बेरमो : बेरमो के सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष गुरमीत सिंह ने पूर्वी सिंहभूम के विधायक सरयू राय को धन्यवाद देते हुए कहा कि सरयु राय जी ने जो मुद्दा झारखंड विधानसभा में उठाया है सेन्ट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बेरमो उसके लिए सरयु राय जी का धन्यवाद करती है। (जारी…)
उन्होंने कहा कि तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब जी में झारखंड कि संगत का प्रतिनिधित्व शुरू से रहा है और हमेशा रहेगा। हम सभी मिलकर अपने हक के लिए लड़ेंगे। गौरतलब हो कि पटना के तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब के होने वाले चुनाव में झारखण्ड के सिखों के वोटिंग अधिकार को समाप्त करने की कोशिश हो रही है, जिसके विरुद्ध में झारखण्ड के सिखों ने अपनी आवाज़ बुलंद की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सांसदों के साथ बैठक में क्रम में उत्तर प्रदेश और दक्षिणी राज्यों के सांसदों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए जीत का मंत्र दिया।
पीएम मोदी ने उनसे कहा, ”गरीबी सबसे बड़ी जाती है।” पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश के 45 से अधिक सांसदों की एक बैठक को संबोधित किया। इसके बाद सभी दक्षिणी राज्यों के सांसदों के एक समूह को भी संबोधित किया।
बुधवार को पहली बैठक उत्तर प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र के एनडीए सांसदों के साथ हुई। दूसरी बैठक में दक्षिणी राज्यों के सांसद मौजूद थे, जिनमें आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं।
पहली बैठक की मेजबानी मोदी सरकार के वरिष्ठ मंत्री महेंद्र नाथ पांडे ने केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के साथ की। दिलचस्प बात यह है कि प्रधानमंत्री मोदी भी पूर्वी यूपी से सांसद हैं। इस बैठक को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी संबोधित किया। राजनाथ सिंह भी इसी क्षेत्र से सांसद चुने जाते हैं।
पीएम ने यूपी के सांसदों से क्या कहा? प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के सांसदों से कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं को जनता तक ले जाना और विपक्ष द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों को दूर करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “विपक्ष के झूठे आरोपों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए पेशेवर सोशल मीडिया टीमों के साथ अपने निर्वाचन क्षेत्रों को सशक्त बनाएं।” पीएम मोदी ने सांसदों को सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने और डिजिटल दुनिया में अपना प्रदर्शन बढ़ाने के लिए पेशेवर सोशल मीडिया विशेषज्ञों की सेवाएं लेने की सलाह दी।
प्रधानमंत्री ने एनडीए सरकार द्वारा किए गए कार्यों के बारे में स्थानीय लोगों के साथ सांसदों को संवाद करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “इसे हासिल करने का एक कॉल सेंटर खोलने पर विचार कर सकते हैं।”
गरीबी उन्मूलन की दिशा में काम पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “गरीबी सबसे बड़ी जाति है”। उन्होंने कहा, “राम मंदिर का वादा बीजेपी की विचारधारा से पैदा हुआ था, लेकिन सांसद यह मानकर संतुष्ट नहीं हो सकते कि इससे वोट मिलेंगे।”
पीएम मोदी ने सांसदों को निर्वाचन क्षेत्रों में नई परियोजनाएं शुरू नहीं करने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा, “इसके बजाय चल रहे कार्यों को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित करें और सरकार की उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से प्रचारित करें।”
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि यह सच है कि अनुच्छेद 370 और राम मंदिर भाजपा की प्रतिबद्धता का हिस्सा रहे हैं, लेकिन वोट सुरक्षित करने के लिए लोगों के लिए लगन से काम करना चाहिए।
पीएम मोदी की नजर दक्षिण भारत पर दूसरी बैठक की मेजबानी केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी और विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने की। इस बैठक को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी संबोधित किया। दक्षिण भारत के सांसदों के साथ बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने पिछले नौ वर्षों में अपनी सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला, जिसमें दक्षिण भारत पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने विपक्ष शासित राज्यों, विशेषकर दक्षिण में भ्रष्टाचार के स्तर पर भी चिंता व्यक्त की।
पीएम मोदी ने एनडीए सदस्यों से विपक्ष के नेतृत्व वाले राज्यों में प्रचलित मुफ्त चीजें बांटने की संस्कृति का विरोध करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “ऐसी प्रथाओं से लंबे समय में देश को महत्वपूर्ण नुकसान हो सकता है।”
पीएम मोदी ने विपक्ष के गुट पर फिर तीखा हमला बोला और कहा कि यह गठबंधन बिना सोचे-समझे स्वार्थी एजेंडे के बनाया गया है। उन्होंने कहा, ”मैं विपक्षी सांसदों को चुनौती दे सकता हूं। उनमें से किसी से भी पूछने का प्रयास करें कि I.N.D.I.A. का फुल फॉर्म क्या है, उनमें से एक को भी पता नहीं होगा।”
जमशेदपुर : जमशेदपुर और मानगो नगर निकायों के कचरा डंपिंग साइट सोनारी दोमुहानी के बायो माइनिंग और रिसोर्स रिकवरी को लेकर जमशेदपुर अक्षेस के साथ गुरु रामदास कंस्ट्रक्शन के बीच एक अहम समझौता पर हस्ताक्षर हुआ। जमशेदपुर अक्षेस के विशेष पदाधिकारी संजय कुमार और गुरु रामदास कंस्ट्रक्शन के टेक्निकल डायरेक्टर डॉ प्रशांत चेंदके के बीच यह समझौता हुआ। इसके तहत उक्त कचरा स्थल को पार्क के रुप में विकसित किया जायेगा।(जारी…)
वहां का पूरा डंपिंग को ही बंद कर दिया जायेगा। छह माह में करीब 48 हजार मीट्रिक टन कचरा का निष्पादन किया जाना है। वहां के सारे कचरे को हटाकर वहां बायो माइनिंग के जरिये सारे कचरे को साफ कर उसके ऊपर ही पार्क विकसित किया जायेगा ताकि लोग उसका इस्तेमाल कर सके।
जमशेदपुर : जमशेदपुर के विधायक सरयू राय की पार्टी भारतीय जनतंत्र मोर्चा (भाजमो) के युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष अमित शर्मा ने टेल्को मंडल का विस्तार किया है।(जारी…)
इसके तहत अध्यक्ष आयुष प्रसाद, कार्यकारी अध्यक्ष पंकज कुमार, महामंत्री रवि सिंह, उपाध्यक्ष सोहित कुमार राकेश कुमार, प्रसाद नायक, चंदन प्रसाद, मंत्री अमन कुमार, स्वर्ण सिंह, राहुल सिंह, कार्यकारिणी सदस्य राहुल कुमार, सूरज कुमार, सौरभ कंसा, विष्णु गोप, आजाद कुमार, संजय कुमार , सौरभ तंटुबाई सहित अन्य बनाये गये है। (जारी…)
घोषणा बारीडीह स्थित विधानसभा कार्यालय में की गई। इस अवसर पर जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय उपस्थित थे। श्री राय ने सभी पदाधिकारियों को माला पहनाकर उनका स्वागत किया।
जमशेदपुर : इंटक की राष्ट्रीय संगठन सचिव देविका सिंह को महिला इंटक का राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोनित किया गया है। इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ जी संजीवा रेड्डी ने देविका सिंह को तत्काल प्रभाव से मनोनित करते हुए केंद्रीय कमेटी का भी गठन करने को कहा है। देविका सिंह ने अपने इस मनोनयन पर राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ जी संजीवा रेड्डी और महामंत्री संजय सिंह के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि जिस आशा और उम्मीद के साथ उनको यह जिम्मेवारी मिली है, उसको वह पूरा करेगी। उन्होंने इंटक के प्रदेश अध्यक्ष राकेश्वर पांडे और मेटल फेडरेशन के पदाधिकारी रघुनाथ पांडेय के प्रति भी आभार प्रकट किया है। (जारी..)
