एक नई सोच, एक नई धारा

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बाइडन ने माँगी प्रधानमंत्री मोदी से ऑटोग्राफ़, कहा जबरदस्त है आपका क्रेज़ अमेरिका में

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनका ऑटोग्राफ मांगा और बताया कि कैसे पीएम मोदी के एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उनके पास लगातार अनुरोध आ रहे हैं। शनिवार को क्वॉड बैठक के दौरान, राष्ट्रपति जो बाइडन पीएम मोदी के पास आए और बताया कि पीएम मोदी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उनके पास देश के प्रमुख नागरिकों की तरफ से अनुरोधों की बाढ़ आ गई है और जिस वजह से उन्हें एक चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

बाइडन और अल्बनीस ने अपनी चुनौतियों के बारे में पीएम मोदी से की शिकायत

ऐसी ही कुछ स्थिति ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस ने भी जाहिर की, जो इस अवसर पर वहीं उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि सिडनी में सामुदायिक स्वागत के लिए 20,000 लोगों की क्षमता है, लेकिन वह अभी भी अनुरोधों को पूरा करने में सक्षम नहीं हैं। राष्ट्रपति बाइडन और पीएम अल्बनीस दोनों ने अपनी अजीबोगरीब चुनौतियों के बारे में पीएम मोदी से शिकायत की।

पीएम अल्बनीस ने आगे उस ऐतिहासिक पल को भी याद किया कि कैसे गुजरात में स्थित नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 90,000 से अधिक लोगों ने पीएम मोदी का स्वागत किया था। इस पर जो बाइडन ने पीएम मोदी से कहा, ‘मुझे आपका ऑटोग्राफ लेना चाहिए।’ समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से रविवार को यह जानकारी दी।

मोदी ने हिन्द प्रशांत क्षेत्र को वैश्विक कारोबार, नवाचार और विकास का ‘इंजन’ करार दिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को हिरोशिमा में क्वॉड शिखर बैठक के दौरान हिन्द प्रशांत क्षेत्र को वैश्विक कारोबार, नवाचार और विकास का ‘इंजन’ करार दिया और कहा कि इसकी सफलता एवं सुरक्षा पूरे विश्व के लिए महत्वपूर्ण है। बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा और आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीस ने हिस्सा लिया।

पीएम मोदी ने कहा, ‘क्वॉड हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है।’ उन्होंने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सफलता और सुरक्षा पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है तथा ‘हम रचनात्मक एजेंडे और लोकतांत्रिक सिद्धांतों के आधार पर आगे बढ़ रहे हैं।’

प्रधानमंत्री ने कहा, “एकजुट प्रयासों के साथ, हम मुक्त, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के अपने दृष्टिकोण को व्यावहारिक आयाम दे रहे हैं।” उन्होंने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि हिन्द प्रशांत क्षेत्र वैश्विक कारोबार, नवाचार और विकास का ‘इंजन’ है। पीएम मोदी ने कहा कि क्वॉड मानव कल्याण, शांति और समृद्धि की दिशा में काम करना जारी रखेगा।
ज्ञात हो कि क्वॉड शिखर सम्मेलन का आयोजन हिरोशिमा में जी-7 शिखर बैठक से इतर आयोजित किया जा रहा है। पहले क्वॉड शिखर बैठक का आयोजन 24 मई को आस्ट्रेलिया में किया जाना निर्धारित था। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा देश में उत्पन्न गंभीर आर्थिक संकट पर ध्यान केंद्रित करने के मकसद से अपनी ऑस्ट्रेलिया यात्रा को स्थगित करने के कारण सिडनी में प्रस्तावित क्वॉड देशों के नेताओं की बैठक रद्द कर दी गई थी।

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शर्तों के साथ भाजपा से जुड़ेगा मुस्लिम समाज, नए सामाजिक समीकरण हो रहे तैयार

लखनऊ: यूपी निकाय चुनाव में भाजपा के ख़िलाफ़ मुस्लिम वोटर एकजुट नहीं हुआ बल्कि कुछ मुस्लिम इलाकों में भाजपा के मुस्लिम पार्षद उम्मीदवारो ने जीत भी हासिल की। पचास फीसद से अधिक मुस्लिम आबादी वाले चुनावों में भी भाजपा और भाजपा समर्थित दल ने जीत हासिल की। पारंपरिक सियासत की सरहदों को तोड़ने वाला मौसम ऐसे ही नहीं बदल रहा है। निकाय चुनाव में अक़लियत का वोट खिचड़ी बन कर बिखरा और भाजपा के खिलाफ लामबंद नहीं हुआ। ये सब देखकर आशंका जताई जा सकती है कि हो सकता है लोकसभा चुनाव में इतिहास बदल जाए।
संकेत मिल रहे हैं कि मुस्लिम समाज और भाजपा के बीच ख़ामोशी से खिचड़ी पक रही है। यूपी भाजपा की रणनीतियों और संघर्ष के बीच मौसम बदल रहा है फिर भी विपक्षी दल अपने बचे-खुचे वोट-बैंक को डगमगाता देखकर भी कुर्सी के पेंटी नहीं बांध रहे हैं।

शिया – सुन्नी के उलमा पहुँचे दिल्ली

शनिवार को शिया और सुन्नी दोनों समुदायों के बड़े उलमा, धर्मगुरु रक्षामंत्री, लखनऊ के सांसद और भाजपा के वरिष्ठतम नेता राजनाथ सिंह के आमंत्रण पर दिल्ली पहुंचे।
धर्मगुरुओं ने उम्मीद ज़ाहिर की कि मौजूदा माहौल के विपरीत भाजपा भारतीय समाज में साम्प्रदायिक सौहार्द, समरसता और मोहब्बत पैदा करे। भाजपा की सरकारें बिना किसी भेदभाव के जनकल्याणकारी योजनाओं को जारी रखें तो मुस्लिम समाज को भाजपा पर विश्वास बढ़ेगा। दूरियां मिटेंगी और पार्टी से मुसलमानों को डराने वाली सियासी शक्तियां अपने अपने निजी स्वार्थ के मकसद में नाकाम हो जाएंगी।

सुन्नी आलिमे दीन शहर क़ाज़ी मौलाना अबुल इरफान मियां और शिया मौलाना सफी हैदर से अपने सरकारी आवास पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ का संपूर्ण मुस्लिम समाज भाजपा पर विश्वास जताकर पूरे देश में एक नजीर पेश करे, ये हमारी हसरत है। हमारा वादा है कि भारतीय जनता पार्टी, केंद्र की मोदी सरकार और यूपी की योगी सरकार किसी भी प्रकार के गिले-शिकवे नहीं रहने देगी। समाज हित और राष्ट्रहित में भाजपा चाहती है कि विभिन्न धर्मों, मसलकों और जातियों के गुलदस्ते को संभालकर और सजाकर रखें।

किसी भी वर्ग के विश्वास के बिना देश तरक्की नहीं कर सकता

किसी एक भी वर्ग के विश्वास के बिना कोई भी देश या समाज तरक्की नहीं कर सकता है।
मोदी योगी सरकारों की हर जनकल्याणकारी योजना हर वर्ग के लिए है। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी समय-समय पर बयान देते रहे हैं कि अल्पसंख्यक समाज को लेकर कोई भी भाजपा नेता यदि द्वेषपूर्ण बयान देगा तो हम उसे माफ नहीं करेंगे।
रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद ने उलमा से कहा कि आप अपने समाज सहित हम पर विश्वास कीजिए हम वादा करते हैं कि ये बात इतिहास हो जाएगी कि कभी मुस्लिम समाज और भाजपा के बीच दूरी थी।

गर्व है कि मरहूम अटल जी के विरासत के सांसद हैं

देश में बारह सौ मकतबों (मदरसों/धार्मिक शिक्षा संस्थानों) के बोर्ड तंज़ीमुल मकातिब के सेक्रेटरी मौलाना सैयद सफी हैदर और शहर क़ाज़ी अब्दुल इरफान मियां फिरंगी महली ने कहा कि हम लोग सियासत से दूर रहते हैं लेकिन आपके जनकल्याणकारी कामों ने हमें मुतासिर (प्रभावित) किया। और हम आपके आमंत्रण पर आपका शुक्रिया अदा करने लखनऊ से दिल्ली तक आए। मुस्लिम समान के गणमान्य शख्सियतों और शिया- सुन्नी समुदाओं के उलमा ने कहा कि हमें फख्र है कि आप मरहूम अटल विहारी वाजपेई साहब की विरासत और गंगा-जमुनी तहज़ीब वाले लखनऊ के सांसद हैं। उलमा ने कहा कि आपकी प्रेरणा और मार्गदर्शन ने अंबर फाउंडेशन के वफा अब्बास द्वारा लखनऊ के गरीब मुस्लिम इलाकों और दलित-पिछड़ों की बस्तियों की मदद के लिए जो काम जारी रखें हैं वो काबिले-तारीफ हैं।

