पलामू: सोशल मीडिया पर ‘लाइक्स’ और ‘फॉलोअर्स’ की चाहत कभी-कभी भारी पड़ सकती है, इसका ताजा उदाहरण पलामू जिले के हुसैनाबाद से सामने आया है। यहाँ के थाना प्रभारी का सरकारी आवास और थाना परिसर में वर्दी पहनकर बनाया गया एक रील अब विभागीय जांच के घेरे में आ गया है।






क्या है पूरा मामला?
हाल ही में एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ, जिसमें हुसैनाबाद थाना प्रभारी अपनी पत्नी के साथ फिल्मी गानों पर थिरकते नजर आ रहे हैं। वीडियो की खास बात (और विवाद की वजह) यह है कि अधिकारी इसमें पुलिस की आधिकारिक वर्दी पहने हुए हैं और बैकग्राउंड में थाना परिसर साफ दिखाई दे रहा है।






अनुशासनहीनता की श्रेणी में मामला
वीडियो वायरल होते ही पलामू पुलिस महकमे में हलचल मच गई। उच्च अधिकारियों ने इसे ‘पुलिस नियमावली और अनुशासन’ का खुला उल्लंघन माना है। पुलिस विभाग के सूत्रों के अनुसार:
- नियमों का उल्लंघन: सरकारी सेवा नियमावली के तहत ड्यूटी के दौरान या वर्दी पहनकर निजी मनोरंजन के लिए वीडियो बनाना और उसे सार्वजनिक करना प्रतिबंधित है।
- जांच शुरू: एसपी के निर्देश पर मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। यह जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या थाना प्रभारी ने पद की गरिमा और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग किया है।






सवाल वर्दी की गरिमा का
यह पहली बार नहीं है जब किसी पुलिस अधिकारी पर रील बनाने के कारण कार्रवाई हुई हो। यह मामला एक बार फिर गंभीर सवाल उठाता है:
”क्या सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए वर्दी की मर्यादा को ताक पर रखना सही है?”
आगे क्या?
फिलहाल थाना प्रभारी ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। विभागीय जांच की रिपोर्ट आने के बाद उन पर निलंबन या शो-कॉज नोटिस जैसी अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। पलामू पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि पुलिस बल में अनुशासन सर्वोपरि है और इसका उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।











