चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनावों 2024 की तारीखों का ऐलान कर दिया है। महाराष्ट्र में 20 नवंबर को वोटिंग होगी. जबकि झारखंड में दो चरणों में चुनाव होंगे. पहले चरण की वोटिंग 13 नवंबर को होगी एवं दूसरे चरण की वोटिंग 20 नवंबर को होगी.
चुनाव आयोग के झारखंड विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान का भाजपा नेता सह सामाजिक कार्यकर्ता शिव शंकर सिंह ने स्वागत किया है और कार्यकर्ताओं से चुनाव तैयारियों में पूरी ताकत से जुट जाने की अपील की। कहा “हेमंत सरकार जनविरोधी है। जनता के 5 साल के दु:ख दर्द से उसका कुछ भी लेना देना नहीं है। इस कुशासन से प्रदेश की जनता अब पूर्णतया ऊब चुकी है और बदलाव चाहती है।देश के लोकप्रिय प्रधानसेवक श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा समेत राज्य की अन्य 81 विधानसभा सीटों पर रिकॉर्ड मतों जीत दर्ज कर एनडीए की बहुमत की सरकार बनाएगी। निश्चित रूप से जनता का जनादेश भाजपा के पक्ष में आएगी। साथ ही, भाजपा नेता शिव शंकर सिंह ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने में चुनाव आयोग का सहयोग करने की अपील सभी से की।
सरायकेला – खरसांवा : मानवाधिकार सहायता संघ अंतरराष्ट्रीय के सरायकेला खरसावां जिला महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष सुमन कारूवा ने न्याय की मूर्ति का नया स्वरूप का स्वागत किया है। ज्ञात हो कि सुप्रीम कोर्ट ने “न्याय की देवी की मूर्ति” लगी हुई थी, अब इस मूर्ति को CJI डीवाई चंद्रचूड़ जी के पहल पर बदलाव कर दिये जाने का स्वागत सुमन कारूवा ने किया है। पूर्व में न्याय की मूर्ति के हाथ में तलवार थी, आंखों पर पट्टी बंधी थी लेकिन अब उस पट्टी को उतार दिया गया है, हाथों में तलवार की जगह संविधान पकड़ा दिया गया है।
गौरतलब हो कि न्याय की मूर्ति में बदलाव एक प्रतीकात्मक सराहनीय पहल है, जो न्यायिक प्रक्रिया में संविधान की सर्वोच्चता दर्शाता है, हालांकि न्याय व्यवस्था में वास्तविक सुधार प्रणालीगत लागू किए जाने से आने वाले समय तय करेगा कि देश में पीड़ितों, शोषितों, मुख्य धारा से भटके हुए को न्याय दिलाने में कोर्ट के द्वारा विशेष पहल पहले की अपेक्षा कितनी प्रभावी होगी। मानवाधिकार सहायता संघ अंतरराष्ट्रीय के सरायकेला खरसावां जिला महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष श्रीमती सुमन कारूवा ने सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ के कार्यों की भूरी भूरी प्रशंसा की है।
जमशेदपुर : विश्व हिन्दू परिषद की युवा इकाई बजरंग दल झारखंड प्रांत की बैठक खूंटी के राजस्थान भवन में प्रारंभ हुई। बैठक का प्रारंभ मंचासिन अधिकारियों के द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। बैठक के उद्घाटन सत्र को विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय मंत्री सह पटना क्षेत्र पालक माननीय अम्बरीष सिंह जी ने संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि हमारा संगठन किसी घटना के प्रतिक्रिया में नहीं बना है, बल्कि हम हिन्दू जीवन मूल्यों की पुनर्प्रतिष्ठ एवं विश्व कल्याणार्थ अजेय हिन्दू शक्ति खड़ा करने के लिए अनवरत, अहरनीश, निस्वार्थ भाव से सिंधु नदी से हिन्द महासागर के इस विशाल भू भाग को अपनी माता मानकर उनकी सेवा व उसके संरक्षण व संवर्द्धन के लिए कार्य करने वालों की देशभर के हिन्दू युवाओं की फौज खड़ी करना चाहते हैं और इस कार्य में हमें नित सफलता मिल रही है। इसी क्रम मे जमशेदपुर के बजरंगदल टोली मे भी बदलाव की घोषणा की गई, चंदन दास जी को बजरंगदल जमशेदपुर महानगर के पद पर और मुन्ना दूबे जी को विभाग बजरंगदल सह संयोजक का पद दिया गया।
अगरतला-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस बेपटरी हो गई है. ये हादसा मालीगांव के पास हुआ. हालांकि, इसमें किसी के भी हताहत और घायल होने की सूचन नहीं है. ट्रेन संख्या 12520 अगरतला-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस, आज सुबह अगरतला से रवाना हुई थी.
दोपहर लगभग 03.55 बजे लुमडिंग डिवीजन के तहत लुमडिंग-बर्डरपुर हिल सेक्शन के डिबालोंग स्टेशन पर पटरी से उतर गई. ट्रेन के पावर कार और इंजन समेत 08(आठ) डिब्बे पटरी से उतर गए.
आपने देश की अदालतों, फिल्मों और कानूनविदों के चेंबर्स में आंखों पर बंधी पट्टी के साथ न्याय की देवी की मूर्ति को देखा होगा। लेकिन अब नए भारत की न्याय की देवी की आंखें खुल गईं हैं।
यहां तक कि उनके हाथ में तलवार की जगह संविधान आ गया है। दरअसल, कुछ समय पहले ही अंग्रेजों के कानून बदले गए हैं और अब भारतीय न्यायपालिका ने भी ब्रिटिश काल को पीछे छोड़ते हुए नया रंगरूप अपनाना शुरू कर दिया है।
देवी की आंखों पर बंधी पट्टी हटाई गई
सुप्रीम कोर्ट का ना केवल प्रतीक बदला रहा है बल्कि सालों से न्याय की देवी की आंखों पर बंधी पट्टी भी हट गई है। जाहिर है कि सुप्रीम कोर्ट ने देश को संदेश दिया है कि अब ‘ कानून अंधा’ नहीं है। आपको बता दे ये सब कवायद सुप्रीम कोर्ट के CJI डी वाई चंद्रचूड़ ने की है। ऐसी ही स्टेच्यू सुप्रीम कोर्ट में जजों की लाइब्रेरी में लगाई गई है।
तलवार की जगह संविधान
CJI चंद्रचूड़ के निर्देशों पर न्याय की देवी की मूर्ति को नए सिरे से बनवाया गया। सबसे पहले एक बड़ी मूर्ति जजों की लाइब्रेरी में स्थापित की गई है। जो पहले न्याय की देवी की मूर्ति होती थी उसमें उनकी दोनों आंखों पर पट्टी बंधी होती थी। नई मूर्ति में न्याय की देवी की आंखें खुली हैं और कोई पट्टी नहीं है। साथ ही एक हाथ में तराजू जबकि दूसरे में सजा देने की प्रतीक तलवार होती थी। हालांकि, अब न्याय की देवी की मूर्ति के हाथों में तलवार की जगह संविधान ने ले ली है। मूर्ति के दूसरे हाथ में तराजू पहले की ही तरह है।
क्यों बदली गई मूर्ति?
सूत्रों के मुताबिक CJI चंद्रचूड़ का मानना था कि अंग्रेजी विरासत से अब आगे निकलना होगा। कानून कभी अंधा नहीं होता, वो सबको समान रूप से देखता है। इसलिए न्याय की देवी का स्वरूप बदला जाना चाहिए। साथ ही देवी के एक हाथ में तलवार नहीं बल्कि संविधान होना चाहिए जिससे समाज में ये संदेश जाए कि वो संविधान के अनुसार न्याय करती हैं। दूसरे हाथ में तराजू सही है कि उनकी नजर में सब समान है।
उत्तर प्रदेश के मऊ से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक सरकारी डॉक्टर सांसद से भिड़ गया। दरअसल मऊ जिले में घोसी के सांसद राजीव राय जिला चिकित्सालय में लगातार मिल रहीं शिकायतों पर औचक निरीक्षण करने गए थे।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. धनंजय कुमार सिंह भी उनके साथ थे। इस दौरान जिला चिकित्सालय (पुरुष) का पूरा निरीक्षण राजीव राय ने किया। सांसद ने सभी चिकित्सकों से भी मुलाकात की। उनकी समस्याओं को जाना। वहीं, इस दौरान लगभग 12 बजकर 50 मिनट पर वे डॉ. सौरभ त्रिपाठी के कमरे में चले गए। उन्होंने त्रिपाठी से ड्यूटी पर आने का समय पूछा। डॉक्टर ने बताया कि सुबह 8 बजे से उनकी ड्यूटी है।
इसके बाद राजीव राय ने डॉक्टर से पूछा कि आप साढ़े 12 बजे कैसे आए हैं? अभी आपके कैबिन के बाहर 100 से अधिक मरीजों के नंबर लगे हैं। अभी तक आपने कितने मरीजों को देखा है? लेकिन डॉक्टर सीधा जवाब देने के बजाय सांसद से ही भिड़ गए। सांसद के लापरवाही वाले सवाल हर त्रिपाठी ने कहा कि आप अपनी जानकारी को दुरूस्त करें।
4 डॉक्टर मिले गैरहाजिर
अगर आपको नेतागीरी करनी है तो बाहर जाइए। बता दें कि पहले भी सौरभ त्रिपाठी के ऊपर लोगों के साथ गलत व्यवहार करने के आरोप लग चुके हैं। उनके खिलाफ सरायलखंशी थाने में केस दर्ज हो चुका है। वहीं, सांसद के औचक निरीक्षण के समय 4 डॉक्टर गैरहाजिर पाए गए। वहीं, कुछ दलाल भी चिह्नित किए गए हैं, जो मरीजों और डॉक्टरों में इलाज के नाम पर कथित तौर पर सेटिंग करवाते थे। सीएमएस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया है।
