एक नई सोच, एक नई धारा

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गोलमुरी : महिला से बैग छिनतई करने वालों बदमाशों को त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सिदगोड़ा से किया गिरफ्तार

जमशेदपुर : गोलमुरी थाना अंतर्गत एनएमएल फ्लैट पानी टंकी के पास मंगलवार रात करीब 9 बजे बाइक सवार दो बदमाशों ने महिला से बैग की छिनतई कर फरार हो गए. बताया जा रहा है कि घटना को अंजाम देने के बाद दोनों साकची की तरफ फरार हो गए. घटना की सूचना मिलते ही गोलमुरी थाना पुलिस सक्रिय हुई और एक घंटा के अंदर ही रात लगभग 10 बजे दोनों बदमाशों को सिदगोड़ा से गिरफ्तार कर लिया।

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बदमाशों के पास से महिला से छीने हुए गये बैग को भी बरामद कर लिया गया. मामले में पुलिस ने विद्यापतिनगर निवासी शुभम कुमार और उसके साथी को गिरफ्तार किया. पीड़िता रुपाली के अनुसार, वह एमजीएम थाना क्षेत्र के पिपला की रहनेवाली है.

निजी कार्य से पति के साथ गोलमुरी आयी थी. इसी दौरान पीछे से बाइक पर सवार दो युवक तेजी से आए और बैग छीनकर दोनों बदमाश साकची की ओर भाग गये. बैग में मोबाइल, रुपये व कई कागजात थे. घटना। के बाद महिला के शोर मचाने पर मौके पर भीड़ जमा हो गयी. इसी बीच लोगों ने पुलिस को घटना की सूचना दी. पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को थाना ले गयी, जहां लिखित शिकायत दर्ज की गयी।

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विश्वकर्मा पूजा के बाद गैराज में लगी भीषण आग, मालिक भी झुलसे

जमशेदपुर : बागबेड़ा थाना क्षेत्र स्थित एक गैराज सहित स्पेयर पार्ट्स की दुकान में बुधवार को विश्वकर्मा पूजा के दौरान जलाये गए दीपक से लगी आग ने विकराल रूप धारण कर लिया. आग की चपेट में आकर गैरेज संचालक संतोष कुमार गंभीर रूप से झुलस गया, जिसे इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया है.

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बताया जा रहा है कि बुधवार को संतोष कुमार विश्वकर्मा पूजा के मौके पर अपने गैराज में पूजा कर रहा थे. इसी दौरान दिए की लौ से गैराज में अचानक आग लग गई और आग ने भयावह रूप ले लिया. स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना दमकल और स्थानीय पुलिस को दी, मगर घंटे भर बाद भी दमकल मौके पर नहीं पहुंची.

इसको लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है. स्थानीय लोगों ने बताया कि पिज़्ज़ा 10 मिनट में पहुंचती है. मगर झारखंड अग्निशमन विभाग की गाड़ी घंटे बाद भी नहीं पहुंचती है. बताया जा रहा है कि इस आग से गैरेज को भारी भरकम नुकसान हुआ है.

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हेमंत सरकार एसडीएम की नियुक्ति करे : सुधीर कुमार पप्पू

जमशेदपुर : समाजवादी चिंतक अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार से धालभूम अनुमंडल के एसडीएम की नियुक्ति करने का आग्रह किया है।
इस अधिवक्ता के अनुसार एसडीम के पास बड़ी जवाबदेही और जिम्मेदारी होती है।
प्रशासकीय व्यवस्था के साथ ही उन्हें कार्यपालक दंडाधिकारी के तौर पर कई कार्य संपादित करने होते हैं। प्रभारी एसडीएम से हम यह उम्मीद नहीं कर सकते हैं कि वह उस तरह से त्वरित फैसला ले, जिस तरह से पदेन एसडीएम ले सकते हैं।
किराया, अतिक्रमण, विवाद आदि वादों में एसडीएम की बड़ी न्यायिक भूमिका होती है।

वैसे भी जमशेदपुर एक बड़ा औद्योगिक शहर है और दुर्गा पूजा जैसे बड़े उत्सव का आयोजन होना है।
ऐसे में राज्य सरकार को चाहिए कि वह शीघ्र अति शीघ्र जनता की सेवा सुविधा के लिए एसडीएम पद पर सुयोग्य पात्र को पदस्थापना करे।

