नई दिल्ली/जामनगर: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण तनाव और ईरान की समुद्री नाकाबंदी के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। ईरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Hormuz Strait) को बंद करने की अपनी सख्त चेतावनी के बावजूद भारत के दो बड़े गैस टैंकरों को वहां से गुजरने की अनुमति दे दी है। इस कदम के बाद भारत में गहराते एलपीजी (LPG) संकट के थमने की उम्मीद जग गई है।

92,700 टन गैस लेकर भारत लौट रहे ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’
शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SCI) के दो टैंकर, शिवालिक और नंदा देवी, लगभग 92,700 टन एलपीजी लेकर गुजरात तट की ओर बढ़ रहे हैं। अगले एक से दो दिनों में इनके भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने की संभावना है। जहाँ ईरान ने वैश्विक स्तर पर तेल की एक बूंद भी न गुजरने देने की धमकी दी है, वहीं भारतीय जहाजों को रास्ता मिलना अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भारत की बढ़ती धमक को दर्शाता है।
क्या है भारत-ईरान के बीच हुई ‘सीक्रेट डील’?
जियोपॉलिटिकल मामलों के विशेषज्ञ ब्रह्मा चेलानी के अनुसार, इस राहत के पीछे भारत और ईरान के बीच एक गुप्त समझौता (Secret Deal) काम कर रहा है।
- क्या मिला ईरान को: भारत ने कोच्चि तट पर फंसे ईरान के 180 नौसैनिकों की मदद की और उन्हें सुरक्षा प्रदान की। शुक्रवार को एक विशेष ईरानी फ्लाइट इन नौसैनिकों को लेकर कोच्चि से तेहरान रवाना हुई।
- भारत को क्या मिला: इसके बदले में ईरान ने भारतीय तेल और गैस टैंकरों के लिए होर्मुज का गलियारा खोल दिया। इसे एक ‘म्युचुअल डिप्लोमेसी’ के तौर पर देखा जा रहा है।
22 अन्य जहाजों को हरी झंडी का इंतजार
भले ही दो जहाज निकल चुके हैं, लेकिन भारत के अभी भी 22 जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं। भारत सरकार और तेहरान के बीच इन जहाजों की सुरक्षित वापसी के लिए लगातार उच्च स्तरीय बातचीत जारी है। उम्मीद जताई जा रही है कि इसी समझौते के तहत बाकी जहाजों को भी जल्द ही रास्ता मिल जाएगा।
आम जनता को मिलेगी राहत
यदि ये जहाज समय पर भारत पहुंच जाते हैं, तो देश में एलपीजी की किल्लत पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
- घरेलू उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए लंबी लाइनों से मुक्ति मिलेगी।
- होटलों, रेस्टोरेंट्स और ढाबों को गैस की नियमित सप्लाई बहाल हो सकेगी।
- गैस की कीमतों में संभावित उछाल पर भी लगाम लगेगी।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़









