जमशेदपुर के साकची जलेबी लाइन के पास गुरुवार दोपहर एक बाइक में अचानक आग गयी. इस घटना के बाद आस-पास के लोगों में अफरा-तफरी मच गयी. वहीं, राहगीर विडियो बनाने में लगे रहे. अगलगी की जानकारी तुरंत फायर विभाग को दी गयी.
क्या है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक एक व्यक्ति जमशेदपुर के मेन रोड से अपनी पल्सर एन-एस 200 बाइक से एक दुकानदार से कपड़ा लेकर घर जा रहा था. साकची के जलेबी लाइन के पास रास्ते में एक होटल पड़ता है. वहां पर वह अपनी बाइक खड़ी कर होटल के अंदर जाता है. इसके कुछ देर बाद ही बाइक में आग लग गयी. आग की लपटें इतनी तेज थी कि आस-पास में अफरा-तफरी मच गयी. तो वहीं कुछ लोग बाइक में लगी आग को बुझाने में लगे रहे.
कुछ दिन पहले ही बाइक की हुई थी सर्विसिंग
बातचीत के क्रम में उस व्यक्ति ने बताया कि बाइक में किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं थी. कुछ दिन पहले ही मैंने अपनी बाइक की सर्विसिंग करायी थी. लेकिन आग कैसे लगी इसकी जानकारी मुझे भी नहीं है. इस घटना के बाद दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया. हालांकि, बाइक तब जलकर खाक हो चुका था. आग बुझने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली.
लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर झामुमो (झारखंड मुक्ति मोर्चा) ने तीसरी और अंतिम लिस्ट जारी कर दी. इसके साथ ही गांडेय विधानसभा उपचुनाव को लेकर भी प्रत्याशी की घोषणा कर दी गयी. पार्टी ने जमशेदपुर लोकसभा सीट से अपने प्रत्याशी के नाम की घोषणा की है. बहरागोड़ा से विधायक समीर मोहंती को जमशेदपुर से टिकट दिया गया है, वहीं गांडेय विधानसभा उपचुनाव को लेकर पार्टी ने झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन को उम्मीदवार बनाया है. बता दें कि झामुमो द्वारा इससे पहले चार लोकसभा सीटों के लिए प्रत्याशियों की घोषणा की जा चुकी है. लोकसभा चुनाव में कुल 14 सीटों में इंडिया गठबंधन के तहत पांच सीटें झामुमो के खाते में आयी हैं. सात सीटें कांग्रेस, राजद व भाकपा माले को एक-एक सीट मिली है.
झामुमो के पहले से चार उम्मीदवार हो चुके हैं घोषित झारखंड की चार लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा करने के बाद झामुमो द्वारा जमशेदपुर सीट से भी प्रत्याशी की घोषणा कर दी गयी. पार्टी ने समीर मोहंती के नाम पर मुहर लगा दी. झामुमो ने पिछले दिनों लोकसभा चुनाव 2024 को दूसरी सूची जारी की थी. इसमें दो लोकसभा सीटों के लिए प्रत्याशियों की घोषणा की गयी थी. आरक्षित लोकसभा सीट राजमहल से विजय हांसदा, वहीं सिंहभूम से जोबा मांझी को प्रत्याशी बनाया गया है. इससे पहले भी झामुमो ने दो लोकसभा सीटों दुमका व गिरिडीह पर उम्मीदवारों की घोषणा की थी. दुमका से नलिन सोरेन व गिरिडीह सीट से मथुरा प्रसाद महतो को प्रत्याशी बनाया है.
