जमशेदपुर : आज सरदार वल्लभ भाई पटेल के 150वें जयंती के अवसर पर टेल्को थाना प्रभारी के द्वारा राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया। थाना परिसर से शांति समिति एवं स्थानीय लोगों के साथ रैली निकाली गई, इसका उद्देश्य भारत में रहने वालों के साथ-साथ टेल्को थाना क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों के बीच भाईचारा, प्रेम एवं सौहार्द को बढ़ावा देना और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना, ताकि जब देश से भेदभाव खत्म होगा तभी हमारा भारत मजबूत और सशक्त बनेगा।
सरदार वल्लभ भाई पटेल की स्मृति पर भाईचारा एवं एकता का संदेश दिया गया। इस मौके पर केंद्रीय शांति समिति सदस्य नंदलाल सिंह, अमीर अली अंसारी, पीके दास, विकास कुमार शर्मा, शशिकांत, सलीम आलम, रामनरेश प्रसाद, सुनील सिंह, आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।
अगर आप ट्रू – कॉलर या किसी अन्य कॉल-आइडेंटिटी ऐप के गलत नाम दिखाने से परेशान हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी है। सरकार की बहुप्रतीक्षित ‘कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP)’ सर्विस का पायलट रन शुरू हो गया है। अब जब कोई आपको कॉल करेगा, तो फोन स्क्रीन पर उसका वही नाम दिखेगा जो उसने सिम कार्ड खरीदते समय दिया था।
हरियाणा में हुई शुरुआत
वोडाफोन – आइडिया (Vi) और जिओ ने हरियाणा में सीएनएपी ट्रायल शुरू कर दिया है। दूरसंचार विभाग (DoT) के सूत्रों के अनुसार, जल्द ही यह सेवा पूरे देश में रोलआउट होगी, और मार्च 2026 तक हर जगह लागू होने की उम्मीद है।
सीएनएपी क्या है और क्यों है यह ट्रू – कॉलर से बेहतर?
सीएनएपी का मतलब है कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन, जो धोखाधड़ी कॉल्स और साइबर क्राइम से बचाने के लिए बनाई गई सरकारी पहल है। ट्रू – कॉलर जैसे ऐप्स अक्सर क्राउड-सोर्स्ड डेटा का उपयोग करते हैं, जो कई बार गलत या भ्रामक हो सकता है। इसके विपरीत, सीएनएपी सीधे वेरिफाइड टेलीकॉम केवाईसी डेटा से काम करता है, जिससे यह अधिक विश्वसनीय और सुरक्षित है।
अब यह फीचर ‘बाय डिफ़ॉल्ट’ ऑन होगा
ट्राई ने सीएनएपी को सभी यूजर्स के लिए डिफ़ॉल्ट रूप से सक्षम करने का समर्थन किया है। इसका मतलब है कि इसे चालू करने के लिए किसी सेटिंग में जाने की जरूरत नहीं होगी। अगर कोई चाहे तो इसे बंद कर सकता है।
बीएसएनल ने एयरटेल को भी पीछे छोड़ा
ट्राई के सितंबर 2025 के आंकड़ों के अनुसार, सरकारी कंपनी बीएसएनल ने नए मोबाइल सब्सक्राइबर जोड़ने में एयरटेल को पछाड़ते हुए 5.24 लाख नए सब्सक्राइबर जोड़े। एयरटेल ने इस दौरान केवल 4.37 लाख नए सब्सक्राइबर जोड़े।
इस नई सुविधा के लागू होने के बाद, कोई भी अब आपकी कॉल पर छुपा नाम नहीं दिखा पाएगा। साइबर धोखाधड़ी और स्पैम कॉल्स पर काबू पाने का यह बड़ा कदम, यूजर्स के लिए राहत और डर का मिश्रण लेकर आया है।
