जमशेदपुर : जमशेदपुर के मानगो थाना क्षेत्र के जवाहरनगर रोड नंबर 14 में शुक्रवार सुबह पति-पत्नी के बीच पारिवारिक विवाद हुआ है. विवाद में पत्नी मैजबिन नाज ने पति मोहम्मद खालिद मुस्तफा पर आरोप लगाया है कि वह उन्हें पिस्तौल दिखाकर मारने की धमकी दे रहा है. वहीं उनके पति ने बताया कि उनकी पत्नी तलाकशुदा है. उन्हें फेसबुक से प्यार हुआ था. वे पिछले आठ साल से कतर में काम करते थे. वहीं इस वर्ष यानी 2023 में जमशेदपुर छुट्टियां मनाने लौटे तो पता चला कि कतर की कंपनी बंद हो चुकी है. तब से वे यही रहने लगे। (जारी…)
M
उनकी शादी मोहम्मद के साथ जनवरी 2023 में हुई थी. वहीं पती ने बताया कि पिस्तौल निकालकर जान से मारने की धमकी गलत है. उन पर गलत आरोप लगाया जा रहा है. वहीं दूसरी ओर मानगो पुलिस ने बताया कि सुबह सूचना मिली थी कि पति पत्नी में विवाद चल रहा और पति पिस्तौल निकालकर पत्नी को मारने की धमकी दे रहा है. उनके घर की तलाशी ली गयी है परंतु उनके घर पिस्तौल नहीं मिला है. इस मामले में पुलिस दोनों पति-पत्नी को पूछताछ के लिए थाना में लेकर गयी है।
बचपन से लेकर आज तक हजारों बार इस कहावत को सुना गया होगा कि “कहां राजा भोज – कहां गंगू तेली” आमतौर पर यह ही पढ़ाया और बताया जाता था कि इस कहावत का अर्थ अमीर और गरीब के बीच तुलना करने के लिए है, लेकिन इसकी सत्यता कितनी है इसके बारे में शायद ही किसी ने सोचा होगा। आइए जानते है इस कहावत का सच…
इस बहुप्रचलित कहावत का सच भोपाल जाकर पता चलता है कि कहावत का दूर-दूर तक अमीरी- गरीबी से कोई संबंध नहीं है और ना ही कोई गंगू तेली से संबंध है, आज तक तो सोचते थे कि किसी गंगू नाम के तेली की तुलना राजा भोज से की जा रही है और यह बात पूर्णतः गलत साबित होती हुई दिखती है, बल्कि गंगू – तेली नामक शख्स तो खुद राजा थे। (जारी…)
इस बात का पता चलने पर यह तो तय है कि आश्चर्य की सीमा अपनी पराकाष्ठा पर होगी और होनी भी चाहिए, एक उम्र से जिस कहावत का अर्थ गलत निकाला जा रहा था वह अचानक से बदल जो गया। परन्तु साथ ही साथ यह भी समझ आया कि यदि घुमक्कड़ी ध्यान से करो तो आपके ज्ञान में सिर्फ वृद्धि ही नहीं होती बल्कि आपको ऐसी बातें पता चलती है जिस तरफ किसी ने ध्यान ही नहीं दिया होता और यह सोचकर हंसी भी आती है। यह कहावत हम सब के लिए सबक है जो आज तक इसका इस्तेमाल अमीरी गरीबी की तुलना के लिए करते आए हैं।
इस कहावत का संबंध मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और उसके जिला धार से है, भोपाल का पुराना नाम भोजपाल हुआ करता था। “भोजपाल” नाम धार के राजा भोजपाल से मिला। समय के साथ इस नाम में से “ज” शब्द गायब हो गया और नाम भोपाल हो गया। धार के सम्राट राजाभोज बहुत ही प्रतापी और अजेय राजा थे। उनके पराक्रम और शौर्य की चर्चा दूर-दूर तक होती थी। उनसे अदावत मोल लेना कोई नहीं चाहता था। (जारी…)
अब बात करते हैं कहावत की, कहा जाता है, कलचुरी के राजा गांगेय अर्थात गंगू और चालूका के राजा तेलंग अर्थात तेली ने एक बार राजा भोज के राज्य पर हमला कर दिया इस लड़ाई में राजा भोज ने इन दोनों राजाओं को हरा दिया।
उसी के बाद व्यंग्य के तौर पर यह कहावत प्रसिद्ध हुई “कहां राजा भोज-कहां गंगू तेली” राजा भोज की विशाल प्रतिमा भोपाल के वीआईपी रोड के पास झील में लगी हुई है। (साभार)
रांची: झारखंड विधानसभा में मानसून सत्र के पांचवें दिन सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे के बाद शुरू हुई। सदन में प्रभारी मंत्री आलमगीर आलम ने झारखंड प्रतियोगिता परीक्षा विधेयक 2023 विधेयक को पटल पर रखा। जिसपर विधानसभा अध्यक्ष ने अनुमति दी। इसके बाद जिन विधायकों ने इस विधेयक को प्रवर समिति को भेजने की बात कही, उन्होंने अपनी बात रखी। इस विधेयक पर विनोद सिंह, अनंत ओझा, डॉ लंबोदर महतो, विधायक अमर बाउरी , विधायक नवीन जायसवाल, विधायक अमित मंडल ने अपना तर्क दिया। इसके बाद विधायक प्रदीप यादव ने भी इसमें संशोधन करने की बात कही। (जारी…)
डॉ लंबोदर महतो ने कहा कि इस विधेयक को प्रवर समिति को भेजा जाए और समिति को 30 दिनों में अपना प्रतिवेदन देने को कहा जाए। उन्होंने कहा कि झारखंड में झारखंड परीक्षा संचालन अधिनियम 2001 है तो इसकी आवश्यकता क्यों। यह कानून इसी सदन में बना है. आज भी यह लागू है। सदन में उन्होंने झारखंड प्रतियोगिता परीक्षा विधेयक 2023 को काला कानून कहते हैं। विधायक अमर बाउरी ने अपना तर्क देते हुए कहा कि कानून बनाने के पीछे की मंशा जरूर अच्छी होगी। लेकिन इसमें जो भी विषय है वह छात्रों को डराने के लिए है। इसमें जो प्रावधान है उसके अनुसार सजा ऐसी है जैसा मर्डर में नहीं होता। यह विधेयक छात्रों को आत्महत्या करने पर मजबूर कर देगी। इसे ठीक करने की जरूरत है। इसलिए युवाओं के भविष्य को देखते हुए इसमें विचार करने की जरूरत है।
विधायक नवीन जायसवाल ने इसे हड़बड़ी में लाया हुआ विधेयक कहा। उन्होंने कहा कि यह काला कानून है। युवाओं के आवाज दबाने वाला कानून है। नियुक्तयों में चोर दरवाजा खोलने की कोशिश है। अगर विधेयक पास हुआ तो हजारों युवा सड़कों पर आएंगे। उन्होंने कहा कि यह कानून युवाओं की आवाज दबाने का साधन है। अमित मंडल ने अपनी बात में कहा कि यह विधेयक अंग्रेजों के रोलैट एक्ट की तरह है। इस एक्ट को ईस्ट इंडिया कंपनी ने लाया था। जिस विधेयक की हम चर्चा कर रहे हैं उसे भी इंडिया पार्टी ने लाया है। अगर इस इंडिया के आगे ईस्ट जोड़ दिया जाए तो यह काला कानून वहीं ला रहे हैं। विधायकों की ओर से विधेयक को प्रवर समिति में भेजे जाने के पीछे तर्क दिया गया। जिसके जवाब में संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य राज्य के बच्चों को अवसर देने के लिए है। परीक्षा के दौरान जो गलत प्रैक्टिस होता है, उसे इस तरह के कड़े कानून से ही रोका जा सकता है। यह सरकार का सराहनीय कदम है। यह विधेयक केवल स्टूडेंट्स नहीं बल्कि इससे जुड़े तमाम एजेंसियों को ध्यान में रख कर लाया गया है। परीक्षा के दौरान गलत प्रैक्टिस को नहीं रोका गया तो यहां के बच्चों के हितों की रक्षा नहीं हो सकेगी। उन्होंने कहा कि इसके दायरे में परीक्षा एजेंसी से लेकर कोचिंग संस्थान तक आते हैं. जिन्हें दंड दिया जाएगा। इस विधेयक पर विचार सत्र न्यायालय के द्वारा किया जाएगा। सभी बातों को ध्यान में रखा गया है। संसोधन पर विचार किया जाएगा। प्रदीप यादव के अनुरोध पर सजा को कम करने पर विचार किया जाएगा। ऐसे में इस विधेयक को प्रवर समिति को न भेजकर इसे पास किया जाए। इसके बाद तमाम संसोधनों पर विचार करने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने बिल को संशोधन के साथ पास किया। (जारी…)
सदन में सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि इस विधेयक पर सदन की भावना से असहमत नहीं हूं और समझता भी हूं। विधेयक को लेकर विपक्ष सवाल खड़े कर रहा है। सरकार की यही सोच है कि यही डर और भय संस्थाओं में हो, छात्रों में हो जो इसमें शामिल होते हैं। किसी एक की वजह से लाखों क्यों परेशान हों। हम कोई भी फैसला लेते हैं साधारण चीजों में भी जैसे अगर हम पुराना कंप्यूटर बदलकर नया लाते हैं तो हमारे मन में कई सवाल होते हैं। नया सॉफ्टवेयर कैसा होगा हम काम कर पायेंगे या नहीं लेकिन समय के साथ आप सामंजस्य बना लेते हैं और काम करते हैं।
यह विधेयक हम सिर्फ लेकर नहीं आये हैं बल्कि दूसरे राज्यों में भी है। यह विधेयक हड़बड़ी में नहीं लाया गया है बल्कि सोच विचार कर लाया गया है। हम नौजवानों के भविष्य को सोच कर बना रहे हैं। विपक्ष सुभाष मुंडा को लेकर विरोध कर रहा है, बार – बार वेल में आ रहे हैं। सभी नौजवान जमीन के कारोबार में जुड़ रहे हैं। इस राज्य में नक्सल कैसे बने, भूखे पेट जो ना कराए। कल हमारे घर से भी परीक्षा देने बच्चे जायेंगे। आज जिस तरह के सेंटर बनते हैं। गुमला के बच्चे दुमका में, धनबाद में परीक्षा देते हैं कौन किससे दुश्मनी मोल लेगा। किसी को कोई पहचानता नहीं होगा। ट्रेन में एक सुरक्षाकर्मी ने चार लोगों की जान ले ली। मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति की वजह से कानून बदल देना। इसकी आत्मा को ही निकाल देना ठीक नहीं है। अनुमति की आशा में चीजें बैताल खाते में चली जाती है। अगर इसमें कोई समस्या होगी तो अगले सदन में इसे बदलेंगे। हमें मजबूती से आगे बढ़ना चाहिए। मजबूती से परीक्षा कराना चाहिए। (जारी…)
सदन के दोबारा शुरू होने पर भाजपा विधायक बिरंची नारायण ने इरफान अंसारी के बयान को लेकर कहा कि यह घटना संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम के सामने हुई है। ऐसे में उन्हें माफी मांगनी चाहिए। इसके बाद इस मामले पर संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम ने अपनी बात रखी। उन्होंने सदन में बताया कि इरफान अंसारी ने अपने बयान को लेकर उसी दिन माफी मांग ली है। संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि इरफान अंसारी ने माफी मांगी है साथ ही उस बयान को तुल दिया जा रहा है। इसके बाद भी भाजपा विधायक हंगामा करते रहे।
भाजपा विधायक कुशवाहा शशिभूषण मेहता ने सदन को आज शर्मशार किया। मेहता सदन के अंदर इरफान अंसारी को मारने दौड़े। उमाशंकर अकेला ने मेहता को ऐसा करने से रोका। यह सब देख अपने आसन से स्पीकर रबिन्द्रनाथ महतो खड़े हो गए। दरअसल सदन की कार्यवाही शुरू होते ही इरफान अंसारी के बयान पर बवाल मच गया। मेहता ने कहा कि सदन में कान पकड़कर इरफान अंसारी माफी मांगें। ऐसा नहीं करने पर मैं उनकी ऐसी की तैसी कर दूंगा। मंदिर में जाते हैं, चुनरी ओढ़कर ड्रामा करते हैं, टिका मिटाते हैं। इसके बाद जैसे ही इरफान सदन के अंदर आये, मेहता बांह चढ़ाते हुए इरफान की ओर इशारा करते हुए बोले कि आओ इधर आओ और मारने के लिए दौड़ पड़े।