अपनी सातों सीटों पर कांग्रेस कर चुकी है उम्मीदवार घोषित झारखंड मुक्ति मोर्चा अब अपनी सभी पांचों सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर चुकी. गांडेय विधानसभा उपचुनाव को लेकर भी कल्पना सोरेन को प्रत्याशी घोषित कर दिया. उधर, लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर इंडिया गठबंधन की घटक दल कांग्रेस अपनी सभी सात सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर चुकी है. लोहरदगा, खूंटी, हजारीबाग, रांची, गोड्डा, चतरा व धनबाद से प्रत्याशी घोषित हो चुके हैं. पार्टी ने लोहरदगा से सुखदेव भगत, खूंटी से कालीचरण मुंडा, हजारीबाग से जेपी पटेल, रांची से यशस्विनी सहाय, गोड्डा से प्रदीप यादव, चतरा से केएन त्रिपाठी व धनबाद से अनुपमा सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है.
कोडरमा से विनोद व पलामू से ममता भुइयां इंडिया गठबंधन के घटक दल भाकपा माले ने कोडरमा से विनोद कुमार सिंह को प्रत्याशी बनाया है, वहीं राजद ने पलामू से ममता भुइयां को अपना उम्मीदवार घोषित किया है.
जिला निर्वाचन पदाधिकारी के निर्देशानुसार उप विकास आयुक्त ने 25 अप्रैल को सभी विद्यालयों में विशेष पैरंट टीचर मीटिंग किया जाना था इसके आलोक में बीपीएम प्लस टू उच्च विद्यालय में आज पैरंट टीचर मीटिंग का आयोजन किया गया कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डीडीसी मनीष कुमार विशिष्ट अतिथि जिला शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार एवं जिला शिक्षा अधीक्षक आशीष कुमार पांडे मौजूद थे। एवं कार्यक्रम की शुरुआत डीडीसी मनीष कुमार ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की एवं मतदाता जागरूकता अभियान को लेकर बच्चों ने नुक्कड़ नाटक भी प्रयोग किया। कार्यक्रम में माध्यमिक का परीक्षा में सफल हुए विद्यालय के टॉपर विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। जिसमें की पहला स्थान अभिषेक कुमार एवं दूसरा स्थान नंदिनी और तीसरा स्थान सागर कुमार को प्राप्त हुआ। वही विद्यालय की प्रधानाचार्य रंजीता गांधी ने बताया की माध्यमिक परीक्षा में सफल हुए अभिषेक कुमार ने विद्यालय का नाम रोशन किया है। एक कदम बढ़ाएंगे वोट देकर आएंगे मौके पर उपस्थित करनदीप सिंह, कुमुद ठाकुर, नायक, गौरी ,वेरोनिका, जितेंद्र , रितु , मोना, अंजू वह अन्य शिक्षक, शिक्षिकाएं उपस्थित थीं
आरबीआई (RBI) की तरफ से कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) के खिलाफ कार्रवाई किये जाने के बाद गुरुवार सुबह मार्केट खुलने के साथ ही बैंक का शेयर धड़ाम हो गया. कारोबारी सत्र की शुरुआत में ही बैंक के शेयर में 10 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखी गई. यह गिरावट भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की तरफ से बैंक को ऑनलाइन नए ग्राहक बनाने और क्रेडिट कार्ड जारी करने पर रोक लगाने के एक दिन बाद आई है. जानकारों का कहना है कि रिजर्व बैंक की इस कार्रवाई से कोटक बैंक के रिटेल कारोबार और शेयर प्राइस को लेकर मार्केट का भरोसा कमजोर हो सकता है.
RBI की रोक कोटक बैंक के लिए बड़ा झटका
मैक्वारी का मानना है कि रिजर्व बैंक की तरफ से लगाई गई रोक कोटक बैंक के लिए बड़ा झटका है. यह इसलिए खास है क्योंकि ग्राहक जोड़ने के लिए बैंक पूरी तरह से ऑनलाइन मोड पर निर्भर रहते हैं. बैंक के 811 डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिये बड़ी संख्या में सेविंग अकाउंट खोले गए हैं और ज्यादातर बिना गारंटी वाले लोन भी डिजिटल तरीके से ही दिए जाते हैं. आपको बता दें कि पिछले एक साल में बैंक के डिजिटल कारोबार में 40 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. यह कुल मिलाकर 18 प्रतिशत की वृद्धि से ज्यादा है. जानकारों का मानना है कि रिजर्व बैंक की कार्रवाई से कोटक बैंक की ग्रोथ, मुनाफे का अंतर (NIM) और फीस से होने वाली कमाई पर असर पड़ेगा.