जमशेदपुर : टाटा स्टील टिनप्लेट डिवीजन के सीआरएम मैकेनिकल मेंटेनेंस डिपार्टमेंट (CRM Mechanical Maintenance Department) में आज एक भावनात्मक और यादगार पल देखने को मिला। विभाग के दो समर्पित एवं कर्मनिष्ठ सहयोगी — 🔹 श्री एल. रॉबिंसन पीटर (32 वर्षों की सेवा) 🔹 श्री परमजीत सिंह (35 वर्षों की सेवा) को उनके दीर्घ, अनुशासित एवं प्रेरणादायक कार्यकाल के उपलक्ष्य में सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।दोनों वरिष्ठ सहयोगियों ने अपने लंबे कार्यकाल में कंपनी के विकास, कार्य संस्कृति और विभागीय एकता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।उनकी ईमानदारी, सादगी, समयपालन और समर्पण भावना ने सभी के दिलों में गहरी छाप छोड़ी।
इस अवसर पर सीआरएम टिनप्लेट के चीफ श्री उत्तम मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने दोनों सेवानिवृत्त कर्मचारियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि — “रॉबिंसन पीटर जी और परमजीत सिंह जी जैसे कर्मयोगी हमारी संस्था की असली पूंजी हैं। उनका योगदान आने वाले समय में भी प्रेरणा देता रहेगा।”
कार्यक्रम में T.T.W.U. CRM Mechanical Maintenance के सदस्य श्री नवजोत सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों — श्री वरुण जौहर, श्री अरविंद पुनीत, श्री जी. एल. राव, श्री केवल कुमार, श्री देवाशीश ढल, श्री अवीक मंडल, श्री आमिर खान, श्री धनंजय कुमार, श्री ललन कुमार, श्री ओम प्रकाश, श्री सुखविंदर सिंह, श्री लालजीत कुमार, श्री संतोष कुमार टुडू, श्री एम. डी. दाऊद, श्री राजेश कुमार, श्री ए. डी. मिश्रा, श्री जे. के. सिन्हा, श्री जीवन कुमार, श्री नीरज सिंह, श्री नाथ मुंडा, श्री जयप्रकाश, श्री प्रसनजीत, श्री संतु मुखी, श्री रंजीत सिंघा, श्री नीलेश कुमार, श्री कृष्णा कुमार, श्री हरजीत सिंह एवं श्री अभिषेक कुमार ने अपने विचार और अनुभव साझा किए।
सभी वक्ताओं ने दोनों सेवानिवृत्त सहयोगियों की कार्यशैली, सादगी, नेतृत्व क्षमता और मिलनसार स्वभाव की सराहना करते हुए कहा कि उनका योगदान विभाग के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा। समारोह के दौरान दोनों सेवानिवृत्त कर्मियों को गुलदस्ता और शाल भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही सीआरएम मैकेनिकल मेंटेनेंस (CRM Mechanical Maintenance) विभाग की ओर से अनेक उपहार भेंट किए गए, जो उनके समर्पण और सेवा के प्रति सम्मान का प्रतीक रहे।
कार्यक्रम के अंत में पूरे विभाग ने तालियों की गड़गड़ाहट और शुभकामनाओं के बीच उन्हें भावभीनी विदाई दी। वातावरण में जहां एक ओर विदाई की भावनात्मक गूंज थी, वहीं दूसरी ओर उनके नए जीवन की शुरुआत के प्रति शुभेच्छा की गरमाहट भी महसूस की गई। “विदाई कोई अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। आपकी निष्ठा, मेहनत और सादगी सदैव हम सभी को प्रेरणा देती रहेगी।”
ट्रेन स्टेशन पर स्टेशन के प्लेटफार्म पर पहुंच चुकी थी और धीमी होकर रुक गयी. मंजिल पहुंचते ही यात्रियों के चेहरे खिल उठे. कुछ लोग गेट पर सामान लेकर पहले से खड़े थे.