धनबाद के राजनीतिक परिवार की पृष्ठभूमि की देविका सिंह टाटा ग्रुप में इंजीनियर एसके सिंह से विवाह के बाद जमशेदपुर की हो गई। वर्ष 2000 में इंटक में प्रवेश करने के बाद टीआरएफ यूनियन में कोषाध्यक्ष, बीओसी यूनियन में डिप्टी प्रेसिडेंट, आईएनएमएफ में संगठन सचिव, राष्ट्रीय इंटक में संगठन सचिव, महिला इंटक में राष्ट्रीय कमेटी में उपाध्यक्ष के बाद अब महिला इंटक में सर्वोच्च पद राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेवारी संभालेगी।
जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित एम रोड श्रीलेदर्स कंपनी के मालिक शेखर डे के पुत्र सुशांत डे के खिलाफ बिष्टुपुर थाना में एक केस दायर किया गया है। (जारी…)
सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह थाना के सिरुम निवासी मनमोहन महतो की ओर से यह केस दायर किया गया है। इसमें बताया गया है कि सुशांत डे की ओर से श्रीलेदर्स के कर्मचारियों को फ्लैट दिया गया था। बिष्टुपुर में दिये गये इस फ्लैट में ज्वलनशील पदार्थ के रख-रखाव में लापरवाही बरतने के कारण गैस सिलेंडर फटने से कमरे में आग फैलने से तीन लोग आग से झुलस गये, जिनको टीएमएच में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। (जारी…)
कर्मचारी मनमोहन महतो के अलावा सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल के गागोडीह निवासी महाबीर सिंह सरदार और चांडिल गागोडीह निवासी राजकुमार गोराई भी इस घटना में झुलस गये है। बिष्टुपुर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
झारखण्ड : बुधवार को जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने तख्त श्री हरमंदिर साहिब, पटना की 15सदस्यीय समिति में झारखण्ड का स्थान सुरक्षित करने का मामला शून्यकाल के दौरान विधानसभा में जोरदार ढंग से उठाया तथा सभा अध्यक्ष से इस बारे में सरकार को संज्ञान लेने का निर्देश देने का आग्रह किया।
झारखण्ड सिखों के अधिकार सुरक्षित रखने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा सीजीपीसी: भगवान सिंह
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (सीजीपीसी) के प्रधान सरदार भगवान सिंह ने कहा कि झारखण्ड के सिख अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना जानते है तथा झारखण्ड सिखों के अधिकार सुरक्षित रखने के लिए सीजीपीसी हरसंभव प्रयास करेगी। झारखण्ड सिखों के अधिकार पक्ष का मुद्दा सदन में उठाने के लिए उन्होंने सरयू राय का धन्यवाद भी किया।
विधान सभा में मामला उठना शुरुआती जीत है, सीजीपीसी विधायक का धन्यवाद करती है: शैलेन्द्र सिंह
वहीँ झारखण्ड राज्य गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के प्रधान सरदार शैलेन्द्र सिंह ने इसे शुरुआती जीत करार देते हुए झारखण्ड सिखों के मौलिक और धार्मिक अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रखने की बात कही। सरदार भगवान सिंह और सरदार शैलेन्द्र सिंह ने एक सुर में कहा कि तख्त श्री हरमंदिर साहिब, पटना की सदस्य समिति में झारखण्ड का स्थान सुरक्षित करने के लिए वे क़ानूनी सहारा भी ले सकते हैं। (जारी…)
गौरतलब है कि आज शून्यकाल में के दौरान जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने झारखण्ड विधान सभा में वक्तव्य रखते हुए कहा कि सिखों के दसवें गुरू, गुरू गोविंद सिंह जी की जन्मस्थली पटना साहिब में स्थित तख्त श्री हरमंदिर साहिब जी का प्रबंधन 15 सदस्यीय समिति करती है। इसका संचालन 1955 में बने संविधान और नियामवाली के तहत होता है। प्रबंधन समिति में अमृतसर, कोलकाता, लखनऊ, दिल्ली सहित उत्तर एवं दक्षिण बिहार का प्रतिनिधित्व है। बिहार का पुनर्गठन होकर झारखण्ड राज्य बना है।
अभी तक दक्षिण बिहार के साथ झारखण्ड था। दक्षिण बिहार और झारखण्ड का संयुक्त प्रतिनिधित्व तख्त श्री हरमंदिर साहिब, पटना के प्रबंधन की 15 सदस्यीय समिति में रहता था। परन्तु किन्ही लोगों द्वारा अब यह साजिश हो रही है कि झारखण्ड को दक्षिण बिहार के प्रतिनिधि से अलग कर दिया जाय और इसके लिए तख्त श्री हरमंदिर साहिब, पटना समिति के संविधान में संशोधन किया जाय। जबकि दक्षिण बिहार में केवल 15 गुरूद्वारा है और झारखंड में 120 के करीब गुरूद्वारा है। इस तरह झारखण्ड को प्रतिनिधित्व से वंचित करने की साजिश चल रही है। जब अमृतसर, कोलकाता, लखनऊ, दिल्ली के सिख प्रतिनिधि तख्त हरमंदिर साहेब की 15सदस्यीय समिति में है तो झारखण्ड को इसमें प्रतिनिधित्व नहीं देना कहीं से भी उचित नहीं है। इसी प्रकरण पर सरयू राय ने सरकार से मांग की है कि बिहार की सरकार के साथ वार्ता कर तख्त श्री हरमंदिर साहिब प्रबंधन समिति में झारखण्ड का स्थान सुरक्षित कार्यवाया जाये।
झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष गुरविंदर सिंह सेठी ने हरमंदिर जी, पटना साहिब में सिखों के जनसांख्यिक प्रतिनिधित्व में प्रस्तावित परिवर्तनों पर नाराजगी व्यक्त की है। श्री सेठी ने कहा के तक़त श्री हरमंदिर जी, पटना साहिब प्रबंधन समिति के संविधान का अस्तित्व 1955-56 से है, और हमारे समुदाय के सदस्य दक्षिण बिहार निर्वाचन क्षेत्र में अपना संविधानिक अधिकार व्यय कर रहे हैं।हाल ही में, कुछ नेताओं ने झारखंड राज्य के सिख संगत और गुरुद्वारों के प्रतिनिधित्व को दक्षिण बिहार निर्वाचन क्षेत्र की वोटिंग प्रक्रिया से बाहर करने की कोशिश की है, यह दावा करते हुए कि झारखंड बिहार से अलग हो चुका है और इसलिए हमारा वोट देने का अधिकार समाप्त होना चाहिए।
श्री सेठी ने बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार से झारखंड के सिखों के अधिकार सुनिश्चित करने के लिए पत्र लिखा है, श्री सेठी ने कहा के झारखंड में सिख समुदाय बिहार के तुलना में अधिक है। बिहार पुनर्गठन अधिनियम और तखत श्री हरमंदिर जी, पटना साहिब के बायलॉज की प्रावधानों का उल्लंघन करने वाली इस कदम को रोकने का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अनुरोध किया है जब तक बायलॉज में कोई संशोधन नहीं किया गया है।
जमशेदपुर : जमशेदपुर ज़िलें मे हो रही लगातार बारिश से आम जनजीवन पर असर पड़ा है. इस बीच जमशेदपुर के डीसी मंजूनाथ भजन्त्री ने अपने अधीनस्थ अधिकारियो को सतर्क कर दिया है. डीसी के निर्देश के बाद पूरा अमला रेस हो गया है. लोगो को निचले इलाके से हटाकर ऊपरी इलाके शिफ्ट होने की हिदायत दी जा रही हैं. वही कई इलाका को खाली भी कराया जा रहा है. दूसरी ओर, बरसात के मौसम को देखते हुए जिलेवासियों को बिजली के कारण जानमाल का नुकसान नहीं हो इसके लिए उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा अपील जारी की गई है. उन्होने कहा कि बरसात के दिनों में तेज हवा के कारण किसी खेत में पोल गिरे हों या पेड़ की टहनी बिजली के तार को छू रहे हों तो तत्काल पूर्वी सिंहभूम जिला अंतर्गत जमशेदपुर, मानगो, घाटशिला विद्युत आपूर्ति प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को सूचना दें. बारिश के दौरान बिजली लाइन, ट्रासंफॉर्मर व पोल आदि से दूर रहें. उक्त के संपर्क में आने से करंट इंसान के शरीर में प्रवाहित हो सकता है, क्योंकि बारिश में अर्थिंग मिलता है. बिजली लाइन या ट्रांसफॉर्मर से छेड़छाड़ नहीं करें. विद्युत लाइन के नीचे न बैठें न खड़े रहें. कहीं पर भी चिंगारी उठ रही हो या कोई तार टूट जाए या किसी पोल या अर्थिंग सेट में करंट आ रहा हो तो तुरंत संबंधित अभियंता या विद्युत उपकेन्द्र पर सूचना दें.
कार्यपालक अभियंता का फोन नंबर :
कार्यपालक अभियंता, विद्युत प्रमंडल, जमशेदपुर- 9431135915 कार्यपालक अभियंता, विद्युत प्रमंडल, मानगो- 9431135905 कार्यपालक अभियंता, विद्युत प्रमंडल, घाटशिला- 9431135917
वज्रपात से बचाव के लिए क्या करें –
जब आप घर के भीतर हों
बिजली से संचालित उपकरणों से दूर रहें, तार वाले टेलीफोन का उपयोग न करें. ऐसी वस्तुएं जो बिजली के सुचालक हैं, उनसे दूर रहे, धातु से बने पाइप, नल, फव्वारा, वॉशबेसिन आदि से दूर रहें. कपड़े सुखाने के लिए तार का प्रयोग न कर जूट या सुत की रस्सी का प्रयोग करें. जब आप खेल, खलिहान में काम कर रहे हैं गीले खेतों में हल चलाते, रोपनी या अन्य कार्य कर रहे किसान तथा मजदूर या तालाब में कोई कार्य कर रहे व्यक्ति तुरंत सूखे या सुरक्षित स्थान पर जायें. धातु से बने कृषि यंत्र या डंडा से अपने आप को दूर कर लें. जब आप जंगल में हों छोटे या घने पेड़ों की शरण में चले जायें. जब आप घर के बाहर हों ऊंचे वृक्ष बिजली को आकर्षित करते हैं, कृप्या उनके नीचे न खड़े रहें. समूह में न रहें बल्कि अलग-अलग हो जायें. किसी पक्के मकान में आश्रय लेना बेहतर है. सफर के दौरान अपने वाहन में ही बने रहें. खुली छत वाले वाहन की सवारी न करें. बाहर रहने पर धातु से बनी वस्तुओं का उपयोग न करें. बाईक, बिजली या टेलीफोन का खंभा, तार की बाड़, मशीन आदि से दूर रहें. तालाब और जलाशयों से दूर रहें. यदि आप पानी के भीतर हैं अथवा किसी नाव में हैं तो तुरंत बाहर आ जाएं. अगर किसी सुरक्षित स्थान पर शरण ले पाने में असमर्थ हों जहां हैं वहीं रहें हो सके तो पैरों के नीचे सूखी चीजें जैसे लकड़ी, प्लास्टिक, बोरा या सूखे पत्ते रख लें. जमीन पर बिल्कुल नहीं लेटें. दोनों पैरों को आपस में सटा लें एवं दोनों हाथों को घुटनों पर रखकर अपने सिर को जमीन की तरफ यथोसंभव झुका लें तथा सिर को जमीन से न छूने दें. वज्रपात का झटका लगने पर ये करें वज्रपात के झटका लगने पर जरूरत के अनुसार व्यक्ति को सीपीआर यानी कृत्रिम श्वास देनी चाहिए. तत्काल प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करने की व्यवस्था करें. वज्रपात से प्रभावित व्यक्ति की सूचना अपने अंचलाधिकारी या जिले के जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी अथवा उपायुक्त को तत्काल दें.
