बिजनौर/नोएडा | 22 जनवरी, 2026
नगीना-बढ़ापुर रोड स्थित गांव नंदपुर के नंदलाल देवता मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति की सात दिनों तक लगातार परिक्रमा करने वाला कुत्ता इन दिनों सुर्खियों में है। जहाँ ग्रामीण इसे ‘दिव्य भक्ति’ से जोड़कर देख रहे थे, वहीं अब चिकित्सा जांच में कुत्ते की बिगड़ती सेहत का एक वैज्ञानिक कारण सामने आया है।

पीसीआर रिपोर्ट में ‘टिक फीवर’ की पुष्टि
कुत्ते की तबीयत खराब होने के बाद उसे विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया था। प्रेमपथ एनिमल शेल्टर (बिजनौर) के डॉ. अश्वनी चित्रांश ने बताया कि नोएडा स्थित मैक्स पेट जेड अस्पताल में कराए गए टेस्ट और पीसीआर रिपोर्ट से पता चला है कि कुत्ता ‘टिक फीवर’ (Tick Fever) से ग्रसित है।
चिकित्सकों का दावा:
डॉक्टरों के अनुसार, टिक फीवर में कुत्ते को बहुत तेज बुखार आता है और वह भ्रम (Confusion) या बेचैनी की स्थिति में एक ही चक्र में घूम सकता है। संभवतः इसी कारण वह मंदिर में लगातार परिक्रमा कर रहा था।
नोएडा शेल्टर में 72 घंटे की निगरानी
कुत्ते की स्थिति को देखते हुए उसे शिवालय एनिमल शेल्टर, नोएडा में स्थानांतरित कर दिया गया है।
- उपचार: वर्तमान में मैक्स पेट जेड अस्पताल के डॉक्टरों के परामर्श पर इलाज जारी है।
- अगला कदम: 72 घंटे की सघन निगरानी के बाद कुत्ते को एक बार फिर दिल्ली ले जाकर विस्तृत चेकअप कराया जाएगा। यदि स्थिति सामान्य रही, तो उसे वापस गांव नंदपुर छोड़ने का निर्णय लिया जाएगा।
गांव में बेसब्री से हो रहा इंतजार
दूसरी ओर, गांव नंदपुर में आस्था और चिंता का माहौल बना हुआ है। मंदिर की व्यवस्था संभाल रहे तुषार सैनी ने बताया कि भंडारे के बाद अब मेला तो समाप्त हो गया है, लेकिन ग्रामीणों की नजरें अब भी अपने उस ‘अनोखे भक्त’ पर टिकी हैं।
ग्रामीण लगातार नोएडा की मेडिकल टीम को फोन कर कुत्ते के स्वास्थ्य की ‘पल-पल’ की जानकारी ले रहे हैं। हर कोई उसके जल्द स्वस्थ होकर गांव लौटने की प्रार्थना कर रहा है।
क्या होता है टिक फीवर?
यह कुत्तों में पाए जाने वाले ‘किलनी’ (Ticks) के काटने से फैलने वाला एक गंभीर संक्रमण है। इसके मुख्य लक्षणों में शामिल हैं:
- बहुत तेज बुखार आना।
- अत्यधिक सुस्ती और भूख न लगना।
- जोड़ों में दर्द या चलने में लड़खड़ाहट।
- गंभीर स्थिति में तंत्रिका तंत्र (Nervous System) पर असर पड़ना।











