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इसे तुरंत रिहा करो…’, निठारी हत्याकांड में ‘सुप्रीम’ आदेश; 18 साल बाद जेल से बाहर होगा सुरेंद्र कोली

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सुप्रीम कोर्ट ने निठारी हत्याकांड के अंतिम मामले में सुरेंद्र कोली की सजा रद कर दी और तत्काल रिहाई का आदेश दिया। कोली को पहले अन्य मामलों में बरी किया जा चुका था। न्यायालय ने कोली की उस याचिका को स्वीकार किया जिसमें उसने अपनी सजा को चुनौती दी थी। यह मामला 2006 में नोएडा में बच्चों के कंकाल मिलने के बाद सामने आया था, जिसमें कोली मुख्य आरोपी था।

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मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने निठारी हत्याकांड से जुड़े अंतिम बचे मामले में भी अपना फैसला सुना दिया। शीर्ष न्यायालय ने इस हत्याकांड मामले में सुरेंद्र कोली की सजा को रद कर दिया है और कोर्ट ने उसकी तुरंत रिहाई का आदेश भी दिया है।

दरअसल, सीजेआई बीआर गवई, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की पीठ ने कोली की ओर से दायर क्यूरेटिव याचिका का स्वीकार कर लिया। बता दें यह याचिका में उस फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने सुरेंद्र कोली की सजा को बरकरार रखा था।

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याचिका में दी गई थी ये दलील
बता दें कि कोली की ओर से ये याचिका इस आधार पर दायर की गई थी, कि उसे अन्य बाकी मामलों में बरी किया जा चुका है। जस्टिस विक्रम नाथ ने आदेश सुनाते हुए कहा कि कोली को सभी आरोपों से बरी किया जा रहा है। उसकी रिहाई तुरंत की जाए।

आज के फैसले के दौरान सुप्रीम कोर्ट का 15 फरवरी 2011 का फैसला, जिसमें कोली की सजा को बरकरार रखा गया था और 28 अक्तूबर 2014 का वह आदेश जिसमें कोली की पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया गया, दोनों को शीर्ष न्यायालय ने आज रद कर दिया। इसी के साथ कोली को बरी करने का आदेश दे दिया।

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