सीएम आवास और राजभवन के बाहर भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया गया है. वहीं राजभवन में हलचल तेज हो गई है. डीआईजी अनूप बिरथरे भी सीएम आवास पहुंचे हैं. वह सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं.
वहीं रांची डीसी और एसएसपी भी सीएम हाउस के अंदर गए.
बता दें कि थोड़ी ही देर पहले कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास के गेट नंबर दो से दो टूरिस्ट बसें सीएम आवास के अंदर घुसी है. बसों के पहुंचने से कई तरह की चर्चा शुरू हो गई है. जानकारी के अनुसार सभी विधायकों को सीएम आवास से शिफ्ट किया जा सकता है.
बता दें कि ईडी की टीम सीएम आवास में सीएम हेमंत सोरेन से पूछताछ कर रही है. वहीं सत्ता पक्ष के सभी विधायक और मंत्री भी सीएम आवास में ही मौजूद हैं.
राँची : झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने ईडी के अधिकारी कपिल राज, देवव्रत झा, अनुपम कुमार समेत अन्य के खिलाफ बुधवार ( 31जनवरी) को एसटी एससी थाना में मामला दर्ज कराया है. एसटी एससी थाना कांड संख्या 06/24 दर्ज किया गया है. दर्ज कराए गए मामले में कहा गया है कि जब मैं रांची आया तो मैंने 30 जनवरी को इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के साथ-साथ प्रिंट मीडिया में भी सर्च करने वाले इन अधिकारियों की करतूत देखी. (जारी…)
मुझे और मेरे पूरे समुदाय को परेशान करने और बदनाम करने के लिए झारखंड भवन, नई दिल्ली और 5/01, शांति निकेतन, नई दिल्ली में ऑपरेशन किया गया. मीडिया में स्थानीय कवरेज, जैसा कि नीचे बताया गया है, अनुसूचित जनजाति के सदस्य के रूप में मेरे खिलाफ बनाई गई है. 27 और 28 जनवरी 2024 को, मैंने नई दिल्ली का दौरा किया और शांति निकेतन जिसे झारखंड राज्य द्वारा आवास एवं कार्यालय उपयोग हेतु पट्टे पर लिया गया है, वहां रुका. 29 जनवरी 2024 को, मुझे पता चला कि ईडी के अधिकारियों ने अन्य लोगों के साथ मिलकर उस परिसर में कथित तलाशी ली थी. यह कथित तलाशी मुझे बिना किसी सूचना के ली गई थी. (जारी…)
सीएम ने दर्ज कराए गए एफआईआर में कहा है कि ईडी के अधिकारियों ने मुझे 29 और 31 जनवरी को रांची में उपस्थित रहने के लिए कहा था, हालांकि, राष्ट्रीय और झारखंड स्थित प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा व्यापक कवरेज से, यह स्पष्ट है कि ईडी अधिकारियों ने मीडिया को इसकी जानकारी दी थी, ताकि मीडिया में तमाशा बनाया जा सके और आम जनता की नजरों में मेरी बदनामी हो. मुझे 30 जनवरी को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मीडिया रिपोर्टों से पता चला है कि ईडी के अधिकारियों ने चुनिंदा गलत सूचना लीक की है कि आवास परिसर से जब्त की गई नीली बीएमडब्ल्यू कार मेरी है, मेरे पास से भारी मात्रा में अवैध नकदी मिली थी. परिसर, में मिले बीएमडब्लू निर्मित उस कार का मालिक मैं नहीं हूं, जिसके मालिक होने का दावा ईडी के अधिकारियों ने किया है. ईडी के अधिकारियों और अज्ञात अन्य लोगों ने, जो किसी अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के सदस्य नहीं हैं, जानबूझकर मुझे सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के लिए यह कृत्य किया है.
कांके रोड स्थित पुराने मुख्यमंत्री आवास में दो एसी बसें पहुंची है. दोनों बसें गेट नंबर दो से घुसी है. जानकारी के अनुसार यह अलर्ट के तौर पर बुलाया गया है, ताकि उत्पन्न किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए सत्ता पक्ष के विधायकों को एक जगह पर सुरक्षित स्थान पर भेजा जा सके. बसों के पहुंचने से कई तरह की चर्चा शुरू हो गई है.सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सभी विधायकों को सीएम आवास से शिफ्ट किया जा सकता है.
बता दें कि ईडी की टीम सीएम आवास में सीएम हेमंत सोरेन से पूछताछ कर रही है. वहीं सत्ता पक्ष के सभी विधायक और मंत्री भी सीएम आवास में ही मौजूद हैं.
कांके रोड स्थित पुराने मुख्यमंत्री आवास में दो एसी बसें पहुंची है. दोनों बसें गेट नंबर दो से घुसी है. जानकारी के अनुसार यह अलर्ट के तौर पर बुलाया गया है, ताकि उत्पन्न किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए सत्ता पक्ष के विधायकों को एक जगह पर सुरक्षित स्थान पर भेजा जा सके. बसों के पहुंचने से कई तरह की चर्चा शुरू हो गई है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सभी विधायकों को सीएम आवास से शिफ्ट किया जा सकता है. बता दें कि ईडी की टीम सीएम आवास में सीएम हेमंत सोरेन से पूछताछ कर रही है. वहीं सत्ता पक्ष के सभी विधायक और मंत्री भी सीएम आवास में ही मौजूद हैं.
जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले में दो महिला की तलवार से काटकर हत्या कर दी गई है. एक युवक और एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया है. घटना जिले के धालभूमगढ़ थाना अंतर्गत जूनबनी पंचायत के रघुनाथडीह गांव में हुई. जानकारी के अनुसार, रघुनाथडीह निवासी पीरू मुंडा की पत्नी दीपाली मुंडा एवं उसकी बुआ कुल्लू मुंडा की हत्या बगुला निवासी चुन्नू मुंडा ने घर में घुसकर तलवार से वार कर दिया.
पीरू की पत्नी से छेड़खानी करता था सुभाष मुंडा
जान बचाने के लिए भाग रहे पीरू मुंडा एवं उसके पांच साल के बेटे सिंधु मुंडा को भी तलवार से गंभीर रूप से घायल कर दिया. घायल पीरू मुंडा ने बताया कि चुनू मुंडा का पुत्र सुभाष मुंडा उसकी पत्नी से अक्सर छेड़खानी करता था. इसकी वजह से 23 जनवरी को उनके बीच मारपीट हुई थी. मारपीट में सुभाष मुंडा घायल हो गया था.
जमशेदपुर से इलाज कराकर लौटने के बाद सुभाष ने किया हमला
जमशेदपुर स्थित एमजीएम से इलाज कराकर 30 जनवरी को ही वह घर लौटा था. इस बीच, मामले को सुलझाने के लिए गांव में बैठक हुई. 30 जनवरी को थाना में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था. इसके बावजूद चुनू मुंडा अपने एक अन्य साथी के साथ रात लगभग 10 बजे पीरू मुंडा के घर पहुंचा.
दरवाजा खोलकर घर में दाखिल हुआ हमलावर सुभाष मुंडा
दरवाजे को लात मारकर खोला और घर में दाखिल हो गया. घर में घुसकर उसने तलवार से अंधाधुंध वार किया. पीरू एवं उसका पुत्र घायल स्थिति में किसी प्रकार भागा. कुछ ही दूरी पर उसके मामा का घर है. वहां जाकर छिप गया.
जान बचाने के लिए भाग रही दीपाली और कुल्लू को मार डाला
घायल अवस्था में जान बचाने के लिए भाग रही दीपाली एवं कुल्लू मुंडा घर से कुछ दूर जाकर गिर पड़ीं. इसके बाद तलवार से ताबड़तोड़ हमला कर सुभाष मुंडा ने दोनों को जान से मार दिया. पुलिस ने शवों को कब्जे में ले लिया है. चुनू मुंडा के छोटे पुत्र को भी हिरासत में ले लिया है.
राँची : झारखंड सरकार ने 127 प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले के बाद अब 96 पुलिस पदाधिकारियों की भी ट्रांसफर-पोस्टिंग कर दी है. अमित कुमार को रांची सदर का डीएसपी बनाया गया है. वह खूंटी के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) थे. पूर्वी सिंहभूम जिले के मुसाबनी के डीएसपी प्रमोद मिश्रा को हटिया का डीएसपी बना दिया गया है. वहीं स्पेशल ब्रांच के पुलिस उपाधीक्षक कुमार वेंकटेश रमन का ट्रांसफर करते हुए उन्हें रांची का सिटी डीएसपी बनाया गया है. नगर उंटारी के डीएसपी प्रमोद कुमार केशरी अब रांची के ट्रैफिक डीएसपी होंगे. झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है. जिन पुलिस पदाधिकारियों का तबादला किया गया है, उसकी पूरी लिस्ट यहां देखें.
विपरीत परिस्थिति आने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा अपनी पत्नी को सीएम बनाए जाने संबंधी चर्चा पर उनकी भाभी और जामा से झामुमो की विधायक सीता सोरेन नाराज बताई जाती हैं।
वह मंगलवार को विधायक दल की बैठक में नहीं आईं। सीता सोरेन का कहना है कि कल्पना सोरेन उन्हें किसी हाल में स्वीकार नहीं है। मेरे दिवंगत पति दुर्गा उरांव ने झामुमो के स्थापित करने के लिए काफी संघर्ष किया है। वर्ष 2019 में भी मेरी उपेक्षा हुई थी, लेकिन मैं चुप रही। अब चुप नहीं रहूंगी।
घर की बड़ी बहू होने के नाते मेरा हक बनता है: सीता सारेन
कल्पना सोरेन राजनीति में भी नहीं है। दो बच्चियों को मैंने काफी तकलीफ से पाला है। पति के निधन के बाद मैंने बहुत त्याग किया है, लेकिन अब चुप नहीं रहूंगी।
सवाल उठाया कि अगर कल्पना सोरेन को सीएम बनाया गया तो हमारी उपेक्षा नहीं होगी? घर की बड़ी बहू होने के नाते मेरा हक बनता है।
2019 में मैंने हेमंत सोरेन को सीएम बनाने के फैसले को स्वीकार कर लिया। मेरी बेटियां बड़ी हो गई हैं। कभी उनकी शादी की चिंता नहीं की गई। अगर हेमंत सोरेन के बड़े भाई की पुत्री से स्नेह है तो वे पिता के तौर पर उसे आशीर्वाद दें।
उन्होंने कहा कि वे किसी से नहीं डरतीं। उन्होंने कहा कि बहुत विधायक मेरे समर्थन में हैं। परिस्थिति ऐसी बना दी गई हैं कि वे खुलकर सामने नहीं आते। अगर हेमंत सोरेन अपनी पत्नी कल्पना सोरेन को सीएम बनाने की कोशिश करेंगे तो किसी हाल में समर्थन नहीं करूंगी।
राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव से कथित जमीन के बदले नौकरी घोटाले में ईडी ने 8 घंटे तक पूछताछ की. जांच एजेंसी द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत आठ घंटे तक पूछताछ के बाद वह प्रवर्तन निदेशालय कार्यालय से मंगलवार की शाम को निकल गये.
वह अपने पिता और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के इसी मामले में केंद्रीय एजेंसी द्वारा लगभग दस घंटे तक पूछताछ करने के एक दिन बाद जांच एजेंसी के सामने पेश हुए थे. ईडी सूत्रों के अनुसार पूछताछ के अनुसार ईडी के अधिकारियों ने जमीन के बदले नौकरी मामले में करीब 60 सवालों के जवाब मांगे.
जब बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री जांच एजेंसी के कार्यालय से बाहर निकले तो बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ता मौजूद थे. तेजस्वी यादव को उनकी ओर हाथ हिलाते और विजय चिन्ह दिखाया.
8 घंटे तक ईडी ने तेजस्वी यादव से की पूछताछ
वह भारी सुरक्षा तैनाती और बड़ी संख्या में राजद सदस्यों और समर्थकों के बीच सुबह 11.35 बजे प्रवर्तन निदेशालय या ईडी कार्यालय पहुंचे, जिन्होंने तेजस्वी यादव के समर्थन में नारे लगाए.
लालू यादव जब यूपीए-1 सरकार में रेल मंत्री थे, उस समय यह घोटाला करने का आरोप लगा था. आरोप है कि 2004 से 2009 तक, भारतीय रेलवे के विभिन्न क्षेत्रों में समूह ‘डी’ पदों पर कई लोगों को नियुक्त किया गया था, जिसके लिए उन्होंने अपनी जमीन तत्कालीन रेल मंत्री लालू यादव के परिवार के सदस्यों और एके इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड नामक एक संबद्ध कंपनी को हस्तांतरित कर दी थी. यह हस्तांतरण रिश्वत के रूप में की गई थी.
ईडी ने पहले कहा था कि एके इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड इस मामले में कथित तौर पर एक ‘लाभार्थी कंपनी’ है और दक्षिणी दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में इसका पंजीकृत पता था. इसका इस्तेमाल तेजस्वी यादव द्वारा किया जा रहा था.
जमीन के बदले नौकरी देने का लगा है आरोप
केंद्रीय एजेंसी की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो या सीबीआई द्वारा दर्ज एक मामले पर आधारित है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन रेल मंत्री लालू यादव ने 2004-2009 की अवधि के दौरान भारतीय रेलवे में ग्रुप डी के पदों पर नियुक्ति के लिए भ्रष्टाचार में लिप्त थे.
इससे पहले, ईडी ने 10 मार्च, 2023 को तलाशी अभियान चलाया था, जिसके परिणामस्वरूप ₹ 1 करोड़ (लगभग) की नकदी और लगभग ₹ 1.25 करोड़ का कीमती सामान जब्त किया गया था. इसने पिछले साल 29 जुलाई को 6.02 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को भी अस्थायी रूप से कुर्क किया था.
आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर सियासी गलियारे से बड़ी खबर सामने आ रही है कि समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में अपने 16 प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिया है। सपा ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए अपनी पहली सूची भी जारी कर दी है।
सपा ने जारी की पहली सूची
बड़ी बात ये है कि समाजवादी पार्टी ने अपनी इस लिस्ट में डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव और अक्षय यादव जैसे बड़े नेताओं की सीटों की घोषणा की है। समाजवादी पार्टी ने संभल से शाफिकुर रहमान बर्क को टिकट दिया है तो फिरोजाबाद से अक्षय यादव, मैनपुरी से डिंपल यादव, एटा से देवेश शाक्य, बदायूं से धर्मेंद्र यादव, खीरी से उत्कर्ष वर्मा पर भरोसा जताया है।
इसके साथ ही अखिलेश यादव की पार्टी ने धौरहरा से आनंद भदौरिया, उन्नाव से अनु टंडन, लखनऊ से रविदास मेहरोत्रा, फर्रुखाबाद से नवल किशोर शाक्य, अंबेडकर नगर से लालजी वर्मा, बस्ती से राम प्रसाद चौधरी और गोरखपुर से काजल निषाद को टिकट दिया है।
मुंबई की साइबर सेल पुलिस ने धोखाधड़ी के एक नए तरीके का खुलासा किया है. अभी तक ये ठग लोगों को लालच देकर ठग रहे थे लेकिन अब इन ऑनलाइन ठगों ने पुलिस के नाम पर लोगों को ठगना शुरू कर दिया है.
मुंबई पुलिस ने एक नए तरह के घोटाले का भंडाफोड़ किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, विभिन्न पुलिस स्टेशनों के नाम पर टेलीग्राम चैनल बनाकर लोगों को धोखा दिया जा रहा है।
कैसे हो रहा है फर्जीवाड़ा? पुलिस के मुताबिक साइबर ठग पुलिस स्टेशनों के नाम पर टेलीग्राम ग्रुप और चैनल बना रहे हैं. इसके बाद मैसेज भेजकर लोगों को झूठे केस में फंसा रहे हैं और पैसे ट्रांसफर करवा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है जिसमें एक 70 वर्षीय महिला से फर्जी मामले में 3.5 लाख रुपये की ठगी की गई है.
क्या बात है आ? पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, 70 साल की एक महिला को एक अनजान नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले व्यक्ति ने बताया कि वह लखनऊ कस्टम विभाग से बोल रहा है। फोन करने वाले ने बताया कि उसके नाम पर लखनऊ कस्टम विभाग में एक पार्सल आया है, जिसमें कुछ कपड़े, एक लैपटॉप, 20 पासपोर्ट और 150 ग्राम मेफेड्रोन (ड्रग्स) मिला है। यह पार्सल म्यांमार से आया है.
इसके बाद फर्जी कस्टम अधिकारी ने उसकी बात गोमती नगर थाने के एक फर्जी अधिकारी से कराई. इसके बाद उनसे केस खत्म करने के लिए टेलीग्राम ऐप डाउनलोड करने को कहा गया. ऐप डाउनलोड करने के बाद यूजर की गोमती नगर थाने के नाम की आईडी से वीडियो कॉल पर पुलिस की वर्दी पहने एक शख्स से बात कराई गई, जो फर्जी पुलिसकर्मी था। इसके बदले मामले को खत्म करने के लिए 3.5 लाख रुपये एक बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए गए।
पुलिस ने कहा- ऐसे ग्रुप या चैनल से दूर रहें इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने कहा है कि थाने के नाम से सोशल मीडिया पर चल रहे किसी भी ग्रुप को ज्वाइन न करें और किसी भी मैसेज का रिप्लाई न करें. किसी भी कीमत पर पैसे ट्रांसफर करने की गलती न करें.