एक नई सोच, एक नई धारा

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“…पर यहाँ मैं फिसल गया” क्या हो पाएंगे अब स्वास्थ्य मंत्री स्वस्थ ?

झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के प्रेमालाप वीडियो प्रकरण मामले और जमशेदपुर की गरमाई राजनीति को लेकर पढ़िये “गौरव हिन्दुस्तानी” की लेख

झारखंड की लौह नगरी जमशेदपुर के पश्चिम सिंहभूम के विधायक और झारखण्ड राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता का प्रेमालाप चलचित्र क्या प्रकाश में आया जमशेदपुर की राजनीति ने फिर एक करवट बदल ली। कदमा मामले में मौन बाबा बने पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास जेल में बंद नेताओं से मिलने चले गए और गए तो गए वहाँ से तत्काल डीजीपी को फोन करके मामले की जांच करने का आग्रह भी किया और प्रशासन में मानो स्टिंग एनर्जी के ऐड जैसी फुर्तीलापन आ गया, अगले दिन कोल्हान डीआईजी पहुंचने की खबर आ गयी। अब सोचने वाली बात यह है कि पिछले पंद्रह दिनों से जब सारे लोग गला फाड़ फाड़ कर बोल रहे थे तो प्रशासन ने यह पहल क्यों नहीं की और “मौनी बाबा” भी अचानक से कैसे जाग गए ? इस पर भी दो सवाल खड़े होते हैं, पहला यह कि क्या बन्ना गुप्ता के ऊपर अचानक से गिरी इस बिजली ने रघुवर दास के अंदरूनी याराना के तहत तय किसी सांठ गांठ को तो नहीं हिला दी ? और दूसरा यह कि सर्वजन हिन्दू समिति 25 तारीख से चरणबद्ध तरीके से विरोध और हड़ताल करने की बात कह रही थी और इससे अपनी जमीन खिसकती देख यह रणनीति बनाकर सर्वजन हिन्दू समिति के मुहिम को कमजोर करने की तैयारी तो नहीं कि गयी है ?

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इन सब मामले में “अस्वस्थ” मंत्री बन्ना गुप्ता भी चर्चा में थे लेकिन इस प्रेमालाप चलचित्र मामले ने तो उन्हें और भी ख्याति प्रदान कर दी। वैसे मंत्री जी ने इसे फेक और एडिटेड बता कर एफआईआर दर्ज कराई है लेकिन सवाल यह उठता है कि एफआईआर दर्ज़ किसके ऊपर की जाएगी, व्हाट्सएप पर भेजने शेयर करने वाले भाजपा नेता विकास सिंह पर या ट्विटर पर शेयर करने वाले भाजपा सांसद निशिकांत दुबे पर ? अब जिसके भी नाम पर मंत्री एफआईआर करे यह उनके अपने विवेक और कानून के दिशा निर्देश पर होगा, लेकिन एक प्रश्न यह भी है कि आखिर भाजपा नेताओं के पास यह वीडियो पहुंचा कैसे ? यदि अपनी सलाह दूं तो मंत्री जी उस सूत्रधार का पता करें और उस पर एफआईआर करें जहाँ से इस चलचित्र ने चलना शुरू किया। अब मंत्री जी इस बाबत सोशल मीडिया में पोस्ट करने वाले हर किसी वे ऊपर तो केस नहीं कर सकते न। वैसे मंत्री जी के समर्थक लगभग हर पोस्ट में एफआईआर की धौंस दिखाते घूम रहे हैं सोशल मीडिया में, जरा इन्हें भी समझना चाहिए कि बिना आग के धुआँ कैसे उठेगा और धुआँ उठेगा तो राजनीति गलियारे में चर्चा गर्म रहेगी ही। वैसे वो भी क्या करे, बेचारे मजबूर है अपना समर्थक धर्म निभाने के लिए और ऐसा लगता है कि इस मामले को यदि और ज्यादा हवा लगी तो समर्थक अपना धर्म निभाने के चक्कर में कहीं यह न कह दे कि “अस्वस्थ्य मंत्री” वर्चुअल तरीके से फिज़िकल चेकअप कर रहें थे कि “आंत बड़ा हो गया, गुर्दा बड़ा हो गया या फेफड़ा।”

