एक नई सोच, एक नई धारा

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जमशेदपुर: साकची थाना क्षेत्र में एक ही दिन तीन स्टॉलों में चोरी — 4 से 5 हजार रुपये नगद और इन्वर्टर हुआ गायब

जमशेदपुर के साकची थाना अंतर्गत बीती रात चोरों ने छोटी दुकानों को निशाना बनाया। जानकारी के अनुसार, दो चाय की दुकान और एक फल की दुकान में चोरी की घटना हुई है। चोरों ने दुकानों के ताले तोड़कर अंदर रखे 4 से 5 हजार रुपये नगद और एक इन्वर्टर चोरी कर लिया।

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सुबह जब दुकानदार दुकान खोलने पहुंचे तो देखा कि ताले टूटे पड़े हैं और सारा सामान बिखरा हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही साकची थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं, जिससे छोटे दुकानदारों में भय और नाराज़गी दोनों है। उन्होंने प्रशासन से इलाके में रात की गश्ती बढ़ाने और सीसीटीवी फुटेज खंगालने की मांग की है ताकि चोरों को जल्द पकड़ा जा सके।

न्यूज़ स्प्रिट, अंकित सिन्हा की रिपोर्ट।

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कांड्रा : शौच के लिए घर से निकली नाबालिग लड़की का जंगल में पत्थर से कुचला हुआ शव मिला

कांड्रा : केंद्र सरकार जहां स्वच्छ भारत अभियान के तहत हर घर शौचालय की बात कर रही है वहीं वहीं 21वीं सदी में आज भी लोग शौच के लिए घर से बाहर जा रहे हैं और आपराधिक मानसिकता के लोग घात लगाए बैठे हैं अपराध करने के लिए। आज झारखंड के सरायकेला- खरसावां जिला के कांड्रा थाना अंतर्गत बुरुडीह के जंगल में भी एक ऐसा ही अपराध नाबालिग लड़की के साथ हुआ, जो केंद्र और राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा करती है।

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कांड्रा के बुरुडीह के जंगल में एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की का पत्थर से कुचला हुआ शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गयी है. मृतका की पहचान शिवपुर गांव निवासी निरुध नायक की पुत्री नेहा नायक के रूप में हुई है.

सूचना मिलते ही कांड्रा थाना प्रभारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है. घटना के बाद परिजनों में मातम छा गया है. वहीं ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है.
बताया जा रहा है कि लड़की गुरुवार सुबह शौच के लिए निकली थी. इसी दौरान उसका शव जंगल में हाई टेंशन तार के नीचे से बरामद किया गया. शव की हालत देखकर प्रतीत होता है कि उसकी हत्या पत्थर से कुचलकर की गयी है.

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बुंडू में भीषण सड़क हादसा, कई लोगों के मरने की आशंका

रांची : बुंडू इलाके में गुरुवार को भीषण सड़क हादसा हुआ. जानकारी के अनुसार, एक तेज रफ्तार पिकअप पलट गई. इस हादसे में कुछ लोगों के मारे जाने की आशंका है. एक वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में नजर आ रहा है कि सड‍़क के किनारे कुछ लोग अचेत अवस्था में पड़े हुए हैं.

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बताया जा रहा है कि हादसा बुंडू टॉल प्लाजा के कुछ दूर आगे हुआ. हादसे के बाद वहां स्थानीय लोग पहुंचे और उन्होंने घायलों की मदद की. बाजार के आगे हुए हादसे के बाद वहां जाम लग गया. दुर्घटनास्थल से अपनी कार में जा रहे राजेश्वर ने बताया कि हादसा बहुत ही भीषण था. हमने देखा कि तीन से चार लोग अचेत अवस्था में थे. ऐसा लग रहा था कि उनकी मौत हो चुकी है. स्थानीय लोग मदद के लिए आगे आए. उन्होंने घायलों की मदद की. पिकअप वहीं पास में पलटा हुआ था.