मुंबई : जानेमाने आर्ट डायरेक्टर नितिन देसाई ने बुधवार को खुदकुशी कर ली, उन्होंने मुंबई में एनडी स्टूडियो में आत्महत्या की है। नितिन देसाई पर कुछ दिन पहले 51 लाख की धोखाधड़ी का आरोप लगा था। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक कर्जत के पास नितीन देसाई ND स्टूडियो में फांसी लगाकर अपनी जिंदगी खत्म कर ली है और सुबह सुबह सफाई कर्मचारी ने उन्हें इस अवस्था में पाया है।
फांसी लगाकर की आत्महत्या
यह बात सामने आई है कि नितिन देसाई ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। यह जानने के बाद कि स्टूडियो स्टाफ ने आत्महत्या कर ली है, उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित किया। अब पुलिस उसके अनुसार आगे की कार्रवाई कर रही है। नितिन देसाई की आत्महत्या के पीछे की वजह अभी तक सामने नहीं आई है।
80 के दशक में हुई करियर की शुरूआत
नितिन देसाई ने कला निर्देशन जैसे अलग क्षेत्र में बहुमूल्य काम किया है। नितिन देसाई ने पिछले 30 वर्षों में कई फिल्मों का कला निर्देशन संभाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर महाराष्ट्र के सभी राजनेताओं से नितिन देसाई के अच्छे संबंध थे। नितिन देसाई इंडस्ट्री में एक बड़ा नाम हैं। नितीश देसाई ने अपने करियर की शुरुआत 80 के दशक में की थी। नितिन देसाई को असली ब्रेक फिल्म ‘1942 ए लव स्टोरी’ से मिला। बाद में उन्होंने कई लोकप्रिय निर्देशकों के साथ काम किया।
बॉलीवुड को दिए हैं कई यादगार सेट
नितिन देसाई ने हम दिल दे चुके सनम, लगान, देवदास, जोधा अकबर, मिशन काश्मीर, खारी, स्वदेश और प्रेम रतन धन पायो जैसी फिल्मों का सेट डिजाइन किया था, उन्हें चार बार बेस्ट आर्ट डायरेक्शन का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था। 2000 में हम दुल दे चुके सनम और 2003 में देवदास के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ कला निर्देशक के राष्ट्रयी पुरस्कारी से सम्मानित किया गया है। इतना ही नहीं नितिन को फिल्म ‘हिरश्रंद फैक्ट्री’ के लिए सर्वश्रष्ठ कला नर्धेशक के रूप में महाराष्ट राज्य फिल्म पुरस्कार मिला है।
एडवर्टाइजिंग एजेंसी ने लगाया था धोखाधड़ी का आरोप
मई में एक एडवर्टाइजिंग एजेंसी ने देसाई पर 51.7 लाख रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। एजेंसी ने कहा था कि 3 महीने तक काम करवाने के बावजूद देसाई ने पैसा नहीं दिया था। हालांकि, नितिन देसाई ने इन आरोपों का खंडन किया था,उन्होंने कहा था कि एजेंसी पहले भी उन पर इस तरह के आरोप लगा चुकी है।