वहीं दूसरी तरफ पूर्वी सिंहभूम के विधायक सरयू राय ने जिस तरह से इस प्रकरण से जुड़ी हर वो बात जो किसी मीडिया वाले को भी नहीं मालूम उसका खुलासा करके यह तो साबित कर दिए कि आखिर वो विधायक जरूर बन गए हैं लेकिन उनके अंदर का पत्रकार अब भी जीवित है और यही वजह है कि वो अकेले इस मामले में खुलकर मोर्चा संभाले हुए हैं। खबर तो यहाँ तक आई कि 21 सेकेंड का वीडियो मात्र ट्रेलर था पिक्चर 3 मिनट का है, अब देखना यह है कि “अस्वस्थ मंत्री” चलचित्र को गलत साबित करके खुद को स्वस्थ बताएंगे या विपक्ष पूरी पिक्चर रिलीज़ करके इन्हें पूर्ण रूप से अस्वस्थ साबित करेगी।
वैसे इस पूरे प्रकरण को देखते हुए और राजनीति में उभरते समय के बन्ना गुप्ता को याद करने से स्टैंडअप कॉमेडियन ज़ाकिर खान की बहुप्रचलित पंक्ति “वैसे तो मैं बड़ा सख्त लौंडा हूँ, पर यहाँ मैं फिसल गया” बेहद सटीक बैठती है। अब आगे देखना है कि यह मामला राजनीतिक गलियारे में क्या उठा पटक करती है।

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बन्ना गुप्ता के पक्ष में बोले कमलेश कुमार पांडेय, कहा- छवि धूमिल करने का प्रयास, वीडियो वायरल करने वाले पर हो कार्रवाई

प्रदेश कांग्रेस कमिटी के सचिव कमलेश कुमार पांडेय ने कहा कि झारखंड सरकार के लोकप्रिय एवं विकासनोमुखी नेता स्वास्थ्य एवं आपदा मंत्री श्री बन्ना गुप्ता का अश्लील वीडियो को वायरल कर के अपने घिनौनापना तथा अपनी अश्लील मानसिकता को दर्शाने का काम किया है। आज के समय में इस तरह से किसी भी प्रतिष्ठित व्यक्ति की छवि को खराब करने का काम करने की कोशिश करना आम बात हो गई है।

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अब सवाल पैदा होता है कि इस तरह का अश्लील वीडियो वायरल करने वाले को कहाँ से उपलब्ध हुआ, क्या वह व्यक्ति इस घिनौना कार्य में लिप्त है? जब तक वायरल करने वाले व्यक्ति की संलिप्ता नहीं होगी तब तक उसके पास विडियो पहुँचा कैसे? आज कल इस तरह से लोगों को ब्लैकमेल करने का काम धड़ल्ले से चल रहा है इसलिए प्रशासन से अनुरोध है कि इस दिशा में भी जाँच करना अति आवश्यक है। जहाँ तक अश्लील वीडियो की बात है तो फौरेंसिक जाँच में तो सच्चाई सामने आ जाएगी की उसमें एडीटिंग है कि नहीं?
अतः प्रशासन से निवेदन है कि त्वरित कार्रवाई करते हुए दूध का दूध और पानी का पानी करके विरोधियों के द्वारा छवि खराब करने के असफल प्रयास को निष्फल कर दोषियों पर कड़ी कार्यवाही करें, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दुहराने की हिम्मत न हो।

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मुख्यमंत्री के घर आने जाने वाले के यहाँ पड़ा ईडी का छापा, दस्तावेज़ बरामद

झारखंड : ईडी ने झारखंड के सीएम के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद उर्फ पिंटू के करीबी उदय शंकर के आवास पर छापामारी कर जमीन संबंधी कई दस्तावेज जब्त किए हैं। माना जा रहा है कि यह छापेमारी रांची में जमीन घोटाले के सिलसिले में की जा रही है।

ईडी ने उदय शंकर के मोबाइल की भी जांच की है। उसके पूरे घर की तलाशी ली गई है। उदय शंकर की सीएम हाउस में सीधी एंट्री रही है और वह सीएम के प्रेस सलाहकार अभिषेक के निजी सचिव के तौर पर सक्रिय रहा है। सोमवार को ईडी की एक टीम रांची के डोरंडा बाजार के पीछे स्थित उसके आवास पर पहुंची। दोपहर बाद तक घर में तलाशी जारी थी। सूत्रों के मुताबिक, उसके यहां से जमीन के जो दस्तावेज बरामद किए गए हैं, उसकी कड़ियां कई बड़े लोगों से जुड़ सकती हैं।