इस्लाम और सनातन धर्म में भी खिदमते खल्क सबसे बड़ी इबादत है

बता दें कि काफी अर्से से राजनाथ सिंह की प्रेरणा से अंबर फाउंडेशन उनके संसदीय क्षेत्र में उन गरीबों को फ्री में चश्में वितरण कर रहा है जिनकी आंखों की रौशनी कम है पर वो धनाभाव में चश्मा नहीं खरीद पाते हैं। जिसके लिए गली-गली, मोहल्लों-मोहल्लों में आंखों की जांच कर गरीबों को करीब पांच हजार से ज्यादा चश्में वितरण किए जा चुके हैं। इसके अलावा भी सांसद के मार्गदर्शन में दलितों-पिछड़ों और खासकर मुस्लिम इलाकों में ग़रीब बच्चों को स्कूली बैग इत्यादि का वितरण अंबर फाउंडेशन के माध्यम से किया जा रहा है। उलमा ने रक्षा मंत्री से कहा कि हमारे इस्लाम और सनातन धर्म में भी खिदमते खल्क (मानव सेवा) सबसे बड़ी इबादत है। इसलिए मोदी या योगी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं हों, आपकी, भाजपा की या किसी भी पार्टी की सरकार की सामाजिक खिदमत हर किसी को प्रभावित करती है। हम उलमा सियासी लोग नहीं हैं। लेकिन किसी भी पार्टी से हमारा बैर भी नहीं है,और ना ही हमारी क़ौम किसी भी राजनीतिक दल पर आंख बंद करके भरोसा करते हैं। जो बिना भेदभाव के गरीबों और जरुरतमंद लोगों के लिए काम करेगा वो हमारा दिल जीत लेगा।
मौलाना सफी हैदर ने भाजपा नेता राजनाथ सिंह को एक पुस्तक भेंट की। ये पुस्तक चौदह सौ साल पहले हज़रत अली द्वारा मालिके अश्तर को लिखे गए पत्र पर आधारित है। जिस पत्र में हज़रत अली ने जनकल्याणकारी और गरीबों की सेवा में शासन चलाने के टिप्स लिखे हैं। अच्छी हुकुमत को किस तरह इंसाफ, अमन और सब को साथ लेकर चलना अति आवश्यक होता है, इन बिन्दुओं को इस पुस्तक में इंगित किया गया है। मौलाना ने इस पुस्तक को नायाब और बेशकीमती तोहफा बताते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि वो इसका अध्ययन जरूर करेंगे। मौलाना अब्दुल इरफान मियां ने रक्षा मंत्री को दरग़ाह की चादर भेंट कर दुआ दी कि वो अपनी कुर्सी और हुकुमत के जरिए गरीबों की सेवा करें और हर जरुरतमंद की जरुरतें पूरी करें। अंबर फाउंडेशन के वफा अब्बास ने भी वादा किया किया कि वो रक्षा मंत्री की प्रेरणा से लखनऊ की गंगा जमुनी तहजीब, साम्प्रदायिक सौहार्द और सामाजिक समरसता की रक्षा करते रहेंगे। गरीबों में चश्मा वितरण के साथ जरुरतमंद बच्चों की पढ़ाई की बाधाओं को कम करने की कोशिश करेंगे। मुस्लिमो के शिया-सुन्नी, बरेलवी-देवबंदी हो या हिंदू मुस्लिम हों, सबमें एकता स्थापित करने के लिए राजनाथ सिंह की प्रेरणा से को अमल में लाने के लिए अंबर फाउंडेशन हर संभव प्रयास करता रहेगा।

नए सामाजिक समीकरण तैयार कर रही भाजपा

मुस्लिम बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों, उलमा और भाजपा के बड़े नेताओं की ऐसी मुलाकातें ख़बरों से दूर और बड़ी खामोशी से हो रहीं हैं।
ऐसी खिचड़ी पकना क्या रंग लाती है ये तो वक्त ही बताएगा। लेकिन लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा एक नई सोशल इंजीनियरिंग या नए सामाजिक समीकरण तैयार कर रही है ये साफ दिख रहा है।

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तीन तीन दिवसीय दौरे पर 24 को आएंगी झारखंड, तैयारियां शुरू, देखें कार्यक्रम सूची

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तीन दिवसीय दौरे पर 24 मई को झारखंड आयेंगी। वे 24 से 26 मई तक झारखंड में रहेंगी। उनके कार्यक्रम की सूचना मिलने के बाद सरकार और प्रशासन ने तीन जिलों देवघर, खूंटी और रांची में तैयारियां शुरू कर दी है। ईस्टर्न एयर कमांड के सीनियर मेंटनेंस स्टाफ देवेंद्र श्रीवास्तव आज बाबा मंदिर पहुंचे। उन्होंने मंदिर में अहले सुबह पूजा करने के बाद मंदिर की भौगोलिक स्थिति व अलग-अलग जगहों को देखकर रिपोर्ट तैयार की।