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डीएसपी बनी चोरनी, सहेली के घर से 2 लाख रुपए और मोबाइल की चोरी करती सीसीटीवी में कैद, एफआईआर दर्ज

भोपाल : घटना मध्यप्रदेश के भोपाल के जहांगीराबाद इलाके की है। यहां प्रमिला नाम की महिला अपने परिवार के साथ रहती है। उसकी दोस्ती पिछले कई वर्षों से महिला डीएसपी कल्पना रघुवंशी से थी, जो भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय (PHQ) में पदस्थ हैं।प्रमिला ने बताया कि कुछ दिन पहले उन्होंने अपने बच्चों की स्कूल फीस के लिए बैंक से दो लाख रुपये निकाले थे और उन्हें घर पर सुरक्षित रख दिया था। उसी दौरान वह नहाने चली गईं। जब वापस आईं, तो देखा कि रुपए और मोबाइल दोनों गायब थे। पहले उन्हें किसी बाहरी चोरी का शक हुआ, लेकिन जब उन्होंने अपने घर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी, तो उनके होश उड़ गए।

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सीसीटीवी फुटेज ने खोला राज
फुटेज में साफ दिखा कि प्रमिला की सहेली और पुलिस अधिकारी डीएसपी कल्पना रघुवंशी घर में दाखिल होती हैं, इधर-उधर देखती हैं और फिर बैग से नोटों की गड्डी और मोबाइल फोन उठाकर बाहर निकल जाती हैं।शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने फुटेज की पुष्टि की और मामला चोरी और आपराधिक विश्वासघात की धाराओं के तहत दर्ज किया गया।

पुलिस ने मोबाइल दिलवाया, पर पैसे गायब
प्रमिला की शिकायत के बाद पुलिस ने डीएसपी से बातचीत की, जिसके बाद उन्होंने चोरी किया हुआ मोबाइल फोन वापस कर दिया, लेकिन दो लाख रुपये की नकद राशि अब तक नहीं लौटाई।

इसके बाद से ही डीएसपी कल्पना रघुवंशी फरार हैं।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, PHQ (पुलिस मुख्यालय) ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएसपी को नोटिस जारी किया है और उन्हें स्पष्टीकरण देने को कहा है।

कानूनी कार्रवाई और departmental जांच शुरू
जहांगीराबाद थाने के प्रभारी ने बताया कि आरोपों की पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से हुई है।“हमने संबंधित महिला अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। मोबाइल बरामद कर लिया गया है, जबकि नकदी की बरामदगी के प्रयास जारी हैं,”पुलिस अधिकारी ने कहा।मध्य प्रदेश पुलिस विभाग ने भी विभागीय स्तर पर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल डीएसपी का मोबाइल नंबर बंद है और वे पता-ठिकाने से गायब हैं।

पुलिस विभाग की छवि पर प्रश्नचिह्न
यह मामला केवल एक चोरी का नहीं, बल्कि पुलिस विभाग की साख और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।सामान्य तौर पर कानून-व्यवस्था लागू करने वाले अधिकारी पर ऐसा आपराधिक आरोप समाज में गहरा प्रभाव छोड़ता है।भोपाल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी इस घटना को विभाग की “छवि को धूमिल करने वाली” करार दे रहे हैं।

पीड़िता की अपील: “मेरी दोस्त ने ही विश्वास तोड़ा”
प्रमिला ने मीडिया से कहा —“कल्पना मेरी बहुत करीबी दोस्त थी। मैंने कभी नहीं सोचा था कि वो ऐसा कर सकती है। जब फुटेज देखा तो विश्वास ही नहीं हुआ। मैं चाहती हूं कि कानून के अनुसार उन्हें सजा मिले।”

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स्वर्णरेखा नदी में छात्रा ने लगाई छलांग, मछुआरों ने बचाया

जमशेदपुर: जमशेदपुर के सोनारी थाना क्षेत्र के सौनारी स्थित निर्मल नगर में गुरुवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई. कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाली मात्र 13 वर्षीय नाबालिग छात्रा ने डोबो पुल से स्वर्णरेखा नदी में छलांग लगा दी. बताया जा रहा है कि छात्रा छठ पूजा की छुट्टियों के बाद अपनी मां के साथ वापस हॉस्टल लौट रही थी. रास्ते में अचानक उसने एक ऐसा कदम उठाया, जिससे सभी दंग रह गए. जानकारी के अनुसार, मां-बेटी जब सोनारी के डोबो पुल के पास पहुंचीं, तो मां ने किसी काम के सिलसिले में थोड़ी देर रुकने को कहा. तभी बच्ची वहां से आगे बढ़ी और कुछ ही क्षणों में पुल से छलांग लगा दी. घटना को देख आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गयी. हालांकि, उसी वक्त नदी किनारे मौजूद कुछ स्थानीय मछुआरों ने अद्भुत साहस का परिचय देते हुए बिना देर किए नदी में छलांग लगाई और डूबती हुई बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.

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स्थानीय लोगों ने तुरंत सोनारी पुलिस को घटना की सूचना दी. पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बच्ची को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा. बाद में उसे चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के हवाले कर दिया गया. पुलिस के अनुसार, बच्ची मानसिक रूप से बेहद तनाव में लग रही थी और हॉस्टल वापस नहीं जाना चाहती थी. सीडब्ल्यूसी
अब बच्ची की मानसिक स्थिति का आकलन कर रही है ताकि उसके मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा से संबंधित उचित निर्णय लिए जा सकें. विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला न सिर्फ एक व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी भी है. किशोरों में बढ़ता शैक्षणिक तनाव, पारिवारिक दबाव और भावनात्मक संवाद की कमी इस तरह की घटनाओं को जन्म दे रही है.

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मां के लिए दवा लाने गये युवक का रेल पटरी पर मिले शव मामले पर जांच की मांग

गम्हरिया : गम्हरिया थाना अन्तर्गत पाकुड़गोड़ा गांव के समीप रेल पटरी पर मिले पाकुड़गोड़ा निवासी राकेश कारूवा (22 वर्ष) का शव मामले की, उच्च तकनीकी शेल से जांच कराने की मांग उठाई जा रही है। मूलनिवासी कारूवा समाज के प्रदेश कोषाध्यक्ष गुरूचरण मुखी एवं अखिल भारतीय अनूसूचित जाति मूलनिवासी संघ के केन्द्रीय उपाध्यक्ष रविदास मुखी परिवार वालों से मिले और वस्तुस्थिति से अवगत हुए। श्री मुखी ने कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है यह मामला अज्ञात अपराधकर्मीयों द्वारा योजनाबद्ध तरीके से हत्या कर शव को रेल पटरी पर रख दिया गया होगा।

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इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस कप्तान श्री मुकेश कुमार लुणायत से आग्रह किया गया है कि इस मामले का गहनशीलता पूर्वक जांच कर मामले का उद्भेदन किया जाए, जिससे इस तरह की घटना का पुनरावृत्ति न हो। परिवार में एक मात्र कमाने वाला राकेश कारूवा के द्वारा ही परिवार का भरण पोषण होता था। इस दौरान रविदास मुखी, गुरूचरण मुखी, राजकुमार बेहरा, मानवाधिकार सहायता संघ अंतरराष्ट्रीय के वरिष्ठ सदस्य रंजन कारूवा इत्यादि उपस्थित थे।

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स्टार प्रचारकों का लगेगा घाटशिला में लगेगा जमावडा, जेएमएम से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन वहीं भाजपा से अमित शाह

घाटशिला उपचुनाव पर अब राजनीति गरमाने जा रही है । भाजपा और झामुमो दोनों दलों के स्टार प्रचारक कमान संभालने वाले हैं। खबर है कि दो नवंबर से स्टार प्रचारकों की सभा शुरू हो जायेगी। जानकारी के मुताबिक गृह मंत्री अमित शाह, सीएम हेमंत सोरेन, और कई अन्य दिग्गज नेताओं की रैलियां तय मानी जा रही हैं।

बताया जा रहा है कि गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, जी. कृष्णण रेड्डी, और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी के प्रचार कार्यक्रमों का शेड्यूल बनाकर पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को भेजा गया है। अंतिम मंजूरी मिलते ही ये नेता दो से पांच नवंबर के बीच घाटशिला में भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में चुनावी प्रचार करते नजर आएंगे।

भाजपा इसे एक प्रतिष्ठा की लड़ाई मान रही है। पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विधायक चंपाई सोरेन इस अभियान की कमान खुद संभाले हुए हैं। भले ही मैदान में उनके पुत्र बाबूलाल सोरेन उम्मीदवार हैं, लेकिन यह चुनाव चंपाई सोरेन की साख से भी जुड़ा हुआ है। इस चुनावी रणनीति में उन्हें प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी और आजसू प्रमुख सुदेश महतो का पूरा समर्थन मिल रहा है।

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दूसरी ओर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) दो सबसे बड़े चेहरे — मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन — के प्रचार कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जा रहा है। संभावना है कि दो नवंबर के बाद ये दोनों नेता घाटशिला पहुंचकर झामुमो प्रत्याशी चंद्र सोमेश सोरेन के समर्थन में जनसभाएं करेंगे।

इस बीच झामुमो के मंत्री दीपक बिरुआ और कोल्हान क्षेत्र के स्थानीय विधायक गांव-गांव जाकर जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। प्रत्याशी चंद्र सोमेश सोरेन और उनका परिवार लगातार जनता से सीधा संवाद स्थापित कर समर्थन जुटाने में जुटा हुआ है।

कुड़मी वोटों पर सबकी नजर

घाटशिला सीट पर लगभग 28 हजार कुड़मी मतदाता हैं, जो चुनाव परिणाम को निर्णायक रूप से प्रभावित कर सकते हैं। इस वर्ग को साधने के लिए आजसू प्रमुख सुदेश महतो और जेएलकेएम अध्यक्ष जयराम महतो भी मैदान में उतर चुके हैं। जयराम महतो चार नवंबर के बाद अपने पूरे अभियान के साथ प्रचार में सक्रिय होंगे।फिलहाल देवेंद्र नाथ महतो घाटशिला में जयराम की ओर से मोर्चा संभाले हुए हैं और कुड़मी बहुल क्षेत्रों में गहन जनसंपर्क कर रहे हैं।

तीन मोर्चों में बंटा चुनावी मैदान

घाटशिला का यह उपचुनाव अब तीन मोर्चों में बंट गया है — भाजपा, झामुमो और कुड़मी संगठनों का गठजोड़। तीनों पक्षों ने अपनी रणनीतियों को तेज कर दिया है। नवंबर के पहले सप्ताह में जब स्टार प्रचारकों की एंट्री होगी, तब घाटशिला की सियासत अपने चरम पर होगी।इस चुनाव में भाजपा के लिए यह प्रतिष्ठा, झामुमो के लिए साख, और स्थानीय समुदायों के लिए प्रतिनिधित्व का सवाल बन गया है।

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नशे में धुत कार सवार युवकों का तांडव, बाइक और स्कूटी में मारी टक्कर

जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के धातकीडीह में बुधवार की रात नशे में धुत कार सवारों ने सड़क पर कहर बरपा दिया. बताया जा रहा है कि कार में तीन से चार युवक सवार थे और सभी शराब के नशे में थे. गाड़ी से दारू की बोतलें भी बरामद हुई हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना की शुरुआत धातकीडीह चौक के पास एक बेकरी के नजदीक हुई, जहां कार ने तेज रफ्तार में एक बाइक को जोरदार टक्कर मारी. टक्कर के बाद स्थानीय लोग शोर मचाते हुए कार का पीछा करने लगे, मगर आरोपी रुकने के बजाय फरार हो गए. कुछ ही दूरी पर धातकीडीह तालाब के पास कार ने एक और बाइक और एक स्कूटी को टक्कर मार दी.

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हादसे में दो लोग घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से (टीएमएच) भेजा गया. टक्कर के बाद आरोपी कार छोड़कर फरार हो गए या नहीं, इसकी जानकारी फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है. यह घटना नशे में ड्राइविंग की बढ़ती प्रवृत्ति और सड़क सुरक्षा की लापरवाही को उजागर करती है. धातकीडीह जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में ऐसी हरकतें किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती हैं. स्थानीय लोगों ने पुलिस से रात में गश्त और चेकिंग बढ़ाने की मांग की है. पुलिस ने मामला दर्ज कर कार और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है. यह हादसा इस बात का कड़ा सबक है कि शराब पीकर वाहन चलाना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि निर्दोष लोगों की जान के लिए भी खतरा है. प्रशासन को इस पर सख्त कार्रवाई करनी होगी ताकि ऐसे लापरवाह चालकों को चेतावनी मिल सके.

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गम्हरिया सरकारी अनाज गोदाम में लगी आग में प्रबंधक के साथ ट्रांसपोर्टर भी झुलसे, स्थिति नाजुक

आदित्यपुर: थाना अंतर्गत गम्हरिया प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित सरकारी अनाज गोदाम में लगी आग की जद में आकर गोदाम प्रबंधक अभिषेक हाजरा और ट्रांसपोर्टर राजू सेनापति बुरी तरह झुलसे हैं. दोनों की स्थिति बेहद चिंताजनक बताई जा रही है. डॉक्टर के अनुसार अभिषेक हजरा 75 फ़ीसदी और राजू सेनापति 70 फ़ीसदी जल गए हैं ऐसी स्थिति में रिकवरी बेहद कठिन होती है.