इस पूरे प्रकरण का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसके बाद लोगों ने डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सांसद ने बताया कि कई डॉक्टर मौके से गायब मिले। कई दलाल अस्पताल में सक्रिय पाए गए। ऐसा डॉक्टर उन्होंने जिंदगी में कभी नहीं देखा। ऐसे डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है। नहीं तो ये साइको लग रहा डॉक्टर लोगों की जान के लिए खतरा साबित हो सकता है। यह सनकी डॉक्टर पत्रकारों को भी हेलमेट से मारता है।
जमशेदपुर : भारतीय जनता पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनवर हयात के दिशा निर्देश पर भारत के भूतपूर्व राष्ट्रपति, महान वैज्ञानिक मिसाइल मैन के नाम से विश्व प्रख्यात स्व. एपीजे अब्दुल कलाम जी की जयंती आज गुरुनानक हाई स्कूल में शिक्षकों एवं छात्र छात्राओं के साथ मनाई गई।
अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश महामंत्री ताज़दार आलम ने इस मौके पर बच्चों को अब्दुल कलाम जी की जीवनी के बारे में बताया। उन्होंने ने कहा कि महान वैज्ञानिक और राष्ट्रपति बनने तक का सफर उनका आसान नहीं था किन्तु उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति ने उन्हें उस मुकाम पर पहुंचाया की आज पूरा देश उनके आगे नतमस्तक होता है। उनके जैसा देश भक्ति सभी में होनी चाहिए। उन्होंने ने बच्चों से कहा कि आप भी देशभक्ति के जज्बे और अपने पूर्ण आत्मविश्वास के साथ देश सेवा के लिए संकल्पबद्ध तो दुनिया आपके भी आगे एक दिन नतमस्तक होगी।
इस अवसर पर प्रदेश मीडिया प्रभारी रविंदर सिंह रिंकू ने बच्चों से अब्दुल कलाम जी के जीवनी से संबंधित कुछ सवाल पूछे जिनका बच्चों ने काफी उत्साह के साथ जवाब दिया। वहीं रविंदर सिंह रिंकू ने कहा कि हमें एपीजे अब्दुल कलाम जी की जीवनी से सीखना चाहिए कि कैसे सच्ची लगन हो तो कुछ भी हासिल किया जा सकता है, गरीबी और मुसीबतें कितनी भी आये जीवन में लेकिन लक्ष्य पर नज़र हो तो उसे हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता।
वहीं अल्पसंख्यक मोर्चा के सोशल मीडिया प्रभारी रॉकी सिंह ने बच्चों को कलाम जी के बारे में बताते हुए मोटीवेट किया और कहा कि मिसाइल मैन बनने के लिए जीवन के हर परिस्थिति को पार करना पड़ता है और अब्दुल कलाम जी ने उन सभी परिस्थितियों को पार करने के बाद ही मिसाइल मैन बने है, इसलिए कभी भी जीवन में कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़े तो समझ जाना कि ज़िन्दगी आपको बनाने का कार्य कर रही है।
इस मौके पर अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश कोषाध्यक्ष समीर खान, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सह जमशेदपुर महानगर के प्रभारी जोगिंदर सिंह जोग्गी, दीपक गिल, सन्नी राज सिंह सहित गुरुनानक हाई स्कूल के प्रधानाध्यापक मधुबाला, मिडिल स्कूल के प्रधानाध्यापक संतख सिंह, चरणजीत कौर, आशा चौबे, राजेंदर कौर, स्वाति सिंह, पूजा शर्मा, सिमरन कौर, रविंदर कौर सहित सैकड़ों बच्चे उपस्थित थे। मंच का संचालन शिक्षिका श्वेता त्रिपाठी एवं रंजीत कौर गिल ने किया। सभी ने साकची गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और गुरुनानक हाई स्कूल का धन्यवाद किया कि उन्होंने इस मौके पर अपना पूर्ण सहयोग दिया और अचानक हुए बारिश के बीच भी कार्यक्रम को सफल बनाने का कार्य किया।
झारखंड में विधानसभा चुनाव को लेकर जो सस्पेंस चला रहा था वह आज समाप्त हो गया है. चुनाव आयोग की ओर से चुनाव के तारीखों की घोषणा कर दी गई है. झारखंड में दो चरणों में मतदान होंगे. 13 और 20 नवंबर को मतदान होगा. झारखंड में चुनाव के नतीजे 23 नवंबर को आएंगे।
महाराष्ट्र में एक ही चरण में होंगे मतदान….
