जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के शिक्षा विभाग और संबद्ध शिक्षण संस्थानों में अनारक्षित (Unreserved) वर्ग की सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं और धांधली का मामला सामने आया है। नियमों को ताक पर रखकर योग्य उम्मीदवारों के अधिकारों पर डाका डालने और बैकडोर एंट्री देने का एक बड़ा खेल उजागर होने की कगार पर है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पूर्वी सिंहभूम जिले के प्रमुख कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों में अनारक्षित श्रेणी के तय कोटे की सीटों पर पारदर्शिता की अनदेखी करते हुए मेरिट लिस्ट में हेरफेर की गई है। इस पूरी प्रक्रिया में प्रशासनिक मिलीभगत और वित्तीय लेन-देन के गंभीर आरोप उठ रहे हैं।
प्रमुख बिंदु जिन पर उठ रहे हैं सवाल:
- मेरिट सूची में हेरफेर: योग्यता सूची के मानकों में पारदर्शिता का अभाव।
- दस्तावेजों का फर्जीवाड़ा: अनारक्षित सीटों के आवंटन में फर्जी दस्तावेजों और फर्जी आवंटन पत्रों का कथित इस्तेमाल।
- प्रशासनिक चुप्पी: शिकायतों के बावजूद जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा मामले को दबाने की कोशिश।
तीसरी धारा न्यूज़ की पड़ताल:
हमारी टीम पिछले कुछ समय से पूर्वी सिंहभूम जिले के इस पूरे मामले से जुड़े मुख्य दस्तावेजों, ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग और आधिकारिक पत्राचार के सबूत जुटाने में लगी हुई है। शिक्षा व्यवस्था की साख से खिलवाड़ करने वाले इस पूरे तंत्र की परतें जल्द ही तथ्यों और पुख्ता प्रमाणों के साथ जनता के सामने होंगी।
पूरे मामले का विस्तृत खुलासा, दस्तावेजी सबूतों और जिम्मेदार अधिकारियों के नाम के साथ, बहुत जल्द केवल तीसरी धारा न्यूज़ पर।
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