दिन्दली बस्ती जाने वाले मुख्य मार्ग पर रविवार को बिजली का एक खंभा अचानक गिर गया, जिससे स्थानीय निवासियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. शेरे पंजाब चौक से दिन्दली बस्ती को जोड़ने वाले इस रास्ते पर खंभा गिरने से न सिर्फ यातायात बाधित हुआ है, बल्कि लोगों की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है.
स्थानीय लोगों के अनुसार, बिजली का खंभा टूटकर सड़क पर गिरने के बावजूद कई लोग उसके नीचे से आने-जाने को मजबूर हैं, जो बेहद खतरनाक स्थिति है. इससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है.
ग्रामीणों ने आदित्यपुर नगर निगम और जेबीवीएनएल से आग्रह किया है कि खंभे को जल्द से जल्द हटाया जाए और बिजली आपूर्ति की सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यहां किसी अप्रिय घटना से इंकार नहीं किया जा सकता.
दूरसंचार विभाग की ओर से मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के लिए नए नियम जारी करने के बाद ‘व्हाट्सएप वेब’ जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को हर छह घंटे में लॉग आउट करना होगा.
पिछले सप्ताह जारी नए निर्देशों में अनिवार्य किया गया था कि वेब आधारित प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप, टेलीग्राम, सिग्नल, अराटाई, स्नैपचैट, शेयरचैट और अन्य प्लेटफॉर्म पर यूजर्स के पंजीकरण से समय उपयोग किया जाने वाला सब्सक्राइबर आइडेंटिटी मॉड्यूल (एसआईएम) सर्विसेज से जुड़ा होना चाहिए.
इस मतलब यह है कि मैसेजिंग प्लेटफॉर्म की सर्विसेज सिम से जुड़ी हुई होंगी. यानी जब सिम यूजर्स के फोन में मौजूद होगी, तभी आप इन ऐप्स की सर्विसेज का उपयोग कर पाएंगे जैसे ही सिम बंद हो जाएगी, आप सर्विसेज उपयोग नहीं कर पाएंगे. इस कारण ‘व्हाट्सएप वेब’ जैसे प्लेटफॉर्म पर यूजर को हर छह घंटे में लॉग आउट करना होगा.
दूरसंचार विभाग की ओर से जारी सर्रकुलर में कहा गया है कि अगर डिवाइस में मूल सिम मौजूद न हो, तो 90 दिनों के बाद इन ऐप्स का उपयोग नहीं कर पाएंगे. प्रत्येक वेब-आधारित प्लेटफॉर्म को चार महीनों के भीतर सरकार को एक अनुपालन रिपोर्ट देनी होगी.
सरकार की ओर से मैसेजिंग ऐप्स के दुरुपयोग को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है, क्योंकि साइबर जालसाज अकसर भारत के बाहर से बिना सिम के व्हाट्सएप का उपयोग करके धोखाधड़ी को अंजाम देते थे.
सिम बाइंडिंग को अनिवार्य बनाने से किसी सब्सक्राइबर की गतिविधि का पता लगाने का एक रास्ता मिलता है और इससे धोखधड़ी को रोकने में मदद मिलेगी.
ये नियम दूरसंचार साइबर सुरक्षा संशोधन नियम, 2025 से निकले हैं, जिसमें दूरसंचार पहचानकर्ता उपयोगकर्ता इकाई का विचार प्रस्तुत किया गया था.
संशोधित नियमों के तहत, प्लेटफॉर्म को सिम पर संग्रहीत अंतर्राष्ट्रीय मोबाइल ग्राहक पहचान (आईएमएसआई) तक पहुंच की आवश्यकता होगी, जिसके लिए व्हाट्सएप जैसी वैश्विक सेवाओं को भारतीय यूजर्स के लिए अपने सिस्टम के कुछ हिस्सों को फिर से डिजाइन करना होगा.
टेक कंपनियों ने कहा कि लगातार सिम जांच और छह घंटे तक लॉगआउट करने से यूजर्स की प्राइवेसी में बाधा आएगी और मल्टी-डिवाइस यूज की सुविधा समाप्त हो जाएगी. हालांकि, दूरसंचार कंपनियों ने सरकार के इस कदम का समर्थन किया.