सबसे पहले ये लोग नीचे उतरे. इसके बाद धीरे-धीरे पीछे वाले यात्री उतर रहे थे. तभी अचानक तेज झटका लगा और लोग छिटक कर दूर गिरे. प्लेटफार्म में कोहराम मच गया. इस ट्रेन पीछे से दूसरी जोर टक्कर मारी दी थी. दक्षिण भारत का एक बड़ा रेल हादसा था, जिसमें काफी संख्या में लोग हताहत हुए थे.
ट्रेन हादसा 31 अक्तूबर 1970 में हुआ था. चेन्नई (तब मद्रास) के पेंरबूर रेलवे स्टेशन में शाम सात बजे कोचिन मेल प्लेटफार्म नंबर 4 पर खड़ी थी. बताया गया कि ट्रेन मरम्मत के लिए रुकी थी. यात्री इससे उतर रहे थे. मद्रास-मंगलौर मेल ने पीछे से इसी ट्रैक पर स्पीड से दौड़ती हुई आयी और कोचिन एक्सप्रेस में जोरदार टक्कर मारी दी. टक्कर मारते ही यात्री उछलकर आसपास गिरे. चारों तरफ कोहराम मच गया. खून से लथपथ मदद की गुहार लगा रहे थे, जिसमें 16 लोगों की मौत और 200 से अधिक लोग घायल हो गए.
इंजन और बोगी ट्रैक से उतरे
हादसे का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कोचिन मेल के तीन कोच पटरी से उतर गए, जबकि मंगलौर मेल का इंजन और दो कोच बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं. हादसे के बाद चारों धुआं-धुआं हो गया. शाम होने की वजह से अंधेरा हो गया था. इस वजह से बचाव कार्य में परेशानी हुई. हादसे के बाद घायलों को तुरंत पास के जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया. मृतकों में ज्यादातर दक्षिण भारत के विभिन्न हिस्सों से लौट रहे यात्री थे.
तमाम ट्रेनें हुई थीं डायवर्ट
मंगलौर मेल और कोचिन मेल केरल के तटीय इलाकों को जोड़ती है. ये ट्रेनें लाखों यात्रियों का सहारा हैं. इस हादसे से यात्रा प्रभावित होने के कारण सैकड़ों ट्रेनें रद्द या डायवर्ट की गयीं. दक्षिण रेलवे के महाप्रबंधक ने तत्काल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं.
हादसे की वजह सिग्लन का फेल होना
जांच में हादसे का कारण सिग्नल फेल होना पाया गया था. यह दुर्घटना 1970 में ही दक्षिण रेलवे पर हुई चौथी बड़ी घटना है. मृतकों के परिवारों को 5,000 रुपये मुआवजे की घोषणा की गई है.
रांची: झारखंड सरकार ने युवाओं को बड़ा तोहफा देने की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने दूसरे कार्यकाल के एक वर्ष पूरे होने पर 29 नवंबर को रांची में लगभग 10 हजार अभ्यर्थियों को ज्वाइनिंग लेटर देंगे। इस आयोजन के साथ ही “आपकी योजना, आपकी सरकार” अभियान का समापन भी किया जाएगा। नियुक्तियों में सबसे बड़ा हिस्सा शिक्षा विभाग को मिलेगा, जहां हजारों सहायक आचार्यों को नियमित पदों पर नियुक्त किया जाएगा।
रांची में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन बताया जा रहा है कि यह ऐतिहासिक नियुक्ति समारोह राजधानी रांची में आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे। कार्यक्रम “आपकी योजना, आपकी सरकार” अभियान के समापन अवसर पर होगा, जो 18 नवंबर से 29 नवंबर तक पूरे राज्य में आयोजित किया जा रहा है।इस दौरान विभिन्न जिलों में सरकार की योजनाओं की समीक्षा, जनता से संवाद और विकास कार्यों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया जाएगा। समारोह के अंतिम दिन राजधानी में युवाओं के हाथ में रोजगार के अवसर सौंपे जाएंगे।
शिक्षा विभाग में सर्वाधिक नियुक्तियां