मुर्मू 24 मई को एयरफोर्स के विमान से सुबह सात बजे नयी दिल्ली से रवाना होंगी और सुबह 8:55 बजे देवघर पहुंचेंगी। वहां 9:20 बजे बाबा बैद्यनाथ के मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद 10:20 बजे वह देवघर सर्किट हाउस पहुंचेंगी।
पूजा के बाद राष्ट्रपति करीब 30 मिनट तक परिसदन में रुकेंगी। यहां पर जिला प्रशासन की ओर से उन्हें बाबा मंदिर का स्मृति चिह्न, प्रसाद आदि भेंट की जायेगी। इसके बाद करीब 11 बजे राष्ट्रपति का विमान रांची के लिए रवाना होगा।
राष्ट्रपति का विमान दोपहर 12:00 बजे रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंचेगा। बिरसा चौक स्थित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा और 12:30 बजे अलबर्ट एक्का चौक स्थित अलबर्ट एक्का की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगी।

राष्ट्रपति दोपहर एक बजे राजभवन पहुंचेंगी। विश्राम करने के बाद राष्ट्रपति राजभवन में ही दोपहर 3:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक आदिम जनजाति समूह से मुलाकात करेंगी। शाम पांच बजे से छह बजे तक झारखंड हाई कोर्ट के नये भवन का उद्घाटन करेंगी। इसके बाद रात्रि विश्राम के लिए वे राजभवन लौटेंगी।

रांची के धुर्वा के तिरिल मौजा में 24 मई को हाई कोर्ट भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में भारत के सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ सहित कई जस्टिस मौजूद रहेंगे। लगभग 600 करोड़ की लागत से बनकर तैयार झारखंड का नया हाई कोर्ट देश का सबसे बड़ा हाई कोर्ट कैंपस है। इसका क्षेत्रफल सुप्रीम कोर्ट के कैंपस से भी साढ़े तीन गुणा ज्यादा है।
इसके लिए झारखंड सरकार की ओर से 165 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई गई है। इसमें 72 एकड़ जमीन पर हाई कोर्ट बिल्डिंग सहित वकीलों के लिए आधारभूत संरचना तैयार की गयी है। शेष जमीन पर न्यायाधीशों और रजिस्ट्री के कर्मियों के लिए आवासों का निर्माण कराया जाना है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपल आईटी) रांची के दूसरे दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। समारोह में B.Tech और M.Tech के 2019-23 के करीब 120 विद्यार्थी डिग्री हासिल करेंगे।
समारोह में राष्ट्रपति के हाथ से विषयों के टॉपर्स को मेडल दिया जाएगा। समारोह में बीटेक के दो ब्रांच कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के टॉपर विद्यार्थियों के बीच एक-एक गोल्ड और एक-एक सिल्वर मेडल दिया जायेगा।
एमटेक दो ब्रांच- कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विद स्पेशलाइजेशन इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ECC विद स्पेशलाइजेशन इन एंबेडेड सिस्टर एंड आईओटी- के टॉपरों के बीच एक-एक गोल्ड मेडल बंटेगा।

इसके अलावा एक बेस्ट गर्ल स्टूडेंट मेडल, एक इंस्टीट्यूट मेडल और एक बेस्ट स्टूडेंट शील्ड प्रदान किया जाएगा। इसी दिन शाम चार से पांच बजे तक नामकुम स्थित JUT परिसर में ट्रिपल IT के दीक्षांत समारोह में शिरकत करेंगी।
इस समारोह में राज्यपाल सह कुलाधिपति सीपी राधाकृष्णन, CM हेमंत सोरेन भी मौजूद रहेंगे।
25 मई की सुबह 10:30 बजे से 11:30 बजे तक खूंटी स्थित स्टेडियम में कल्याण विभाग की ओर से आयोजित महिलाओं के कार्यक्रम को संबोधित करेंगी।
रांची राजभवन में रात्रि विश्राम के बाद 26 मई की सुबह नौ बजे से 10:00 बजे तक उनका विशिष्ट व्यक्तियों से मिलने का कार्यक्रम निर्धारित है। दिन के 11:30 बजे राष्ट्रपति बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से नयी दिल्ली चली जायेंगी।

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विद्युत सेवा एक बिजनेस मॉड्यूल है, क्वालिटी सर्विस जितनी अच्छी होगी बिजनेस उतना ही अच्छा होगा – अर्जुन मुंडा

सरायकेला जिला समाहरणालय के सभागार में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा की अध्यक्षता में शनिवार को सरायकेला-खरसावां व पश्चिमी सिंहभूम की डिस्ट्रिक्ट लेवल इलेक्ट्रिसिटी कमेटी की बैठक हुई। बैठक में सरायकेला एवं चाईबासा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति एवं जर्जर तार एवं खंभों की स्थिति से अवगत कराते हुए यथासंभव निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश विद्युत पदाधिकारियों को दिया गया।
विद्युत विभाग के जीएम श्रवण कुमार ने विद्युत आपूर्ति, विद्युत खपत, डिमांड, सब विद्युत स्टेशन एवं जिलावार उपस्थित ट्रांसफार्मर, खराब ट्रांसफार्मर, मरम्मत कार्य, 100 यूनिट फ्री योजना का लाभ समेत विभिन्न बिन्दुओं से सम्बंधित जानकारी केंद्रीय मंत्री को दी। इस दौरान केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में डिमांड के अनुरूप विद्युत आपूर्ति सेवा बहाल करने के साथ ही कृषि क्षेत्र में अलग ट्रांसफर्मर से विद्युत सेवा बहाल करें। विद्युत सेवा एक बिजनेस मॉड्यूल भी है अतः क्वालिटी सर्विस जितनी अच्छी होगी बिजनेस उतना ही अच्छा होगा।

केंद्रीय मंत्री ने उपस्थित पदाधिकारियों को क्वालिटी विद्युत सेवा एवं क्वालिटी सर्विस पर विशेष बल देने की बात कही। उन्होंने कहा स्थानीय विद्युत सेवा के वरीय पदाधिकारी/ क्षेत्रीय पदाधिकारी स्थानीय प्रशासन के साथ तालमेल स्थापित करते हुए कार्य करें, ताकि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सुगमता से विद्युत सेवा बहाल करने के साथ साथ अपूर्ति सेवा से संबंधित समस्या एवं समाधान पर निर्णय लिया जा सके। उन्होंने कहा कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली संरक्षण के संदर्भ में विभिन्न माध्यम से जागरूक करने की आवश्यकता है। बिजली, पानी की बर्बादी देश के रेवेन्यू की बर्बादी है।
बैठक के क्रम में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, खरसावां विधायक दशरथ गागराई, जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा, मंत्री चंपई सोरेन के आप्त सचिव के द्वारा विभिन्न क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति एवं तार-खंभों की जर्जर स्थिति से अवगत कराते हुए उक्त मामलो के त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने हेतु सम्बन्धित पदाधिकारी को निर्देशित किया गया। आज की बैठक में खरसावां विधायक दशरथ गागराई, जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा, उपायुक्त सरायकेला खरसावां अरवा राजकमल, उप विकास आयुक्त सरायकेला प्रवीण कुमार गागराई, उप विकास आयुक्त पश्चिमी सिंहभूम, अपर उपायुक्त सरायकेला, अपर उपायुक्त पश्चिमी सिंहभूम, मुख्य अभियंता विद्युत आपूर्ति क्षेत्र जमशेदपुर, अधीक्षण अभियंता विद्युत प्रमंडल जमशेदपुर, सभी प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता एवं अन्य सम्बन्धित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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एससी/एसटी एक्ट में अभद्र भाषा कह देना मुकदमे के लिए काफी नहीं- सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के खिलाफ अभद्र या अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल हुआ, यह एससी/एसटी अधिनियम के तहत किसी व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए पर्याप्त नहीं है। एक मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी की। जस्टिस एस रवींद्र भट और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ ने कहा कि एससी/एसटी अधिनियम की धारा 3(1)(x) के दंडात्मक प्रावधान को लागू करने के लिए यह साबित करना होगा कि इस तरह की टिप्पणी जानबूझकर सार्वजनिक स्थान पर की गई है या नहीं? चार्जशीट या एफआईआर की कॉपी में भी इस तरह की बातों का उल्लेख किया जाना आवश्यक है।

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय पीठ ने स्पष्ट किया कि एससी और एसटी व्यक्ति के खिलाफ अभद्र या अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना किसी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं है। कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधान के तहत किसी व्यक्ति पर मुकदमा चलाने से पहले सार्वजनिक दृश्य के भीतर किसी अभियुक्त द्वारा की गई बातों को कम से कम चार्जशीट में उल्लिखित किया जाए, इससे अदालत यह पता लगाने में सक्षम होंगी कि अपराध का संज्ञान लेने से पहले आरोप पत्र एससी/एसटी अधिनियम के तहत मामला बनता है या नहीं?

दरअसल, देश की शीर्ष अदालत एक ऐसे मामले की सुनवाई कर रही थी जिसमें एक व्यक्ति को कथित अपराधों के लिए चार्जशीट किया गया था, जिसमें अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम की धारा 3(1)(x) शामिल है, जो अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति सदस्य को जानबूझकर सार्वजनिक दृश्य के भीतर अपमान करने के इरादे से डराने-धमकाने से संबंधित है। अदालत ने मामले की सुनवाई में व्यक्ति के खिलाफ दर्ज मामले को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि मामले में न प्राथमिकी और न ही आरोप पत्र में मौखिक विवाद के दौरान अभियुक्तों के बयानों या शिकायतकर्ता की जाति का कोई संदर्भ नहीं था। अदालत ने यह भी नोट किया कि कथित अपमानजनक बयान शिकायतकर्ता और उसकी पत्नी और उसके बेटे की उपस्थिति में दिए गए थे और कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था, इसलिए इसे सार्वजनिक रूप से नहीं कहा जा सकता क्योंकि अन्य कोई भी सदस्य वहां मौजूद नहीं था।

जस्टिस एस आर भट और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ ने कहा कि किसी व्यक्ति को अपमानित करने के लिए मंशा स्पष्ट प्रतीत होना जरूरी है। हर अपमान या धमकी अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति अधिनियम की धारा 3 (1) (x) के तहत अपराध नहीं होगी। पीठ ने कहा, “अगर आम तौर पर किसी व्यक्ति को अनुसूचित जाति या जनजाति के रूप में निर्देशित किया जाता है, तो यह धारा 3 (1) (x) के तहत मुकदमा दर्ज करने लिए पर्याप्त नहीं हो सकता है, जब तक कि इस तरह के शब्दों में जातिवादी टिप्पणी न हो।”

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मंत्री बन्ना गुप्ता ने विधायक सरयू रॉय पर दूसरी बार किया मानहानि का केस

जमशेदपुर : झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने शनिवार को पश्चिम सिंहभूम के चाईबासा स्थित एमपी- एमएलए न्यायालय में जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय के खिलाफ मानहानि का केस दायर किया है। विधायक सरयू राय ने बन्ना गुप्ता पर आराेप लगाया था कि उनके पास प्रतिबंधित पिस्तौल है। विधायक सरयु राय के इस बयान पर स्वास्थ्य मंत्री ने यह केस दायर किया है। जिसमें बन्ना गुप्ता ने यह कहा है कि बिना किसी प्रमाण के मंत्री की छवि को खराब किया गया है और उनके चरित्र का हनन कर मानहानि करने की कोशिश की गयी है। मंत्री बन्ना गुप्ता ने विधायक सरयू राय पर यह दूसरा केस दर्ज़ किया है। इससे पहले मंत्री बन्ना गुप्ता पर प्रोत्साहन राशि को लेकर आरोप लगाया गया था, जिसको लेकर मंत्री ने सरयू राय पर मानहानि का केस दायर किया है, जो अभी कोर्ट के समक्ष विचाराधीन है।

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ट्रस्टी के बेटे होने के कारण अविनाश सिंह प्रधान पद के उम्मीदवार कभी नहीं बन सकते – संगत

जमशेदपुर : सीतारामडेरा गुरुद्वारा के प्रधान पद के उम्मीदवार अविनाश सिंह खालसा की उम्मीदवारी रद्द करने की माँग करते हुए सीतारामडेरा संगत ने सीजीपीसी के प्रधान को खत लिखा। संगत ने अपने खत में अपनी बात रखते हुए लिखा कि – प्रधान साहिब जी, गुरु फतेह उपरंत बेनती है कि सीता राम डेरा गुरुद्वारा इलाके की सिक्ख निवासी आप जी को महत्वपूर्ण जानकारी देना चाहती है कि सरदार अविनाश सिंह को बतौर प्रधान कतई बर्दाश्त नहीं करेगी और किसी हाल में भी। सरदार अविनाश सिंह खालसा को बतौर प्रधान नहीं स्वीकारने के कारण नीचे बिंदुवार प्रस्तुत कर रहे हैं।


1) ट्रस्टी सरदार गुरमीत सिंह के बेटे होने कारण सरदार अविनाश सिंह खालसा प्रधान पद के उम्मीदवार कभी नहीं बन सकते। कयोंकि पिता ट्रस्टी और बेटा प्रधान, एक घर से दो पोस्ट कतई बर्दाश्त नहीं।
2) पिछले बारह सालों से सरदार अविनाश सिंह खालसा ज्वाइंट कैशियर और उसके पिता जी गुरमीत सिंह ट्रस्टी पद पर आसीन रहे हैं। सरदार अविनाश सिंह खालसा अपने पिता जी की शह पर पहले से समानान्तर कमेटी का प्रधान के रूप में बन कर कमेटी चलाता रहा है l जिसकी शिकायत कार्यवाहक प्रधान सरदार बलबीर सिंह जी ने लिखित रूप में ट्रस्टियों एवम सीजीपीसी प्रधान सरदार महिंदर सिंह को की हुई है, जिसकी फोटो कॉपी हम दे रहे हैं इस चिट्ठी के साथ।
3) गुरुद्वारा साहिब जी की गोलख जो पहले एक डेढ़ लाख खुलती थी अब तीन सदस्यीय संचालन समिति के अधीन चार लाख की ऐवरेज से खुल रही है।


प्रधान साहिब जी आप से निवेदन है कि इसकी जांच पड़ताल में आगे बढ़ेंगे तो आप को और बहुत कुछ गड़बड़ियां दिखाई देंगी, जो सीतारामडेरा गुरुद्वारा के पिछ्ले बारह सालों एक महा घोटाला, जैसे कि एक करोड़ से जायदाद सात साल पहले सीता राम डेरा गुरुद्वारा कमेटी ने खरीदी थी। सिक्ख साध संगत की खून पसीने की कमाई से खरीदी गई संपत्ति का ब्योरा नोटिस बोर्ड में कभी नहीं आया। संपत्ति की कीमत कितने में खरीदी, संपत्ति गुरुद्वारा कमेटी के नाम से है, ट्रस्टियों के नाम से है या फिर किसी अन्य नाम से, अगर संपत्ति किसी अन्य नाम से तो क्या कारण।
प्रधान साहिब जी ट्रस्टी गुरमीत सिंह और सरदार अविनाश सिंह खालसा का मन इस कद्र बढ़ा हुआ है कि आने वाले समय में गुरुद्वारा साहिब की सारी संपत्ति हड़पने की नियत डाले हुए हैं। इसलिए आप से अनुरोध है कि बिना पक्षपात किए, नियम के तहत कारवाई की जाए और एक घर से दो सदस्य एक ट्रस्टी के रूप में और दूसरा प्रधान के रूप में कतई स्वीकार नहीं है इसलिए अविनाश सिंह का प्रधान पद का प्रत्याशी सीतारामडेरा की संगत को कतई मान्य नहीं है। आप से अनुरोध है कि अविनाश सिंह खालसा को प्रधान पद की उम्मीदवारी रद्द की जाए।

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सौंदर्यीकरण के लिए स्त्री सत्संग सभा ने साकची गुरुद्वारा को भेंट की एक लाख सहयोग राशि

स्त्री सत्संग सभा, साकची की बीबीयों ने साकची गुरुद्वारा के सौंदर्यीकरण कार्य के लिये नकद सहयोग राशि एक लाख रुपये भेंट स्वरूप देकर एक मिसाल पेश की है।
शनिवार को गुरुद्वारा साहिब साकची में स्त्री सत्संग सभा की प्रधान बीबी गुरमीत कौर ने सभा की ओर से प्रधान निशान सिंह को नक़द एक लाख रुपए भेंट किए।स्त्री सत्संग सभा ने इसी तरह निरंतर सहयोग की बात कही साथ ही साथ सुखमणि साहिब कीर्तनी जत्थे ने भी सौंदर्यीकरण के लिए अपना संभव सहयोग दिया। इस सहयोग के लिए प्रधान निशान सिंह व महासचिव परमजीत सिंह काले ने दोनों सभाओं का आभार प्रकट करते हूए धन्यवाद ज्ञापन किया।

“जपियो जिन अर्जन देव गुरु फिर संकट जोन गर्भ ना आयो” शब्द के साथ हुई 40 दिवसीय सुखमणी साहब पाठ की समाप्ति

इससे पूर्व शहीदों के सरताज सिखों के पांचवें गुरु श्री गुरु अर्जुन देव जी की शहीदी को समर्पित 40 दिनों से चल रहे सुखमणी साहिब के पाठ की समाप्ति भी “जपियो जिन अर्जन देव गुरु फिर संकट जोन गर्भ ना आयो”शब्द के साथ सम्पन्न हुई। पाठ की समाप्ति के बाद सिख स्त्री सत्संग सभा एवं भाई साहब भाई मनदीप सिंह जी हजूरी रागी द्वारा मधुर गुरबाणी कीर्तन गायन किया गया। बाबा अमृतपाल सिंह ने सरबत के भले की अरदास की। एक सकारात्मक पहल के तहत सिख स्त्री सत्संग सभा साकची एवं सुखमणी कीर्तन जत्थे द्वारा संयुक्त रूप से सुखमणी साहिब के पाठ रोजाना सुबह किए जाते रहे तथा हर दिन संगत के सहयोग से नाश्ते की व्यवस्था की जाती थी।

