एमजीएम थाना क्षेत्र के गोकुलनगर निवासी जीत महतो (22) की बुधवार को पुलिस हिरासत में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस की पिटाई के कारण युवक की मौत हुई है. वहीं पुलिस पिटाई के आरोपों को खारिज करती हुई प्राकृतिक कारणों से तबीयत बिगड़ने की बात कह रही है.

जानकारी के अनुसार, पुलिस ने जीत महतो को रविवार तड़के लगभग साढ़े तीन बजे उसके घर से हिरासत में लिया था. आरोप था कि उसने चोरी का मोबाइल 500 रुपये में खरीदा था. परिजनों का कहना है कि बिना किसी नोटिस या औपचारिक जानकारी दिए युवक को थाने ले जाया गया और करीब 48 घंटे तक हिरासत में रखा गया. इस दौरान उसकी तबीयत बिगड़ती गई.
पुलिस का कहना है कि मंगलवार दोपहर करीब सवा तीन बजे जीत की हालत नाजुक होने पर उसे एमजीएम अस्पताल ले जाया गया. वहीं अस्पताल प्रशासन के अनुसार, युवक को लाने के थोड़ी देर बाद ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. अस्पताल पहुंचने के बाद ही परिजनों को सूचना दी गई थी, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी.
युवक की मौत की खबर फैलते ही गोकुलनगर समेत आसपास के क्षेत्रों में आक्रोश फैल गया. देर शाम बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन अस्पताल पहुंचे और हंगामा किया. उनका आरोप है कि हिरासत में पूछताछ के दौरान जीत की पिटाई की गई, जिससे उसकी मौत हुई. भीड़ ने निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.
थाना प्रभारी ने कहा कि “युवक को पूछताछ के लिए लाया गया था और वहीं उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई. किसी तरह की मारपीट नहीं की गई है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी.” फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. घटना से इलाके में तनाव का माहौल है. ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है.










