर, 36 घंटे की मुठभेड़ में अब तक 21 नक्सली मारे गए

चाइबासा/रांची: झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले स्थित एशिया के सबसे घने जंगलों में से एक ‘सारंडा’ में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। पिछले 36 घंटों से जारी इस भीषण मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 2.35 करोड़ रुपये के इनामी नक्सली पतिराम मांझी उर्फ ‘अनल दा’ समेत कुल 21 नक्सलियों को मार गिराया है।

1002312439

कैसे घिरा ‘अनल दा’ और उसकी सेना?

​गुरुवार सुबह करीब 6:00 बजे चाईबासा के किरीबुरु स्थित कुमड़ी और होंजोदिरी गांव के बीहड़ जंगलों में सीआरपीएफ (CRPF) और झारखंड पुलिस के जॉइंट ऑपरेशन की शुरुआत हुई। खुफिया जानकारी मिली थी कि अनल दा अपने 25 खास लड़ाकों के साथ यहाँ छिपा हुआ है। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली। नक्सलियों की ओर से फायरिंग शुरू होते ही जवानों ने मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई में नक्सलियों के पैर उखाड़ दिए।

नक्सली संगठन की कमर टूटी: अनल दा का खात्मा

​अनल दा का मारा जाना माओवादी संगठन के लिए अब तक की सबसे बड़ी चोट मानी जा रही है।

  • इनाम की राशि: अनल दा पर झारखंड सरकार (1 करोड़), ओडिशा सरकार (1.20 करोड़) और NIA (15 लाख) ने कुल मिलाकर 2.35 करोड़ रुपये का इनाम रखा था।
  • पद: वह माओवादियों के ‘मिलिट्री कमीशन’ का प्रमुख था और कोल्हान क्षेत्र में सुरक्षाबलों पर हुए कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड था।
  • अन्य बड़े नक्सली ढेर: मारे गए नक्सलियों में 25 लाख का इनामी सैक कमांडर अनमोल उर्फ सुशांत भी शामिल है, जिस पर ओडिशा में भी 65 लाख का इनाम घोषित था।

ड्रोन और हेलीकॉप्टर से सर्च ऑपरेशन

​आईजी अभियान माइकल राज एस ने पुष्टि की है कि गुरुवार को 15 शवों की बरामदगी के बाद शुक्रवार को 6 और शव मिले हैं। अब तक एक दर्जन से ज्यादा नक्सलियों की पहचान हो चुकी है, जिनमें कई महिला नक्सली भी शामिल हैं। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार और विस्फोटक बरामद किए हैं।

“इस सफल ऑपरेशन से माओवादी संगठन की कमर पूरी तरह टूट गई है। हम ड्रोन और हेलीकॉप्टर की मदद से अभी भी सर्च अभियान चला रहे हैं ताकि कोई भी नक्सली बचकर न निकल सके।”माइकल राज एस, आईजी अभियान

मुख्य आंकड़े: एक नज़र में

  • कुल मौतें: 21 नक्सली।
  • मुख्य हताहत: अनल दा (2.35 करोड़ का इनामी) और अनमोल (25 लाख का इनामी)।
  • ऑपरेशन की अवधि: 36 घंटे से अधिक (अभी भी जारी)।
  • बरामदगी: भारी मात्रा में आईईडी (IED) विस्फोटक और हथियार।
1002312256
जमशेदपुर: कारोबारी के बेटे के अपहरण के 12 दिन बीते, सुराग नदारद; बीजेपी दिग्गजों ने सरकार को घेरा

जमशेदपुर: लौहनगरी के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले सीएच एरिया (CH Area) में एसएसपी आवास के समीप से कारोबारी देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी के अपहरण को 12 दिन बीत चुके हैं। अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं और कैरव का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इस बीच, यह मामला अब पूरी तरह से राजनीतिक तूल पकड़ चुका है।

1002312256

पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे भाजपा के दिग्गज

​शुक्रवार को भाजपा के शीर्ष नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने उनके आवास पहुँचा। इस दल में निम्नलिखित बड़े नेता शामिल थे:

  • आदित्य साहू: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष।
  • रघुवर दास: पूर्व मुख्यमंत्री।
  • अर्जुन मुंडा: पूर्व मुख्यमंत्री।
  • डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी: पूर्व प्रदेश अध्यक्ष।
  • संजीव सिन्हा: नवनियुक्त जिला अध्यक्ष।

​नेताओं ने कैरव के पिता देवांग गांधी और अन्य परिजनों से मुलाकात की और स्पष्ट शब्दों में कहा कि पूरा विपक्ष इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है।

मौके से ही DIG और SSP को लगाया फोन

​परिजनों से मिलने के बाद नेताओं ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल डीआईजी (DIG) और एसएसपी (SSP) से फोन पर बातचीत की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से जांच की प्रगति की जानकारी मांगी और जल्द से जल्द कैरव की सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित करने का दबाव बनाया।

राज्य सरकार पर तीखा हमला: “अपराध अब उद्योग बन चुका है”

​मीडिया से बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्रियों और प्रदेश अध्यक्ष ने हेमंत सरकार की विधि व्यवस्था पर कड़े प्रहार किए। नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा:

  • विधि व्यवस्था फेल: राज्य में कानून का शासन खत्म हो चुका है। एसएसपी आवास के बगल से अपहरण होना बताता है कि अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ निकल गया है।
  • अपराध उद्योग: झारखंड में अब अपहरण और अपराध एक उद्योग का रूप ले चुके हैं। अपराधियों को सीधे तौर पर सत्ता का संरक्षण प्राप्त है।
  • DGP की नियुक्ति पर सवाल: नेताओं ने डीजीपी की पदस्थापना की प्रक्रिया को भी गलत बताया और कहा कि सरकार अपनी सुविधानुसार अधिकारियों को बैठा रही है, जिससे राज्य की स्थिति बिगड़ रही है।
error: Content is protected !!