सरायकेला: जिले के स्थानीय क्षेत्र में सामाजिक चेतना और पहचान को नया आयाम देते हुए ‘आंबेडकर नगर’ के आधिकारिक नामकरण हेतु बोर्ड स्थापित किया गया। इस गौरवशाली अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला परिषद सदस्य श्रीमती लक्ष्मी सरदार ने विधिवत फीता काटकर बोर्ड का अनावरण किया।

ऐतिहासिक पल की गूँज
समारोह को संबोधित करते हुए लक्ष्मी सरदार ने कहा कि आज का दिन इस क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अब इस क्षेत्र की पहचान बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम से होगी, जो पूरे समाज के लिए गर्व का विषय है।
संघर्ष और स्थापना की कहानी
मानवाधिकार सहायता संघ के वरिष्ठ संघ मित्र सह अनुसूचित जाति जनजाति एकता मंच के जिला संरक्षक रंजन कारूवा ने सभा को संबोधित करते हुए इस स्थान के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि:
- आंबेडकर नगर की स्थापना कई वर्षों पूर्व उनके और समाज के वरिष्ठ सदस्यों के सामूहिक प्रयासों से की गई थी।
- यहाँ आंबेडकर प्रतिमा की स्थापना की गई थी, जिसका उद्घाटन तत्कालीन टीओपी थाना प्रभारी अखिलेश राणा द्वारा किया गया था।
“यह नामकरण केवल एक बोर्ड लगाना नहीं, बल्कि हमारे समाज के अग्रणी नेताओं और वरिष्ठ सदस्यों के वर्षों के संघर्ष और समर्पण का प्रतीक है।” — रंजन कारूवा
कार्यक्रम में मुख्य उपस्थिति
इस गरिमामय अवसर पर समाज के कई गणमान्य व्यक्ति और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
व्यास कुमार रजक,रवि कुमार रवि ,विरेन्द्र उरांव, श्याम बिहारी दास, मिथलेश कुमार, मुकुट धारी मुंडा,देवाशीष दास, अशोक पासवान,मुरली रजक,धनपति नायक,अमर प्रसाद, रविशंकर मुखी, सुदर्शन मुखी एवं अन्य ग्रामीण
इस आयोजन से स्थानीय ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा गया और सभी ने एक-दूसरे को बधाई देते हुए बाबा साहेब के पदचिन्हों पर चलने का संकल्प लिया।