शेयर का हाल रिजर्व बैंक की तरफ से कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) पर रोक लगाए जाने के बाद बैंक के शेयर में जबरदस्त गिरावट देखी गई. एक दिन पहले बुधवार को यह शेयर 1843 रुपये पर बंद हुआ. गुरुवार सुबह यह शेयर 1675 रुपये पर खुला. कारोबारी सत्र के दौरान शेयर 1689 रुपये के हाई लेवल तक गया. इंट्रा डे में शेयर का लो लेवल 1620 रुपये रहा. इस दौरान यह 52 हफ्ते के लो लेवल 1620 तक गिरा. हालांकि बाद में इसमें मामूली तेजी देखी गई. शेयर का 52 हफ्ते का हाई लेवल 2,063 रुपये है.
एचडीएफसी बैंक पर भी हुई थी कार्रवाई जेफरीज नामक ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि कोटक महिंद्रा बैंक के साथ ऐसा ही हुआ है जैसा कुछ समय पहले HDFC बैंक के साथ हुआ था. रिजर्व बैंक ने साल 2020 में HDFC बैंक पर भी इसी तरह की कार्रवाई की थी. उस समय बैंक को इन समस्याओं को सुलझाने में 9 से 15 महीने लग गए थे. जेफरीज का कहना है कि यदि कोटक महिंद्रा बैंक को भी समस्याएं सुलझाने में ज्यादा समय लगता है तो इससे बैंक की कमाई और खर्च दोनों पर असर पड़ सकता है.
क्या कार्रवाई की गई? बैंकिंग रेग्युलेटर आरबीआई (RBI) ने कोटक महिंद्रा बैंक पर कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन या मोबाइल बैंकिंग के जरिये नए ग्राहक जोड़ने और नए क्रेडिट कार्ड जारी करने पर रोक लगा दी है. रिजर्व बैंक की तरफ से की गई इस कार्रवाई के बाद कोटक महिंद्रा बैंक नए क्रेडिट कार्ड जारी नहीं कर सकेगा. हालांकि आरबीआई की तरफ से यह साफ किया गया कि कोटक महिंद्रा बैंक मौजूदा ग्राहक और क्रेडिट कार्ड होल्डर्स को पहले की तरह सर्विस देता रहेगा.
आरबीआई ने क्यों की कार्रवाई? आरबीआई (RBI) की तरफ से बताया गया कि कोटक बैंक के आईटी जोखिम प्रबंधन और सूचना सुरक्षा संचालन में बरती जाने वाली खामियों के चलते यह कार्रवाई की गई है. आरबीआई ने कहा कि साल 2022 और 2023 के लिए रिजर्व बैंक की आईटी जांच से पैदा हुई अहम चिंताओं और इन चिंताओं को व्यापक और समय पर ढंग से सुधार नहीं होने पर बैंक की ओर से लगातार विफलता के आधार पर ये कार्रवाई की गई है.
बिहार की राजधानी पटना से बड़ी खबर है जहां के पुनपुन थाना क्षेत्र में जदयू के युवा नेता सौरभ कुमार की अपराधियों ने गोली मार कर हत्या कर दी है, वहीं इस घटना में सौरभ के साथी मुनमुन कुमार गंभीर रूप से घायल हैं. उन्हें पटना के कंकड़बाग स्थित निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है. घटना पुनपुन थाना क्षेत्र के बढ़ईया पुल, पैमार गांव की बताई जाती है. बताया जाता है कि यहां दो की संख्या में बाइक सवार अपराधियों ने पहले सौरभ को गोली मार दी और फरार हो गए.
