चाइबासा/रांची: झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले स्थित एशिया के सबसे घने जंगलों में से एक ‘सारंडा’ में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। पिछले 36 घंटों से जारी इस भीषण मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 2.35 करोड़ रुपये के इनामी नक्सली पतिराम मांझी उर्फ ‘अनल दा’ समेत कुल 21 नक्सलियों को मार गिराया है।

कैसे घिरा ‘अनल दा’ और उसकी सेना?
गुरुवार सुबह करीब 6:00 बजे चाईबासा के किरीबुरु स्थित कुमड़ी और होंजोदिरी गांव के बीहड़ जंगलों में सीआरपीएफ (CRPF) और झारखंड पुलिस के जॉइंट ऑपरेशन की शुरुआत हुई। खुफिया जानकारी मिली थी कि अनल दा अपने 25 खास लड़ाकों के साथ यहाँ छिपा हुआ है। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली। नक्सलियों की ओर से फायरिंग शुरू होते ही जवानों ने मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई में नक्सलियों के पैर उखाड़ दिए।
नक्सली संगठन की कमर टूटी: अनल दा का खात्मा
अनल दा का मारा जाना माओवादी संगठन के लिए अब तक की सबसे बड़ी चोट मानी जा रही है।
- इनाम की राशि: अनल दा पर झारखंड सरकार (1 करोड़), ओडिशा सरकार (1.20 करोड़) और NIA (15 लाख) ने कुल मिलाकर 2.35 करोड़ रुपये का इनाम रखा था।
- पद: वह माओवादियों के ‘मिलिट्री कमीशन’ का प्रमुख था और कोल्हान क्षेत्र में सुरक्षाबलों पर हुए कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड था।
- अन्य बड़े नक्सली ढेर: मारे गए नक्सलियों में 25 लाख का इनामी सैक कमांडर अनमोल उर्फ सुशांत भी शामिल है, जिस पर ओडिशा में भी 65 लाख का इनाम घोषित था।
ड्रोन और हेलीकॉप्टर से सर्च ऑपरेशन
आईजी अभियान माइकल राज एस ने पुष्टि की है कि गुरुवार को 15 शवों की बरामदगी के बाद शुक्रवार को 6 और शव मिले हैं। अब तक एक दर्जन से ज्यादा नक्सलियों की पहचान हो चुकी है, जिनमें कई महिला नक्सली भी शामिल हैं। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार और विस्फोटक बरामद किए हैं।
“इस सफल ऑपरेशन से माओवादी संगठन की कमर पूरी तरह टूट गई है। हम ड्रोन और हेलीकॉप्टर की मदद से अभी भी सर्च अभियान चला रहे हैं ताकि कोई भी नक्सली बचकर न निकल सके।” – माइकल राज एस, आईजी अभियान
मुख्य आंकड़े: एक नज़र में
- कुल मौतें: 21 नक्सली।
- मुख्य हताहत: अनल दा (2.35 करोड़ का इनामी) और अनमोल (25 लाख का इनामी)।
- ऑपरेशन की अवधि: 36 घंटे से अधिक (अभी भी जारी)।
- बरामदगी: भारी मात्रा में आईईडी (IED) विस्फोटक और हथियार।