इस नियुक्ति प्रक्रिया में सबसे अधिक लाभ शिक्षक अभ्यर्थियों को मिलने जा रहा है। करीब 8 हजार सहायक आचार्य (Assistant Teachers) सहित विभिन्न विभागों में कुल 10 हजार अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।इनमें झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से सिविल सेवा परीक्षा में चयनित 342 अभ्यर्थी, दंत चिकित्सक (Dental Surgeons) और अन्य विभागों के चयनित उम्मीदवार भी शामिल हैं। शिक्षा विभाग के भीतर प्राथमिक और उच्च प्राथमिक दोनों स्तरों पर बड़े पैमाने पर पद भरे जा रहे हैं।
दो चरणों में पहले भी दिए जा चुके हैं नियुक्ति पत्र राज्य सरकार इससे पहले भी दो चरणों में 1,218 सहायक आचार्यों को नियुक्ति पत्र प्रदान कर चुकी है। इनमें 1,040 गणित-विज्ञान विषय के स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य और गोड्डा जिले के 170 इंटरमीडिएट प्रशिक्षित सहायक आचार्य शामिल थे।
अब तीसरे चरण में 6वीं से 8वीं कक्षा तक के लिए स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य के 3,945 पद (गणित-विज्ञान – 414, भाषा – 813, सामाजिक विज्ञान – 2,718) और पहली से पांचवीं कक्षा तक के लिए इंटरमीडिएट प्रशिक्षित सहायक आचार्य के 4,263 पदों पर नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे।
काउंसिलिंग और दस्तावेज़ सत्यापन की प्रक्रिया जारी शिक्षा विभाग के अनुसार, सहायक आचार्य के संशोधित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग और दस्तावेज़ जांच प्रक्रिया जारी है। यह कार्य पूरा होने के बाद, योग्य अभ्यर्थियों को भी इसी मुख्य कार्यक्रम में नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।राज्य सरकार का कहना है कि इस नियुक्ति प्रक्रिया के माध्यम से न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा बल्कि राज्य के सरकारी विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
रांची: झारखंड में लंबे समय से टल रहे नगर निकाय चुनाव अब दिसंबर तक हर हाल में कराए जाएंगे। झारखंड हाईकोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार और चुनाव आयोग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि तय समय सीमा के भीतर सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जाएं।
इस मामले पर अगली सुनवाई 10 नवंबर को निर्धारित की गई है, जहां चुनाव की तैयारियों की स्थिति रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाएगी।
हाईकोर्ट के रुख के बाद राज्य के राजनीतिक दलों में हलचल तेज हो गई है। सभी दलों ने अपने स्तर पर प्रत्याशियों की सूची और रणनीति तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है।
राज्य के प्रमुख दलों — झामुमो, भाजपा, कांग्रेस और आजसू — ने अपने-अपने जिलों में बैठकें बुलाई हैं ताकि नगर निकाय चुनाव को लेकर बूथ स्तर तक की तैयारी सुनिश्चित की जा सके।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि दिसंबर में होने वाला यह चुनाव राज्य की राजनीति की दिशा तय कर सकता है, क्योंकि यह 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों से पहले जनता के मूड का बड़ा संकेत होगा।
