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पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता का शिलापट्ट टूटा, कांग्रेस ने अज्ञात असामाजिक तत्वों के खिलाफ केस दर्ज कराया

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जमशेदपुर के मानगो में पोस्ट ऑफिस रोड–नजरिया स्कूल–गुरुद्वारा रोड वाली सड़क पर लगे पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता के शिलापट्ट को अज्ञात लोगों ने तोड़ दिया। कांग्रेस कार्यकर्ता नगर निगम अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह गुड्डु के नेतृत्व में मानगो थाना पहुंचे और अज्ञात असामाजिक तत्वों के खिलाफ केस दर्ज करवाया। सरकारी संपत्ति तोड़ने की इस घटना पर कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।

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जमशेदपुर के मानगो क्षेत्र में पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता से जुड़ा शिलापट्ट तोड़े जाने का मामला गरम हो गया है। पोस्ट ऑफिस रोड से नजरिया स्कूल होते हुए गुरुद्वारा रोड को जोड़ने वाली सड़क पर लगा यह शिलापट्ट अज्ञात असामाजिक तत्वों ने तोड़ दिया।

स्थानीय कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, इस सड़क का निर्माण बन्ना गुप्ता के मंत्री रहते हुए कराया गया था और सड़क का उद्घाटन भी उनके हाथों से हुआ था। इसी काम का शिलापट्ट नजरिया स्कूल की दीवार पर लगाया गया था, जिसमें योजना का नाम और पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता का नाम दर्ज था।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि अज्ञात लोगों ने जानबूझकर इस शिलापट्ट को क्षतिग्रस्त किया है, जो सरकारी संपत्ति के साथ तोड़फोड़ की घटना है। इसको लेकर पार्टी कार्यकर्ता मानगो नगर निगम अध्यक्ष और कांग्रेस नेता ओमप्रकाश सिंह गुड्डु के नेतृत्व में मानगो थाना पहुंचे।

थाने पहुंचकर कांग्रेस नेताओं ने अज्ञात असामाजिक तत्वों के खिलाफ लिखित शिकायत दी और दोषियों को चिन्हित कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि चाहे जो भी वजह हो, किसी को भी सरकारी शिलापट्ट या सार्वजनिक संपत्ति तोड़ने का अधिकार नहीं है।

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शिकायत दर्ज कराने वालों में प्रमुख रूप से बलजीत सिंह, बलदेव सिंह, बंटी गिरी, कल्लू सिंह, अनिल सिंह, नौसाद, जयदेव शर्मा, जोगिंदर, शिशु गोप, गोपाल यादव, बमबम पांडेय, मानगो मंडल अध्यक्ष राकेश दास, सरफराज़ खान, सन्नी औरंग समेत सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे।

कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर पुलिस जल्द दोषियों को नहीं पकड़ती, तो वे आंदोलन की रूपरेखा भी बना सकते हैं।

मानगो में पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता के नाम वाले शिलापट्ट को तोड़ने की घटना ने स्थानीय राजनीति को गर्मा दिया है। कांग्रेस इसे सरकारी संपत्ति के अपमान और राजनीतिक साजिश के रूप में देख रही है, जबकि मामले की असल तस्वीर पुलिस जांच के बाद ही साफ होगी।