जमशेदपुर: ट्रेनों की अत्यधिक लेटलतीफी और रेलवे के कथित अड़ियल रवैये के खिलाफ जमशेदपुर में जन-आक्रोश भड़क उठा है. साकची गोलचक्कर पर ‘रेल यात्री संघर्ष समिति’ के बैनर तले आयोजित विशाल हस्ताक्षर अभियान में पहुंचे जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने रेलवे प्रशासन को आड़े हाथों लिया. रेलवे को कड़ी चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि अगर रेल यात्री संघर्ष समिति फिलहाल शांतिपूर्ण आंदोलन के रास्ते पर है, तो इसे हमारी कमजोरी न समझा जाए. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि यात्रियों की सुध नहीं ली गई, तो जरूरत पड़ने पर समिति के सदस्य रेल ट्रैक पर भी बैठने से गुरेज नहीं करेंगे.
विधायक सरयू राय ने आरोप लगाया कि रेलवे वर्तमान में तमाम नियम-कानूनों को ठेंगा दिखा रहा है और आम जनता की सहूलियत को पूरी तरह नजरअंदाज कर रहा है.
यात्री ट्रेनों को रोककर मालगाड़ी को पास देने का आदेश किसका?: सरयू राय
साकची में उमड़े जन-समर्थन को संबोधित करते हुए विधायक सरयू राय ने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह से जन-समर्थित है, क्योंकि यह सीधे तौर पर आम नागरिकों की दैनिक समस्याओं से जुड़ा है. उन्होंने रेलवे प्रबंधन से तीखे सवाल पूछते हुए कहा:
- हमारी बस इतनी ही मांग है कि रेलवे ट्रेनों की लेटलतीफी को तुरंत दूर करे.
- आखिर वह कौन सा आदेश है और किसका है, जिसके तहत यात्री ट्रेनों को घंटों आउटर पर खड़ी कर मालगाड़ियों को पास दिया जाता है?
- देश भर में रेलवे का इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से विकसित हुआ है, तो फिर टाटानगर और चक्रधरपुर रेल मंडल में ऐसा विकास क्यों नहीं दिख रहा?

तेज होगा आंदोलन, 24 मई को घाटशिला में बड़ा अभियान
रेल यात्री संघर्ष समिति के संयोजक शिव शंकर सिंह ने आंदोलन की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि ट्रेनों की लेटलतीफी के खिलाफ जनता का गुस्सा सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक साफ दिख रहा है. पूर्वी सिंहभूम के विभिन्न इलाकों से लोग लगातार इस कुप्रबंधन का विरोध कर रहे हैं. उन्होंने आगामी कार्यक्रमों की घोषणा करते हुए कहा:
- 18 मई: बर्मामाइंस में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा.
- 19 मई: मानगो में जोरदार हस्ताक्षर अभियान होगा.
- 24 मई: घाटशिला में एक बड़ा और व्यापक अभियान आयोजित किया जाएगा.
शिवशंकर सिंह ने साफ किया कि इस व्यापक हस्ताक्षर अभियान के बाद भी अगर सुधार नहीं हुआ, तो समिति सीधे रेलमंत्री के दरवाजे पर दस्तक देगी.
नेताओं और समाजसेवियों ने चक्रधरपुर मंडल को घेरा
आंदोलन में शामिल विभिन्न गणमान्य लोगों ने भी रेलवे की कार्यशैली पर जमकर भड़ास निकाली:
- सुबोध श्रीवास्तव: यह आंदोलन जनता का उत्साह बढ़ाने वाला है, हमारी सामूहिक आवाज निश्चित रूप से रेलमंत्री के कानों तक पहुंचेगी.
- कन्हैया सिंह: रेलवे शायद इस आंदोलन को हल्के में ले रहा है, जो उसकी भारी भूल साबित होगी. ट्रेनों की लेटलतीफी से आम जनता के साथ-साथ रेल कर्मचारी भी बेहद मानसिक तनाव और तकलीफ में हैं.
- सतीश सिंह: चक्रधरपुर रेल मंडल पूरी तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त है और उसे यात्रियों की परवाह नहीं है.
- अजय कुमार व कुलविंदर सिंह पन्नू: यात्री ट्रेनों को रोककर सिर्फ मालगाड़ियों को तवज्जो देना न्यायसंगत नहीं है. जनता अब रेलवे को समय पर ट्रेनें चलाने के लिए मजबूर कर देगी.
- उषा यादव: ट्रेनों का लेट चलना अब किसी एक की नहीं, बल्कि हर आम पैसेंजर की सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है.

स्कैनर कोड के जरिए डिजिटल विरोध दर्ज कराने की अपील
अभियान की शुरुआत में विधायक सरयू राय, सुबोध सिंह, पप्पू सिंह, नीरज सिंह, सुनील सिंह, कुंअर अतुल सिंह और राजन राजपूत आदि ने साकची से गुजरने वाले राहगीरों और आम लोगों के बीच पर्चे बांटे. नेताओं ने लोगों से अपील की कि वे घर जाकर पर्चे पर दिए गए स्कैनर कोड (QR Code) को स्कैन करें और डिजिटल माध्यम से रेलवे के खिलाफ अपनी बात व शिकायत दर्ज कराएं.
इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में संयोजक के रूप में नीरज सिंह और सुनील सिंह की महती भूमिका रही. कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों का धन्यवाद ज्ञापन विवेक पांडेय द्वारा किया गया.
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज