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रांची में सेना की साढ़े चार एकड़ जमीन की अवैध तरीके से खरीद-बिक्री की जांच के दौरान ईडी ने करीब दस दिन पहले 21 ठिकानों पर छापामारी की थी। जांच में कई तरह की जालसाजी का खुलासा हुआ तो दूसरे दिन इस सिलसिले में कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार लोगों को रिमांड पर लेकर की जा रही पूछताछ में कई अहम जानकारियां ईडी के हाथ लगी हैं। माना जा रहा है कि इसी कड़ी में सीएम हाउस में सीधी पहुंच रखने वाले उदय शंकर के यहां रेड डाली गई है। बता दें कि संताल क्षेत्र में 1000 करोड़ के अवैध खनन मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच कर रही ईडी ने पूर्व में सीएम के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद उर्फ पिंटू और उसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी पूछताछ की थी। बीते शुक्रवार को ईडी की टीम रांची स्थित रजिस्ट्री कार्यालय पहुंची थी और हेमंत सोरेन और उनके परिवारी जनों की जमीन संबंधी 18 प्रॉपर्टी के दस्तावेज की सत्यापित प्रतियां हासिल की थी। इनमें खनन पट्टा लीज के वे दस्तावेज भी हैं, जिनके बारे में आरोप है कि सीएम पद पर रहते हुए हेमंत सोरेन ने अपने नाम पर अलॉट कराया था। हालांकि बाद में यह पट्टा उन्होंने सरेंडर कर दिया था।

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राँची : प्रेस क्लब में मनाई गई भारतीय मानवाधिकार ऐसोसिएशन की पांचवीं वर्षगाँठ

भारतीय मानवाधिकार ऐसोसिएशन रांची जिला की पांचवी वर्षगांठ बहुत हर्षोल्लास के साथ प्रेस क्लब में मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में राज्यसभा सांसद डॉ महुआ मांझी जी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर कोल्हान टीम भी सम्मिलित थी। संगठन ने उत्कृष्ट कार्यों के लिए अपने सभी पदाधिकारीयो एवं सदस्यों को सम्मानित किया।

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इस अवसर पर संगठन के विस्तार पर काफी गहन चर्चा किया गया और संगठन को सशक्त बनाने के लिए सभी ने अपनी राय भी दी। इस मौके पर प्रदेश प्रभारी रविंद्र शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष अनूप, रांची जिला अध्यक्ष संतोष, कोल्हान अध्यक्ष रवि राज दुबे, कोल्हान उपाध्यक्ष सरबजीत सिंह, कोल्हान उपाध्यक्ष सुभाष घोष, कोल्हान सचिव सुशांत, कोल्हान पदाधिकारी प्रमोद, कोल्हान पदाधिकारी राजेश, रांची जिला के महासचिव विवेक मिश्रा एवं सभी पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।

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खिसकते जनाधार को बचाने के लिए रघुवर दास पहुँचे भाजपा नेताओं से मिलने जेल

जमशेदपुर : कदमा हिंसा के बाद से लगातार भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास और उनकी टीम के विरुद्ध भाजपा कार्यकर्ताओं में एक रोष देखने को मिल रहा था जो अब भी जारी है। रघुवर दास द्वारा कदमा मामले में गिरफ्तार भाजपा और विहिप नेताओं से 15 दिन गुजरने के बाद अचानक मिलने पहुंचना जमशेदपुर की राजनीति गलियारे को और भी गर्म कर दिया है।
रघुवर दास द्वारा आश्चर्यजनक ढंग से चुप्पी साधे रहने एवं भाजपा महानगर अध्यक्ष द्वारा उनकी राह पकड़ के चलने और बिना झंडा बैनर के आंदोलन खड़ा करने के बाद भी सर्वजन हिंदू सभा के द्वारा एक मोर्चा खोला गया और उस मोर्चा के द्वारा हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। जिस टीम में गुंजन यादव भाजपा महानगर अध्यक्ष व महामंत्री अनिल मोदी जैसे लोग भी शामिल थे।

सूत्र बताते हैं कि उसके बावजूद आश्चर्यजनक रूप से हस्ताक्षर अभियान के लिए किसी भी मंडल अध्यक्ष को हस्ताक्षर अभियान के दिन पूर्वाह्न 11 बजे तक खबर नहीं किया गया। बाद में जब अचानक से ऊपर के लोगों द्वारा दबाब बना तब खबर दिए जाने के बाद भाजपा अध्यक्ष गुंजन यादव द्वारा मंडल अध्यक्षों को खबर करवाया गया। परंतु अपनी तबीयत खराब होने का बहाना बनाकर वह अपने घर में पड़े रहे और कमोबेश जो लोग भी रघुवर दास के सपोर्टर थे, वह भी इस आंदोलन को फेल बनाने में लगे रहे।

पुनः जब सर्वजन हिंदू समिति की समीक्षा बैठक हुई और उस बैठक में जब यह जोर-शोर से मुद्दा उठा, तब पूर्वी विधानसभा के लोगों ने एक स्वर से कहा कि एक नेता के इशारे पर भाजपा के कार्यक्रमों में भाजपा के पदाधिकारी नहीं रहते हैं, परंतु अब वे संघ के द्वारा निर्देशित कार्यक्रमों की भी अवहेलना करने में लगे हैं। लोगों ने उक्त समीक्षा बैठक में ऐसे लोगों की जमकर शिकायत की और कुछ लोगों ने ऊपर भी इनकी शिकायत कर दी। बताया जाता है कि कल संघ के प्रांत प्रचारक गोपाल शर्मा जमशेदपुर आए थे और तय कार्यक्रम के मुताबिक सभी से बैठक कर सभी बातों की जानकारी ली।
जिसके बाद कहा जा रहा है कि सर्वजन हिंदू समिति द्वारा दिनांक 25 अप्रैल को महाबैठक का आयोजन तुलसी भवन में किया गया है। जिसके दूसरे दिन मशाल जुलूस एवं तीसरे दिन कोल्हान बंद की बात कही गई। जब इस पूरे आंदोलन की भनक रघुवर दास और उनके लोगों को लगी तो इन सारे लोगों को अपना जनाधार खिसकता हुआ नजर आया। कालांतराल में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा फिर से कोपभाजन न बन जाये। रघुवर दास और उनके पदचिह्नों पर चलनेवाले लोगों को भय सताने लगी।

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लोग बता रहे हैं कि इसी बात को लेकर आज भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास जेल गेट में मिलने अभय सिंह से पहुंचे और वहां पर सभी लोगों से मिलकर फेसबुक पर डाला कि उन्होंने डीजीपी से बात की है और डीआईजी पूरे मामले की जांच करेंगे। परंतु दूसरी ओर नाराज भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब भाजपा का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिलकर सीबीआई जांच और न्यायिक जांच की मांग कर रहा है, ऐसे में पुलिस प्रशासन से जांच की मांग करना कहीं कार्यक्रम को रोकने के लिए किया गया प्रयास तो नहीं है।

लोगों को लगता है कि कल डीआईजी जमशेदपुर आएंगे और उचित जांच का भरोसा देकर कार्यक्रम को रोका जाएगा और इसी रणनीति के तहत आज रघुवर दास जेल गए और निकल कर डीजीपी से बात की, ताकि सर्वजन हिन्दू समिति के अंतर्गत होने आले आंदोलन को कमजोर किया जाए। भाजपा कार्यकर्ताओं का यह भी कहना है कल से ट्विटर पर और फेसबुक पर भाजपा की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस के नेता व झारखंड सरकार के मंत्री बन्ना गुप्ता के अश्लील वीडियो वायरल होने पर भी भाजपा महानगर जमशेदपुर और रघुवर दास एकदम चुप्पी साधे हुए हैं। सूत्रों के हवाले से यह भी पता चला कि कार्यकर्ताओं के बीच यह भी बात हो रही है कि स्वास्थ्य मंत्री से उनकी मित्रता अब जगजाहिर हो चुकी है। कहीं ऐसा तो नहीं कि वही कांग्रेस में जाने की सोच रहे हो। भाजपा कार्यकर्ताओं में इस बात को लेकर बहुत ही चिंता प्रकट की जा रही है। कार्यकर्ता सोच में हैं कि जब किसी बड़े नेता के जाने पर भाजपा आंदोलन नहीं करती हैं और झंडा बैनर नहीं लेकर चलती हैं, जबकि छात्र संगठन में कुछ छात्र होने के बावजूद रांची में हुई विरोध की घटना के बाद कोल्हान समेत झारखंड में पूरी तरह से असरदार बंदी कराई गई थी, परंतु राष्ट्र के सबसे बड़े संगठन होने के बाद भी भाजपा का जमशेदपुर कदमा कांड पर कोई आंदोलन ना करना लोगों को संदेह में डाल रहा है।

दूसरी ओर जमशेदपुर भाजपा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। उस प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास ने राज्य के पुलिस महानिदेशक अजय कुमार सिंह से टेलीफोन पर बातचीत की तथा उनसे कहा कि शास्त्रीनगर उपद्रव के मामले में कई निर्दोष व्यक्तियों को नामजद आरोपी बनाया गया है। अत: वरीय पुलिस पदाधिकारी से इस मामले की जांच कराकर निर्दोष लोगों का नाम हटाया जाये। श्री दास के आग्रह को मानते हुए डीजीपी ने कोल्हान के डीआईजी से मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया।