धनबाद: धनबाद जिले में बदमाशों का खौफ कुछ ज्यादा ही बढ़ गया है। लूट की घटना में नाकाम रहने पर लूटेरों ने युवक को पीट डाला। मामला धनबाद जिले के बलियापुर प्रखंड में बुधवार शाम तीन बाइक सवार बदमाशों ने ग्राम रोजगार सेवक संजय शाह से मोबाइल छीनने का प्रयास किया। विरोध करने पर बदमाशों ने उनकी जमकर पिटाई कर दी और मौके से फरार हो गए। पुलिस ने घटनास्थल से छोड़ी गई बाइक जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक बड़ादाहा पंचायत भवन से सांवलापुर बस्ती जाने वाली सड़क पर बाइक सवार तीन युवकों ने साइकिल सवार ग्राम रोजगार सेवक संजय शाह से मोबाइल लूटने की कोशिश की। जब उनका प्रयास विफल रहा, तो तीनों बदमाशों ने साइकिल सवार पर हमला कर उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी।
बताया जा रहा है कि संजय शाह बलियापुर प्रखंड कार्यालय में ग्राम रोजगार सेवक के पद पर कार्यरत हैं। हर दिन की तरह बुधवार को भी वह अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद साइकिल से सांवलापुर बस्ती के रास्ते अपने घर रांगामाटी लौट रहे थे। उसी दौरान विपरीत दिशा से तेज रफ्तार में आ रही एक बाइक पर तीन युवक सवार थे। बाइक पर पीछे बैठे एक युवक ने फोन पर बात करते हुए अचानक संजय शाह की जेब से मोबाइल झपटने की कोशिश की।
कंपनी पर खान विकास एवं उत्पादन समझौते (एमडीपीए) के तहत अपने डिस्पैच से संबंधित दायित्वों को पूरा नहीं करने का है आरोप
टाटा स्टील ने ओडिशा सरकार की ओर से भेजे गये 2410.89 करोड़ रुपये के डिमांड नोटिस को कटक स्थित ओडिशा हाइकोर्ट में चुनौती दी है.
इसकी जानकारी कंपनी की ओर से कंपनी सेक्रेटरी और चीफ लीगल ऑफिसर पार्वथीसम कांचीनाधाम ने दी है. उन्होंने बताया है कि कंपनी की ओर से ओडिशा सरकार, केंद्रीय खनन मंत्रालय, ओडिशा के डायरेक्टर ऑफ माइंस और ओडिशा जाजपुर के डिप्टी डायरेक्टर माइंस के खिलाफ याचिका कटक स्थित ओडिशा हाइकोर्ट में दायर की है. टाटा स्टील लिमिटेड को 2,410.89 करोड़ रुपये का डिमांड नोटिस मिला है. कंपनी को 3 अक्टूबर को जाजपुर स्थित खान उप निदेशक कार्यालय से यह आदेश मिला था. यह नोटिस कंपनी के सुकिंदा क्रोमाइट ब्लॉक से पांचवें ऑपरेशनल इयर, 23 जुलाई 2024 से 22 जुलाई 2025 तक, क्रोम अयस्क डिस्पैच में कथित कमी के कारण मिला है. यह डिमांड, मिनरल (परमाणु एवं हाइड्रोकार्बन ऊर्जा खनिजों के अलावा) रियायत नियम, 2016 के रूल 12ए के तहत है.
अधिकारियों का आरोप है कि कंपनी ने खान विकास एवं उत्पादन समझौते (एमडीपीए) के तहत अपने डिस्पैच से संबंधित दायित्वों को पूरा नहीं किया. टाटा स्टील का मानना है कि राज्य सरकार द्वारा उठायी गयी मांग में “कोई लॉजिक या ठोस आधार नहीं है ” और उसके पास इस मामले को कानूनी और गुण-दोष, दोनों ही आधारों पर चुनौती देने के लिए ठोस आधार हैं, इसलिए कंपनी ने कहा कि वह संबंधित न्यायिक या अर्ध-न्यायिक मंचों के सामने उचित कानूनी कदम उठा रही है. इससे पहले टाटा स्टील ने ओडिशा राज्य द्वारा चौथे वर्ष के लिए की गयी इसी तरह की मांग को पहले ही ओडिशा हाइकोर्ट में दायर एक रिट याचिका के माध्यम से चुनौती दी है. कोर्ट ने इस मामले में अपने आदेश द्वारा सरकारी अधिकारियों पर बलपूर्वक कार्रवाई करने पर अंतरिम रोक लगा दी है.
देशभर के 75 रेलवे स्टेशनों पर स्थायी होल्डिंग एरिया बनाने की मिली मंजूरी
रेलवे लगातार भीड़ को नियंत्रित करने और यात्री सुविधाओं को दुरुस्त करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है.