आद्रा मंडल में चल रहे महत्वपूर्ण विकास एवं मेंटेनेंस कार्यों के कारण दक्षिण पूर्व रेलवे ने 01 से 07 दिसंबर के बीच विभिन्न तिथियों में कई ट्रेनों के परिचालन में परिवर्तन किया है. इस अवधि में कुल छह ट्रेनों को रद किया गया है, जबकि छह ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेशन एवं शॉर्ट ओरिजिनेशन के साथ चलाया जाएगा. रेलवे प्रशासन के इस निर्णय का सीधा असर झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल के हजारों यात्रियों पर पड़ेगा. अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा करने से पूर्व अपनी ट्रेन की स्थिति अवश्य जांच लें, ताकि असुविधा से बचा जा सके.
इन तिथियों में रद रहेंगी ट्रेनें विकास कार्यों के मद्देनज़र आद्रा मंडल में कई मेमू ट्रेनों का परिचालन स्थगित रहेगा.
02 और 07 दिसंबर को ट्रेन संख्या 68046/68045 आसनसोल–आद्रा–आसनसोल मेमू रद रहेगी.
07 दिसंबर को ट्रेन संख्या 68053/68054 आद्रा–बाराभूम–आद्रा मेमू पैसेंजर का परिचालन रद रहेगा.
07 दिसंबर को ट्रेन संख्या 63594/63593 आसनसोल–पुरूलिया–आसनसोल मेमू पैसेंजर भी नहीं चलेगी.
इन ट्रेनों का शॉर्ट टर्मिनेशन/ओरिजिनेशन यात्रियों की आंशिक सुविधा के लिए रेलवे ने छह ट्रेनों को सीमित दूरी तक चलाने का निर्णय लिया है—
झाड़ग्राम–धनबाद एक्सप्रेस (18019/18020): 01 और 05 दिसंबर को यह ट्रेन बोकारो स्टील सिटी तक ही जाएगी.
बर्धमान–हटिया मेमू एक्सप्रेस (13503/13504): 01 से 06 दिसंबर के बीच यह ट्रेन केवल गोमो स्टेशन तक चलेगी.
टाटानगर–आसनसोल मेमू/बराभूम मेमू (68056/68060): 02 दिसंबर को इसका परिचालन आद्रा स्टेशन तक सीमित रहेगा.
एक ट्रेन का मार्ग परिवर्तित रेलवे ने जानकारी दी है कि 03 दिसंबर को टाटानगर से रवाना होने वाली 18601 टाटानगर–हटिया एक्सप्रेस को चांडिल–गुंडा बिहार–मुरी होते हुए हटिया तक संचालित किया जाएगा.
रेलवे अधिकारियों ने कहा कि विकास कार्यों के कारण ट्रेन परिचालन में अस्थायी बदलाव किए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में यात्रियों को सुरक्षित, तेज और आधुनिक रेल सेवाएं मिल सकें. यात्रियों से अनुरोध है कि वे रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन पर ट्रेन की अद्यतन स्थिति अवश्य जांच लें.
जमशेदपुर : कल शाम मानगो संकोसाई से एक महिला की लापता होने की खबर आ रही है, बताया जा रहा है कि प्रियंका दास नामक महिला जिसकी उम्र लगभग 37 साल है, कल शाम 6:45 बजे मानगो संकोसाई में आखिरी बार देखी गई थी। उस समय महिला ने हरे रंग की कुर्ती, गोल्डन रंग की लेगिंग्स और ब्राउन रंग का स्वेटर पहना था।
सूत्रों के मुताबिक प्रियंका दास का ससुराल संकोसाई में है और पारिवारिक विवाद की वजह से वह घर से निकल गई थी जिसके बाद उसका कोई खबर नहीं मिली है। परिजनों ने रिश्तेदारों और मित्रों के यहां रात भर संपर्क किया लेकिन प्रियंका की कोई जानकारी नहीं मिली।
प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला के फोन की आखिरी लोकेशन तमाड़ दिख रहा है, उसके बाद से उसका फोन बंद है। परिजनों ने प्रशासन को इसकी जानकारी दी है और प्रशासन इस मामले की जांच कर रही है। प्रियंका दास के भाई मिलन ने प्रशासन और लोगों से अपील की है कि किसी को भी यदि उनकी बहन की कोई जानकारी मिले तो उन्हें फोन करके अवश्य सूचित करें। मिलन का मोबाइल नंबर 7004753253 है। बाकी प्रशासन अपनी ओर से जांच कर रही है।
नेशनल हेराल्ड केस में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ नई FIR दर्ज की गई है। यह केस दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने दर्ज किया है।