सदन अखाड़ा है क्या: शशिभूषण मेहता के रवैय्ये को देखते हुए स्पीकर ने गुस्से में कहा कि सदन अखाड़ा है क्या? मार्शल की ओर इशारा करते हुए कहा कि इन्हें बाहर निकालिए. संसदीय मर्यादा नहीं समझते हैं। खुद को पढा लिखा बोलते हैं और बोलने का तरीका नहीं है।
जमशेदपुर : जमशेदपुर महानगर के भारतीय जनता युवा मोर्चा ने हेमंत सरकार के क्रियाकलापों से नाराज और हताश झारखंडी जनमानस के आक्रोश को स्वर देने के लिए प्रदेश भाजपा के निर्देशानुसार झारखंड सरकार के खिलाफ कल 4 अगस्त 2023, शुक्रवार को भाजपा जमशेदपुर महानगर जिला कार्यालय साकची से जनाक्रोश मार्च निकाल कर साकची बड़ा गोलचक्कर पर आक्रोश प्रदर्शन करेगी।
इन मुद्दों को लेकर निकाला जाएगा मशाल जुलूस
▪️झारखंड की हेमंत सरकार स्थानीय नीति ,नियोजन नीति और CTET पास झारखंडी युवाओं को भी राज्य सरकार अवसर प्रदान करें, झूठे वादे कर सत्ता में आई इस सरकार ने जल, जंगल, ज़मीन के नाम पर लोगों को ठगने का काम किया है।
▪️प्रदेश में अफसर, मंत्री से लेकर खुद मुख्यमंत्री तक भ्रष्टाचार में लिप्त है। हेमंत सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
युवाओं से इस मशाल जुलूस में शामिल होने की अपील
भाजयुमो ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि झारखंड को बचाना है तो हेमन्त सरकार को हटाना है इसी मूलमंत्र के साथ कल ज्यादा से ज्यादा भाजयुमो जमशेदपुर महानगर के उर्जावान युवा साथी उपस्थित होकर इस जनविरोधी सरकार के खिलाफ मशाल जुलूस में संघर्ष का शंखनाद करें एवं इस नकारा, निकम्मी सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्प लें।
जमशेदपुर : मानगो थाना क्षेत्र के सहारा सिटी में बिल्डर दीपक चौधरी की गोली से घायल युवक अभिषेक मिश्रा की इलाज के दौरान टीएमएच में मौत हो गई है। अभिषेक मिश्रा ने गुरुवार को दम तोड़ा। इस मामले में मानगो थाने में बिल्डर दीपक चौधरी और उसके चालक भूषण महतो के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने के बाद दोनों को जेल भेज दिया था। अब अभिषेक मिश्रा की मौत के बाद हत्या के प्रयास का मामला हत्या के मुकदमे में तब्दील हो जाएगा। (जारी…)
अब धारा 307 के बजाय धारा 302 का केस चलेगा। घटना इसी साल 4 जुलाई की है। तबसे अभिषेक मिश्रा का इलाज टीएमएच में चल रहा था, आज उस ने दम तोड़ा। गौरतलब है कि बिल्डर दीपक चौधरी ने फ्लिपकार्ट से कुछ सामान मंगाया था। डिलीवरी ब्वाय रिशु सिंह सामान देने गया था। लेकिन, दीपक चौधरी ने सामान लेने से मना कर दिया। इस पर रिशु सिंह और दीपक चौधरी के बीच झगड़ा हुआ। तभी दीपक चौधरी ने गोली चलाई जो रिशु सिंह को लगने के बजाय नजदीक खड़े अभिषेक मिश्रा को जा लगी। जबकि, अभिषेक मिश्रा का इस झगड़े से कोई लेना -देना नहीं था।
जमशेदपुर : साकची थाना क्षेत्र अंतर्गत बसंत सेंट्रल मॉल के बिल्डिंग में एक ब्राउन बंच बेकरी शॉप में शाम करीब 5.15 मिनट में अचानक आग लग गई। आग लगने से आस पास अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया। बताया जाता है कि बैटरी के फटने से यह घटना घटी लेकिन लोगों की मदद से आग पर किसी तरह काबू पा लिया गया। किसी तरह की कोई जान माल की हानि की कोई सूचना नहीं है मौके पर फायर ब्रिगेड की गाडी और पुलिस की टीम पहुंच चुकी है।
धनबाद : अनुमंडल पदाधिकारी श्री प्रेम कुमार तिवारी ने 4 ए पैच भौंरा दक्षिण कोलियरी, पूर्वी झरिया क्षेत्र के 500 मीटर क्षेत्रफल की परिधि में तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक के लिए निषेधाज्ञा जारी की है।
इस संबंध में उन्होंने कहा कि 4 ए पैच भौंरा दक्षिण कोलियरी, पूर्वी झरिया क्षेत्र में पूर्वी झरिया क्षेत्र के महाप्रबंधक के पत्र के माध्यम से आंदोलन की सूचना प्राप्त है। उक्त क्षेत्र भू-धंसान एवं अग्नि प्रभावित क्षेत्र के अंतर्गत आता है। संभावित आंदोलन में भारी भीड़ होने की संभावना है। जिसके फलस्वरूप किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होने तथा विधि व्यवस्था भंग होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। (जारी…)
उक्त परिप्रेक्ष्य में विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न हो तथा लोक परिशांति बनी रहे एवं आवश्यक सेवाओं को बनाए रखने व विधि व्यवस्था संधारण के उद्देश्य से उपरोक्त स्थल पर दं.प्र.सं. की धारा 144 के अंतर्गत निषेधाज्ञा लगाया जाना आवश्यक प्रतीत होता है।
इस निषेधाज्ञा के जारी होने के बाद उक्त क्षेत्र में 5 या उससे अधिक व्यक्तियों का आंदोलन के उद्देश्य से एकत्रित होना, किसी प्रकार का धरना, रैली, सभा, प्रदर्शन, लाउडस्पीकर का उपयोग करना, हरवे हथियार एवं अग्नियास्त्र के साथ चलने अथवा उसके प्रयोग करने पर प्रतिबंध रहेगा। (जारी…)
यह प्रतिबंध कार्य पर उपस्थित पदाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों, पुलिस बलों के आने वाले छोटे एवं बड़े वाहन पर लागू नहीं रहेगा। साथ ही विद्यार्थियों के शिक्षण संस्थान में आने जाने या अन्य व्यक्तियों के क्षेत्र से होकर अन्य कार्यों से आने जाने अथवा उक्त क्षेत्र से शव यात्रा, वैवाहिक एवं धार्मिक कार्य से जाने वाले लोगों पर भी यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। इसी प्रकार से यह प्रतिबंध सिक्खों के कृपाण धारण, नेपालियों के खुखरी धारण करने पर भी लागू नहीं होगा।
जमशेदपुर : जमशेदपुर के केंद्रीय शांति समिति सदस्य राम बाबू सिंह के विरुद्ध शांति समिति के ही सदस्य अरुण सिंह ने कार्रवाई करने की मांग उपायुक्त से की है और इस बाबत ज्ञापन भी दिया है। उन्होंने कहा कि जमशेदपुर केन्द्रीय शान्ति समिति में जमशेदपुर के अनेकों गणमान लोगों को शामिल किया गया है ताकि जमशेदपुर में शान्ति व्यवस्था बनाने में जिला प्रशासन को मदद मिल सके एंव जनता और प्रशासन में समन्वय बना रहे, किन्तु केन्द्रीय शान्ति समिति के एक सदस्य राम बाबू सिंह इस समन्वय को तोडने में लगे हैं। (जारी…)
अरुण सिंह ने बताया कि राम बाबू सिंह ने जमशेदपुर शहर में एक होडिंग लगा कर केन्द्रीय शान्ति समिति का स्वयं-भू-संरक्षक घोषित कर दिये है। जिससे अन्य सदस्यों मे नराजगी उत्पन्न हुआ है। केन्द्रीय शान्ति समिति के व्हाट्सएप ग्रुप में राम बाबू सिंह एडमिन के रूप में हैं और एडमिन होने का वह गलत फायदा उठाते हैं। अगर कोई सदस्य राम बाबू सिंह के गलत कार्यों का विरोध करता है तो राम बाबू सिंह उसे केन्द्रीय शान्ति समिति के व्हाट्सएप ग्रुप से निकाल देते हैं या निकालने की घमकी देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो व्यक्ति केन्द्रीय शान्ति समिति का सदस्य नहीं है उसे भी अपने समर्थन के लिए इस ग्रूप में जोड़ दिये हैं। जो कतई उचित नहीं है। (जारी…)
उन्होंने यह सब जानकारी देते हुए उपायुक्त से आग्रह किया है कि राम बाबू सिंह पर उचित करवाई करें एंव केन्द्रीय समिति के कुछ सदस्यों की मृत्यु हो जाने और अनेकों सदस्य के बुजुर्ग हो जाने के कारण इसकी पुनर्गठन किया जाए। जिसमें सकारात्मकता सोच वाले नौजवानों को केन्द्रीय शान्ति समिति से जोड़ने का पहल किया जाए।
झारखंड के चक्रधरपुर में जमशेदपुर एसीबी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। जिसके तहत मीण कार्य विभाग के लिपिक को गिरफ्तार किया गया है। एसबी ने उसके पास से 1 लाख 40 हजार की रिश्वत के रकम बरामद की है।
इससे पहले भ्रष्टाचार निरोधक दस्ता मामले में एक्शन लेने के लिए एक हफ्ते पहले भी जमशेदपुर पहुंचा था, लेकिन तब लिपिक ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यालय नहीं आया था।
झारखंड के जिस सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीण कार्य विभाग के लिपिक पर रिश्वतखोरी का आरोप लगा है वो सड़क डीएमएफटी फंड से बन रही है। सड़क निर्माण की अनुमानित लागत 46 लाख रुपए है। लेकिन सड़क निर्माण गुणवत्ता पर फोकस ना करके ग्रामीण कार्य विभाग का लिपिक अपनी जेब भरने में लगा था। जिसके चलते लिपिक सरोज कुमार को लेकर ठेका कम्पनी ने जमशेदपुर एसीबी की टीम से संपर्क किया था।
शिकायत सही पाए जाने पर एसीबी के अधिकारी चक्रधरपुर के ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यालय पहुंचे थे। एसीबी की टीम के निर्देश पर जैसे ही ठेका कंपनी के अविनाश ने लिपिक को 1 लाख 40 हजार की रिश्वत दी, मौके पर मौजूद टीम ने त्वरित एक्शन लिया और सरोज कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक इस एक्शन के बाद एसीबी की टीम ग्रामीण कार्य विभाग लिपिक के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। अधिकारियों की टीम ने किराए के उस घर पर भी छापा मारा जहां लिपिक सरोज कुमार रहता है। इस घर से एसीबी को कई दस्तावेज हाथ लगे हैं। जिसे लेकर भ्रष्टाचार निरोधक दस्ते की टीम वापस जमशेदपुर एसीबी कार्यालय के रवाना हुई। बता दें कि लिपिक सरोज कुमार के खिलाफ ठेका कंपनी की शिकायत के बाद एसीपी मा्मले की जांच में लगी थी। इससे एक हफ्ते पहले भी एसीबी के अधिकारी चक्रधरपुर पहुंचे थे। लेकिन उस दिन लिपिक कार्यालय ही नहीं आया था।ॉ