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नेचर संस्था द्वारा महिला विश्वविद्यालय के राजनीति शास्त्र की छात्राओं का प्रशिक्षण समापन समारोह का हुआ आयोजन

जमशेदपुर : नेचर संस्था और अनुग्रह नारायण सिंह शिक्षण एवं सेवा संस्थान द्वारा महिला विश्वविद्यालय के राजनीतिशास्त्र की छात्राओं का पंचायती राज व्यवस्था विषयक दो महीने का इंटर्नशिप पूरा होने पर प्रशिक्षण समापन समारोह का आयोजन अनुग्रह नारायण सिंह शिक्षण एवं सेवा संस्थान बागबेड़ा में किया गया।

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समापन समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि विधायक सरयू राय, मुख्य वक्ता राष्ट्रीय प्रौद्योगिक संस्थान के पूर्व प्रोफेसर सह कोल्हान विश्व विद्यालय के सिंडिकेट सदस्य प्रो. रंजीत प्रसाद, विशिष्ट अतिथि लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अशोक अविचल, महिला विश्वविद्यालय की डीन प्रो. किश्वर आरा, सम्मानित अतिथि महिला विश्वविद्यालय राजनीति शास्त्र की विभागाध्यक्ष डॉ सोनाली सिंह, अर्का जैन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर पारस नाथ मिश्रा, अनुग्रह नारायण सिंह शिक्षण एवं सेवा संस्थान के अध्यक्ष श्री अखिलेश्वर सिंह, नेचर संस्था की संरक्षक डॉ कविता परमार, राष्ट्रीय प्रौद्योगिक संस्थान के पूर्व प्रोफेसर बी एन प्रसाद ने दीप प्रज्वलित कर किया। विषय प्रवेश कराते हुए डॉ कविता परमार ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आधार पर स्नातक प्रतिष्ठा के सभी विषयों के विद्यार्थियों को 2 महीने का इंटर्नशिप कंपलसरी है। उसी परिपेक्ष्य में महिला विश्वविद्यालय के राजनीतिशास्त्र की छात्राओं को बागबेड़ा जिला परिषद क्षेत्र में पंचायती राज व्यवस्था विषयक 2 महीने का इंटर्नशिप नेचर संस्था और अनुग्रह नारायण सिंह शिक्षण एवं सेवा संस्थान के तत्वाधान में कराया गया। छात्राओं को पंचायती व्यवस्था का वास्तविक स्वरूप का अनुभव छात्राओं को कराया गया।
विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर अशोक अविचल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के नए आयामों में इंटर्नशिप के महत्व को बताते हुए कहा कि किताबी ज्ञान को व्याहारिक रूप से विद्यार्थियों तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। जिसे नेचर संस्था ने बहुत चरणबद्ध तरीके से विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया है।
मुख्य वक्ता प्रोफेसर रंजीत प्रसाद ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के व्यावहारिक आयामों को सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को सही तरीके से अपनाने की जरूरत बताया।

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वक्ता डॉ पारसनाथ मिश्रा ने कहा कि इंटर्नशिप द्वारा विद्यार्थी सभी पहलुओं को समझते हुए खुद को आत्मनिर्भर कर सकें यह जरूरत है।
वक्ता किश्वर आरा ने बताया कि महिला विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को अपनाते हुए सभी आयामों को अंगीकृत किया है। नेचर संस्था का धन्यवाद करते हुए कहा कि छात्राओं का बढ़ा हुआ आत्मविश्वास नेचर संस्था और छात्राओं की मेंटर डॉ कविता परमार की देन है।
मुख्य अतिथि सरयू राय ने नेचर संस्था के कार्य की सराहना करते हुए सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति का अनुपालन करने की बात की। पंचायती राज व्यवस्था में अधिनियम और पेसा से भी छात्राओं को अवगत कराया।
अध्यक्ष अखिलेश्वर सिंह ने शिक्षण के कार्य में संस्था द्वारा हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
धन्यवाद ज्ञापन नेचर के अध्यक्ष संजय सिंह ने किया।

समारोह में सभी 71 छात्राओं को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र दिया गया। साथ हीं सोमा दास के ग्रुप को प्रथम ग्रुप पीपीटी प्रेजेंटेशन पुरस्कार, श्रुति सिन्हा को द्वितीय और ज्योति कुमारी के ग्रुप को तृतीय पुरस्कार दिया गया। रिया कुमारी को बेस्ट प्रेजेंटेशन पुरस्कार दिया गया।
समारोह को सफल बनाने में नेचर संस्था और अनुग्रह नारायण सिंह शिक्षण एवं सेवा संस्थान के सभी सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।

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एसएसपी ने मासिक अपराध बैठक में अपराध नियंत्रण कानून व्यवस्था में सुधार और सुरक्षा पर की चर्चा

जमशेदपुर : वरीय पुलिस कप्तान पीयूष पाण्डेय ने मासिक अपराध गोष्ठी में जिले में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था सुधार और सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर विस्तृत रूप पुलिस अफसरों और थानेदारों के साथ चर्चा की।

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बैठक में शहरी क्षेत्र के सभी पुलिस उपाधीक्षक, पुलिस निरीक्षक और थाना प्रभारी मौजूद रहे। इस बैठक में जिले में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था सुधार और सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई।

लंबित आपराधिक मामलों कुर्की और वारंट निष्पादन पर जोरबैठक में एसएसपी ने थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों के निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि लंबित आपराधिक मामलों, वारंट और कुर्की की फाइलों का शीघ्र निष्पादन जरूरी है ताकि अपराधियों पर सख्त कार्रवाई हो और कानून का संदेश स्पष्ट रूप से जाए।

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पासपोर्ट और चरित्र सत्यापन में तेजी लाने का निर्देशगोष्ट्ठी में पासपोर्ट और चरित्र सत्यापन से संबंधित मामलों की समीक्षा की गई। एसएसपी ने अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिया कि इन प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि देरी होने से आम नागरिकों को परेशानी होती है, इसलिए इसकी समयसीमा तय कर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।फरार अभियुक्तों के खिलाफ छापामारी करने का निर्देशएसएसपी ने फरार अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर विशेष अभियान चलाने की घोषणा की। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिया कि फरार अभियुक्तों के खिलाफ ठोस रणनीति बनाई जाए और अभियान को परिणामपरक बनाया जाए।अपराध नियंत्रण में डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोगबैठक में अपराध रोकथाम और जांच प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी व तेज बनाने पर भी चर्चा हुई। एसएसपी पाण्डेय ने निर्देश दिया कि तकनीकी संसाधनों और आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग किया जाए। इसमें विशेष रूप से –क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (CCTNS)
यौन अपराध जांच ट्रैकिंग प्रणाली
एकीकृत सड़क दुर्घटना डेटाबेस
डायल 112 आपात सेवा
झारखंड ऑनलाइन एफआईआर सिस्टम
ई-साक्ष्य प्रणाली
का प्रभावी उपयोग अपराध नियंत्रण और शिकायत निवारण में किया जाए।
उपचुनाव और दुर्गा पूजा को लेकर विशेष तैयारियांबैठक में आगामी घाटशिला विधानसभा उपचुनाव और दुर्गा पूजा पर्व को लेकर सुरक्षा तैयारियों पर भी समीक्षा की गई। एसएसपी ने अधिकारियों को सतर्कता, संयमित व्यवहार और त्वरित प्रतिक्रिया पर जोर देते हुए कहा कि चुनाव और त्योहार के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की संभावना को पहले से रोकना ही पुलिस की जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन हर हाल में सुनिश्चित होना चाहिए। पुलिस बल को मैदान में सक्रिय रहकर सामूहिक सौहार्द और शांति व्यवस्था बनाए रखने का काम करना होगा।जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकताबैठक के समापन पर SSP पीयूष पाण्डेय ने स्पष्ट कहा:
“जनता की सुरक्षा और संवेदनशील माहौल में शांति बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारी सशक्त और जवाबदेह हैं, उन्हें आवश्यक कार्रवाई करनी होगी ताकि अपराध पर अंकुश लगाया जा सके और त्योहार व चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हों।”

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मानव तस्करी का मामला आया सामने, जांच में जुटी पुलिस

सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र में एक कथित मानव तस्करी का मामला प्रकाश में आया था, जो अब पुलिसिया जांच के बाद पैसों के लेन-देन के विवाद के रूप में सामने आ रहा हैं। लड़की और उसके पति का आरोप है कि शादी के नाम पर उनसे ₹1.20 लाख रुपये लिए गए थे।

मामला मानव तस्करी का नहीं

आरोपित महिला पदमा तांती और युवक राम नायडू का कहना है कि यह मामला मानव तस्करी का नहीं, बल्कि पैसों के विवाद को लेकर है। पदमा तांती ने कहा, सीता लोहार ने अपनी मर्जी से राजस्थान के मुकुट नामक व्यक्ति से शादी की थी जिसके बाद उसने एक वीडियो में यह कहा था कि वह खुश है और एक-दो साल के बाद वह मायके लौट आएगी।

पदमा तांती का दावा है कि वह सीता को राजस्थान छोड़ने के लिए गए थे और वहां सीता के पति ने उसे ₹20,000 दिए थे जिसे मायके वालों तक पहुंचाना था, लेकिन वह रकम खर्च हो गई। उनका कहना है कि उन्होंने थाना परिसर में ही पूरे पैसे लौटा दिए थे।

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लड़की के परिजनों का आरोप

वहीं, लड़की के परिजनों का आरोप है कि कुल ₹1.20 लाख रुपये लिए गए थे। राम नायडू का कहना है कि शादी में सीता के पति मुकुट की ओर से पार्टी आयोजन पर ₹1 लाख खर्च हुए थे। अब लड़की के पति और परिजनों ने राम की स्कूटी जब्त कर ली है और कहा है कि जब तक ₹1 लाख रुपये वापस नहीं किए जाते, स्कूटी नहीं लौटाई जाएगी।

पुलिस का कहना मामला मानव तस्करी का नहीं!

सरायकेला एसडीपीओ समीर कुमार सेवइयां ने बताया है कि मामला मानव तस्करी से जुड़ा नहीं है, बल्कि शादी और पैसे लेनदेन को लेकर विवाद है जिस पर पुलिस जांच कर रही है। पुलिस जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी।

आम जनता के लिए संदेश

शादी और पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद को बढ़ाकर मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध का रूप देना समाज में भ्रम और अनावश्यक तनाव पैदा करता है। ऐसे मामलों में लोगों को अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय पुलिस जांच पर विश्वास करें और किसी भी तरह की आर्थिक लेन-देन की पारदर्शी और वैधानिक प्रक्रिया अपनाएं, ताकि विवाद और कानूनी परेशानियों से बचा जा सके।

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असली – नकली किन्नरों के बीच हुई जमकर लड़ाई, नकली किन्नरों को पुलिस को सौंपा

बरवाअड्डा जीटी रोड पर उस समय अफरातफरी का माहौल बन गया जब असली किन्नरों ने नकली किन्नरों की जमकर पिटाई कर दी। सड़क पर काफी देर तक हंगामा और मारपीट होती रही। इसके बाद असली किन्नरों ने नकली किन्नरों को पकड़कर बरवाअड्डा थाना पुलिस के हवाले कर दिया।

सूत्रों के अनुसार, ये धनबाद में नकली किन्नर लंबे समय से ट्रक चालकों और राहगीरों को परेशान कर उनसे पैसे वसूल रहे थे। पुरुष भेष में किन्नर बनकर यह गिरोह पंडुकी से किसान चौक तक जीटी रोड पर सक्रिय था। लगातार शिकायतों के बाद दर्जनों असली किन्नर मौके पर पहुंचे और नकली किन्नरों को पकड़कर उनकी धुनाई कर दी।

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इस घटना के बाद मौके पर भीड़ इकट्ठा हो गई और सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि ये युवक आए दिन किन्नर का भेष धरकर उगाही करते थे, जिससे आम लोगों और ड्राइवरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।

झारखंड किन्नर बोर्ड की सदस्य श्वेता किन्नर ने बताया कि पिछले कई दिनों से शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ युवक नकली किन्नर बनकर ट्रक चालकों को परेशान कर रहे हैं। आज सूचना पर पहुंचकर 8 नकली किन्नरों को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

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सागर होटल के पास पेट्रोल टैंकर ने युवती को कुचला, इलाज के दौरान मौत, टीएमएच ने लाश देने से किया इंकार

जमशेदपुर : जमशेदपुर के साकची स्थित सागर होटल के पास रविवार को घरेलु कार्य से निकली युवती को पेट्रोल टैंकर ने कुचल दिया. प्रत्यक्षदर्शी ने बाताया कि युवती ने साकची सागर होटल के गोलचक्कर के पास गाड़ी मोरी ठीक उसी समय उसी मार्ग पर पेट्रोल टैंकर आई और युवती को कुचलते हुए आगे बढ़ गई. घटना तकरीबन रात साढ़े 8 बजे की बताई जा रही है. घटना में युवती गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसके बाद प्रत्यक्षदर्शीयों ने युवती को टीएमएच में भर्ती करवाया जहां रात को लगभग 12 बजे युवती की मौत हो गई.

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दर्दनाक मौत के बाद टीएमएच नहीं दे रही परिजनों को लड़की की लाश : बताया जा रहा है कि युवती की दर्दनाक मौत के बाद टीएमएच प्रबंधन युवती के शव को परिजनों को नहीं सौंप रही है. प्रबंधन का कहना है कि पहले पूरा पैसा जमा करें इसके बाद ही युवती के शव को परिजनों को सौंपा जाएगा.

पेट्रोल टैंकर अब भी पकड़ से बाहर : बताया जा रहा है कि पेट्रोल टैंकर अब भी पकड़ के बाहर है. परिजनों का कहना है कि उन्होंने पेट्रोल टैंकर वाले का पता लगाया है और उससे बात भी हुई है, लेकिन वह टालमटोल कर रहा है.

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झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, लिव इन रिलेशन में बनाया गया सहमति से बना शारीरिक संबंध, रेप नहीं

“लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के दौरान आपसी सहमति से शारीरिक संबंध को उसे दुष्कर्म नहीं कहा जा सकता। झारखंड हाई कोर्ट ने ये महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने इस आधार पर रांची के बुढ़मू थाना क्षेत्र में दर्ज दुष्कर्म की प्राथमिकी को निरस्त कर दिया। झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस ए.के. चौधरी की अदालत ने एक अहम निर्णय सुनाते हुए कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप में सहमति से बने शारीरिक संबंध को दुष्कर्म नहीं माना जा सकता।

दरअसल पूरा मामला एक महिला द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी से संबंधित था, जिसमें उसने अपने साथी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (दुष्कर्म) और 406 (आपराधिक न्यासभंग) के तहत केस दर्ज कराया था। महिला ने आरोप लगाया था कि उसका साथी पिछले कई वर्षों से उसके साथ लिव-इन रिलेशनशिप में था और उसने उससे शारीरिक संबंध बनाए। इसके साथ ही उसने तीन लाख रुपये वापस न करने का आरोप भी लगाया।

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इस मामले में पुलिस ने प्राथमिकी के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपित मतीयस सांगा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद मतीयस सांगा ने झारखंड हाई कोर्ट में क्रिमिनल रिट याचिका दायर कर प्राथमिकी को निरस्त करने की मांग की। प्रार्थी के अधिवक्ता सूरज किशोर प्रसाद ने अदालत में दलील दी कि दोनों पक्ष वयस्क थे और 2014 से 2023 तक पति-पत्नी की तरह साथ रहते थे।

यह स्पष्ट रूप से आपसी सहमति से बना संबंध था, जिसे दुष्कर्म नहीं कहा जा सकता। अधिवक्ता ने यह भी तर्क दिया कि महिला द्वारा दिया गया तीन लाख रुपये एक दोस्ताना ऋण था, जिसे लौटाने में असमर्थता को आपराधिक अपराध की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।सरकार की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक ने इस याचिका का विरोध किया और कहा कि आरोपित के खिलाफ गंभीर आरोप हैं, इसलिए प्राथमिकी को खारिज नहीं किया जाना चाहिए।

अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट के पूर्ववर्ती निर्णयों – महेश्वर तिग्गा बनाम राज्य झारखंड और सोनू उर्फ सुभाष कुमार बनाम उत्तर प्रदेश राज्य – का हवाला दिया। अदालत ने कहा कि यदि दो वयस्क लंबे समय तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहे हैं और उनके बीच शारीरिक संबंध बने हैं, तो ऐसे मामलों में सहमति स्वतः सिद्ध होती है।

जस्टिस चौधरी ने कहा कि इस तरह की आपराधिक कार्रवाई का जारी रहना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के मामलों में लंबी जांच और मुकदमेबाजी न केवल अनावश्यक है बल्कि यह आरोपी के अधिकारों का हनन भी है। इसलिए अदालत ने प्राथमिकी और उससे संबंधित सभी कार्यवाही को निरस्त करने का आदेश दिया।

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झारखंड में कुड़मी जाति को आदिवासी दर्जा देने की मांग हुई तेज

रांची : झारखंड में कुड़मी जाति को अनुसूचित जनजाति (आदिवासी) का दर्जा देने की मांग पर सियासी और सामाजिक गोलबंदी तेज हो गई है. एक ओर जहां कुड़मी समाज के संगठन इस मांग पर झारखंड, ओडिशा और बंगाल में एक साथ आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं, वहीं आदिवासी संगठन इसका कड़ा विरोध कर रहे हैं. हालात सामुदायिक टकराव की ओर बढ़ते दिख रहे हैं.

कुड़मी संगठनों ने इस मांग को लेकर रणनीति बना ली है. बीते हफ्ते दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विशाल धरने के दौरान ‘रेल रोको-रास्ता रोको’ (रेल टेका-डहर छेका) आंदोलन का फैसला लिया गया. आंदोलन को अनिश्चितकाल तक चलाने की तैयारी है.

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संगठनों का कहना है कि जब तक कुड़मी जाति को आदिवासी का दर्जा नहीं मिलता, उनका संघर्ष जारी रहेगा. दूसरी ओर, आदिवासी संगठनों ने सोमवार को रांची में दो अलग-अलग प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मांग का पुरजोर विरोध किया. पूर्व मंत्री देवकुमार धान, पूर्व शिक्षा मंत्री गीताश्री उरांव और कई अन्य आदिवासी नेताओं ने कहा कि कुड़मी समाज का यह दावा गलत है और आदिवासी हक पर सेंधमारी की कोशिश है.

उन्होंने आरोप लगाया कि “कुड़मी समाज के नेताओं का मकसद केवल विधायक, सांसद और मंत्री बनने का है, इसके लिए वे आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों पर कब्जा करना चाहते हैं.” गीताश्री उरांव ने कहा कि पिछले वर्ष कुड़मी समाज ने पांच दिन तक रेल रोको आंदोलन चलाया, लेकिन एक भी केस दर्ज नहीं हुआ.

उन्होंने कहा, “कुड़मी खुद को शिवाजी महाराज का वंशज और मराठा साम्राज्य से जुड़ा बताते हैं. ऐसे में उन्हें आदिवासी का दर्जा देना संभव नहीं है.” उन्होंने चेताया कि संविधान द्वारा मिले अधिकारों की रक्षा के लिए आदिवासी समाज हर स्तर पर संघर्ष करेगा. इसी क्रम में केंद्रीय सरना समिति ने 20 सितंबर को राजभवन के समक्ष धरना और 17 अक्टूबर को सभी जिलों में उपायुक्त कार्यालय घेराव का ऐलान किया.

समिति की महिला इकाई की अध्यक्ष निशा भगत ने कहा कि आदिवासी भारत के प्रथम नागरिक हैं और उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में बड़ी कुर्बानियां दीं. उन्होंने कहा, “कुड़मी, कुरमी और महतो तीनों एक ही हैं, कभी आदिवासी नहीं थे. यदि इन्हें आदिवासी का दर्जा मिला तो पूरे देश में आदिवासी अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा.” इस मौके पर केंद्रीय सरना समिति महासचिव संजय तिर्की, हर्षिता मुंडा, फूलचंद तिर्की, कुंदरसी मुंडा, निरंजना हेरेंज, डबलु मुंडा और लक्ष्मी नारायण मुंडा समेत कई आदिवासी नेता मौजूद रहे.

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