FIR में सोनिया और राहुल गांधी के अलावा 6 और लोगों या बिजनेस कंपनियों का भी नाम है। मामला एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड को धोखे से खरीदने की क्रिमिनल साजिश से जुड़ा हुआ है। एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड उस समय कांग्रेस की कंपनी थी और इसके पास 2,000 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी थी। यह खरीद यंग इंडियन के जरिए की गई थी, जिसमें गांधी परिवार की 76% हिस्सेदारी थी।
हमारे सहयोगी TOI ने दिल्ली पुलिस के FIR दर्ज करने के बारे में पार्टी से फिर संपर्क किया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। सोनिया और राहुल गांधी के अलावा, दिल्ली पुलिस की FIR में तीन और लोगों का नाम है, जिसमें इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के चीफ सैम पित्रोदा भी शामिल हैं। इसमें तीन कंपनियों, AJL, यंग इंडियन और डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड का भी नाम है, जो कथित तौर पर कोलकाता की एक शेल कंपनी है, जिसने यंग इंडिया को 1 करोड़ रुपये दिए, जिससे गांधी परिवार ने कांग्रेस को 50 लाख रुपये देकर AJL को कथित तौर पर 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति खरीदने के लिए कहा। कांग्रेस ने लगातार आरोपों को गलत बताया है और ED पर सरकार के कहने पर राजनीतिक चाल चलने का आरोप लगाया है।
शेयरहोल्डर्स को पूछताछ के लिए बुला सकती है पुलिस
सूत्रों के मुताबिक पुलिस AJL के शेयरहोल्डर्स को पूछताछ के लिए बुला सकती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या कांग्रेस ने कंपनी को सोनिया और राहुल गांधी के मालिकाना हक वाली यंग इंडियन को ट्रांसफर करने से पहले उनसे सलाह ली थी और उनकी मंजूरी ली थी। दिल्ली पुलिस की 3 अक्टूबर की FIR, ED के हेडक्वार्टर इन्वेस्टिगेटिव यूनिट (HIU) की शिकायत पर आधारित है, जिसने 2008-2024 तक नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस में अपनी जांच के डिटेल्ड नतीजे शेयर किए हैं। पीएमएलए के तहत सूचना साझा करने से ईडी को किसी दूसरी प्रवर्तन एजेंसी को अनुसूचित अपराध को पंजीकृत करने और जांच करने के लिए कहने की अनुमति मिलती है, जो तब ईडी के लिए पीएमएलए के तहत अपनी जांच करने के लिए जरूरी एक निर्धारक अपराध बन सकता है। मनी लॉन्ड्रिंग जांच भी है जारी, कोर्ट ने नहीं लिया संज्ञान
बता दें कि इस मामले में ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग जांच, BJP के पूर्व MP सुब्रमण्यम स्वामी की एक प्राइवेट शिकायत और जून 2014 में पटियाला हाउस में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की कोर्ट द्वारा इस पर संज्ञान लेने पर आधारित है। इस मामले में सेंट्रल एजेंसी ने 9 अप्रैल को राउज एवेन्यू में एक स्पेशल MPs/MLAs कोर्ट में गांधी परिवार और दूसरे आरोपियों के खिलाफ PMLA के तहत प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (चार्जशीट) फाइल की थी। कोर्ट ने अभी तक इस मामले पर संज्ञान नहीं लिया है।
जिला प्रशासन, पूर्वी सिंहभूम की ओर से जनवरी माह 2026 में प्रथम पूर्वी सिंहभूम साहित्य उत्सव प्रस्तावित है। आगामी 09, 10 और 11 जनवरी 2026 को गोपाल मैदान, जमशेदपुर में तीन दिवसीय साहित्य उत्सव के आयोजन को लेकर उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने कार्यालय कक्ष में पदाधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा – निर्देश दिए । उत्सव की व्यापक तैयारी को लेकर उपायुक्त ने कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की तथा कार्यक्रम के सफलतापूर्वक संचालन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने कहा कि यह उत्सव जिले के सांस्कृतिक और बौद्धिक वातावरण को समृद्ध करेगा। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के अधिक से अधिक साहित्यप्रेमी नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश पदाधिकारियों को दिए, ताकि साहित्य उत्सव का लाभ सिर्फ शहर तक सीमित न रहकर पूरे जिले तक पहुँच सके।