बताया जा रहा है कि 33 साल के सौरभ कुमार सौरभ प्रॉपर्टी डीलिंग का भी काम किया करते थे. वह अपने दोस्त मुनमुन के साथ रात 12 बजे कार से एक शादी के रिसेप्शन से लौट रहे थे. इसी दौरान बाइक सवार 4 बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. सौरभ कुमार के सिर में गोली लगी जिससे उनकी मौत हो गई. वही, उनके दोस्त मुनमुन कुमार को 2 गोलियां लगी हैं जिनकी हालत गंभीर है.
जदयू नेता की हत्या की घटना से ग्रामीण आक्रोशित हैं और शव को एंबुलेंस में रोड पर रखकर पटना गया एनएच 83 को जाम कर दिया गया है. ग्रामीण अपराधियों को पकड़ने की मांग कर रहे हैं. घटना की जानकारी के बाद पुनपुन थाना की पुलिस मौके पर पहुंच गई है और लोगों को समझने में जुटी हुई है. सिटी एसपी पूर्वी भारत सोनी भी मौके पर पहुंचकर लोगों को समझने में जुटे हुए हैं. घटना देर रात तकरीबन साढ़े बारह बजे की बताई जाती है.
पुनपुन थाना अध्यक्ष ने बताया कि परसाबाजार के रहने वाले सौरभ आपने साथी मुनमुन के साथ पुनपुन के बढ़हिया से घर लौट रहे थे, तभी उसी गांव के पंजे पास दो के संख्या में अपराधियों ने घेर कर गोली मार दी जिसमें सौरभ की मौत घटनास्थल पर ही हो गयी. वहीं, उसका साथी मुनमुन गंभीर रूप से घायल है. उसे इलाज के लिए निजी नर्सिंग होम भेजा गया है. घटना की जानकारी के बाद मीसा भारती भी मौके पर पहुंच गईं और लोगों से घटना की जानकारी ली.
जमशेदपुर : आज जो पत्रकारिता का दौर आप देख रहे हैं और पहले का जो दौर था इसमें काफी बदलाव आया है. आज छोटे से पोर्टल और युट्युब चैनल चलाकर भी पत्रकारों को कार और बड़े फ्लैट मेंनटेन करते देखा जा सकता है, लेकिन कभी ऐसा समय था जब 1000-1500 रूपए ही हाऊस पत्रकारों को वेतन दिया करता था, जिस पर परिवार के मुखिया के सिर पर आश्रितों का भारी बोझ होता था।
तंगहाली और बदनसीबी की मार झेलता एक पत्रकार आज भी हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं. मेरे विचार से इस खबर को हर पत्रकार और विशेषकर हाऊस के मालिक व संपादकों को पढ़नी चाहिए. जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र में रहने वाले क्रांतिकारी पत्रकार बिनोद दास का देहांत गत् दिनों बेहतर ईलाज के अभाव में हो गया. बिनोद दास के अंतिम समय में बदतर हालात से जुझते हुए कुछ पत्रकारों ने ही साथ दिया और सरकारी अस्पताल के चक्कर काटते वो इंसान काल के गाल में समां गया।
इस झकझोर देने वाली घटना का मैं खुद प्रमाण भी हूं और जो मैंने देखा तो लगा कि पत्रकार होने के लिए ईमानदारी का जरूरत से ज्यादा होना क्या सही है?अगर सच पूछिए तो एक ईमानदार पत्रकार अगर अच्छे वेतनमान पर नहीं है तो उसे तुरंत पत्रकारिता छोड़ देनी चाहिए? खासकर तब जब आपके पीछे एक भरा-पूरा परिवार हो। पत्रकारिता का जुनून ऐसा था कि बिनोद के परिवार को पसंद न था क्योंकि वो एक ईमानदार और स्वतंत्र पत्रकार था. परिवार के लोग चाहते थे कि बिनोद कुछ ऐसा काम करें जिससे परिवार चले लेकिन वह सुनता नहीं था.
नतीजतन बिनोद ने अपने पत्नी और बच्चों को ही छोड़ दिया और घर से अलग रहने लगा. जिस घांस फूस के छोटे से कोठरे में वह रहता था वहां लोग जानवरों को भी न रखें. ऐसी बदतर जिंदगी जीते हुए भी वह फटेहाल मुस्कुराते दिखाई देता था. एक पत्रकार की दुखभरी दास्तां लिखने की हिम्मत नहीं है और अगर मैं लिख दूं शायद ही कोई पत्थर दिल होगा जिसके आंसू न निकलेंगे। आज शाम जब मैं ऐसोसिएशन के निर्देश पर उसके परिवार से मिला तो पता चला कि घर की माली हालत बहुत ही खराब है।
रविवार को विनोद दास का श्राद्ध कर्म है और परिवार के पास कुछ भी नहीं है. शायद हम सभी को आज पत्रकार होने का धर्म निभाना चाहिए इसलिए मैं उनके बेटे अभिषेक दास के बैंक एकाउंट और मोबाईल स्कैनर भेज कर आपसे मदद की अपील कर रहा हूं। वैसे AISMJWA ऐसोसिएशन से जमशेदपुर शहरी जिला ईकाई द्वारा 50 हजार रुपए और एक वर्ष का सूखा राशन देने का प्रयास हमलोग कर रहे हैं लेकिन फिर भी इस परिवार को सभी संगठनों और सभी पत्रकारों की ओर से मदद मिलनी चाहिए।
जमशेदपुर : पत्रकार पर हुए मामले में मानवाधिकार सहायता संघ अंतरराष्ट्रीय के सरायकेला खरसावां जिला महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष श्रीमती सुमन कारूवा ने निष्पक्ष जांच की मांग एस एस पी से की। ज्ञात हो कि जमशेदपुर स्थित बिस्टुपुर थाना अन्तर्गत दिनांक 20/04/2024 को घटित हुई घटना के संदर्भ में बिस्टुपुर थाना में विशाल कुमार सिंह के बयान पर बिस्टुपुर केश संख्या 130 /24 के तहत एफआईआर दर्ज कराई है, जिसमें धारा 307 भी लगाईं गई है। जान से मारने के नियत से जानलेवा हमला किया गया है।
इस घटना पर श्रीमती सुमन कारूवा (मानवाधिकार सहायता संघ अंतरराष्ट्रीय के सरायकेला खरसावां जिला महिला अध्यक्ष) ने घटना पर संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि बुरी तरह घायल हुए अभी भी टी एम एच में इलाजरत है और उनकी हालत गंभीर है। श्रीमती कारूवा ने वरीय पुलिस अधीक्षक जमशेदपुर से मांग करते हुए कहा कि इस घटना की निष्पक्ष जांच हो।
इसमें जो भी सम्मिलित हैं, चाहे वो कितना भी प्रभावशाली परिवार के सदस्य क्यों न हो उस पर विधिः पूर्वक अविलंब कारवाई होनी चाहिए। जिससे पुलिस प्रशासन पर जनता का विश्वास बनी रहे। साथ ही बिस्टुपुर थाना प्रभारी से आग्रह किया कि इस घटना पर गंभीरता पूर्वक जांच कर अविलंब कारवाई की जाए।
जमशेदपुर : 23 अप्रैल श्री हनुमान जन्मोत्सव के शुभ अवसर पर जमशेदपुर शहर के छोटे – बड़े सभी मंदिरों, अखाड़ा स्थल, कई विद्यालयों मे हिन्दू समाज द्वारा बल, बुद्धि, विवेक के दाता प्रभु श्रीराम के अनन्य भक्त श्री हनुमान जी के लिए पूजा पाठ, हनुमान चालीसा, मंगल आरती, सेवा शिविर, जागरण कार्यक्रम कर अपने भक्ति भाव को प्रकट किया। श्री हनुमान जन्मोत्सव को सफल बनाने में हिंदु समाज के साथ साथ समवैचारिक हिंदु संगठन, मंदिर समिति, शहर के समस्त अखाडा समिति, राजनीतिक दलों ने बढ़ – चढ़कर सहभागिता दिखायी।
जिसके लिए विहिप जमशेदपुर महानगर की ओर से समस्त संगठनों व समितियों को सफ़ल कार्यक्रम के लिए शुभकामनायें दी। शहर में सैकडों मंदिरों में विहिप श्रीरामोत्सव के बैनर तले विहिप बजरंगदल और समस्त आयाम के कार्यकर्ताओं द्वारा शहर के 13 प्रखंडों के अनेकों मंदिरों मे सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ, मंगल आरती, प्रसाद वितरण कर श्री हनुमान जन्मोत्सव मनाया गया, जहां हिंदु समाज की बडी सहभागिता रही।