धनबाद के धैया के भेलाटांड़ स्थित ट्रिनिटी गार्डेन के ई-ब्लॉक निवासी सांघवी ठाकुर उर्फ चारु (13 वर्ष) की मौत की जांच सीआईडी ने शुरू कर दी है। धनबाद पुलिस की अनुशंसा और सीआईडी डीएसपी की प्रारंभिक जांच के आधार पर सांघवी की मौत की गुत्थी सुलझाने की जिम्मेदारी सीआईडी को सौंपी गई है।
इस संबंध में गृह विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। अनुसंधान के लिए धनबाद सीआईडी इंस्पेक्टर विनोद गुप्ता को आईओ बनाया गया है। ट्रिनिटी गार्डन के ई-ब्लॉक की सातवीं मंजिल से गिरकर 15 फरवरी को कार्मेल स्कूल धनबाद की छठी की छात्रा सांघवी ठाकुर की मौत हो गई थी।
सीआईडी को तलाशने हैं इन सवालों के जवाब गौरतलब है कि सीआईडी को अपनी जांच के दौरान कई अहम सवालों के जवाब तलाशने हैं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से मिले सुराग को सुलझा लिया तो मिस्ट्री भी सुलझ जाएगी। सीसीटीवी फुटेज में घटना के दो दिन पहले 13 फरवरी को ट्रिनिटी गार्डन कैंपस में चारु से उलझ रहे अंजान लड़के कौन थे, घटना के वक्त का कमल कटेसरिया स्कूल के बुलेट कैमरे का फुटेज में क्या है, चारु जहां गिरी, वहां से 30-40 फीट दूर उसका जूता क्यों मिला, 35 दिन बीतने के बाद चारु की कानबाली मिली, घटना के कुछ दिन पहले एक आरोपी रात में उनके घर पर क्यों आया था।
पांच महीने बाद भी नहीं सुलझी सांघवी की मौत की गुत्थी पांच महीने बाद भी पुलिस सांघवी की मौत की गुत्थी सुलझाने में नाकाम रही। सांघवी की मौत हत्या, आत्महत्या या हादसा है, इस निष्कर्ष पर पुलिस नहीं पहुंच सकी। पुलिस ने ही सीआईडी जांच की अनुशंसा की थी। चारु के पिता सह एनएचएआई अधिकारी चंदन ठाकुर के बयान पर पुलिस ने चारु के ताइक्वांडो शिक्षक व भूली निवासी विशाल पंडित, अपार्टमेंट के दो किशोर के अलावा हीरापुर के एक किशोर के खिलाफ बरवाअड्डा थाने में हत्या की धारा में नामजद प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस ने हर दृष्टिकोण से जांच की, लेकिन पुलिस की जांच न किसी अंजाम तक पहुंची और न ही घरवाले संतुष्ट नहीं हो सके। कई जगहों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद भी सांघवी की मौत की असल वजह सामने नहीं आ सकी। छात्रा के पिता व घरवाले बार-बार इसे हत्या बता रहे हैं। अब सीआईडी पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
डीएसपी की रिपोर्ट पर सीआईडी को सौंपा गया अनुसंधान सीआईडी एसपी के आदेश पर पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी बोकारो सीआईडी डीएसपी नीरज कुमार सिंह को सौंपी गई थी। एसपी ने डीएसपी को कुल 11 बिंदुओं पर जांच करने का टास्क दिया था। डीएसपी नीरज कुमार सिंह ने पूरे मामले में जांच के बाद एसपी को रिपोर्ट सौंप दी। उन्होंने 11 बिंदुओं में से कई बिंदुओं पर पुलिस की जांच को कठघरे में खड़ा करते हुए एसपी को रिपोर्ट सौंपी। डीएसपी की जांच के बाद डीजीपी ने सीआईडी को केस के अनुसंधान का प्रभार लेकर खुद जांच करने का आदेश दिया।
इधर, आईओ इंस्पेक्टर विनोद कुमार ने बरवाअड्डा थाने की पुलिस से संपर्क कर केस से जुड़े साक्ष्य और तथ्यों की जानकारी ली। सीआईडी जल्द सांघवी के पिता से पूछताछ करने की तैयारी में है।