बैठक में स्टॉल व्यवस्था, साहित्यकारों की भागीदारी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, पुस्तक प्रदर्शन, अतिथि समन्वय तथा अन्य व्यवस्थागत पहलुओं पर विस्तार से विमर्श किया गया। उपायुक्त ने सभी विभागों को निर्धारित समयसीमा में तैयारी पूर्ण करने तथा विभिन्न समितियों का गठन करते हुए सक्रिय रूप से समन्वय स्थापित कर कार्य करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि साहित्य उत्सव न केवल साहित्यकारों और पाठकों के बीच एक संवाद मंच प्रदान करेगा, बल्कि युवाओं में साहित्यिक अभिरुचि विकसित करने का भी अवसर देगा। इस अवसर पर यूसीआईएल के डीजीएम राकेश कुमार, एस के सेनगुप्ता, जितेश कुमार भी उपस्थित थे।
राज्य सरकार एवं पंचायती राज विभाग, झारखंड के निर्देशानुसार पंचायतों के वित्तीय सशक्तिकरण को बढ़ावा देने हेतु दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन 28 एवं 29 नवम्बर 2025 को जिला पंचायत संसाधन केंद्र (DPRC) जमशेदपुर में किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्राम पंचायतों को स्वयं के राजस्व स्रोत (Own Source Revenue – OSR) की जानकारी प्रदान करना तथा ग्राम स्तर पर राजस्व सृजन के माध्यम से वित्तीय आत्मनिर्भरता विकसित करना रहा । सभी 11 प्रखंडों के पंचायती राज से संबंधित अधिकारी एवं कर्मियों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान राज्य स्तरीय प्रशिक्षक अजय कुमार मिश्र एवं सुशांत कुमार ढोके ने प्रतिभागियों को विभिन्न तकनीकी, व्यवहारिक एवं प्रबंधन संबंधी विषयों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया जिनमें ग्राम पंचायतों के स्वयं के राजस्व स्रोतों (OSR) की पहचान, वर्गीकरण एवं उनकी महत्ता। OSR संवर्धन हेतु रणनीतियां एवं पंचायत स्तर पर व्यवहार्य कार्ययोजना निर्माण की प्रक्रिया। कर भुगतान के प्रति ग्रामीणों में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने, ग्राम विकास योजनाओं में OSR के प्रभावी उपयोग एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उपाय। नवीन वित्तीय विकल्प जैसे PPP मॉडल, CSR फंड एवं स्थानीय निवेश के अवसर। सतत संसाधन सृजन हेतु राजस्व पूर्वानुमान, योजना निर्माण एवं कार्यान्वयन प्रक्रिया। SWOT विश्लेषण के माध्यम से पंचायतों की वित्तीय स्थिति का यथार्थ मूल्यांकन। ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) में परियोजना प्रबंधन कौशल का व्यावहारिक उपयोग।
प्रशिक्षण सत्रों में समूह कार्य, चर्चा सत्र एवं केस स्टडी के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया गया। प्रशिक्षकों ने पंचायतों की स्थानीय परिस्थितियों पर आधारित उदाहरणों के माध्यम से यह बताया कि किस प्रकार संपत्ति कर, बाजार शुल्क, जल उपयोग शुल्क, संपत्ति उपयोग शुल्क जैसे स्रोतों से स्थायी एवं पारदर्शी राजस्व सृजन किया जा सकता है। प्रतिभागियों को विभागीय नीतियों, ऑनलाइन उपकरणों एवं डेटा-आधारित योजना निर्माण के व्यावहारिक उपयोग से भी अवगत कराया गया।
समापन सत्र में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए। प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल संचालन जिला पंचायत राज पदाधिकारी रिंकू कुमारी एवं डीपीएम राजू झा ने किया । उन्होंने सभी मुखिया एवं सचिवों से अपील की कि वे प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को व्यवहार में लाकर अपने पंचायत क्षेत्र में राजस्व संग्रहण की एक पारदर्शी, उत्तरदायी एवं सतत प्रणाली विकसित करें।
