तीसरी धारा न्यूज | जमशेदपुर | 21 अगस्त 2026
जांच प्रक्रिया में नया मोड़
महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में चल रहे आंतरिक विवाद की जांच प्रक्रिया अब एक नया मोड़ ले सकती है। विवाद के कारणों की निष्पक्ष जांच के लिए गठित समिति के पुनर्गठन और उसमें सभी वर्गों के प्रतिनिधित्व की मांग तेज हो गई है।



वर्तमान समिति के गठन पर विवाद
हाल ही में एमजीएम कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार ने परिसर में उत्पन्न विवादों की पड़ताल के लिए एक जांच समिति का गठन किया था। इस समिति में फिजियोलॉजी विभाग के कर्मचारियों और झारखंड राज्य चिकित्सा जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया था।


अध्यक्ष की पारदर्शी जांच की मांग
समिति के इस स्वरूप पर आपत्ति जताते हुए अध्यक्ष विश्वनाथ मल्लिक ने प्राचार्य डॉ. संजय कुमार को एक पत्र प्रेषित किया है। पत्र के माध्यम से अध्यक्ष ने मांग की है कि जांच को पूर्णतः पारदर्शी और सर्वसमावेशी बनाने के लिए इसमें सभी वर्गों का संतुलन होना आवश्यक है।

उपायुक्त कार्यालय के सदस्यों को शामिल करने पर जोर
विश्वनाथ मल्लिक ने अपने पत्र में विशेष रूप से जोर दिया है कि जांच समिति में उपायुक्त (DC) कार्यालय द्वारा मनोनीत दो स्वतंत्र सदस्यों को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। उनका मानना है कि प्रशासनिक स्तर से सदस्यों के जुड़ने से जांच प्रक्रिया में निष्पक्षता बनी रहेगी और विवाद का स्थाई समाधान निकल सकेगा।
जल्द पुनर्गठन की संभावना
प्राचार्य को लिखे इस पत्र के बाद अब एमजीएम मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा जांच समिति के पुनर्गठन और सदस्यों के फेरबदल पर जल्द ही निर्णय लिए जाने की संभावना है।



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