इससे पूर्व श्री दास ने शास्त्रीनगर उपद्रव के सिलसिले में न्यायिक हिरासत में भेजे गये भाजपा नेताओं से केंद्रीय कारा, घाघीडीह में मुलाकात की। उन्होंने जानना चाहा कि किस परिस्थिति उन्हें यहां लाया गया है? कुछ ने जहां यह बताया कि उन्हें “जय श्री राम” का नारा लगाने पर पकड़ा गया, तो विश्व हिन्दू परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि उपद्रव के खिलाफ अधिकारी को ज्ञापन देने गये थे, तो उन्हें पकड़ कर बंद कर दिया गया। सर्वाधिक लोगों ने कहा कि उन्हें किस जुर्म में पकड़ा गया है, उन्हें पता नहीं है।
श्री दास ने शास्त्रीनगर उपद्रव को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि अगर जिला प्रशासन चाहता तो यह घटना चिंगारी से आग नहीं बनती। दरअसल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन साम्प्रदायिकता के जिस रथ पर सवार होकर तुष्टिकरण की मंजिल तक पहुंचना चाहते हैं, उसमें ऐसी घटनाएं होगी ही। सत्ता के नशे में इन्हें पता ही नहीं कि ये क्या कर रहे हैं?

दूसरी ओर रघुवर दास से नाराज भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि सच्चाई यह है कि सबसे पहले अगर किसी ने जेल में बंद इन भाजपाइयों के लिए अपना मुंह खोला, वो तो भाजमो के सरयू राय थे। उसके बाद बाबूलाल मरांडी, दीपक प्रकाश, अर्जुन मुंडा आदि नेताओं ने घाघीडीह जेल जाकर बंद भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और अपना नैतिक समर्थन दिया, जबकि रघुवर दास जो जमशेदपुर के ही भाजपा कार्यकर्ताओं के कंधे पर सवार होकर विधायक बने, मंत्री बने बाद में मुख्यमंत्री तक बन गये पर जब उन्हीं भाजपा कार्यकर्ताओं पर गाज गिरी तो उन तक पहुंचने में उन्हें आधे महीने लग गये।

वह भी तब जब उन्होंने देखा कि अब भाजपा कार्यकर्ताओं का समूह सदा के लिए उनसे दूरी बनाने में अपना दिमाग लगाने लगा। अब चूंकि रघुवर दास को आधे महीने बीतने के बाद ज्ञान प्राप्त हुआ है, तो क्या इस ज्ञान का प्रसाद आनेवाले विधानसभा चुनाव में मिलेगा या भाजपा कार्यकर्ता फिर से उन्हें सबक सिखाने के लिए हार की माला पहनाने पर ज्यादा ध्यान देंगे, क्योंकि फिलहाल भाजपा कार्यकर्ताओं का एक बड़ा वर्ग इनके खिलाफ हैं। देखना तक पसन्द नहीं कर रहा।

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डीआईजी करेंगे शास्त्रीनगर उपद्रव का पर्यवेक्षण, रघुवर दास भाजपाजनों से मिलने पहुंचे केंद्रीय कारा, डीजीपी से की बात

सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास ने राज्य के पुलिस महानिदेशक अजय कुमार सिंह से टेलीफोन पर बातचीत की तथा उनसे कहा कि शास्त्रीनगर उपद्रव के मामले में कई निर्दोष व्यक्तियों को नामदर्ज आरोपी बनाया गया है। अत: वरीय पुलिस पदाधिकारी से इस मामले की जांच कराकर निर्दोष लोगों का नाम हटाया जाये। श्री दास के आग्रह को मानते हुए डीजीपी ने कोल्हान के डीआईजी से मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया।इससे पूर्व श्री दास ने शास्त्रीनगर उपद्रव के सिलसिले में न्यायिक हिरासत में भेजे गये भाजपाजनों से केंद्रीय कारा, घाघीडीह में मुलाकात की। उन्होंने जानना चाहा कि किस परिस्थिति में लाया गया है? कुछ ने जहां यह बताया कि उन्हें ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने पर पकड़ा गया तो विश्व हिन्दू परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि उपद्रव के खिलाफ अधिकारी को ज्ञापन देने गये थे तो उन्हें पकड़ कर बंद कर दिया गया। सर्वाधिक लोगों ने कहा कि उन्हें किस जुर्म में पकड़ा गया है, उन्हें पता नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री ने इन्हें आश्वस्त किया कि वह उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर न्यायसंगत रास्ता निकालेंगे।

श्री दास ने शास्त्रीनगर उपद्रव को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि अगर जिला प्रशासन चाहता तो यह घटना चिंगारी से आग नहीं बनती। दरअसल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन साम्प्रदायिकता के जिस रथ पर सवार होकर तुष्टीकरण की मंजिल तक पहुंचना चाहते हैं, उसमें ऐसी घटनायें होगी हीं। सत्ता के नशे में इन्हें पता ही नहीं कि ये क्या कर रहे हैं । इसी सुनियोजित साजिश का परिणाम है यह शास्त्रीनगर उपद्रव। इसके लिए पहले एक धार्मिक झंडे में प्रतिबंधित मांस बांधे गये। इस हरकत से ध्वजपुजकों के तन-बदन में आग लग गयी। आनन-फानन में बैठक बुलायी गयी। उधर कांग्रेस और झामुमो के लोगों की इफ्तार पार्टी गणेश पूजा मैदान कदमा में चल रही थी। इस पार्टी के लिए प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली गयी थी। इस पार्टी में शामिल लोगों को जब ध्वजपुजकों की बैठक की जानकारी मिली तो वे वहां दल बल के साथ पहुंच गये। बैठक कर रहे लोगों पर पत्थर बसाये गये। वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। बात यहीं तक नहीं रुकी वहां तैनात पुलिस वालों पर भी पथराव किया गया। और फिर क्या-क्या हुआ, सब को पता है।

इस पूरे घटनाक्रम में जिला प्रशासन नींद में विभोर नजर आयी। एक छोटी सी चिंगारी जब आग बन गयी तो प्रशासन ने अपनी कमियों पर पर्दादारी शुरू की। किसी को यहां से गिरफ्तार किया गया, किसी को वहां से। दस सदस्यीय विश्व हिन्दू परिषद का एक प्रतिनिधिमंडल इस घटना के खिलाफ ज्ञापन देने गया तो उन्हें ही धर दबोचा गया। इस हैरतअंगेज घटना ने लौहनगरी को अंधेर नगरी बना दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की है कि डीआईजी अपने पर्यवेक्षण प्रतिवेदन में निर्दोषों को आरोप मुक्त करेंगे।

श्री दास के साथ केंद्रीय कारा पहुंचने वालों में प्रमुख रूप से पूर्व विधायक मेनका सरदार, महानगर भाजपा अध्यक्ष गुंजन यादव, महामंत्री राकेश सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष रामबाबू तिवारी, भुपेन्दर सिंह, विभीषण सरदार, चंचल चक्रवर्ती, संदीप शर्मा बौबी व अन्य शामिल थे।

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एशिया कप 2023 का शेड्यूल आया सामने, 2 सितंबर से होगा शुरू, जाने किस देश में खेले जाएंगे मैच

एशिया कप एक ऐसी प्रतियोगिता है जो एशियाई देशों के बीच खेली जाती है जिसमें वनडे और टी-20 दोनों तरह के फार्मेंट शामिल होते हैं. आगामी एशिया कप की मेजबानी पाकिस्तान के कंधो पर है.

लेकिन BCCI के सचिव जय शाह यह साफ कर चुके हैं कि टीम इंडिया किसी भी हाल में एशिया कप खेलने के लिए पाकिस्तान नहीं जाएगी. ऐशियन क्रिकेट काउंसिल जल्दी ही एशिया कप 2023शेड्यूल का ऐलान कर सकती है.

2 सिंतबर से होगा आगाज़

वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए इस बार एशिया कप 2023 वनडे फार्मेंट में कराया जाएगा. एशिया कप की शुरुआत 2 सिंतबर से होने वाला है जिसका अंतिम मुकाबला 17 सितंबर को खेला जाएगा. एशिया कप में कुल 6 टीमें भाग लेने वाली है जिसमें से एक टीम ACC क्वालीफायर मुकाबले की चैम्पियन होगी और बाकी की 5 टीमें कुछ इस प्रकार हैं-

1. भारत

2. पाकिस्तान

3. श्रीलंका

4. बांग्लादेश

5. अफ्गानिस्तान

कहां खेलेगा भारत अपना मुकाबला

दरअसल, इस बार एशिया कप की मेजबानी पाकिस्तान में हो रहा है और भारतीय खिलाड़ियों के सिक्योरिटी को मद्दे नज़र रखते हुए BCCI ने भारतीय खिलाड़ियों को पाकिस्तान में एशिया कप ना खिलाने का फैसला किया है. ऐसे में भारत अपने मुकाबले पाकिस्तान में नहीं बल्कि न्यूट्रल वैन्यू में मुकाबले खेलेगा. एशिया कप 2023 के लिए भारत का न्यूट्रल वैन्यू UAE या फिर श्रीलंका हो सकता है. हालांकि अभी तक इसके बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है.

सबसे ज्यादा इस टीम ने एशिया कप पर किया है कब्जा

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एशिया कप की शुरुआत 1984 में हुई थी और पहले ही साल भारत ने एशिया कप की ट्राफी पर कब्जा कर लिया था. अब तक एशिया कप के कुल 15 सीजन हो चुके है जिसमें सबसे ज्यादा बार भारत ने एशिया कप की ट्राफी अपने नाम किया है. भारत ने अब तक 7 बार एशिया कप की ट्राफी अपने नाम किया है तो वहीं श्रीलंका ने 6 बार एशिया कप जीता है. लेकिन पाकिस्तान केवल 2 बार ही इस ट्राफी को अपने घर ले जा सका है.

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रांची के खेलगांव में बन रहा है अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्केटिंग स्टेडियम, एक ही छत के नीचे मिलेगी कई सुविधाएं

झारखंड के युवाओं के लिए अच्छी खबर है. राजधानी स्थित खेलगांव में स्केटिंग स्टेडियम का निर्माण हाे रहा है. खास बात है कि यह देश का पहला स्केटिंग स्टेडियम होगा, जहां एक ही छत के नीचे स्केटिंग के अलावा स्केट बोर्ड सहित अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी.

अब खिलाड़ियों को रोड स्केटिंग के लिए भी सड़क के खाली होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा.

झारखंड सरकार वेलोड्राम स्टेडियम के पास स्केटिंग स्टेडियम बना रही है. काम भी शुरू हो चुका है. स्टेडियम निर्माण से खिलाड़ियों में खुशी है. झारखंड में स्केटिंग के 50 से अधिक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हैं. इन खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में पदक जीतकर झारखंड का नाम रोशन किया है. लेकिन इनकी सबसे बड़ी समस्या थी कि अभ्यास के लिए कोई स्टेडियम नहीं था.

स्टेडियम में मिलेगी बेहतर सुविधा : स्केटिंग स्टेडियम अंतरराष्ट्रीय स्तर का होगा. इसमें पेवलियन, स्केटिंग ग्राउंड, गैलरी, स्केटिंग बोर्ड, रोलर हॉकी और फ्री स्टाइल ग्राउंड शामिल है. पूरा स्टेडियम 12660.43 स्क्वायर फीट में बनाया जा रहा है. बजट करीब 4.30 करोड़ रुपये का है. एक ही स्टेडियम में तीन तरह के इवेंट हो पायेंगे.

वर्तमान में रांची जिला और आसपास के खिलाड़ी डोरंडा स्थित संत जेवियर स्कूल में स्केटिंग का अभ्यास करते हैं. अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी और कोच राजेश राम का कहना है कि इस स्टेडियम के शुरू होने से खिलाड़ियों को किसी भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में खेलने में परेशानी नहीं होगी. अभी हमारे खिलाड़ी ओपन ग्राउंड में अभ्यास करते हैं. इस कारण उन्हें बाहर स्टेडियम में खेलने में परेशानी होती है.

अभ्यास के लिए दूसरे

झारखंड में स्केटिंग के 50 से अधिक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हैं. वह राजेश राम अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में अपनी रफ्तार दिखा चुके हैं. वहीं सुमंत, सोमनाथ मिंज, सुषमा टोप्पो, रवि रंजन और अलेक्स लकड़ा ने संत जेवियर स्कूल के ग्राउंड से करियर की शुरुआत की और अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके हैं. इन खिलाड़ियों को कभी-कभी बेहतर अभ्यास के लिए दूसरे राज्यों में भी जाना पड़ता है.

स्केटिंग के ये हैं हीरो

मां करती है रेजा का काम और बेटी ने बनायी पहचान

रांची की रहनेवाली सुषमा टोप्पो ने 2015 में स्केटिंग का अभ्यास शुरू किया. इसके बाद राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता. इस मुकाम तक पहुंचने के लिए सुषमा को काफी संघर्ष करना पड़ा, लेकिन मुश्किलों के बाद भी हौसला नहीं छोड़ा, पिता नहीं है और मां चंदू उराइन रेजा का काम करती हैं. लेकिन खेल के प्रति सुषमा का ऐसा जुनून था कि इनका चयन 2020 में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हुआ. खास बात है कि कोचिंग भी देती हैं. उन्होंने कहा कि स्टेडियम बन जाने से पदक जीतने का रास्ता आसान होगा.

खिलाड़ियों में है उल्लास

झारखंड में अभी तक स्केटिंग का कोई भी स्टेडियम नहीं है. स्टेडियम होने से खिलाड़ियों का लय बना रहता है. पदक जीतने के मौके बढ़ते हैं. साथ ही नये खिलाड़ियों को काफी फायदा होगा.

