एक नई सोच, एक नई धारा

झारखण्ड कैबिनेट की बैठक में 30 प्रस्तावों को मंजूरी, जाने किन किन प्रस्ताव को मिली मंजूरी

रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में कैबिेनट की बैठक हुई। इस कैबिनेट की बैठक में कुल 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी। इसके तहत एक रुपये प्रति किलो चना दाल सरकारी राशन दुकानों में देने की मंजूरी दी गयी। इसके अलावा पश्चिम सिंहभूम जिले के अलावा दुमका, लातेहार, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा समेत सात जिलों में अत्यंत पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने को मंजूरी दी गयी। वहीं, इडब्ल्यूएस के रुप में नियुक्ति के लिए आवेदन करने की मंजूरी दी गयी। इसके अलावा पश्चिम सिंहभूम जिले में तीन नये थाना गुदड़ी, लोढ़ाई, सेरेंगदा बनाने को मंजूरी दी गयी। वहीं, डिजिटल पंचायत योजना को मंजूरी दी गयी। रांची में 27 अक्तूबर से वीमेंस एशियन हॉकी चैंपियनशिप का आयोजन किया जायेगा, जिस पर 13 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गयी।

झारखंड मंत्रालय में 11 अगस्त को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय :-

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● विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार की उदय योजना की प्रशासनिक स्वीकृति के तहत वित्तीय वर्ष 2015-16 में झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) को ऋण स्वरूप विमुक्त की गयी सम्पूर्ण राशि 6136.37 करोड़ रुपये का 3 चौथाई 4,602.2775 करोड़ रुपये अनुदान एवं एक चौथाई 1534,0925 करोड़ रुपये हिस्सा पूंजी में परिवर्तित करने की स्वीकृति दी गई।
● पुलिस संस्करण के ध्रुव हेलिकॉप्टर के लिए संविदा पर पूर्व स्वीकृत 03 (तीन) हेलिकॉप्टर पायलट के अनुबंध राशि की अभिवृद्धि की स्वीकृति दी गई।
● पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा जिला अंतर्गत नये पुलिस थाना सृजन की स्वीकृति दी गई।
● राज्य में पुलिस थानों के सामान्य कार्यों के निष्पादन हेतु स्थायी अग्रिम की स्वीकृति दी गई।
● दुलकी जलाशय योजना के पुनरुद्धार एवं मुख्य नहरों के लाईनिंग कार्य हेतु रूपये 3470.55 लाख (रूपये चौतीस करोड़ सत्तर लाख पचपन हजार) रुपये मात्र के प्राक्कलन की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
● झारखण्ड राज्य के ग्राम पंचायतों में अवस्थित पंचायत भवन में डिजिटल पंचायत केन्द्र के स्थापना हेतु डिजिटल पंचायत योजना की स्वीकृति दी गई। (जारी…)