इस कड़ी में गुरुवार को रेल मंत्री ने देश भर के 75 रेलवे स्टेशनों पर स्थायी होल्डिंग एरिया बनाने के फैसले को मंजूरी दे दी. इसमें दक्षिण पूर्व रेलवे के अधीन टाटानगर स्टेशन भी शामिल है. टाटानगर के अलावा शालिमार और रांची स्टेशन को भी इसमें शामिल किया गया है. त्योहारी सीजन के दौरान टाटानगर में होल्डिंग एरिया बनाया गया था, जो पूरी तरह सफल रहा, जिसको देखते हुए यह कदम उठाया गया है.
इस सुविधा की मदद से टाटानगर स्टेशन ने दीपावली और छठ जैसे त्योहारों पर भारी भीड़ को आसानी से संभाला था. रेलवे स्टेशन पर यात्री होल्डिंग एरिया विकसित करने की योजना को मंजूरी दी है. यह निर्णय स्टेशन पर यात्री होल्डिंग एरिया की सफलता को देखते हुए लिया गया है. लक्ष्य है कि 2026 के त्योहारी सीजन से पहले अन्य स्टेशन की तरह ही टाटानगर स्टेशन पर स्थायी यात्री होल्डिंग एरिया का निर्माण पूरा कर लिया जाये. इस होल्डिंग एरिया में यात्रियों के बैठने, टिकट काउंटर, शौचालय, पूछताछ, लगेज चेकिंग और खाने-पीने की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी. साथ ही यहां पर भीड़ को कंट्रोल करने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एआई आधारित सीसीटीवी कैमरे और सहायक कर्मी तैनात किये जायेंगे.
झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के पूर्व मतदाताओं की पैतृक मैपिंग की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. इसके लिए वर्ष 2003 की वोटर लिस्ट को आधार माना गया है. मौजूदा मतदाताओं के नाम का मिलान इस वोटर लिस्ट से किया जाएगा.
राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने गुरुवार को सभी जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारियों, कंप्यूटर ऑपरेटरों और हेल्प डेस्क मैनेजरों के साथ समीक्षा सह प्रशिक्षण बैठक की. उन्होंने कहा कि पैतृक मैपिंग इसलिए कराई जा रही है ताकि मतदाताओं को एसआईआर के दौरान न्यूनतम दस्तावेज प्रस्तुत करने पड़ें.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर पर तथा शहरी क्षेत्रों में वार्ड स्तर पर पैतृक मैपिंग के लिए विशेष कैंप आयोजित किए जाएं. इन कैंपों में संबंधित मतदान केंद्रों के सभी बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए.
उन्होंने कहा कि बीएलओ वर्ष 2003 की मतदाता सूची से वर्तमान सूची के मतदाताओं की भौतिक रूप से मैपिंग करें और सभी सत्यापित आंकड़े बीएलओ ऐप पर अपलोड करें.
के रवि कुमार ने कहा कि कैंप स्थलों पर हाई स्पीड इंटरनेट और पर्याप्त संख्या में कंप्यूटर ऑपरेटरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए. उन्होंने इसे एसआईआर अभियान के लिए अत्यंत आवश्यक बताया. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने ईसीआईनेट पोर्टल पर उपलब्ध ‘बुक ए कॉल विथ बीएलओ’ सुविधा की समीक्षा करते हुए कहा कि इस सुविधा के तहत मतदाता अपने बीएलओ से ऑनलाइन संपर्क कर सकते हैं, लेकिन राज्य में इस पर बीएलओ का रिस्पॉन्स कम देखा जा रहा है.
उन्होंने निर्देश दिया कि इस सुविधा का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और प्राप्त कॉल्स पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित हो. समीक्षा बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सहित सभी जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारी, कंप्यूटर ऑपरेटर और हेल्प डेस्क मैनेजर ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए.