एक नई सोच, एक नई धारा

ट्रंप की करीबी लौरा लूमर ने भारत से मांगी माफी: पाकिस्तान को बताया ‘आतंकवाद का निर्यातक’, कट्टरपंथी विचारधारा पर साधा निशाना

1002514105

नई दिल्ली/वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कट्टर समर्थक और धुर दक्षिणपंथी कार्यकर्ता लौरा लूमर ने भारत दौरे के दौरान अपने पुराने विवादित बयानों के लिए माफी मांगी है। नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में लूमर ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोलते हुए उसे दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा करार दिया।

1002514105

“पाकिस्तान का मुख्य निर्यात है आतंकवाद”

​पाकिस्तान की कड़ी आलोचना करते हुए लौरा लूमर ने कहा कि अमेरिका को पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह के संबंध मजबूत करने से बचना चाहिए। उन्होंने बेहद सख्त लहजे में कहा:

“पाकिस्तान का दुनिया को सबसे बड़ा निर्यात ‘इस्लामी आतंकवाद’ है। वह एक जिहादी और शरिया समर्थक राष्ट्र है। दुनिया की अधिकांश आतंकी घटनाओं के तार किसी न किसी रूप में पाकिस्तान से जुड़े होते हैं।”

​उन्होंने हाल ही में अमेरिका में पकड़े गए पाकिस्तानी नागरिक आसिफ मर्चेंट का उदाहरण दिया, जिस पर राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। लूमर के अनुसार, यह घटना साबित करती है कि आतंकवाद का मुख्य स्रोत आज भी पाकिस्तान ही है।

पुराने भारत-विरोधी ट्वीट्स पर मांगी माफी

​लूमर के भारत आने की खबर जैसे ही सोशल मीडिया पर फैली, उनके पुराने ‘भारत-विरोधी’ पोस्ट फिर से वायरल हो गए। इनमें उन्होंने भारतीयों की बुद्धिमत्ता और स्वच्छता को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां की थीं। विवाद बढ़ता देख लूमर ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा:

  • गलती का अहसास: “मुझे वे बातें नहीं कहनी चाहिए थीं जो मैंने अपने पुराने ट्वीट्स में लिखी थीं।”
  • शत्रुता नहीं: उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके मन में भारत या हिंदू धर्म के प्रति कोई नफरत नहीं है। उनकी टिप्पणियां केवल अपने देश (अमेरिका) के प्रति प्रेम से प्रेरित थीं।

H-1B वीजा विरोध पर अब भी कायम

​माफी मांगने के बावजूद लूमर ने अपने राजनीतिक रुख में कोई बदलाव नहीं किया है। उन्होंने साफ कहा कि वह H-1B वीजा कार्यक्रम के विरोध पर कायम रहेंगी। उनका तर्क है कि वर्तमान आव्रजन कानूनों (Immigration Laws) का दुरुपयोग हो रहा है और वह अमेरिकी श्रमिकों के रोजगार की रक्षा के लिए लड़ना जारी रखेंगी।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

​लौरा लूमर के इस यू-टर्न को लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव का नतीजा मान रहे हैं, तो कुछ इसे केवल ट्रंप प्रशासन की भारत के प्रति रणनीति का हिस्सा बता रहे हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

error: Content is protected !!