हम देश को लूटने नहीं देंगे और जिसने भी देश को लूटा है उसे लौटाना होगा. पीएम मोदी के इस बयान को मौजूदा सियासी स्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है.
पीएम मोदी ने कहा कि आज सजा काट रहे कुछ लोगों को महिमांडन करने का काम किया जा रहा है. उनको महान बताया जा रहा है, लेकिन मैं बता दूं कि ऐसी बातें लंबी नहीं चल सकती है. जांच करना एजेंसियों का काम है, जो कि पूरी तरह से स्वतंत्र हैं. फैसला देना अदालत का काम है औ वो अपना काम कर रही है.
पीएम बोले- हमें देश के सामर्थ्य पर भरोसा है
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हमें देश के सामर्थ्य पर भरोसा है. हमें लोगों की शक्ति पर भरोसा है. देश की जनता ने जब हमें पहली बार सेवा करने का अवसर दिया तो हमने पहले यूपीए सरकार के जो गड्ढे थे उनको भरते रहे. दूसरे कार्यकाल में नए भारत की नींव रखी. उज्जवला, आयुष्मान समेत कई योजनाएं लोगों के लिए शुरू की गई.
पीएम ने कहा, आज देश में जिस रफ्तार से काम हो रहा है, कांग्रेस सरकार इस तेजी की कल्पना भी नहीं कर सकती. हमने गरीबों के लिए 4 करोड़ घर बनाएं और शहरी गरीबों के लिए 80 लाख पक्के मकान बने हैं. अगर कांग्रेस की रफ्तार से यह घर बने होते तो क्या होता? कांग्रेस को यह काम करने में 100 साल जाते.
ईडी ने झारखंड के पूर्व सीएम सोरेन को किया था गिरफ्तार
दरअसल, पिछले हफ्ते प्रवर्तन निदेशालय ने जमीन घोटाला मामले में झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. हेमंत सोरेन के जेल जाने के बाद चंपई सोरेन को झारखंड का मुख्यमंत्री बनाया गया है. चंपई ने विधानसभा में बहुमत भी साबित कर दिया है. दूसरी ओर आबकारी घोटाला मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ईडी ने समन दे रखा है. बिहार में राजद सुप्रीमो लालू यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव भी ईडी का चक्कर लगाते हुए नजर आए हैं.
झारखंड में नवगठित चंपाई सोरेन सरकार ने बहुमत परीक्षण पास कर लिया है। सोमवार को विधानसभा में हुए बहुमत परीक्षण में कुल 47 विधायकों ने सरकार के पक्ष में मतदान किया, जबकि विपक्ष में 29 वोट पड़े।
झारखंड विधानसभा में कुल 81 सीटें हैं और बहुमत का आंकड़ा 41 है। सरयू राय तटस्थ रहे, जबकि निर्दलीय अमित यादव विधानसभा नहीं पहुंचे थे।
कथित जमीन घोटाले में गिरफ्तार किए गए पूर्व सीएम हेमंत सोरेन ने भी बहुमत परीक्षण में हिस्सा लिया। उन्होंने विश्वास मत पर चर्चा में भी हिस्सा लिया और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आक्रामक अंदाज में बरसे। झारखंड विधानसभा में झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन के 47 विधायक हैं और इसे सीपीआईएमएल (एल) के एक विधायक का बाहर से समर्थन प्राप्त है। वहीं, भाजपा के पास 26 विधायक हैं। आजसू के तीन और एनसीपी के एक विधायक हैं।
सत्तारूढ़ गठबंधन को आशंका थी कि भाजपा उनके विधायकों की ‘खरीद-फरोख्त’ का प्रयास कर सकती है, ऐसे में दो फरवरी को दो उड़ानों से करीब 38 विधायक कांग्रेस शासित राज्य तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद चले गए थे। विधायकों को रविवार शाम रांची वापस लाया गया।
मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पिछले सप्ताह गिरफ्तार किए जाने के बाद झामुमो विधायक दल के नेता चंपाई सोरेन ने 2 फरवरी को झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। पीएमएलए (धनशोधन रोकथाम अधिनियम) से संबंधित मामलों की सुनवाई वाली एक विशेष अदालत ने हेमंत सोरेन को विश्वास मत प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति दी। अदालत ने 2 फरवरी को हेमंत सोरेन को पांच दिन के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया था।
जमशेदपुर : जमशेदपुर के सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के छायानगर मे बंद पड़ी एक टेंट हाउस की गोदाम में सोमवार सुबह करीब 8.30 बजे आग लग गयी. बताया जा रहा है कि आग शार्ट शर्किट के कारण लगी. स्थानीय लोगों ने अग्निशमन विभाग को आग लगने की सूचना दी. जहां मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाया. मौक़े पर दो अग्निशमन वाहन पहुंची थी. टेंट हाउस के मालिक प्रभात कुमार ने बताया कि आग लगने के कारण 50 से 60 हज़ार रुपये का नुकसान हुआ है.
झारखंड में राजनीतिक संकट जारी है। चंपई सोरेन ने भले ही मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है, लेकिन उनकी असली शक्ति परीक्षा आज है। विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए चंपई सोरेन को 41 विधायकों का समर्थन चाहिए।
इसके लिए हैदराबाद से भी इंडिया गठबंधन के विधायक लौट आए हैं। फ्लोर टेस्ट में पूर्व सीएम हेमंत सोरेन भी शामिल होंगे। फ्लोर टेस्ट से पहले जेएमएम और कांग्रेस ने व्हिप जारी किया है। इसके तहत सभी विधायकों को फ्लोर टेस्ट में रहना होगा। आइए समझते हैं पूरा समीकरण।
झारखंड में विधानसभा सदस्यों की संख्या 81 है। किसी भी पार्टी के पास बहुमत के लिए 41 विधायक चाहिए। चंपई सोरेन सरकार का आज फ्लोर टेस्ट है। शपथ लेने से पहले चंपई सोरेन ने राज्यपाल को 42 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा था, लेकिन हैदराबाद सिर्फ 36 विधायक ही पहुंचे। अदालत ने फ्लोर टेस्ट में शामिल होने के लिए हेमंत सोरेन को भी अनुमति दे दी है।
आज 11 बजे होगा फ्लोर टेस्ट
जेएमएम और कांग्रेस के सभी 36 विधायक रविवार को ही रांची लौट आए थे। अब वे 11 बजे सीधे फ्लोर टेस्ट में जाएंगे। जेएमएम के विधायक लोबिन हेम्ब्रोम पार्टी से नाराज चल रहे हैं। वे हैदराबाद भी नहीं गए थे, लेकिन उन्होंने चंपई सोरेन सरकार के सपोर्ट में वोट करने की घोषणा की है। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा की वजह से कांग्रेस के कुछ विधायक झारखंड में रुके थे। आज पता चला जाएगा कि चंपई सोरेन की सरकार बहुमत साबित कर पाएगी या अल्पमत में गिर जाएगी।
बीजेपी का आरोप- चंपई सोरेन के पास नहीं है बहुमत
झारखंड बीजेपी ने कहा कि चंपई सोरेन के पास बहुमत नहीं है। जेएमम और कांग्रेस के कई विधायक नाराज चल रहे हैं। हालांकि, अबतक के आंकड़ों पर गौर करने से पता चलता है कि चंपई सोरेन सरकार फ्लोर टेस्ट में पास हो सकती है। इसके पीछे की वजह यह है कि हेमंत सोरेन की सरकार को 48 विधायकों को समर्थन प्राप्त था। अगर कुछ विधायक नाराज भी होते हैं तो भी उनके पास 41 विधायक हैं।
राँची : नये विधानसभा भवन में 5 फरवरी को पंचम झारखंड विधानसभा का चतुर्दश विशेष सत्र है. इसको लेकर सदर एसडीओ ने विधानसभा परिसर के 100 मीटर परिधि में धारा 144 लागू करने का निर्देश दिया है. यहां 5 फरवरी सुबह 8 बजे से लेकर 6 फरवरी रात 10 बजे तक निषेधाज्ञा लागू रहेगा. (जारी…)
उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक के संयुक्तादेश में निहित निर्देश के तहत विधानसभा परिसर के 100 मीटर के दायरे में किसी तरह के जुलूस, रैली, प्रदर्शन, घेराव आदि आयोजित नहीं किये जा सकेंगे. सुरक्षा के दृष्टिकोण से विधानसभा सत्रावधि के लिए एसडीओ ने धारा 144 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए झारखंड विधानसभा (नया विधान सभा) परिसर के 100 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा जारी की है.
नई दिल्ली : काँग्रेस मुश्किल में फंस गई है। इंडियन नेशनल डेवलेपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (INDIA) के घटकदल लगातार हमलावर हैं, पर पार्टी चुप है। भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान तृणमूल कांग्रेस ने तगड़ा झटका दिया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कांग्रेस पर निशाना साधने का कोई मौका नहीं छोड़ रही। समाजवादी पार्टी का तेवर भी तल्ख है। कई दौर की चर्चा के बावजूद सीट बंटवारे को लेकर सहमति नहीं बन पाई है।
ऐसे में यह सवाल लाजिमी है कि घटकदलों के कड़े तेवरों के बावजूद कांग्रेस शांत क्यों है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सीधे कांग्रेस नेतृत्व को चुनौती दे रही हैं, पर पार्टी खामोश है। पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी पलटवार कर रहे हैं, पर केंद्रीय नेतृत्व चुप है। समाजवादी पार्टी के सख्त तेवरों का जवाब भी यूपी कांग्रेस दे रही है। चुनाव से ठीक पहले घटकदलों के आक्रामक तेवरों के बावजूद कांग्रेस लगातार चुप्पी साधे हुए है।
रणनीति का हिस्सा
कांग्रेस का नरम रुख उसकी रणनीति का हिस्सा है। पार्टी चाहकर भी घटकदलों के सख्त बयानों का जवाब नहीं दे सकती। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस तरह के बयान देकर हमें उकसाने की कोशिश कर रही हैं। ताकि, हम कोई प्रतिक्रिया दें और तृणमूल कांग्रेस को INDIA गठबंधन से अलग होने का मौका मिल जाए। हम ऐसी गलती नहीं करेंगे।
उम्मीद कायम
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी भी कुछ ऐसी ही कोशिश कर रही है। पार्टी नेता ने कहा कि सीट बंटवारे को लेकर पार्टियां एक-दूसरे पर दबाव बनाने की कोशिश करती है। सभी पार्टियां चाहती है कि गठबंधन में उसे ज्यादा से ज्यादा सीट मिले। यह सवाल किए जाने पर कि क्या अभी पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में गठबंधन की संभावना बरकरार है। उन्होंने कहा कि जब तक तृणमूल कांग्रेस INDIA गठबंधन का हिस्सा है, उम्मीद बरकरार है।
जल्दबाजी नहीं
पार्टी नेता मानते हैं कि तृणमूल कांग्रेस पर इस तरह के बयान देने के लिए जांच एजेंसियों की तरफ से दबाव भी हो सकता है। ऐसे में कांग्रेस के लिए जल्दबाजी में कोई प्रतिक्रिया देना गलत होगा। कांग्रेस नेता ने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद INDIA गठबंधन से अलग होने की घोषणा नहीं करती हैं, तब तक हम उन्हें INDIA गठबंधन का हिस्सा मानते हैं। इसलिए, पार्टी तृणमूल के सख्त रवैये के बावजूद नरम रुख अपनाएं हुए हैं।
जमशेदपुर : पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी की पहल पर टीएमएच ने पोटका दिगारसाई के रहने वाले संजय सरदार के पुत्र पवन सरदार का माफ किए 34,800/- रु का चिकित्सा शुल्क। पोटका दिगारसाई के रहने वाले संजय सरदार के पुत्र पवन सरदार जिनका टीएमएच हॉस्पिटल में बकाया बिल 34,800/ हो गया, जिस राशि को भुगतान करने में परिवार असर्मथ थे।
पोटका निवासी समाजसेवी मनोज सरदार ने कुणाल षाड़ंगी को जानकारी दी और अविलंब इस पर हस्तक्षेप का आग्रह किया। उन्होंने परिवार की वित्तीय स्थिति पर संवेदनशीलता दिखाते हुए अस्पताल प्रबंधन से सहानुभूति पूर्वक विचार करने का आग्रह किया। अस्पताल प्रबंधन ने बाकी बचे 34,800/- रुपये का शेष बिल माफ़ कर दिया। परिजनों ने अपने इस दुख की घड़ी में साथ देने के लिए पूर्व विधायक सह भाजपा प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी के प्रति आभार जताया।
रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने रांची के कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में राज्य में विधि व्यवस्था एवं अपराध नियंत्रण से संबंधित एक उच्चस्तरीय बैठक की. बैठक में अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री के समक्ष पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन (पीपीटी) के माध्यम से राज्य में विधि व्यवस्था एवं अपराध नियंत्रण की विस्तृत जानकारी रखी गई. मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि अपराध मुक्त झारखंड, राज्य सरकार की प्राथमिकता है. बैठक में अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन को अवगत कराया गया कि पिछले दिनों नामकुम थाना अंतर्गत असामाजिक तत्वों के द्वारा जेएसएससी बिल्डिंग में तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया गया है जिस पर पुलिस प्रशासन द्वारा एफआईआर दर्ज किया जा चुका है और अनुसंधान भी जारी है. मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस संबंध में एसआईटी (एसआइटी) गठित करने का निर्देश अधिकारियों को दिया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईटी का गठन कर जल्द से जल्द मामले का उदभेदन कर दोषियों की गिरफ्तारी की जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इस निमित्त घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें. बैठक में पुलिस अधिकारियों द्वारा धनबाद के झरिया में हुई घटना की भी जानकारी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि झरिया में घटित घटना पर एफआईआर दर्ज कर त्वरित जांच की जाए. पुलिस अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष जानकारी दी कि इस घटना पर पुलिस प्रशासन की पैनी नजर है. कई गिरफ्तारियां भी की गई हैं. अनुसंधान जारी है.
हत्या, महिला उत्पीड़न, पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामलों का उद्भेदन सुनिश्चित हो
मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने मौके पर महिला अत्याचार से संबंधित समीक्षा की. महिला अत्याचार के संबंध में अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि राज्य में विधि व्यवस्था संधारण में प्रयासों की वजह से सांप्रदायिक एवं संवेदनशील घटनाओं में कमी आई है. झारखंड पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से अपराध शीर्ष यथा दहेज प्रताड़ना, चोरी, पोक्सो एवं हत्या के मामलों में भी कमी आई है. मुख्यमंत्री के समक्ष अधिकारियों ने कहा कि महिला अत्याचार के विभिन्न मामलों में वर्ष 2019 में 7650 केस दर्ज किए गए थे. वहीं वर्ष 2020 में 7464, वर्ष 2021 में 7279, वर्ष 2022 में 6963 वर्ष 2023 से अब तक 6132 मामले दर्ज किए गए हैं. पिछले 4 वर्षों में महिला अत्याचार के मामलों में निरंतर कमी आई हैय मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दहेज हत्या के मामलों का शीघ्र उद्भेदन किया जाना सुनिश्चित करें. दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो सके इस निमित्त अनुसंधान ससमय पूरा करें.
रांची, दुमका, धनबाद, गिरिडीह, जमशेदपुर, हजारीबाग में अपराध नियंत्रण पर विशेष ध्यान रखें
मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने हत्या अपराध से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि हत्या के मामलों में जरूर कमी हुई है परंतु इनका शीघ्र उद्भेदन जरूरी है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि रांची में विशेष निगरानी रखने की आवश्यकता है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि रांची, दुमका, धनबाद, गिरिडीह, जमशेदपुर एवं हजारीबाग में अपराध नियंत्रण पर विशेष ध्यान रखें, क्योंकि ऐसी जगहों पर कोई अपराध होता है तो इसका नकारात्मक असर पूरे राज्य में पड़ता है.
पोक्सो एक्ट जघन्य अपराध, नियंत्रण पर हो काम
बैठक में मुख्यमंत्री ने पोक्सो एक्ट से संबंधित जानकारी अधिकारियों से ली. अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि पोक्सो के मामलों में भी निरंतर कमी आई है. वर्ष 2019 में 1012, वर्ष 2020 में 1236, वर्ष 2021 में 1181, वर्ष 2022 में 1180 वहीं वर्ष 2023 से अबतक 973 पोक्सो एक्ट के मामले दर्ज किए गए हैं. मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने कहा कि पोक्सो एक अत्यंत जघन्य अपराध है। पोक्सो के तहत दर्ज मामलों के अनुसंधान में कोई कोताही नहीं बरती जाए यह सुनिश्चित करें.
जेल में रहकर अपराध को बढ़ावा देने वालों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें.
बैठक में मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने कहा कि ऐसी भी खबरें मिल रही हैं कि जेल के भीतर से ही कुछ अपराधी प्रवृत्ति के लोगों का गैंग राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में अपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनपर कड़ी कार्रवाई करें. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एटीएस में एसपी एवं डीएसपी की पोस्टिंग शीघ्र की जाए. मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपराध नियंत्रण में सहायक सभी संसाधन शीघ्र खरीदें. अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष जानकारी दी कि आगामी लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव के लिए वायरलेस उपकरणों के क्रय हेतु प्रशासनिक स्वीकृति तथा बजट उपलब्धता हेतु गृह विभाग से पत्राचार किया गया है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्य सचिव एवं डीजीपी सभी जिलों के डीसी एवं एसपी के साथ अपराध नियंत्रण को लेकर शीघ्र बैठक करें. बैठक में राज्य के मुख्य सचिव एल खियांग्ते, डीजीपी अजय कुमार सिंह, अपर पुलिस महानिदेशक (अभियान) संजय आनंद लाठकर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे सहित अन्य उपस्थित थे.
चंद्रयान-3 की अपार सफलता के बाद इसरो दुनिया के दिग्गज अंतरिक्ष एजेसियों में अपना नाम सुनहरे अंकों में दर्ज करवा चुका है। चांद पर फतह हासिल करने के बाद इसरो की अंतरिक्ष उड़ान अभी और ऊंची जाने को तैयार है।
सूर्य मिशन के बाद अब गगनयान मिशन की तैयारी चल रही है। यह भारत का पहला मानवयुक्त मिशन होगा। लेकिन, इससे पहले इसरो एक महिला रोबोट को अंतरिक्ष में भेजने की तैयारी पूरी कर चुका है। इंसान जैसी काया और आंख-नाक वाली इस महिला रोबोट का गगनयान से पहले अंतरिक्ष में जाना मिशन के लिए बहुत जरूरी है। इस साल की तिमाही तक इसके अंतरिक्ष में उड़ान भरने की उम्मीद है। इसरो इसे गगनयान से पहले सबसे अहम कदम मानकर चल रहा है। खुद इसरो चीफ एस सोमनाथ कह चुके हैं कि 2024 गगनयान की तैयारियों का वर्ष है।