जमशेदपुर के घाघीडीह मंडल कारा, साकची जेल और घाटशिला जेल में कैदियों की स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन की पहल पर यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) ने सीएसआर मद से तीन एंबुलेंस उपलब्ध कराए हैं। समाहरणालय में उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने तीनों एंबुलेंसों की चाबियां संबंधित जेल काराध्यक्षों को सुपुर्द करते हुए कहा कि इन वाहनों का संचालन पूर्ण जिम्मेदारी, संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ हो। किसी भी बीमार कैदी को समय पर उपचार प्रदान किया जाना आवश्यक है। कई बार बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति में कैदियों को एमजीएम अस्पताल या रांची रेफर करना पड़ता है, ऐसे में समय पर एंबुलेंस उपलब्ध होने से सहूलियत होगी।
उपायुक्त ने यूसीआईएल प्रबंधन का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह सहयोग जिला प्रशासन के लिए अत्यंत उपयोगी और मानवीय संवेदनशीलता से जुड़ा कदम है। इन एंबुलेंसों के माध्यम से कैदियों को आपात स्वास्थ्य सेवाएँ अधिक तेजी से उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इलाज में होने वाली अनावश्यक देरी को रोका जा सकेगा। सभी तीनों जेलों की स्वास्थ्य प्रतिक्रिया क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।
जमशेदपुर के घाघीडीह मंडल कारा, साकची जेल और घाटशिला जेल में कैदियों की स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन की पहल पर यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) ने सीएसआर मद से तीन एंबुलेंस उपलब्ध कराए हैं। समाहरणालय में उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने तीनों एंबुलेंसों की चाबियां संबंधित जेल काराध्यक्षों को सुपुर्द करते हुए कहा कि इन वाहनों का संचालन पूर्ण जिम्मेदारी, संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ हो। किसी भी बीमार कैदी को समय पर उपचार प्रदान किया जाना आवश्यक है। कई बार बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति में कैदियों को एमजीएम अस्पताल या रांची रेफर करना पड़ता है, ऐसे में समय पर एंबुलेंस उपलब्ध होने से सहूलियत होगी।
उपायुक्त ने यूसीआईएल प्रबंधन का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह सहयोग जिला प्रशासन के लिए अत्यंत उपयोगी और मानवीय संवेदनशीलता से जुड़ा कदम है। इन एंबुलेंसों के माध्यम से कैदियों को आपात स्वास्थ्य सेवाएँ अधिक तेजी से उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इलाज में होने वाली अनावश्यक देरी को रोका जा सकेगा। सभी तीनों जेलों की स्वास्थ्य प्रतिक्रिया क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।
जमशेदपुर : चक्रधरपुर रेल मंडल अंतर्गत आरपीएफ उड़नदस्ता दल चक्रधरपुर मंडल और जीआरपी टाटानगर की संयुक्त कार्रवाई में रविवार को टाटानगर रेलवे स्टेशन से एक बड़े गांजा तस्कर को गिरफ्तार किया गया. टीम ने आरोपी के पास से 17 किलो अवैध गांजा बरामद किया है. गिरफ्तार युवक की पहचान उदय कुमार उर्फ मंटू, निवासी हरिहरगंज, पलामू (झारखंड) के रूप में हुई है.
जानकारी के अनुसार, पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी कि उड़ीसा के जरपाड़ा रेलवे स्टेशन से अवैध गांजे की एक बड़ी खेप टाटानगर पहुंचने वाली है. इस सूचना के आधार पर आरपीएफ उड़नदस्ता दल और जीआरपी टाटानगर की टीम ने संयुक्त रूप से स्टेशन परिसर में विशेष निगरानी अभियान चलाया. इसी दौरान संदिग्ध व्यक्ति को पकड़कर पूछताछ की गई. तलाशी में उसके बैग से 17 किलो गांजा बरामद हुआ. पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह यह गांजा उड़ीसा से लेकर आया था और यहां से बस के रास्ते डाल्टनगंज पहुंचाने वाला था.
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), रेल जमशेदपुर के नेतृत्व में की गई. टीम में आरपीएफ और जीआरपी के कई अधिकारी और जवान शामिल थे. फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश में है कि इस खेप को डाल्टनगंज में किसे सप्लाई किया जाना था तथा इसके पीछे और कौन-कौन से लोग शामिल हैं. पुलिस ने कहा कि अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा.