झारखंड में राजनीतिक दल चुनाव की तारीख के ऐलान से पहले ही राज्य में अधिकतम सीट जीतने के लिए रणनीतियां बनाने में जुट गए हैं. सीट बंटवारे से लेकर सीएम-डिप्टी सीएम और उम्मदीवारों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.इस बीच हेमंत सोरेन की झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भारतीय जनता पार्टी की रणनीतियों को लेकर निशाना साधा है.झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर ट्वीट कर कहा कि “बीजेपी की आगामी चुनावों की रणनीति तय. पर्ची से निकलेगा सीएम का नाम, लेकिन डिप्टी सीएम के आठ नाम तय. सबका साथ सबका विकास.”
बता दें चंपाई सोरेन ने सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. इसी के साथ साफ हो गया कि चंपाई सोरेन बीजेपी में शामिल होंगे. अगर चंपाई सोरेन बीजेपी में शामिल होते हैं तो यह विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारुढ़ JMM के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. हेमंत सोरेन सरकार में मंत्री चंपाई सोरेन ने पिछले दिनों JMM से बगावत कर दी थी. इसी के बाद से उनके अगले रुख को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थी.
2019 के आंकड़ें वहीं उन्होंने BJP में शामिल होने को लेकर कहा था कि वो सभी विकल्प पर विचार कर रहे हैं. उन्होंने नई पार्टी बनाने की भी बात कही थी. बता दें झारखंड में विधानसभा की 81 सीटें हैं. विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 41 है. 2019 के चुनाव में JMM ने बाजी मारी थी. सोरेन की पार्टी को राज्य की 30 सीटों पर जीत मिली थी. कांग्रेस को 16 सीटों पर जीत मिली थी. वहीं बीजेपी 25 सीटें ही जीत पाई थीं.
कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में लेडी डॉक्टर से दरिंदकी करने के बाद कत्ल करने वाले दरिंदे संजय रॉय ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है. सीबीआई सूत्रों की मानें तो कातिल संजय रॉय ने सीबीआई की पूछताछ में कबूल किया है कि उसने ही ट्रेनी लेडी डॉक्टर की हत्या की है.
उसने कहा कि महिला डॉक्टर की रेप के बाद इसलिए हत्या कर दी, क्योंकि वह लगातार चिल्ला रही थी. दरअसल, 9 अगस्त को आरजी कर अस्पताल के सेमिनार हॉल में ट्रेनी लेडी डॉक्टर का शव मिला था. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उसके साथ रेप की पुष्टि की गई.
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी संजय रॉय ने बताया, ‘पीड़िता लगातार चिल्ला रही थी, इसलिए मैंने उसका जोर से गला दबाया और तब तक दबाकर रखा जब तक उसने दम नहीं तोड़ दिया.’ सूत्रों का कहना है कि सजंय रॉय बाक्सिंग का अच्छा खिलाड़ी था. इसलिए पीड़िता उसके हाथों से खुद का बचाव नहीं कर पाई. और यही वजह है कि जब तक पीड़िता की जान न निकल गई, तब तक सजंय रॉय ने पीड़िता का गला दबाकर रखा. पीड़िता ने अपने बचाव के लिए आवाज भी लगाई. वो चिल्ला रही थी. संजय रॉय को पकड़े जाने का डर हो गया था. यही वजह है कि उसने अपने हाथों की पूरी ताकत से पीड़िता का गला दबाया.
संजय का हुआ पॉलीग्राफ टेस्ट सूत्रों ने बताया कि आरोपी सजंय रॉय ने अपने मेडिकल टेस्ट के दौरान भी इस बात का खुलासा किया था. आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या मामले का मुख्य आरोपी संजय रॉय ही है. संजय रॉय का ‘पॉलीग्राफ टेस्ट’ कोलकाता की प्रेसीडेंसी जेल में किया गया. संजय रॉय को वहीं बंद किया गया है. ‘पॉलीग्राफ टेस्ट’ के दौरान व्यक्ति द्वारा प्रश्नों के उत्तर दिए जाते समय एक मशीन की मदद से उसकी शारीरिक प्रतिक्रियाओं को मापा जाता है और यह पता लगाया जाता है कि वह सच बोल रहा है या झूठ. सीबीआई ने रॉय और घोष समेत सात लोगों का ‘लाई डिटेक्टर टेस्ट’ कराने के लिए अदालत से अनुमति ली है. इस टेस्ट को मुकदमे के दौरान सबूत के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता लेकिन इसके नतीजे एजेंसी को आगे की जांच में एक दिशा प्रदान करेंगे.
कब और कैसे गिरफ्तार हुआ संजय रॉय कोलकाता पुलिस ने मेडिकल कॉलेज के सेमिनार हॉल में 31 वर्षीय ट्रेनी लेडी डॉक्टर का शव मिलने के एक दिन बाद 10 अगस्त को संजय रॉय को गिरफ्तार किया था. सीसीटीवी फुटेज और ट्रेनी डॉक्टर के शव के पास एक ब्लूटुथ उपकरण मिलने के बाद रॉय की गिरफ्तारी की गयी थी, जिसे कॉलेज के सेमिनार हॉल में प्रवेश करते हुए कथित तौर पर देखा गया जहां सुबह करीब चार बजे शव मिला था. वहीं, आरजी कर अस्पताल केस में फिलहाल सीबीआई ने सभी 7 लोगों के पॉलीग्राफ टेस्ट पूरे कर लिए हैं. अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के खिलाफ सीबीआई एक ओर जहां संजय रॉय से कनेक्शन की जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर करप्शन केस में भी जांच कर रही है.
संजय रॉय की थी पहुंच दरअसल, संजय रॉय साल 2019 से नागरिक स्वयंसेवक के रूप में कोलकाता पुलिस के साथ काम कर रहा था. संजय रॉय ने पिछले कुछ सालों में कुछ सीनियर पुलिस अधिकारियों से कथित तौर पर करीबी बना ली थी, जिसके बाद उसे कोलकाता पुलिस कल्याण बोर्ड में शामिल किया गया और आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की पुलिस चौकी में तैनात कर दिया गया था. शुरू में उसने अपने खिलाफ आरोपों से इनकार किया था. कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में नौ अगस्त को चिकित्सक का शव मिला था, जिस पर गंभीर चोटों के निशान थे. इस घटना के खिलाफ देश भर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. कलकत्ता हाईकोर्ट ने 13 अगस्त को इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी और इसके अगले दिन केंद्रीय एजेंसी ने जांच कोलकाता पुलिस से अपने हाथ में ले ली.
टेलीग्राम के प्रमुख पावेल दुरोव की पेरिस में गिरफ्तारी के साथ ही कंपनी की मुश्किलें भी बढ़ने लगी हैं. आरोप है कि उनके मंच का इस्तेमाल काले धन को सफेद करने और ड्रग तस्करी जैसे अपराधों के लिए किया गया था. इसके बाद अब भारत में भी टेलीग्राम पर बैन का खतरा मंडराने लगा है. सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्रालय ने गृह मंत्रालय से ये जानकारी मांगी है कि क्या भारत में भी टेलीग्राम ने किसी नियम का उल्लंघन किया है.
टेलीग्राम के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) दुरोव को पेरिस हवाई अड्डे पर एक गिरफ्तारी वॉरंट की तामील करते हुए हिरासत में लिया गया. रिपोर्टों के मुताबिक, फ्रांस और रूस की दोहरी नागरिकता रखने वाले 39 वर्षीय दुरोव को शनिवार को अजरबैजान से फ्रांस में उतरने के बाद पेरिस-ले बॉर्गेट हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया.
सूत्रों ने बताया कि फ्रांस के घटनाक्रम को ध्यान में रखते हुए आईटी मंत्रालय ने गृह मंत्रालय से टेलीग्राम के खिलाफ लंबित शिकायतों की जांच करने और संभावित कार्रवाई के बारे में गौर करने को कहा है. आईटी मंत्रालय इस तरह के मामलों में जांच एजेंसी नहीं है और मंत्रालय के तहत गठित सीईआरटी-इन भी साइबर अपराधों पर नहीं, बल्कि साइबर सुरक्षा अपराधों पर ध्यान केंद्रित करता है.
सूत्रों ने कहा, “यहां असली सवाल ये है कि क्या कोई शिकायत है? क्या भारत में भी ऐसी ही स्थिति है? स्थिति क्या है? और क्या कार्रवाई की जरूरत है?”
टेलीग्राम की शुरुआत साल 2013 में हुई थी. भारत में इसके लगभग 50 लाख रजिस्टर्ड यूजर्स हैं.
ये पूछे जाने पर कि एक मैसेजिंग ऐप होने के नाते क्या टेलीग्राम सुरक्षित पनाहगाह प्रावधान का हवाला दे सकता है, सूत्रों ने कहा कि उस स्थिति में उन्हें कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग करना होगा, जरूरी होने पर जानकारी देनी होगी और किसी भी जांच में मदद करनी होगी. दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को उम्मीद है कि व्हाट्सएप, गूगल मीट और टेलीग्राम जैसे इंटरनेट कॉलिंग और मैसेजिंग ऐप नियमों का बाकी सभी सेवा प्रदाताओं की ही तरह पालन करेंगे.
उद्योग निकाय सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) ने सोमवार को कहा कि ओवर-द-टॉप (ओटीटी) संचार ऐप को दूरसंचार अधिनियम, 2023 से बाहर करने की मांग करना भ्रामक है, क्योंकि विभिन्न गैर-क्षेत्रीय नियमों के दूरसंचार कंपनियों पर भी लागू होने से वे अन्य नियमों के दायरे में आते हैं.
सीओएआई के सदस्यों में रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया शामिल हैं.
सीओएआई के महानिदेशक एस पी कोचर ने कहा, “सीओएआई यह बताना चाहता है कि ‘देश की सुरक्षा’ अत्यंत महत्वपूर्ण है और इस संबंध में, ओटीटी-आधारित संचार सेवाओं सहित सभी संचार सेवा प्रदाताओं को देश के अपेक्षित निर्देशों का पालन करना चाहिए, जैसा कि दूरसंचार सेवा प्रदाता करते हैं.” उन्होंने कहा कि दूरसंचार कंपनियों ने वैध इंटरसेप्शन (कॉल को सुनने की कानूनी मंजूरी) और निगरानी के लिए बुनियादी ढांचे की स्थापना में भारी निवेश किया है. इसके बावजूद अनियमित अनुप्रयोग-आधारित संचार सेवाएं इस तंत्र को पूरी तरह से दरकिनार कर देती हैं, जो देश की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है.
कोचर ने कहा, “मामला दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत स्पष्ट रूप से कवर की गई संचार सेवाओं की नियामकीय निगरानी से संबंधित है. यह उजागर करना महत्वपूर्ण है कि टीएसपी, जो दूरसंचार अधिनियम द्वारा शासित हैं, संसद द्वारा निर्धारित उपरोक्त सभी कानूनों द्वारा विनियमित हैं.” दूरसंचार कंपनियां मांग कर रही हैं कि सरकार को कॉलिंग और मैसेजिंग ऐप पर समान नियम लागू करके समान हालात पैदा करने चाहिए, क्योंकि यह उन पर लागू है.
इधर मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम ने सोमवार को कहा कि सीईओ पावेल डूरोव, जिन्हें फ्रांस में गिरफ्तार किया गया है, उनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है. ये दावा करना बेतुका है कि कोई प्लेटफॉर्म या उसका मालिक उस प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग के लिए जिम्मेदार है. रूस में जन्मे डूरोव को फ्रांस के पेरिस के पास स्थित ले बॉर्गेट हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया. उन पर आरोप है कि वह टेलीग्राम पर आपराधिक गतिविधियों को रोकने में असफल रहे हैं. हालांकि, कंपनी ने कहा है कि वह यूरोपियन यूनियन के सभी नियमों का पालन करते हैं, ‘डिजिटल सर्विसेज एक्ट’ का भी.
कंपनी की ओर से कहा गया है कि सीईओ पावेल डूरोव लगातार यूरोप में यात्रा करते रहते हैं. पूरी दुनिया में टेलीग्राम के 900 मिलियन से ज्यादा यूजर्स हैं और व्यापक स्तर पर सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए पूरी दुनिया में इसका उपयोग होता है.
कंपनी ने कहा, “टेलीग्राम यूरोपियन यूनियन के नियमों का पालन करती है. इसका मॉडरेशन इंडस्ट्री मानकों के अनुरूप किया जाता है और हम इसमें लगातार सुधार कर रहे हैं.”
अगर डूरोव अदालत में अपराधी घोषित होते हैं तो उन्हें 20 साल की जेल हो सकती है.
टेलीग्राम के सीईओ पावेल डूरोव दुबई में रहते हैं. उनके पास यूएई और फ्रांस की नागरिकता है. उनके पास करीब 15.5 अरब डॉलर की संपत्ति है. रूसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीके पर रूसी सरकार द्वारा विपक्ष को बैन करने के दबाव के चलते डूरोव ने 2014 में रूस छोड़ दिया था. फ्रांस में मौजूद रूसी दूतावास की ओर से इसे लेकर तत्काल कदम उठाए गए हैं. टेलीग्राम एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग की पेशकश करता है. इसमें यूजर्स को फॉलोअर्स तक जानकारी जल्दी से प्रसारित करने के लिए चैनल भी बनाना होता है.
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी 81 विधानसभा में कांग्रेस पार्टी से संभावित प्रत्याशी अपना आवेदन पत्र संबंधित जिलाध्यक्ष संतोष सिंह के पास जमा कर रहे हैं.
ऐसे में विधानसभा टिकट को लेकर धनबाद जिला कांग्रेस कार्यालय में पार्टी प्रत्याशी व समर्थकों की गहमागहमी बढ़ गयी है. सोमवार को धनबाद, बाघमारा, झरिया, सिंदरी व निरसा विधानसभा क्षेत्र से टिकट के लिए कुल 14 कांग्रेसियों ने अपनी दावेदारी प्रस्तुत की. धनबाद व बाघमारा विभानसभा क्षेत्र से टिकट के लिए सर्वाधिक प्रत्याशियों ने अपनी दावेदारी की है. धनबाद विधानसभा क्षेत्र से टिकट के लिए वरिष्ठ कांग्रेसी सह झारखंड पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक सिंह, उपाध्यक्ष नवनीत नीरज, प्रदेश कांग्रेस डेलिगेट मनोज यादव, सुंदर यादव, बिजेंद्र पासवान, बीके सिंह व पप्पू पासवान आदि ने आवेदन किया है, जबकि बाघमारा विधानसभा क्षेत्र से टिकट के लिए रोहित यादव, सुखदेव महतो, राजीव रंजन प्रसाद व बीके सिंह ने आवेदन किया है. वहीं निरसा से सुरेश चंद्र झा व सिंदरी विधानसभा क्षेत्र से सफुद्दीन अंसारी व दिलीप मिश्रा ने आवेदन किया है. मौके पर कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष मो क्यूम खान, प्रदेश नेता रामगोपाल भुवानियां, डेविड सिंह, नवीन पासवान, बीरेन गोप, रामबिलास राम व राजेश महतो आदि उपस्थित थे.
28 अगस्त आवेदन करने की अंतिम तिथि
धनबाद जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष संतोष सिंह ने कहां कि विधानसभा चुनाव को लेकर धनबाद के कार्यकताओं में उत्साह है. सभी संभावित उम्मीदवारों का आवेदन (नामांकन फॉर्म) प्राप्त कर प्रदेश कांग्रेस को अपना प्रतिवेदन के साथ जमा कर देगें. श्री सिंह ने कहा कि आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 28 अगस्त है. उस दिन क्षेत्र के कई कद्दावर कांग्रेस अपना आवेदन जमा करेंगे.
वाहनों के काफिला के साथ पहुंचे थे अशोक सिंह
धनबाद विधानसभा क्षेत्र से टिकट के लिए अपनी दावेदारी करने के लिए वरिष्ठ कांग्रेसी अशोक सिंह वाहन के काफिलों के साथ जिला कांग्रेस कार्यालय पहुंचे थे. उनके साथ सीता राणा, योगेंद्र सिंह योगी, बीके सिंह, अफजल खान, प्रीतम रवानी, राजू दास, दिलीप मिश्रा, अक्षैवर प्रसाद, महेश शर्मा, राहुल राज, गोपाल धारी, सुखदेव हांसदा, पप्पू पासवान, जयप्रकाश चौहान, अन्नु पासवान, आशीष सिन्हा, ललित वर्मा, अरविंद सैनी, मो इमराज, पेंटर खान, रंजित सिंह, बिंदु देवी, मो आतिफ सिद्दीकी, मो सोनो, मो सुजैल व मो शान आदि है. वहीं कांग्रेस उपाध्यक्ष नवनीत नीरज के साथ भी बड़ी संख्या में उनके समर्थक कांग्रेस कार्यालय पहुंचे थे.
चांडिल : पिछले कुछ दिनों से लापता अल्केमिस्ट एविएशन का प्रशिक्षु विमान वीटी जूलियट ताज आखिरकार चांडिल डैम से निकाल लिया गया है। लगातार कई दिनों तक चले इस खोज अभियान में प्रशासन , भारतीय नौसेना और एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीमों को बड़ी सफलता मिली है।
बताते चलें की यह विमान मंगलवार सुबह 11 बजे सोनारी एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी, लेकिन उड़ान के 20 मिनट बाद ही उसका संपर्क एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) से टूट गया। अंतिम लोकेशन सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह इलाके में मिली थी, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में तरह-तरह की अफवाहें और कयास लगाए जा रहे थे। कई खबरों में यह भी दावा किया गया कि विमान पटमदा थाना क्षेत्र के आमदा पहाड़ी इलाके में क्रैश हुआ है, लेकिन इन खबरों की कोई पुष्टि नहीं हो सकी।
बुधवार को नीमडीह के पियालडीह गांव के कुछ स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने विमान को चांडिल डैम में गिरते हुए देखा है । ग्रामीणों की सूचना के आधार पर प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमों ने डैम में खोज अभियान शुरू किया। चांडिल एसडीएम शुभ्रा रानी, एसडीपीओ और बीडीओ समेत अन्य अधिकारियों की देखरेख में यह अभियान लगातार जारी रहा। फिर गुरुवार सुबह को ट्रेनी पायलट सुब्रोदीप दत्ता की शव पानी में तैरता मिला , और शाम 4 बजे गायब इंस्ट्रक्टर पटना निवासी जीत शत्रु की भी शव की बरामदगी हुई । कई दिनों की मशक्कत के बाद सोमवार देर रात आखिरकार विमान को डैम के पानी से निकाल लिया गया।
विमान की बरामदगी के बाद अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती है विमान दुर्घटना के कारणों का पता लगाना। विमान का ब्लैक बॉक्स और अन्य महत्वपूर्ण उपकरण जांच के लिए भेजे जाएंगे, जिससे दुर्घटना के पीछे के तथ्यों का खुलासा हो सके।
इस खोज अभियान में एनडीआरएफ, स्थानीय प्रशासन और पुलिस की भूमिका सराहनीय रही है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विमान हादसे की असल वजह क्या थी । इस घटना ने एक बार फिर से छोटे विमानों की सुरक्षा और उड़ान से जुड़े नियमों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नई दिल्ली : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झामुमो के वरिष्ठ नेता रह चुके चम्पई सोरेन ने आज भाजपा के गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात कर भाजपा में शामिल होने में अपना पक्ष साफ कर दिया है।
इस बाबत असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने अपने एक्स हैंडल से पोस्ट करते हुए जानकारी दी। उन्होंने बताया कि झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और आदिवासियों के वरिष्ठ नेता चम्पई सोरेन ने गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की और आधिकारिक तौर पर 30 अगस्त को राँची में भाजपा में सम्मिलित हो जाएंगे।
Former Chief Minister of Jharkhand and a distinguished Adivasi leader of our country, @ChampaiSoren Ji met Hon’ble Union Home Minister @AmitShah Ji a short while ago. He will officially join the @BJP4India on 30th August in Ranchi. pic.twitter.com/OOAhpgrvmu
जमशेदपुर में खेल प्रतिभा की कमी नहीं है, परंतु खिलाड़ी जरूरी खेल संसाधन के आभाव के कारण अपनी प्रतिभा नहीं दिखा पाते है। इसे देखते हुए युवा प्रतिभावान खिलाड़ियों की मदद की जा रही है। यह बातें भाजपा नेता सह कोशिश संस्था के संरक्षक तथा क्रीड़ा भारती झारखंड प्रांत के उपाध्यक्ष शिव शंकर सिंह ने केबुल हरिजन बस्ती में खिलाड़ियों के बीच खेल सामग्री का वितरण करने के दौरान कही।
ज्ञात हो कि समाजसेवी शिव शंकर सिंह द्वारा लगातार खेल को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही, विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर एवं आम जनता से सीधे संवाद कर जनहित से जुड़ी समस्याओं के समाधान का लगातार प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर शिबू मुखी, राजन मुखी, टिंकू, एंथोनी, रोहित सहित अन्य कई लोग मौजूद थे।
नई दिल्ली : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झामुमो के कदावर नेता चम्पई सोरेन ने आज भाजपा में शामिल हो गए है। विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चम्पई सोरेन आज दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात की और काफी लंबे चर्चे के बाद उन्होंने दिल्ली में ही भाजपा में सम्मिलित होने का फैसला लिया।
गौरतलब हो कि झामुमो से पिछले दिनों त्यागपत्र देने के यह कयास लगाया जा रहा था कि वह भाजपा में शामिल होंगे या अपनी नई पार्टी बनाएंगे। आज से पूर्व भी वह दिल्ली गए थे जहाँ यह खबर जोरों पर थी कि वह भाजपा जॉइन करने वाले हैं लेकिन उन्होंने आने के बाद इसका खंडन किया था, किंतु आज पुनः उनके दिल्ली दौरा हुआ और वहाँ उन्होंने भाजपा में शामिल होने का फैसला लिया। अभी इस बात की जानकारी नहीं मिल पाई है कि किन शर्तों पर चम्पई सोरेन ने भाजपा में शामिल हुए हैं।
जमशेदपुर : जमशेदपुर बार एसोसिएशन कार्यकारिणी (2024-26) का अध्यक्ष अधिवक्ता रथिंद्र नाथ दास को चुन लिया गया और उपाध्यक्ष पद पर अधिवक्ता बलाई पांडा ने दोबारा अपनी जीत दर्ज की। वही महासचिव पद पर कुमार राजेश रंजन 632 मत चुने गए। उनकी जीत धमाकेदार एंट्री के साथ हुई। पहली बार उन्होंने महासचिव पद का चुनाव लड़ा और सबसे ज्यादा मत हासिल किया। अधिवक्ता आरएन दास ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी मलकीत सिंह सैनी को 220 मतों के अंतर से हराया। अध्यक्ष पद के पांच उम्मीदवारों यथा अधिवक्ता मलकीत सिंह 347 मत, अधिवक्ता ओंकार नाथ अरुण 30 मत, अधिवक्ता आरएन दास 567 मत, अधिवक्ता रोहित कुमार 114 मत एवं अधिवक्ता विमल कुमार पांडेय 119 मत हासिल हुए।
महासचिव पद के तीन उम्मीदवार अधिवक्ता अजय कुमार सिंह राठौड़ 362, अधिवक्ता हरेंद्र कुमार 171 एवं अधिवक्ता कुमार राजेश रंजन 632 ने मत हासिल किया। उपाध्यक्ष पद पर अधिवक्ता बलाई पांडे ने दोबारा अपनी शानदार जीत दर्ज की। उन्हें 511 मत हासिल हुए, जबकि उनके प्रतिद्वंदी अधिवक्ता अनुराधा चौधरी को 188, अधिवक्ता बसंत कुमार मिश्रा को 34, अधिवक्ता रविशंकर त्रिपाठी 278 को एवं अधिवक्ता सुधीर कुमार को 135 मत प्राप्त हुए।
संयुक्त सचिव पद पर अधिवक्ता संजीव रंजन बरियार 346 मत एवं अधिवक्ता विनीता सिंह 385 मत प्राप्त किये और उन्हें विजय घोषित किया गया। यहां संयुक्त सचिव पद की गिनती को लेकर उम्मीदवार एवं पूर्व संयुक्त सचिव राजहंस प्रसाद तिवारी ने लिखित तौर पर आपत्ति जताई है, चुनाव परिणाम के अनुसार उन्हें 336 मत मिले हैं जबकि 12 मत, जो उनके पक्ष में थे, गिनती नहीं की गई, जबकि दोबारा गिनती का आश्वासन दिया गया था।
संयुक्त सचिव पद के अन्य उम्मीदवार दिलीप कुमार महतो को 328, जन्मेजय कुमार सिंह को 119, मोहम्मद शाहिद इकबाल को 80, निरंजन झा को 24, पवन कुमार को 38, पवन कुमार तिवारी को 312, राजहंस प्रसाद तिवारी को 336, रूपेश कुमार सिन्हा को 115 एवम श्री राम दुबे को 51 मत प्राप्त हुए।
कोषाध्यक्ष पद पर 400 मत पाकर अधिवक्ता जय प्रकाश भकत विजयी घोषित किए गए। यहां प्रतिद्वंदी उम्मीदवार क्रमशः अधिवक्ता दिव्येंदु मंडल 319, अधिवक्ता जितेंद्र कुमार दुबे 107 एवं अधिवक्ता राजीव सैनी 308 मैदान में थे। सहायक कोषाध्यक्ष पद पर अधिवक्ता पुष्पा कुमारी ने 457 मत हासिल किया और बाजी मारी। यहां प्रतिद्वंद्वी अधिवक्ता जगदीप सिंह सैनी 310, अधिवक्ता प्रवीण कुमार 80, अधिवक्ता संकटा सिंह 27, अधिवक्ता श्याम मोहन गुप्ता 199, और अधिवक्ता शमशाद खान 100 मत झोली में आए।
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कार्यकारिणी सदस्य के तौर पर अधिवक्ता अभय कुमार सिंह 530, अधिवक्ता विनीता मिश्रा 526, अधिवक्ता गौरव कुमार पाठक 508, अधिवक्ता लूसी कच्छप 493, अधिवक्ता रवि कुमार ठाकुर 460, अधिवक्ता वेद प्रकाश सिंह 434, अधिवक्ता आलोक कुमार सिंह 404, अधिवक्ता रंजन मिश्रा 395 और अधिवक्ता अनंत गोप 374 मत चुने गए।
पिछले कई दिनों से चुनाव को लेकर उहापोह की स्थिति भी इसके साथ समाप्त हो गई। वैसे इस चुनाव में पूर्व महासचिव अधिवक्त्ता अनिल तिवारी किंग मेकर की भूमिका में उभरे. अधिवक्ता कुलविंदर सिंह ने सभी विजई उम्मीदवारों को बधाई दी है और उम्मीद जाहिर की है कि वे अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए बेहतर तरीके से काम करेंगे।
शनिवार को संपन्न हुए मतदान में 1544 मतदाताओं में से 1233 सदस्यों ने अपने मताधिकारों का प्रयोग किया। दो सदस्यीय चुनाव समिति के अधिवक्ता वीरेंद्र सिंह, अधिवक्ता एसएस बरनवाल, मीडिया प्रभारी अधिवक्ता रंजन धारी सिंह का कार्य सराहनीय रहा। सुनील कुमार सिंह, मिथिलेश सिंह, एसएम राव, संजय सिंह, मौसमी, सोमा दास, जनार्दन सिंह, विनोद, पूजा कुमारी आदि अधिवक्ताओं ने सराहनीय सहयोग दिया। इनका उत्साहवर्धन करने के लिए झारखंड राज्य भर काउंसिल के उपाध्यक्ष और अधिवक्ता राजेश कुमार शुक्ला शुरू से लेकर अंत तक बन रहे।
झारखंड राज्य बार काउंसिल की ओर से अधिवक्ता अमर सिंह एवं अधिवक्ता रामसुभग सिंह बतौर पर्यवेक्षक थे तथा विश्वजीत मंडल को जिला प्रशासन की और से प्रतिनियुक्त किया गया था। शनिवार सुबह से ही बड़ी संख्या में महिला पुलिस बल के साथ ही सहायक आरक्षी निरीक्षक के पुलिस पदाधिकारी भी प्रतिनियुक्त किए गए।
जमशेदपुर:- जमशेदपुर के टेल्को थाना अंतर्गत महानंद बस्ती में स्वास्थ्य चिकित्साका कल्याण विभाग द्वारा अटल मोहल्ला क्लीनिक में बिजली की सुविधा नहीं थी इससे यहां मरीजों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
वही युवा समाजसेवी करनदीप सिंह को बस्ती वासियों ने दो हफ्ते पहले सूचना दी थी की अटल मोहल्ला क्लीनिक में बिजली नहीं होने के कारण काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है जिसको देखते हुए उन्होंने बिजली विभाग से बात कर जल्द से जल्द कनेक्शन दिलवाने की मांग की थी। जो आज विभाग के द्वारा अटल मोहल्ला क्लीनिक में बिजली उपलब्ध करा दी गई।
वही मोहल्ला क्लीनिक के एलटी हर्षराज सिंह ने बताया की अटल मोहल्ला क्लीनिक में बिजली, पानी की समस्या थी जो बिजली की सुविधा तो उपलब्ध हो गई है पर उन्होंने पानी कनेक्शन की भी मांग की है। इस मौके पर डॉ रंभा सिंह, डॉ ऋचा वर्षा, एएनएम रेशमा कुमारी मौजूद थे।
साथ ही काफी संख्या में बस्तीवासी मुन्ना देवी, सुशीला देवी, राधिका देवी ,रीता महानंद ,लक्ष्मण दास, शंभू सिंह उपस्थित थे