जमशेदपुर मे सफल और शांतिपूर्ण तरीके से श्री रामनवमी और हनुमान जन्मोत्सव मनाने और शहर मे हिंदू समाज को एकजुट कर सनातन धर्म की रक्षा और संस्कारी समाज निर्माण ही विहिप बजरंगदल संगठन का लक्ष्य है, जिसके लिए भविष्य मे संगठन लगातार प्रयास करता रहेगा।
जमशेदपुर : विगत दिनों सम्पन्न हुए रामनवमी महापर्व जिस में लगभग 175 रामनवमी अखाड़ा ने हिस्सा लिया एवं लाखों भक्त इस पर्व में शामिल हुए।यह पर्व बड़े धूम-धाम एंव शान्ति पूर्ण संपन्न हुआ। इसके लिए आज जमशेदपुर केन्द्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति के सदस्यों ने जिला प्रशासन अधिकारियों से मुलाकत कर दिया धन्यवाद।
जमशेदपुर की जिला प्रसाशन उपायुक्त महोदय श्रीमान अनन्य मित्तल एवं वरीय पुलिस अधीक्षक कौशल किशोर के नेतृत्व में प्रशासन एवं पुलिस ने बेहतर काम किया।ज़िला प्रसाशन ने बेहतर घाट बनवाए,सड़कों की उत्तम साफ सफाई करवाई,पेड़ों की छटाई करवाई, प्रकाश का उत्तम वयवस्था करवाया एवं पुलिस ने यातायात को सुचारू रूप से रखा,सुरक्षा की पूर्ण वयवस्था की गई।
इसके लिए आज जमशेदपुर केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति के सदस्यों ने अध्य्क्ष अरुण सिंह के नेतृत्व में वरीय अधिकारी उपायुक्त महोदय,वरीय पुलिस अधीक्षक,पुलिस अधीक्षक नगर,ए डी एम लॉ एंड आर्डर महोदय एवं अनुमंडल पदाधिकारी से मिलकर उन्हें अंगवस्त्र एवं पौधा देकर उनके कार्यों के लिए बधाई दी।और विश्वास जताया कि जिला प्रसाशन इसी तरह जमशेदपुर के अन्य पर्वों में भी अपनी भूमिका निभाए।ताकि जमशेदपुर में सभी पर्व शांति एवं सुरक्षित तरीके से निष्पादन हो सके।
उपायुक्त महोदय ने कहा की सभी अखाड़ा समिति ने सकारात्मक पहल किया इसके लिए उन्होंने धन्यवाद दिया और जमशेदपुर केंद्रीय समिति का आभार व्यक्त किया। अध्यक्ष अरुण सिंह ने कहा कि जिला प्रसाशन,पुलिस प्रशाशन एवं जमशेदपुर केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति की सकारात्मक पहल का फलाफल है कि इस बार रामनवमी बड़े ही धूमधाम सुरक्षित एवं शांति पूर्ण तरीके से सम्पन्न हुआ।मैं उम्मीद करता हूँ कि आने वाली दुर्गा पूजा भी इसी तरीके से सम्पन्न होगी।
आज मुख्य रूप से समिति के संग्रक्षक प्रमोद तिवारी, कार्यकारी अध्य्क्ष नितिन त्रिवेदी (त्रिवेदी अखाड़ा), विजय तिवारी (उपाध्यक्ष), दिलजोय बोस (उपाध्यक्ष), ललन यादव (महामंत्री), शंकर रेड्डी (पुष्पांजलि अखाड़ा) एवं अन्य साथी उपस्थित थे।
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि धन शोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से की गई गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर हाई कोर्ट फैसला नहीं सुना रहा है. सोरेन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ को बताया कि उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका पर 28 फरवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं सुनाया गया है.
समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक, कपिल सिब्बल ने कहा कि सोरेन ने अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ दो फरवरी को उच्चतम न्यायालय का रुख किया था, लेकिन पीठ ने उनसे राहत पाने के लिए उच्च न्यायालय जाने के लिए कहा. सिब्बल ने कहा कि हमने हेमंत सोरेन मामले में अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दायर की है. इस पर पीठ ने कहा कि उच्च न्यायालय जाएं. हम चार फरवरी को उच्च न्यायालय गए और फिर 27-28 फरवरी को मामले की सुनवाई हुई, लेकिन याचिका पर अभी तक फैसला नहीं किया गया है.
कपिल सिब्बल ने कोर्ट में रखा पक्ष
वरिष्ठ वकील ने कहा, ”हम फिर से उच्च न्यायालय गए और कहा कि जब तक फैसला नहीं सुनाया जाता, हम कहीं नहीं जा सकते. न्यायाधीश ने कुछ नहीं कहा. फिलहाल वह अंदर हैं और चुनाव खत्म हो जाएगा, तब हम कहां जाएं? अगर हम कुछ कहते हैं, तो वे कहेंगे कि हम न्यायपालिका पर हमला कर रहे हैं.”
याचिका को सूचीबद्ध करने का किया अनुरोध
उन्होंने याचिका को शुक्रवार को सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया. न्यायमूर्ति खन्ना ने कहा कि वह याचिका को सूचीबद्ध करने पर कुछ नहीं कह सकते और प्रधान न्यायाधीश का सचिवालय याचिका को सूचीबद्ध करने की तारीख देगा. पीठ ने कहा, ”केवल विवरण दीजिए, यह हो जाएगा. आज या कल, आप को मामले को सूचीबद्ध करने की तारीख मिलेगी.”
सोरेन की वकील ने उठाए सवाल
सोरेन ने वकील प्रज्ञा बघेल के माध्यम से दायर अपनी याचिका में कहा कि एक पैटर्न सामने आया है जो प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाइयों में मनगढ़ंत आरोपों के आधार पर व्यक्तियों विशेषकर विपक्ष से जुड़े राजनीतिक नेताओं पर मुकदमा चलाने और उन्हें निशाना बनाने की कार्रवाइयों के रूप में परिलक्षित होता है.
31 जनवरी को हुई थी गिरफ्तारी
झारखंड के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सोरेन को 31 जनवरी को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था और पार्टी के वफादार एवं राज्य के परिवहन मंत्री चंपई सोरेन को राज्य की कमान सौंपी गई. ईडी ने इस मामले में सात घंटे तक पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया था. ईडी जाली/फर्जी दस्तावेजों की आड़ में नकली विक्रेता और खरीददार दिखाकर करोड़ों रुपये की जमीन का बड़ा हिस्सा हासिल करने के लिए आधिकारिक रिकॉर्ड में हेरफेर करके कथित तौर पर भारी मात्रा में अपराधिक आय अर्जित करने से जुड़े मामले की जांच कर रही है.