नई दिल्ली: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में घोषणा की है कि पिछले 10 वर्षों में भारतीय रेलवे की वित्तीय स्थिति में ऐतिहासिक सुधार हुआ है। अब रेलवे न केवल अपने सभी खर्चे पूरे कर रहा है, बल्कि राजस्व अधिशेष (Revenue Surplus) भी दर्ज कर रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 में रेलवे ने ₹2,660 करोड़ का अधिशेष दर्ज किया है।
वित्तीय प्रदर्शन और ऑपरेटिंग रेशियो
रेलवे की दक्षता मापने वाला ‘ऑपरेटिंग रेशियो’ (Operating Ratio) 98.22% रहा।
- सकल प्राप्तियां: ₹2,65,114 करोड़।
- माल ढुलाई में वृद्धि: पिछले दशक में माल ढुलाई में 40 करोड़ टन की बढ़ोतरी हुई है।
- ऊर्जा बचत: ऊर्जा लागत में लगभग ₹5,500 करोड़ की बचत की गई है।
रोजगार: 5.04 लाख नौकरियां और ‘वार रूम’
रोजगार के मुद्दे पर विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए मंत्री ने बताया कि 2014 से 2024 के बीच 5.04 लाख युवाओं को रेलवे में नौकरियां दी गई हैं।
- भविष्य की योजना: मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में 1.5 लाख और रोजगार देने की प्रक्रिया जारी है।
- छात्रों के लिए वार रूम: परीक्षा और भर्ती शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए रेलवे ने एक समर्पित ‘वार रूम’ बनाया है। 18,000 असिस्टेंट लोको पायलटों की नियुक्ति भी शुरू हो चुकी है।
खर्च और यात्री सब्सिडी का बोझ
रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि रेलवे यात्रियों को भारी सब्सिडी दे रहा है।
- ₹60,000 करोड़ की सब्सिडी: औसतन हर यात्री के किराए का 45% हिस्सा सरकार वहन करती है।
- सालाना खर्च: कुल ₹2.74 लाख करोड़ के खर्च में स्टाफ सैलरी (₹1.18 लाख करोड़) और पेंशन (₹65,000 करोड़) सबसे बड़े हिस्से हैं।
सुरक्षा में AI का प्रवेश: गिर के शेरों की होगी रक्षा
रेलवे ट्रैक पर वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया गया है। गुजरात के गिर राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में AI आधारित ‘इंट्रूजन डिटेक्शन सिस्टम’ को मंजूरी दी गई है।
- यह प्रणाली 115 किमी के क्षेत्र में शेरों की गतिविधियों की रीयल-टाइम सूचना लोको पायलट और कंट्रोल रूम को देगी, जिससे रेल हादसों में वन्यजीवों की मौत रुकेगी।
क्षेत्रीय बजट और चुनौतियां
| क्षेत्र/राज्य | बजट आवंटन (₹ करोड़) | विशेष टिप्पणी |
|---|---|---|
| पूर्वोत्तर भारत | 11,486 | 2,000 करोड़ से बढ़ाकर भारी वृद्धि |
| पंजाब | 5,673 | कांग्रेस शासन की तुलना में 25 गुना अधिक |
| केरल | 3,795 | भूमि अधिग्रहण (मात्र 14% पूर्ण) सबसे बड़ी बाधा |
नई मांगें और वंदे भारत स्लीपरसदन में महाराष्ट्र की सांसद डॉ. मेधा विश्राम कुलकर्णी ने दिल्ली से पुणे के बीच ‘वंदे भारत स्लीपर’ ट्रेन चलाने की मांग रखी। वहीं, तेलंगाना में नई लाइनों के लिए सर्वे और डीपीआर (DPR) की प्रक्रिया जारी रहने की बात कही गई।