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● राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग अन्तर्गत भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय के झारखण्ड राज्य बंदोबस्त कार्यालयाधीन मुंसरीम सेवा संवर्ग (भर्ती, प्रोन्नति एवं अन्य सेवा शर्त) (संशोधन) नियमावली-2023 के गठन की स्वीकृति दी गई।
● 31 मार्च, 2021 को समाप्त हुए वर्ष के लिये झारखण्ड में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण पर भारत के नियंत्रक महालेखापरीक्षक के लेखापरीक्षा प्रतिवेदन (निष्पादन लेखापरीक्षा) को झारखण्ड विधानसभा के पटल पर उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।
● झारखण्ड रांची में वीमेंस एशियन हॉकी चैंपियन ट्राफी 2023 का आयोजन करने एवं उक्त आयोजन के क्रम में व्यय होने वाली राशि की स्वीकृति प्रदान की गई।
● केन्द्र प्रायोजित मिशन सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 के तहत संचालित पोषण अभियान योजना के कार्यान्वयन संबंधी मार्गनिर्देश में संशोधन की स्वीकृति दी गई।
● झारखण्ड राज्य के 24 जिलों के जिला खनिज फाउण्डेशन ट्रस्टों के वर्ष 2020-21 के वार्षिक प्रतिवेदनों को झारखण्ड विधानसभा के समक्ष प्रस्तुत करने की स्वीकृति दी गई।
● झारखण्ड राज्य के 24 जिलों के जिला खनिज फाउण्डेशन ट्रस्टों के वर्ष 2021-22 के वार्षिक प्रतिवेदनों को झारखण्ड विधानसभा के समक्ष प्रस्तुत करने की स्वीकृति दी गई।
● सातवें वेतन आयोग के अनुशंसा के आलोक में सरकारी सेवकों को विभिन्न भत्तों की अनुमान्यता से संबंधित वित्त विभागीय संकल्प संख्या-737/ वि०, दिनांक 27.03.2018 में संशोधन की स्वीकृति दी गई।
● गुमला जिला अन्तर्गत सिसई पुलिस अंचल के सृजन की स्वीकृति दी गई।
● झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा गठित दी हाइकोर्ट ऑफ झारखंड के रुल 2019 पर राज्यपाल का अनुमोदन प्राप्त करने के निमित्त प्रस्तावित नियमावली पर स्वीकृति दी गई।
● झारखंड में 40 कोर्ट बिल्डिंग कार्य की कुल लागत राशि 35,70,14,737 (पैंतीस करोड़ सत्तर लाख चौदह हजार सात सौ सैंतीस रूपये) रुपये मात्र पर पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
● झारखण्ड राज्य खुला विश्वविद्यालय की स्थापना के उपरांत आवश्यक मदों में व्यय हेतु बीज धन की वृद्धि की स्वीकृति दी गई।
● राज्यान्तर्गत संचालित सरकारी पारामेडिकल संस्थानों के सफल छात्र-छात्राओं को एक वर्ष के लिए राज्य के अस्पतालों में बॉण्ड आधारित सेवाएं देने की स्वीकृति दी गई।
● राज्य सरकार के वैसे कर्मी, जिनकी नियुक्ति प्रक्रिया दिनांक 1 दिसंबर 2004 के पूर्व पूर्ण हो गयी हो, परन्तु 1 दिसबर 2004 के पश्चात् नियुक्त हुए हो, उन्हें पुरानी पेंशन योजना की अनुमान्यता हेतु निर्गत संकल्प संख्या 126 दिनांक 1 अगस्त 2022 में संशोधन की स्वीकृति दी गई।
● झारखण्ड राज्य के कैंसर रोगियों की चिकित्सा हेतु वित्त नियमावली के नियम 235 के प्रावधानों को शिथिल करते हुए नियम 245 के अन्तर्गत टाटा मेडिकल सेन्टर, न्यू टाउन राजार हाट, कोलकता के मनोनयन, आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अन्तर्गत 5,00,000 (पाँच लाख) रूपये के अतिरिक्त विभागीय स्तर से मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना अन्तर्गत 20,00,000 (बीस लाख) रूपये तक अर्थात् कुल 25,00,000 लाख रुपये, तक के चिकित्सा व्यय की स्वीकृति तथा उक्त चिकित्सा संस्थान एवं झारखण्ड राज्य आरोग्य सोसाईटी, राँची के साथ एमओयू की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।
● वन टाइम सेटलमेंट योजना को तीन माह (जुलाई 2023 से सितम्बर 2023) का अवधि विस्तार प्रदान करने की स्वीकृति दी गई।
● झारखण्ड राज्य के वैसे जिले, जहाँ जिलास्तरीय पदों में अत्यन्त पिछड़ा वर्ग (अनुसूची-1) तथा पिछड़ा वर्ग (अनुसूची-2) के लिए झारखण्ड पदों एवं सेवाओं में आरक्षण शून्य है, वैसे जिलों में अत्यन्त पिछड़ा वर्ग (अनुसूची-1 ) तथा पिछड़ा वर्ग (अनुसूची-2) के सदस्यों को इडब्ल्यूएस के रूप में, अगले आदेश तक आवेदन करने तथा नियुक्ति हेतु पात्र किए जाने की स्वीकृति दी गई।
● झारखण्ड ऑफ्टर केयर (पश्चात्वर्ती देख-रेख ) दिशानिर्देश, 2023 की स्वीकृति दी गई।
● झारखण्ड राज्य के विद्यार्थियों को संघ लोक सेवा आयोग, झारखण्ड लोक सेवा आयोग, केंद्रीय और झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग और विभिन्न भर्ती एजेंसियाँ जैसे बैंकिंग या रेलवे भर्ती बोर्ड आदि के द्वारा वर्ग ‘ए. ‘बी’ और ‘सी’ में भर्ती हेतु प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी कराने के उद्देश्य से निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था प्रदान करने हेतु “एकलव्य प्रशिक्षण योजना” के विस्तृत मार्गदर्शिका की स्वीकृति दी गई।
● झारखण्ड राज्य के विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग, मेडिकल, विधि, जन संचार, फैशन डिजाईनिंग / फैशन टेक्नॉलोजी, होटल मैनेजमेंट, चार्टर्ड अकाउंटेंट और आईसीडब्लूए से संबंधित प्रवेश परीक्षा की तैयारी हेतु निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था प्रदान कराने हेतु ‘मुख्यमंत्री शिक्षा प्रोत्साहन योजना’ के विस्तृत मार्गदर्शिका की स्वीकृति दी गई।
● झारखण्ड राज्य वित्त आयोग (अध्यक्ष एवं सदस्य की नियुक्ति, सेवाशर्त एवं प्रक्रिया) नियमावली, 2022 में संशोधन की स्वीकृति दी गई।
● वित्तीय वर्ष 2023-2024 के प्रथम अनुपूरक व्यय विवरणी की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।
● सर्वोच्च न्यायालय में दायर याचिका को पारित न्यायादेश के अनुपालन में झारखण्ड राज्य में बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के असमायोजित कर्मियों को 1 जुलाई 2004 से राज्य सरकार वैचारिक रूप से समायोजन करने एवं देय वित्तीय लाभों की स्वीकृति दी गई।
● क्षमता विकास हेतु राज्य के कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों के लिए अनिवार्य इ-लिटरेसी कार्यक्रम की नयी व्यवस्था के तहत् परीक्षा के संचालन हेतु नीति निर्धारण के संशोधन एवं परीक्षा के आयोजन हेतु वित्तीय नियमावली 235 को शांत करते हुए वित्तीय नियमावली 245 के तहत् मनोनयन के आधार पर एनआइइएलआइटी, रांची के साथ एकरारनामा करने की स्वीकृति दी गई।
● झारखण्ड सरकार द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 एवं झारखण्ड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (जेएसएफएसएस) से आच्छादित सभी परिवारों के लिए प्रति परिवार 01 (एक) किलोग्राम चना दाल प्रतिमाह 1.00 (एक) रूपये प्रति किलोग्राम के अनुदानित दर पर वितरण करने की चना दाल वितरण की संशोधित योजना की स्वीकृति दी गई।

भाजपा नेता अभय सिंह के साथ साथ उनके भाइयों की भी जमानत याचिका खारिज, उच्च न्यायालय से लेनी पड़ेगी जमानत

जमशेदपुर : जमशेदपुर के कद्दावर भाजपा नेता अभय सिंह को जमशेदपुर कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका आज खारिज़ कर दी। अभय सिंह के अलावा उनके बड़े भाई दिलीप सिंह और छोटे भाई निर्भय सिंह की भी जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया है। अब अभय सिंह के साथ दोनों भाइयों को झारखंड हाईकोर्ट से जमानत लेनी पड़ेगी। बता दें कि अभय सिंह पिछले 10 अप्रैल से जेल में बंद है। पहले कदमा हिंसा मामले में उन्हें गिरफ्तार किया गया था और उसमें जमानत मिलने के बाद अलग अलग मामले में प्रोडक्शन लगा कर उन्हें जेल में ही रखा गया था। बताया जाता है कि इस मामले में 4 अगस्त को सुनवाई हुई थी, जिसमें कोर्ट ने 11 अगस्त तक केस दायरी देने और अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित की थी। पुलिस ने इस मामले में केस डायरी जमा किया, केस डायरी में अभय सिंह के साथ साथ निर्भय सिंह और दिलीप सिंह के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने अपनी केस डायरी में बताया है कि मानगो निवासी मोहम्मद सागिर को अल्पसंख्यक होने की जांच की गयी, उसके साथ मारपीट की गयी और रंगदारी भी मांगी गयी थी। (जारी…)

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करीब एक घंटे तक चली लंबी बहस के दौरान अभय सिंह और उनके दोनों भाईयों की ओर से प्रख्यात अधिवक्ता प्रकाश झा ने बहस की थी और पुलिस की ओर से लोक अभियोजक ने बहस की थी। इस बहस के बाद कोर्ट ने तीनों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। (जारी…)

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अभय सिंह के अधिवक्ता प्रकाश झा ने बताया कि इस मामले में अब वे लोग हाईकोर्ट जायेंगे ताकि न्याय मिल सके। इस मामले में यह उम्मीद थी कि 11 अगस्त को अभय सिंह को जमानत मिल जायेगी। इसको लेकर भव्य स्वागत की तैयारी थी। कोर्ट में भी अभय सिंह के समर्थकों की भीड़ जुटी हुई थी, लेकिन कोर्ट ने उसके विपरीत फैसला सुनाया। आपको बता दें कि पहले दिलीप सिंह और निर्भय सिंह के खिलाफ कार्रवाई करने पर रोक लगा दी गयी थी। गौरतलब है कि जमशेदपुर के मानगो निवासी मोहम्मद सागिर ने मानगो थाना में भाजपा के नेता अभय सिंह, उनके भाई दिलीप सिंह और निर्भय सिंह पर रंगदारी मांगने का आरोप लगाया था। इस संबंध में उन्होंने जेल जाने के बाद केस दायर किया था।

मशहूर अभिनेत्री जया प्रदा को 6 महीने की सजा और 5,000 जुर्माना लगा, जाने पूरी ख़बर

चेन्नई : मशहूर अभिनेत्री और पूर्व सांसद जया प्रदा को एक मामले में चेन्नई कोर्ट ने 6 महीने जेल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने उनपर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इस मामले में एक्ट्रेस के साथ उनके बिजनेस पार्टनर राम कुमार और राजा बाबू को भी दोषी पाया गया है।

जया प्रदा को 6 महीने की जेल

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक्ट्रेस जया प्रदा और उनके बिजनेस पार्टनर्स के पास चेन्नई में एक मूवी थिएटर था। लेकिन घाटे के कारण कुछ साल पहले उसे बंद कर दिया था। इसके बाद सिनेमाघरों में काम करने वाले स्टाफ मेंबर्स ने अपने वेतन से काटी गई ईएसआई राशि नहीं चुकाने के लिए जया प्रदा के खिलाफ मामला दर्ज किया था। अब इसी मामले में चेन्नई के एग्मोर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने जया प्रदा, राम कुमार और राजा बाबू के खिलाफ कारावास व जुर्माने का फैसला सुनाया।

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो, जया प्रदा ने मामले को स्वीकार कर लिया है और थिएटर कर्मचारियों को सभी बकाया राशि का भुगतान करने का वादा किया है। उन्होंने अदालत से मामले को खारिज करने का भी अनुरोध किया। हालांकि, अदालत ने उसकी अपील ठुकरा दी और उसे 5,000 रुपये के जुर्माने के साथ 6 महीने जेल की सजा सुनाई।

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अमित शाह ने किया 3 कानूनों को खत्म करने का ऐलान, लोकसभा में पेश किया CrPC संसोधन बिल; जानें क्या बदलेगा

केंद्र सरकार ने अंग्रेजों के द्वारा बनाए गए भारतीय आपराधिक कानूनों में संपूर्ण बदलाव के लिए एक विधेयक पेश किया है। भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को भारतीय न्याय संहिता से बदल दिया जाएगा।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में आज भारतीय दंड संहिता, सीआरपीसी और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को बदलने के लिए तीन विधेयक पेश किया। इसे पेश करते हुए उन्होंने कहा कि ये तीनों कानून अंग्रेजों के द्वारा बनाए गए थे। हम इसे बदल रहे हैं। इसे बदलते हुए नए कानून ला रहे हैं। अमित शाह ने जिन तीन नए कानूनों की घोषणा की है उनमें भारतीय न्याय संहिता, 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 और भारतीय साक्ष्य विधेयक, 2023 शामिल है।

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अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा, “1860 से 2023 तक देश की आपराधिक न्याय प्रणाली अंग्रेजों के बनाए कानूनों के मुताबिक चलती थी। तीन कानूनों को बदल दिया जाएगा और देश में आपराधिक न्याय प्रणाली में बड़ा बदलाव आएगा।”

भारतीय न्याय संहिता, 2023: अपराधों से संबंधित प्रावधानों को समेकित और संशोधित करने के लिए और उससे जुड़े या उसके आकस्मिक मामलों के लिए।

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023: दंड प्रक्रिया से संबंधित कानून को समेकित और संशोधित करने और उससे जुड़े या उसके प्रासंगिक मामलों के लिए।

भारतीय साक्ष्य विधेयक, 2023: निष्पक्ष सुनवाई के लिए साक्ष्य के सामान्य नियमों और सिद्धांतों को समेकित करने और प्रदान करने के लिए।

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पुख्ता होगी जांच
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “किसी भी अपराध में जिसमें 7 साल से अधिक की सजा हो उसके लिए फोरेंसिक टीमें घटनास्थल पर होनी चाहिए, जिससे अपराध की जांच करने में सहूलियत हो। लेकिन विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि देश इसके लिए तैयार नहीं है, लेकिन हम 2027 तक देश की सभी अदालतों को कम्प्यूटरीकृत करना चाहते हैं। हमने जीरो-एफआईआर को एक विशेष स्थान दिया है और आजादी के 75 साल बाद ऐसा पहली बार हुआ है। दुष्कर्म के आरोप में वीडियो रिकार्डेड बयान अनिवार्य कर दिया गया है। पहली बार सामुदायिक सेवा शुरू की जा रही है, यह बहुत प्रासंगिक नहीं है लेकिन अब इसे अधिनियमित किया जाएगा।”

नहीं होगी कार्रवाई में देरी
गृह मंत्री ने आगे कहा कि पुलिस अधिकारी भी अब जांच में देरी नहीं कर पाएंगे, उन्होंने आगे कहा, “हमने सुनिश्चित किया है कि 90 दिनों में आरोप पत्र दायर किया जाएगा और केवल अदालत उन्हें 90 दिन और बढ़ा सकती है, लेकिन 180 दिनों के भीतर पुलिस ने इन नए कानूनों के तहत जांच करने के लिए बाध्य होंगे। यहां तक ​​कि न्यायाधीश भी किसी भी दोषी के लिए अपनी सुनवाई और आदेश में देरी नहीं कर सकते हैं।”

बर्दाश्त नहीं होगा महिलाओं के खिलाफ अपराध
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “इन विधेयकों के तहत, आतंकवाद, मॉब-लिंचिंग और महिलाओं के खिलाफ अपराध के मुद्दों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सख्ती से निपटा जाएगा और आईपीसी पर नया विधेयक राजद्रोह के अपराध को पूरी तरह से निरस्त कर देगा। सामूहिक बलात्कार के लिए 20 साल की सजा की गारंटी है और 18 साल से कम उम्र की किसी भी महिला के साथ बलात्कार के लिए नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से मौत की सजा सुनिश्चित की जाएगी।”

निवेश का कर रहे हैं प्लान, बैंक एफडी या फिर एनएसई में कौन-सा है आपके लिए बेस्ट

अपनी जमा-पूंजी को निवेश करने के लिए हमारे पास कई ऑप्शन हैं। की ऑप्शन में काफी जोखिम भी है। कुछ स्कीम में निवेशकों को मार्केट रिस्क का सामना करना पड़ सकता है।

आज इस रिपोर्ट के जरिये जानते हैं कि आपके लिए कौन-सी स्कीम बेस्ट होती है।

देश में कई लोगों को पोस्ट ऑफिस और बैंक की स्कीम में निवेश करना काफी पसंद आता है। अगर आप भी पोस्ट ऑफिस स्कीम की नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट में निवेश करने का प्लान बना रहे हैं तो आपको एक बार जरूर जान लेना चाहिए कि कहीं बैंक एफडी आपके लिए बेस्ट तो नहीं है।

इंटरेस्ट रेट

देश के सभी बैंक ग्राहक को अलग ब्याज दर ऑफर करते हैं। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ग्राहक को 7 दिन से 10 साल तक की एफडी पर 3 फीसदी से लेकर 6.50 फीसदी तक का ब्याज ऑफर करता है। एसबीआई के स्पेशल एफडी पर ग्राहक को 7.10 फीसदी का इंटरेस्ट मिलता है। आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) ग्राहक को 3 प्रतिशत से 7.10 प्रतिशत तक का ब्याज दे रहा है।

नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट पर इस तिमाही यानी जुलाई से सितंबर के बीच 7.7 फीसदी का ब्याज दर मिल रहा है। इस स्कीम में आपको कम से कम 1,000 रुपये निवेश करना चाहिए।

बैंक एफडी या एनएससी

आप अगर बैंक के एफडी में इन्वेस्ट करते हैं तो आपको 7 साल से 10 साल तक निवेश करना चाहिए। वहीं, एनएसई में आपको 5 साल के लिए निवेश करना चाहिए। बैंक एफडी में आपको मासिक या तिमाही पर ब्याज मिलता है। वहीं एनएसई में आपको मैच्योरिटी के बाद ही एकमुश्त ब्याज मिलता है। इसके अलावा इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80सी के तहत टैक्स बेनिफिट मिलता है। ये बेनिफिट ब्याज दर पर लागू होता है। वहीं, एनएसई पर आयकर अधिनियम के 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये का टैक्स बेनिफिट मिलता है।

19 अगस्त को रखा जाएगा हरियाली तीज का व्रत, नोट कर लें पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट

हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन महीने की शुक्ल पक्ष तृतीया को हरियाली तीज के रूप में मनाया जाता है. हरियाली तीज का व्रत सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए रखती है.

वहीं कुवारी कन्याएं अच्छे वर की कामना से हरियाली तीज व्रत और पूजा करती हैं. हरियाली तीज पर इसके नाम की तरह ही हरे रंग का विशेष महत्व होता है. तो चलिए आपको बताते हैं कि सावन में हरियाली तीज किस दिन पड़ रही है. सावन में हरियाली तीज पर पूजा के लिए सामग्री की लिस्ट भी यहां देख सकते हैं.

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हरियाली तीज 2023 डेट
हरियाली तीज सावन शुक्ल पक्ष तृतीया को मनाई जाएगी. इस बार सावन शुक्ल पक्ष तृतीया की शुरुआत 18 अगस्त 2023 को रात 8ः01 से हो रही है जो अगले दिन 19 अगस्त 2023 को रात 08ः19 तक रहेगी. उदयातिथि को महत्व देते हुए हरियाली तीज का व्रत 19 अगस्त को रखा जाएगा. हरियाली तीज पर पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 07ः30 से को 09ः08 तक रहेगा. दोपहर का पूजा मुहूर्त 12ः25 से शाम को 05ः19 तक है.

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हरियाली तीज की पूजा
सावन का पूरा महीना भगवान शिव की पूजा अर्चना के लिए खास होता है. सावन में हरियाली तीज पर भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करने से महिलाओं की अखंड सौभाग्य की इच्छा पूरी होती है. सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए हरियाली तीज का व्रत रखती है और कुवारी कन्याएं भी यह व्रत अच्छे वर की प्राप्ति के लिए रखती हैं. इस दिन मां पार्वती का सोलह श्रृंगार कर विधि-विधान से पूजा करने से शुभ फल मिलते हैं. तो चलिए आपको हरियाली तीज व्रत की पूजा सामग्री के बारे में बताते हैं.

हरियाली तीज 2023 पूजा सामग्री
हरियाली तीज का व्रत भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा के लिए रखा जाता है. हरियाली तीज के दिन मां पार्वती और भगवान शिव की तस्वीर चौकी पर स्थापित करनी चाहिए. पूजा के लिए चौकी पर पीला कपड़ा, केले के पत्ते और कच्चा सूत भी रखें. इस दिन व्रत के लिए बेलपत्र, धतूरा, शमी के पत्ते, भांग, नारियल, धतूरा, एक कलश, पांच सुपारी, साफ चावल, दूर्वा घास, गाय का दूध, देशी घी, श्रीफल, चंदन, दही, मिश्री, शहद और पंचामृत इन सभी सामग्री को अवश्य एकत्र कर लें. इसके साथ ही मां पार्वती का महावर, कुमकुम, मेहंदी, इत्र, चुनरी, सिंदूर, बिंदी, आदि के साथ सोलह श्रृंगार करें.

धनबाद : नये कनेक्शनधारियों को एक साल से नहीं मिला बिजली बिल, सता रही एकमुश्त भुगतान की चिंता

झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल), धनबाद एरिया बोर्ड के एक हजार से ज्यादा नये उपभोक्ताओं को लगभग एक साल से बिजली का बिल नहीं मिल रहा है. सालभर पहले कनेक्शन के लिए आवेदन करने पर विभाग ने कनेक्शन उपलब्ध कराकर मीटर भी लगा दिया है.

उपभोक्ता के घरों व प्रतिष्ठानों में बिजली का मीटर भी लग चुका है. इसके बाद से बिलिंग करने कोई नहीं पहुंचा. इतना ही नहीं कई उपभोक्ताओं काे कंज्यूमर नंबर तक नहीं मिला है. अब लोगों को एकमुश्त मोटी रकम के भुगतान की चिंता सताने लगी. इसे लेकर विभाग बेपरवाह है. उपभोक्ता अपने घर-प्रतिष्ठान में बिलिंग कराने को लेकर जेबीवीएनएल के कार्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें यह कह कर लौटा दिया जाता है कि जल्द ऊर्जा मित्र उनके घर जाकर बिल निकालेंगे.

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इस वजहों से नहीं हो रही बिलिंग

बिलिंग एजेंसी व ऊर्जा मित्र में मतभेद : बता दें कि पिछले छह से सात माह से बिलिंग एजेंसी व ऊर्जा मित्र के बीच अनियमित मासिक भुगतान को लेकर विवाद चल रहा है. बकाया की मांग को लेकर ऊर्जा मित्र कुछ लोगों का ही बिजली बिल निकाल रहे थे. नये उपभोक्ताओं के यहां बिल निकालने नहीं पहुंच रहे है. इस समस्या को देखते हुए जेबीवीएनएल ने एजेंसी को कार्य से हटा दिया है. वर्तमान में विभाग अपनी देखरेख में ऊर्जा मित्र से बिलिंग कार्य करा रहा है.

विवाद के बीच कई ऊर्जा मित्रों ने छोड़ा काम

एजेंसी और ऊर्जा मित्रों के बीच बकाया को लेकर उत्पन्न विवाद को देखते हुए कई इलाकों के ऊर्जा मित्रों ने काम छोड़ दिया है. इसके बाद से कई इलाकों में अबतक ऊर्जा मित्र की बहाली नहीं हुई है. दूसरे इलाकों के ऊर्जा मित्र से किसी तरह पुराने उपभोक्ताओं के घरों व प्रतिष्ठानों में बिलिंग का कार्य कराया जा रहा है.

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कतरास के तिलाटांड़ हॉस्पिटल के पास रहने वाले शंकर पांडेय ने एक वर्ष पहले बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन दिया. कनेक्शन के साथ उनके घर में बिजली का मीटर लगा दिया गया. इसके करीब सात माह के बाद उन्हें कंज्यूमर नंबर मिला. अब एक साल से ज्यादा हो गया है, उनके घर की बिलिंग नहीं हुई है.

कोलाकुसमा के राजदीप धीवर ने 11 माह पूर्व कनेक्शन लिया है. उसके बाद उनके घर में मीटर लगा दिया गया. कंज्यूमर नंबर नहीं मिला है. ऐसे में अबतक उनकी घर की बिलिंग शुरू नहीं हो पायी है.

नया कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को जल्द बिजली बिल मुहैया कराया जायेगा. सर्वर में उनका डाटा देर से फीड होने के कारण समस्या है. सभी एरिया के कार्यपालक अभियंता को डाटा इंट्री के कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है. डाटा इंट्री होने के साथ सभी का कंज्यूमर नंबर अलॉट हो जाता है. लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है. सभी को इंस्टॉलमेंट में बिल भुगतान करने की सहूलियत दी जायेगी.

पवनदीप राजन और अरुणिता बिखेरेंगे मॉल ऑफ रांची की लॉन्चिंग में जादू, जानें क्या है खासियत

आकाशवाणी के सामने स्थित मॉल ऑफ रांची की औपचारिक लांचिंग 13 अगस्त की शाम पांच बजे होगी. खास बात यह है कि इस लांचिंग में इंडियन आइडल स्टार पवनदीप राजन और अरुणिता शामिल होंगे. दोनों अपनी सुरीली आवाज का जादू चलायेंगे.