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आज समापन के दौरान भी संगत के लिए चने का प्रसाद, मीठे जल एवं गुरु का लंगर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी साकची एवं संगत के सहयोग से किया गया था। इस अवसर पर साकची गुरुद्वारा के प्रधान सरदार निशान सिंह, झारखंड प्रदेश गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार शैलेंद्र सिंह, सेंट्रल सिख स्त्री सत्संग सभा की प्रधान सुखजीत कौर, चेयरपर्सन बीबी कमलजीत कौर, बीबी दलबीर कौर, महासचिव बीबी रविंदर कौर, बीबी सुखजीत कौर आदि भी शामिल हुए।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सिख स्त्री सत्संग सभा साकची की अध्यक्षा बीबी गुरमीत कौर, कोषाध्यक्ष बीबी पिंकी कौर, बीबी मनजीत कौर, बीबी अमरीक कौर, बीबी जितेंद्र पाल कौर सुखमणि साहिब कीर्तनी जत्था की ओर से बीबी बलविंदर कौर, बीबी रणजीत कौर, बीबी कमलजीत कौर, बीबी राजबीर कौर, बीबी गुरदीप कौर तथा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी साकची की ओर से मुख्य सेवादार सरदार निशान सिंह जी, महासचिव सरदार परमजीत सिंह काले, कोषाध्यक्ष सरदार जसवीर सिंह गांधी, मुख्य सलाहकार सरदार सुरजीत सिंह छीते, सरदार जयमल सिंह बरियार, सरदार मनोहर सिंह मित्ते, सरदार दलजीत सिंह, सरदार त्रिलोचन सिंह तोची, सरदार बलबीर सिंह, सरदार जसपाल सिंह जस्से, सरदार गुरपाल सिंह, सरदार जगमिंदर सिंह आदि ने अपना भरपूर सहयोग दिया।

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सिद्धारमैया ने ली कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ, डीके बने डिप्टी सीएम

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार ने शनिवार कर्नाटक के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। सिद्धारमैया दूसरी बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने हैं वहीं डीके पहली बार डिप्टी सीएम बने हैं। बेंगलुरु के कांतीरवा स्टेडियम में गांधी परिवार, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और विपक्ष के बड़े नेताओं की मौजूदगी में दोनों नेताओं ने शपथ लिया। सिद्धारमैया का राजनीतिक में 4 दशक का लंबा करियर रहा है।

बेंगलुरु में हुए नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और राकांपा अध्यक्ष शरद पवार शामिल हुए। इसके अलावा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन, मक्कल नीडि माईम के प्रमुख कमल हसन, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी मंच पर मौजूद थे।

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वर्ल्ड रिकॉर्ड! चीन, जापान, US को पछाड़ा भारत ने, 100 घंटे में तैयार की 100 किमी सड़क, देखें वीडियो

दुनिया को पीछे छोड़ भारत ने एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम कर दिया है। भारत में 100 घंटे में 100 किलोमीटर की सड़क बनाकर तैयार कर दी गई है। सड़क निर्माण में भारत ने चीन, अमेरिका और जापान को भी पीछे छोड़ दिया। गाजियाबाद-अलीगढ़ एक्सप्रेस वे के बीच NH 34 पर 15 मई को सुबह 10 बजे से इस सड़क को बनाने का काम शुरू हुआ था, जो 19 मई को 2 बजे 100 घंटे में 112 किलोमीटर बनकर तैयार हो गई है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी ट्वीट करके टीम को बधाई दी।

इस सड़क को 15 मई की तारीख सुबह 10 बजे से बनाना शुरू किया गया था। टारगेट था कि 100 घंटे में 100 किमी की सड़क तैयार करनी है। सड़क को बनाने के लिए 8-8 घंटे की शिफ्ट में मजदूर और इंजीनियर्स ने काम किया। इंजीनियर्स की टीम को लीड करने वाले अर्पण घोष बताते हैं कि एक शिफ्ट में कम से कम 100 इंजीनियर्स और 250 मजदूर काम करते थे। हर मिनट में 3 मीटर से ज़्यादा की रोड तैयार की गई। बड़ी बात ये कि षण गर्मी में मजदूर और इंजीनियर्स के लिए बहुत सारे एक्सट्रा इंतजाम करने पड़े। एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई थी। सबसे बड़ा चैलेंज ये भी था कि सड़क की दूसरा तरफ का ट्रैफिक लगातार चलता रहे।

एनएचएआई के रिजनल ऑफिसर संजीव कुमार शर्मा बताते हैं कि इस सड़क को बनाने में इंवायरमेंट का भी पूरा ख्याल रखा गया है। सड़क को रिसाइकल्ड मटेरियल से तैयार किया गया है। सड़क को बनाने के लिए पुराने मटेरियल का ही इस्तेमाल किया गया है। सड़क को बनाने में 51849 मैट्रिक टन बिटुमन कंक्रीट, 2700 मैट्रिक टन बिटुमन लगा है और 6 हॉट मिक्स प्लांट में इस मटैरियल को तैयार किया गया है।

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इस सड़क के निर्माण से भारत को एक मॉडल भी मिला है। इस मॉडल के जरिए आने वाले वक्त में हाइवे और एक्सप्रेसवे और जल्दी तैयार हो जाएंगे।

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