स्केटिंग सीखने के लिए सोमनाथ घर-घर दूध पहुंचाते थे

गुमला के रहने वाले सोमनाथ मिंज ने इसी वर्ष राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए क्वालिफाइ किया है. इससे पहले राज्य स्तरीय और जिला स्तर पर स्वर्ण पदक जीत चुके हैं. सोमनाथ के पिता पेशे से मिस्त्री हैं. स्केटिंग सीखने और अपना खर्च चलाने के लिए सोमनाथ को दूध भी बेचना पड़ गया. कैब चलाया. सोमनाथ कहते हैं : जब मैं छोटा था तभी स्केटिंग के प्रति गहरा जुड़ाव हो गया था. इसके बाद संत जेवियर स्कूल में एडमिशन हुआ, तो यहां अभ्यास करने का मौका मिला. वहीं अब स्टेडियम बनने के बाद अभ्यास में तेजी आयेगी.

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दिनदहाड़े युवक पर चापड़ से जानलेवा हमला : हमले में व्यक्ति गंभीर रुप से घायल, एमजीएम अस्पताल में भर्ती

जमशेदपुर के बागबेड़ा में दिनदहाड़े चापड़ से जानलेवा हमला करने की खबर सामने आई है. घटना में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए हैं जिनका इलाज एमजीएम अस्पताल में चल रहा है.

घटना के संबंध में पीड़ित रंजय सिंह ने बताया कि सोमवार सुबह लगभग7बजे वे रोड नंबर चार के समीप से जा रहे थे. उसी दौरान राजेश कुमार उर्फ टोला ने उन पर चापड़ से हमला कर दिया. उन्होंने बताया कि पहले हमले से वह बच गए लेकिन राजेश कुमार उर्फ टोला ने उनके ऊपर कई बार हमला किया जिससे उनके बाएं हाथ और सिर पर गहरी चोटें आई और वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर गए. उन्होंने कहा कि हमले के दौरान पोपट और शहंशाह वहीं मौजूद थे और टोला को उकसाने की कोशिश कर रहे थे. घटना के तुरंत बाद उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया जहां प्रथम उपचार के बाद उन्हें एमजीएम रेफर कर दिया गया है.

इधर,बागबेड़ा थाना में मामले के संबंध में आवेदन दे दिया गया है और प्रथमिकी भी दर्ज कर लिया गया है. थाना प्रभारी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है.

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जमशेदपुर : महानगर इंटक की बैठक में जिला स्तरीय कार्यक्रम पर हुई चर्चा

वायर प्रोडक्टस लेबर यूनियन (टीपीएलयू) कार्यालय में जमशेदपुर महानगर इंटक की बैठक हुई. अध्यक्ष राजेश सिंह ‘राजू’ ने बैठक की अध्यक्षता की.

बैठक में वायर प्रोडक्टस लेबर यूनियन के कमिटी मेंबर अर्जुन ठाकुर एवं टाटा मोटर्स कर्मचारी राजेश्वर लाल को जमशेदपुर महानगर इंटक के सचिव पद पर मनोनयन का पत्र पंकज सिंह एवं श्रीकांत सिंह ने दिया. बैठक में जिला स्तरीय कार्यक्रम को सफल बनाने पर चर्चा की गई. इस अवसर पर वायर प्रोडक्ट लेबर यूनियन के महामंत्री पंकज सिंह ने कहा कि जिला स्तरीय कार्यक्रम में हमलोग हर तरह से सहयोग करेंगे.

यूनियन के उप सभापति श्रीकांत सिंह ने कहा कि इंटक पूरे देश में सबसे बड़ाश्रमिक संगठन है. राजेश सिंह ‘राजू’ने कहा कि जिला स्तरीय कार्यक्रम की लगभग तैयारी हो चुकी है. जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय से समय ले कर अगली बैठक में अन्य अथितियों के नाम जगह और समय की घोषणा कर दी जाएगी. अंत में धन्यवाद ज्ञापन उपाध्यक्ष संतोष सिंह ने दिया. बैठक के टाटा पावर यूनियन के महामंत्री पिंटू श्रीवास्तव, वायर प्रोडक्ट्स लेबर यूनियन के उपाध्यक्ष दानी शंकर तिवारी, उपाध्यक्ष अमरीक सिंह, रौशन सिंह, अभिषेक कुमार, मनीष सिन्हा, गुलाम सरवर, शेख जाकिर बाबू, शेखर रवानी आदि उपस्थित थे.

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