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इस घटना के बाद दोनों के परिवारजनों में कोहराम मच गया है. डीएसओ पुष्कर सिंह मुंडा ने टीएमच पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली. उधर आदित्यपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

घटना के संबंध में जानकारी देते हुए अभिषेक हजरा के सहयोगी अशोक कुमार ने बताया कि 15 दिन पूर्व गोदाम के समीप बस्ती के कुछ लोगों को शराब पीने से मना किया गया था. उसके बाद बस्ती वासियों ने मारपीट की थी. साथ ही गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी. उसके बाद से ही गोदाम प्रबंधक अविषेक हाजरा नियमित रूप से रात के वक्त गोदाम के आसपास पहुंचकर जांच करते थे. उन्हें शक था कि कहीं गोदाम के बाहर खड़ी गाड़ियों की बैटरी आदि की चोरी ना हो जाए. बीती रात करीब डेढ़ बजे वह ट्रांसपोर्टर राजू सेनापति के साथ जांच करने पहुंचे थे. तभी गोदाम के अंदर से धुआं उठता देख उन्हें शक हुआ. उसके बाद मैं गोदाम का ताला खोलने लगा तबतक पीछे के रास्ते से दोनों धुंआ उठता देख दोनों पीछे से जैसे ही गोदाम में प्रवेश किया अंदर धधकते आग के गोले ने दोनों को अपनी चपेट में ले लिया. जिसमें दोनों बुरी तरह झुलस गए. उसके बाद हम तीनों भागते हुए सीधे सड़क की ओर मदद के लिए दौड़े. तभी ब्लॉक परिसर में रह रहे एक परिवार के घर से मदद मिला और दोनों को टीएमएच में भर्ती कराया.

इस सम्बंध में डीएसओ ने स्पष्ट तौर पर कुछ भी बताने से इंकार किया है. उन्होंने कहा कि पुलिस और विभागीय स्तर से जांच चल रही है. हमारी प्राथमिकता पहले गोदाम प्रबंधक का इलाज करना है.

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कॉरपोरेट जगत में हलचल : टाटा ट्रस्ट से बाहर हुए रतन टाटा के करीबी मेहली मिस्त्री

जमशेदपुर : टाटा संस के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा के नजदीकी रहे मेहली मिस्त्री को टाटा ट्रस्ट से बाहर कर दिया गया. वे दिवंगत स्वर्गीय सायरस मिस्त्री के चचेरे भाई है और पालोनजी मिस्त्री के भाई के बेटे है. मंगलवार को हुई वोटिंग में ज्यादातर ट्रस्टी ने उनको फिर से नियुक्ति करने के खिलाफ मतदान किया. इसके बाद उन्हें सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट के बोर्ड से हटना पड़ा. ये दोनों ट्रस्ट्स मिलकर टाटा संस में 66 फीसदी हिस्सेदारी रखते हैं. मेहली मिस्त्री की यह विदाई टाटा समूह के इतिहास में एक अहम मोड़ है. वे रतन टाटा के जमाने में टाटा समूह के लिए काफी काम कर चुके थे. (

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वे सुर्खियों से दूर रहकर टाटा समूह में ही नहीं बल्कि भारतीय कारपोरेट दुनिया में काम करते थे. उनका नाम शापूरजी पालनजी समूह से भी जुड़ा रहा है. लेकिन वे अपने को उस ग्रुप से अलग रहे है. वे एम पालोनजी ग्रुप के डायरेक्टर हैं, जो लॉजिस्टिक, इंश्योरेंस, शिपिंग और पेंटिंग के क्षेत्र में काम करता है. हमेशा से इंटरव्यू से दूर रहने वाले मेहली मिस्त्री को बाहर करने के फैसले ने कारपोरेट जगत में हलचल मचा दी है. बताया जाता है कि रतन टाटा के साथ उनके निजी संबंध भी थे. वे करीबी व्यक्ति थे और रतन टाटा की वसीयत के एक्जीक्यूटर में से एक हैं. उनको रतन टाट ने अपनी अलीबाग की संपत्ति और निजी संग्रह के कुछ सामान भी दिये थे. टाटा परिवार के भरोसेमंद सलाहकार मेहली मिस्त्री माने जाते थे.

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