उक्त बातें मॉल ऑफ रांची के निदेशक नीतिश अग्रवाल और ऋषभ लोहिया ने गुरुवार को मॉल परिसर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कही.

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मॉल में लोगों को अलग अनुभव होगा :

उन्होंने कहा कि मॉल में लोगों को अलग अनुभव होगा. पार्किंग व सुरक्षा से लेकर हर प्रकार की सुविधाओं का खास ख्याल रखा गया है. मॉल में देश-विदेश के नामी ब्रांड्स के शोरूम उपलब्ध हैं. मॉल में बड़े ब्रांड के शोरूम के अलावा मॉडर्न गेम जोन, फूड जोन, 4/4 सिनेमा स्क्रीन्स, लाइफस्टाइल, फैशन शॉप आदि उपलब्ध हैं.

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यहां ईस्ट इंडिया का सबसे बड़ा और लेटेस्ट गेमिंग जोन है. प्रकाश झा के सिनेमा स्क्रीन्स पीजेपी सिनेमा दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करेंगे. डॉल्बी एटमॉस साउंड सिस्टम है. जबकि, फूड कोर्ट में 300 लोगों के बैठने की व्यवस्था है. मॉल में 60 प्रतिशत एंटरटेनमेंट और फूड एवं बेवरेज है. जबकि, 40 प्रतिशत रिटेल और शॉपिंग की सुविधा है.

800 से 1000 लोगों को रोजगार :

निदेशक ने बताया कि इस मॉल के खुलने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर 800 से 1000 लोगों को रोजगार मिला है. जबकि, लगभग 50 करोड़ रुपये का राजस्व सरकार को मिलेगा. उन्होंने बताया कि इस मॉल में हर चीजें अलग नजर आयेंगी. लाइटिंग से लेकर हर चीजें इस मॉल को यूनिक बनाती है.

पेमेंट को लेकर सफाईकर्मी पहुँचे उपायुक्त कार्यालय, 2 माह से नहीं मिला पेमेंट

जमशेदपुर : जमशेदपुर के सिदगोड़ा के सफाई कर्मी गुरुवार को दो माह की पेमेंट की मांग करते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंचे है। वही सफाई कर्मियों ने बताया कि वे टीएइएनटी के अंदर काम करते है। उन्हें जून और जुलाई का वेतन नहीं गया किया है। वेतन नहीं मिलने से उनके सामने आर्थिक परेशानियां उत्पन्न होने लगी है। वे बहुत मेहनत से गुजारा कर पा रहे है। वहीं कर्मियों ने अशोक मंडल पर कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं सफाई कर्मियों ने उपायुक्त से मांग है कि उन्हें जल्द से बीते दो माह का वेतन उपलब्ध करवाया जाये।

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घाटशिला में मनाया गया मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का जन्मदिन, विधायक रामदास सोरेन ने काटा केक

घाटशिला स्थित निर्मल होटल परिसर में गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का 48वां जन्मदिन मनाया गया। इस मौके पर घाटशिला विधायक रामदास सोरेन ने हेमंत सोरेन की तस्वीर रखकर उनके समक्ष केक काटा, जिसे झामुमो के उपस्थित नेता-कार्यकर्ताओं के बीच वितरित किया गया। इस अवसर पर विधायक रामदास सोरेन एवं झामुमो के अन्य कार्यकर्ताओं ने हेमंत सोरेन के दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं सफलता की कामना की। (जारी…)

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मौके पर विधायक प्रतिनिधि जगदीश भकत, घाटशिला प्रखंड अध्यक्ष वकील हेंब्रम, मुसाबनी प्रखंड अध्यक्ष प्रधान सोरेन, झारखंड श्रमिक संघ के प्रखंड अध्यक्ष काजल डॉन, झामुमो नेता अपा हेंब्रम, झामुमो सोशल मीडिया प्रभारी गौरांग माहली, झामुमो संगठन सचिव संदीप परीडा, गणेश टुडू, विकास मजुमदार, निमाई कालिंदी, सतीश शीट, काला सरकार, प्रताप दास, सिप्पू शर्मा, बबलू हुसैन आदि मौजूद थे।

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