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राजस्थान: घरेलू विवाद में पत्नी की हत्या कर शव नहर में फेंका, आरोपी पति गिरफ्तार

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राजस्थान: प्रदेश से एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी पत्नी की हत्या कर शव को सूटकेस में बंद कर नहर में ठिकाने लगा दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया है और मामले की गहनता से तफ्तीश की जा रही है।

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क्या है पूरा मामला?

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान नीलम के रूप में हुई है। नीलम पिछले कुछ दिनों से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता थी। परिजनों की शिकायत पर जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो पति की गतिविधियों पर संदेह हुआ। पुलिस की सघन तलाशी के दौरान पास की एक नहर से एक सूटकेस बरामद हुआ, जिसके भीतर से नीलम का शव मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

विवाद की वजह: दूसरी शादी का विरोध

​पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आरोपी पति मोहम्मद आबिद दूसरी शादी करना चाहता था। नीलम इस फैसले का कड़ा विरोध कर रही थी, जिसे लेकर दोनों के बीच लंबे समय से अनबन चल रही थी। आरोप है कि इसी विवाद के चलते आरोपी ने हिंसक कदम उठाया और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को सूटकेस में भरकर फेंक दिया।

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तनाव और सामाजिक पहलू

​चूँकि यह मामला अलग-अलग समुदायों से जुड़ा है, इसलिए इलाके में इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं। कुछ लोग इसे सांप्रदायिक चश्मे से देख रहे हैं, हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह प्राथमिक रूप से घरेलू हिंसा और जघन्य अपराध का मामला है। पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी या अफवाह न फैलाने की अपील की है।

कानूनी और विशेषज्ञ राय

​कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय कानून के तहत महिला की सुरक्षा और सहमति सर्वोपरि है। वैवाहिक विवाद या दूसरी शादी की मंशा किसी भी स्थिति में हिंसा या हत्या का आधार नहीं हो सकती। पुलिस अब डिजिटल साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड्स और फॉरेंसिक सबूतों के आधार पर चार्जशीट तैयार कर रही है।

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पुलिस की अपील और सामाजिक संदेश

​पुलिस प्रशासन ने जनता से शांति बनाए रखने और कानून पर भरोसा रखने को कहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं से बचने के लिए:

  • ​घरेलू विवादों को समय रहते कानूनी या पारिवारिक परामर्श (Counselling) से सुलझाना चाहिए।
  • ​किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या संदिग्ध परिस्थिति में तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना देनी चाहिए।