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टाटानगर स्टेशन पर रेलवे का ‘बुलडोजर’ एक्शन: पुनर्विकास के लिए 17 दुकानें ध्वस्त, व्यापारियों में मची चीख-पुकार

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जमशेदपुर: टाटानगर रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में मंगलवार को रेलवे प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई की। स्टेशन पुनर्विकास परियोजना (Redevelopment Project) और आधुनिक पार्किंग निर्माण में बाधा बन रहे अतिक्रमण पर रेलवे ने बुलडोजर चला दिया। भारी सुरक्षा बल की मौजूदगी में स्टेशन के समीप स्थित 27 में से 17 अवैध दुकानों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।

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​भारी सुरक्षा के बीच चली कार्रवाई

​मंगलवार सुबह से ही टाटानगर स्टेशन क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील हो गया था।

  • तैनाती: आरपीएफ (RPF), जिला पुलिस और मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में यह अभियान चलाया गया।
  • तैयारी: किसी भी विरोध या अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त बल तैनात था।
  • नोटिस: रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इन दुकानदारों को पहले ही कई बार लिखित नोटिस और माइकिंग के जरिए जगह खाली करने की चेतावनी दी गई थी।

​क्यों जरूरी था यह अभियान?

​टाटानगर स्टेशन दक्षिण पूर्व रेलवे का एक प्रमुख जंक्शन है। केंद्र सरकार की पुनर्विकास योजना के तहत यहाँ कई बड़े बदलाव होने हैं:

  1. आधुनिक पार्किंग: यात्रियों के वाहनों के लिए व्यवस्थित पार्किंग का निर्माण।
  2. सर्कुलेटिंग एरिया: स्टेशन के बाहर भीड़भाड़ कम करने के लिए क्षेत्र का विस्तार।
  3. यात्री सुविधाएं: नए प्रतीक्षालय और आधुनिक भवन का निर्माण।

​”विकास तो ठीक, पर हमारी रोजी-रोटी का क्या?”

​जहाँ एक ओर प्रशासन इसे विकास के लिए जरूरी बता रहा है, वहीं प्रभावित दुकानदारों के घरों में मातम का माहौल है।

  • बरसों का बसेरा: कई दुकानदार पिछले 15-20 वर्षों से यहाँ अपनी दुकान चला रहे थे।
  • रोजगार का संकट: दुकानदारों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन उन्हें उजाड़ने से पहले वैकल्पिक स्थान दिया जाना चाहिए था।
  • भावुक क्षण: अपनी रोजी-रोटी को मिट्टी में मिलता देख कई व्यापारियों की आँखों में आँसू थे।

​जाम से मिलेगी मुक्ति

​प्रशासन का तर्क है कि स्टेशन के बाहर अव्यवस्थित दुकानों और अवैध अतिक्रमण के कारण यात्रियों को आवागमन में भारी परेशानी होती थी और अक्सर जाम लगा रहता था। इस कार्रवाई के बाद स्टेशन परिसर अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित नजर आएगा।