भारत की महिला रोबोट अंतरिक्ष यात्री व्योममित्रा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन से पहले अंतरिक्ष में उड़ान भरेगी। भारत का गगनयान मिशन भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर उड़ान भरने वाला देश का पहली मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ान है, जो 2025 में लॉन्च किया जाना है। केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेंद्र सिंह ने कहा कि व्योममित्र मिशन इस साल की तीसरी तिमाही के लिए निर्धारित है।
व्योममित्र क्या है भारतीय महिला रोबोट अंतरिक्ष यात्री व्योममित्र का नाम संस्कृत के दो शब्दों से मिलकर बनाया गया है। व्योम का अर्थ है अंतरिक्ष। और दूसरा है मित्र। सरल शब्दों में समझें तो व्योममित्र वह जो आम इंसानों के बजाय अंतरिक्ष को ज्यादा बेहतर तरीके से जानता है। इसलिए इसका नाम अंतरिक्ष मित्र है।
गगनयान मिशन से क्या लिंक गगनयान मिशन के लिए व्योममित्र की बेहद अहम भूमिका है। यह अंतरिक्ष में हर तरह के मानव कार्यों का अनुकरण करेगी। ये अंतरिक्ष में पर्यावरण नियंत्रण और जीवन समर्थन प्रणाली के साथ भी काम करेगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा, रोबोट अंतरिक्ष यात्री गगनयान मिशन के मॉड्यूल मापदंडों की निगरानी कर सकता है, उसे अलर्ट जारी कर सकता है और जीवन-समर्थन संचालन को अंजाम दे सकता है। यह छह पैनलों को संचालित करने और प्रश्नों का जवाब देने जैसे कार्य भी कर आसानी से सकता है।
गगनयान से पहले टेस्टिंग गौरतलब है कि 2025 में गगनयान मिशन के प्रक्षेपण से पहले, पहला परीक्षण वाहन उड़ान 21 अक्टूबर, 2023 को पूरा किया गया था। इसका उद्देश्य क्रू एस्केप सिस्टम और पैराशूट सिस्टम की योग्यता को परखना था। प्रक्षेपण यान की मानव रेटिंग पूरी हो गई है। सभी प्रणोदन चरण योग्य हैं, और सभी तैयारियां हो चुकी हैं।
कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने व्यापारियों को अपने कारोबार से संबंधित लेनदेन के लिए पेटीएम के बजाय दूसरे प्लेटफॉर्म पर ट्रांसफर होने की सलाह की है। यानी व्यापारी पेटीएम के बजाय किसी और प्लेटफॉर्म को यूज करें।
पेटीएम वॉलेट और बैंक ऑपरेशन पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) पर प्रतिबंधों के बाद कैट की ओर से यह सलाह दी गई है। कैट की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि रिजर्व बैंक द्वारा हाल में पेटीएम पर लगाये बैन को लेकर देश भर में व्यापारियों को अपने पैसे की सुरक्षा के लिए अन्य प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करना चाहिए।
आ सकती है दिक्कत
कैट के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि बड़ी संख्या में छोटे व्यापारी, विक्रेता, हॉकर और महिलाएं पेटीएम के माध्यम से लेन-देन कर रहे हैं। आरबीआई के बैन से इन लोगों को वित्तीय तौर पर दिक्कत आ सकती है।
क्यों लगा पेटीएम पर बैन
सूत्रों का कहना है कि मनी लांड्रिंग की चिंता और लोकप्रिय वॉलेट पेटीएम और इसकी कम चर्चित बैंकिंग यूनिट के बीच सैकड़ों करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन के चलते रिजर्व बैंक ने विजय शर्मा की अगुवाई वाली कंपनियों पर यह प्रतिबंध लगाए हैं। केंद्रीय बैंक ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक (पीपीबीएल) को और जमा लेने समेत अधिकांश गतिविधियों को फिलहाल रोकने के लिए कहा है।
पेटीएम का शेयर गिरा
आरबीआई के बैन से पेटीएम के शेयर में भारी गिरावट आ रही है। बीते हफ्ते पेटीएम का शेयर 36 फीसदी गिरा। इससे कंपनी की मार्केट कैपिटल 30,931.59 करोड़ रु ही बची है।