महाराष्ट्र में 20 नवंबर को वोटिंग और 23 नवंबर को नतिजे सामने आएंगे. महाराष्ट्र में एक ही चरण में मतदान होंगे. यहां पर कुल 288 विधानसभा सीटों पर चुनाव होना है. नामांकन की आखिरी तारीख 29 अक्टूबर दी गई है।
झारखंड में 11.84 लाख नए मतदाता….
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के अनुसार झारखंड में इस बार पहली बार नए मतदाता के रूप में 11.84 लाख मतदान करेंगे. राज्य में मतदाताओं की संख्या 2.6 करोड़ है. इसमें 1.29 करोड़ महिला और 1.31 करोड़ पुरूष मतदाताओं की संख्या है. झारखंड में कुल 29,562 पोलिंग स्टेशन होंगे झारखंड में 24 जिलों की 81 विधानसभा सीटों पर चुनाव होनी है. इसमें से 44 सीटें जनरल कैटेगरी की हैं. एससी की 9 और एसटी कैटेगरी की 28 सीटें आरक्षित हैं।
सरकार बनाने के लिए 42 सीटों की जरूरत…..
झारखंड की बात करें तो विधानसभा की कुल 81 सीटें हैं. सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को 42 सीटों की जरूरत पड़ेगी. ठीक इसी तरह से महाराष्ट्र की बात करें तो वहां पर 288 विधानसभा सीटें हैं. यहां सरकार बनाने के लिए 145 सीटों की जरूरत पड़ेगी।
जमशेदपुर शहरी क्षेत्र में एससी, एसटी और पिछड़ा वर्ग का जाति प्रमाण पत्र जमीन के दस्तावेज अभाव में नहीं बन पा रहा है। इस समस्या से स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अवगत कराया था । इसपर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने निर्देश दिया है कि उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम स्थानीय जांच के आधार पर जाति प्रमाण पत्र निर्गत करें। जमशेदपुर में यह एक बड़ी समस्या रही है जहां लीज भूमि के कारण लोगों का जाति प्रमाण पत्र बनाने में अड़चनें आती रही हैं। आरक्षित वर्ग के आवेदक जाति प्रमाण के लिए जमशेदपुर सहित अन्य अंचल कार्यालय में आवेदन करते हैं, तो उस पर कार्रवाई नहीं हो पाती और जमीन का दस्तावेज मांगा जाता है। इसी समस्या को देखते हुए मंत्री बन्ना गुप्ता ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस संबंध में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया था। अब इस मामले में रास्ता निकाला गया है कि अगर सीओ अपने स्तर से स्थानीय जांच के आधार पर कार्रवाई नहीं करें तो अपर उपायुक्त या जिला के उपायुक्त से शिकायत कर सकते हैं तथा अपना आवेदन भी जमा करा सकते हैं।
जमशेदपुर : भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अभय सिंह ने आज संवाददाता सम्मेलन के माध्यम से दुर्गा पूजा काशीडीह में हुए उपद्रव को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि काशीडीह में धर्मेंद्र नाम के व्यक्ति जो गोलगप्पा वाले को मार कर लहूलुहान कर दिए थे साथ ही पिंटू दास को उनके लोगों ने जो उस्तरा चला कर के घायल कर दिए थे, वह मंत्री बन्ना गुप्ता के इशारे में किया गया एक रणनीति है। चुनाव के समय नजदीक आते ही मंत्री बन्ना गुप्ता भयभीत होकर सक्रिय हो गए हैं और किसी भी प्रकार पुनः एक बार झूठे केस में अभय सिंह और उनके परिवार को झूठे आरोप में डालकर जेल भेजने की उनकी मंशा है। यह एक राजनीतिक षड्यंत्र है, अभय सिंह के पूरे परिवार- तीनों भाई, तीन भतीजे एक भांजा के नाम पर उन्होंने जानबूझकर के केस दर्ज करवाया है।
अभय सिंह ने कहा कि सबसे बड़ी हास्यास्पद बात यह है कि अगर भुक्तभोगी धर्मेंद्र को मार पड़ा तो उसको सरकारी अस्पताल में ना ले जाकर प्राइवेट हॉस्पिटल में मंत्री जी के द्वारा क्यों रिकमेंड किया गया ? साथ ही गोलगप्पे वाले और जो पिंटू दास है उनको क्यों नहीं टाटा मैन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया ? जिला प्रशासन इसकी जांच करें कि धर्मेंद्र को कितना चोट आया है। यह जानबूझकर मंत्री के द्वारा ड्रामा रचा गया है की लड़ाई झगड़ा बढ़े और अभय सिंह की लोकप्रियता खत्म हो।
अभय सिंह ने जिला प्रशासन से मांग की है कि एक मेडिकल बोर्ड का गठन होकर के धर्मेंद्र की बॉडी की जांच की जाए कि उनको कितने चोटे आई है। मंत्री बना गुप्ता इस केस को प्रभावित करना चाहते हैं और प्रशासन को लगातार दबाव बनाए हुए हैं। श्री सिंह ने बताया कि प्रशासन की बातों से यह लगता है कि वह जिस प्रकार विगत दिनों रामनवमी झंडे के मसले पर दबाव में थे कि अभय सिंह को एक झूठे केस मोहम्मद सगीर के द्वारा रंगदारी का केस डलवाया गया था उसी प्रकार इस मारपीट केस में उनको भी अभियुक्त बना दिया जाए जिससे उनकी लोकप्रियता नष्ट हो जाए।
अभय सिंह ने कहा है की वीडियो फुटेज निकाला जाए, क्योंकि FIR में कहा गया है कि बंदूक राइफल हथियार लेकर के अभय सिंह के आदमी धर्मेंद्र को मारे हैं तो अभय सिंह ने कहा आज सोशल मीडिया की जमाने में या वीडियो फुटेज में कहीं भी अगर अभय सिंह या अभय सिंह के आदमी हथियार लेकर खड़े हो तो अभिलंब उन्हें जेल के सलाखों के पीछे भेजना चाहिए।
दुर्गा पूजा में अगर किसी प्रकार की कोई गलती करता है इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। यह मेले में आने जाने वालों की सुरक्षा पूजा समिति की पहली प्राथमिकता है अगर कोई बैड एलिमेंट इस प्रकार की हरकत करता है तो उसका मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा। बन्ना गुप्ता पहले अपने गिरेबान में झाँककर के देखे कि किस प्रकार कदमा, बिष्टुपुर अन्य जगहों पर उनके गुर्गों के द्वारा आज आतंक मचा हुआ है, जमीन लूटी जा रही है, जमीन लुटवाई जा रहे हैं, मकान को जमीनदोष करके अपना बनाया जा रहा है, जबकि कदमा के एक रोड को बंद करके अत्याचार किया गया है, जिसके लिए मंत्री बन्ना गुप्ता का पूर्ण जोर विरोध होगा। मैं जिला प्रशासन से आग्रह करता हूं कि अनुसंधान करें और जो दोषी हो उसको कड़ी से कड़ी सजा मिले
पार्टी के जिलाध्यक्ष श्री सुधांशु ओझा जी ने कहा कांग्रेसी होश में आए इस प्रकार की अगर जरूरत हमारे वरिष्ठ नेता अभय सिंह के साथ किया गया तो मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा। कदमा मानगो की तरह एक काशीडीह को भी अस्तित्व करना चाहते हैं, सारी भारतीय जनता पार्टी की कार्यकर्ता उनके पक्ष में खड़े हैं और हम कोई भी आंदोलन का मुंह तोड़ जवाब देने के लिए तैयार है।
संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश महामंत्री श्री हालदार नारायण शाह, अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष सरदार मंजीत सिंह, मानगो यादव महासभा के अध्यक्ष श्री जितेंद्र यादव, जिला मंत्री श्री पप्पू सिंह, जिला उपाध्यक्ष श्री संजीव कुमार श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष श्री राजीव सिंह जी सहित कई कार्यकर्ता और नेता उपस्थित थे।